महाशिवगुप्त बालार्जुन
महाशिवगुप्त बालार्जुन सिरपुर के पांडु वंश के सबसे प्रतापी और अंतिम महान शासक थे। उनका लंबा शासनकाल (लगभग 595-655 ई.) दक्षिण कोसल के इतिहास में ‘स्वर्ण काल’ के रूप में जाना जाता है। वह एक शैव अनुयायी थे, लेकिन उन्होंने बौद्ध और अन्य धर्मों को भी समान रूप से संरक्षण दिया, जो उनकी धार्मिक सहिष्णुता को दर्शाता है। प्रसिद्ध चीनी यात्री ह्वेनसांग ने उनके शासनकाल में ही सिरपुर की यात्रा की थी। उनके समय में कला, वास्तुकला और साहित्य का अभूतपूर्व विकास हुआ। उनके शासनकाल के बारे में और जानने के लिए सिरपुर का पांडु वंश पर हमारा विस्तृत लेख पढ़ें।
सिरपुर का पुरातात्विक महत्व: स्वर्ण युग का Best CGPSC गाइड
सिरपुर का पुरातात्विक महत्व: लक्ष्मण मंदिर और छत्तीसगढ़ का स्वर्ण युग महानदी के किनारे बसा, सिरपुर सिर्फ ईंट और पत्थर का एक ऐतिहासिक स्थल नहीं है; यह छत्तीसगढ़ के गौरवशाली अतीत का एक जीता-जागता टाइम कैप्सूल है। यह वह स्थान है जहाँ कभी दक्षिण कोसल की वैभवशाली राजधानी हुआ करती थी, जहाँ शैव, वैष्णव और … Read more