छत्तीसगढ़ का इतिहास: राजवंश, कलचुरी, मराठा व 10 जनजातीय विद्रोह (CG History) : CGPSC व व्यापम मास्टर कैप्सूल 2026

🎧
इस लेख को सुनें (शिक्षक वॉइस मोड) ⏱️ सुनने का समय: ~60 मिनट (7419 शब्द)

छत्तीसगढ़ का इतिहास (History of Chhattisgarh) : क्षेत्रीय राजवंश, कलचुरी प्रशासन, मराठा सूबा शासन एवं 10 जनजातीय विद्रोह

📝CGPSC (50 प्रश्न) व व्यापम: छत्तीसगढ़ इतिहास का सम्पूर्ण फास्ट रिवीजन निचोड़

मूल अवधारणा: ‘दक्षिण कोसल’ और ‘दण्डकारण्य’ की पावन ऐतिहासिक भूमि छत्तीसगढ़ का इतिहास वीरता, त्याग, विशिष्ट प्रशासनिक संरचना और जनजातीय अस्मिता के संघर्षों का गौरवशाली अध्याय है। प्राचीन काल में नल, शरभपुरीय और सोम वंश के स्वर्णकाल से लेकर, लगभग 900 वर्षों तक शासन करने वाले कलचुरी राजवंश की 18-18 गढ़ व्यवस्था, मराठों का सूबा शासन और अंग्रेजी हुकूमत के जल-जंगल-जमीन शोषण के विरुद्ध बस्तर के आदिवासियों द्वारा लड़े गए 10 ऐतिहासिक जनजातीय विद्रोह (हलबा 1774 से भूमकाल 1910) इस राज्य की पहचान हैं।

छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC राज्य सेवा प्रारंभिक परीक्षा – 50 प्रश्न / 100 अंक), छत्तीसगढ़ छात्रावास अधीक्षक भर्ती (20 अंक CG GK), CG पटवारी (15 अंक), अमीन एवं व्यापम की सभी संयुक्त भर्ती परीक्षाओं में अकेले इस अध्याय से प्रतिवर्ष 8 से 10 प्रश्न अनिवार्य रूप से पूछे जाते हैं। विशेष रूप से ’10 जनजातीय विद्रोहों की तालिका (वर्ष, नेतृत्वकर्ता, प्रतीक)’, ‘कलचुरी प्रशासन एवं कर व्यवस्था’, ‘मराठा सूबा शासन के 8 सूबेदार ट्रिक’ तथा ‘1857 की क्रांति (शहीद वीर नारायण सिंह)’ सबसे अधिक स्कोरिंग विषय हैं।

इतिहास के वृहद् पिलर अध्ययन हेतु हमारी छत्तीसगढ़ का सम्पूर्ण इतिहास मास्टर पिलर गाइड, भूगोल अध्ययन हेतु छत्तीसगढ़ का भूगोल पिलर गाइड तथा विगत वर्षों के साल्व्ड पेपर्स हेतु CGPSC Papers हब का अध्ययन अवश्य करें।

कंप्यूटर महा-अभियान के सभी 5 अध्यायों हेतु हमारे 500+ कंप्यूटर वन-लाइनर रिवीजन कैप्सूल पर जाएं।

विषय सूची [X]

प्रागैतिहासिक काल: छत्तीसगढ़ के प्रमुख शैलचित्र (Rock Art) एवं प्राचीन गुफाएँ

CGPSC Prelims में पाषाण काल और गुफा शैलचित्रों से सीधे प्रश्न पूछे जाते हैं। रायगढ़ जिले को ‘शैलचित्रों का गढ़’ कहा जाता है। प्रमुख पुरातात्विक शैलचित्र स्थलों की प्रामाणिक तालिका:

ℹ️💡 छत्तीसगढ़ के प्रमुख प्रागैतिहासिक शैलचित्र स्थल तालिका

गुफा / शैलचित्र स्थलजिला एवं खोजकर्ताप्रमुख शैलचित्र एवं कलाकृतियाँमुख्य परीक्षा बिंदु
1. सिंघनपुर की गुफारायगढ़ (खोजकर्ता: सी. डब्ल्यू. एंडरसन, 1910)सीढ़ीनुमा मानव आकृतियाँ, डंडेनुमा शिकारी, गहरे लाल रंग के पशु चित्र।छत्तीसगढ़ में खोजा गया सर्वप्रथम एवं सबसे प्राचीन शैलचित्र स्थल (पूर्व पाषाण काल)।
2. कबरा पहाड़रायगढ़ (खोजकर्ता: अमरनाथ दत्त, 1931)सांभर, चीतल, घड़ियाल, कछुआ, पहिया और कुल्हाड़ी के गेरुए रंग के चित्र।छत्तीसगढ़ में ‘सर्वाधिक शैलचित्रों’ वाला स्थल (मध्य पाषाण काल); यहाँ से पाषाण फलक भी मिले हैं।
3. चितवा डोंगरीबालोद / राजनांदगांव (खोजकर्ता: भगवान सिंह बघेल व रमेंद्र नाथ मिश्र)ड्रैगन जैसी आकृति, चीनी मुखौटे पहने व्यक्ति, कृषि और पशुपालन के दृश्य।उत्तर पाषाण काल का प्रसिद्ध शैलचित्र स्थल।
4. बोतलदा की गुफारायगढ़शैलचित्र एवं प्रागैतिहासिक मानव आवास।छत्तीसगढ़ की सबसे लंबी गुफा (Longest Cave) मानी जाती है।
5. कर्मागढ़ एवं ओंगनारायगढ़शिकार के सामूहिक दृश्य, नर्तक दल और पशु चित्र।धनपुर (गौरेला-पेंड्रा-मरवाही) के साथ उत्तर पाषाण कालीन स्थल।

1. प्राचीन एवं मध्यकालीन क्षेत्रीय राजवंश (Regional Dynasties of Chhattisgarh) : कालक्रम, राजधानी एवं सिक्के

छत्तीसगढ़ की धरती पर शासन करने वाले प्रमुख क्षेत्रीय राजवंशों से CGPSC में हर वर्ष 2 से 3 प्रश्न सीधे शासक, उनकी उपाधि और उनके द्वारा बनवाए गए ऐतिहासिक मंदिरों से पूछे जाते हैं। यदि आप गूगल पर छत्तीसगढ़ के प्राचीन राजवंश कालक्रम या नल वंश और शरभपुरीय वंश के शासक खोज रहे हैं, तो नीचे दी गई प्रामाणिक तालिका संपूर्ण है:

ℹ️💡 छत्तीसगढ़ के प्रमुख क्षेत्रीय राजवंश मास्टर तालिका

राजवंश का नामशासन काल एवं क्षेत्रराजधानी (Capital)संस्थापक एवं प्रमुख शासकऐतिहासिक निर्माण, सिक्के एवं परीक्षा बिंदु
1. राजर्षितुल्य कुल5वीं-6वीं सदी (आरंग क्षेत्र)आरंग (रायपुर)संस्थापक: सूरा; प्रमुख शासक: भीमसेन द्वितीयआरंग ताम्रपत्र (501 ई.) से जानकारी; छत्तीसगढ़ का प्रथम क्षेत्रीय राजवंश माना जाता है।
2. नल वंश4थी से 12वीं सदी (बस्तर / कोरापुट)पुष्करी (भोपालपटनम / कोरापुट)संस्थापक: शिशुक; प्रतापी शासक: वराहराज, भवदत्त वर्मन, विलासतुंगअड़ेगा (कोंडागांव) से वराहराज के 29 सोने के सिक्के मिले। विलासतुंग ने राजिम का प्रसिद्ध ‘राजीव लोचन मंदिर’ बनवाया। वाकाटकों से दीर्घकालिक संघर्ष।
3. शरभपुरीय वंश5वीं-6वीं सदी (महानदी घाटी)शरभपुर (बाद में प्रवरराज ने सिरपुर बनाई)संस्थापक: शरभराज; प्रतापी: प्रसन्नमात्र, प्रवरराज, सुदेवराजप्रसन्नमात्र ने ‘मल्हार’ (प्रसन्नपुर) नगर बसाया तथा गरुड़, शंख, चक्र छाप वाले सोने के सिक्के चलाए। तांबे के सिक्के जारी किए।
4. पाण्डु / सोम वंश (सिरपुर)6ठी-8वीं सदी (दक्षिण कोसल)सिरपुर (श्रीपुर)संस्थापक: उदयन / इंद्रबल; प्रतापी: महाशिवगुप्त बालार्जुनमहाशिवगुप्त बालार्जुन का काल (595-655 ई.) छत्तीसगढ़ का ‘स्वर्ण काल’ (Golden Era) कहलाता है। इनकी माता रानी वासटा ने सिरपुर का विश्वप्रसिद्ध ईंटों का ‘लक्ष्मण मंदिर’ बनवाया। चीनी यात्री ह्वेनसांग 639 ई. में सिरपुर आया।
5. बाण वंश9वीं सदी (कोरबा / पाली)पाली (बिलासपुर/कोरबा)संस्थापक: महामंडलेश्वर मल्लदेव; प्रतापी: विक्रमादित्य प्रथमराजा विक्रमादित्य ने पाली का प्रसिद्ध शिव मंदिर बनवाया (जिसका जीर्णोद्धार बाद में कलचुरी राजा जाजल्लदेव प्रथम ने कराया)।
6. छिंदक नागवंश11वीं से 14वीं सदी (चक्रकोट / बस्तर)बारसूर / चक्रकोट (बस्तर)संस्थापक: नृपति भूषण (1023 ई.); प्रतापी: सोमेश्वर देव प्रथम, कन्हरदेवकुलदेवी: माणिक्य देवी। बारसूर का बत्तीसा मंदिर, चंद्रादित्य मंदिर और विशाल गणेश प्रतिमा का निर्माण कराया। 1324 ई. में काकतीय वंश ने इन्हें समाप्त किया।
7. काकतीय वंश1324 से 1961 ई. (बस्तर)मंधौता ➔ बारसूर ➔ बस्तर ➔ जगदलपुरसंस्थापक: अन्नमदेव (वारंगल से आए); अंतिम: महाराजा प्रवीर चंद्र भंजदेवकुलदेवी: दंतेश्वरी माता (दंतेवाड़ा मंदिर)। बस्तर का प्रसिद्ध 75 दिनों का दशहरा इन्हीं के काल में प्रारंभ हुआ।

2. कलचुरी राजवंश (Kalchuri Dynasty) : रतनपुर एवं रायपुर शाखा, 18-18 गढ़ एवं प्रशासनिक व्यवस्था

छत्तीसगढ़ में सर्वाधिक दीर्घकाल (लगभग 1000 ईस्वी से 1741 ईस्वी तक – 900 से अधिक वर्ष) तक शासन करने वाला राजवंश कलचुरी राजवंश था। कलचुरी चेदि वंश की ‘हैहय’ शाखा से संबंधित थे और त्रिपुरी से छत्तीसगढ़ आए थे। CGPSC और व्यापम में कलचुरी कालीन 18-18 गढ़ और प्रशासनिक पदों से हर साल प्रश्न पूछे जाते हैं:

कलचुरी शासकों के प्रमुख ऐतिहासिक कीर्तिमान

✅कलचुरी राजवंश के प्रमुख शासक एवं उनके कार्य तालिका

शासक का नामशासन वर्ष एवं शाखाराजधानीऐतिहासिक कार्य एवं परीक्षा बिंदु
1. कलिंगराज1000 ईस्वी (रतनपुर शाखा)तुम्माण (कोरबा)छत्तीसगढ़ में कलचुरी वंश का वास्तविक संस्थापक। तुम्माण को पहली राजधानी बनाया और महिषासुर मर्दिनी मंदिर बनवाया।
2. रत्नदेव प्रथम1050 ईस्वीरतनपुर (बिलासपुर)1050 ई. में रतनपुर नगर बसाया और राजधानी तुम्माण से रतनपुर स्थानांतरित की। रतनपुर का प्रसिद्ध महामाया मंदिर बनवाया।
3. पृथ्वीदेव प्रथम1075 ईस्वीरतनपुर‘सकलकोसलाधिपति’ एवं ‘महामंडलेश्वर’ की उपाधि धारण की। तुम्माण का पृथ्वीदेवेश्वर शिव मंदिर बनवाया।
4. जाजल्लदेव प्रथम1114 ईस्वीरतनपुरत्रिपुरी के कलचुरियों की अधीनता अस्वीकार कर स्वतंत्र सिक्के चलाए। सिक्कों पर ‘श्रीमज्जाजल्लदेव’ व ‘गजशार्दुल’ (हाथी पर सवार सिंह) अंकित कराया। जांजगीर (जाजल्लपुर) नगर बसाया और विष्णु मंदिर (नकटामंदिर) बनवाया।
5. कल्याण साय1544-1581 ई.रतनपुरमुगल सम्राट अकबर/जहांगीर के दरबार में 8 वर्ष रहे। छत्तीसगढ़ में ‘जमाबंदी प्रणाली’ (राजस्व एवं 18-18 गढ़ व्यवस्था) की शुरुआत की। ‘तुजुक-ए-जहांगीरी’ में इनका उल्लेख है।
6. रामचंद्र देव / केशवदेव14वीं सदी (रायपुर शाखा)रायपुररायपुर की ‘लहुरी शाखा’ के संस्थापक। अपने पुत्र ब्रह्मदेव के नाम पर 1409 ई. में रायपुर नगर बसाया।
7. रघुनाथ सिंह1741 ईस्वीरतनपुररतनपुर के अंतिम कलचुरी शासक। 1741 में मराठा सेनापति भास्कर पंत ने आक्रमण कर इन्हें पराजित किया और अप्रत्यक्ष मराठा शासन शुरू हुआ।
8. अमर सिंह1750 ईस्वीरायपुररायपुर लहुरी शाखा के अंतिम शासक।

कलचुरी कालीन 18-18 गढ़ व्यवस्था एवं प्रशासनिक शब्दावली

कल्याण साय की जमाबंदी प्रणाली के अनुसार छत्तीसगढ़ राज्य शिवनाथ नदी के उत्तर (रतनपुर राज्य) और शिवनाथ नदी के दक्षिण (रायपुर राज्य) में 18-18 गढ़ों (कुल 36 गढ़) में विभाजित था, जिससे इस क्षेत्र का नाम ‘छत्तीसगढ़’ पड़ा:

💡💡 कलचुरी कालीन प्रशासनिक पद एवं कर व्यवस्था तालिका

प्रशासनिक पद / करतकनीकी कार्य एवं अधिकार क्षेत्रपरीक्षा हॉल सीधा प्रश्न
1. महाप्रमातृजमाबंदी एवं राजस्व अधिकारी (Revenue Officer)भूमि की पैमाइश और लगान निर्धारण करने वाला सर्वोच्च अधिकारी।
2. महासंधिविग्रहकविदेश मंत्री एवं रक्षा अधिकारीयुद्ध, शांति और दूसरे राज्यों से संधि/वार्ता करने वाला मंत्री।
3. महाप्रतिहारराजमहल का सुरक्षा अधिकारी (Chief of Royal Guards)राजप्रसाद की आंतरिक सुरक्षा एवं राजा से भेंट कराने वाला अधिकारी।
4. दीवानराजा का मुख्य प्रशासनिक सलाहकार / प्रधानमंत्री।संपूर्ण राज्य के प्रशासन का समन्वय करना।
5. दाऊ‘बारहहो’ (12 गांवों का समूह) का प्रमुख प्रशासनिक अधिकारी।स्थानीय राजस्व वसूली का दायित्व।
6. गोटिया (Gaontia)ग्राम का सर्वोच्च प्रमुख (Village Head)।ग्राम स्तर पर शांति व्यवस्था और मालगुजारी की वसूली।
7. कटका (Katka Tax)सैनिक कर (Military Tax)युद्ध के समय सेना के रखरखाव हेतु जनता से लिया जाने वाला विशेष कर।
8. सेवै (Sewai)जुर्माना एवं अर्थदंड (Fines)अपराधों पर राजा द्वारा लगाया जाने वाला आर्थिक दंड।
9. टाका (Taka)मुद्रा / सिक्काकलचुरी कालीन मानक मुद्रा।

3. मराठा शासन एवं सूबा व्यवस्था (Maratha Rule & Suba System : 1787 से 1818 ई.)

रतनपुर के कलचुरी शासक रघुनाथ सिंह को पराजित करने के बाद मराठों ने छत्तीसगढ़ पर अधिकार किया। 1758 से 1787 तक बिंबाजी भोंसले ने स्वतंत्र शासक की तरह प्रत्यक्ष शासन किया और रतनपुर में प्रसिद्ध रामटेक मंदिर बनवाया। 1787 में बिंबाजी की मृत्यु के बाद व्यंकोजी भोंसले ने नागपुर में रहते हुए छत्तीसगढ़ में ‘सूबा शासन प्रणाली’ (Suba System) लागू की, जिसमें नागपुर से नियुक्त ‘सूबेदार’ छत्तीसगढ़ की देखरेख करते थे।

छत्तीसगढ़ के 8 प्रमुख मराठा सूबेदारों का क्रमिक क्रम (Mnemonic Trick सहित)

CGPSC Prelims में हर साल पूछा जाता है कि छत्तीसगढ़ का प्रथम सूबेदार कौन था, परगना पद्धति किसने शुरू की और अंतिम सूबेदार कौन था:

ℹ️छत्तीसगढ़ के 8 मराठा सूबेदार क्रमिक तालिका (1787 से 1818 ई.)

सूबेदार का नामकार्यकाल (Period)ऐतिहासिक घटनाएँ एवं परीक्षा हॉल महत्वपूर्ण तथ्य
1. महिपत राव दिनकर1787 – 1790 ई.छत्तीसगढ़ के प्रथम मराठा सूबेदार। बिंबाजी की विधवा आनंदी बाई के साथ सत्ता संघर्ष चला। विदेशी यात्री फॉरेस्टर (1790 ई.) इनके काल में छत्तीसगढ़ आया।
2. विट्ठल राव दिनकर1790 – 1796 ई.व्यापम का 100% पक्का सवाल: छत्तीसगढ़ में ‘परगना पद्धति’ के जन्मदाता। इन्होंने पुरानी गढ़ व्यवस्था समाप्त कर पूरे राज्य को 27 परगनों में बाँटा। मिस्टर ब्लंट (1795) इनके काल में आया।
3. भवानी कालू1796 – 1797 ई.सबसे अल्पकालिक सूबेदार (मात्र कुछ महीनों का कार्यकाल)।
4. केशव गोविंद1797 – 1808 ई.सर्वाधिक दीर्घकालिक और सबसे लोकप्रिय सूबेदार। पिंडारियों के उपद्रव को शांत किया। ब्रिटिश यात्री कोलब्रुक (1799 ई.) इनके काल में रतनपुर आया।
5. बींबाजी गोपाल1808 – 1811 ई.पिंडारी आक्रमणों का दौर तीव्र हुआ।
6. बीकाजी गोपाल1811 – 1817 ई.ब्रिटिश सेना और नागपुर भोंसले के बीच तनाव का काल।
7. सखाराम हरि / सीताराम1817 ई.आंतरिक अशांति और विद्रोहों का काल।
8. यादव राव दिवाकर1817 – 1818 ई.छत्तीसगढ़ के अंतिम मराठा सूबेदार। 1818 में तृतीय आंग्ल-मराठा युद्ध के बाद छत्तीसगढ़ पर अंग्रेजों का सीधा नियंत्रण स्थापित हो गया।

याद रखने की 2-सेकंड ट्रिक: म – वि – भ – के – बी – बी – स – या (महिपत ➔ विट्ठल ➔ भवानी ➔ केशव ➔ बींबाजी ➔ बीकाजी ➔ सखाराम ➔ यादव राव)।

ब्रिटिश नियंत्रण काल (1818-1830 ई.) के प्रमुख अधीक्षक (Superintendents)

💡💡 ब्रिटिश अधीक्षकों के प्रमुख कार्य तालिका

  • कैप्टन एडमंड (1818 ई.): छत्तीसगढ़ के प्रथम ब्रिटिश अधीक्षक। इनके समय डोंगरगढ़ के जमींदार का विद्रोह हुआ।
  • कैप्टन पी. वांस एगन्यू (1818-1825 ई.): सर्वाधिक महत्वपूर्ण अधीक्षक। इन्होंने 1818 ईस्वी में छत्तीसगढ़ की राजधानी रतनपुर से हटाकर ‘रायपुर’ स्थानांतरित की। परगनों की संख्या 27 से घटाकर 8 की। परलकोट विद्रोह (1825) इन्हीं के समय हुआ।
  • कैप्टन सैंडिस (1825-1828 ई.): बस्तर व करौंद विवाद सुलझाया; अंग्रेजी तारीखों का प्रयोग शुरू कराया।
  • कैप्टन क्रॉफर्ड (1828-1830 ई.): अंतिम ब्रिटिश अधीक्षक, जिन्होंने 1830 में सत्ता वापस रघुजी तृतीय को सौंप दी (पुनः भोंसले शासन)।

4. छत्तीसगढ़ के 10 ऐतिहासिक जनजातीय विद्रोह (Ten Tribal Revolts of Bastar : 1774 से 1910 ई.)

बस्तर को ‘जनजातियों की भूमि’ कहा जाता है। जब अंग्रेजों और मराठों ने बस्तर के आदिवासियों के पारंपरिक जल-जंगल-जमीन, संस्कृति और स्वायत्तता पर आघात किया, तो बस्तर में 1774 से 1910 तक 10 महान जनजातीय विद्रोह फूटे। यदि आप गूगल पर छत्तीसगढ़ के जनजातीय विद्रोह की तालिका, भूमकाल विद्रोह 1910 के नायक या परलकोट विद्रोह का प्रतीक खोज रहे हैं, तो नीचे दी गई अमर मास्टर तालिका आपकी परीक्षा के 3 से 4 अंक 100% पक्के करेगी:

✅बस्तर के 10 ऐतिहासिक जनजातीय विद्रोह सम्पूर्ण मास्टर तालिका (1774 से 1910 ई.)

क्र.विद्रोह का नाम एवं वर्षतत्कालीन बस्तर शासकनेतृत्वकर्ता (विद्रोही नायक)विद्रोह का प्रतीक चिह्नमुख्य कारण एवं दमनकर्ता
1हलबा विद्रोह(1774 – 1779 ई.)राजा दलपत देव / दरियाव देवअजमेर सिंह (क्रांति का मसीहा)–बस्तर का प्रथम ऐतिहासिक विद्रोह; राजा दलपत देव के पुत्रों (अजमेर सिंह vs दरियाव देव) में उत्तराधिकार संघर्ष। परिणाम: 6 अप्रैल 1778 की ‘कोटपाड़ की संधि’ द्वारा बस्तर पहली बार मराठों के अधीन हुआ।
2भोपालपटनम संघर्ष(1795 ई.)राजा दरियाव देवबस्तर के गोंड एवं कोया आदिवासी–ब्रिटिश अधिकारी कैप्टन ब्लंट को बस्तर में प्रवेश करने से रोकने हेतु तीरों की बौछार कर इंद्रावती नदी पार करने नहीं दिया। “ब्लंट को बैरंग लौटना पड़ा।”
3परलकोट विद्रोह(1825 ई.)राजा महिपाल देवगेंद सिंह (परलकोट के जमींदार)धावड़ा वृक्ष की टहनी (प्रतीक)अबूझमाड़ियों को शोषण से मुक्त कराना और ‘अबूझमाड़ को स्वतंत्र’ बनाना। दमनकर्ता: कैप्टन पेवे। 20 जनवरी 1825 को गेंद सिंह को परलकोट महल के सामने फांसी दी गई (बस्तर के प्रथम शहीद)।
4तारापुर विद्रोह(1842 – 1854 ई.)राजा भूपाल देवदलगंजन सिंह (भूपाल देव के भाई)–मराठों और अंग्रेजों द्वारा आदिवासियों पर अत्यधिक कर (टैक्स) लादने और दीवान जगबंधु के अत्याचार के विरोध में। दमनकर्ता: मेजर विलियम्स।
5मेरिया विद्रोह(1842 – 1863 ई.)राजा भूपाल देव एवं भैरमदेवहिड़मा मांझी–दंतेश्वरी मंदिर में प्रचलित ‘नरबलि प्रथा’ (मेरिया प्रथा) को समाप्त करने के ब्रिटिश प्रयासों और धार्मिक हस्तक्षेप के विरुद्ध 22 वर्षों तक चला लंबा विद्रोह। दमनकर्ता: कैप्टन कैंपबेल।
6लिंगागिरी विद्रोह(1856 – 1857 ई.)राजा भैरमदेवधुर्वाराम माड़िया (तालुकदार)–1857 की महान क्रांति के समानांतर बस्तर का मुक्ति संग्राम। बस्तर को अंग्रेजों से मुक्त कराने का संकल्प। 5 मार्च 1856 को धुर्वाराम को फांसी दी गई (बस्तर के दूसरे शहीद)।
7कोई विद्रोह(1859 ई.)राजा भैरमदेवनागुल दोरला (दोर्ला जनजाति), रामभोई–‘साल वृक्षों के अवैध कटाव’ के विरोध में प्रथम पर्यावरण आंदोलन। अमर नारा: “एक साल वृक्ष के पीछे एक मानव सिर कटेगा!” ब्रिटिश ठेकेदारों को साल काटने से रोका।
8मुरिया विद्रोह(1876 ई.)राजा भैरमदेवझाड़ा सिरहाआम वृक्ष की टहनी (संदेश वाहक)अंग्रेजों के पिट्ठू दीवान गोपीनाथ कपरदार के अत्याचार और बस्तर राजा को घेरने के विरुद्ध। 2 मार्च 1876 को जगदलपुर घेराव। शांति समझौता: ब्रिटिश अधिकारी मैकजॉर्ज की मध्यस्थता में मुरिया दरबार (8 मार्च 1876) लगा।
9रानी चोरेस का विद्रोह(1878 – 1882 ई.)राजा भैरमदेवरानी जुगराज कुंवर (भैरमदेव की प्रथम पत्नी)–राजा भैरमदेव के ब्रिटिश समर्थक फैसलों के विरुद्ध रानी द्वारा बस्तर के इतिहास का एकमात्र नारीवादी सशस्त्र विद्रोह।
10भूमकाल विद्रोह(1910 ई. – सर्वाधिक भीषण)राजा रुद्रप्रताप देवगुंडाधूर (नेता नार के धुर्वा जमींदार) एवं लाल कालेंद्र सिंह, रानी सुवर्ण कुंवरलाल मिर्च, आम की टहनी, मिट्टी का ढेला और धनुष-बाणवनोपज पर प्रतिबंध, शराब बनाने पर रोक, और दीवान बैजनाथ पंडा के अत्याचार के विरुद्ध। नारा: “बस्तर बस्तरवासियों का है!” दमनकर्ता: मिस्टर गेयर और कैप्टन डिब्रेट। गुंडाधूर कभी पकड़े नहीं गए।

5. 1857 की क्रांति एवं स्वतंत्रता संग्राम : छत्तीसगढ़ के अमर शहीद एवं सिपाही विद्रोह

1857 की महान क्रांति में छत्तीसगढ़ की वीर धरा ने अंग्रेजी हुकूमत की चूलें हिला दी थीं। यदि आप गूगल पर छत्तीसगढ़ के प्रथम शहीद कौन हैं, सोनाखान विद्रोह 1857 या छत्तीसगढ़ का मंगल पांडे किसे कहा जाता है खोज रहे हैं, तो नीचे दी गई प्रामाणिक तालिका CGPSC और व्यापम के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण है:

✅1857 की क्रांति: छत्तीसगढ़ के प्रमुख स्वतंत्रता सेनानी एवं क्रांति केंद्र तालिका

शहीद / क्रांतिकारी नायकविद्रोह का केंद्रऐतिहासिक घटना एवं शहादतउपाधि एवं परीक्षा हॉल विशेष तथ्य
1. शहीद वीर नारायण सिंहसोनाखान (बलौदाबाजार)बिंझवार जनजाति के जमींदार। 1856 के अकाल में माखन बनिया का गोदाम लूटकर गरीबों में अनाज बांटा। कैप्टन स्मिथ ने सेना के साथ सोनाखान को घेरा। 10 दिसंबर 1857 को रायपुर के ‘जयस्तंभ चौक’ पर सार्वजनिक रूप से फांसी दी गई।“छत्तीसगढ़ के प्रथम स्वतंत्रता सेनानी एवं 1857 की क्रांति के प्रथम शहीद।” (इनके सम्मान में ‘शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम’ नवा रायपुर है)।
2. हनुमान सिंहरायपुर (तीसरी रेजीमेंट)18 जनवरी 1858 को तीसरी रेजीमेंट के मैगजीन लश्कर हनुमान सिंह ने अपने साथियों के साथ ब्रिटिश मेजर सिडवेल (Major Sidwell) की तलवार से हत्या कर सैन्य विद्रोह का बिगुल फूंका। वे फरार हो गए और कभी पकड़े नहीं गए।“छत्तीसगढ़ का मंगल पांडे” (इनके 17 विद्रोही साथियों को 22 जनवरी 1858 को रायपुर में सार्वजनिक फांसी दी गई)।
3. वीर सुरेंद्र सायसंबलपुर (मूलतः छत्तीसगढ़ क्षेत्र)1857 से 1864 तक अंग्रेजों के विरुद्ध छापामार युद्ध लड़ा। 1864 में पकड़े गए और मध्य प्रदेश के ‘असीरगढ़ किले’ में कैद रखा गया, जहाँ 28 फरवरी 1884 को वीरगति पाई।“1857 की क्रांति की अंतिम मशाल / शहीद।”
4. कल्याण सिंह एवं राजा देवीसिंहउदयपुर रियासत (धर्मजयगढ़)1857 की क्रांति में उदयपुर रियासत के राजकुमारों ने ब्रिटिश सत्ता के विरुद्ध सशस्त्र विद्रोह किया।अंग्रेजों ने रियासत जब्त कर ली।

1942 भारत छोड़ो आंदोलन : रायपुर षड्यंत्र केस, डायनामाइट कांड एवं वानर सेना

1942 के ‘करो या मरो’ आंदोलन के दौरान छत्तीसगढ़ में घटी 3 अमर क्रांतिकारी घटनाएँ जो परीक्षाओं में बार-बार पूछी जाती हैं:

💡💡 1942 भारत छोड़ो आंदोलन: छत्तीसगढ़ की 3 प्रमुख क्रांतिकारी घटनाएँ तालिका

ऐतिहासिक घटनावर्ष एवं प्रमुख सूत्रधार (नायक)घटना का वास्तविक स्वरूपऐतिहासिक परिणाम एवं परीक्षा बिंदु
1. रायपुर षड्यंत्र केस (Raipur Conspiracy Case)1942 ई. (परसराम सोनी)परसराम सोनी, सुधीर मुखर्जी और साथियों ने ब्रिटिश सत्ता को उखाड़ फेंकने हेतु गोपनीय रूप से बम, रिवाल्वर और गोलियाँ बनाने का कारखाना स्थापित किया।साथी शिवनंदन की मुखबिरी (गद्दारी) के कारण पकड़े गए। बैरिस्टर छेदीलाल ने मुकदमा लड़ा।
2. रायपुर डायनामाइट कांड (Dynamite Case)1942 ई. (बिलख नारायण अग्रवाल)बिलख नारायण अग्रवाल, ईश्वरी चरण शुक्ल, जयनारायण पांडे और साथियों ने रायपुर केंद्रीय जेल में बंद राष्ट्रीय नेताओं को छुड़ाने हेतु जेल की दीवार को डायनामाइट से उड़ाने की साहसिक योजना बनाई।साथी अविनाश कलीराम की गद्दारी के कारण योजना समय से पूर्व उजागर हो गई।
3. रायपुर वानर सेना1930 एवं 1942 (बलिराम आज़ाद)बलिराम दुबे (‘आज़ाद’) के नेतृत्व में स्कूली बच्चों और बालकों की एक अनुशासित टोली (वानर सेना) बनाई गई, जिसने पर्चे बांटने, तिरंगा फहराने और गुप्त सूचनाएं पहुँचाने का काम किया।क्रांति में बच्चों की संगठित सहभागिता।

बिलासपुर में तिरंगा: 1942 में बिलासपुर टाउन हॉल पर क्रांतिकारी क्रांति कुमार भारतीय ने ब्रिटिश पुलिस के सामने निडरता से तिरंगा फहराया था।

6. सविनय अवज्ञा आंदोलन (1930) : छत्तीसगढ़ के 8 ऐतिहासिक ‘जंगल सत्याग्रह’

महात्मा गांधी के सविनय अवज्ञा आंदोलन (1930) के दौरान जब तटीय राज्यों में ‘नमक कानून’ तोड़ा जा रहा था, तब भू-आवेष्ठित (Landlocked) छत्तीसगढ़ में आदिवासियों और किसानों ने अंग्रेजी वन कानूनों को तोड़कर ‘जंगल सत्याग्रह’ किया। CGPSC Prelims में जंगल सत्याग्रह के स्थल और नेतृत्वकर्ता से हर वर्ष प्रश्न पूछा जाता है:

ℹ️छत्तीसगढ़ के प्रमुख जंगल सत्याग्रह (1922 से 1930 ई.) मास्टर तालिका

सत्याग्रह का नाम एवं जिलाआयोजन माह व वर्षनेतृत्वकर्ता (प्रमुख नायक)ऐतिहासिक घटना एवं परीक्षा बिंदु
1. सिहावा-नगरी जंगल सत्याग्रहजनवरी 1922 ई. (धमतरी)श्यामलाल सोम, पंचम सिंह, विशंभर पटेलछत्तीसगढ़ का प्रथम ऐतिहासिक जंगल सत्याग्रह। बेगार प्रथा और वन प्रवेश निषेध के विरुद्ध।
2. गट्टासिली जंगल सत्याग्रहजून 1930 ई. (धमतरी)बाबू छोटेलाल श्रीवास्तव, नारायण राव मेघावालेवनोपज घास काटने को लेकर। पुलिस ने सत्याग्रहियों पर खौलता हुआ गर्म पानी छिड़का, किंतु वे अडिग रहे।
3. रुद्री-नवागांव जंगल सत्याग्रहअगस्त 1930 ई. (धमतरी)बाबू छोटेलाल श्रीवास्तव, नत्थूजी जगतापपुलिस ने क्रूरतापूर्वक गोलीबारी की, जिसमें मिंधु कुम्हार और मिथरू कुर्मी शहीद हुए (रुद्री गोलीकांड)।
4. तमोरा जंगल सत्याग्रहसितंबर 1930 ई. (महासमुंद)यति यतनलाल, शंकरराव गनोदवालेऐतिहासिक बालिका दयावती: 16 वर्षीय वीरांगना दयावती ने अंग्रेजी अधिकारी (SDM) को थप्पड़ जड़ दिया था।
5. लभरा जंगल सत्याग्रहसितंबर 1930 ई. (महासमुंद)अरि मर्दन गिरिआदिवासियों का विशाल संगठित वन सत्याग्रह।
6. पोड़ी / सीपत जंगल सत्याग्रहअक्टूबर 1930 ई. (बिलासपुर)रामाधार दुबेसीपत क्षेत्र में ग्रामीणों द्वारा सरकारी घास काटकर कानून तोड़ना।
7. मोहबना-पौड़ी जंगल सत्याग्रहअक्टूबर 1930 ई. (दुर्ग)नरसिंह प्रसाद अग्रवालदुर्ग जिले का प्रसिद्ध वन कानून विरोधी सत्याग्रह।
8. बांधाखार जंगल सत्याग्रह1930 ई. (कोरबा)मनोहर लाल तिवारीकोरबा क्षेत्र में आदिवासियों का वनाधिकार आंदोलन।

छत्तीसगढ़ की 14 देशी रियासतें (Princely States) एवं 1 जनवरी 1948 का ऐतिहासिक विलय

स्वतंत्रता प्राप्ति के समय छत्तीसगढ़ में कुल 14 देशी रियासतें थीं। सरदार वल्लभभाई पटेल के मार्गदर्शन में पंडित रविशंकर शुक्ल के प्रयासों से 1 जनवरी 1948 को इन सभी 14 रियासतों का भारतीय संघ (मध्य प्रांत एवं बरार) में आधिकारिक विलय हुआ:

✅छत्तीसगढ़ की 14 देशी रियासतें मास्टर परीक्षा तालिका

रियासत का नामराजवंश / कुलअंतिम शासक (हस्ताक्षरकर्ता)परीक्षा हॉल विशेष तथ्य एवं रिकॉर्ड
1. बस्तर (Bastar)काकतीय (चालुक्य)महाराजा प्रवीर चंद्र भंजदेवक्षेत्रफल की दृष्टि से छत्तीसगढ़ की ‘सबसे बड़ी रियासत’ (Largest)।
2. सक्ती (Sakti)गोंड राजवंशराजा लीलाधर सिंहक्षेत्रफल की दृष्टि से छत्तीसगढ़ की ‘सबसे छोटी रियासत’ (Smallest)।
3. खैरागढ़ (Khairagarh)नागवंशराजा बीरेन्द्र बहादुर सिंहविलय पत्र पर हस्ताक्षर करने वाली ‘सर्वप्रथम रियासत’। इन्होंने बाद में एशिया का प्रथम ‘इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय’ (1956) दान में दिया।
4. सरगुजा (Surguja)रक्षेल राजवंशमहाराजा रामानुज शरण सिंहदेवउत्तर छत्तीसगढ़ की सबसे बड़ी और समृद्ध रियासत।
5. राजनांदगांवबैरागी राजवंशमहंत दिग्विजय दास‘नांदगांव रियासत’; महंत दिग्विजय दास ने ‘स्टेट हाई स्कूल’ की स्थापना की थी।
6. रायगढ़ (Raigarh)गोंड राजवंशराजा ललित सिंह‘संगीत सम्राट’ राजा चक्रधर सिंह (कथक एवं तबला मर्मज्ञ) की प्रसिद्ध कर्मभूमि।
7. कांकेर (Kanker)सोम / कंडरा वंशराजा भानुप्रताप देवदक्षिण छत्तीसगढ़ की प्राचीन रियासत।
8. जशपुर (Jashpur)सूर्यवंशी निकुंभराजा विजय भूषण सिंहदेववनों और झरनों से आच्छादित उत्तरी रियासत।
9. कवर्धा (Kawardha)राजगोण्ड वंशराजा धर्मराज सिंहभोरमदेव मंदिर का ऐतिहासिक क्षेत्र।
10. छुईखदानबैरागी कुलमहंत रितुपर्ण किशोर दासराजनांदगांव क्षेत्र की छोटी रियासत।
11. सारंगढ़गोंड राजवंशराजा नरेश चंद्र सिंहराजा नरेश चंद्र सिंह बाद में मध्य प्रदेश के प्रथम आदिवासी मुख्यमंत्री बने।
12. कोरिया (Koriya)चौहान राजवंशराजा रामानुज प्रताप सिंहदेवभारत में विलुप्त हुए अंतिम चीते का शिकार 1947 में इसी रियासत में हुआ था।
13. चांगभखारचौहान राजवंशराजा कृष्ण प्रताप सिंहदेवछत्तीसगढ़ की सुदूर उत्तर-पश्चिमी छोटी रियासत (जनकपुर/भरतपुर)।
14. उदयपुरचंद्रवंशी राजपूतराजा चंद्रचूड़ प्रसाद सिंहदेवधर्मजयगढ़ (रायगढ़) क्षेत्र की रियासत।

परीक्षा हॉल 5-सेकंड ‘छत्तीसगढ़ का इतिहास’ एलिमिनेशन सीक्रेट कोड

CGPSC Prelims और व्यापम परीक्षाओं में जब 4 विकल्प बहुत मिलते-जुलते हों, तो इस 2-कॉलम एलिमिनेशन कोड की मदद से मात्र 5 सेकंड में सही उत्तर पहचानें:

🔥🎯 छत्तीसगढ़ का इतिहास: ग्रीन सिग्नल vs रेड सिग्नल कोड

ग्रीन सिग्नल शब्द (100% सही उत्तर ✅)रेड सिग्नल शब्द (देखते ही काटें ❌)
छत्तीसगढ़ के प्रथम शहीद = वीर नारायण सिंह (10 Dec 1857)प्रथम शहीद गेंद सिंह चुनना (गेंद सिंह ‘बस्तर’ के प्रथम शहीद हैं)
बस्तर के प्रथम शहीद = गेंद सिंह (परलकोट विद्रोह 1825)बस्तर का प्रथम शहीद गुंडाधूर को मानना (गुंडाधूर 1910 में थे)
छत्तीसगढ़ का मंगल पांडे = हनुमान सिंह (1858)छत्तीसगढ़ का मंगल पांडे वीर नारायण सिंह को चुनना
कलचुरी वंश संस्थापक = कलिंगराज (राजधानी: तुम्माण)संस्थापक रत्नदेव प्रथम मानना (रत्नदेव ने रतनपुर बसाया था)
रतनपुर संस्थापक = रत्नदेव प्रथम (1050 ईस्वी)रतनपुर की स्थापना कलिंगराज द्वारा मानना
जमाबंदी प्रणाली (18-18 गढ़) = कल्याण साय18-18 गढ़ व्यवस्था जाजल्लदेव प्रथम द्वारा मानना
परगना पद्धति के जन्मदाता = विट्ठल राव दिनकर (27 परगने)परगना पद्धति महिपत राव द्वारा शुरू की गई मानना
राजधानी रतनपुर से रायपुर = कैप्टन एगन्यू (1818 ई.)राजधानी परिवर्तन कैप्टन एडमंड द्वारा मानना
कोई विद्रोह (1859) = नागुल दोरला (साल वृक्षों की रक्षा)कोई विद्रोह को नरबलि प्रथा से जोड़ना (नरबलि = मेरिया विद्रोह)
भूमकाल विद्रोह 1910 = गुंडाधूर (प्रतीक: लाल मिर्च व आम टहनी)भूमकाल विद्रोह 1876 में मानना (1876 में मुरिया विद्रोह था)

7. कक्षा परिदृश्य शब्दकोश: 20 छत्तीसगढ़ इतिहास परीक्षा परिदृश्य व सही उत्तर

CGPSC Prelims और व्यापम परीक्षाओं में छत्तीसगढ़ के इतिहास पर पूछे जाने वाले 20 सबसे जटिल, तथ्यात्मक और बार-बार आने वाले परिदृश्य:

💡20 परीक्षा परिदृश्य vs सही ऐतिहासिक समाधान तालिका

परीक्षा परिदृश्य / पूछा जाने वाला प्रश्नपरीक्षा का गलत विकल्प (Trap ❌)100% सही प्रामाणिक उत्तर (Answer ✅)
1. छत्तीसगढ़ का ‘स्वर्ण काल’ (Golden Age) किस राजवंश और शासक का काल कहलाता है?कलचुरी काल चुननापाण्डु / सोम वंश के ‘महाशिवगुप्त बालार्जुन’ का काल (595-655 ई.)
2. राजिम के प्रसिद्ध ‘राजीव लोचन मंदिर’ का निर्माण किस नलवंशीय शासक ने कराया था?भवदत्त वर्मन चुननानलवंशीय राजा ‘विलासतुंग’ (8वीं सदी) ने
3. सिरपुर के प्रसिद्ध ईंटों के ‘लक्ष्मण मंदिर’ का निर्माण किसने कराया था?महाशिवगुप्त बालार्जुन चुननाबालार्जुन की माता ‘रानी वासटा’ ने (अपने पति हर्षगुप्त की स्मृति में)
4. चीनी यात्री ह्वेनसांग ने किस वर्ष सिरपुर (कियालो) की यात्रा की थी?629 ईस्वी चुनना‘639 ईस्वी’ में (महाशिवगुप्त बालार्जुन के शासनकाल में)
5. छत्तीसगढ़ में सोने के सिक्के चलाने वाला प्रथम कलचुरी शासक कौन था?कलिंगराज या रत्नदेव चुनना‘जाजल्लदेव प्रथम’ (सिक्कों पर श्रीमज्जाजल्लदेव व गजशार्दुल अंकित था)
6. रायपुर नगर की स्थापना किस कलचुरी शासक ने अपने पुत्र के नाम पर की थी?ब्रह्मदेव चुनना‘रामचंद्र देव’ ने (1409 ई. में पुत्र ब्रह्मदेव राय के नाम पर)
7. छत्तीसगढ़ में मराठों के ‘सूबा शासन’ का प्रथम और अंतिम सूबेदार कौन था?विट्ठल राव व बिंबाजी चुननाप्रथम: ‘महिपत राव दिनकर’ ; अंतिम: ‘यादव राव दिवाकर’
8. छत्तीसगढ़ की राजधानी रतनपुर से हटाकर रायपुर किस वर्ष और किसने की?1854 में डलहौजी चुननावर्ष ‘1818 ईस्वी’ में ब्रिटिश अधीक्षक ‘कैप्टन एगन्यू’ ने
9. बस्तर का प्रथम जनजातीय विद्रोह कौन सा था और इसका क्या परिणाम हुआ?परलकोट विद्रोह चुनना‘हलबा विद्रोह’ (1774-1779) — कोटपाड़ संधि (1778) से बस्तर मराठों के अधीन हुआ
10. परलकोट विद्रोह (1825) के नायक गेंद सिंह को किस तिथि को फांसी दी गई?10 दिसंबर चुनना’20 जनवरी 1825′ को (परलकोट महल के सामने – बस्तर के प्रथम शहीद)
11. बस्तर में प्रचलित ‘नरबलि प्रथा’ (दंतेश्वरी मंदिर) के विरोध में कौन सा विद्रोह हुआ था?तारापुर या कोई चुनना‘मेरिया विद्रोह’ (1842-1863 ई. – नेतृत्व: हिड़मा मांझी)
12. “एक साल वृक्ष के पीछे एक सिर कटेगा” का अमर नारा किस विद्रोह में दिया गया?चिपको आंदोलन चुनना‘कोई विद्रोह’ (1859 ई. – नेतृत्व: नागुल दोरला)
13. बस्तर के प्रसिद्ध ‘मुरिया विद्रोह’ (1876) का प्रतीक चिह्न क्या था?लाल मिर्च चुनना‘आम वृक्ष की टहनी’ (नेतृत्व: झाड़ा सिरहा)
14. 1910 के भीषण ‘भूमकाल विद्रोह’ के मुख्य सूत्रधार कौन थे?गेंद सिंह चुनना‘गुंडाधूर’ (नेता नार के धुर्वा जमींदार) एवं लाल कालेंद्र सिंह
15. भूमकाल विद्रोह (1910) का गुप्त संदेश वाहक प्रतीक चिह्न क्या था?कमल और रोटी चुनना‘लाल मिर्च, आम की टहनी, मिट्टी का ढेला और धनुष-बाण’
16. शहीद वीर नारायण सिंह को किस अंग्रेज अधिकारी ने गिरफ्तार किया था?मेजर सिडवेल चुनना‘कैप्टन सी.बी. स्मिथ’ (Captain Smith) ने
17. रायपुर के ब्रिटिश सार्जेंट मेजर सिडवेल की हत्या किसने की थी?वीर नारायण सिंह चुननामैगजीन लश्कर ‘हनुमान सिंह’ ने (18 जनवरी 1858)
18. छत्तीसगढ़ का प्रथम जंगल सत्याग्रह कौन सा था और कब हुआ?रुद्री-नवागांव 1930 चुनना‘सिहावा-नगरी जंगल सत्याग्रह’ (जनवरी 1922 ई., धमतरी)
19. किस जंगल सत्याग्रह में 16 वर्षीय बालिका दयावती ने अंग्रेज अधिकारी को थप्पड़ मारा?गट्टासिली चुनना‘तमोरा जंगल सत्याग्रह’ (सितंबर 1930 ई., महासमुंद)
20. रुद्री-नवागांव जंगल सत्याग्रह में पुलिस की गोलीबारी में कौन शहीद हुए थे?छोटेलाल श्रीवास्तव चुनना‘मिंधु कुम्हार एवं मिथरू कुर्मी’ (अगस्त 1930 ई.)

8. मास्टर तालिका: छत्तीसगढ़ के इतिहास की 50+ महत्वपूर्ण संकल्पनाएँ

विगत 15 वर्षों के CGPSC (राज्य सेवा परीक्षा) एवं CG Vyapam से संकलित 50 सबसे महत्वपूर्ण ऐतिहासिक पद, शासक, उपाधियाँ और अमर परीक्षा तथ्य:

✅छत्तीसगढ़ का इतिहास 3-कॉलम मास्टर तालिका

ऐतिहासिक पद / घटनासंबंधित शासक / राजवंश / वर्षमुख्य परीक्षा तथ्य एवं विश्लेषण
दक्षिण कोसल (Dakshin Kosala)प्राचीन छत्तीसगढ़ का नामरामायण कालीन नाम; राजधानी ‘कुशावती’ (श्रीराम के पुत्र कुश का राज्य)
दण्डकारण्य (Dandakaranya)बस्तर क्षेत्र का पौराणिक नामरामायण में वनवास काल का दंडक वन; रावण के सेनापति खर-दूषण का क्षेत्र
आरंग ताम्रपत्र (501 ई.)राजर्षितुल्य कुल (भीमसेन II)छत्तीसगढ़ के प्रथम ज्ञात क्षेत्रीय राजवंश का प्रामाणिक लिखित साक्ष्य
अड़ेगा ताम्रमुद्रा (कोंडागांव)नल वंश (वराहराज)नल राजा वराहराज के 29 स्वर्ण सिक्के; बस्तर में नल वंश का प्रभुत्व
राजीव लोचन मंदिर (राजिम)नल वंश (राजा विलासतुंग)पंचायतन शैली का भगवान विष्णु मंदिर; 8वीं सदी में निर्मित
मल्हार (प्रसन्नपुर)शरभपुरीय वंश (प्रसन्नमात्र)निडिला नदी के तट पर गरुड़-शंख-चक्र छाप सिक्कों वाले राजा द्वारा बसाया गया
लक्ष्मण मंदिर (सिरपुर)पाण्डु वंश (रानी वासटा)भारत का सर्वश्रेष्ठ लाल ईंटों से निर्मित मंदिर; विष्णु मंदिर
गंधेश्वर महादेव मंदिरसिरपुर (महानदी तट)सिरपुर का प्रसिद्ध शिव मंदिर जहाँ विभिन्न धर्मों का संगम दिखता है
कियालो (Kia-lo)ह्वेनसांग का यात्रा वृत्तांत639 ई. में चीनी यात्री ह्वेनसांग ने दक्षिण कोसल को ‘कियालो’ नाम दिया
पाली का शिव मंदिरबाण वंश (विक्रमादित्य प्रथम)कोरबा के पाली में स्थित 9वीं सदी का नक्काशीदार शिव मंदिर
बत्तीसा मंदिर (बारसूर)छिंदक नागवंश32 खंभों पर टिका दो गर्भगृह वाला अनोखा शिव मंदिर
मामा-भांचा मंदिर (बारसूर)छिंदक नागवंशशिल्पकार मामा और भांजे द्वारा एक ही दिन में निर्मित प्रसिद्ध मंदिर
दंतेश्वरी माता मंदिरकाकतीय वंश (अन्नमदेव, 1324)शंखिनी और डंकिनी नदी के संगम पर स्थापित बस्तर की अधिष्ठात्री देवी
तुम्माण (कोरबा)कलचुरी वंश की प्रथम राजधानीकलिंगराज द्वारा 1000 ई. में स्थापित प्रशासनिक केंद्र
महामाया मंदिर (रतनपुर)कलचुरी वंश (रत्नदेव प्रथम, 1050)51 शक्तिपीठों में शामिल प्रसिद्ध देवी मंदिर
गजशार्दुल उपाधिकलचुरी (जाजल्लदेव प्रथम, 1114)स्वतंत्र स्वर्ण सिक्के चलाने वाले पराक्रमी राजा का प्रतीक
जमाबंदी प्रणालीकलचुरी (राजा कल्याण साय)18-18 गढ़ व्यवस्था (36 गढ़) और राजस्व का प्रथम लिखित लेखा-जोखा
दूधाधारी मठ (रायपुर)कलचुरी काल (बलभद्र दास)भगवान राम का प्रसिद्ध मठ; महंत बलभद्र दास केवल गाय का दूध पीते थे
भास्कर पंत का आक्रमण1741 ईस्वी (मराठा सेनापति)रघुनाथ सिंह पराजित; छत्तीसगढ़ में मराठा आधिपत्य की शुरुआत
रामटेक मंदिर (रतनपुर)बिंबाजी भोंसले (प्रत्यक्ष मराठा)रामटेकरी पहाड़ी पर भगवान राम और लक्ष्मण का सुंदर मंदिर
आनंदी बाईबिंबाजी भोंसले की विधवामहिपत राव दिनकर और मराठा सूबेदारों से सत्ता संघर्ष करने वाली वीरांगना
परगना पद्धति (27 परगने)विट्ठल राव दिनकर (1790)पुरानी गढ़ व्यवस्था समाप्त कर परगना व कमाविसदार व्यवस्था लागू की
कोलब्रुक की यात्रा1799 ईस्वी (केशव गोविंद काल)ब्रिटिश राजदूत कोलब्रुक ने छत्तीसगढ़ की समृद्धि का आंखों देखा हाल लिखा
राजधानी रायपुर स्थानांतरण1818 ई. (कैप्टन एगन्यू)रतनपुर के स्थान पर रायपुर को छत्तीसगढ़ की स्थायी राजधानी बनाया
कोटपाड़ की संधि6 अप्रैल 1778 ईस्वीदरियाव देव व मराठों के बीच; बस्तर पहली बार मराठों के अधीन हुआ
गेंद सिंह (परलकोट नायक)20 जनवरी 1825 को फांसीबस्तर के प्रथम शहीद; प्रतीक: धावड़ा वृक्ष की टहनी
हिड़मा मांझीमेरिया विद्रोह (1842-1863)दंतेश्वरी मंदिर में नरबलि (मेरिया) प्रथा रोकने के विरोध में नायक
धुर्वाराम माड़ियालिंगागिरी विद्रोह (1856-1857)5 मार्च 1856 को फांसी; बस्तर के दूसरे महान शहीद
नागुल दोरलाकोई विद्रोह (1859)साल वृक्षों की रक्षा हेतु प्रथम पर्यावरण आंदोलन के प्रणेता
झाड़ा सिरहामुरिया विद्रोह (1876)प्रतीक: आम की टहनी; ब्रिटिश अधिकारी मैकजॉर्ज द्वारा ‘मुरिया दरबार’
गुंडाधूर (नेता नार)भूमकाल विद्रोह (1910)प्रतीक: लाल मिर्च व आम टहनी; बस्तर का सबसे भीषण विद्रोह
शहीद वीर नारायण सिंह10 दिसंबर 1857 को फांसीरायपुर के जयस्तंभ चौक पर शहीद; छत्तीसगढ़ के प्रथम स्वतंत्रता सेनानी
हनुमान सिंह18 जनवरी 1858 (रायपुर)मेजर सिडवेल की हत्या; छत्तीसगढ़ का मंगल पांडे
वीर सुरेंद्र साय28 फरवरी 1884 को मृत्युसंबलपुर के क्रांति नायक; असीरगढ़ के किले में जीवनपर्यंत संघर्ष
सिहावा-नगरी सत्याग्रहजनवरी 1922 (धमतरी)छत्तीसगढ़ का प्रथम ऐतिहासिक जंगल सत्याग्रह
बाबू छोटेलाल श्रीवास्तवगट्टासिली व रुद्री सत्याग्रहधमतरी के प्रखर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी
बालिका दयावतीतमोरा सत्याग्रह (1930)ब्रिटिश एसडीएम को थप्पड़ मारने वाली 16 वर्षीय वीरांगना
कंडेल नहर सत्याग्रहजुलाई 1920 (धमतरी)नहर कर के विरोध में; महात्मा गांधी का प्रथम छत्तीसगढ़ आगमन (20 Dec 1920)
पंडित सुंदरलाल शर्माछत्तीसगढ़ के गांधीकंडेल नहर सत्याग्रह के सूत्रधार; ‘हरिजन उद्धार’ के अग्रदूत
माधवराव सप्रे‘छत्तीसगढ़ मित्र’ (1900, पेंड्रा)छत्तीसगढ़ में पत्रकारिता के जनक; ‘टोकरी भर मिट्टी’ कहानी
ठाकुर प्यारेलाल सिंहछत्तीसगढ़ में सहकारिता के जनकबीएनसी मिल मजदूर हड़ताल (1920 – 36 दिन चली सफल हड़ताल)
डॉ. खूबचंद बघेल‘छत्तीसगढ़ भातृ संघ’ (1967)पृथक छत्तीसगढ़ राज्य आंदोलन के प्रथम स्वप्नदृष्टा
बैरिस्टर छेदीलालबिलासपुर के प्रखर नेता‘कर्मवीर’ पत्रिका और 1942 भारत छोड़ो आंदोलन के अग्रदूत
यति यतनलालमहासमुंद (तमोरा सत्याग्रह)अहिंसा और स्वतंत्रता आंदोलन के प्रमुख जैन संत
पंडित रविशंकर शुक्लमध्य प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री1942 के भारत छोड़ो आंदोलन के प्रमुख प्रांतीय नेता
ई. राघवेन्द्र रावबिलासपुर के दिग्गज विधिवेत्तामध्य प्रांत एवं बरार के गवर्नर बनने वाले प्रथम भारतीय
मिनीमाताछत्तीसगढ़ की प्रथम महिला सांसददलित उद्धार एवं अस्पृश्यता निवारण की मसीहा
गुरु घासीदाससतनाम पंथ के प्रवर्तक (1756 गिरौदपुरी)“मनखे-मनखे एक समान” का अमर संदेश देने वाले संत
महाप्रभु वल्लभाचार्यचंपारण्य (रायपुर) जन्मस्थलीपुष्टिमार्ग एवं शुद्धाद्वैतवाद के महान प्रवर्तक आचार्य

9. परीक्षा-हॉल त्वरित निर्देशिका: छत्तीसगढ़ का इतिहास ‘सीधा प्रहार’ 25 प्रामाणिक Q&A

आगामी CGPSC Prelims (50 प्रश्न), छात्रावास अधीक्षक, पटवारी और व्यापम परीक्षाओं में विगत 15 वर्षों से सबसे अधिक रिपीट हुए 25 प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर:

🔥परीक्षा-हॉल 'सीधा प्रहार' 25 प्रामाणिक प्रश्नोत्तरी तालिका

परीक्षा में पूछा जाने वाला सीधा प्रश्नएक पंक्ति में 100% सटीक प्रामाणिक उत्तरसंबंधित ऐतिहासिक काल
1. छत्तीसगढ़ का प्रथम शहीद किसे माना जाता है?शहीद वीर नारायण सिंह (10 दिसंबर 1857 को फांसी)।1857 की क्रांति
2. बस्तर का प्रथम शहीद किसे माना जाता है?गेंद सिंह (परलकोट विद्रोह – 20 जनवरी 1825 को फांसी)।जनजातीय विद्रोह
3. ‘छत्तीसगढ़ का मंगल पांडे’ किसे कहा जाता है?मैगजीन लश्कर हनुमान सिंह को (मेजर सिडवेल की हत्या)।1857 सिपाही विद्रोह
4. छत्तीसगढ़ में कलचुरी वंश का वास्तविक संस्थापक कौन था?कलिंगराज (1000 ईस्वी – राजधानी: तुम्माण)।कलचुरी राजवंश
5. रतनपुर को अपनी राजधानी किस कलचुरी शासक ने बनाया?रत्नदेव प्रथम (1050 ईस्वी में महामाया मंदिर बनवाया)।कलचुरी राजवंश
6. छत्तीसगढ़ में ‘जमाबंदी प्रणाली’ (18-18 गढ़) किसने शुरू की?राजा कल्याण साय ने (मुगल दरबार से लौटने के बाद)।कलचुरी प्रशासन
7. छत्तीसगढ़ का ‘स्वर्ण काल’ किस शासक का काल कहलाता है?पाण्डु वंश के महाशिवगुप्त बालार्जुन (595-655 ई.) का।प्राचीन राजवंश
8. सिरपुर का विश्वप्रसिद्ध ईंटों का ‘लक्ष्मण मंदिर’ किसने बनवाया?बालार्जुन की माता रानी वासटा ने।प्राचीन स्थापत्य
9. राजिम के प्रसिद्ध ‘राजीव लोचन मंदिर’ का निर्माता कौन था?नलवंशीय शासक राजा विलासतुंग।प्राचीन स्थापत्य
10. छत्तीसगढ़ में मराठों की ‘परगना पद्धति’ के जन्मदाता कौन थे?दूसरे मराठा सूबेदार विट्ठल राव दिनकर (27 परगने)।मराठा सूबा शासन
11. छत्तीसगढ़ का प्रथम और अंतिम मराठा सूबेदार कौन था?प्रथम: महिपत राव दिनकर ; अंतिम: यादव राव दिवाकर।मराठा सूबा शासन
12. छत्तीसगढ़ की राजधानी रतनपुर से रायपुर किस वर्ष बदली गई?1818 ईस्वी में (ब्रिटिश अधीक्षक कैप्टन एगन्यू द्वारा)।ब्रिटिश नियंत्रण
13. बस्तर का प्रथम जनजातीय विद्रोह कौन सा था?हलबा विद्रोह (1774-1779 ई. – नेता: अजमेर सिंह)।बस्तर विद्रोह
14. 6 अप्रैल 1778 की ‘कोटपाड़ की संधि’ का क्या परिणाम हुआ?बस्तर राज्य पहली बार मराठों (नागपुर भोंसले) के अधीन हो गया।बस्तर इतिहास
15. परलकोट विद्रोह (1825) का गुप्त प्रतीक चिह्न क्या था?धावड़ा वृक्ष की टहनी।बस्तर विद्रोह
16. “एक साल वृक्ष के पीछे एक सिर कटेगा” किस विद्रोह का नारा था?कोई विद्रोह (1859 ई. – नागुल दोरला)।पर्यावरण विद्रोह
17. मुरिया विद्रोह (1876) के पश्चात कौन सा प्रसिद्ध दरबार आयोजित हुआ?‘मुरिया दरबार’ (8 मार्च 1876 – मैकजॉर्ज द्वारा)।बस्तर विद्रोह
18. 1910 के भीषण ‘भूमकाल विद्रोह’ के महानायक कौन थे?गुंडाधूर (नेता नार के धुर्वा जमींदार)।बस्तर विद्रोह
19. भूमकाल विद्रोह (1910) का गुप्त संदेश वाहक प्रतीक क्या था?लाल मिर्च, आम की टहनी, मिट्टी का ढेला और धनुष-बाण।बस्तर विद्रोह
20. छत्तीसगढ़ का प्रथम जंगल सत्याग्रह कौन सा था?सिहावा-नगरी जंगल सत्याग्रह (जनवरी 1922 ई., धमतरी)।जंगल सत्याग्रह
21. किस सत्याग्रह में 16 वर्षीय बालिका दयावती ने एसडीएम को थप्पड़ मारा?तमोरा जंगल सत्याग्रह (सितंबर 1930 ई., महासमुंद)।जंगल सत्याग्रह
22. महात्मा गांधी का छत्तीसगढ़ में प्रथम आगमन कब हुआ था?20 दिसंबर 1920 को (कंडेल नहर सत्याग्रह के समय)।गांधीजी आगमन
23. ‘छत्तीसगढ़ का गांधी’ किसे कहा जाता है?पंडित सुंदरलाल शर्मा को।स्वतंत्रता सेनानी
24. छत्तीसगढ़ में पत्रकारिता के जनक किसे माना जाता है?माधवराव सप्रे को (‘छत्तीसगढ़ मित्र’ 1900 पेंड्रा)।पत्रकारिता इतिहास
25. छत्तीसगढ़ में सहकारिता आंदोलन के जनक कौन हैं?ठाकुर प्यारेलाल सिंह (बीएनसी मिल मजदूर हड़ताल 1920)।सहकारिता इतिहास

10. छत्तीसगढ़ का इतिहास : 10 सेकंड क्विक रिवीजन फ़्लैशकार्ड्स (15 कार्ड्स)

CGPSC Prelims, छात्रावास अधीक्षक, पटवारी व व्यापम परीक्षा से पूर्व राजवंश, कलचुरी, मराठा और 10 जनजातीय विद्रोहों का 10 सेकंड में त्वरित रिवीजन करने के लिए नीचे दिए गए 15 इंटरैक्टिव फ़्लैशकार्ड्स का अभ्यास करें। कार्ड पर क्लिक करके आप सीधे उसका सही उत्तर देख सकते हैं:

🗂️ 🎯 छत्तीसगढ़ का इतिहास : 10 सेकंड क्विक रिवीजन फ़्लैशकार्ड्स 1 / 14
महत्वपूर्ण शब्द / फैक्ट

🔄 कार्ड को टच करके विग्रह व अर्थ देखें
विग्रह / व्याख्या
🔄 दोबारा टच करके सामने देखें

ज्ञान की परीक्षा: CGPSC & Vyapam छत्तीसगढ़ इतिहास महा-क्विज़ (10 प्रश्न)

[CGPSC Prelims Special] छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध ऐतिहासिक ‘भूमकाल विद्रोह’ (1910 ई.) के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वथा सत्य है?

  • यह विद्रोह केवल जमींदारों के आपसी लगान विवाद के कारण हुआ था
  • इस विद्रोह के मुख्य नायक ‘गुंडाधूर’ थे और इसका गुप्त प्रतीक ‘लाल मिर्च व आम की टहनी’ था
  • इस विद्रोह का दमन कैप्टन पेवे द्वारा किया गया था
  • यह विद्रोह राजा दलपत देव के शासनकाल में हुआ था

[CG Hostel Warden Special] 1857 की महान क्रांति में 10 दिसंबर 1857 को रायपुर के जयस्तंभ चौक पर किस महान स्वतंत्रता सेनानी को ब्रिटिश हुकूमत द्वारा फांसी दी गई थी?

  • गेंद सिंह
  • शहीद वीर नारायण सिंह
  • हनुमान सिंह
  • सुरेंद्र साय

[CG Patwari Special] छत्तीसगढ़ में मराठा सूबा शासन काल (1787-1818 ई.) के दौरान पुरानी 18-18 गढ़ व्यवस्था को समाप्त कर ‘परगना पद्धति’ (27 परगने) की शुरुआत किस सूबेदार ने की थी?

  • महिपत राव दिनकर
  • विट्ठल राव दिनकर
  • केशव गोविंद
  • यादव राव दिवाकर

[CGPSC Prelims] प्रसिद्ध प्राचीन लाल ईंटों से निर्मित ‘लक्ष्मण मंदिर’ (सिरपुर) का निर्माण पाण्डुवंशीय किस रानी द्वारा अपने पति हर्षगुप्त की स्मृति में कराया गया था?

  • रानी वासटा
  • रानी राजमती
  • रानी सुवर्ण कुंवर
  • रानी जुगराज कुंवर

[CG Vyapam Repeated] छत्तीसगढ़ में लगभग 900 वर्षों तक शासन करने वाले कलचुरी राजवंश के किस राजा ने 1050 ईस्वी में ‘रतनपुर’ नगर बसाकर उसे अपनी राजधानी बनाया था?

  • कलिंगराज
  • कमलराज
  • रत्नदेव प्रथम
  • जाजल्लदेव प्रथम

[Bastar Tribal Revolts] “एक साल वृक्ष के पीछे एक सिर कटेगा”—यह ऐतिहासिक उद्घोष वर्ष 1859 में बस्तर के किस प्रसिद्ध जनजातीय विद्रोह में ब्रिटिश ठेकेदारों के विरुद्ध दिया गया था?

  • हलबा विद्रोह
  • परलकोट विद्रोह
  • कोई विद्रोह (Koi Revolt)
  • मुरिया विद्रोह

[Hostel Warden Special] 18 जनवरी 1858 को रायपुर की तीसरी रेजीमेंट के किस सिपाही (मैगजीन लश्कर) ने ब्रिटिश अधिकारी मेजर सिडवेल की हत्या कर ‘रायपुर सिपाही विद्रोह’ किया था?

  • वीर नारायण सिंह
  • हनुमान सिंह
  • कल्याण सिंह
  • सुंदरलाल शर्मा

[CGPSC Paper 1] सविनय अवज्ञा आंदोलन के दौरान सितंबर 1930 में महासमुंद के ‘तमोरा जंगल सत्याग्रह’ में किस 16 वर्षीय वीरांगना ने अंग्रेज अधिकारी (SDM) को थप्पड़ जड़कर अदम्य साहस का परिचय दिया था?

  • रानी जुगराज कुंवर
  • बालिका दयावती
  • मिनीमाता
  • राधाबाई

[CG Vyapam Special] छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक राजधानी को ‘रतनपुर से हटाकर रायपुर’ किस ब्रिटिश अधीक्षक द्वारा वर्ष 1818 में स्थानांतरित किया गया था?

  • कैप्टन एडमंड
  • कैप्टन पी. वांस एगन्यू (Captain Agnew)
  • कैप्टन सैंडिस
  • कैप्टन क्रॉफर्ड

[CG History Landmarks] महात्मा गांधी का छत्तीसगढ़ की पावन धरा पर ‘प्रथम आगमन’ किस तिथि को धमतरी के कंडेल नहर सत्याग्रह के सिलसिले में हुआ था?

  • 1 अगस्त 1920
  • 20 दिसंबर 1920
  • 12 मार्च 1930
  • 22 नवंबर 1933

🔥🎯 अपना स्कोर आँकें: छत्तीसगढ़ के इतिहास में आपकी तैयारी का स्तर क्या है?

कुल प्रश्न: 10 | CGPSC Prelims (50 प्रश्न) व व्यापम परीक्षा के मानकों पर अपने ज्ञान का विश्लेषण करें:

  • 🏆 10 में से 10 सही (टॉपर स्तर): अद्भुत तैयारी! कलचुरी 18 गढ़, 10 जनजातीय विद्रोह, भूमकाल, वीर नारायण सिंह और परगना पद्धति पर आपकी पकड़ 100% सटीक है। आप CGPSC और व्यापम में इतिहास खंड में पूरे अंक हासिल करेंगे।
  • 🥈 10 में से 8-9 सही (उत्कृष्ट स्तर): बहुत बढ़िया प्रदर्शन! केवल ‘जंगल सत्याग्रह के नेतृत्वकर्ता’ और ‘शासक कालक्रम’ का एक बार पुनः अभ्यास करें।
  • 🥉 10 में से 6-7 सही (औसत स्तर): बुनियादी समझ अच्छी है, किंतु “ब्लॉक 3 व 4: कलचुरी व मराठा सूबा शासन तालिका” का दोबारा रिवीजन आवश्यक है।
  • ⚠️ 6 से कम सही (रिवीजन आवश्यक): सचेत हो जाएं! CGPSC में छत्तीसगढ़ इतिहास से 10 प्रश्न सीधे आते हैं। ऊपर दिए गए “ब्लॉक 2, 4 व 5: 10 जनजातीय विद्रोह एवं 1857 की क्रांति” को ध्यानपूर्वक पुनः पढ़ें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

11. सम्पूर्ण अध्ययन संसाधन हब (M S WORLD Master Resources Hub)

आगामी CGPSC Prelims, छात्रावास अधीक्षक, पटवारी एवं व्यापम भर्ती परीक्षाओं की 100% संपूर्ण तैयारी हेतु प्रामाणिक मास्टर लिंक्स:

✅🌐 M S WORLD All-Subjects Master Study Hub

विषय / परीक्षा हबउपलब्ध सम्पूर्ण अध्ययन सामग्रीसीधा आधिकारिक लिंक
छत्तीसगढ़ का सम्पूर्ण इतिहासप्राचीन राजवंश, कलचुरी, मराठा, 1857 क्रांति व जनजातीय विद्रोहछत्तीसगढ़ सम्पूर्ण इतिहास पिलर
छत्तीसगढ़ का सम्पूर्ण भूगोलभौतिक विभाजन, नदियाँ, जलप्रपात, खनिज, अभयारण्य सम्पूर्ण नोट्सछत्तीसगढ़ का भूगोल पिलर
500+ कंप्यूटर वन-लाइनर कैप्सूलपीढ़ियाँ, मेमोरी इकाइयाँ, 60+ फुल फॉर्म्स, 100 व्यापम PYQs500+ कंप्यूटर वन-लाइनर नोट्स
ऑपरेटिंग सिस्टम व AI कैप्सूलडॉस कमांड्स, 15 सर्च इंजन, ब्राउज़र, स्टोरेज CD/DVD व AIOS, सर्च इंजन व AI नोट्स
इंटरनेट, नेटवर्किंग व साइबर सुरक्षानेटवर्क टोपोलॉजी, TCP/IP प्रोटोकॉल, वायरस, एंटीवायरस व 50 PYQsनेटवर्किंग व साइबर सुरक्षा नोट्स
MS Office एवं 100+ शॉर्टकट कीजWord, Excel, PowerPoint, 50+ फाइल एक्सटेंशन व 50 PYQsMS Office मास्टर कैप्सूल
कंप्यूटर हार्डवेयर एवं प्रिंटर के प्रकारइनपुट-आउटपुट डिवाइस, इम्पैक्ट vs नॉन-इम्पैक्ट, DPI व 50 PYQsकंप्यूटर हार्डवेयर व प्रिंटर नोट्स
एशियाई खेल 2026 सम्पूर्ण नोट्सपदक तालिका, भारत के 85 पदक, 21 स्वर्ण विजेता व इतिहासएशियाई खेल 2026 मास्टर नोट्स
राष्ट्रीय खेल पुरस्कार सम्पूर्ण सूचीमेजर ध्यानचंद खेल रत्न, अर्जुन, द्रोणाचार्य पुरस्कार विजेताराष्ट्रीय खेल पुरस्कार गाइड
CGPSC Solved Papers हबछत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग विगत वर्षों के प्रश्नपत्र हल सहितCGPSC हल प्रश्नपत्र हब

विशेषज्ञ निष्कर्ष एवं अगला महा-रिवीजन कैप्सूल

✅अंतिम परीक्षा-हॉल मार्गदर्शन एवं अगला अध्याय

पिछला अध्याय: हमने सफलतापूर्वक पूरा किया — ऑपरेटिंग सिस्टम, सर्च इंजन, वेब ब्राउज़र एवं AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) : छात्रावास अधीक्षक व पटवारी मास्टर कैप्सूल 2026।

परीक्षा हॉल 2-सेकंड ट्रिक: जब भी CGPSC या व्यापम में इतिहास का प्रश्न आए, तो याद रखें: ‘छत्तीसगढ़ के प्रथम शहीद = वीर नारायण सिंह’, ‘बस्तर के प्रथम शहीद = गेंद सिंह’, और ‘छत्तीसगढ़ का मंगल पांडे = हनुमान सिंह’। कलचुरी में ’18-18 गढ़ = कल्याण साय’ तथा मराठा सूबेदारों में ‘परगना पद्धति = विट्ठल दिनकर’। बस्तर विद्रोहों में ‘कोई विद्रोह = साल वृक्ष’ व ‘भूमकाल = गुंडाधूर (लाल मिर्च/आम टहनी)’।

अगला महा-रिवीजन कैप्सूल (कैप्सूल 7): हमारे 14-दिवसीय महा-अभियान के अंतर्गत अगली पोस्ट में हम अध्ययन करेंगे — “छत्तीसगढ़ का भूगोल: 5 अपवाह तंत्र, नदियाँ, जलप्रपात, 3 राष्ट्रीय उद्यान एवं 11 अभयारण्य मास्टर कैप्सूल व 50 PYQs 2026”।

अपनी तैयारी को राज्य स्तर पर शीर्ष स्थान पर ले जाने के लिए हमारे साथ निरंतर अध्ययन जारी रखें!

Er. M. S.
संपादक एवं परीक्षा रणनीतिकार | ✓ Govt. Selected

Er. M. S. (Mentor M. S. Sir)

मैकेनिकल इंजीनियरिंग पृष्ठभूमि, PGDCA और 7+ वर्षों के सघन प्रतियोगी परीक्षा विश्लेषण का अनुभव। वर्तमान में केंद्र सरकार के प्रतिष्ठित उपक्रम में कार्यरत। जटिल सिद्धांतों को वैज्ञानिक तालिकाओं में ढालकर छात्रों तक पहुँचाना ही हमारा लक्ष्य है।

📲 इस लेख को शेयर करें:

🚀 हमसे सोशल मीडिया पर जुड़ें

लेटेस्ट अपडेट्स और फ्री नोट्स के लिए फॉलो करें:

क्या आप इस लेख को ऑफलाइन पढ़ना चाहते हैं?

📥 लेख को PDF में सेव करें

अपनी तैयारी को नई उड़ान दें!

ज्ञान और मार्गदर्शन के इस सफर में अकेला महसूस न करें। हमारे समुदाय से जुड़ें:

हमारे अन्य उपयोगी ब्लॉग्स:

Paisa Blueprint | Desh Samvad

Leave a Comment

📑

बंद करें [X]

तेज़ नेविगेशन

🔥 1 दिन
🔥

1 दिन दैनिक स्ट्रीक!

शानदार शुरुआत! प्रतिदिन अभ्यास ही आपको सरकारी नौकरी तक पहुंचाएगा।

🎯 साप्ताहिक लक्ष्य (हफ्ते में 3 दिन): 0 / 3 दिन पूरे
वर्तमान उपलब्धि 🥉 ब्रॉन्ज साधक
सर्वोच्च दैनिक स्ट्रीक 1 दिन
📓 कमजोर प्रश्नों की डायरी (0 प्रश्न) ➔