छत्तीसगढ़ की न्यायपालिका और न्यायधानी बिलासपुर
छत्तीसगढ़ की न्यायपालिका : लोकतंत्र के तीन स्तंभों में न्यायपालिका (Judiciary) का स्थान सर्वोच्च और स्वतंत्र है। 1 नवंबर 2000 को छत्तीसगढ़ राज्य के गठन के साथ ही देश के 19वें उच्च न्यायालय के रूप में ‘छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय’ की स्थापना बिलासपुर में हुई। यही कारण है कि बिलासपुर को राज्य की ‘न्यायधानी’ (Judicial Capital) कहा जाता है।यह लेख CGPSC (Pre + Mains), Civil Judge और ADPO परीक्षाओं के लिए एक संपूर्ण दस्तावेज है। इसमें हम उच्च न्यायालय की शक्तियों, मुख्य न्यायाधीशों की सूची, अधीनस्थ न्यायालयों की संरचना और लोक अदालतों (Lok Adalat) की भूमिका का गहन विश्लेषण करेंगे।
इस विस्तृत गाइड की रूपरेखा:
विषय सूची [x]
- 1. छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय: एक परिचय (High Court)
- भवन और वास्तुकला (Architecture)
- 2. छत्तीसगढ़ न्यायपालिका में ‘प्रथम’ (Firsts in Judiciary)
- 3. मुख्य न्यायाधीशों की सूची (List of Chief Justices)
- 4. उच्च न्यायालय की शक्तियां और क्षेत्राधिकार
- छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीशों का क्रम (List of Chief Justices)
- अनुच्छेद याद रखने की जादुई ट्रिक (Magic Numbers)
- तुलना: सर्वोच्च न्यायालय बनाम छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय
- भ्रम दूर करें: कौन चुनता है, कौन शपथ दिलाता है?
- 5. अधीनस्थ न्यायालयों की संरचना (Structure of Subordinate Courts)
- (A) जिला एवं सत्र न्यायालय (District & Session Court)
- (B) न्यायिक पदानुक्रम (Hierarchy)
- 6. विशेष न्यायालय और ट्रिब्यूनल
- (A) कुटुंब न्यायालय (Family Courts)
- (B) ग्राम न्यायालय (Gram Nyayalaya)
- (C) वाणिज्यिक न्यायालय (Commercial Court)
- 7. विधिक सेवा प्राधिकरण (Legal Services Authority)
- (A) नालसा और सालसा (NALSA & CGSLSA)
- (B) लोक अदालत (Lok Adalat)
- 8. न्यायिक शिक्षा और प्रशिक्षण (Judicial Education)
- (A) छत्तीसगढ़ राज्य न्यायिक अकादमी (CSJA)
- (B) हिदायतुल्ला नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी (HNLU)
- 9. प्रमुख अर्ध-न्यायिक निकाय (Quasi-Judicial Bodies)
- 10. CGPSC Mains विशेष: विश्लेषणात्मक प्रश्न
- 11. अपनी तैयारी परखें (Practice Quiz)
- 12. निष्कर्ष (Conclusion)
- 13. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
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परीक्षा की दृष्टि से महत्व (Exam Relevance)
- प्रारंभिक परीक्षा (Pre): उच्च न्यायालय का क्रम (19वां), प्रथम मुख्य न्यायाधीश, प्रथम कार्यवाहक न्यायाधीश, ग्राम न्यायालय अधिनियम, और नालसा (NALSA) की भूमिका।
- मुख्य परीक्षा (Mains): Paper-03 (संविधान/लोक प्रशासन)। प्रश्न: “लोक अदालत की अवधारणा और छत्तीसगढ़ में इसकी सफलता” या “न्यायिक सक्रियता और ई-कोर्त्स (e-Courts) का महत्व”।
1. छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय: एक परिचय (High Court)
भारतीय संविधान के अनुच्छेद 214 के तहत प्रत्येक राज्य के लिए एक उच्च न्यायालय का प्रावधान है।| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| स्थापना तिथि | 1 नवंबर 2000 |
| देश में क्रम | 19वां उच्च न्यायालय |
| स्थान | बोदरी, बिलासपुर (Bodri) |
| न्यायधानी | बिलासपुर |
| स्वीकृत पद | 22 (स्थायी और अतिरिक्त मिलाकर) |
| वर्तमान मुख्य न्यायाधीश | (अद्यतन जानकारी के लिए नीचे देखें) |
भ्रम दूर करें (Confusion Point)
अक्सर छात्र ‘बिलासपुर’ और ‘बोदरी’ में कंफ्यूज होते हैं।
हाई कोर्ट तकनीकी रूप से ‘बोदरी’ नगर पंचायत क्षेत्र में आता है, जो बिलासपुर शहर से लगा हुआ है। अगर विकल्प में बोदरी और बिलासपुर दोनों हों, तो सटीक उत्तर बोदरी होगा।
हाई कोर्ट तकनीकी रूप से ‘बोदरी’ नगर पंचायत क्षेत्र में आता है, जो बिलासपुर शहर से लगा हुआ है। अगर विकल्प में बोदरी और बिलासपुर दोनों हों, तो सटीक उत्तर बोदरी होगा।
भवन और वास्तुकला (Architecture)
छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट का भवन एशिया के सबसे बड़े हाई कोर्ट भवनों में से एक है। इसकी भव्यता देखते ही बनती है।2. छत्तीसगढ़ न्यायपालिका में ‘प्रथम’ (Firsts in Judiciary)
यह टेबल प्रीलिम्स और वन-डे एग्जाम के लिए सबसे महत्वपूर्ण है। इसे रट लें।| पद/श्रेणी | नाम | विशेष तथ्य |
|---|---|---|
| प्रथम मुख्य न्यायाधीश (First CJ) | न्यायमूर्ति डब्ल्यू.ए. शिशाक (W.A. Shishak) | 4 दिसंबर 2000 से शपथ ली (उससे पहले कार्यवाहक थे)। |
| प्रथम कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश | न्यायमूर्ति आर.एस. गर्ग | 1 नवंबर 2000 को राज्य गठन के दिन इन्होंने ही शपथ ली थी। |
| प्रथम महिला न्यायाधीश | श्रीमती विमला सिंह कपूर | ये हाई कोर्ट की जज बनने वाली पहली महिला थीं। |
| प्रथम राज्यपाल (जो न्यायाधीश थे) | न्यायमूर्ति दिनेश नंदन सहाय | ये पहले राज्यपाल बने (हालांकि ये पटना हाई कोर्ट से थे, लेकिन न्यायिक पृष्ठभूमि महत्वपूर्ण है)। |
महत्वपूर्ण नोट: शपथ ग्रहण
उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को शपथ राज्य के राज्यपाल (Governor) दिलाते हैं, जबकि उनकी नियुक्ति राष्ट्रपति (President) द्वारा कॉलेजियम की सिफारिश पर की जाती है।
3. मुख्य न्यायाधीशों की सूची (List of Chief Justices)
सभी न्यायाधीशों के नाम याद रखना जरूरी नहीं है, लेकिन कुछ प्रमुख नाम और उनका कार्यकाल महत्वपूर्ण है।| क्रम | नाम | विशेष |
|---|---|---|
| 1. | न्यायमूर्ति डब्ल्यू.ए. शिशाक | प्रथम स्थायी मुख्य न्यायाधीश |
| 2. | न्यायमूर्ति के.एच.एन. कुरंगा | – |
| … | … | … |
| 15. | न्यायमूर्ति अरूप कुमार गोस्वामी | (पूर्व) |
| 16. | न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा | (मार्च 2023 से नियुक्त – वर्तमान संदर्भ में चेक करें) |
इसे भी पढ़ें: छत्तीसगढ़ का प्रशासनिक ढांचा (सचिवालय और संचालनालय)
4. उच्च न्यायालय की शक्तियां और क्षेत्राधिकार
संविधान के तहत हाई कोर्ट को व्यापक शक्तियां प्राप्त हैं:- मूल क्षेत्राधिकार (Original Jurisdiction): मौलिक अधिकारों का हनन (अनुच्छेद 226 के तहत रिट याचिका)।
- अपीलीय क्षेत्राधिकार (Appellate): जिला अदालतों के फैसलों के खिलाफ अपील सुनना (सिविल और क्रिमिनल)।
- पर्यवेक्षकीय क्षेत्राधिकार (Supervisory): राज्य के सभी अधीनस्थ न्यायालयों (Subordinate Courts) पर नियंत्रण रखना।
छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीशों का क्रम (List of Chief Justices)
प्रतियोगी परीक्षाओं में अक्सर जजों के क्रम या उनके कार्यकाल से संबंधित प्रश्न पूछे जाते हैं। यहाँ अब तक (2025 तक) के सभी स्थायी मुख्य न्यायाधीशों की सूची दी गई है।| क्रम | मुख्य न्यायाधीश का नाम | विशेष (Status) |
|---|---|---|
| 1. | न्यायमूर्ति डब्ल्यू. ए. शिशाक (W.A. Shishak) | प्रथम स्थायी मुख्य न्यायाधीश |
| 2. | न्यायमूर्ति के. एच. एन. कुरंगा | – |
| 3. | न्यायमूर्ति ए. एस. वी. मूर्ति | – |
| 4. | न्यायमूर्ति अनंग कुमार पटनायक (A.K. Patnaik) | बाद में सुप्रीम कोर्ट जज बने |
| 5. | न्यायमूर्ति एस. आर. नायक | – |
| 6. | न्यायमूर्ति एच. एल. दत्तु (H.L. Dattu) | बाद में भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) बने |
| 7. | न्यायमूर्ति राजीव गुप्ता | – |
| 8. | न्यायमूर्ति यतीन्द्र सिंह | – |
| 9. | न्यायमूर्ति नवीन सिन्हा | सुप्रीम कोर्ट जज बने |
| 10. | न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता | सुप्रीम कोर्ट जज बने |
| 11. | न्यायमूर्ति टी. बी. राधाकृष्णन | – |
| 12. | न्यायमूर्ति अजय कुमार त्रिपाठी | (निधन: कोविड के दौरान, लोकपाल सदस्य भी रहे) |
| 13. | न्यायमूर्ति पी. आर. रामचंद्र मेनन | – |
| 14. | न्यायमूर्ति अरूप कुमार गोस्वामी | – |
| 15. | न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा | मार्च 2023 से नियुक्त |
परीक्षा उपयोगी तथ्य (Exam Facts)
- प्रथम कार्यवाहक: न्यायमूर्ति आर. एस. गर्ग (1 नवंबर 2000 को सबसे पहले शपथ इन्होंने ही ली थी)।
- सुप्रीम कोर्ट तक का सफर: न्यायमूर्ति एच. एल. दत्तु छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के एकमात्र ऐसे मुख्य न्यायाधीश रहे हैं जो बाद में भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) के पद तक पहुंचे।
- सर्वाधिक लंबा कार्यकाल: न्यायमूर्ति राजीव गुप्ता (लगभग 4 वर्ष)।
अनुच्छेद याद रखने की जादुई ट्रिक (Magic Numbers)
अक्सर छात्र सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के अनुच्छेदों में कंफ्यूज हो जाते हैं। इसे ऐसे याद रखें: 12 का 4, 21 का 4 (Trick)
सिर्फ अंकों का स्थान बदलिए:
SC (सुप्रीम कोर्ट): अनुच्छेद 124
(इसमें से ‘2’ को बाहर निकालकर सबसे आगे रख दें)
⬇
HC (हाई कोर्ट): अनुच्छेद 214
निष्कर्ष: 124 (देश के लिए) और 214 (राज्य के लिए)।
SC (सुप्रीम कोर्ट): अनुच्छेद 124
(इसमें से ‘2’ को बाहर निकालकर सबसे आगे रख दें)
⬇
HC (हाई कोर्ट): अनुच्छेद 214
निष्कर्ष: 124 (देश के लिए) और 214 (राज्य के लिए)।
तुलना: सर्वोच्च न्यायालय बनाम छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय
| आधार | सर्वोच्च न्यायालय (SC) | छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय (CGHC) |
|---|---|---|
| संविधान का भाग | भाग-5 (The Union) | भाग-6 (The States) |
| रिट (Writ) अधिकार | अनुच्छेद 32 (केवल मौलिक अधिकार) | अनुच्छेद 226 (मौलिक अधिकार + अन्य मामले) |
| शक्ति का दायरा | अनुच्छेद 32 का दायरा सीमित है। | अनुच्छेद 226 का दायरा व्यापक (Wider) है। |
| सेवानिवृत्ति आयु | 65 वर्ष | 62 वर्ष |
| न्यायाधीशों की संख्या | संसद तय करती है | राष्ट्रपति तय करते हैं |
क्या आप जानते हैं?
रिट जारी करने (Writ Jurisdiction) के मामले में हाई कोर्ट की शक्ति सुप्रीम कोर्ट से ज्यादा होती है। सुप्रीम कोर्ट केवल मौलिक अधिकारों के हनन पर रिट जारी कर सकता है, जबकि छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ‘अन्य मामलों’ (जैसे प्रशासनिक ट्रिब्यूनल) में भी रिट जारी कर सकता है।
भ्रम दूर करें: कौन चुनता है, कौन शपथ दिलाता है?
| प्रक्रिया | मुख्य न्यायाधीश (High Court) | अन्य न्यायाधीश (High Court) |
|---|---|---|
| नियुक्ति (Appoints) | राष्ट्रपति (कोलेजियम + राज्यपाल की सलाह पर) | राष्ट्रपति (CJI + राज्यपाल + HC चीफ जस्टिस की सलाह पर) |
| शपथ (Oath) | राज्य के राज्यपाल | राज्य के राज्यपाल (या उनके द्वारा नियुक्त व्यक्ति) |
| त्यागपत्र (Resignation) | राष्ट्रपति को | राष्ट्रपति को |
शॉर्टकट
हाई कोर्ट के जजों का ‘आना’ (नियुक्ति) और ‘जाना’ (इस्तीफा/हटाना) सब राष्ट्रपति के हाथ में है।
केवल ‘कसम’ (शपथ) राज्यपाल खिलाते हैं।
केवल ‘कसम’ (शपथ) राज्यपाल खिलाते हैं।
एशिया का सबसे बड़ा भवन?
बिलासपुर (बोदरी) स्थित छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय का भवन संरचनात्मक भव्यता और क्षेत्रफल की दृष्टि से एशिया के सबसे बड़े उच्च न्यायालय भवनों में से एक माना जाता है। इसकी वास्तुकला देखते ही बनती है। साथ ही, छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य था जिसने ‘ई-लोक अदालत’ (Virtual Court) की शुरुआत की थी।
5. अधीनस्थ न्यायालयों की संरचना (Structure of Subordinate Courts)
उच्च न्यायालय के नीचे एक पिरामिड नुमा संरचना होती है। इसे समझना प्रशासन और न्याय व्यवस्था को समझने के लिए जरूरी है।(A) जिला एवं सत्र न्यायालय (District & Session Court)
हर जिले में यह सर्वोच्च न्यायिक इकाई होती है। एक ही जज दो अलग-अलग भूमिकाएं निभाता है:| पदनाम | मामलों की प्रकृति | शक्ति/कार्य |
|---|---|---|
| जिला न्यायाधीश (District Judge) | सिविल (दीवानी) मामले | संपत्ति, विवाह, उत्तराधिकार, अनुबंध आदि के विवाद सुनता है। |
| सत्र न्यायाधीश (Session Judge) | आपराधिक (फौजदारी) मामले | हत्या, चोरी, डकैती, मारपीट आदि के मामले सुनता है। |
कंसेप्ट क्लियर करें (Concept)
क्या अंतर है?
जब जज साहब जमीन-जायदाद का फैसला कर रहे हों, तो वे ‘जिला जज’ कहलाते हैं।
लेकिन जब वही जज साहब किसी अपराधी को सजा सुना रहे हों, तो वे ‘सत्र न्यायाधीश’ कहलाते हैं। कोर्ट वही है, बस कुर्सी (भूमिका) बदल जाती है।
(B) न्यायिक पदानुक्रम (Hierarchy)
न्यायपालिका नीचे से ऊपर कैसे काम करती है:1. कनिष्ठ सिविल जज (Civil Judge Class-II): सबसे निचली अदालत (नई भर्ती यहीं होती है)। 2. वरिष्ठ सिविल जज (Civil Judge Class-I): मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (CJM)। 3. जिला एवं सत्र न्यायाधीश: जिले के प्रमुख। 4. उच्च न्यायालय: राज्य का प्रमुख। 5. सर्वोच्च न्यायालय: देश का प्रमुख।6. विशेष न्यायालय और ट्रिब्यूनल
त्वरित न्याय के लिए राज्य में कुछ विशेष अदालतों का गठन किया गया है।(A) कुटुंब न्यायालय (Family Courts)
छत्तीसगढ़ में पारिवारिक विवादों को सुलझाने के लिए इनका गठन किया गया है।उद्देश्य: तलाक, भरण-पोषण और बच्चों की कस्टडी जैसे मामलों को ‘सुलह’ (Reconciliation) के माध्यम से निपटाना। यहाँ वकीलों की भूमिका सीमित होती है और परामर्शदाताओं (Counselors) की भूमिका प्रमुख होती है।
(B) ग्राम न्यायालय (Gram Nyayalaya)
गांधीजी के ‘ग्राम स्वराज’ की अवधारणा पर आधारित।अधिनियम: ग्राम न्यायालय अधिनियम, 2008 के तहत।
उद्देश्य: ग्रामीणों को उनके द्वार पर सस्ता और सुलभ न्याय देना।
शक्ति: ये छोटे आपराधिक और सिविल मामलों की सुनवाई कर सकते हैं।
राज्य का पहला ग्राम न्यायालय
छत्तीसगढ़ का पहला ग्राम न्यायालय ‘सुरगी’ (राजनांदगांव) में स्थापित किया गया था। (यह प्रश्न कई बार पूछा जा चुका है)।
(C) वाणिज्यिक न्यायालय (Commercial Court)
व्यापारिक विवादों (Business Disputes) को जल्दी निपटाने के लिए।स्थान: राज्य का एकमात्र वाणिज्यिक न्यायालय नया रायपुर (अटल नगर) में स्थित है।
क्षेत्राधिकार: 1 करोड़ रुपये से अधिक के वाणिज्यिक विवाद।
7. विधिक सेवा प्राधिकरण (Legal Services Authority)
“न्याय सबके लिए” (Access to Justice for All) – इसी सिद्धांत पर ये संस्थाएं काम करती हैं।(A) नालसा और सालसा (NALSA & CGSLSA)
- NALSA: राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नई दिल्ली)।
- CGSLSA: छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (बिलासपुर)।
(B) लोक अदालत (Lok Adalat)
यह विवादों को आपसी समझौते से निपटाने का सबसे लोकप्रिय माध्यम है।विशेषता:
- लोक अदालत के फैसले के खिलाफ किसी भी अदालत में अपील नहीं की जा सकती (क्योंकि यह आपसी सहमति से होता है)।
- कोई कोर्ट फीस नहीं लगती।
- ई-लोक अदालत: कोरोना काल में छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य बना जिसने ‘ई-लोक अदालत’ (वर्चुअल) का आयोजन किया।
8. न्यायिक शिक्षा और प्रशिक्षण (Judicial Education)
गुणवत्तापूर्ण न्याय के लिए जजों और वकीलों का प्रशिक्षित होना आवश्यक है।(A) छत्तीसगढ़ राज्य न्यायिक अकादमी (CSJA)
जैसे IAS को मसूरी में ट्रेनिंग मिलती है, वैसे ही छत्तीसगढ़ के जजों को यहाँ ट्रेनिंग मिलती है।स्थान: बिलासपुर (हाई कोर्ट परिसर के पास)।
कार्य: नवनियुक्त जजों को कानून और प्रक्रिया का व्यावहारिक प्रशिक्षण देना।
(B) हिदायतुल्ला नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी (HNLU)
यह देश के प्रतिष्ठित विधि विश्वविद्यालयों (NLUs) में से एक है।स्थान: नया रायपुर (अटल नगर)।
स्थापना: 2003
नामकरण: भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश और कार्यवाहक राष्ट्रपति **मोहम्मद हिदायतुल्ला** के सम्मान में।
9. प्रमुख अर्ध-न्यायिक निकाय (Quasi-Judicial Bodies)
हाई कोर्ट के अलावा कुछ ऐसे आयोग हैं जो विशिष्ट मामलों में ‘कोर्ट’ जैसी शक्ति रखते हैं। इनके अध्यक्ष अक्सर सेवानिवृत्त जज होते हैं।| निकाय (Body) | प्रमुख कार्य | प्रथम अध्यक्ष/प्रमुख |
|---|---|---|
| राज्य मानवाधिकार आयोग | मानवाधिकार हनन के मामले सुनना | न्यायमूर्ति के.एम. अग्रवाल |
| राज्य लोकायुक्त आयोग | भ्रष्टाचार के खिलाफ जांच करना | न्यायमूर्ति कृष्ण मुरारी अग्रवाल |
| राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग | उपभोक्ता शिकायतों (Consumer) का निपटारा | – |
याद रखें (Exam Fact)
छत्तीसगढ़ के प्रथम लोकायुक्त और मानवाधिकार आयोग के प्रथम अध्यक्ष दोनों एक ही व्यक्ति थे – न्यायमूर्ति के.एम. अग्रवाल (कृष्ण मुरारी अग्रवाल)। यह प्रश्न अक्सर पूछा जाता है।
10. CGPSC Mains विशेष: विश्लेषणात्मक प्रश्न
प्रश्न: 'ई-लोक अदालत' की अवधारणा और छत्तीसगढ़ में इसकी सफलता पर टिप्पणी करें।
उत्तर की रूपरेखा:
परिचय: कोविड-19 महामारी के दौरान जब भौतिक सुनवाई बंद थी, तब तकनीक के माध्यम से न्याय देने के लिए ‘ई-लोक अदालत’ शुरू हुई।
छत्तीसगढ़ की भूमिका: 11 जुलाई 2020 को छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य बना जिसने राज्य स्तरीय ई-लोक अदालत का आयोजन किया।
लाभ: समय और धन की बचत, सुरक्षित वातावरण में सुनवाई, और बैकलॉग (लंबित मामलों) में कमी।
निष्कर्ष: यह ‘डिजिटल इंडिया’ का न्यायपालिका में सफल प्रयोग है।
परिचय: कोविड-19 महामारी के दौरान जब भौतिक सुनवाई बंद थी, तब तकनीक के माध्यम से न्याय देने के लिए ‘ई-लोक अदालत’ शुरू हुई।
छत्तीसगढ़ की भूमिका: 11 जुलाई 2020 को छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य बना जिसने राज्य स्तरीय ई-लोक अदालत का आयोजन किया।
लाभ: समय और धन की बचत, सुरक्षित वातावरण में सुनवाई, और बैकलॉग (लंबित मामलों) में कमी।
निष्कर्ष: यह ‘डिजिटल इंडिया’ का न्यायपालिका में सफल प्रयोग है।
11. अपनी तैयारी परखें (Practice Quiz)
छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय देश का कौन सा उच्च न्यायालय है?
छत्तीसगढ़ के प्रथम कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश कौन थे?
राज्य का एकमात्र ‘वाणिज्यिक न्यायालय’ (Commercial Court) कहाँ स्थित है?
छत्तीसगढ़ का प्रथम ‘ग्राम न्यायालय’ कहाँ स्थापित किया गया?
उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को शपथ कौन दिलाता है?
12. निष्कर्ष (Conclusion)
सारांश
छत्तीसगढ़ की न्यायपालिका ने अपनी छोटी सी यात्रा में कई कीर्तिमान स्थापित किए हैं। ‘ई-लोक अदालत’ में देश का नेतृत्व करना हो या त्वरित न्याय के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट्स की स्थापना, राज्य की न्यायिक प्रणाली निरंतर सुधार की ओर अग्रसर है। एक प्रशासनिक अधिकारी के रूप में आपको न्यायिक सक्रियता और कानून के शासन (Rule of Law) की गहरी समझ होनी चाहिए, जो इस लेख का मूल उद्देश्य था।
13. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
संदर्भ (References)
- High Court of Chhattisgarh: Official Website (highcourt.cg.gov.in)
- CGSLSA: State Legal Services Authority.
- Bare Acts: Gram Nyayalayas Act, 2008.
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