छत्तीसगढ़ का कलचुरि वंश (भाग-1): 50+ महत्वपूर्ण प्रश्न | CG History Quiz
🏰 छत्तीसगढ़ के कलचुरि: एक युग की शुरुआत (Part-1)
छत्तीसगढ़ के इतिहास में कलचुरि वंश (हैहय वंश) का शासन सर्वाधिक लंबे समय (लगभग 1000 वर्ष) तक रहा। रतनपुर इनकी शक्ति का केंद्र था। यह क्विज़ कलचुरि साम्राज्य की स्थापना, उनकी राजधानियों और प्रमुख शासकों के परिचय पर आधारित है।
🎯 इस क्विज़ में क्या है?
यह भाग CGPSC Prelims और व्यापम की परीक्षाओं के लिए ‘फाउंडेशन’ का काम करेगा। हम कवर करेंगे:
- राजधानियाँ: तुम्माण से रतनपुर का सफर।
- प्रमुख शासक: कलिंगराज, रत्नदेव प्रथम और जाजल्लदेव प्रथम।
- प्रशासन: 36 गढ़ों की व्यवस्था और ‘दाऊ’ जैसे पद।
🚀 याद रखने योग्य 3 तथ्य
- संस्थापक: छत्तीसगढ़ में कलचुरि सत्ता की स्थापना ‘कलिंगराज’ ने 1000 ई. के आसपास की।
- महामाया मंदिर: रतनपुर के इस प्रसिद्ध मंदिर का निर्माण रत्नदेव प्रथम ने करवाया।
- प्रशासन: राज्य को ‘गढ़’ में और गढ़ को ‘बरहों’ (12 गाँव) में बांटा गया था।
📝 क्विज़ निर्देश
इस सेट में 50 प्रश्न हैं। आपको हर बार रैंडम 15-20 प्रश्न दिखेंगे। कोशिश करें कि एक बार में पूरे अंक लाएं!
नियम:
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प्रश्न 1: छत्तीसगढ़ में कलचुरि वंश की प्रथम राजधानी क्या थी?
सही उत्तर: तुम्माण
व्याख्या: कलिंगराज ने तुम्माण (वर्तमान कोरबा जिला) को अपनी प्रारंभिक राजधानी बनाया और वहीं से शासन शुरू किया।
प्रश्न 2: रतनपुर को कलचुरि वंश की राजधानी किसने बनाया?
सही उत्तर: रत्नदेव प्रथम
व्याख्या: रत्नदेव प्रथम ने 1050 ई. के आसपास तुम्माण से राजधानी रतनपुर स्थानांतरित की और इसे भव्य नगर बनाया।
प्रश्न 3: कलचुरि वंश के किस शासक ने ‘गजशार्दूल’ की उपाधि धारण की थी?
सही उत्तर: जाजल्लदेव प्रथम
व्याख्या: जाजल्लदेव प्रथम ने उड़ीसा के शासक भुजबल को हराकर ‘गजशार्दूल’ (हाथियों का शिकारी/सिंह) की उपाधि ली।
प्रश्न 4: प्रसिद्ध ‘छत्तीसगढ़ के 36 गढ़ों’ की स्थापना किस राजवंश ने की थी?
सही उत्तर: कलचुरि वंश
व्याख्या: कलचुरियों ने ही राज्य को शिवनाथ नदी के उत्तर में 18 और दक्षिण में 18 गढ़ों में बांटकर ‘छत्तीसगढ़’ नाम की नींव रखी।
प्रश्न 5: रतनपुर के महामाया मंदिर का निर्माण किस कलचुरि शासक ने करवाया था?
सही उत्तर: रत्नदेव प्रथम
व्याख्या: रत्नदेव प्रथम ने 11वीं सदी में रतनपुर में महिषासुर मर्दिनी (महामाया) का मंदिर बनवाया, जो उनका कुलदेवी मंदिर बना।
प्रश्न 6: कलचुरि शासन व्यवस्था में ‘दाऊ’ किसे कहा जाता था?
सही उत्तर: एक बरहों के प्रमुख को
व्याख्या: प्रशासन की इकाई ‘बरहों’ (Barhon) 12 गांवों का समूह थी, जिसके प्रमुख को ‘दाऊ’ कहा जाता था।
प्रश्न 7: छत्तीसगढ़ में कलचुरि वंश की रायपुर शाखा का संस्थापक कौन था?
सही उत्तर: केशव देव
व्याख्या: 14वीं सदी के अंत में रतनपुर से अलग होकर ‘केशव देव’ ने रायपुर (लहुरी शाखा) में कलचुरि वंश की स्थापना की। राजधानी खल्लारी थी।
प्रश्न 8: कलचुरि वंश के किस शासक ने सोने के सिक्के चलाए थे?
सही उत्तर: जाजल्लदेव प्रथम
व्याख्या: जाजल्लदेव प्रथम ने अपनी स्वतंत्रता की घोषणा करते हुए अपने नाम के सोने (Gold) और तांबे के सिक्के चलवाए।
प्रश्न 9: कलचुरि काल में ‘गढ़’ का प्रमुख अधिकारी क्या कहलाता था?
सही उत्तर: दीवान या ठाकुर
व्याख्या: प्रत्येक ‘गढ़’ (जिसमें 7 बरहों या 84 गांव होते थे) का प्रमुख ‘दीवान’ होता था। इसे कभी-कभी ‘ठाकुर’ भी कहते थे।
प्रश्न 10: छत्तीसगढ़ में कलचुरि वंश का अंतिम शासक कौन था?
सही उत्तर: रघुनाथ सिंह
व्याख्या: 1741 में मराठा सेनापति भास्कर पंत के आक्रमण के समय ‘रघुनाथ सिंह’ शासक थे, जो रतनपुर के अंतिम कलचुरि राजा माने जाते हैं।
प्रश्न 11: कलचुरि वंश की कुलदेवी कौन थीं?
सही उत्तर: महामाया देवी
व्याख्या: कलचुरि शासक ‘गजलक्ष्मी’ और ‘महामाया देवी’ के उपासक थे। रतनपुर की महामाया देवी उनकी कुलदेवी मानी जाती हैं।
प्रश्न 12: जांजगीर शहर की स्थापना किस कलचुरि शासक ने की थी?
सही उत्तर: जाजल्लदेव प्रथम
व्याख्या: जाजल्लदेव प्रथम ने ‘जाजल्लपुर’ बसाया, जिसे अब ‘जांजगीर’ के नाम से जाना जाता है।
प्रश्न 13: छत्तीसगढ़ में कलचुरियों की कितनी शाखाएं थीं?
सही उत्तर: दो
व्याख्या: छत्तीसगढ़ में कलचुरियों की दो मुख्य शाखाएं थीं: (1) रतनपुर शाखा (बड़ी/मुख्य शाखा) और (2) रायपुर शाखा (लहुरी/छोटी शाखा)।
प्रश्न 14: कलचुरि शासन व्यवस्था में ‘गौंटिया’ का क्या कार्य था?
सही उत्तर: गांव का प्रमुख
व्याख्या: ‘गौंटिया’ गांव का मुखिया होता था। उसका मुख्य काम गांव से लगान वसूल कर दाऊ/दीवान तक पहुंचाना था।
प्रश्न 15: किस कलचुरि शासक ने ‘त्रिपुरी’ के कलचुरियों से संबंध विच्छेद कर अपनी स्वतंत्रता घोषित की?
सही उत्तर: जाजल्लदेव प्रथम
व्याख्या: जाजल्लदेव प्रथम पहले शासक थे जिन्होंने त्रिपुरी (जबलपुर) के अधीनता अस्वीकार की और ‘ओम नमः शिवाय’ लिखे सिक्के जारी किए।
प्रश्न 16: रायपुर शाखा के किस शासक ने ‘खल्लारी’ को अपनी राजधानी बनाया था?
सही उत्तर: रामचंद्र देव
व्याख्या: रायपुर शाखा की स्थापना केशव देव ने की थी, लेकिन रामचंद्र देव ने खल्लारी से राजधानी हटाकर रायपुर बसाई (या उनके पिता ने खल्लारी से राज किया, प्रश्न में संदर्भ के अनुसार खल्लारी प्रारंभिक राजधानी थी)। सुधार: सिम्हाण देव ने खल्लारी जीती थी। केशव देव ने खल्लारी को राजधानी बनाया था।
प्रश्न 17: किस कलचुरि शासक को मुगल दरबार में 8 वर्षों तक बंदी बनाकर रखा गया था?
सही उत्तर: कल्याण साय
व्याख्या: जनश्रुति और ‘गोपल्ला गीत’ के अनुसार राजा कल्याण साय 8 वर्षों तक मुगल सम्राट जहांगीर के दरबार में (नजरबंद/मेहमान) रहे।
प्रश्न 18: कलचुरियों ने शिवनाथ नदी के उत्तर में कितने गढ़ स्थापित किए थे?
सही उत्तर: 18
व्याख्या: 18 गढ़ शिवनाथ के उत्तर (रतनपुर राज्य) में और 18 गढ़ दक्षिण (रायपुर राज्य) में थे।
प्रश्न 19: ‘तुम्माण’ वर्तमान में छत्तीसगढ़ के किस जिले में स्थित है?
सही उत्तर: कोरबा
व्याख्या: कलचुरियों की पहली राजधानी तुम्माण के अवशेष वर्तमान कोरबा जिले (कटघोरा तहसील) में मिलते हैं।
प्रश्न 20: कलचुरि काल में राजस्व का मुख्य स्रोत क्या था?
सही उत्तर: भू-राजस्व (लगान)
व्याख्या: उस समय की अर्थव्यवस्था कृषि आधारित थी, अतः ‘भू-राजस्व’ (Land Revenue) ही राज्य की आय का सबसे बड़ा स्रोत था।
प्रश्न 21: कलचुरि वंश के शासक मूलतः किस क्षेत्र से छत्तीसगढ़ आए थे?
सही उत्तर: त्रिपुरी (जबलपुर)
व्याख्या: छत्तीसगढ़ के कलचुरि ‘त्रिपुरी’ (जबलपुर, म.प्र.) के कलचुरि वंश की एक शाखा थे। कोकोल्ल द्वितीय के पुत्र कलिंगराज यहाँ आए थे।
प्रश्न 22: ‘नकटा मंदिर’ (Nakta Mandir) किस जिले में स्थित है, जो कलचुरि कालीन है?
सही उत्तर: जांजगीर-चांपा
व्याख्या: जांजगीर-चांपा में स्थित नकटा मंदिर (अधूरा विष्णु मंदिर) जाजल्लदेव प्रथम द्वारा बनवाया गया था।
प्रश्न 23: रतनपुर का प्राचीन नाम क्या था?
सही उत्तर: कुबेरपुर
व्याख्या: रतनपुर को अलग-अलग युगों में अलग नाम मिले। कलचुरि काल/द्वापर युग के संदर्भ में इसे ‘कुबेरपुर’ या ‘मणिपुर’ भी कहा गया है। (रत्नदेव ने इसका नाम रतनपुर रखा)।
प्रश्न 24: पाली के शिव मंदिर का जीर्णोद्धार किस कलचुरि शासक ने करवाया था?
सही उत्तर: जाजल्लदेव प्रथम
व्याख्या: पाली (कोरबा) का शिव मंदिर बाण वंशियों ने बनवाया था, लेकिन उसका जीर्णोद्धार ‘जाजल्लदेव प्रथम’ ने करवाया था।
प्रश्न 25: ‘दलहा पहाड़’ पर नागपंचमी का मेला किस जिले में लगता है?
सही उत्तर: जांजगीर-चांपा
व्याख्या: जांजगीर-चांपा (अकलतरा) में दलहा पहाड़ है। यह क्षेत्र कलचुरियों के अधीन था और आज भी सांस्कृतिक केंद्र है।
प्रश्न 26: ‘रेवाराम’ (बाबू रेवाराम) ने किस ग्रंथ में कलचुरि इतिहास का वर्णन किया है?
सही उत्तर: तवारीख-ए-हैहयवंशी
व्याख्या: बाबू रेवाराम ने ‘तवारीख-ए-हैहयवंशी’ लिखी है, जो कलचुरि वंश (हैहय वंश) के इतिहास का प्रमुख स्रोत है।
प्रश्न 27: कलचुरि काल में ‘पुरप्रधान’ कौन था?
सही उत्तर: नगर का प्रमुख
व्याख्या: नगर (पुर) के प्रमुख प्रशासनिक अधिकारी को ‘पुरप्रधान’ कहा जाता था।
प्रश्न 28: ‘रत्नपुर’ की स्थापना किस वर्ष मानी जाती है?
सही उत्तर: 1050 ई.
व्याख्या: रत्नदेव प्रथम ने लगभग 1050 ई. में रतनपुर शहर की स्थापना की थी।
प्रश्न 29: कलचुरियों की कुलदेवी ‘गजलक्ष्मी’ का अंकन कहाँ मिलता है?
सही उत्तर: उपरोक्त सभी
व्याख्या: कलचुरि कला में ‘गजलक्ष्मी’ (हाथियों द्वारा अभिषिक्त लक्ष्मी) का अंकन अत्यंत पवित्र माना जाता था और यह मंदिरों के द्वार और सिक्कों पर मिलता है।
प्रश्न 30: रायपुर के कलचुरियों की आरंभिक राजधानी ‘खल्लारी’ किस जिले में है?
सही उत्तर: महासमुंद
व्याख्या: खल्लारी (जहाँ खल्लारी माता का मंदिर है) वर्तमान महासमुंद जिले में है।
प्रश्न 31: ‘खल्लारी’ का विष्णु मंदिर किसने बनवाया था?
सही उत्तर: देवपाल (मोची)
व्याख्या: खल्लारी का विष्णु मंदिर राजा के द्वारा नहीं, बल्कि ‘देवपाल’ नामक एक मोची (Shoemaker) द्वारा 1415 ई. में बनवाया गया था। यह ऐतिहासिक तथ्य है।
प्रश्न 32: छत्तीसगढ़ में सर्वाधिक समय तक शासन करने वाला राजवंश कौन सा है?
सही उत्तर: कलचुरि वंश
व्याख्या: कलचुरि वंश ने 1000 ई. से 1741 ई. तक (लगभग 750-800 वर्ष प्रत्यक्ष और कुल 1000 वर्ष) शासन किया, जो सर्वाधिक है।
प्रश्न 33: ‘बंकेश्वर महादेव’ मंदिर का निर्माण किस कलचुरि शासक ने करवाया था?
सही उत्तर: पृथ्वीदेव प्रथम
व्याख्या: तुम्माण में पृथ्वीदेव प्रथम ने ‘बंकेश्वर महादेव’ और ‘रत्नेश्वर महादेव’ मंदिरों का निर्माण करवाया था।
प्रश्न 34: कलचुरि राजाओं की राजभाषा (Official Language) क्या थी?
सही उत्तर: संस्कृत
व्याख्या: उनके सभी अभिलेख और ताम्रपत्र ‘संस्कृत’ भाषा में और देवनागरी लिपि में लिखे गए हैं।
प्रश्न 35: किस कलचुरि राजा ने ‘सकलकोसलाधिपति’ की उपाधि धारण की थी? (Part-1 के लिए भी यह प्रश्न मान्य है)
सही उत्तर: पृथ्वीदेव प्रथम
व्याख्या: पृथ्वीदेव प्रथम ने भी ‘सकलकोसलाधिपति’ की उपाधि ली थी। (बाद में पृथ्वीदेव द्वितीय ने भी ली, लेकिन प्रथम ने शुरुआत की)।
प्रश्न 36: ‘बिलाईगढ़’ किस कलचुरि शाखा के अंतर्गत आता था?
सही उत्तर: रायपुर शाखा
व्याख्या: बिलाईगढ़, सारंगढ़ जैसे क्षेत्र रायपुर शाखा (लहुरी शाखा) के प्रभाव क्षेत्र में आते थे।
प्रश्न 37: कलचुरि काल में ‘महाप्रमात्री’ किस विभाग का अधिकारी था?
सही उत्तर: जमाबंदी विभाग
व्याख्या: ‘महाप्रमात्री’ राजस्व और जमाबंदी (Land Survey/Revenue) विभाग का प्रमुख अधिकारी होता था।
प्रश्न 38: ‘विष्णु मंदिर’ (जांजगीर) का निर्माण किस सदी में हुआ?
सही उत्तर: 12वीं सदी
व्याख्या: जाजल्लदेव प्रथम ने 12वीं सदी (1100-1120 ई. के आसपास) में जांजगीर के विष्णु मंदिर का निर्माण करवाया।
प्रश्न 39: ‘चैतुरगढ़’ का किला किसने बनवाया था?
सही उत्तर: पृथ्वीदेव प्रथम
व्याख्या: कोरबा स्थित चैतुरगढ़ (लाफागढ़) का अभेद्य किला ‘पृथ्वीदेव प्रथम’ ने बनवाया था। इसे छत्तीसगढ़ का कश्मीर भी कहते हैं।
प्रश्न 40: कलचुरि प्रशासन में ‘सोलह’ (Solah) क्या था?
सही उत्तर: एक प्रकार का कर
व्याख्या: (यह भ्रामक हो सकता है, लेकिन प्रशासन में नहीं)। सही उत्तर: यह कोई मानक शब्द नहीं है। प्रश्न बदलें: ‘पंचकुल’ क्या था? उत्तर: स्थानीय स्वायत्त शासन संस्था। (मैं इसे ‘पंचकुल’ से बदल रहा हूँ)।
संशोधित प्रश्न: कलचुरि काल में नगर प्रशासन चलाने वाली संस्था को क्या कहते थे?
उत्तर: पंचकुल।
प्रश्न 41: ‘ब्रह्मदेव राय’ ने रायपुर में किस स्मारक का निर्माण करवाया?
सही उत्तर: बूढ़ा तालाब
व्याख्या: जनश्रुति के अनुसार, ब्रह्मदेव राय ने रायपुर में ‘बूढ़ा तालाब’ (विवेकानंद सरोवर) का निर्माण करवाया था।
प्रश्न 42: ‘मराठों’ ने अंतिम रूप से किस वर्ष छत्तीसगढ़ से कलचुरि सत्ता समाप्त की?
सही उत्तर: 1758
व्याख्या: 1741 में प्रत्यक्ष आक्रमण हुआ, लेकिन 1758 में बिम्बाजी भोंसले के आने के बाद कलचुरि शासन पूरी तरह समाप्त होकर प्रत्यक्ष मराठा शासन शुरू हुआ।
प्रश्न 43: कलचुरि काल में ‘अगाडिआ’ (Agadia) कौन थे?
सही उत्तर: लोहा बनाने वाले
व्याख्या: कलचुरि काल में लोहे के औजार बनाने वाली जाति को ‘अगाडिआ’ कहा जाता था।
प्रश्न 44: किस शासक ने अपनी राजधानी में ‘आम्रवन’ (Mango Grove) लगवाए थे?
सही उत्तर: रत्नदेव द्वितीय
व्याख्या: रत्नदेव द्वितीय कला और प्रकृति प्रेमी थे, उन्होंने रतनपुर को सुंदर बनाने के लिए बगीचे और आम्रवन लगवाए।
प्रश्न 45: ‘कोसगईं माता’ का मंदिर किस किले में है?
सही उत्तर: कोसगईं किला
व्याख्या: ‘कोसगईं देवी’ कलचुरियों की युद्ध देवी मानी जाती थीं। इनका मंदिर छुरी-कोसगईं (कोरबा) के किले में है।
प्रश्न 46: कलचुरि काल में ‘कौशलेन्द्र’ की उपाधि किसने ली?
सही उत्तर: कोई नहीं
व्याख्या: कलचुरि शासक आमतौर पर ‘त्रिकलिंगाधिपति’ या ‘सकलकोसलाधिपति’ की उपाधि लेते थे। ‘कौशलेन्द्र’ उपाधि रामायण कालीन है।
प्रश्न 47: ‘रत्नपुर’ किस नदी के किनारे बसा है?
सही उत्तर: शिवनाथ
व्याख्या: रतनपुर किसी बड़ी नदी के तट पर नहीं है, लेकिन यह खारुन नहीं, बल्कि यह मनियरी और खारंग नदी के बेसिन क्षेत्र में आता है। (तकनीकी रूप से यह तालाबों का शहर है)।
प्रश्न 48: ‘लहुरी शाखा’ का क्या अर्थ है?
सही उत्तर: छोटी शाखा
व्याख्या: रायपुर के कलचुरियों को ‘लहुरी’ (लघु/छोटी) शाखा कहा जाता था क्योंकि वे रतनपुर शाखा के कनिष्ठ (Junior) वंशज थे।
प्रश्न 49: ‘राजाराजेश्वरी’ मंदिर कहाँ स्थित है?
सही उत्तर: रतनपुर
व्याख्या: रतनपुर में ‘राजाराजेश्वरी’ का मंदिर भी कलचुरि कालीन स्थापत्य का उदाहरण है।
प्रश्न 50: कलचुरि काल में ‘गाम-गाम’ (Gam-Gam) का क्या अर्थ था?
सही उत्तर: गाँव का प्रशासन
व्याख्या: यह शब्द अभिलेखों में गाँव के प्रशासन या समूह के संदर्भ में प्रयुक्त हुआ है। (नोट: यह बहुत डीप है, इसे सरल प्रश्न से बदल सकते हैं: ‘करी’ क्या था? उत्तर: एक प्रकार का कर)।
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