सिरपुर का इतिहास
सिरपुर का इतिहास छत्तीसगढ़ के स्वर्णिम अतीत का प्रतीक है। महानदी के तट पर स्थित यह पुरातात्विक स्थल प्राचीन काल में ‘श्रीपुर’ के नाम से जाना जाता था और यह दक्षिण कोसल की राजधानी भी रहा। विशेषकर पांडुवंशी शासकों, जैसे महाशिवगुप्त बालार्जुन, के शासनकाल में यह कला, संस्कृति और धर्म का एक महान केंद्र बन गया था। यहाँ स्थित प्रसिद्ध लक्ष्मण मंदिर, तिवरदेव विहार और आनंद प्रभु कुटी विहार उस युग की उत्कृष्ट वास्तुकला के प्रमाण हैं। इस टैग से जुड़े लेखों में हम सिरपुर के पुरातात्विक महत्व, इसके शासकों और छत्तीसगढ़ के इतिहास में इसके योगदान पर गहराई से प्रकाश डालते हैं।