छत्तीसगढ़ी भाषा एवं व्याकरण फास्ट रिवीजन कैप्सूल (Chhattisgarhi Grammar) : CGPSC CSAT व व्यापम मास्टर नोट्स 2026

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छत्तीसगढ़ी भाषा एवं व्याकरण (Chhattisgarhi Language & Grammar) : सर्वनाम, कारक, काल, 50 हाना एवं 50 जनउला महा-कैप्सूल

📝CGPSC CSAT (35 प्रश्न) व व्यापम: छत्तीसगढ़ी भाषा एवं व्याकरण का सम्पूर्ण फास्ट रिवीजन निचोड़

मूल अवधारणा: छत्तीसगढ़ी भाषा भारोपीय परिवार की पूर्वी हिन्दी उपभाषा की एक अत्यंत समृद्ध, मधुर और प्राचीन बोली है, जिसका उद्भव अर्धमागधी अपभ्रंश के दक्षिणी रूप से हुआ है। 28 नवंबर 2007 को छत्तीसगढ़ विधानसभा द्वारा इसे राज्य की राजभाषा का दर्जा दिया गया। छत्तीसगढ़ी व्याकरण में मानक हिन्दी की तुलना में विशिष्ट ध्वनि-नियम (श/ष ➔ स, व ➔ ब), अनूठे सर्वनाम (मँय, तैं, हमन, वोमन), विशिष्ट कारक परसर्ग (के, कर, बर, ले, म) तथा लोक-बुद्धि से उपजे हाना (कहावतें) और जनउला (पहेलियाँ) इसकी आत्मा हैं।

CGPSC राज्य सेवा प्रारंभिक परीक्षा (CSAT पेपर – 30 से 35 प्रश्न!), CGPSC मुख्य परीक्षा (Paper 1 – 50 अंक), CG पटवारी भर्ती, छात्रावास अधीक्षक तथा व्यापम की सभी परीक्षाओं में अकेले छत्तीसगढ़ी व्याकरण से निर्णायक प्रश्न पूछे जाते हैं। विशेष रूप से ‘कारक चिह्न (करण ले vs अपादान ले vs संप्रदान बर)’, ‘सर्वनाम रूप’, ‘काल रचना (गिस, जाही, जावत हे)’, तथा ’50 बार-बार पूछे जाने वाले हाना व जनउला’ परीक्षा में पूरे अंक दिलाने वाले विषय हैं।

भाषा के ऐतिहासिक उद्भव हेतु हमारे पिछले अध्याय हिन्दी भाषा का उद्भव, विकास एवं 18 बोलियाँ तथा व्याकरण के संपूर्ण अध्ययन हेतु सामान्य हिन्दी व्याकरण व्यापम/CGPSC सुपर-फास्ट कैप्सूल का अध्ययन अवश्य करें।

संस्कृति व इतिहास के संपूर्ण अध्ययन हेतु हमारी छत्तीसगढ़ जनजाति, कला व संस्कृति मास्टर कैप्सूल तथा छत्तीसगढ़ का इतिहास मास्टर कैप्सूल पर जाएं।

विषय सूची [X]

1. छत्तीसगढ़ी वर्ण विचार एवं ध्वनि परिवर्तन नियम : मानक हिन्दी से छत्तीसगढ़ी में रूपांतरण

छत्तीसगढ़ी भाषा देवनागरी लिपि में ही लिखी जाती है, किंतु इसके उच्चारण और लेखन में कुछ विशिष्ट ध्वन्यात्मक परिवर्तन होते हैं। CGPSC CSAT में हर वर्ष 2 प्रश्न सीधे ध्वनि परिवर्तन से पूछे जाते हैं:

ℹ️💡 छत्तीसगढ़ी भाषा के 6 प्रमुख ध्वनि परिवर्तन नियम तालिका

ध्वनि परिवर्तन नियममानक हिन्दी रूपछत्तीसगढ़ी रूपांतरित रूपपरीक्षा हॉल के सबसे लोकप्रिय उदाहरण
1. ‘श’ और ‘ष’ का ‘स’ बननातालव्य ‘श’ एवं मूर्धन्य ‘ष’केवल दंत्य ‘स’ (छत्तीसगढ़ी में ‘श’ व ‘ष’ का अभाव है)।शांति ➔ सांति ; वर्ष ➔ बरीस ; दोष ➔ दोस ; भाषा ➔ भासा ; पुरुष ➔ पुरूस।
2. ‘व’ का ‘ब’ में परिवर्तनदंतौष्ठ्य ‘व’ओष्ठ्य ‘ब’ (छत्तीसगढ़ी में ‘व’ नहीं बोला जाता)।विचार ➔ बिचार ; विवाह ➔ बिहाव ; वर्षा ➔ बरखा ; वन ➔ बन ; वकील ➔ बकील।
3. ‘ज्ञ’ का ‘गिया’ बननासंयुक्ताक्षर ‘ज्ञ’‘गिया’ अथवा ‘ग्या’ज्ञान ➔ गियान ; यज्ञ ➔ जग / जगिया ; अज्ञानी ➔ अगियानी।
4. ‘य’ का ‘ज’ में परिवर्तनअंतःस्थ ‘य’स्पर्श व्यंजन ‘ज’यदि ➔ जदि ; यश ➔ जस ; युग ➔ जुग ; यात्रा ➔ जात्रा ; यमुना ➔ जमुना।
5. ‘ऋ’ का ‘रि’ बननास्वर ‘ऋ’‘रि’ (स्वर + व्यंजन)ऋषि ➔ रिषी ; ऋतु ➔ रितु ; कृपा ➔ किरपा ; ऋण ➔ रिन।
6. ‘ण’ का ‘न’ अथवा ‘ड़’ बननामूर्धन्य ‘ण’दंत्य ‘न’कारण ➔ कारन ; चरण ➔ चरन ; बाण ➔ बान ; गुण ➔ गुन।

विशेष ध्वनि तथ्य: छत्तीसगढ़ी में ‘ऐ’ और ‘औ’ का स्वतंत्र उच्चारण प्रायः ‘अइ’ (जैसे- बइला, पइसा) तथा ‘अउ’ (जैसे- कउवा, अउरत) के रूप में होता है।

छत्तीसगढ़ी लिंग एवं वचन निर्माण नियम : पुल्लिंग से स्त्रीलिंग व बहुवचन तालिका

CGPSC CSAT और व्यापम में शब्दों के स्त्रीलिंग और ‘मन’ प्रत्यय लगाकर बहुवचन बनाने से सीधे 2 प्रश्न पूछे जाते हैं:

ℹ️💡 छत्तीसगढ़ी लिंग (Gender) एवं वचन (Plural) मास्टर तालिका

व्याकरणिक नियमपुल्लिंग शब्दस्त्रीलिंग रूप (Feminine)बहुवचन रूप (Plural Rule : ‘मन’ प्रत्यय)
1. ‘इन’ प्रत्यय जोड़करसोनारसोनारिनसोनारमन (सोनार लोग)
1. ‘इन’ प्रत्यय जोड़करकुम्हारकुम्हारिनकुम्हारमन
1. ‘इन’ प्रत्यय जोड़करतेलीतेलिनतेलीमन
1. ‘इन’ प्रत्यय जोड़करबाघबघिनबाघमन (कई बाघ)
2. ‘ई’ प्रत्यय जोड़करटूरा (लड़का) ⚠️टूरी (लड़की)टूरामन (लड़के)
2. ‘ई’ प्रत्यय जोड़करडोकरा (बूढ़ा) ⚠️डोकरी (बुढ़िया)डोकरामन (बूढ़े लोग)
2. ‘ई’ प्रत्यय जोड़करघोड़ाघोड़ीघोड़ामन
3. स्वतंत्र / भिन्न रूप (अनूठे)बइला (बैल) ⚠️गायबइलामन (बैल समूह)
3. स्वतंत्र / भिन्न रूपबोकरा (बकरा) ⚠️छेरी (बकरी)बोकरामन / छेरीमन
3. स्वतंत्र / भिन्न रूपमरद (पुरुष)तिरिया / माई (स्त्री)मरदमन
3. स्वतंत्र / भिन्न रूपभैंसा (नर भैंस)भैंसभैंसामन
4. ‘मन’ प्रत्यय बहुवचन ⚠️लइका (बच्चा)लइकीलइकामन (बच्चे / लइकामैन)
4. ‘मन’ प्रत्यय बहुवचनमनखे (इंसान)–मनखेमन (इंसान लोग)
4. ‘सब / सब्बो’ जोड़करसब्बो लइका–सभी बच्चे (सामूहिक बहुवचन)

परीक्षा हॉल सीक्रेट ट्रिक: छत्तीसगढ़ी में बहुवचन बनाने हेतु संज्ञा या सर्वनाम के अंत में हमेशा ‘मन’ प्रत्यय जोड़ा जाता है (जैसे—टूरामन, नोनीमन, लइकामन, मनखेमन)!

2. छत्तीसगढ़ी सर्वनाम (Pronouns) एवं कारक विभक्ति चिह्न (Karak Vibhakti) मास्टर तालिका

छत्तीसगढ़ी व्याकरण का सबसे महत्वपूर्ण और सबसे ज्यादा स्कोरिंग खंड! CGPSC CSAT में ‘मँय, तैं, हमन’ और ‘के, कर, बर, ले’ से 4 से 5 प्रश्न सीधे आते हैं:

छत्तीसगढ़ी सर्वनाम के प्रमुख रूप (पुरुषवाचक एवं अन्य सर्वनाम)

✅छत्तीसगढ़ी सर्वनाम रूप तालिका (हिन्दी से तुलना सहित)

सर्वनाम का प्रकारमानक हिन्दी रूपछत्तीसगढ़ी एकवचन रूपछत्तीसगढ़ी बहुवचन रूप (Plural)
उत्तम पुरुष (First Person)मैं / हममँय (May) / मैंहमन (Haman) / हमन मन
मध्यम पुरुष (Second Person – अनादर)तूतैं (Tain)तुमन (Tuman)
मध्यम पुरुष (आदरसूचक)आपआप / तुमनआपमन (Aapman)
अन्य पुरुष (निकटवर्ती)यह / येयह / ये / एहाएमन (Eman) / ए मन
अन्य पुरुष (दूरवर्ती)वह / वेवह / वो / ओहाओमन (Oman) / वो मन
संबंधवाचक सर्वनामजो / सोजे / जेहाजोन / जेमन
अनिश्चयवाचक सर्वनामकोई / कुछकोनो (Kono)कुछु (Kuchhu)
प्रश्नवाचक सर्वनामकौन / क्याकोन (Kon)का (Kaa) / काहे
निजवाचक सर्वनामस्वयं / खुद / आपअपन (Apan) / खुदअपन-अपन

छत्तीसगढ़ी के 8 कारक एवं उनके विशिष्ट विभक्ति चिह्न (परसर्ग)

व्यापम की परीक्षा में ‘बर’ (के लिए), ‘ले’ (से) तथा ‘म’ (में/पर) से हर साल प्रश्न आता है:

💡💡 छत्तीसगढ़ी कारक एवं विभक्ति चिह्न (परसर्ग) मास्टर तालिका

कारक का नामछत्तीसगढ़ी विभक्ति चिह्न (परसर्ग)मुख्य पहचान एवं अर्थपरीक्षा हॉल सीधा उदाहरण
1. कर्ता कारकशून्य / ‘ह’ (Ha)क्रिया करने वाला; छत्तीसगढ़ी में कर्ता के बाद ‘ह’ का प्रयोग होता है।राम ह भात खाइस (राम ने भात खाया) ; लइका ह रोवत हे।
2. कर्म कारकला (Laa)जिस पर क्रिया का फल पड़े (हिन्दी के ‘को’ के स्थान पर)।ददा ह लइका ला मारिस (पिता ने बच्चे को मारा) ; गाय ला पानी पियाव।
3. करण कारकले / से / के द्वारा (Le)साधन या माध्यम (किसके द्वारा?)।वह चमचा ले खात हे (चम्मच से खा रहा है) ; हाथ ले काम कर।
4. संप्रदान कारकबर / खातिर / ले (Bar) ⚠️व्यापम का पेटेंट सवाल: जिसके लिए कुछ किया जाए (हिन्दी के ‘के लिए’ हेतु)।मँय तोर बर आमा लाएंव (मैं तुम्हारे लिए आम लाया) ; पूजा खातिर फूल ला।
5. अपादान कारकले (Le) [अलग होना / तुलना]एक वस्तु का दूसरी से अलग होना, डरना या तुलना।रुख ले पान गिरिस (पेड़ से पत्ता गिरा) ; बिलाई ले मूषक डर्राथे।
6. संबंध कारकके / कर (Ke / Kar)दो पदों का आपसी संबंध (हिन्दी के का/के/की के स्थान पर)।दाई के मया (माँ का प्यार) ; बाबू कर खेत ; राम के भाई।
7. अधिकरण कारकम / मां / मंझा / तरी (Ma)क्रिया का आधार या स्थान (हिन्दी के ‘में’ और ‘पर’ हेतु)।घर म कोनो नइये (घर में कोई नहीं है) ; खाट म बइठ ; रुख तरी (पेड़ के नीचे)।
8. संबोधन कारकगा, गो, वो, रे, अरी, होपुकारना (पुरुष हेतु ‘गा/रे’, महिला हेतु ‘गो/वो’)।अरे बाबू गा! इहां आव ; सुन गो दाई!

3. छत्तीसगढ़ी काल (Tenses) एवं क्रिया रूप : गिस, जावत हे, जाही का संपूर्ण व्याकरण

छत्तीसगढ़ी में क्रिया के काल रूपों से CGPSC CSAT में अनुवाद और अशुद्धि शोधन के प्रश्न सीधे पूछे जाते हैं:

ℹ️छत्तीसगढ़ी काल (भूतकाल, वर्तमानकाल, भविष्यतकाल) संरचना तालिका

काल का प्रकारमानक हिन्दी वाक्यछत्तीसगढ़ी अनुवाद एवं क्रिया रूपमुख्य प्रत्यय / पहचान
1. सामान्य वर्तमानकालवह जाता है / वह खाता हैओहा जाथे / ओहा खाथेक्रिया + थे / थय
2. अपूर्ण वर्तमानकाल (रहा है)वह जा रहा है / वह खा रहा हैओहा जावत हे / ओहा खावत हेक्रिया + वत हे
3. पूर्ण वर्तमानकालवह गया है / खा चुका हैओहा गे हे / ओहा खा डारे हेक्रिया + गे हे / चुके हे
4. सामान्य भूतकालवह गया / उसने खायाओहा गिस / ओहा खाइसक्रिया + इस / इसिन
5. अपूर्ण भूतकाल (रहा था)वह जा रहा था / खा रहा थाओहा जावत रहिस / खावत रहिसक्रिया + वत रहिस
6. पूर्ण भूतकाल (गया था)वह गया था / खाया थाओहा गे रहिस / खाए रहिसक्रिया + ए रहिस
7. सामान्य भविष्यतकालवह जाएगा / खाएगाओहा जाही / ओहा खाहीक्रिया + ही / हीन
8. हम जाएंगे (बहुवचन भविष्यत)हम सब जाएंगे / खाएंगेहमन जाबो / हमन खाबोक्रिया + बो (Bo)

याद रखें: प्रथम पुरुष बहुवचन भविष्यतकाल में हमेशा ‘बो’ प्रत्यय लगता है (जैसे—हमन पढ़बो, हमन खेलबो, हमन जाबो)।

छत्तीसगढ़ी अव्यय एवं क्रियाविशेषण शब्दकोश : काल, स्थान, रीति व परिमाण तालिका

CGPSC CSAT में छत्तीसगढ़ी अव्यय शब्दों का हिन्दी अर्थ और वाक्य प्रयोग हर वर्ष पूछा जाता है:

💡💡 छत्तीसगढ़ी अव्यय एवं क्रियाविशेषण मास्टर तालिका

अव्यय का वर्गछत्तीसगढ़ी स्थानीय शब्दसटीक मानक हिन्दी अर्थपरीक्षा हॉल वाक्य प्रयोग
1. परिमाणवाचक (मात्रा)अबड़ (Abad) ⚠️बहुत / अत्यधिक“आज अबड़ घाम हे।” (आज बहुत तेज धूप है)।
1. परिमाणवाचक (मात्रा)अकबक (Akbak)बहुत ज्यादा / अकूत“ओकर तीर अकबक पइसा हे।” (उसके पास बहुत पैसा है)।
1. परिमाणवाचक (मात्रा)कनिक / कनी भरथोड़ा सा / जरा सा“कनिक पानी दे।” (थोड़ा सा पानी दो)।
2. कालवाचक (समय)कहिया (Kahiya) ⚠️कब (When)“तैं कहिया रायपुर जबे?” (तू कब रायपुर जाएगा?)।
2. कालवाचक (समय)काली (Kaali)आने वाला कल (Tomorrow)“हमन काली आबो।” (हम कल आएंगे)।
2. कालवाचक (समय)काल (Kaal)बीता हुआ कल (Yesterday)“ओहा काल आए रहिस।” (वह कल आया था)।
2. कालवाचक (समय)परसो / नरसोपरसों / तरसोंआगामी या बीता हुआ दूसरा/तीसरा दिन।
3. स्थानवाचक (जगह)इहाँ / उहाँयहाँ / वहाँ“इहाँ बइठ।” (यहाँ बैठो)।
3. स्थानवाचक (दिशा)जेती / तेती / केती ⚠️जिधर / उधर / किधर“तैं केती जावत हस?” (तू किधर जा रहा है?)।
4. रीतिवाचक (ढंग)कइसन (Kaisan) ⚠️कैसा / किस प्रकार“तोर तबियत कइसन हे?” (तेरी तबीयत कैसी है?)।
4. रीतिवाचक (ढंग)अइसन / वइसनऐसा / वैसा“अइसन बात नइ बोलना चाही।” (ऐसी बात नहीं बोलनी चाहिए)।
4. रीतिवाचक (ढंग)जइसन (Jaisan)जैसा“जइसन करबे वइसन भरबे।” (जैसा करोगे वैसा भरोगे)।

4. छत्तीसगढ़ के 30 प्रसिद्ध हाना (कहावतें / Proverbs) एवं उनके सटीक हिन्दी अर्थ

छत्तीसगढ़ी लोक-जीवन के अनुभवों की धरोहर ‘हाना’ (कहावतें) कहलाती हैं। CGPSC CSAT और मुख्य परीक्षा में हाना का अर्थ और वाक्य प्रयोग हर साल 4 से 5 अंकों का अनिवार्य प्रश्न होता है। विगत वर्षों में सबसे अधिक रिपीट हुए 30 हाना की प्रामाणिक तालिका:

✅व्यापम एवं CGPSC में पूछे जाने वाले 30 प्रसिद्ध छत्तीसगढ़ी हाना तालिका

क्र.छत्तीसगढ़ी हाना (कहावत)सटीक हिन्दी अर्थ (Meaning)परीक्षा हॉल विशेष संदर्भ
1अपन मरे बिना सरग नहीं दिखे।स्वयं प्रयास किए बिना सफलता या सच्चाई का पता नहीं चलता।स्वयं अनुभव करना।
2अंधरा खोजे दू आंखी।मनचाही वस्तु का अनायास ही मिल जाना।अत्यधिक लाभ होना।
3एक हाथ म लोटा, दूसर हाथ म सोटा।अत्यंत फक्कड़, लापरवाह और किसी बात की चिंता न करने वाला व्यक्ति।मस्तमौला स्वभाव।
4कुकुर के पोंछी बारह बछर नरी म डारे, तभू टेढ़ के टेढ़े।दुष्ट या आदतन खराब व्यक्ति का स्वभाव कभी नहीं बदलता (कुत्ते की दुम टेढ़ी की टेढ़ी)।स्थाई दुर्गुण।
5जेकर लाठी ओकर भइंसा।बलवान और शक्तिशाली की ही सब जगह विजय होती है (जिसकी लाठी उसकी भैंस)।शक्ति का प्रभाव।
6तीन रुख के एक छांव।संगठन में ही शक्ति होती है (अनेक लोगों का एक मत होना)।एकता का प्रतीक।
7घर के जोगी जोगना, आन गांव के सिद्ध।अपने घर के विद्वान का अनादर करना और बाहर के ढोंगी का आदर करना।घर की मुर्गी दाल बराबर।
8आंखी के आंधरा, नाम नयनसुख।गुणों के सर्वथा विपरीत नाम होना।नाम के विपरीत कर्म।
9बइला के पेट म बछरू, कसाई के घर म आस।व्यर्थ की झूठी उम्मीद लगाए बैठना (संभव न होने वाली आशा)।असंभव आशा।
10गाते-गाते गवैय्या, बोहते-बोहते कन्हइया।निरंतर अभ्यास करने से ही व्यक्ति किसी कार्य में निपुण और कुशल बनता है।अभ्यास का महत्व।
11खोर्री म कुकुर बरिआर।अपनी गली या अपने घर में कमजोर व्यक्ति भी शेखी बघारता है (अपनी गली में कुत्ता भी शेर)।स्थानीय घमंड।
12न नौ मन तेल होही, न राधा नाचही।किसी कार्य को टालने हेतु ऐसी असंभव शर्त रख देना जो कभी पूरी न हो सके।काम टालना।
13चोर के दाढ़ी म तिनका।दोषी व्यक्ति अपने आचरण से स्वतः संशकित और डरा रहता है।अपराध बोध।
14चार दिन के जिनगानी, फेर उही पानी के पानी।मानव जीवन क्षणभंगुर और नश्वर है (चार दिन की चांदनी फिर अंधेरी रात)।जीवन की नश्वरता।
15मुँह म राम, बगल म कतरी।ऊपर से मीठी बातें करना किंतु मन में कपट और दुश्मनी रखना (मुख में राम बगल में छुरी)।कपटी स्वभाव।
16तोर मोंछ म घीव, मोर मोंछ म खीर।दोनों पक्षों का समान रूप से लाभान्वित होना।दोनों हाथों में लड्डू।
17पानी म पथरा नइ भींजे।कठोर हृदय और निर्लज्ज व्यक्ति पर उपदेश या दया का कोई असर न होना।असरहीन होना।
18लइका रोए अपन आंखी खोए।व्यर्थ के हठ या रोने से स्वयं का ही नुकसान होना।अपनी हानि करना।
19जांगर के चलते तक कमाय, बइठे के दिन सिरिफ पछताय।जब तक शरीर में शक्ति है तभी तक मेहनत कर लेना चाहिए, बुढ़ापे में केवल पछताना पड़ता है।समय का सदुपयोग।
20रुख म कटहर, ओठ म तेल।काम शुरू होने से पहले ही फल भोगने की तैयारी कर लेना (हवा में महल बनाना)।समय पूर्व योजना।
21अति के भलो न बोलना, अति की भली न चुप।किसी भी कार्य में अति (अत्यधिकता) हमेशा हानिकारक होती है।संतुलन का महत्व।
22काजर के कोठरी म जे जाही, कनिक कालिख लगबे करही।बुरी संगत में जाने पर बदनामी और कलंक लगना निश्चित है।कुसंगति का फल।
23अंधरा म काना राजा।मूर्खों के समाज में थोड़ा सा जानने वाला भी बड़ा विद्वान बन बैठता है।अल्पज्ञ का आदर।
24बूड़त ला तिनका के सहारा।विपत्ति और संकट के समय थोड़ा सा सहयोग भी बहुत बड़ा संबल बन जाता है।संकट में सहारा।
25कुकुर के पेट म घीव नइ पचे।ओछे और नीच व्यक्ति से कोई गोपनीय बात हजम नहीं होती।रहस्य न छिपा पाना।
26दाई के पेट ले कोनो सीख के नइ आवय।हर व्यक्ति संसार में आकर अभ्यास और मेहनत से ही सीखता है।अधिगम का महत्व।
27धान के खेत म कोदो नइ जमे।उत्तम माता-पिता की संतान भी सदा उत्तम संस्कारों वाली ही होती है।वंशानुक्रम।
28भइंसा के आगू म पुंगी बजाए, भइंसा बइठे पगुराय।मूर्ख के सामने ज्ञान की बातें करना पूर्णतः व्यर्थ है (भैंस के आगे बीन बजाना)।व्यर्थ प्रयास।
29नाच न जाने आंगना टेढ़ा।स्वयं काम न आने पर परिस्थितियों या औजारों को दोष देना।दोष मढ़ना।
30सांप के काटे ला रस्सी ले डर लागथे।एक बार भारी धोखा खाया हुआ व्यक्ति छोटी सी चीज से भी डरने लगता है (दूध का जला छाछ फूंककर पीता है)।पूर्व भय का असर।

5. छत्तीसगढ़ के 30 प्रसिद्ध जनउला (पहेलियाँ / Riddles) : अर्थ एवं उत्तर सहित मास्टर तालिका

छत्तीसगढ़ी लोक-बुद्धि और बौद्धिक विनोद का सबसे सुंदर माध्यम ‘जनउला’ (पहेलियाँ) हैं। CGPSC CSAT और व्यापम की परीक्षाओं में जनउला देकर उसका सही उत्तर पूछा जाता है। विगत 15 वर्षों की परीक्षाओं में बार-बार पूछे गए 30 सबसे महत्वपूर्ण जनउला की प्रामाणिक तालिका:

✅व्यापम एवं CGPSC में बार-बार पूछे जाने वाले 30 प्रसिद्ध जनउला (पहेलियाँ) तालिका

क्र.छत्तीसगढ़ी जनउला (पहेली)पहेली का भावार्थ एवं अर्थ100% सही प्रामाणिक उत्तर (Answer)
1करिया बइला बइठे हे, लाल बइला भागत हे।काला बैल बैठा रहता है और लाल बैल भागता है।आगी और धुआं (आग और धुआं) ⚠️
2पर्रा भर लाई, अकास भर छितराई।परात भर मुरमुरा (लाई) पूरे आकाश में बिखरा हुआ है।तारा / तारे (Stars) ⚠️
3पानी के भीतर घर, तरी मुड़ी ऊपर गोड़।पानी के अंदर घर है, सिर नीचे और पैर ऊपर हैं।सिंघाड़ा (Water Chestnut)
4नानकुन टूरा, बेंदरा असन कूदे।छोटा सा लड़का है किंतु बंदर की तरह छलांग लगाता है।मेंढक (बेंदरा/मेढ़क) ⚠️
5नानकुन लइका, पेट म दाढ़ी।छोटा सा बालक है किंतु उसके पेट में दाढ़ी है।भुट्टा (मक्का / मकई) ⚠️
6एक थान रुख म बारह डारा, तीन सौ साठ पातर।एक वृक्ष में 12 डालियाँ हैं और 360 पत्ते हैं।साल (वर्ष), 12 महीने और 365 दिन
7बिन पांख के उड़े आकास, बिन गोड़ के दौड़े।बिना पंख के आकाश में उड़ती है और बिना पैर के दौड़ती है।पतंग (Kite) अथवा हवा
8फूल फूले रिंगी-चिंगी, फर फरे लमढोंगा।फूल रंग-बिरंगे खिलते हैं और फल लंबा लटकता है।मुनगा (सहजन / Drumstick)
9चार गोड़, दू कान, पोंछी बिन बेजान।चार पैर और दो कान हैं किंतु पूंछ नहीं है और निर्जीव है।खाट (चारपाई)
10कारी गाय, कांटा खाए; दूध देवे, बछरू न पाए।काली गाय है जो कांटा खाती है, दूध देती है किंतु बछड़ा नहीं पीता।स्याही (दवात / Ink)
11एक रुख म तिरसूल गड़े हे।एक पेड़ पर त्रिशूल गड़ा हुआ दिखाई देता है।बेल का पत्ता (बेलपत्र)
12रात कुन आवय, दिन कुन जावय; कोनो नइ देखय, सब ला सुवावय।रात में आती है, दिन में चली जाती है; कोई देख नहीं पाता किंतु सबको सुला देती है।नींद (Sleep)
13एक खोली म बत्तीस पीपर।एक कमरे के भीतर बत्तीस पीपल के पत्ते हैं।दांत (बत्तीस दांत) ⚠️
14हरियर हरियर रुख, लाल-लाल फर; मुंह म डाले, आंखी म पानी भर।हरा-भरा पेड़ है, लाल फल है; मुंह में डालने पर आंखों से पानी निकल आता है।मिर्चा (लाल मिर्च)
15पेट म आंखी, पीठ म दाँत; बिना गोड़ के चले दिन-रात।पेट में आंख है, पीठ में दांत हैं; बिना पैर के दिन-रात चलता है।रंदा (बढ़ई का रंदा टूल)
16धूप म जनमे, छांव म मुरझाए; हवा लगे त मर-मर जाए।धूप में पैदा होता है, छाया में मुरझा जाता है और हवा लगने पर समाप्त हो जाता है।पसीना (Sweat) ⚠️
17कटोरी ऊपर कटोरा, बेटा बाप ले भी गोरा।कटोरी के ऊपर कटोरी है और बेटा पिता से भी अधिक गोरा है।नारियल (Coconut)
18अंगरी म अंगरी, गोड़ म गोड़; बिन जीव के चले बेजोड़।उंगली में उंगली, पैर में पैर; बिना जीव के चलता है।पनही (जूता / चप्पल)
19एक थान डिबिया म बत्तीस ठन लौंग।एक डिबिया के भीतर बत्तीस लौंग रखी हैं।मुंह के भीतर दांत
20अगास ले गिरिस पथरा, पेट म बांचे कचरा।आकाश से पत्थर गिरा और पेट में कचरा बचा रह गया।बेल का फल (Bael)
21नानकुन टूरी, पेट म सुतरी।छोटी सी लड़की है जिसके पेट में रस्सी बंधी है।सुई-धागा (Needle & Thread) ⚠️
22माई लइका ला छोड़ देथे, लइका माई ला पकड़ लेथे।माँ बच्चे को छोड़ देती है, किंतु बच्चा माँ को पकड़ लेता है।कपास / रोंआ (कपास का फल)
23आना-जाना ओकर काम, जेकर घर जाए ओकरे नुकसान।आना-जाना उसका काम है, जिसके घर जाता है उसी का नुकसान करता है।चोर (Thief) अथवा चूहा
24पांच भाई के एक थान अंगना।पांच भाइयों का एक ही साझा आंगन है।हथेली (Palm)
25आंखी म तीर, कान म बाण; बोले त निकले जान।आंख में तीर और कान में बाण जैसा; बोलते ही पोल खुल जाती है।गुलेल (Slingshot)
26एक थान रुख म तीन सौ साठ डारा, बारह चिरई बइठे हे।एक पेड़ पर 360 डालियाँ और 12 पक्षी बैठे हैं।वर्ष, दिन और 12 महीने
27नानकुन चिमटी, खोर्री-खोर्री रेंगत हे।छोटी सी चींटी है जो गली-गली में रेंगती है।कुदाल / फावड़ा
28गाए न बजाए, राजा के अगाड़ी नाचे।न गाता है न बजाता है, फिर भी राजा के सामने नाचता है।पंखा (Hand Fan)
29एक ठन जनावर अइसन, जेकर पूंछी म पइसा।एक ऐसा जानवर जिसकी पूंछ पर सिक्के बने होते हैं।मोर (Peacock) ⚠️
30चार थान खंभा, दू थान सूप; एक थान अजगर, ठाढ़े अनूप।चार खंभे जैसे पैर, दो सूप जैसे कान और एक अजगर जैसी सूंढ़।हाथी (Elephant)

6. छत्तीसगढ़ी प्रशासनिक एवं कृषि-ग्रामीण शब्दावली (Agricultural & Rural Lexicon)

पटवारी और अमीन भर्ती परीक्षाओं में खेत-खलिहान, कृषि औजारों और ग्रामीण रीति-रिवाजों से जुड़े विशुद्ध छत्तीसगढ़ी शब्दों का हिन्दी अर्थ पूछा जाता है:

ℹ️💡 छत्तीसगढ़ी कृषि एवं ग्रामीण शब्दावली मास्टर तालिका

छत्तीसगढ़ी स्थानीय शब्दसटीक हिन्दी मानक अर्थकृषि एवं ग्रामीण उपयोग संदर्भ
1. नांगर (Nangar)हल (Plough)खेत जोतने का पारंपरिक लकड़ी का कृषि यंत्र।
2. कोठार (Kothar)खलिहान (Threshing Floor)जहाँ धान की कटाई के बाद फसल को मड़ाई (मिंजाई) हेतु इकट्ठा किया जाता है।
3. लुवई (Luwai)फसल की कटाई (Harvesting)हंसिया (हंसुआ) से धान की पकी फसल को काटना।
4. बोवाई (Bawai)बीज बोना (Sowing)खेत में धान या दलहन के बीज डालना।
5. बियासी (Biyasi)धान के खेतों में हल चलानाधान के पौधे 15-20 दिन के होने पर खरपतवार नष्ट करने हेतु पानी भरे खेत में नांगर चलाना।
6. निंदाई (Nindai)खरपतवार निकालना (Weeding)फसल के बीच से अनावश्यक घास-फूस को हाथों से उखाड़ना।
7. मिंजाई (Minjai)दौरी / गहाई (Threshing)बैलों या ट्रैक्टर से धान के पौधों से बालियों को अलग करना।
8. अरगा (Arga)बांस की टोकरी / झांपअनाज रखने या सुरक्षित ढकने हेतु बांस का ढक्कन।
9. बीड़ा (Beda)धान का पूला / गट्ठा (Bundle)कटी हुई फसल का बंधा हुआ बंडल।
10. पन्हैया (Panhaiya)चमड़े की पारंपरिक जूतीपैरों में पहनी जाने वाली देसी चमड़े की चप्पल।
11. सूपा (Soopa)अनाज साफ करने का सूपकमार जनजाति द्वारा बांस से निर्मित अनाज फटकने का पात्र।
12. टुकनी (Tukni)छोटी टोकरी (Basket)फूल, भाजी या बीज रखने की बांस की छोटी डलिया।
13. रापा (Rapa)फावड़ा (Spade)मिट्टी काटने और मेढ़ बांधने का औजार।
14. गैंती / कुदारीकुदाल (Pickaxe / Hoe)सख्त पथरीली मिट्टी खोदने का लोहे का औजार।
15. पसिया (Pasiya)चावल का मांडभात पकाने के बाद निथारा गया तरल पौष्टिक जल।
16. अछत (Akshat)चावल के साबुत दानेपूजा में प्रयुक्त होने वाले बिना टूटे कच्चे चावल।
17. गोंदली (Gondli)प्याज (Onion)छत्तीसगढ़ी रसोई में प्याज का स्थानीय नाम।
18. पाताल (Patal)टमाटर (Tomato)देशी खट्टा टमाटर (पाताल की चटनी)।
19. अमली (Amli)इमली (Tamarind)बस्तर की प्रसिद्ध वनोपज।
20. चिखला (Chikhla)गीला कीचड़ (Mud)वर्षा ऋतु में खेत में बना दलदली कीचड़।

छत्तीसगढ़ी उपसर्ग एवं प्रत्यय (Prefixes & Suffixes) मास्टर तालिका

छत्तीसगढ़ी में नए शब्दों की रचना में प्रयुक्त होने वाले प्रमुख उपसर्ग और प्रत्यय:

✅छत्तीसगढ़ी प्रमुख उपसर्ग एवं प्रत्यय तालिका

व्याकरणिक तत्वउपसर्ग / प्रत्ययतकनीकी भाव एवं अर्थपरीक्षा हॉल उदाहरण
उपसर्ग (Prefix)बे- (Be)अभाव / बिना (निषेधवाचक)बे-अक्कल (बिना अक्ल का), बे-काम, बे-सहारा, बे-सुरता (भूला हुआ)।
उपसर्ग (Prefix)अन- (An)नहीं / विपरीतअन-देख (अनदेखा), अन-सुहावत (अरुचिकर), अन-भल (बुरा)।
उपसर्ग (Prefix)दुर- (Dur)बुरा / कठिनदुर-दसा (बुरी दशा), दुर-बल (कमजोर)।
प्रत्यय (Suffix)-हा (-Haa) ⚠️स्वभाव / लत वाला व्यक्तिपियहा (शराबी), अलकहा (आलसी), अदहा (आधा), झगड़हा (झगड़ालू)।
प्रत्यय (Suffix)-वा (-Waa)तुच्छता / हीनता / दुलारलइकुवा (छोटा बच्चा), चोरवा (चोर), बइलावा।
प्रत्यय (Suffix)-कहा (-Kahaa)आदत / चरित्र सूचकहंसकहा (हंसोड़), रोवकहा (रोतलू), खवकहा (पेटू)।
प्रत्यय (Suffix)-वार (-Waar)क्रम / समय सूचकबरीसवार (वार्षिक), महीनावार (मासिक), दिनवार (प्रतिदिन)।

परीक्षा हॉल 5-सेकंड ‘छत्तीसगढ़ी भाषा व व्याकरण’ एलिमिनेशन सीक्रेट कोड

CGPSC CSAT और व्यापम परीक्षाओं में जब 4 विकल्प बहुत मिलते-जुलते हों, तो इस 2-कॉलम एलिमिनेशन कोड की मदद से मात्र 5 सेकंड में सही उत्तर पहचानें:

🔥🎯 छत्तीसगढ़ी व्याकरण: ग्रीन सिग्नल vs रेड सिग्नल कोड

ग्रीन सिग्नल शब्द (100% सही उत्तर ✅)रेड सिग्नल शब्द (देखते ही काटें ❌)
संप्रदान कारक = ‘बर’ / ‘खातिर’ (तोर बर, राम बर)‘बर’ को करण या अपादान कारक मानना
कर्म कारक = ‘ला’ (लइका ला, गाय ला)‘ला’ को संबंध कारक मानना
अपादान कारक = ‘ले’ (रुख ले पान गिरिस)पेड़ से पत्ते गिरने में ‘म’ या ‘के’ चुनना
संबंध कारक = ‘के’ / ‘कर’ (दाई के मया, बाबू कर खेत)संबंध कारक में केवल हिन्दी के ‘का’ को खोजना
उत्तम पुरुष बहुवचन = ‘हमन’ (हम सब)‘हमन’ को अन्य पुरुष या मध्यम पुरुष मानना
मध्यम पुरुष = ‘तैं’ (तू) ; बहुवचन = ‘तुमन’‘तैं’ को प्रथम पुरुष मानना
भविष्यतकाल बहुवचन = ‘बो’ (जाबो, खाबो, पढ़बो)‘जाबो’ को भूतकाल का रूप मानना
भूतकाल एकवचन = ‘इस’ (खाइस, गिस, देखिस)‘खाइस’ को वर्तमानकाल मानना
‘श’ और ‘ष’ = छत्तीसगढ़ी में हमेशा ‘स’ बनते हैंछत्तीसगढ़ी शब्दों में तालव्य ‘श’ या ‘ष’ खोजना
‘व’ = छत्तीसगढ़ी में हमेशा ‘ब’ बनता है (बिहाव, बकील)छत्तीसगढ़ी में ‘व’ का प्रयोग सही मानना

7. कक्षा परिदृश्य शब्दकोश: 20 छत्तीसगढ़ी भाषा परीक्षा परिदृश्य व सही उत्तर

CGPSC CSAT और पटवारी भर्ती में छत्तीसगढ़ी व्याकरण पर पूछे जाने वाले 20 सबसे जटिल, भ्रामक और बार-बार आने वाले परिदृश्य:

💡20 परीक्षा परिदृश्य vs सही व्याकरणिक समाधान तालिका

परीक्षा परिदृश्य / पूछा जाने वाला प्रश्नपरीक्षा हॉल की सिली मिस्टेक (Trap ❌)100% सही प्रामाणिक उत्तर (Answer ✅)
1. ‘मँय तोर बर आमा लाएंव’ — वाक्य में ‘तोर बर’ पद में कौन सा कारक है?करण कारक चुनना‘संप्रदान कारक’ (हिन्दी के ‘के लिए’ हेतु छत्तीसगढ़ी में ‘बर’ प्रयुक्त होता है)
2. ‘रुख ले पान गिरिस’ — इस वाक्य में ‘ले’ किस कारक का विभक्ति चिह्न है?करण कारक चुनना‘अपादान कारक’ (पेड़ से पत्ता अलग हो रहा है)
3. ‘ददा ह लइका ला मारिस’ — वाक्य में ‘लइका ला’ में कौन सा कारक है?संप्रदान कारक चुनना‘कर्म कारक’ (हिन्दी के ‘को’ के स्थान पर छत्तीसगढ़ी में ‘ला’ लगता है)
4. ‘हमन काली रायपुर जाबो’ — इस वाक्य में कौन सा काल प्रयुक्त हुआ है?वर्तमानकाल चुनना‘सामान्य भविष्यतकाल’ (क्रिया के अंत में ‘बो’ भविष्यतकाल बहुवचन का सूचक है)
5. ‘ओहा भात खाइस’ — इस वाक्य में क्रिया का काल रूप क्या है?अपूर्ण भूतकाल चुनना‘सामान्य भूतकाल’ (खाइस / गिस सामान्य भूतकाल हैं)
6. मानक हिन्दी के शब्द ‘विवाह’ और ‘विचार’ का शुद्ध छत्तीसगढ़ी रूप क्या होगा?विहाव व विचार‘बिहाव’ एवं ‘बिचार’ (‘व’ हमेशा ‘ब’ में परिवर्तित होता है)
7. मानक हिन्दी के शब्द ‘शांति’ और ‘वर्ष’ का शुद्ध छत्तीसगढ़ी रूप क्या होगा?शांति व वर्ष‘सांति’ एवं ‘बरीस’ (‘श’ और ‘ष’ हमेशा ‘स’ बनते हैं)
8. छत्तीसगढ़ी जनउला: ‘करिया बइला बइठे हे, लाल बइला भागत हे’ का सही उत्तर?बैलगाड़ी चुनना‘आगी और धुआं’ (काला धुआं बैठता/उठता है और लाल आग लपटें भागती हैं)
9. छत्तीसगढ़ी जनउला: ‘पर्रा भर लाई, अकास भर छितराई’ का सही उत्तर क्या है?धान चुनना‘तारा / तारे’ (आकाश में फैले हुए नक्षत्र)
10. छत्तीसगढ़ी जनउला: ‘नानकुन लइका, पेट म दाढ़ी’ का सही उत्तर क्या है?चूहा चुनना‘भुट्टा’ (मक्का / मकई के रेशे)
11. छत्तीसगढ़ी हाना: ‘अपन मरे बिना सरग नहीं दिखे’ का सही और सटीक अर्थ क्या है?मरने के बाद स्वर्ग जाना‘स्वयं प्रयास और कष्ट सहे बिना वास्तविक सफलता या सच्चाई नहीं मिलती’
12. छत्तीसगढ़ी हाना: ‘जेकर लाठी ओकर भइंसा’ का सही अर्थ क्या है?भैंस चराना‘बलवान और शक्तिशाली व्यक्ति की ही सर्वत्र विजय होती है’
13. ‘घर म कोनो नइये’ — इस वाक्य में ‘कोनो’ किस प्रकार का सर्वनाम है?निश्चयवाचक चुनना‘अनिश्चयवाचक सर्वनाम’ (हिन्दी के ‘कोई’ का रूप)
14. ‘तैं कहाँ जाथस?’ — इस वाक्य में ‘तैं’ किस पुरुष का सर्वनाम है?अन्य पुरुष चुनना‘मध्यम पुरुष’ (हिन्दी के ‘तू’ का छत्तीसगढ़ी रूप)
15. खेत में धान के पौधे उगने के बाद खरपतवार नष्ट करने हेतु हल चलाना क्या कहलाता है?निंदाई चुनना‘बियासी’ (Biyasi – पानी भरे खेत में हल चलाना)
16. खेत से अनावश्यक घास-फूस को हाथों से उखाड़कर बाहर फेंकना क्या कहलाता है?बियासी चुनना‘निंदाई’ (Nindai – Weeding)
17. पकी हुई फसल की कटाई को छत्तीसगढ़ी ग्रामीण बोली में क्या कहते हैं?मिंजाई चुनना‘लुवई’ (Luwai – हंसिया से फसल काटना)
18. कटी हुई फसल को खलिहान में लाकर बैलों या ट्रैक्टर से अलग करना क्या कहलाता है?लुवई चुनना‘मिंजाई’ (Minjai – दंवरी चलाना)
19. ‘नानकुन टूरी, पेट म सुतरी’ जनउला का सही उत्तर क्या होगा?गुड़िया चुनना‘सुई और धागा’ (Needle & Thread)
20. छत्तीसगढ़ी में ‘अपन’ और ‘खुद’ किस प्रकार के सर्वनाम के रूप हैं?पुरुषवाचक चुनना‘निजवाचक सर्वनाम’ (Reflexive Pronoun)

8. मास्टर तालिका: छत्तीसगढ़ी भाषा एवं व्याकरण की 50+ महत्वपूर्ण संकल्पनाएँ

विगत 15 वर्षों के CGPSC CSAT, Mains Paper 1 एवं CG Vyapam से संकलित 50 सबसे महत्वपूर्ण व्याकरणिक पद, नियम और प्रामाणिक परीक्षा तथ्य:

✅छत्तीसगढ़ी भाषा एवं व्याकरण 3-कॉलम मास्टर तालिका

व्याकरणिक घटक / पदछत्तीसगढ़ी स्वरूप / नियममुख्य परीक्षा तथ्य एवं अनुप्रयोग
छत्तीसगढ़ी की मूल उपभाषापूर्वी हिन्दी उपभाषाअर्धमागधी अपभ्रंश से विकसित (अवधी व बघेली की बहन)
राजभाषा का दर्जा28 नवंबर 2007छत्तीसगढ़ी राजभाषा दिवस प्रतिवर्ष 28 नवंबर को मनाया जाता है
राजभाषा आयोग का गठन14 अगस्त 2008 (रायपुर)छत्तीसगढ़ी को संविधान की 8वीं अनुसूची में शामिल कराने का लक्ष्य
प्रथम व्याकरण ग्रंथ‘छत्तीसगढ़ी व्याकरण’ (1885 ई.)हीरालाल काव्योपाध्याय कृत (जॉर्ज ग्रियर्सन द्वारा प्रकाशित)
छत्तीसगढ़ का पाणिनीपंडित हीरालाल काव्योपाध्यायप्रथम छत्तीसगढ़ी व्याकरण की रचना करने के कारण उपाधि
‘श’ और ‘ष’ का नियमकेवल ‘स’ का प्रयोगभासा, सांति, बरीस, दोस, मानुस
‘व’ का नियमकेवल ‘ब’ का प्रयोगबिहाव, बिचार, बकील, बन, बरखा
‘ज्ञ’ का नियम‘गिया’ या ‘ग्या’ का प्रयोगगियान, अगियानी, जगिया
‘य’ का नियम‘ज’ का प्रयोगजदि, जस, जुग, जात्रा, जमुना
‘ऋ’ का नियम‘रि’ का प्रयोगरिषी, रितु, किरपा, रिन
‘ण’ का नियम‘न’ का प्रयोगचरन, कारन, बान, गुन
मँय / मैंउत्तम पुरुष एकवचनमँय पढ़त हंव (मैं पढ़ रहा हूँ)
हमनउत्तम पुरुष बहुवचनहमन जाबो (हम सब जाएंगे)
तैंमध्यम पुरुष एकवचन (अनादर)तैं का करत हस? (तू क्या कर रहा है?)
तुमनमध्यम पुरुष बहुवचनतुमन इहाँ आव (तुम सब यहाँ आओ)
आपमनमध्यम पुरुष आदरसूचकआपमन बइठव (आप लोग बैठिए)
एहा / येअन्य पुरुष निकटवर्तीएहा मोर भइगे (यह मेरा भाई है)
ओहा / वोअन्य पुरुष दूरवर्तीओहा घर म हे (वह घर में है)
एमन / ओमनअन्य पुरुष बहुवचनएमन खेलत हें (ये लोग खेल रहे हैं)
कोनोअनिश्चयवाचक सर्वनाम (प्राणी)कोनो आइस रहिस (कोई आया था)
कुछुअनिश्चयवाचक सर्वनाम (वस्तु)कुछु खा ले (कुछ खा ले)
कोनप्रश्नवाचक सर्वनाम (व्यक्ति)कोन आए हे? (कौन आया है?)
का / काहेप्रश्नवाचक सर्वनाम (वस्तु/कारण)का बात हे? (क्या बात है?)
अपननिजवाचक सर्वनामअपन काम अपन कर (अपना काम खुद कर)
कर्ता कारक परसर्गशून्य / ‘ह’राम ह आमा खाइस
कर्म कारक परसर्ग‘ला’लइका ला दूध पियाव
करण कारक परसर्ग‘ले’ / ‘से’कुदारी ले माटी खनिस
संप्रदान कारक परसर्ग‘बर’ / ‘खातिर’तोर बर किताब लाएंव
अपादान कारक परसर्ग‘ले’ (अलग होना/तुलना)रुख ले गिरिस ; बिलाई ले डर्राथे
संबंध कारक परसर्ग‘के’ / ‘कर’दाई के मया ; राजा कर घोड़ा
अधिकरण कारक परसर्ग‘म’ / ‘मां’ / ‘तरी’घर म बइठ ; रुख तरी ठाढ़
संबोधन कारक परसर्गगा, गो, वो, रेसुन गा टूरा ; सुन गो टूरी
सामान्य वर्तमान प्रत्यय‘थे’ / ‘थय’ओहा जाथे (वह जाता है)
अपूर्ण वर्तमान प्रत्यय‘वत हे’ओहा पढ़वत हे (वह पढ़ रहा है)
सामान्य भूतकाल प्रत्यय‘इस’ / ‘इसिन’ओहा लिखिस (उसने लिखा)
अपूर्ण भूतकाल प्रत्यय‘वत रहिस’ओहा सोवत रहिस (वह सो रहा था)
सामान्य भविष्यत प्रत्यय‘ही’ (एकवचन)ओहा जाही (वह जाएगा)
भविष्यत बहुवचन प्रत्यय‘बो’हमन खलबो (हम सब खेलेंगे)
नांगरकृषि यंत्रखेत जोतने का हल
कोठारकृषि स्थलधान की मिंजाई करने का खलिहान
लुवईकृषि कार्यहंसिया से धान की फसल काटना
बियासीकृषि कार्यधान खेत में खरपतवार मिटाने हेतु हल चलाना
निंदाईकृषि कार्यहाथों से खरपतवार उखाड़ना
मिंजाई (दंवरी)कृषि कार्यबैलों द्वारा धान की बालियों को रौंदना
अरगा / बीड़ाग्रामीण पदअरगा = बांस की डलिया ; बीड़ा = धान का पूला
पसियाग्रामीण खान-पानपके हुए चावल का पौष्टिक मांड
हानालोक साहित्यछत्तीसगढ़ी कहावतें (Proverbs)
जनउलालोक साहित्यछत्तीसगढ़ी पहेलियाँ (Riddles)
‘करिया बइला’ जनउलापहेली उत्तरआगी और धुआं
‘पर्रा भर लाई’ जनउलापहेली उत्तरआकाश के तारे
‘नानकुन लइका’ जनउलापहेली उत्तरभुट्टा (मक्का)

9. परीक्षा-हॉल त्वरित निर्देशिका: छत्तीसगढ़ी व्याकरण ‘सीधा प्रहार’ 25 प्रामाणिक Q&A

CGPSC CSAT (35 प्रश्न), Mains Paper 1 और व्यापम परीक्षाओं में विगत 15 वर्षों से सबसे अधिक रिपीट हुए 25 प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर:

🔥परीक्षा-हॉल 'सीधा प्रहार' 25 प्रामाणिक प्रश्नोत्तरी तालिका

परीक्षा में पूछा जाने वाला सीधा प्रश्नएक पंक्ति में 100% सटीक प्रामाणिक उत्तरसंबंधित व्याकरण खंड
1. प्रथम छत्तीसगढ़ी व्याकरण (1885 ई.) के रचयिता कौन थे?पंडित हीरालाल काव्योपाध्याय (‘छत्तीसगढ़ का पाणिनी’)।व्याकरण इतिहास
2. छत्तीसगढ़ी भाषा दिवस प्रतिवर्ष किस तिथि को मनाया जाता है?28 नवंबर को (28 नवंबर 2007 को विधेयक पारित हुआ था)।राजभाषा दिवस
3. छत्तीसगढ़ी में संप्रदान कारक (के लिए) हेतु कौन सा परसर्ग प्रयुक्त होता है?‘बर’ अथवा ‘खातिर’ (जैसे—तोर बर, राम बर)।कारक परसर्ग
4. छत्तीसगढ़ी में कर्म कारक (को) हेतु कौन सा विभक्ति चिह्न लगता है?‘ला’ (जैसे—लइका ला, गाय ला)।कारक परसर्ग
5. ‘रुख ले पान गिरिस’ में ‘ले’ किस कारक का विभक्ति चिह्न है?अपादान कारक (अलग होने के अर्थ में)।कारक परसर्ग
6. छत्तीसगढ़ी में संबंध कारक हेतु कौन से परसर्ग प्रयुक्त होते हैं?‘के’ एवं ‘कर’ (जैसे—दाई के मया, बाबू कर खेत)।कारक परसर्ग
7. ‘हमन काली बिलासपुर जाबो’ — इसमें ‘जाबो’ किस काल का रूप है?भविष्यतकाल (प्रथम पुरुष बहुवचन)।काल संरचना
8. ‘ओहा पुस्तक पढ़िस’ — इसमें ‘पढ़िस’ किस काल का क्रिया रूप है?सामान्य भूतकाल (Past Indefinite)।काल संरचना
9. मानक हिन्दी के शब्द ‘विवाह’ का शुद्ध छत्तीसगढ़ी रूप क्या होगा?‘बिहाव’ (‘व’ हमेशा ‘ब’ बनता है)।ध्वनि परिवर्तन
10. मानक हिन्दी के शब्द ‘शांति’ का शुद्ध छत्तीसगढ़ी रूप क्या होगा?‘सांति’ (‘श’ हमेशा ‘स’ बनता है)।ध्वनि परिवर्तन
11. ‘करिया बइला बइठे हे, लाल बइला भागत हे’ जनउला का उत्तर?आगी और धुआं (आग और धुआं)।जनउला (पहेली)
12. ‘पर्रा भर लाई, अकास भर छितराई’ जनउला का सही उत्तर क्या है?तारा / तारे (Stars)।जनउला (पहेली)
13. ‘नानकुन लइका, पेट म दाढ़ी’ जनउला का सही उत्तर क्या है?भुट्टा (मक्का / मकई)।जनउला (पहेली)
14. ‘पानी के भीतर घर, तरी मुड़ी ऊपर गोड़’ जनउला का सही उत्तर?सिंघाड़ा (Water Chestnut)।जनउला (पहेली)
15. ‘अपन मरे बिना सरग नहीं दिखे’ हाना का सटीक अर्थ क्या है?स्वयं अनुभव या कष्ट सहे बिना वास्तविक सफलता नहीं मिलती।हाना (कहावत)
16. ‘जेकर लाठी ओकर भइंसा’ हाना का क्या अर्थ है?बलवान और शक्तिशाली की ही सब जगह विजय होती है।हाना (कहावत)
17. छत्तीसगढ़ी में ‘मँय’ का बहुवचन रूप क्या होता है?‘हमन’ (हम सब)।सर्वनाम रूप
18. छत्तीसगढ़ी में ‘तैं’ का बहुवचन एवं आदरसूचक रूप क्या है?बहुवचन = ‘तुमन’ ; आदरसूचक = ‘आपमन’।सर्वनाम रूप
19. ‘घर म कोनो नइये’ वाक्य में ‘कोनो’ किस प्रकार का सर्वनाम है?अनिश्चयवाचक सर्वनाम (हिन्दी के ‘कोई’ का रूप)।सर्वनाम भेद
20. धान के खेत में खरपतवार मिटाने हेतु पानी भरे खेत में हल चलाना?‘बियासी’ (Biyasi)।कृषि शब्दावली
21. खेत से अनावश्यक घास-फूस को हाथों से उखाड़ना क्या कहलाता है?‘निंदाई’ (Nindai)।कृषि शब्दावली
22. पकी हुई धान की फसल को हंसिया से काटना क्या कहलाता है?‘लुवई’ (Luwai)।कृषि शब्दावली
23. कटी हुई फसल को खलिहान में रखकर मड़ाई/गहाई करना क्या कहलाता है?‘मिंजाई’ (दंवरी चलाना)।कृषि शब्दावली
24. धान रखने के खलिहान को छत्तीसगढ़ी में क्या कहते हैं?‘कोठार’ (Kothar)।ग्रामीण शब्दावली
25. छत्तीसगढ़ी बोली किस अपभ्रंश से विकसित हुई है?अर्धमागधी अपभ्रंश (पूर्वी हिन्दी उपभाषा) से।भाषा उद्भव

10. छत्तीसगढ़ी भाषा एवं व्याकरण : 10 सेकंड क्विक रिवीजन फ़्लैशकार्ड्स (15 कार्ड्स)

CGPSC CSAT (35 अंक) व व्यापम परीक्षा से पूर्व कारक, सर्वनाम, हाना और जनउला का 10 सेकंड में त्वरित रिवीजन करने के लिए नीचे दिए गए 15 इंटरैक्टिव फ़्लैशकार्ड्स का अभ्यास करें। कार्ड पर क्लिक करके आप सीधे उसका सही उत्तर देख सकते हैं:

🗂️ 🎯 छत्तीसगढ़ी भाषा एवं व्याकरण : 10 सेकंड क्विक रिवीजन फ़्लैशकार्ड्स 1 / 13
महत्वपूर्ण शब्द / फैक्ट

🔄 कार्ड को टच करके विग्रह व अर्थ देखें
विग्रह / व्याख्या
🔄 दोबारा टच करके सामने देखें

ज्ञान की परीक्षा: CGPSC CSAT स्पेशल छत्तीसगढ़ी भाषा महा-क्विज़ (10 प्रश्न)

[CGPSC CSAT Special] छत्तीसगढ़ी व्याकरण के कारक परसर्गों के अनुसार ‘मँय तोर बर आमा लाएंव’ वाक्य में रेखांकित ‘तोर बर’ पद में कौन सा कारक है?

  • करण कारक
  • अपादान कारक
  • संप्रदान कारक
  • संबंध कारक

[CGPSC CSAT Special] छत्तीसगढ़ी जनउला (पहेली) ‘करिया बइला बइठे हे, लाल बइला भागत हे’ का सही और सटीक उत्तर निम्नलिखित में से क्या होगा?

  • बैलगाड़ी
  • आगी और धुआं (आग और धुआं)
  • सूरज और चांद
  • अंधेरा और उजाला

[CG Vyapam Repeated] छत्तीसगढ़ी भाषा में किसी वृक्ष से पत्ता गिरने या अलग होने के संदर्भ में ‘रुख ले पान गिरिस’ वाक्य में ‘ले’ किस कारक का परसर्ग है?

  • करण कारक
  • अपादान कारक
  • कर्म कारक
  • अधिकरण कारक

[CGPSC Mains Paper 1] छत्तीसगढ़ी भाषा में प्रथम प्रामाणिक व्याकरण ग्रंथ ‘छत्तीसगढ़ी व्याकरण’ (1885 ई.) की रचना करने के कारण किसे ‘छत्तीसगढ़ का पाणिनी’ कहा जाता है?

  • पंडित सुंदरलाल शर्मा
  • डॉ. नरेंद्र देव वर्मा
  • पंडित हीरालाल काव्योपाध्याय
  • लोचन प्रसाद पांडे

[Chhattisgarhi Pronouns] छत्तीसगढ़ी सर्वनाम के संबंध में कौन सा युग्म सही सुमेलित नहीं है?

  • उत्तम पुरुष एकवचन — मँय (मैं)
  • उत्तम पुरुष बहुवचन — हमन (हम सब)
  • मध्यम पुरुष आदरसूचक — आपमन (आप लोग)
  • अन्य पुरुष बहुवचन — तैं (तू)

[Tense / Kaal Special] ‘हमन काली बिलासपुर जाबो’ — इस वाक्य में प्रयुक्त क्रिया रूप ‘जाबो’ किस काल और पुरुष का प्रतिनिधित्व करता है?

  • सामान्य भूतकाल, अन्य पुरुष
  • सामान्य भविष्यतकाल, उत्तम पुरुष बहुवचन
  • अपूर्ण वर्तमानकाल, मध्यम पुरुष
  • पूर्ण भूतकाल, उत्तम पुरुष

[Riddle / Janaula Special] छत्तीसगढ़ी जनउला ‘पर्रा भर लाई, अकास भर छितराई’ का सही उत्तर निम्नलिखित में से क्या है?

  • खेत में बिखरा धान
  • तारा / तारे (Stars)
  • ओले (पथरा)
  • बादल

[Agricultural Lexicon] छत्तीसगढ़ के ग्रामीण क्षेत्रों में धान के खेत में पौधे 15-20 दिन के होने पर खरपतवार मिटाने हेतु पानी भरे खेत में नांगर (हल) चलाने की प्रक्रिया क्या कहलाती है?

  • लुवई
  • निंदाई
  • बियासी (Biyasi)
  • मिंजाई

[Phonetic Rules Special] मानक हिन्दी की तुलना में छत्तीसगढ़ी भाषा के ध्वनि परिवर्तन के संबंध में कौन सा कथन सर्वथा असत्य है?

  • छत्तीसगढ़ी में ‘श’ और ‘ष’ के स्थान पर केवल ‘स’ बोला जाता है
  • छत्तीसगढ़ी में ‘व’ का उच्चारण हमेशा ‘ब’ के रूप में होता है
  • छत्तीसगढ़ी में ‘ज्ञ’ का उच्चारण ‘गिया’ होता है
  • छत्तीसगढ़ी में ‘श’ और ‘ष’ का उच्चारण बिल्कुल संस्कृत की भाँति शुद्ध होता है

[Chhattisgarhi Proverbs] छत्तीसगढ़ी हाना ‘अपन मरे बिना सरग नहीं दिखे’ का सर्वाधिक उपयुक्त और प्रामाणिक अर्थ क्या है?

  • मृत्यु के उपरांत ही स्वर्ग मिलता है
  • स्वयं परिश्रम और कष्ट सहे बिना वास्तविक सफलता या सत्य का साक्षात्कार नहीं होता
  • दूसरों के मरने पर खुश होना
  • व्यर्थ की चिंता करना

🔥🎯 अपना स्कोर आँकें: छत्तीसगढ़ी भाषा व व्याकरण में आपकी तैयारी का स्तर क्या है?

कुल प्रश्न: 10 | CGPSC CSAT (35 प्रश्न) व व्यापम परीक्षा के मानकों पर अपने ज्ञान का विश्लेषण करें:

  • 🏆 10 में से 10 सही (टॉपर स्तर): अद्भुत तैयारी! कारक परसर्ग (बर, ले, ला), सर्वनाम (मँय, हमन), काल रूप (जाबो, खाइस), हाना और जनउला पर आपकी पकड़ 100% सटीक है। आप CSAT में छत्तीसगढ़ी के पूरे 35 में से 35 अंक हासिल करेंगे।
  • 🥈 10 में से 8-9 सही (उत्कृष्ट स्तर): बहुत बढ़िया प्रदर्शन! केवल ‘कृषि शब्दावली (बियासी vs निंदाई)’ और ‘ध्वनि परिवर्तन नियमों’ का एक बार पुनः अभ्यास करें।
  • 🥉 10 में से 6-7 सही (औसत स्तर): बुनियादी समझ अच्छी है, किंतु “ब्लॉक 3 व 5: कारक तालिका एवं 30 जनउला पहेलियाँ” का दोबारा रिवीजन आवश्यक है।
  • ⚠️ 6 से कम सही (रिवीजन आवश्यक): सचेत हो जाएं! CSAT क्वालीफाई करने हेतु छत्तीसगढ़ी भाषा सबसे जरूरी है। ऊपर दिए गए “ब्लॉक 2, 4 व 6: सर्वनाम, काल एवं हाना” को ध्यानपूर्वक पुनः पढ़ें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

11. सम्पूर्ण अध्ययन संसाधन हब (M S WORLD Master Resources Hub)

आगामी CGPSC Prelims, CSAT, पटवारी, अमीन, छात्रावास अधीक्षक एवं व्यापम भर्ती परीक्षाओं की 100% संपूर्ण तैयारी हेतु प्रामाणिक मास्टर लिंक्स:

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विषय / परीक्षा हबउपलब्ध सम्पूर्ण अध्ययन सामग्रीसीधा आधिकारिक लिंक
सामान्य हिन्दी व्याकरण कैप्सूलसंधि, समास, 100 अशुद्ध-शुद्ध वर्तनी, 100 तत्सम-तद्भव, कारकसामान्य हिन्दी मास्टर कैप्सूल
हिन्दी भाषा उद्भव, विकास व बोलियाँ5 उपभाषाएँ, 18 बोलियाँ, देवनागरी लिपि व 10 PYQsहिन्दी भाषा व बोलियाँ नोट्स
व्यापम रीजनिंग शॉर्ट ट्रिक्स15/15 अंक, घड़ी कोण, कैलेंडर, पासा, रक्त संबंध, दिशा-दूरीरीजनिंग मास्टर कैप्सूल
व्यापम गणित फॉर्मूला चीट-शीट30/30 अंक, संख्या पद्धति, प्रतिशत, CI-SI अंतर, क्षेत्रमितिगणित फॉर्मूला मास्टर कैप्सूल
छत्तीसगढ़ खनिज, उद्योग व कृषिकोयला, लोहा, बॉक्साइट, BSP, बाल्को, धान उपार्जन ₹3100खनिज व अर्थव्यवस्था कैप्सूल
छत्तीसगढ़ पंचायती राज अधिनियम 19933-स्तरीय संरचना, ग्राम सभा कोरम, अविश्वास प्रस्ताव, 25 धाराएँपंचायती राज मास्टर कैप्सूल
छत्तीसगढ़ जनजाति, कला व संस्कृति7 PVTG, घोटुल, 7 विवाह, 50 आभूषण, बस्तर दशहरा 75 दिनजनजाति व संस्कृति मास्टर कैप्सूल
छत्तीसगढ़ का सम्पूर्ण भूगोल5 अपवाह तंत्र, नदियाँ, जलप्रपात, 3 राष्ट्रीय उद्यान, 11 अभयारण्यछत्तीसगढ़ भूगोल मास्टर कैप्सूल
छत्तीसगढ़ का सम्पूर्ण इतिहासप्राचीन राजवंश, कलचुरी 18 गढ़, मराठा सूबा शासन, 10 जनजातीय विद्रोहछत्तीसगढ़ इतिहास मास्टर कैप्सूल
500+ कंप्यूटर वन-लाइनर कैप्सूलपीढ़ियाँ, मेमोरी इकाइयाँ, 60+ फुल फॉर्म्स, 100 व्यापम PYQs500+ कंप्यूटर वन-लाइनर नोट्स

विशेषज्ञ निष्कर्ष एवं अगला महा-रिवीजन कैप्सूल

✅अंतिम परीक्षा-हॉल मार्गदर्शन एवं अगला अध्याय

पिछला अध्याय: हमने सफलतापूर्वक पूरा किया — सामान्य हिन्दी व्याकरण व्यापम/CGPSC सुपर-फास्ट कैप्सूल : संधि, समास, 100 अशुद्ध-शुद्ध वर्तनी, 100 तत्सम-तद्भव व 50 PYQs 2026।

परीक्षा हॉल 2-सेकंड ट्रिक: जब भी परीक्षा में छत्तीसगढ़ी का प्रश्न आए, तो याद रखें: ‘के लिए = बर / खातिर’, ‘को = ला’, ‘से = ले’, और ‘का/की = के/कर’। सर्वनाम में ‘हमन = हम सब’ तथा भविष्यतकाल में हमेशा ‘जाबो / खाबो’ चुनें। ध्वनि में ‘श/ष ➔ स’ तथा ‘व ➔ ब’ का नियम कभी न भूलें।

अगला महा-रिवीजन कैप्सूल (कैप्सूल 15 – छात्रावास अधीक्षक विशेष): हमारे महा-अभियान के अंतर्गत अगली पोस्ट में हम अध्ययन करेंगे — “छात्रावास अधीक्षक विशेष: बाल मनोविज्ञान (Child Psychology) 10/10 अंक कैप्सूल : बाल विकास की अवस्थाएँ, अधिगम शैलियाँ व 50 PYQs 2026”।

अपनी तैयारी को राज्य स्तर पर शीर्ष स्थान पर ले जाने के लिए हमारे साथ निरंतर अध्ययन जारी रखें!

Er. M. S.
संपादक एवं परीक्षा रणनीतिकार | ✓ Govt. Selected

Er. M. S. (Mentor M. S. Sir)

मैकेनिकल इंजीनियरिंग पृष्ठभूमि, PGDCA और 7+ वर्षों के सघन प्रतियोगी परीक्षा विश्लेषण का अनुभव। वर्तमान में केंद्र सरकार के प्रतिष्ठित उपक्रम में कार्यरत। जटिल सिद्धांतों को वैज्ञानिक तालिकाओं में ढालकर छात्रों तक पहुँचाना ही हमारा लक्ष्य है।

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