रतनपुर का इतिहास
रतनपुर का इतिहास छत्तीसगढ़ के कल्चुरि राजवंश के गौरवशाली अतीत का पर्याय है। 11वीं शताब्दी में राजा रत्नदेव प्रथम द्वारा स्थापित यह शहर सदियों तक दक्षिण कोसल की राजधानी रहा। यहाँ के शासकों ने प्रसिद्ध महामाया मंदिर सहित कई मंदिरों और तालाबों का निर्माण करवाया, जिससे यह एक प्रमुख सांस्कृतिक और धार्मिक केंद्र बन गया। मराठा शासन के आगमन तक रतनपुर ने अपनी प्रमुखता बनाए रखी। यह शहर आज भी अपनी समृद्ध विरासत और ऐतिहासिक स्मारकों के माध्यम से अपने गौरवशाली अतीत की कहानी कहता है। इस विषय पर हमारा विस्तृत लेख पढ़ें: रतनपुर का इतिहास: छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक राजधानी।