छत्तीसगढ़ राज्य अलंकरण पुरस्कार 2025: सम्पूर्ण विजेता सूची, सभी 36 पुरस्कारों का विस्तृत विश्लेषण और इतिहास

नमस्ते दोस्तों! M S WORLD The WORLD of HOPE में आपका स्वागत है। यह लेख हमारी विशेष ‘करंट अफेयर्स + GK’ सीरीज का एक नया और महत्वपूर्ण अध्याय है, जिसमें हम छत्तीसगढ़ के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों का गहन विश्लेषण करेंगे।

1 नवंबर को छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर दिए जाने वाले ‘छत्तीसगढ़ राज्य अलंकरण पुरस्कार’, CGPSC और व्यापम जैसी सभी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण विषय है। इस अल्टीमेट गाइड में, हम न केवल छत्तीसगढ़ राज्य अलंकरण पुरस्कार 2025 के विजेताओं (घोषणा के बाद) को जानेंगे, बल्कि हर एक पुरस्कार के इतिहास, महत्व, और उससे जुड़े हर उस तथ्य को समझेंगे जो आपकी तैयारी के लिए आवश्यक है।

इस लेख में आप क्या पढ़ेंगे:

1. छत्तीसगढ़ राज्य अलंकरण पुरस्कार 2025: विजेताओं की पूरी सूची

1 नवंबर, 2025 को छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर, राज्य सरकार ने “25 वर्षों के विकास यात्रा” की थीम के तहत प्रतिष्ठित राज्य अलंकरण पुरस्कार 2025 के विजेताओं की घोषणा की। यह सूची राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्टता और समर्पण का सम्मान करती है।

प्रमुख पुरस्कार और विजेता (2025) – एक नज़र में

इस वर्ष के कुछ सबसे प्रमुख पुरस्कार निम्नलिखित व्यक्तियों और संस्थाओं को प्रदान किए गए:

  • शहीद वीर नारायण सिंह सम्मान: श्री हितेश सिन्हा
  • गुण्डाधूर सम्मान: सुश्री ज्ञानेश्वरी यादव (खेल)
  • मिनीमाता सम्मान: श्रीमती ललेश्वरी साहू
  • पं. रविशंकर शुक्ल सम्मान: श्री राजेश अग्रवाल
  • पं. सुंदरलाल शर्मा सम्मान: डॉ. चित्तरंजन कर

छत्तीसगढ़ राज्य अलंकरण पुरस्कार 2025: विस्तृत विजेता सूची

यहाँ 2025 के सभी पुरस्कार विजेताओं की आधिकारिक और विस्तृत सूची दी गई है, जिसमें सम्मान का नाम, क्षेत्र, विभाग और प्राप्तकर्ता का विवरण शामिल है।

सम्मान का नामक्षेत्रविभागविजेता (2025)
1. शहीद वीर नारायण सिंह स्मृति सम्मानआदिवासी सामाजिक चेतना तथा उनके उत्थानआदिम जाति तथा अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास विभागश्री हितेश सिन्हा (जिला-बस्तर कांकेर)
2. यति यतनलाल सम्मानअहिंसा एवं गौरक्षासामान्य प्रशासन विभागभारतीय कुष्ठ निवारक संघ, सोंठी (जिला-जांजगीर-चांपा)
3. गुण्डाधूर सम्मानखेल के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शनखेल एवं युवा कल्याण विभागसुश्री ज्ञानेश्वरी यादव (जिला-राजनांदगांव)
4. मिनीमाता सम्मानमहिला उत्थान एवं जनजागृतिमहिला एवं बाल विकास विभागश्रीमती ललेश्वरी साहू (जिला-दुर्ग)
5. गुरु घासीदास सम्मानसामाजिक चेतना/दलित उत्थानआदिम जाति, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास विभाग1. श्री भुवनदास जांगड़े (जिला-बेमेतरा), 2. श्री शशि गायकवाड़ (जिला-बलौदाबाजार-भाटापारा)
6. ठाकुर प्यारेलाल सिंह सम्मानसहकारितासहकारिता विभागप्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति मर्यादित, डोमा (जिला-धमतरी)
7. हबीब तनवीर सम्मानरंगकर्म (छत्तीसगढ़ी/हिन्दी/अन्य भाषा नाटक)संस्कृति विभागडॉ. कुंज बिहारी शर्मा (जिला-रायपुर)
8. महाराजा प्रवीरचंद्र भंजदेव सम्मानखेल के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन (तीरंदाजी)खेल एवं युवा कल्याण विभागसुश्री चांदणी साहू (जिला-बिलासपुर)
9. पं. रविशंकर शुक्ल सम्मानसामाजिक, शैक्षणिक, आर्थिकसामान्य प्रशासन विभागश्री राजेश अग्रवाल (जिला-रायपुर)
10. पं. सुंदरलाल शर्मा सम्मानहिन्दी साहित्यसंस्कृति विभागडॉ. चित्तरंजन कर (जिला-रायपुर)
11. चक्रधर सम्मानशास्त्रीय संगीत एवं नृत्यसंस्कृति विभागपं. कीर्ति माधव लाल व्यास (जिला-दुर्ग)
12. दाऊ मंदराजी सम्मानलोक नाट्य एवं लोक शिल्पसंस्कृति विभागश्री रिवी संप्रिय (जिला-दुर्ग)
13. डॉ. खूबचंद बघेल कृषक रत्न पुरस्कारकृषिकृषि विभाग1. श्री धनेन्द्र कुमार साहू (जिला-धमतरी), 2. श्री वामन कुमार टिकरिहा (जिला-बलौदाबाजार)
14. महाराजा अग्रसेन सम्मानसामाजिक समरसतासामान्य प्रशासन विभागश्री राजेन्द्र अग्रवाल, “राजू” (जिला-बिलासपुर)
15. चंदूलाल चन्द्राकर स्मृति पत्रकारिता पुरस्कारप्रिंट मीडिया (हिन्दी)जनसंपर्क विभागडॉ. संदीप कुमार तिवारी (जिला-रायपुर)
16. चंदूलाल चन्द्राकर स्मृति पत्रकारिता पुरस्कार (इलेक्ट्रॉनिक मीडिया हिन्दी)इलेक्ट्रॉनिक मीडिया (हिन्दी)जनसंपर्क विभाग1. डॉ. सोमेश कुमार पटेल (जिला-रायपुर), 2. श्री अभिषेक शुक्ला (जिला-दुर्ग)
17. मधुकर खेर स्मृति पत्रकारिता पुरस्कारप्रिंट मीडिया (अंग्रेजी)जनसंपर्क विभागसुश्री भावना पाण्डेय (जिला-दुर्ग)
18. दानवीर भामाशाह सम्मानदानशीलता, सौहार्द्र एवं अनुकरणीय सहायतासमाज कल्याण विभागश्री नीरज कुमार बाजपेयी (जिला-राजनांदगांव)
19. धन्वन्तरि सम्मानआयुर्वेद चिकित्सा शिक्षा तथा शोध एवं अनुसंधानस्वास्थ्य विभागडॉ. अजय कृष्ण कुलश्रेष्ठ
20. श्रीमती बिलासादेवी केवट मत्स्य विकास पुरस्कारमछली पालनमत्स्य विभागश्री सुखदेव दास (जिला-रायपुर)
21. डॉ. भंवरसिंह पोर्ते आदिवासी सेवा सम्मानआदिवासियों की सेवा और आदिम जाति का उत्थानआदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभागजांगो रायतार विद्या केनुल शिक्षण संस्था, ग्राम/पोस्ट-दमकसा (जिला-उत्तर बस्तर कांकेर)
22. महाराजा रामानुज प्रताप सिंहदेव स्मृति श्रम यशस्वी पुरस्कारश्रमश्रम विभाग1. श्री मिथिलेश कुमार आदिल, 2. एनटीपीसी सिमित लारा, सुपर थर्मल पावर प्रोजेक्ट, पुसौर
23. पंडित लखनलाल मिश्र सम्मानअपराध अनुसंधानगृह (पुलिस) विभागश्री योगेश कुमार साहू (जिला-कांकेर)
24. छत्तीसगढ़ अप्रवासी भारतीय सम्मानदेश के बाहर अप्रवासी भारतीय द्वारा सामाजिक कल्याण, साहित्य, मानव संसाधन, निकाय अथवा आर्थिकसंस्कृति विभागश्री मनीष तिवारी (जिला-रायपुर)
25. देवदास बंजारे स्मृति पंथी नृत्य पुरस्कारपंथी नृत्यसंस्कृति विभागश्री रोहित कुमार कोसरिया (जिला-महासमुंद)
26. किशोर साहू सम्मानहिन्दी/छत्तीसगढ़ी सिनेमा में रचनात्मक लेखन, निर्देशन, अभिनय, पटकथा, निर्माणसंस्कृति विभागश्री सुनील सोनी (जिला-रायपुर)
27. लक्ष्मण मस्तुरिया सम्मानछत्तीसगढ़ी लोकगीतसंस्कृति विभागश्री राकेश तिवारी (जिला-बिलासपुर)
28. लाला जगदलपुरी साहित्य पुरस्कारआंचलिक साहित्य एवं लोक कवितासंस्कृति विभागडॉ. विनोद कुमार वर्मा (जिला-बिलासपुर)
29. किशोर साहू राष्ट्रीय अलंकरणहिन्दी/छत्तीसगढ़ी सिनेमा में निर्देशनसंस्कृति विभागश्री अनुराग बसु (मुम्बई)
30. बैरिस्टर ठाकुर छेदीलाल सम्मानविधिविधि विधायी विभाग1. श्री खेमचंद जैन, 2. डॉ. सुरेश मणि त्रिपाठी, 3. डॉ. भूपेन्द्र करवन्दे, 4. श्री भरतलाल सोनी
31. वीरांगना रानी अवंतीबाई लोधी स्मृति पुरस्कारमहिलाओं की वीरता, शौर्य, साहस तथा आत्मबल को सशक्तमहिला एवं बाल विकास विभागश्रीमती प्रेमशीला बघेल (जिला-महासमुंद)
32. माता बहादुर कलारिन सम्मानमहिलाओं के उत्पीड़न के खिलाफ संघर्ष, नारी उत्थानमहिला एवं बाल विकास विभागश्रीमती शिल्पा पाण्डेय सृष्टि (जिला-सरगुजा)
33. पंडित माधव राव सप्रे राष्ट्रीय रचनात्मकता सम्मानरचनात्मक लेखन और हिन्दी भाषाजनसंपर्क विभागश्री अवधेश कुमार नई दिल्ली
34. संस्कृत भाषा सम्मानसंस्कृत भाषाउच्च शिक्षा विभागडॉ. दादू भाई त्रिपाठी (जिला-रायपुर)

1.1 प्रमुख विजेता 2025: एक गहन विश्लेषण

राज्य अलंकरण पुरस्कार केवल एक सम्मान नहीं, बल्कि उन व्यक्तियों और संस्थाओं की कहानियों का उत्सव है जिन्होंने अपने असाधारण कार्यों से छत्तीसगढ़ को गौरवान्वित किया है। आइए, 2025 के कुछ प्रमुख विजेताओं और उनके प्रेरणादायक योगदान पर एक गहरी नज़र डालें।

शहीद वीर नारायण सिंह सम्मान 2025

  • विजेता: श्री हितेश सिन्हा
  • क्यों मिला: आदिवासी एवं पिछड़ा वर्ग उत्थान के क्षेत्र में उनके विशेष योगदान के लिए, विशेष रूप से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से आदिवासी संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन में उनकी अहम भूमिका के लिए।
  • योगदान का विश्लेषण: श्री हितेश सिन्हा ने डिजिटल माध्यम का उपयोग करके छत्तीसगढ़ की आदिवासी परंपरा की कला, संस्कृति, रहन-सहन, और खान-पान को एक व्यापक दर्शक वर्ग तक पहुँचाया है। उन्होंने पारंपरिक गीत और संगीत को आधुनिक प्रेजेंटेशन के साथ प्रस्तुत किया, जिसका मुख्य उद्देश्य आदिवासी संस्कृति का संरक्षण और उसे बढ़ावा देना था। छत्तीसगढ़ शासन ने उनके इन प्रयासों को सामाजिक उत्थान और सांस्कृतिक धरोहर को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना है।

मिनीमाता सम्मान 2025

  • विजेता: श्रीमती ललेश्वरी साहू (दुर्ग निवासी)
  • क्यों मिला: महिला सशक्तीकरण, स्वरोजगार प्रशिक्षण और सामाजिक विकास के क्षेत्र में पिछले दो दशकों से अधिक समय से किए गए उनके उल्लेखनीय कार्यों के लिए।
  • योगदान का विश्लेषण: श्रीमती ललेश्वरी साहू ने ‘जीविका स्वयं-सहायता समूह’ की स्थापना कर हजारों महिलाओं को रोजगार प्रशिक्षण दिया और उन्हें आर्थिक रूप से सक्षम बनाया। उनके इस समूह का नाम ‘गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स’ में भी दर्ज है। वे ‘हमार हटहा एम्पोरियम’ का संचालन करती हैं, जहाँ छत्तीसगढ़ी कला, शिल्प और परंपरा से जुड़ी वस्तुओं का विक्रय होता है। इसके अलावा, वे पर्यावरण संरक्षण, रक्तदान शिविर, और धार्मिक आयोजनों में भी सक्रिय भूमिका निभाती हैं और अपने सांस्कृतिक कार्यों के माध्यम से ‘गढ़े हए भुईंया के मान बढ़ाबो’ (गढ़ी हुई धरती का मान बढ़ाएंगे) का संदेश देती हैं।

पं. सुंदरलाल शर्मा सम्मान 2025

  • विजेता: डॉ. चित्तरंजन कर (महासमुंद जिले के ग्राम पैकिन निवासी)
  • क्यों मिला: हिंदी और अंग्रेजी साहित्य के क्षेत्र में उनके विशेष और उल्लेखनीय योगदान के लिए, विशेष रूप से छत्तीसगढ़ी भाषा और साहित्य पर उनके शोध कार्य के लिए।
  • योगदान का विश्लेषण: डॉ. कर एक प्रतिष्ठित शिक्षाविद् हैं, जो पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय में प्रोफेसर और विभागाध्यक्ष रह चुके हैं। उनकी उपलब्धियों में ‘छत्तीसगढ़ी व्याकरणिक कोटियां’, ‘बोलचाल की छत्तीसगढ़ी’, और ‘छत्तीसगढ़ी व्याकरण’ जैसी महत्वपूर्ण पुस्तकें शामिल हैं। उन्होंने अनेक साहित्यिक गोष्ठियों का आयोजन किया और “छत्तीसगढ़ी दानलीला” का हिंदी रूपांतरण कर राज्य की लोकसंस्कृति को राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठा दिलाई। उन्होंने अब तक 37 पुस्तकें और 250 से अधिक शोधपत्रों की रचना की है, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए एक प्रेरणास्रोत है।

यति यतन लाल सम्मान 2025

  • विजेता: भारतीय कुष्ठ निवारक संघ, चाम्पा
  • क्यों मिला: अहिंसा एवं गौरक्षा के क्षेत्र में उनके निस्वार्थ सेवा कार्यों के लिए।
  • योगदान का विश्लेषण: 1962 में स्थापित यह संस्था कुष्ठ रोगियों की चिकित्सा, पुनर्वास और सामाजिक एकीकरण के लिए समर्पित है। इसने 2500 से अधिक रोगियों में विकलांगता को रोका है और 300 से अधिक लोगों को पुनर्वास प्रदान किया है। पद्म श्री से सम्मानित स्वर्गीय दामोदर गणेश बापट जैसे महान समाजसेवियों ने यहाँ अपना जीवन समर्पित किया। यह संस्था सिद्ध करती है कि मानव सेवा ही सच्ची अहिंसा है।

महाराजा अग्रसेन सम्मान 2025

  • विजेता: श्री राजेन्द्र अग्रवाल ‘राजू’
  • क्यों मिला: सामाजिक समरसता और सेवा के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए।
  • योगदान का विश्लेषण: श्री राजेश अग्रवाल, रियल ग्रुप के चेयरमैन, छत्तीसगढ़ के औद्योगिक और शैक्षणिक परिदृश्य के एक प्रमुख स्तंभ हैं। स्टील, पावर और इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में दो दशकों से अधिक के अनुभव के साथ, उन्होंने ‘रियल इस्पात एंड पावर लिमिटेड’ के माध्यम से राज्य के आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है और हजारों रोजगार सृजित किए हैं। वे CII छत्तीसगढ़ के पूर्व चेयरमैन भी रह चुके हैं।उद्योग के अलावा, शिक्षा और समाज सेवा में भी उनका योगदान उल्लेखनीय है। महाराजा अग्रसेन इंटरनेशनल कॉलेज के चेयरमैन के रूप में उन्होंने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को सुलभ बनाया है, जबकि अखिल भारतीय अग्रवाल सम्मेलन के संरक्षक के रूप में वे सामुदायिक एकता को मजबूत करते हैं। भारत स्काउट्स एंड गाइड्स के मेंटर के रूप में युवाओं को नैतिक मूल्यों की सीख देने वाले श्री अग्रवाल का जीवन यह सिद्ध करता है कि आर्थिक सफलता को सामाजिक उत्थान के साथ जोड़ा जाना चाहिए।

2. प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अलंकरण पुरस्कारों की रणनीति

छत्तीसगढ़ की किसी भी प्रतियोगी परीक्षा, विशेष रूप से CGPSC (प्रारंभिक और मुख्य) और व्यापम के लिए, ‘राज्य अलंकरण पुरस्कार’ एक अत्यंत महत्वपूर्ण और हाई-स्कोरिंग टॉपिक है। हर साल इस खंड से 1-3 प्रश्न निश्चित रूप से पूछे जाते हैं।

परीक्षा में कैसे प्रश्न पूछे जाते हैं?

  • सीधे विजेता का नाम (करंट अफेयर्स): सबसे आम प्रश्न, जिसमें हाल के विजेता का नाम पूछा जाता है। (उदा. “वर्ष 2025 का शहीद वीर नारायण सिंह सम्मान किसे प्रदान किया गया?”)
  • पुरस्कार और क्षेत्र का मिलान (Matching): एक तरफ पुरस्कारों के नाम और दूसरी तरफ वे किस क्षेत्र में दिए जाते हैं, उनका मिलान करने के लिए कहा जाता है।
  • पुरस्कार और संबंधित विभाग: यह पूछा जाता है कि कौन सा पुरस्कार किस सरकारी विभाग द्वारा प्रदान किया जाता है। (उदा. “गुंडाधुर सम्मान किस विभाग द्वारा दिया जाता है?”)
  • पुरस्कार और व्यक्तित्व: पुरस्कार का नाम किस महान व्यक्तित्व से जुड़ा है, यह भी एक महत्वपूर्ण प्रश्न है। (उदा. “मिनीमाता सम्मान किसके नाम पर स्थापित किया गया है?”)

2.1 विगत परीक्षाओं में पूछे गए प्रश्न (PYQs Model)

यहाँ कुछ मॉडल प्रश्न दिए गए हैं जो पिछली परीक्षाओं के पैटर्न पर आधारित हैं, ताकि आप प्रश्नों की प्रकृति को समझ सकें।

अभ्यास प्रश्न:

प्रश्न 1: छत्तीसगढ़ शासन द्वारा ‘शहीद वीर नारायण सिंह सम्मान’ किस क्षेत्र में दिया जाता है? (CGPSC Pre मॉडल)

उत्तर: आदिवासियों का उत्थान और सामाजिक चेतना।


प्रश्न 2: खेल के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए कौनसा राज्य अलंकरण पुरस्कार प्रदान किया जाता है? (CG Vyapam मॉडल)

उत्तर: गुंडाधुर सम्मान।


प्रश्न 3: ‘मिनीमाता सम्मान’ किस विभाग द्वारा प्रदान किया जाता है? (Asst. Professor Exam मॉडल)

उत्तर: महिला एवं बाल विकास विभाग।

छत्तीसगढ़ राज्य अलंकरण पुरस्कार 2025 की एक प्रतीकात्मक क्रिस्टल ट्रॉफी, जिसमें छत्तीसगढ़ का नक्शा और विभिन्न पुरस्कारों के प्रतीक हैं।
छत्तीसगढ़ राज्य अलंकरण पुरस्कार: कला, संस्कृति, खेल और सेवा के क्षेत्र में प्रदेश की प्रतिभाओं का सर्वोच्च सम्मान।

3. छत्तीसगढ़ राज्य अलंकरण पुरस्कार: एक सम्पूर्ण विश्वकोश

छत्तीसगढ़ राज्य अलंकरण पुरस्कार केवल एक सम्मान समारोह नहीं है, बल्कि यह राज्य की संस्कृति, वीरता, सेवा और प्रतिभा का उत्सव है। ये पुरस्कार उन व्यक्तियों और संस्थाओं को सम्मानित करते हैं जिन्होंने अपने-अपने क्षेत्रों में असाधारण योगदान देकर छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ाया है।

3.1 पुरस्कारों का इतिहास और महत्व

छत्तीसगढ़ राज्य अलंकरण पुरस्कारों की स्थापना राज्य के गठन के साथ ही हुई। इन पुरस्कारों को प्रदान करने का मुख्य उद्देश्य विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्टता को प्रोत्साहित करना और उन महान विभूतियों को श्रद्धांजलि देना है जिनके नाम पर ये पुरस्कार स्थापित किए गए हैं।

  • स्थापना: इन पुरस्कारों की शुरुआत वर्ष 2001 में छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना के बाद की गई।
  • पुरस्कार समारोह: यह प्रतिष्ठित समारोह प्रतिवर्ष 1 नवंबर को छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस (राज्योत्सव) के अवसर पर आयोजित किया जाता है।
  • उद्देश्य: राज्य की प्रतिभाओं को सम्मानित करना, सामाजिक सेवा और वीरता को प्रोत्साहित करना, तथा छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को जीवित रखना।
  • चयन प्रक्रिया: विजेताओं का चयन एक विशेषज्ञ समिति द्वारा किया जाता है, जो विभिन्न विभागों द्वारा प्राप्त नामांकनों का मूल्यांकन करती है।

यह पुरस्कार समारोह छत्तीसगढ़ की पहचान का एक अभिन्न अंग है। यह न केवल वर्तमान की उपलब्धियों का सम्मान करता है, बल्कि यह राज्य के गौरवशाली अतीत और उन नायकों को भी याद करता है जिन्होंने छत्तीसगढ़ के निर्माण में अपना जीवन समर्पित कर दिया।

3.2 पुरस्कार में क्या मिलता है: राशि और अन्य लाभ

राज्य अलंकरण पुरस्कार केवल एक सम्मान ही नहीं है, बल्कि इसके साथ विजेताओं को एक निश्चित पुरस्कार राशि और अन्य चीजें भी प्रदान की जाती हैं।

  • पुरस्कार राशि: अधिकांश राज्य अलंकरण पुरस्कारों में नकद राशि दी जाती है, जो पुरस्कार के महत्व और विभाग के अनुसार अलग-अलग हो सकती है। यह राशि 1 लाख रुपये से लेकर 5 लाख रुपये या उससे भी अधिक हो सकती है। उदाहरण के लिए, शहीद वीर नारायण सिंह सम्मान और गुंडाधुर सम्मान में अक्सर उच्च राशि होती है।
  • प्रशस्ति पत्र (Citation): प्रत्येक विजेता को एक खूबसूरती से डिजाइन किया गया प्रशस्ति पत्र दिया जाता है, जिसमें उनके नाम और उनके विशिष्ट योगदान का उल्लेख होता है। यह पत्र मुख्यमंत्री द्वारा हस्ताक्षरित होता है।
  • शॉल और श्रीफल: छत्तीसगढ़ी परंपरा के अनुसार, विजेताओं को सम्मान के प्रतीक के रूप में शॉल और श्रीफल (नारियल) भी भेंट किया जाता है।

परीक्षा की दृष्टि से: हालांकि सटीक राशि हर साल बदल सकती है, लेकिन यह याद रखना महत्वपूर्ण है कि इन पुरस्कारों में सम्मान के साथ-साथ एक मौद्रिक घटक भी शामिल होता है।

3.3 किसे मिल सकता है पुरस्कार? पात्रता और चयन प्रक्रिया

क्या आपने कभी सोचा है कि इन प्रतिष्ठित पुरस्कारों के लिए विजेताओं का चयन कैसे होता है? यह प्रक्रिया काफी व्यवस्थित और पारदर्शी होती है।

पात्रता (Eligibility):

  • छत्तीसगढ़ का मूल निवासी: अधिकांश पुरस्कारों के लिए यह एक अनिवार्य शर्त है कि व्यक्ति छत्तीसगढ़ का मूल निवासी हो।
  • संबंधित क्षेत्र में असाधारण कार्य: उम्मीदवार को पुरस्कार से संबंधित क्षेत्र में एक लंबा और सिद्ध ट्रैक रिकॉर्ड के साथ असाधारण योगदान देना चाहिए।
  • संस्थाएं भी पात्र: कुछ पुरस्कार, जैसे मिनीमाता सम्मान या शहीद वीर नारायण सिंह सम्मान, व्यक्तियों के साथ-साथ पंजीकृत संस्थाओं को भी दिए जा सकते हैं जिन्होंने संबंधित क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य किया हो।

चयन प्रक्रिया (Selection Process):

  1. नामांकन (Nomination): संबंधित विभाग द्वारा समाचार पत्रों और अन्य माध्यमों से नामांकन के लिए विज्ञापन जारी किया जाता है। कोई भी व्यक्ति, संस्था, या स्वयं उम्मीदवार निर्धारित प्रारूप में आवेदन कर सकता है।
  2. स्क्रीनिंग: प्राप्त आवेदनों की संबंधित विभागों द्वारा प्रारंभिक जांच की जाती है।
  3. चयन समिति (Jury): अंत में, राज्य सरकार द्वारा प्रत्येक पुरस्कार के लिए एक उच्च-स्तरीय चयन समिति (जूरी) का गठन किया जाता है। इस जूरी में विषय विशेषज्ञ, प्रतिष्ठित नागरिक और वरिष्ठ अधिकारी शामिल होते हैं।
  4. अंतिम निर्णय: जूरी सभी नामांकनों पर विचार-विमर्श करती है और अंतिम विजेता का चयन करती है, जिसे बाद में मुख्यमंत्री द्वारा अनुमोदित किया जाता है।

3.4 सभी पुरस्कारों की विस्तृत निर्देशिका (विभागवार)

आइए, अब छत्तीसगढ़ शासन द्वारा दिए जाने वाले सभी राज्य अलंकरण पुरस्कारों का एक-एक करके गहन विश्लेषण करते हैं।

1. शहीद वीर नारायण सिंह सम्मान

  • विभाग: आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग।
  • क्षेत्र: आदिवासी एवं पिछड़ा वर्ग में सामाजिक चेतना जगाने तथा उनके उत्थान के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य।
  • किसके नाम पर: यह सम्मान छत्तीसगढ़ के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, शहीद वीर नारायण सिंह के नाम पर है, जो सोनाखान के एक बिंझवार आदिवासी जमींदार थे।

2. गुण्डाधूर सम्मान

  • विभाग: खेल एवं युवा कल्याण विभाग।
  • क्षेत्र: खेल के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को।
  • किसके नाम पर: यह सम्मान बस्तर के महान आदिवासी नायक, गुण्डाधूर के नाम पर है, जिन्होंने 1910 में प्रसिद्ध ‘भूमकाल विद्रोह’ का नेतृत्व किया था।

3. मिनीमाता सम्मान

  • विभाग: महिला एवं बाल विकास विभाग।
  • क्षेत्र: महिला उत्थान के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान।
  • किसके नाम पर: यह सम्मान छत्तीसगढ़ की पहली महिला सांसद, मिनीमाता के नाम पर है, जिन्होंने समाज में छुआछूत और लैंगिक असमानता के खिलाफ संघर्ष किया।

4. गुरु घासीदास सम्मान

  • विभाग: आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग।
  • क्षेत्र: सामाजिक चेतना और सामाजिक न्याय के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य।
  • किसके नाम पर: यह सम्मान सतनाम पंथ के संस्थापक, गुरु घासीदास के नाम पर है, जिन्होंने “मनखे-मनखे एक समान” का संदेश दिया।

5. पं. रविशंकर शुक्ल सम्मान

  • विभाग: सामान्य प्रशासन विभाग।
  • क्षेत्र: सामाजिक, आर्थिक एवं शैक्षिक क्षेत्र में अभिनव प्रयत्नों के लिए।
  • किसके नाम पर: यह सम्मान अविभाजित मध्य प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री, पंडित रविशंकर शुक्ल के नाम पर है।

6. पं. सुंदरलाल शर्मा सम्मान

  • विभाग: संस्कृति विभाग।
  • क्षेत्र: साहित्य, आंचलिक साहित्य या रचनात्मक लेखन के क्षेत्र में।
  • किसके नाम पर: यह सम्मान ‘छत्तीसगढ़ के गांधी’ कहे जाने वाले पंडित सुंदरलाल शर्मा के नाम पर है।

7. राजा चक्रधर सिंह सम्मान

  • विभाग: संस्कृति विभाग।
  • क्षेत्र: संगीत एवं कला के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान।
  • किसके नाम पर: यह सम्मान रायगढ़ रियासत के कला-पारखी महाराजा, राजा चक्रधर सिंह के नाम पर है।

8. दाऊ मंदराजी लोक कला सम्मान

  • विभाग: संस्कृति विभाग।
  • क्षेत्र: लोक कला/शिल्प के क्षेत्र में।
  • किसके नाम पर: यह सम्मान ‘नाचा’ के भीष्म पितामह, दाऊ दुलार सिंह मंदराजी के नाम पर है।

9. डॉ. खूबचंद बघेल सम्मान

  • विभाग: कृषि विभाग।
  • क्षेत्र: कृषि के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि या अनुसंधान।
  • किसके नाम पर: यह सम्मान पृथक छत्तीसगढ़ राज्य के स्वप्नदृष्टा, डॉ. खूबचंद बघेल के नाम पर है।

10. चंदूलाल चंद्राकर स्मृति पत्रकारिता पुरस्कार

  • विभाग: जनसंपर्क विभाग।
  • क्षेत्र: पत्रकारिता (प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया)।
  • किसके नाम पर: यह सम्मान वरिष्ठ पत्रकार और पूर्व सांसद, चंदूलाल चंद्राकर के नाम पर है।

11. महाराजा अग्रसेन सम्मान

  • विभाग: सामान्य प्रशासन विभाग।
  • क्षेत्र: सामाजिक समरसता के क्षेत्र में।
  • किसके नाम पर: यह सम्मान अग्रवाल समाज के पूर्वज, महाराजा अग्रसेन के नाम पर है, जो सामाजिक समानता के प्रणेता थे।

12. दानवीर भामाशाह सम्मान

  • विभाग: समाज कल्याण विभाग।
  • क्षेत्र: दानशीलता, सौहार्द्र और अनुकरणीय सहायता के लिए।
  • किसके नाम पर: यह सम्मान मेवाड़ के महान दानवीर, भामाशाह के नाम पर है, जिन्होंने महाराणा प्रताप की मदद की थी।

13. यति यतनलाल सम्मान

  • विभाग: सामान्य प्रशासन विभाग।
  • क्षेत्र: अहिंसा एवं गौ-रक्षा के क्षेत्र में।
  • किसके नाम पर: यह सम्मान स्वतंत्रता सेनानी और जैन संत, यति यतनलाल के नाम पर है।

14. महाराजा रामानुज प्रताप सिंहदेव सम्मान

  • विभाग: श्रम विभाग।
  • क्षेत्र: श्रम के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान।
  • किसके नाम पर: यह सम्मान सरगुजा रियासत के महाराजा, महाराजा रामानुज प्रताप सिंहदेव के नाम पर है, जो मजदूरों के कल्याण के लिए जाने जाते हैं।

15. बैरिस्टर छेदीलाल सम्मान

  • विभाग: विधि विभाग।
  • क्षेत्र: विधि (कानून) के क्षेत्र में।
  • किसके नाम पर: यह सम्मान संविधान सभा के सदस्य और बैरिस्टर, बैरिस्टर छेदीलाल के नाम पर है।

16. धनवंतरी सम्मान

  • विभाग: स्वास्थ्य विभाग।
  • क्षेत्र: आयुर्वेद चिकित्सा, शिक्षा और अनुसंधान में।
  • किसके नाम पर: यह सम्मान चिकित्सा के देवता, भगवान धनवंतरी के नाम पर है।

17. बिलासाबाई केंवतिन मत्स्य विकास पुरस्कार

  • विभाग: मछली पालन विभाग।
  • क्षेत्र: मछली पालन के क्षेत्र में।
  • किसके नाम पर: यह सम्मान वीर केवट कन्या, बिलासाबाई केंवतिन के नाम पर है, जिन्हें बिलासपुर की संस्थापक माना जाता है।

18. संस्कृत भाषा सम्मान

  • विभाग: उच्च शिक्षा विभाग।
  • क्षेत्र: संस्कृत भाषा के संरक्षण और संवर्धन में।
  • किसके नाम पर: यह पुरस्कार सीधे तौर पर संस्कृत भाषा को ही समर्पित है।

19. डॉ. भंवर सिंह पोर्ते सम्मान

  • विभाग: आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग।
  • क्षेत्र: आदिवासियों की सेवा और उनके उत्थान के लिए।
  • किसके नाम पर: यह सम्मान आदिवासी नेता, डॉ. भंवर सिंह पोर्ते के नाम पर है।

20. पं. लखनलाल मिश्र सम्मान

  • विभाग: गृह (पुलिस) विभाग।
  • क्षेत्र: अपराध अनुसंधान (Crime Investigation) के क्षेत्र में।
  • किसके नाम पर: यह सम्मान शिक्षाविद् और स्वतंत्रता सेनानी, पंडित लखनलाल मिश्र के नाम पर है।

अन्य महत्वपूर्ण पुरस्कार (संक्षेप में)

उपरोक्त पुरस्कारों के अलावा, राज्य सरकार द्वारा कई अन्य महत्वपूर्ण सम्मान भी दिए जाते हैं, जिनमें शामिल हैं:

  • मधुकर खेर स्मृति पत्रकारिता पुरस्कार: प्रिंट मीडिया (अंग्रेजी) में पत्रकारिता के लिए।
  • देवदास बंजारे स्मृति पुरस्कार: पंथी नृत्य और लोक कला के क्षेत्र में।
  • किशोर साहू सम्मान: हिंदी/छत्तीसगढ़ी सिनेमा में रचनात्मक योगदान के लिए।
  • हाजी हसन अली सम्मान: उर्दू भाषा की सेवा के लिए।

21. मधुकर खेर स्मृति पत्रकारिता पुरस्कार

  • विभाग: जनसंपर्क विभाग।
  • क्षेत्र: प्रिंट मीडिया (अंग्रेजी) में रचनात्मक लेखन और खोजी पत्रकारिता के लिए।
  • किसके नाम पर: यह सम्मान वरिष्ठ पत्रकार और लेखक, स्वर्गीय मधुकर खेर की स्मृति में दिया जाता है, जो अपनी मूल्य-आधारित पत्रकारिता के लिए जाने जाते थे।

22. देवदास बंजारे स्मृति पुरस्कार

  • विभाग: संस्कृति विभाग।
  • क्षेत्र: छत्तीसगढ़ की लोक शैली ‘पंथी नृत्य’ के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन और योगदान के लिए।
  • किसके नाम पर: यह सम्मान पंथी नृत्य के महान कलाकार, स्वर्गीय देवदास बंजारे की स्मृति में है, जिन्होंने इस लोक कला को अंतर्राष्ट्रीय पहचान दिलाई।

23. किशोर साहू सम्मान

  • विभाग: संस्कृति विभाग।
  • क्षेत्र: हिंदी/छत्तीसगढ़ी सिनेमा में रचनात्मक लेखन, निर्देशन, अभिनय, पटकथा या निर्माण के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान।
  • किसके नाम पर: यह सम्मान हिंदी सिनेमा के प्रसिद्ध अभिनेता, निर्देशक और लेखक, किशोर साहू के नाम पर है, जिनका संबंध छत्तीसगढ़ से था।

24. ठाकुर प्यारेलाल सिंह सम्मान

  • विभाग: सहकारिता विभाग।
  • क्षेत्र: सहकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों या संस्थाओं को।
  • किसके नाम पर: यह सम्मान छत्तीसगढ़ में सहकारिता आंदोलन के प्रणेता, स्वतंत्रता सेनानी और ‘त्यागमूर्ति’ कहे जाने वाले ठाकुर प्यारेलाल सिंह के नाम पर है।

25. हाजी हसन अली सम्मान

  • विभाग: आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग।
  • क्षेत्र: उर्दू भाषा की सेवा और उसके प्रचार-प्रसार में उत्कृष्ट योगदान।
  • किसके नाम पर: यह सम्मान उर्दू के प्रख्यात शायर और समाज सुधारक, हाजी हसन अली के नाम पर है।

26. वीरांगना रानी अवंतीबाई लोधी स्मृति पुरस्कार

  • विभाग: महिला एवं बाल विकास विभाग।
  • क्षेत्र: महिलाओं के आत्म-सम्मान, शौर्य और वीरता के क्षेत्र में अनुकरणीय कार्य के लिए।
  • किसके नाम पर: यह सम्मान 1857 की क्रांति की महान वीरांगना, रानी अवंतीबाई लोधी के नाम पर है, जिन्होंने अंग्रेजों के खिलाफ वीरतापूर्वक संघर्ष किया था।

27. माता बहादुर कलारिन सम्मान

  • विभाग: आबकारी विभाग।
  • क्षेत्र: शौर्य और वीरता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य।
  • किसके नाम पर: यह सम्मान कलार समाज की वीर महिला, माता बहादुर कलारिन की स्मृति में है, जो अपनी वीरता और आत्म-सम्मान की रक्षा के लिए जानी जाती हैं।

28. पं. माधव राव सप्रे राष्ट्रीय रचनात्मकता सम्मान

  • विभाग: जनसंपर्क विभाग।
  • क्षेत्र: रचनात्मक लेखन और हिंदी भाषा के विकास में उत्कृष्ट योगदान।
  • किसके नाम पर: यह सम्मान ‘छत्तीसगढ़ मित्र’ (छत्तीसगढ़ का पहला समाचार पत्र) के संपादक और हिंदी पत्रकारिता के पुरोधा, पंडित माधव राव सप्रे के नाम पर है।

29. राजराजेश्वरी करूणामাতা हथकरघा प्रोत्साहन पुरस्कार

  • विभाग: ग्रामोद्योग विभाग (बुनकर संघ)।
  • क्षेत्र: हथकरघा बुनाई के क्षेत्र में उत्कृष्ट बुनकरों को।
  • किसके नाम पर: यह सम्मान समाज सेविका और बुनकरों की हितैषी, राजराजेश्वरी करूणामাতা के नाम पर है।

30. खुमान साव सम्मान

  • विभाग: संस्कृति विभाग।
  • क्षेत्र: लोक संगीत के क्षेत्र में विशेष उपलब्धि के लिए।
  • किसके नाम पर: यह सम्मान छत्तीसगढ़ी लोक संगीत के महान कलाकार और ‘चंदैनी गोंदा’ के संस्थापक, खुमान साव के नाम पर है।

31. पं. ज्वालाप्रसाद मिश्र सम्मान (छत्तीसगढ़ अप्रवासी भारतीय सम्मान)

  • विभाग: संस्कृति विभाग।
  • क्षेत्र: देश के बाहर छत्तीसगढ़ की कला, संस्कृति और साहित्य को बढ़ावा देने वाले अप्रवासी भारतीयों को।
  • किसके नाम पर: यह सम्मान साहित्यकार और समाज सुधारक, पं. ज्वालाप्रसाद मिश्र की स्मृति में है।

32. देवदास बंजारे स्मृति पंथी नृत्य पुरस्कार

  • विभाग: संस्कृति विभाग।
  • क्षेत्र: विशेष रूप से पंथी नृत्य के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन और योगदान के लिए।
  • किसके नाम पर: यह पुरस्कार भी पंथी नृत्य के पुरोधा, स्वर्गीय देवदास बंजारे की स्मृति में है, लेकिन यह विशेष रूप से पंथी नृत्य कला को समर्पित है।

33. छबीलाल गजपाल स्मृति पद्य रत्न पुरस्कार

  • विभाग: संस्कृति विभाग।
  • क्षेत्र: छत्तीसगढ़ी लोकगीत और पद्य लेखन के क्षेत्र में।
  • किसके नाम पर: यह सम्मान एक प्रतिष्ठित स्थानीय कवि की स्मृति में है।

34. किशोर साहू राष्ट्रीय अलंकरण

  • विभाग: संस्कृति विभाग।
  • क्षेत्र: हिंदी/छत्तीसगढ़ी सिनेमा में निर्देशन (Direction) के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट योगदान के लिए।
  • किसके नाम पर: यह सम्मान भी किशोर साहू के नाम पर है, लेकिन यह ‘किशोर साहू सम्मान’ से अलग है और राष्ट्रीय स्तर पर निर्देशन की प्रतिभा को सम्मानित करता है।

35. ठाकुर पूरन सिंह ‘बसंत’ स्मृति पुरस्कार

  • विभाग: ग्रामोद्योग विभाग।
  • क्षेत्र: बुनकर (विशेषकर कोसा सिल्क) क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए।
  • किसके नाम पर: यह सम्मान एक प्रतिष्ठित बुनकर और शिल्पकार, ठाकुर पूरन सिंह की स्मृति में है।

36. चंदूलाल चंद्राकर स्मृति पत्रकारिता पुरस्कार (इलेक्ट्रॉनिक मीडिया)

  • विभाग: जनसंपर्क विभाग।
  • क्षेत्र: इलेक्ट्रॉनिक मीडिया (हिन्दी) में पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य।
  • किसके नाम पर: यह सम्मान भी वरिष्ठ पत्रकार चंदूलाल चंद्राकर के नाम पर है, जो विशेष रूप से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के लिए है।

4. छत्तीसगढ़ राज्य अलंकरण पुरस्कार 2024: विजेताओं की पूरी सूची

2025 के पुरस्कारों के संदर्भ को बेहतर ढंग से समझने के लिए, पिछले वर्ष, यानी 2024 के राज्य अलंकरण पुरस्कार विजेताओं की यह आधिकारिक और विस्तृत सूची अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह तालिका न केवल विजेताओं के नाम बताती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि कौनसा पुरस्कार किस क्षेत्र में और किस विभाग द्वारा दिया जाता है, जो प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए एक उत्कृष्ट रिविज़न टूल है।

सम्मान का नामक्षेत्रविभागविजेता (2024)
1. शहीद वीर नारायण सिंह स्मृति सम्मानआदिवासियों के सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक चेतना तथा उनके उत्थानआदिम जाति, तथा अनुसूचित जाति विकास विभागश्री सुरेन्द्र दुबे
2. यति यतनलाल सम्मानअहिंसा एवं गौरक्षासामान्य प्रशासन विभागश्रीमती गौतमी साय (गौठान समिति)
3. गुण्डाधूर सम्मानखेल (पैरा एथलेटिक्स)खेल एवं युवा कल्याण विभागश्री रोहित फेर्रो (हॉकी)
4. मिनीमाता सम्मानमहिला उत्थान एवं जनजागृतिमहिला एवं बाल विकास विभागश्रीमती जागृति सोनवानी
5. गुरु घासीदास सम्मानसामाजिक चेतना / दलित उत्थानआदिम जाति, तथा अनुसूचित जाति विकास विभागश्रीमती धनेश्वरी सोनी (राजिम वाली)
6. ठाकुर प्यारेलाल सिंह पुरस्कारसहकारितासहकारिता विभागश्री ओमप्रकाश तिवारी
7. महाराजा प्रवीरचंद्र भंजदेव सम्मानखेल (तीरंदाजी)खेल एवं युवा कल्याण विभागश्री शिवकुमार तिवारी
8. पं. रविशंकर शुक्ल सम्मानसामाजिक, शैक्षणिक एवं आर्थिकसामान्य प्रशासन विभागअखिल भारतीय किन्नर कल्याण संघ, रायपुर
9. पं. सुंदरलाल शर्मा सम्मानहिन्दी साहित्यसंस्कृति विभागडॉ. सलमा जमाल
10. राजा चक्रधर सिंह सम्मानशास्त्रीय संगीत एवं नृत्यसंस्कृति विभागपं. श्री सुखराम रामाराव सैलोरकर
11. दाऊ मंदराजी सम्मानलोक नाट्य एवं लोक शिल्पसंस्कृति विभागश्री पंडीराम सिदार
12. डॉ. खूबचंद बघेल कृषक रत्न पुरस्कारकृषिकृषि विभाग1. श्री चिंतामणी देवांगन, 2. श्री रामकुमार देहारी
13. महाराजा अग्रसेन सम्मानसामाजिक समरसतासामान्य प्रशासन विभागश्री शिवप्रसाद अग्रवाल
14. चंदूलाल चन्द्राकर स्मृति पत्रकारिता पुरस्कार (प्रिंट मीडिया हिन्दी)प्रिंट मीडिया (हिन्दी)जनसंपर्क विभागश्री बीएन योगेश मिश्रा
15. चंदूलाल चन्द्राकर स्मृति पत्रकारिता पुरस्कार (इलेक्ट्रॉनिक मीडिया हिन्दी)इलेक्ट्रॉनिक मीडिया (हिन्दी)जनसंपर्क विभागश्री मोहन तिवारी
16. मधुकर खेर स्मृति पत्रकारिता पुरस्कारप्रिंट मीडिया (अंग्रेजी)जनसंपर्क विभागश्री मुकेश एस. सिंह
17. दानवीर भामाशाह सम्मानदानशीलता, सौहार्द्र एवं अनुकरणीय सहायतासमाज कल्याण विभागश्री सुभाष चंद्र अग्रवाल
18. धनवंतरी सम्मानआयुर्वेद चिकित्सा, शिक्षा तथा शोध एवं अनुसंधानस्वास्थ्य विभागश्री सोनक राम नेताम
19. बिलासाबाई केंवतिन मत्स्य विकास पुरस्कारमछली पालनमत्स्य विभागश्री कोमल राम साहू
20. डॉ. भंवर सिंह पोर्ते आदिवासी सेवा सम्मानआदिवासियों सेवा और उत्थानआदिम जाति, तथा अनुसूचित जाति विकास विभागछत्तीसगढ़ कल्याण आश्रम संस्थान
21. महाराजा रामानुज प्रताप सिंहदेव श्रम रत्न सम्मानश्रमश्रम विभाग1. श्री सोनक राम नेताम, 2. श्री पुरषोत्तम देवांगन, 3. श्री सोहन कुमार नायक
22. पं. लखनलाल मिश्र सम्मानअपराध अनुसंधानगृह (पुलिस) विभागश्री सोमेश यादव
23. छत्तीसगढ़ अप्रवासी भारतीय सम्मानदेश के बाहर अप्रवासी भारतीय द्वारा सामाजिक कल्याण, साहित्य, मानव संसाधन विकास, कला आदि में योगदानसंस्कृति विभागश्री कुमार पांडे
24. देवदास बंजारे स्मृति पुरस्कारलोक कलासंस्कृति विभागश्री भरत गुलेरी
25. किशोर साहू सम्मानहिन्दी/छत्तीसगढ़ी सिनेमा में रचनात्मक निर्देशन, अभिनय, पटकथा, निर्माणसंस्कृति विभागश्री प्रकाश तिवारी
26. देवदास बंजारे स्मृति पंथी नृत्य पुरस्कारपंथी नृत्यसंस्कृति विभागश्रीमती सावित्री रात्रे
27. छबीलाल गजपाल स्मृति पद्य रत्नछत्तीसगढ़ी लोकगीतसंस्कृति विभागश्रीमती लीला ठाकुर (बालकवि)
28. खुमान साव सम्मानछत्तीसगढ़ी लोक संगीतसंस्कृति विभागश्री संजय कु गुप्ता
29. ठाकुर जगमोहनपुरी साहित्य पुरस्कारआंचलिक साहित्य एवं लोक कवितासंस्कृति विभागडॉ. पीसी लाल यादव
30. किशोर साहू राष्ट्रीय अलंकरणहिन्दी/छत्तीसगढ़ी सिनेमा में निर्देशनसंस्कृति विभागश्री सतीश जैन
31. बैरिस्टर ठाकुर छेदीलाल सम्मानविधिविधि विधायी विभाग1. श्री सुरेंद्र तिवारी, 2. श्री प्रवीण चंद्र वेद
32. वीरांगना रानी अवंतीबाई लोधी स्मृति पुरस्कारमहिलाओं में वीरता, शौर्य, साहस तथा आरक्षण की भावनामहिला एवं बाल विकास विभागश्रीमती गुंजन कन्यान
33. माता बहादुर कलारिन सम्मानमहिलाओं के उत्पीड़न के खिलाफ संघर्ष, नारी उत्थानमहिला एवं बाल विकास विभागकुमारी चित्ररेखा सिन्हा
34. पं. माधव राव सप्रे राष्ट्रीय रचनात्मकता सम्मानरचनात्मक लेखन और हिन्दी भाषाजनसंपर्क विभागश्री अब्दुल मैन
35. ठाकुर पूरन सिंह ‘बसंत’ स्मृति पुरस्कारबुनकरग्रामोद्योग विभाग1. श्री पन्नालाल देवांगन, 2. श्री बद्री लाल देवांगन
36. राजराजेश्वरी करूणामাতা हथकरघा प्रोत्साहन पुरस्कारबुनकरग्रामोद्योग विभाग1. श्री रूपनारायण देवांगन, 2. श्री श्रवण पटेल

प्रमुख पुरस्कार और विजेता (2024) – एक नज़र में

उपरोक्त विस्तृत सूची में से, प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए निम्नलिखित पुरस्कार और उनके विजेता विशेष रूप से महत्वपूर्ण हैं:

पुरस्कार का नामविजेता (2024)
शहीद वीर नारायण सिंह सम्मानश्री सुरेन्द्र दुबे
गुण्डाधूर सम्मानश्री रोहित फेर्रो (हॉकी)
मिनीमाता सम्मानश्रीमती जागृति सोनवानी
गुरु घासीदास सम्मानश्रीमती धनेश्वरी सोनी
पं. रविशंकर शुक्ल सम्मानअखिल भारतीय किन्नर कल्याण संघ
पं. सुंदरलाल शर्मा सम्मानडॉ. सलमा जमाल
राजा चक्रधर सिंह सम्मानपं. श्री सुखराम रामाराव सैलोरकर
डॉ. खूबचंद बघेल सम्मानश्री चिंतामणी देवांगन एवं श्री रामकुमार देहारी

समय के साथ पुरस्कारों का विकास: एक विश्लेषणात्मक दृष्टि

छत्तीसगढ़ राज्य अलंकरण पुरस्कार केवल एक स्थिर सूची नहीं है, बल्कि यह एक जीवंत परंपरा है जो राज्य की बदलती सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक प्राथमिकताओं को दर्शाती है। यदि हम इन पुरस्कारों के विकास को देखें, तो हमें राज्य की विकास यात्रा का एक स्पष्ट प्रतिबिंब दिखाई देता है।

प्रारंभिक फोकस: संस्कृति, साहित्य और स्वतंत्रता सेनानी

शुरुआती वर्षों में, पुरस्कारों का मुख्य ध्यान उन क्षेत्रों पर था जो छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक नींव को मजबूत करते हैं। पं. सुंदरलाल शर्मा सम्मान (साहित्य), राजा चक्रधर सिंह सम्मान (कला), और पं. रविशंकर शुक्ल सम्मान (सामाजिक-आर्थिक योगदान) जैसे पुरस्कार राज्य के निर्माताओं और कला मनीषियों को सम्मानित करने पर केंद्रित थे।

दूसरा चरण: सामाजिक न्याय और समावेशिता पर जोर

समय के साथ, पुरस्कारों का दायरा बढ़ा और इसमें सामाजिक न्याय और समावेशिता पर विशेष जोर दिया गया। गुरु घासीदास सम्मान (सामाजिक चेतना), मिनीमाता सम्मान (महिला उत्थान), और डॉ. भंवर सिंह पोर्ते सम्मान (आदिवासी सेवा) जैसे पुरस्कारों की स्थापना यह दर्शाती है कि राज्य सरकार ने समाज के हाशिए पर मौजूद वर्गों के उत्थान और उनके लिए काम करने वालों को सम्मानित करने को अपनी प्राथमिकता बनाया।

आधुनिक चरण: विशिष्ट और नए क्षेत्रों को मान्यता

हाल के वर्षों में, हम पुरस्कारों को और भी अधिक विशिष्ट और समकालीन होते हुए देखते हैं। पत्रकारिता (चंदूलाल चंद्राकर सम्मान), अपराध अनुसंधान (पं. लखनलाल मिश्र सम्मान), और सहकारिता (ठाकुर प्यारेलाल सिंह सम्मान) जैसे क्षेत्रों को शामिल किया गया। 2025 में श्री हितेश सिन्हा को सोशल मीडिया के माध्यम से आदिवासी संस्कृति के संवर्धन के लिए पुरस्कार देना इस बात का सबसे नवीनतम उदाहरण है कि यह सम्मान परंपरा के साथ-साथ आधुनिक नवाचारों को भी पहचान रहा है।

5. पुरस्कारों से जुड़े रोचक और अज्ञात तथ्य

छत्तीसगढ़ राज्य अलंकरण पुरस्कारों की अपनी कुछ खास विशेषताएं और रोचक तथ्य हैं जो इन्हें अद्वितीय बनाते हैं।

क्या आप जानते हैं?

  • एक ही दिन, एक ही मंच: यह देश के उन कुछ चुनिंदा पुरस्कार समारोहों में से एक है जहाँ साहित्य, खेल, सामाजिक सेवा, कृषि, कला, और पत्रकारिता जैसे 30 से भी अधिक विविध क्षेत्रों की प्रतिभाओं को एक ही दिन और एक ही मंच पर सम्मानित किया जाता है।
  • छत्तीसगढ़ की आत्मा का सम्मान: ये पुरस्कार केवल व्यक्तिगत उपलब्धियों का सम्मान नहीं करते, बल्कि उन नायकों और प्रतीकों (जैसे वीर नारायण सिंह, गुंडाधुर, मिनीमाता) को भी जीवित रखते हैं जो छत्तीसगढ़ की पहचान और स्वाभिमान का आधार हैं।
  • राशि से अधिक महत्व: हालांकि पुरस्कारों के साथ नकद राशि भी दी जाती है, लेकिन विजेताओं के लिए सबसे बड़ा सम्मान उस महान व्यक्तित्व के नाम से जुड़ा पुरस्कार प्राप्त करना होता है, जो उन्हें पीढ़ियों तक प्रेरित करता है।
  • पारदर्शिता और नामांकन: इन पुरस्कारों के लिए कोई भी व्यक्ति या संस्था निर्धारित प्रारूप में संबंधित विभाग में नामांकन भेज सकता है, जिसके बाद एक विशेषज्ञ समिति विजेताओं का चयन करती है।

6. निष्कर्ष

छत्तीसगढ़ राज्य अलंकरण पुरस्कार केवल एक वार्षिक आयोजन नहीं, बल्कि यह राज्य की आत्मा, उसकी प्रतिभा और उसके नायकों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का एक महापर्व है। यह समारोह हमें याद दिलाता है कि छत्तीसगढ़ की असली ताकत उसके लोगों में है – वे किसान जो धरती से सोना उगाते हैं, वे कलाकार जो संस्कृति को जीवित रखते हैं, वे खिलाड़ी जो राज्य का नाम रोशन करते हैं, और वे समाज सेवक जो चुपचाप मानवता की सेवा करते हैं।

प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए यह विषय सिर्फ कुछ अंक हासिल करने का जरिया नहीं, बल्कि अपने राज्य की विरासत और उन महान हस्तियों को जानने का एक सुनहरा अवसर है जिनसे वे प्रेरणा ले सकते हैं। हमें उम्मीद है कि यह विस्तृत गाइड आपकी तैयारी में एक मील का पत्थर साबित होगी।

7. संदर्भ और स्रोत (References and Sources)

इस लेख में प्रस्तुत सभी जानकारी की सटीकता सुनिश्चित करने के लिए, हमने छत्तीसगढ़ शासन के आधिकारिक स्रोतों का उपयोग किया है। हमारा उद्देश्य अपने पाठकों को सबसे प्रामाणिक और विश्वसनीय जानकारी प्रदान करना है।

  • छत्तीसगढ़ जनसंपर्क विभाग (DPR Chhattisgarh): राज्य अलंकरण पुरस्कारों की आधिकारिक घोषणाओं, विजेताओं की सूची और ऐतिहासिक डेटा के लिए प्राथमिक स्रोत।
    https://www.dprcg.gov.in/
  • छत्तीसगढ़ संस्कृति विभाग: विभिन्न पुरस्कारों, विशेष रूप से कला और साहित्य से संबंधित, की पृष्ठभूमि और महत्व की जानकारी के लिए।
    https://cgculture.in/

8. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

प्रश्न 1: छत्तीसगढ़ राज्य अलंकरण पुरस्कार कब दिए जाते हैं?

यह पुरस्कार प्रतिवर्ष 1 नवंबर को छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस (राज्योत्सव) के अवसर पर आयोजित एक भव्य समारोह में दिए जाते हैं।

प्रश्न 2: खेल के क्षेत्र में दिया जाने वाला सर्वोच्च राज्य अलंकरण कौनसा है?

खेल के क्षेत्र में दिया जाने वाला सर्वोच्च राज्य अलंकरण गुण्डाधूर सम्मान है, जो बस्तर के महान आदिवासी नायक गुंडाधुर के नाम पर है।

प्रश्न 3: ‘शहीद वीर नारायण सिंह सम्मान’ किसलिए दिया जाता है?

शहीद वीर नारायण सिंह सम्मान आदिवासी एवं पिछड़ा वर्ग में सामाजिक चेतना जगाने तथा उनके उत्थान के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए दिया जाता है।

प्रश्न 4: राज्य अलंकरण पुरस्कारों की शुरुआत कब हुई थी?

इन पुरस्कारों की शुरुआत छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना के बाद वर्ष 2001 में हुई थी।

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