प्रश्न 1: [CGPSC Prelims] छत्तीसगढ़ का प्रसिद्ध पुरातात्विक स्थल 'सिरपुर' किस जिले में और किस नदी के पूर्वी तट पर स्थित है?
- रायपुर (खारून नदी)
- महासमुंद (महानदी)
- बिलासपुर (अरपा नदी)
- जांजगीर-चांपा (हसदेव नदी)
उत्तर: महासमुंद (महानदी)
व्याख्या: सिरपुर महासमुंद जिले में जीवनदायिनी महानदी के तट पर स्थित है, जिसका प्राचीन नाम 'श्रीपुर' था।
प्रश्न 2: [CG Vyapam] सिरपुर का विश्वविख्यात 'लक्ष्मण मंदिर' मुख्य रूप से किस निर्माण सामग्री से बना हुआ है?
- काले ग्रेनाइट पत्थरों से
- लाल पक्की ईंटों से (लाल ईंट स्थापत्य)
- सफेद संगमरमर से
- बलुआ पत्थर की चट्टानों से
उत्तर: लाल पक्की ईंटों से (लाल ईंट स्थापत्य)
व्याख्या: सिरपुर का लक्ष्मण मंदिर भारत में 7वीं शताब्दी के सर्वोत्कृष्ट लाल ईंटों से निर्मित नागर शैली के मंदिरों में गिना जाता है।
प्रश्न 3: [CGPSC SSE] प्रसिद्ध ऐतिहासिक लक्ष्मण मंदिर मूल रूप से किस हिंदू देवता को समर्पित है?
- भगवान श्रीराम
- भगवान लक्ष्मण
- भगवान विष्णु
- भगवान शिव
उत्तर: भगवान विष्णु
व्याख्या: नाम 'लक्ष्मण मंदिर' होने के बावजूद यह मूल रूप से एक 'वैष्णव मंदिर' है, जिसके गर्भगृह में भगवान विष्णु की प्रतिमा और सिरदल पर शेषशायी विष्णु उत्कीर्ण हैं।
प्रश्न 4: [CGPSC Prelims] प्रसिद्ध चीनी बौद्ध यात्री ह्वेनसांग (Xuanzang) ने सिरपुर की ऐतिहासिक यात्रा किस वर्ष की थी?
- 620 ईस्वी
- 629 ईस्वी
- 639 ईस्वी
- 645 ईस्वी
उत्तर: 639 ईस्वी
व्याख्या: ह्वेनसांग ने 639 ईस्वी में महाशिवगुप्त बालार्जुन के शासनकाल में सिरपुर ('किया-लो-शंग-पो') की यात्रा की थी।
प्रश्न 5: [CG Vyapam Food Inspector] सिरपुर में बौद्ध धर्म के महायान संप्रदाय के प्रसिद्ध 'आनंद प्रभु कुटी विहार' का निर्माण किसके द्वारा कराया गया था?
- भिक्षु आनंद प्रभु द्वारा
- रानी वासटा द्वारा
- राजा तीवरदेव द्वारा
- नागार्जुन द्वारा
उत्तर: भिक्षु आनंद प्रभु द्वारा
व्याख्या: महाशिवगुप्त बालार्जुन के काल में बौद्ध संन्यासी आनंद प्रभु ने सिरपुर में 14 कमरों वाले भव्य बौद्ध विहार का निर्माण कराया था।
प्रश्न 6: [CGPSC State Engineering] सिरपुर के व्यापक पुरातात्विक उत्खनन का कार्य 2000 के दशक में किस मुख्य पुरातत्ववेत्ता के निर्देशन में संपन्न हुआ?
- डॉ. वाकणकर
- डॉ. अरुण कुमार शर्मा (A.K. Sharma)
- दयाराम साहनी
- रखालदास बनर्जी
उत्तर: डॉ. अरुण कुमार शर्मा (A.K. Sharma)
व्याख्या: पद्मश्री डॉ. अरुण कुमार शर्मा के निर्देशन में हुए उत्खनन से सिरपुर में भूमिगत बाजार, बौद्ध स्तूप और सुरंग टीला प्रकाश में आए।
प्रश्न 7: [CG Forest Exam] सिरपुर में स्थित 'सुरंग टीला' मूल रूप से किस स्थापत्य शैली और देवता का मंदिर समूह है?
- पंचायतन शैली का शिव मंदिर समूह
- द्रविड़ शैली का सूर्य मंदिर
- बेसर शैली का जैन तीर्थंकर मंदिर
- गुहा मंदिर
उत्तर: पंचायतन शैली का शिव मंदिर समूह
व्याख्या: सुरंग टीला एक विशाल ऊँचे चबूतरे पर निर्मित 7वीं शताब्दी का पंचायतन शैली का भव्य शिव मंदिर परिसर है।
प्रश्न 8: [CG Vyapam Patwari] सिरपुर में महानदी के तट पर स्थित वह कौन सा प्रसिद्ध मंदिर है जहाँ माघ पूर्णिमा पर विशाल मेला लगता है?
- कपिलेश्वर मंदिर
- गंधेश्वर महादेव मंदिर
- दूधाधारी मंदिर
- भोरमदेव मंदिर
उत्तर: गंधेश्वर महादेव मंदिर
व्याख्या: गंधेश्वर महादेव मंदिर महानदी के तट पर स्थित है, जिसमें प्राचीन प्रस्तर मूर्तियों और शिलालेखों का समृद्ध संग्रह है।
प्रश्न 9: [CGPSC Mains/Pre] पुरातात्विक दृष्टि से सिरपुर को किन प्रमुख धर्मों के शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व और संगम का स्थल माना जाता है?
- केवल शैव और वैष्णव
- केवल बौद्ध और जैन
- शैव, वैष्णव, बौद्ध एवं जैन धर्म का संगम
- केवल शाक्त और नाथ संप्रदाय
उत्तर: शैव, वैष्णव, बौद्ध एवं जैन धर्म का संगम
व्याख्या: सिरपुर में एक ही काल में हिंदू (शैव-वैष्णव), बौद्ध और जैन मंदिरों का निर्माण हुआ, जो सर्वधर्म समभाव का अनुपम वैश्विक उदाहरण है।
प्रश्न 10: [CGPSC Prelims] सिरपुर के उत्खनन में तांबे और कांस्य की बनी बुद्ध व बोधिसत्व प्रतिमाएं किस तकनीक से ढाली गई थीं?
- ढोकरा क्राफ्ट / मोम क्षय तकनीक (Lost-Wax Technique)
- रेत ढलाई तकनीक
- पत्थर तराशने की तकनीक
- काष्ठ शिल्प विधि
उत्तर: ढोकरा क्राफ्ट / मोम क्षय तकनीक (Lost-Wax Technique)
व्याख्या: सिरपुर से प्राप्त कांस्य प्रतिमाएं उच्च कोटि की लॉस्ट-वैक्स (Lost-Wax Casting) प्रविधि से निर्मित की गई थीं।
प्रश्न 11: [CGPSC SSE] सिरपुर के पांडु वंश (सोमवंश) का मूल संस्थापक या आदिपुरुष किसे माना जाता है?
- इंद्रबल
- उदयन
- नन्नराज प्रथम
- तीवरदेव
उत्तर: उदयन
व्याख्या: कालिंजर शिलालेख के अनुसार पांडु वंश का आदिपुरुष उदयन था, जबकि छत्तीसगढ़ में इस वंश को सशक्त रूप से इंद्रबल ने स्थापित किया।
प्रश्न 12: [CGPSC Prelims] छत्तीसगढ़ के किस पांडुवंशीय शासक ने संपूर्ण दक्षिण कोसल और उत्कल पर विजय प्राप्त कर 'सकलकोसलाधिपति' की उपाधि धारण की थी?
- महाशिवगुप्त बालार्जुन
- तीवरदेव
- हर्षगुप्त
- चंद्रगुप्त
उत्तर: तीवरदेव
व्याख्या: महाशिव तीवरदेव एक महान विजेता और वैष्णव मतानुयायी थे जिन्होंने राजिम और बालोद ताम्रपत्रों में स्वयं को 'सकलकोसलाधिपति' घोषित किया।
प्रश्न 13: [CG Vyapam RI] छत्तीसगढ़ के प्राचीन इतिहास में किस पांडुवंशी राजा के 57-60 वर्षों के शासनकाल को 'छत्तीसगढ़ का स्वर्ण काल' कहा जाता है?
- तीवरदेव
- हर्षगुप्त
- महाशिवगुप्त बालार्जुन
- नन्नराज द्वितीय
उत्तर: महाशिवगुप्त बालार्जुन
व्याख्या: महाशिवगुप्त बालार्जुन (लगभग 595-655 ई.) का काल कला, साहित्य, स्थापत्य, धार्मिक सहिष्णुता और आर्थिक समृद्धि का चरम काल था, जिसे छत्तीसगढ़ का स्वर्ण युग कहा जाता है।
प्रश्न 14: [CGPSC Prelims] सिरपुर के प्रसिद्ध ईंट-निर्मित लक्ष्मण मंदिर का निर्माण राजा हर्षगुप्त के मरणोपरांत उनकी स्मृति में किसने करवाया था?
- रानी वासटा देवी
- रानी सूर्यवती
- रानी प्रभावती
- रानी कमलावती
उत्तर: रानी वासटा देवी
व्याख्या: मगध के मौखरि राजा सूर्यवर्मन की पुत्री और हर्षगुप्त की विधवा रानी वासटा देवी ने अपने पति की स्मृति में सिरपुर के भव्य लक्ष्मण मंदिर का निर्माण शुरू कराया था।
प्रश्न 15: [CG Vyapam Patwari] पांडुवंशीय सम्राट महाशिवगुप्त को 'बालार्जुन' की ऐतिहासिक उपाधि क्यों प्रदान की गई थी?
- बचपन में युद्ध जीतने के कारण
- बाल्यकाल से ही अर्जुन के समान अद्वितीय धनुर्धर होने के कारण
- भगवान शिव के बाल रूप की पूजा करने के कारण
- अर्जुन वृक्ष के नीचे जन्म लेने के कारण
उत्तर: बाल्यकाल से ही अर्जुन के समान अद्वितीय धनुर्धर होने के कारण
व्याख्या: शिलालेखों के अनुसार वे बाल्यावस्था से ही धनुर्विद्या में महाभारत के अर्जुन के समान पारंगत थे, इसलिए उन्हें 'बालार्जुन' कहा गया।
प्रश्न 16: [CGPSC Assistant Registrar] महाशिवगुप्त बालार्जुन व्यक्तिगत रूप से किस धर्म के उपासक थे और उन्होंने कौन सी मुख्य उपाधि धारण की थी?
- वैष्णव धर्म ('परम भागवत')
- शैव धर्म ('परम माहेश्वर')
- बौद्ध धर्म ('बोधिसत्व')
- जैन धर्म ('परम जिन')
उत्तर: शैव धर्म ('परम माहेश्वर')
व्याख्या: बालार्जुन परम शिवभक्त ('परम माहेश्वर') थे, किंतु उनकी धार्मिक नीति इतनी उदार थी कि उन्होंने बौद्ध, वैष्णव और जैन तीनों मतों को समान राजकीय संरक्षण दिया।
प्रश्न 17: [CGPSC Mains/Pre] प्रसिद्ध 'सेनाकपाट शिलालेख' (Senakapat Inscription) किस पांडुवंशी राजा के काल और सेनापति से संबंधित है?
- तीवरदेव
- हर्षगुप्त
- महाशिवगुप्त बालार्जुन
- इंद्रबल
उत्तर: महाशिवगुप्त बालार्जुन
व्याख्या: सेनाकपाट अभिलेख महाशिवगुप्त बालार्जुन के समय का है, जिसमें उनके सामंत/सेनापति देवरक्षित द्वारा शिव मंदिर निर्माण का उल्लेख मिलता है।
प्रश्न 18: [CG Forest Exam] छत्तीसगढ़ में पांडु वंश के राजाओं के सबसे अधिक (27 से अधिक) ताम्रपत्र और शिलालेख किस अकेले शासक के प्राप्त हुए हैं?
- तीवरदेव
- महाशिवगुप्त बालार्जुन
- चंद्रगुप्त
- नन्नराज प्रथम
उत्तर: महाशिवगुप्त बालार्जुन
व्याख्या: छत्तीसगढ़ के इतिहास में सर्वाधिक ताम्रपत्र और अभिलेख (सिरपुर, मल्हार, बोंडा, बारद्वार आदि से) महाशिवगुप्त बालार्जुन के ही प्राप्त हुए हैं।
प्रश्न 19: [CG Vyapam ADEO] सिरपुर के पांडु वंश के राजाओं का राजचिह्न (राजकीय मुहर) क्या था?
- गरुड़ एवं चक्र
- गजलक्ष्मी एवं वृषभ
- मयूर
- वराह
उत्तर: गजलक्ष्मी एवं वृषभ
व्याख्या: वैष्णव मतानुयायी तीवरदेव के समय गरुड़ तथा शैव मतानुयायी बालार्जुन के समय नंदी (वृषभ) का अंकन राजकीय मुहरों पर पाया जाता है।
प्रश्न 20: [CGPSC Prelims] महाशिवगुप्त बालार्जुन के समकालीन बादामी के प्रतापी चालुक्य शासक कौन थे, जिनके एहोल अभिलेख में कोसल विजय का वर्णन है?
- पुलकेशिन प्रथम
- पुलकेशिन द्वितीय
- विक्रमादित्य प्रथम
- कीर्तिवर्मन
उत्तर: पुलकेशिन द्वितीय
व्याख्या: पुलकेशिन द्वितीय के प्रसिद्ध ऐहोल प्रशस्ति (रविकीर्ति द्वारा रचित) में दक्षिण कोसल और कलिंग विजय का उल्लेख मिलता है, जो बालार्जुन के समकालीन थे।