कलचुरि शासन व्यवस्था
कल्चुरि शासन व्यवस्था एक सुसंगठित और विस्तृत प्रशासनिक प्रणाली थी, जिसने छत्तीसगढ़ पर लगभग आठ शताब्दियों तक सफलतापूर्वक शासन किया। उन्होंने अपने साम्राज्य को ‘गढ़ों’ में विभाजित किया था, जिनकी कुल संख्या 36 थी। प्रत्येक गढ़ के प्रमुख को ‘दीवान’ या ‘गढ़पति’ कहा जाता था। गढ़ों को आगे ‘बरहों’ (12 गाँवों का समूह) में विभाजित किया गया था, जिसका प्रमुख ‘दाऊ’ कहलाता था। गाँव का मुखिया ‘गोंटिया’ होता था। उनकी राजस्व, न्याय और सैन्य प्रणाली भी सुविकसित थी। यह प्रशासनिक ढाँचा इतना प्रभावी था कि बाद में मराठों ने भी इसे काफी हद तक अपनाए रखा। इस व्यवस्था को और गहराई से जानने के लिए हमारा लेख पढ़ें: छत्तीसगढ़ का कल्चुरि वंश।