छत्तीसगढ़ का स्वर्ण काल: पांडु वंश और सिरपुर का इतिहास (50+ MCQ Quiz)
👑 छत्तीसगढ़ का ‘स्वर्ण काल’: पांडु वंश
छत्तीसगढ़ के इतिहास में सिरपुर का पांडु वंश (सोमवंश) एक विशेष स्थान रखता है। इसे राज्य का ‘स्वर्ण काल’ (Golden Era) कहा जाता है। महानदी के तट पर बसी इनकी राजधानी ‘श्रीपुर’ (वर्तमान सिरपुर) न केवल राजनीतिक शक्ति का केंद्र थी, बल्कि धर्म, कला और स्थापत्य का एक अद्भुत संगम भी थी। चाहे वह लाल ईंटों से बना लक्ष्मण मंदिर हो या चीनी यात्री ह्वेनसांग की यात्रा, यह कालखंड प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
🎯 परीक्षा के लिए यह क्विज़ क्यों महत्वपूर्ण है?
यदि आप CGPSC Mains/Prelims या Vyapam की तैयारी कर रहे हैं, तो आपको पता होगा कि:
- शासक और उपाधियाँ: महाशिवगुप्त बालार्जुन और तीवरदेव की उपाधियों से जुड़े प्रश्न अक्सर पूछे जाते हैं।
- स्थापत्य कला: सिरपुर के मंदिरों और बौद्ध विहारों का निर्माण किसने करवाया? यह एक कॉमन प्रश्न है।
- ऐतिहासिक साक्ष्य: ताम्रपत्र और अभिलेखों से जुड़े डीप प्रश्न (Deep Questions) मेरिट लिस्ट तय करते हैं।
- अपनी तैयारी को परखने के लिए आप हमारे Previous Year Question Papers (PYQ) सेक्शन को भी देख सकते हैं।
🚀 क्विक रिवीजन: 4 मुख्य तथ्य
- स्वर्ण काल: महाशिवगुप्त बालार्जुन के लगभग 60 वर्षों के शासन को छत्तीसगढ़ का स्वर्ण काल कहा जाता है।
- धर्म सहिष्णुता: पांडु वंशीय शासक स्वयं वैष्णव या शैव थे, लेकिन उन्होंने बौद्ध धर्म को भी भरपूर संरक्षण दिया।
- प्रसिद्ध यात्री: चीनी यात्री ह्वेनसांग ने 639 ई. में सिरपुर की यात्रा की थी।
- निर्माण: लक्ष्मण मंदिर का निर्माण रानी वासटा ने अपने पति हर्षगुप्त की याद में शुरू करवाया था।
📝 क्विज़ की विशेष रणनीति (IMP)
हमने इस टॉपिक पर 50 से अधिक उच्च-स्तरीय प्रश्न तैयार किए हैं। लेकिन, ध्यान दें: आपको एक बार में केवल 15-20 प्रश्न ही दिखाई देंगे जो हर बार बदलेंगे (Randomized)।
इसका मतलब है कि जब आप इस पेज को रिफ्रेश करके दोबारा क्विज़ देंगे, तो आपको बिलकुल नए प्रश्न मिलेंगे। इसलिए, विषय पर पूरी पकड़ बनाने के लिए इस क्विज़ को कम से कम 2-3 बार हल करें।
नियम:
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प्रश्न 1: सिरपुर के पांडु वंश की राजधानी क्या थी?
सही उत्तर: श्रीपुर (सिरपुर)
व्याख्या: पांडु वंश ने श्रीपुर (आधुनिक सिरपुर) को अपनी राजधानी बनाकर शासन किया। यह महानदी के तट पर स्थित एक समृद्ध नगर था।
प्रश्न 2: छत्तीसगढ़ का ‘स्वर्ण काल’ किस शासक के शासनकाल को कहा जाता है?
सही उत्तर: महाशिवगुप्त बालार्जुन
व्याख्या: महाशिवगुप्त बालार्जुन के लगभग 60 वर्षों (595-655 ई.) के शांतिपूर्ण, समृद्ध और धर्म-सहिष्णु शासनकाल को ही ‘छत्तीसगढ़ का स्वर्ण काल’ कहते हैं।
प्रश्न 3: सिरपुर का प्रसिद्ध लक्ष्मण मंदिर किस देवता को समर्पित है?
सही उत्तर: विष्णु
व्याख्या: नाम ‘लक्ष्मण मंदिर’ होने के बावजूद, गर्भगृह में भगवान विष्णु की शेषशायी प्रतिमा है, अतः यह एक वैष्णव मंदिर है।
प्रश्न 4: पांडु वंश के शासक स्वयं को किस वंश का मानते थे?
सही उत्तर: चंद्रवंश (सोमवंश)
व्याख्या: पांडु वंश के शासक स्वयं को चंद्रवंशी मानते थे, इसीलिए उन्हें ‘सोमवंशी’ भी कहा जाता है।
प्रश्न 5: प्रसिद्ध चीनी यात्री ह्वेनसांग ने किसके शासनकाल में सिरपुर की यात्रा की थी?
सही उत्तर: महाशिवगुप्त बालार्जुन
व्याख्या: ह्वेनसांग ने 639 ई. में महाशिवगुप्त बालार्जुन के शासनकाल में ही सिरपुर (श्रीपुर) की यात्रा की थी और इसे ‘किया-शी-लो’ नाम से संबोधित किया था।
प्रश्न 6: पांडु वंश के ‘आदि पुरुष’ के रूप में किसे जाना जाता है?
सही उत्तर: उदयन
व्याख्या: उदयन को पांडु वंश का ‘आदि पुरुष’ या संस्थापक पूर्वज माना जाता है। कालिंजर शिलालेख में इसका उल्लेख मिलता है।
प्रश्न 7: पांडु वंश की सत्ता का ‘वास्तविक संस्थापक’ किसे माना जाता है?
सही उत्तर: इंद्रबल
व्याख्या: शरभपुरीयों के सामंत इंद्रबल ने ही दक्षिण कोसल में पांडु वंश की वास्तविक सत्ता की नींव रखी थी और शरभपुरीय राजकुमारी लोकप्रकाशा से विवाह किया था।
प्रश्न 8: लक्ष्मण मंदिर का निर्माण किसने प्रारंभ करवाया था?
सही उत्तर: रानी वासटा
व्याख्या: रानी वासटा ने अपने दिवंगत पति हर्षगुप्त की स्मृति में लक्ष्मण मंदिर का निर्माण शुरू करवाया था।
प्रश्न 9: महाशिवगुप्त बालार्जुन व्यक्तिगत रूप से किस धर्म के अनुयायी थे?
सही उत्तर: शैव धर्म
व्याख्या: बालार्जुन व्यक्तिगत रूप से शैव (परममाहेश्वर) थे और उनकी मुद्राओं पर ‘नंदी’ का अंकन मिलता है, लेकिन उन्होंने बौद्ध धर्म को भी संरक्षण दिया।
प्रश्न 10: पांडु वंश के किस शासक ने ‘सकलकोसलाधिपति’ की उपाधि धारण की थी?
सही उत्तर: महाशिव तीवरदेव
व्याख्या: महाशिव तीवरदेव एक महान विस्तारवादी शासक थे। उन्होंने उड़ीसा के कुछ भागों को जीतकर ‘सकलकोसलाधिपति’ (संपूर्ण कोसल के स्वामी) की उपाधि धारण की थी।
प्रश्न 11: सिरपुर में ‘आनंद प्रभु कुटी विहार’ का निर्माण किसने करवाया था?
सही उत्तर: भिक्षु आनंद प्रभु
व्याख्या: यह एक प्रसिद्ध बौद्ध विहार था जिसका निर्माण भिक्षु आनंद प्रभु ने बालार्जुन के शासनकाल में करवाया था। यह बौद्ध वास्तुकला का बेजोड़ नमूना है।
प्रश्न 12: पांडु वंश का शासनकाल मुख्यतः किस शताब्दी में था?
सही उत्तर: छठवीं से सातवीं शताब्दी
व्याख्या: पांडु वंश का उदय लगभग 6वीं शताब्दी के मध्य में हुआ और 7वीं शताब्दी के अंत तक (लगभग 740 ई.) उनका प्रभाव रहा।
प्रश्न 13: सिरपुर किस नदी के तट पर स्थित है?
सही उत्तर: महानदी
व्याख्या: पांडु वंश की राजधानी श्रीपुर (सिरपुर) महानदी के तट पर स्थित एक प्रमुख व्यापारिक और सांस्कृतिक केंद्र था।
प्रश्न 14: पांडु वंश से पहले इस क्षेत्र पर किस राजवंश का शासन था?
सही उत्तर: शरभपुरीय वंश
व्याख्या: पांडु वंश का उदय शरभपुरीय वंश की शक्ति के पतन के बाद हुआ था। इंद्रबल पहले शरभपुरीयों का ही सामंत था।
प्रश्न 15: रानी वासटा किस राजवंश की राजकुमारी थीं?
सही उत्तर: मौखरि वंश
व्याख्या: रानी वासटा मगध (कन्नौज क्षेत्र) के शक्तिशाली मौखरि वंश के शासक सूर्यवर्मा की पुत्री थीं।
प्रश्न 16: महाशिव तीवरदेव किस धर्म के अनुयायी थे?
सही उत्तर: वैष्णव धर्म
व्याख्या: तीवरदेव एक कट्टर वैष्णव थे और उन्होंने ‘परमवैष्णव’ की उपाधि भी धारण की थी। उनके राजचिह्न में गरुड़ का अंकन मिलता है।
प्रश्न 17: लक्ष्मण मंदिर (सिरपुर) का निर्माण किसने पूर्ण करवाया था?
सही उत्तर: महाशिवगुप्त बालार्जुन
व्याख्या: मंदिर का निर्माण रानी वासटा ने शुरू करवाया था, लेकिन इसे उनके पुत्र महाशिवगुप्त बालार्जुन के शासनकाल में पूरा किया गया।
प्रश्न 18: हर्षगुप्त का विवाह किससे हुआ था?
सही उत्तर: वासटा देवी
व्याख्या: हर्षगुप्त का विवाह मौखरि राजकुमारी वासटा देवी से हुआ था। हर्षगुप्त की मृत्यु के बाद ही वासटा ने लक्ष्मण मंदिर बनवाया।
प्रश्न 19: ह्वेनसांग ने अपने यात्रा वृतांत ‘सी-यू-की’ में दक्षिण कोसल की राजधानी का क्या नाम बताया है?
सही उत्तर: श्रीपुर
व्याख्या: ह्वेनसांग ने अपनी पुस्तक ‘सी-यू-की’ में दक्षिण कोसल की राजधानी का नाम ‘श्रीपुर’ बताया है और यहाँ 100 से अधिक बौद्ध विहार होने का उल्लेख किया है।
प्रश्न 20: पांडु वंश के पतन के बाद छत्तीसगढ़ में किस शक्तिशाली राजवंश का उदय हुआ?
सही उत्तर: नल वंश
व्याख्या: पांडु वंश के कमजोर होने के बाद बस्तर के नल वंश (विलासतुंग आदि) ने इस क्षेत्र पर पुनः प्रभाव जमाया और 7वीं-8वीं सदी के आसपास पुनः नल वंश का उत्कर्ष देखा गया, बाद में बाणवंश का भी प्रभाव रहा। (नोट: कलचुरि बहुत बाद में आए)।
प्रश्न 21: ‘इंद्रपुर’ नामक शहर की स्थापना पांडु वंश के किस शासक ने की थी?
सही उत्तर: इंद्रबल
व्याख्या: पांडु वंश के वास्तविक संस्थापक इंद्रबल ने ‘इंद्रपुर’ नामक शहर बसाया था, जिसे वर्तमान में ‘खरौद’ (जांजगीर-चांपा) के नाम से जाना जाता है।
प्रश्न 22: खरौद के ‘लक्ष्मणेश्वर मंदिर’ के गर्भगृह में स्थापित शिलालेख किस शासक से संबंधित है?
सही उत्तर: ईशानदेव
व्याख्या: खरौद के लक्ष्मणेश्वर मंदिर (लखा चौर मंदिर) में इंद्रबल के पुत्र ‘ईशानदेव’ का शिलालेख है, जिन्होंने इस मंदिर का जीर्णोद्धार या निर्माण करवाया था।
प्रश्न 23: महाशिवगुप्त बालार्जुन के कितने ताम्रपत्र (Copper Plates) अब तक प्राप्त हुए हैं?
सही उत्तर: 27
व्याख्या: महाशिवगुप्त बालार्जुन के सर्वाधिक लगभग 27 ताम्रपत्र प्राप्त हुए हैं, जो उनके लंबे और समृद्ध शासनकाल की पुष्टि करते हैं।
प्रश्न 24: किस अभिलेख से पता चलता है कि पांडु वंश के शासक ‘उदयन’ का संबंध कालिंजर से था?
सही उत्तर: कालिंजर अभिलेख
व्याख्या: कालिंजर (बांदा, यूपी) के एक प्राचीन शिलालेख में उदयन का नाम मिलता है, जिससे पता चलता है कि वे मूल रूप से मध्य भारत से आए थे।
प्रश्न 25: लक्ष्मण मंदिर, सिरपुर की निर्माण शैली क्या है?
सही उत्तर: नागर शैली
व्याख्या: सिरपुर का लक्ष्मण मंदिर ‘नागर शैली’ में बना है और यह ईंटों से निर्मित भारत के सर्वोत्तम मंदिरों में से एक है।
प्रश्न 26: तीवरदेव के समकालीन विष्णुकुंडिन वंश का कौन सा शासक था जिसने तीवरदेव को पराजित किया था?
सही उत्तर: माधव वर्मा द्वितीय
व्याख्या: विष्णुकुंडिन राजा माधव वर्मा द्वितीय ने तीवरदेव को युद्ध में पराजित किया था, जिससे तीवरदेव का विस्तार उड़ीसा की ओर रुक गया था।
प्रश्न 27: ‘तीवरदेव’ के पुत्र का नाम क्या था जो अल्प समय के लिए शासक बना?
सही उत्तर: नन्नराज द्वितीय
व्याख्या: तीवरदेव के बाद उनका पुत्र नन्नराज द्वितीय गद्दी पर बैठा, लेकिन वह ज्यादा समय तक शासन नहीं कर सका और उसके चाचा (चंद्रगुप्त/हर्षगुप्त की शाखा) ने सत्ता संभाल ली।
प्रश्न 28: महाशिवगुप्त बालार्जुन के बचपन का नाम या उपनाम क्या था?
सही उत्तर: बालार्जुन
व्याख्या: वह बचपन से ही धनुर्विद्या में अत्यंत निपुण थे, इसलिए उन्हें ‘बालार्जुन’ (बालक अर्जुन) कहा जाने लगा।
प्रश्न 29: सिरपुर में ‘गंधेश्वर महादेव’ मंदिर का निर्माण किसने करवाया था?
सही उत्तर: बालार्जुन
व्याख्या: गंधेश्वर महादेव मंदिर का निर्माण मूलतः बालार्जुन के काल में हुआ माना जाता है, लेकिन वर्तमान स्वरूप का जीर्णोद्धार बाद में मराठा काल और स्थानीय प्रयासों से हुआ। यह महानदी तट पर है।
प्रश्न 30: ‘सेनकपाट’ शिलालेख का संबंध किस शासक से है?
सही उत्तर: महाशिवगुप्त बालार्जुन
व्याख्या: सेनकपाट (महासमुंद के पास) से प्राप्त शिलालेख महाशिवगुप्त बालार्जुन के समय का है, जो एक शिव मंदिर के निर्माण का उल्लेख करता है।
प्रश्न 31: बालार्जुन की मुद्राओं पर किस पशु का चित्र अंकित मिलता है?
सही उत्तर: नंदी (बैल)
व्याख्या: चूंकि बालार्जुन शैव धर्म के अनुयायी थे, इसलिए उनकी मुद्राओं और ताम्रपत्रों की सील पर ‘नंदी’ (बैल) का चित्र और त्रिशूल अंकित होता था।
प्रश्न 32: तीवरदेव की मुद्राओं पर किस पक्षी का चित्र अंकित था?
सही उत्तर: गरुड़
व्याख्या: तीवरदेव वैष्णव धर्म को मानते थे, इसलिए उनकी राजमुद्राओं पर भगवान विष्णु के वाहन ‘गरुड़’ का चित्र मिलता है।
प्रश्न 33: ‘स्वास्तिक विहार’ का संबंध किस स्थान से है?
सही उत्तर: सिरपुर
व्याख्या: स्वास्तिक विहार सिरपुर में स्थित एक प्रमुख बौद्ध विहार है। इसका आकार स्वास्तिक जैसा होने के कारण इसे यह नाम मिला।
प्रश्न 34: प्रसिद्ध ‘बर्दुला ताम्रपत्र’ किस शासक से संबंधित है?
सही उत्तर: महाशिवगुप्त बालार्जुन
व्याख्या: बर्दुला (सारंगढ़ क्षेत्र) से प्राप्त ताम्रपत्र महाशिवगुप्त बालार्जुन का है, जिसमें उन्होंने वैदिक ब्राह्मणों को दान देने का उल्लेख किया है।
प्रश्न 35: ‘कौशल्या माता मंदिर’ के लिए प्रसिद्ध चंदखुरी का संबंध किस काल से माना जाता है?
सही उत्तर: पांडु वंश (सोमवंश)
व्याख्या: यद्यपि मंदिर का जीर्णोद्धार कई बार हुआ, लेकिन चंदखुरी क्षेत्र का विकास सोमवंश (पांडु वंश) के समय में भी प्रमुखता से हुआ था। यह क्षेत्र दक्षिण कोसल का अभिन्न अंग था।
प्रश्न 36: पांडु वंश के किस शासक ने ‘कौशल मंडलाधिपति’ की उपाधि ली थी?
सही उत्तर: तीवरदेव
व्याख्या: तीवरदेव ने अपने साम्राज्य विस्तार के बाद ‘कौशल मंडलाधिपति’ जैसी भारी-भरकम उपाधियां धारण की थीं।
प्रश्न 37: सिरपुर खुदाई में प्राप्त ‘सुरंग टीला’ (Surang Tila) वास्तव में क्या है?
सही उत्तर: एक पंचायतन शैली का मंदिर
व्याख्या: सुरंग टीला एक अद्भुत मंदिर परिसर है जो ऊंची जगती (Platform) पर बना है। यह पंचायतन शैली का मंदिर है जिसकी सीढ़ियां टेढ़ी-मेढ़ी (सुरंग जैसी) प्रतीत होती थीं।
प्रश्न 38: किस ग्रंथ में दक्षिण कोसल के राजाओं और उनकी वंशावली का वर्णन मिलता है जो पांडु वंश से संबंधित हो सकते हैं?
सही उत्तर: सी-यू-की
व्याख्या: ह्वेनसांग की ‘सी-यू-की’ उस समय के राजा (बालार्जुन) और यहाँ की धार्मिक स्थिति का सबसे प्रामाणिक लिखित साक्ष्य है।
प्रश्न 39: ‘मल्हार’ ताम्रपत्र का संबंध किस पांडु वंशीय शासक से है?
सही उत्तर: सुरबल
व्याख्या: मल्हार से प्राप्त एक ताम्रपत्र में पांडु वंश (मैकल शाखा) के राजा ‘सुरबल’ का उल्लेख मिलता है, जो सिरपुर शाखा के समकालीन थे।
प्रश्न 40: बालार्जुन के शासनकाल में निर्मित ‘तोरण द्वार’ किस मंदिर का मुख्य आकर्षण है?
सही उत्तर: लक्ष्मण मंदिर
व्याख्या: लक्ष्मण मंदिर का प्रवेश द्वार (तोरण) नक्काशीदार पत्थरों से बना है, जिस पर शेषशायी विष्णु और दशावतार का चित्रण है। यह ईंट मंदिर का सबसे सुंदर भाग है।
प्रश्न 41: पांडु वंश के शासन में ‘चाट’ और ‘भाट’ कौन थे?
सही उत्तर: पुलिस और राजस्व अधिकारी
व्याख्या: प्राचीन प्रशासन में ‘चाट’ और ‘भाट’ पुलिस कर्मियों या ऐसे अधिकारियों को कहा जाता था जो गाँवों में प्रवेश कर सुरक्षा या कर वसूली देखते थे। दानपत्रों में इनका प्रवेश अक्सर वर्जित किया जाता था।
प्रश्न 42: ‘बोडा’ (Boda) अभिलेख का संबंध किससे है?
सही उत्तर: शिवगुप्त
व्याख्या: बोडा अभिलेख भी महाशिवगुप्त बालार्जुन के समय का है।
प्रश्न 43: पांडु वंशीय शासक ‘चंद्रगुप्त’ (बालार्जुन के पितामह) के बारे में प्रमुख ऐतिहासिक तथ्य क्या है?
सही उत्तर: उन्होंने कलचुरियों को हराया
व्याख्या: माना जाता है कि तीवरदेव की हार के बाद वंश की प्रतिष्ठा गिरी थी, जिसे उनके भाई चंद्रगुप्त ने तो नहीं, लेकिन चंद्रगुप्त के पुत्र हर्षगुप्त ने पुनः संभालने का प्रयास किया। चंद्रगुप्त ने संभवतः विष्णुकुंडिनों से संघर्ष किया था।
प्रश्न 44: ‘तीवर विहार’ नामक बौद्ध मठ का उल्लेख किस स्थान के लिए मिलता है?
सही उत्तर: सिरपुर
व्याख्या: सिरपुर में खुदाई के दौरान कई विहार मिले हैं, जिनमें से एक का संबंध तीवरदेव के काल से जोड़ा जाता है, जिसे तीवर विहार कहते हैं।
प्रश्न 45: सिरपुर में जैन धर्म से संबंधित प्रमाण किस रूप में मिलते हैं?
सही उत्तर: एक भव्य जैन मंदिर
व्याख्या: सिरपुर में एक प्राचीन जैन मंदिर के अवशेष भी मिले हैं, जिसमें 24वें तीर्थंकर महावीर स्वामी की प्रतिमा है। यह बालार्जुन की सर्वधर्म समभाव नीति को दर्शाता है।
प्रश्न 46: किस शासक के काल को ‘छत्तीसगढ़ का क्लासिकल युग’ (Classical Age) भी कहा जा सकता है?
सही उत्तर: महाशिवगुप्त बालार्जुन
व्याख्या: कला, साहित्य और स्थापत्य की अभूतपूर्व उन्नति के कारण बालार्जुन के काल को क्लासिकल युग या स्वर्ण युग कहा जाता है।
प्रश्न 47: ‘आरंग’ का भांड-देवल (Bhand Deul) मंदिर किस शैली का उदाहरण है जो संभवतः इसी काल या बाद के प्रभाव का है?
सही उत्तर: भूमिज
व्याख्या: आरंग का भांड-देवल मंदिर भूमिज शैली (नागर की उपशैली) का एक उत्कृष्ट उदाहरण है, जो पूर्व-मध्यकाल की वास्तुकला दर्शाता है।
प्रश्न 48: पांडु वंश की राजभाषा (Official Language) क्या थी?
सही उत्तर: संस्कृत
व्याख्या: उनके सभी ताम्रपत्र और अभिलेख ‘संस्कृत’ भाषा में लिखे गए हैं, जो उनकी राजभाषा थी। लिपि ‘बाम्ही’ या ‘पेटिकाशीर्ष’ थी।
प्रश्न 49: ‘अडभार’ (Adabhar) ताम्रपत्र किस पांडु शासक का है?
सही उत्तर: नन्नराज द्वितीय
व्याख्या: अडभार ताम्रपत्र नन्नराज द्वितीय (तीवरदेव के पुत्र) का है। इससे पता चलता है कि उसने भी कुछ समय तक शासन किया था।
प्रश्न 50: सिरपुर महोत्सव (Sirpur Mahotsav) वर्तमान में किस महीने में आयोजित होता है, जो इस वंश की विरासत को याद दिलाता है?
सही उत्तर: जनवरी-फरवरी (माघ)
व्याख्या: सिरपुर महोत्सव का आयोजन प्रतिवर्ष माघ पूर्णिमा (फरवरी) के आसपास किया जाता है, जहाँ बौद्ध और हिंदू तीर्थयात्री आते हैं।