संज्ञा (Noun): सभी 5 भेद, भाववाचक संज्ञा बनाने के 5 नियम, रूपांतरण ट्रिक्स व मास्टर नोट्स
संज्ञा: नाम और अस्तित्व का व्याकरणिक आधार
संज्ञा की मानक परिभाषा: किसी व्यक्ति, वस्तु, स्थान, प्राणी, गुण, धर्म, दशा या भाव के नाम का बोध कराने वाले विकारी शब्दों को ‘संज्ञा’ (Noun) कहते हैं। सरल शब्दों में, इस संसार में जिसका भी कोई ‘नाम’ (Name) है, वह संज्ञा है। संज्ञा एक विकारी शब्द है, जिसमें लिंग, वचन और कारक के कारण विकार (परिवर्तन) होता है।
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विषय सूची [X]
- संज्ञा (Noun): सभी 5 भेद, भाववाचक संज्ञा बनाने के 5 नियम, रूपांतरण ट्रिक्स व मास्टर नोट्स
- 📝संज्ञा: नाम और अस्तित्व का व्याकरणिक आधार
- 1. संज्ञा का वर्गीकरण: 2 मुख्य दृष्टिकोण
- ℹ️संज्ञा वर्गीकरण: व्युत्पत्ति vs अर्थ के आधार पर
- 2. संज्ञा के सम्पूर्ण 5 भेद एवं पहचान नियम
- ✅1. व्यक्तिवाचक संज्ञा (Proper Noun)
- ℹ️2. जातिवाचक संज्ञा (Common Noun)
- 💡3. भाववाचक संज्ञा (Abstract Noun)
- ℹ️4. द्रव्यवाचक संज्ञा (Material Noun - जातिवाचक का उपभेद)
- ✅5. समूहवाचक / समुदायवाचक संज्ञा (Collective Noun)
- 3. परीक्षा Trap Alert: संज्ञा का परस्पर रूपांतरण (Shifting of Nouns)
- 🔥💡 संज्ञा रूपांतरण के 3 अचूक नियम
- 4. भाववाचक संज्ञा निर्माण के 5 वैज्ञानिक नियम
- ✅नियम 1 व 2: जातिवाचक संज्ञा एवं सर्वनाम से भाववाचक बनाना
- ℹ️नियम 3: विशेषण से भाववाचक संज्ञा बनाना
- 💡नियम 4 व 5: क्रिया एवं अव्यय से भाववाचक संज्ञा बनाना
- 5. मास्टर तालिका: परीक्षाओं में बार-बार पूछे जाने वाले भाववाचक शब्द
- ✅भाववाचक संज्ञा निर्माण की मास्टर तालिका
- जादुई ट्रिक: विशेषण बनाम भाववाचक संज्ञा की पहचान (The Noun Test)
- 💡💡 'संज्ञा जोड़ो' 2 सेकंड ट्रिक (Noun Placement Trick)
- उच्च-स्तरीय व्याकरण: क्रियार्थक संज्ञा (Verbal Noun / Gerund)
- ℹ️क्रियार्थक संज्ञा के प्रमुख परीक्षा उदाहरण
- व्याकरणिक आधार: संज्ञा के 3 विकारक तत्व
- ✅संज्ञा में विकार उत्पन्न करने वाले 3 तत्व
- परीक्षा हॉल विशेष: 20 अति-कठिन एवं शास्त्रीय भाववाचक शब्द
- 🔥20 अति-दुर्लभ शास्त्रीय भाववाचक शब्द संग्रह
- संज्ञा शब्दकोश: जातिवाचक संज्ञा से भाववाचक संज्ञा (40 नए शब्द)
- 📌”जातिवाचक
- संज्ञा शब्दकोश: विशेषण से भाववाचक संज्ञा (50 नए शब्द)
- 📌”विशेषण
- संज्ञा शब्दकोश: क्रिया (धातु) से भाववाचक संज्ञा (50 नए शब्द)
- 📌”क्रिया
- संज्ञा शब्दकोश: सर्वनाम एवं अव्यय से भाववाचक संज्ञा (30 नए शब्द)
- 📌”सर्वनाम
- संज्ञा शब्दकोश: द्रव्यवाचक एवं समूहवाचक संज्ञाएँ (30 उदाहरण)
- 🔥द्रव्यवाचक एवं समूहवाचक संज्ञा तालिका
- ज्ञान की परीक्षा: संज्ञा All-India PYQ महा-क्विज़
- 🔥🎯 अपना स्कोर आँकें: आपकी तैयारी का स्तर क्या है?
- अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
- विशेषज्ञ निष्कर्ष एवं अगला अध्याय
- ✅अंतिम मार्गदर्शन
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1. संज्ञा का वर्गीकरण: 2 मुख्य दृष्टिकोण
भाषा वैज्ञानिक और परीक्षा के दृष्टिकोण से संज्ञा को दो आधारों पर बाँटा जाता है:
संज्ञा वर्गीकरण: व्युत्पत्ति vs अर्थ के आधार पर
- 1. व्युत्पत्ति (बनावट / रचना) के आधार पर संज्ञा के 3 भेद होते हैं:
- रूढ़ संज्ञा: जिनके खंड सार्थक न हों (जैसे- घर, जल, नाक, कृष्ण)।
- यौगिक संज्ञा: जो दो सार्थक शब्दों से मिलकर बनें (जैसे- पाठशाला, देवालय, रसोईघर)।
- योगरूढ़ संज्ञा: जो विशेष तीसरे अर्थ में रूढ़ हो जाएं (जैसे- जलज, लंबोदर, पंकज)।
- 2. अर्थ एवं प्रयोग के आधार पर संज्ञा के 5 भेद होते हैं:
- पारंपरिक रूप से 3 मुख्य भेद (व्यक्तिवाचक, जातिवाचक, भाववाचक) तथा आधुनिक व्याकरण में अंग्रेजी प्रभाव से जातिवाचक के 2 उपभेद (द्रव्यवाचक और समूहवाचक) मिलाकर कुल 5 भेद मान्य हैं।
2. संज्ञा के सम्पूर्ण 5 भेद एवं पहचान नियम
दैनिक जीवन और परीक्षा में संज्ञा के 5 भेदों की सटीक पहचान:
1. व्यक्तिवाचक संज्ञा (Proper Noun)
परिभाषा: जिस शब्द से केवल एक विशेष व्यक्ति, वस्तु या स्थान के नाम का बोध होता है, उसे व्यक्तिवाचक संज्ञा कहते हैं। यह सदैव एकवचन में होती है:
- व्यक्तियों के नाम: राम, सीता, महात्मा गांधी, भगत सिंह, अकबर, तुलसीदास
- स्थानों / देशों / नगरों के नाम: भारत, दिल्ली, रायपुर, प्रयागराज, अमेरिका, हिमालय
- नदियों, समुद्रों व पर्वतों के नाम: गंगा, यमुना, हिंद महासागर, अरावली, एवरेस्ट
- पुस्तकों व समाचार पत्रों के नाम: रामायण, महाभारत, दैनिक भास्कर, गीता, कुरान
- दिनों, महीनों व त्योहारों के नाम: सोमवार, रविवार, जनवरी, फाल्गुन, होली, दीवाली
2. जातिवाचक संज्ञा (Common Noun)
परिभाषा: जिस शब्द से किसी प्राणी, वस्तु या स्थान की पूरी जाति या वर्ग (Category) का बोध होता है, उसे जातिवाचक संज्ञा कहते हैं:
- संबंधों व व्यवसायों के पद: माता, पिता, भाई, शिक्षक, डॉक्टर, मंत्री, वकील, ठग
- पशु-पक्षियों के नाम: गाय, घोड़ा, शेर, तोता, मोर, कोयल, हाथी, कुत्ता
- प्राकृतिक तत्वों व वस्तुओं के नाम: नदी, पहाड़, पुस्तक, नगर, देश, फल, वृक्ष, कुर्सी, मेज
- प्राकृतिक आपदाएँ: तूफान, भूकंप, वर्षा, ज्वालामुखी, आंधी
3. भाववाचक संज्ञा (Abstract Noun)
परिभाषा: जिस शब्द से किसी व्यक्ति या वस्तु के गुण, दोष, दशा, अवस्था, धर्म या मन के भाव का बोध होता है, उसे भाववाचक संज्ञा कहते हैं। इन्हें देखा या छुआ नहीं जा सकता, केवल अनुभव (Feel) किया जा सकता है:
- गुण व धर्म: सुंदरता, ईमानदारी, सत्य, वीरता, मिठास, चौड़ाई, कोमलता, चतुराई
- अवस्था व दशा: बचपन, बुढ़ापा, यौवन, गरीबी, अमीरी, स्वास्थ्य, दासता, थकावट
- मनोभाव व क्रिया-व्यापार: क्रोध, प्रेम, घृणा, ईर्ष्या, दया, आनंद, पढ़ाई, लिखाई, उड़ान, दौड़
- गोल्डन टिप: भाववाचक संज्ञाएँ अमूर्त (Abstract) होती हैं और सदैव एकवचन में प्रयुक्त होती हैं।
4. द्रव्यवाचक संज्ञा (Material Noun - जातिवाचक का उपभेद)
परिभाषा: जिन संज्ञा शब्दों से किसी ऐसे द्रव्य, पदार्थ या धातु का बोध होता है, जिसे नापा या तौला जा सकता है किंतु गिना नहीं जा सकता:
- धातुएँ व खनिज: सोना, चाँदी, ताँबा, लोहा, पीतल, प्लैटिनम, कोयला
- तरल व खाद्य पदार्थ: पानी, दूध, तेल, घी, छाछ, शरबत, पेट्रोल, डीजल
- अनाज व अन्य वस्तुएँ: गेहूँ, चावल, दाल, ऊन, लकड़ी, मिट्टी, रुई, आटा
5. समूहवाचक / समुदायवाचक संज्ञा (Collective Noun)
परिभाषा: जिन संज्ञा शब्दों से किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि व्यक्तियों या वस्तुओं के पूरे समूह (Group) या झुंड का बोध होता है:
- व्यक्तियों का समूह: सेना, पुलिस, कक्षा, सभा, भीड़, दल, परिवार, समिति, संघ, संसद, आयोग
- वस्तुओं का समूह: गुच्छा (चाबियों/अंगूर का), पुंज, ढेर (अनाज का), मंडल, काफिला, जत्था, शृंखला
3. परीक्षा Trap Alert: संज्ञा का परस्पर रूपांतरण (Shifting of Nouns)
प्रतियोगी परीक्षाओं में सबसे कठिन प्रश्न वहाँ से बनते हैं जहाँ संदर्भ बदलने से संज्ञा का प्रकार बदल जाता है:
💡 संज्ञा रूपांतरण के 3 अचूक नियम
- 1. व्यक्तिवाचक संज्ञा का जातिवाचक में बदलना:
जब कोई व्यक्तिवाचक नाम किसी एक व्यक्ति का न रहकर समाज में उसके ‘गुण या अवगुण के प्रतीक’ के रूप में बहुवचन में प्रयुक्त हो:
- “आज के युग में भी जयचंदों की कमी नहीं है।” -> यहाँ ‘जयचंद’ देशद्रोहियों/गद्दारों की पूरी जाति का बोध कराता है (जातिवाचक संज्ञा)।
- “वह तो हमारे घर का विभीषण निकला।” -> यहाँ ‘विभीषण’ घर का भेदी/गद्दार जाति का प्रतीक है (जातिवाचक संज्ञा)।
- “भारत को हरिश्चंद्रों की जरूरत है।” -> यहाँ ‘हरिश्चंद्र’ सत्यवादियों के समूह का बोध कराता है (जातिवाचक संज्ञा)।
- 2. जातिवाचक संज्ञा का व्यक्तिवाचक में बदलना:
जब कोई सामान्य जातिवाचक शब्द पूरे वर्ग का बोध न कराकर किसी एक ही विशिष्ट व्यक्ति या स्थान के लिए रूढ़ (निश्चित) हो जाए:
- “नेताजी ने आजाद हिंद फौज की स्थापना की।” -> यहाँ ‘नेताजी’ (जातिवाचक) का अर्थ केवल सुभाष चंद्र बोस है (व्यक्तिवाचक संज्ञा)।
- “पंडितजी भारत के प्रथम प्रधानमंत्री थे।” -> यहाँ ‘पंडितजी’ केवल पं. जवाहरलाल नेहरू हैं (व्यक्तिवाचक संज्ञा)।
- “गांधीजी ने सत्य और अहिंसा का मार्ग दिखाया।” -> यहाँ ‘गांधीजी’ केवल महात्मा गांधी हैं (व्यक्तिवाचक संज्ञा)।
- “गोस्वामी जी ने रामचरितमानस की रचना की।” -> यहाँ केवल तुलसीदास जी का बोध है (व्यक्तिवाचक संज्ञा)।
- “शुक्ल जी ने हिन्दी साहित्य का इतिहास लिखा।” -> यहाँ केवल आचार्य रामचंद्र शुक्ल हैं (व्यक्तिवाचक संज्ञा)।
- 3. भाववाचक संज्ञा का बहुवचन में ‘जातिवाचक’ बन जाना:
भाववाचक संज्ञाएँ सदैव एकवचन होती हैं। जैसे ही उनका बहुवचन बनता है, वे तुरंत जातिवाचक संज्ञा बन जाती हैं:
- दूरी (भाववाचक) -> “आजकल रिश्तों में दूरियाँ (जातिवाचक) बढ़ गई हैं।”
- बुराई (भाववाचक) -> “हमें दूसरों की बुराइयों (जातिवाचक) से बचना चाहिए।”
- कमजोरी (भाववाचक) -> “हर मनुष्य में कुछ कमजोरियाँ (जातिवाचक) होती हैं।”
- प्रार्थना (भाववाचक) -> “हमारी प्रार्थनाएँ (जातिवाचक) स्वीकार हुईं।”
4. भाववाचक संज्ञा निर्माण के 5 वैज्ञानिक नियम
भाववाचक संज्ञाओं का निर्माण 5 प्रकार के शब्दों में प्रत्यय जोड़कर किया जाता है:
नियम 1 व 2: जातिवाचक संज्ञा एवं सर्वनाम से भाववाचक बनाना
- 1. जातिवाचक संज्ञा से भाववाचक संज्ञा बनाना:
- मित्र -> मित्रता / मैत्री | मानव -> मानवता | पुरुष -> पुरुषत्व / पौरुष | नारी -> नारीत्व
- पशु -> पशुता / पशुत्व | बच्चा -> बचपन | बूढ़ा -> बुढ़ापा | लड़का -> लड़कपन
- पंडित -> पांडित्य | प्रभु -> प्रभुता / प्रभुत्व | दास -> दासता / दासत्व | चोर -> चोरी
- 2. सर्वनाम से भाववाचक संज्ञा बनाना:
- अपना -> अपनापन / अपनत्व | पराया -> परायापन | निज -> निजता / निजत्व
- मम -> ममता / ममत्व | सर्व -> सर्वस्व | अहम् -> अहंकार | आप -> आपा
नियम 3: विशेषण से भाववाचक संज्ञा बनाना
- सुंदर -> सुंदरता / सौंदर्य | मीठा -> मिठास | चतुर -> चतुराई / चातुर्य | वीर -> वीरता / शौर्य
- धीर -> धैर्य | कड़वा -> कड़वाहट | गर्म -> गर्मी | ठंडा -> ठंडक
- गरीब -> गरीबी | अमीर -> अमीरी | आलसी -> आलस्य | कठिन -> कठिनाई
- सरल -> सरलता | मधुर -> माधुर्य / मधुरता | लाल -> लालिमा / लाली | उदार -> उदारता / औदार्य
नियम 4 व 5: क्रिया एवं अव्यय से भाववाचक संज्ञा बनाना
- 4. क्रिया (धातु) से भाववाचक संज्ञा बनाना:
- लिखना -> लिखाई / लिखावट | पढ़ना -> पढ़ाई | चढ़ना -> चढ़ाई | उड़ना -> उड़ान
- दौड़ना -> दौड़ | हँसना -> हँसी | रोना -> रुलाई | सजना -> सजावट
- घबराना -> घबराहट | थकना -> थकावट / थकान | जीतना -> जीत | चलना -> चाल / चलन
- 5. अव्यय (अविकारी शब्दों) से भाववाचक संज्ञा बनाना:
- दूर -> दूरी | समीप -> समीपता / सामीप्य | निकट -> निकटता / नैकट्य
- शाबाश -> शाबाशी | धिक् -> धिक्कार | शीघ्र -> शीघ्रता | मना -> मनाही
5. मास्टर तालिका: परीक्षाओं में बार-बार पूछे जाने वाले भाववाचक शब्द
विगत 15 वर्षों की परीक्षाओं (CTET, State PSC, SI, RO/ARO) में सर्वाधिक पूछे गए 60+ शब्द:
भाववाचक संज्ञा निर्माण की मास्टर तालिका
| मूल शब्द | भाववाचक संज्ञा | मूल शब्द की व्याकरणिक कोटि |
|---|---|---|
| ईश्वर | ऐश्वर्य | जातिवाचक संज्ञा (‘य’ प्रत्यय) |
| पंडित | पांडित्य | जातिवाचक संज्ञा (‘य’ प्रत्यय) |
| कवि | कवित्व / काव्य | जातिवाचक संज्ञा |
| गुरु | गुरुता / गौरव / गुरुत्व | विशेषण / जातिवाचक |
| शिशु | शैशव / शिशुता | जातिवाचक संज्ञा (‘अ’ प्रत्यय) |
| कुमार | कौमार्य | जातिवाचक संज्ञा |
| तरुण | तारुण्य | विशेषण (‘य’ प्रत्यय) |
| युवा | यौवन | विशेषण (‘अ’ प्रत्यय) |
| विधवा | वैधव्य | जातिवाचक संज्ञा (‘य’ प्रत्यय) |
| बंधु | बंधुत्व / बंधुता | जातिवाचक संज्ञा |
| मित्र | मित्रता / मैत्री | जातिवाचक संज्ञा |
| शत्रु | शत्रुता | जातिवाचक संज्ञा |
| सेवक | सेवा | जातिवाचक संज्ञा |
| वकील | वकालत | जातिवाचक संज्ञा (उर्दू प्रत्यय) |
| मजदूर | मजदूरी | जातिवाचक संज्ञा |
| डाकू | डकैती | जातिवाचक संज्ञा |
| चोर | चोरी | जातिवाचक संज्ञा |
| ठग | ठगी | जातिवाचक संज्ञा |
| व्यक्ति | व्यक्तित्व | जातिवाचक संज्ञा |
| सज्जन | सौजन्य / सज्जनता | विशेषण (‘य’ प्रत्यय) |
| महात्मा | माहात्म्य | विशेषण / संज्ञा |
| कृपण | कार्पण्य / कृपणता | विशेषण (‘य’ प्रत्यय) |
| दीन | दैन्य / दीनता | विशेषण |
| वत्सल | वात्सल्य | विशेषण (‘य’ प्रत्यय) |
| गंभीर | गांभीर्य / गंभीरता | विशेषण |
| कुशल | कौशल / कुशलता | विशेषण |
| निपुण | नैपुण्य / निपुणता | विशेषण |
| स्वस्थ | स्वास्थ्य | विशेषण (‘य’ प्रत्यय) |
| सुंदर | सौंदर्य / सुंदरता | विशेषण |
| मधुर | माधुर्य / मधुरता | विशेषण |
| ललित | लालित्य | विशेषण |
| विशाल | विशालता | विशेषण |
| महान | महत्ता / महिमा | विशेषण |
| लघु | लाघव / लघुता | विशेषण |
| अमर | अमरत्व / अमरता | विशेषण |
| समीप | सामीप्य / समीपता | अव्यय (‘य’ प्रत्यय) |
| निकट | नैकट्य / निकटता | अव्यय |
| परस्पर | पारस्परिकता | अव्यय |
| ऊपर | ऊपरी | अव्यय |
| नीचे | नीचाई | अव्यय |
| धिक् | धिक्कार | अव्यय |
| मना | मनाही | अव्यय |
| शाबाश | शाबाशी | अव्यय |
| कमाना | कमाई | क्रिया |
| बुनना | बुनाई | क्रिया |
| सींचना | सिंचाई | क्रिया |
| काटना | कटाई | क्रिया |
| पिटना | पिटाई | क्रिया |
| लड़ना | लड़ाई | क्रिया |
| उलझना | उलझन | क्रिया |
| मिलना | मिलावट / मिलन | क्रिया |
| दिखना | दिखावट / दिखावा | क्रिया |
| घबराना | घबराहट | क्रिया |
| चिल्लाना | चिल्लाहट | क्रिया |
| मुस्कुराना | मुस्कुराहट | क्रिया |
| बिखेरना | बिखराव | क्रिया |
| बहना | बहाव | क्रिया |
| खिंचना | खिंचाव | क्रिया |
| रुकना | रुकावट | क्रिया |
| थकना | थकावट / थकान | क्रिया |
| भूलना | भूल | क्रिया |
जादुई ट्रिक: विशेषण बनाम भाववाचक संज्ञा की पहचान (The Noun Test)
प्रतियोगी परीक्षाओं में सबसे अधिक भ्रम ‘विशेषण’ और ‘भाववाचक संज्ञा’ के बीच होता है:
💡 'संज्ञा जोड़ो' 2 सेकंड ट्रिक (Noun Placement Trick)
अचूक नियम: जिस शब्द की पहचान करनी हो, उसके ठीक बाद कोई भी संज्ञा शब्द (जैसे- ‘व्यक्ति’ या ‘मनुष्य’) लगाकर देखें:
- यदि शब्द के बाद संज्ञा स्वाभाविक रूप से फिट बैठ जाए, तो वह ‘विशेषण’ है।
- यदि शब्द के बाद संज्ञा अटपटी लगे और फिट न बैठे, तो वह ‘भाववाचक संज्ञा’ है।
| शब्द जोड़ा | ‘व्यक्ति / मनुष्य’ जोड़कर परीक्षण | व्याकरणिक निर्णय | |
|---|---|---|---|
| ईमानदार vs ईमानदारी | ‘ईमानदार व्यक्ति’ (फिट बैठता है) vs ‘ईमानदारी व्यक्ति’ (गलत) | ईमानदार = विशेषण | ईमानदारी = भाववाचक संज्ञा |
| सुंदर vs सुंदरता / सौंदर्य | ‘सुंदर मनुष्य’ (फिट बैठता है) vs ‘सौंदर्य मनुष्य’ (गलत) | सुंदर = विशेषण | सौंदर्य = भाववाचक संज्ञा |
| आलसी vs आलस्य | ‘आलसी व्यक्ति’ (फिट बैठता है) vs ‘आलस्य व्यक्ति’ (गलत) | आलसी = विशेषण | आलस्य = भाववाचक संज्ञा |
| गरीब vs गरीबी | ‘गरीब व्यक्ति’ (फिट बैठता है) vs ‘गरीबी व्यक्ति’ (गलत) | गरीब = विशेषण | गरीबी = भाववाचक संज्ञा |
| वीर vs वीरता | ‘वीर पुरुष’ (फिट बैठता है) vs ‘वीरता पुरुष’ (गलत) | वीर = विशेषण | वीरता = भाववाचक संज्ञा |
उच्च-स्तरीय व्याकरण: क्रियार्थक संज्ञा (Verbal Noun / Gerund)
जब कोई क्रिया वाक्य में सामान्य क्रिया के रूप में नहीं, बल्कि संज्ञा (कर्ता या कर्म) की भाँति प्रयुक्त होती है, तो उसे ‘क्रियार्थक संज्ञा’ कहते हैं:
क्रियार्थक संज्ञा के प्रमुख परीक्षा उदाहरण
- “टहलना स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है।” -> यहाँ ‘टहलना’ क्रिया होते हुए भी वाक्य का कर्ता (संज्ञा) है।
- “धूम्रपान करना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है।” -> यहाँ ‘धूम्रपान करना’ क्रियार्थक संज्ञा है।
- “देश के लिए मरना कीर्तिदायक माना जाता है।” -> यहाँ ‘मरना’ संज्ञा की तरह प्रयुक्त है।
- “झूठ बोलना पाप है।” -> यहाँ ‘बोलना’ क्रियार्थक संज्ञा के रूप में कार्य कर रहा है।
परीक्षा संकेत: जब भी क्रिया वाक्य के आरंभ में आकर उद्देश्य (Subject) बन जाए, तो वह ‘क्रियार्थक संज्ञा’ कहलाती है।
व्याकरणिक आधार: संज्ञा के 3 विकारक तत्व
संज्ञा एक ‘विकारी शब्द’ है। इसमें निम्नलिखित 3 व्याकरणिक इकाइयों के कारण रूप-परिवर्तन (विकार) होता है:
संज्ञा में विकार उत्पन्न करने वाले 3 तत्व
| विकारक तत्व | विकार का स्वरूप | उदाहरण | |
|---|---|---|---|
| 1. लिंग (Gender) | पुरुष या स्त्री जाति के अनुसार रूप बदलना | लड़का पढ़ता है -> लड़की पढ़ती है | छात्र -> छात्रा |
| 2. वचन (Number) | एक या अनेक की संख्या के अनुसार रूप बदलना | लड़का खेल रहा है -> लड़के खेल रहे हैं | पुस्तक -> पुस्तकें |
| 3. कारक (Case) | वाक्य में क्रिया से संबंध के आधार पर रूप बदलना | लड़के ने देखा -> लड़कों को बुलाओ -> लड़के के लिए लाओ |
परीक्षा हॉल विशेष: 20 अति-कठिन एवं शास्त्रीय भाववाचक शब्द
वे दुर्लभ भाववाचक शब्द जो राज्य प्रशासनिक परीक्षाओं के कट-ऑफ को निर्धारित करते हैं:
20 अति-दुर्लभ शास्त्रीय भाववाचक शब्द संग्रह
| मूल शब्द | निर्मित भाववाचक संज्ञा | मूल शब्द की कोटि एवं प्रत्यय |
|---|---|---|
| दंपत्ति | दांपत्य | जातिवाचक संज्ञा (‘य’ प्रत्यय) |
| वृद्ध | वार्धक्य / वृद्धावस्था | विशेषण / जातिवाचक (‘य’ प्रत्यय) |
| शिशु | शैशव | जातिवाचक संज्ञा (‘अ’ प्रत्यय) |
| कुमार | कौमार्य | जातिवाचक संज्ञा (‘य’ प्रत्यय) |
| वक्ता | वक्तृत्व | जातिवाचक संज्ञा (‘त्व’ प्रत्यय) |
| विद्वान | विद्वत्ता | विशेषण (‘ता’ प्रत्यय) |
| श्रोता | श्रव्यता / श्रवण | जातिवाचक संज्ञा |
| शूर | शौर्य | विशेषण (‘य’ प्रत्यय) |
| चोर | चोरी | जातिवाचक संज्ञा (‘ई’ प्रत्यय) |
| ठग | ठगी | जातिवाचक संज्ञा (‘ई’ प्रत्यय) |
| बालक | बाल्य / बालपन | जातिवाचक संज्ञा |
| गंभीर | गांभीर्य | विशेषण (‘य’ प्रत्यय) |
| धीर | धैर्य | विशेषण (‘य’ प्रत्यय) |
| कृपण | कार्पण्य | विशेषण (‘य’ प्रत्यय) |
| महात्मा | माहात्म्य | विशेषण (‘य’ प्रत्यय) |
| समीप | सामीप्य | अव्यय (‘य’ प्रत्यय) |
| निकट | नैकट्य | अव्यय (‘य’ प्रत्यय) |
| निजी | निजत्व / नीजता | सर्वनाम / विशेषण |
| सर्व | सर्वस्व | सर्वनाम |
| ईश्वर | ऐश्वर्य | जातिवाचक संज्ञा (‘य’ प्रत्यय) |
संज्ञा शब्दकोश: जातिवाचक संज्ञा से भाववाचक संज्ञा (40 नए शब्द)
जातिवाचक संज्ञा पदों में प्रत्यय जोड़कर बनने वाली 40 महत्वपूर्ण भाववाचक संज्ञाएँ:
”जातिवाचक
| जातिवाचक संज्ञा (मूल शब्द) | निर्मित भाववाचक संज्ञा | प्रयुक्त प्रत्यय / नियम |
|---|---|---|
| नेता | नेतृत्व | ‘त्व’ प्रत्यय |
| स्वामी | स्वामित्व | ‘त्व’ प्रत्यय |
| क्षत्रिय | क्षात्र / क्षत्रियत्व | ‘अ’ / ‘त्व’ प्रत्यय |
| ब्राह्मण | ब्राह्मणत्व / ब्राह्मणी | ‘त्व’ प्रत्यय |
| माता | मातृत्व | ‘त्व’ प्रत्यय |
| पिता | पितृत्व | ‘त्व’ प्रत्यय |
| भ्राता | भ्रातृत्व | ‘त्व’ प्रत्यय |
| इंसान | इंसानियत | ‘इयत’ अरबी-फारसी प्रत्यय |
| हैवान | हैवानियत | ‘इयत’ प्रत्यय |
| शैतान | शैतानियत | ‘इयत’ प्रत्यय |
| राक्षस | राक्षसत्व / राक्षसी | ‘त्व’ प्रत्यय |
| दानव | दानवता | ‘ता’ प्रत्यय |
| मनुष्य | मनुष्यता / मनुष्यत्व | ‘ता’ / ‘त्व’ प्रत्यय |
| गृहस्थ | गार्हस्थ्य | आदि-स्वर वृद्धि + ‘य’ प्रत्यय |
| साधु | साधुता / साधुत्व | ‘ता’ / ‘त्व’ प्रत्यय |
| भक्त | भक्ति | ‘ति’ प्रत्यय |
| राजा | राजत्व / रजवाड़ा | ‘त्व’ प्रत्यय |
| नौकर | नौकरी | ‘ई’ प्रत्यय |
| कारीगर | कारीगरी | ‘ई’ प्रत्यय |
| डाकिया | डाकगिरी | ‘गिरी’ प्रत्यय |
| यजमान | यजमानी | ‘ई’ प्रत्यय |
| वणिक | वाणिज्य | आदि-स्वर वृद्धि + ‘य’ प्रत्यय |
| दूत | दौत्य | आदि-स्वर वृद्धि + ‘य’ प्रत्यय |
| पात्र | पात्रता | ‘ता’ प्रत्यय |
| मूर्ख | मूर्खता | ‘ता’ प्रत्यय |
| शत्रु | शत्रुता | ‘ता’ प्रत्यय |
| नर | नरत्व | ‘त्व’ प्रत्यय |
| देव | देवत्व / देवता | ‘त्व’ / ‘ता’ प्रत्यय |
| मुनि | मौन | आदि-स्वर वृद्धि + ‘अ’ प्रत्यय |
| बुत | बुतपरस्ती | ‘परस्ती’ प्रत्यय |
| पहरेदार | पहरेदारी | ‘ई’ प्रत्यय |
| जमींदार | जमींदारी | ‘ई’ प्रत्यय |
| चौकीदार | चौकीदारी | ‘ई’ प्रत्यय |
| दुकानदार | दुकानदारी | ‘ई’ प्रत्यय |
| हिस्सेदार | हिस्सेदारी | ‘ई’ प्रत्यय |
| नागरिक | नागरिकता | ‘ता’ प्रत्यय |
| कुल | कुलीनता | ‘ता’ प्रत्यय |
| श्रोता | श्रवण / श्रव्यता | ‘ता’ प्रत्यय |
| अभिनेता | अभिनय | क्रिया/भाव रूप |
| शिक्षक | शिक्षण / शिक्षा | ‘अन’ प्रत्यय |
संज्ञा शब्दकोश: विशेषण से भाववाचक संज्ञा (50 नए शब्द)
विभिन्न रंग, गुण, दशा और अवस्था सूचक विशेषणों से बनने वाली 50 भाववाचक संज्ञाएँ:
”विशेषण
| विशेषण (गुण/दशा शब्द) | निर्मित भाववाचक संज्ञा | प्रयुक्त प्रत्यय / नियम |
|---|---|---|
| हरा | हरियाली | ‘आली’ प्रत्यय |
| पीला | पीलिमा / पीलापन | ‘इमा’ / ‘पन’ प्रत्यय |
| नीला | नीलिमा / नीलापन | ‘इमा’ / ‘पन’ प्रत्यय |
| काला | कालिमा / कालापन | ‘इमा’ / ‘पन’ प्रत्यय |
| श्वेत | श्वेतिमा | ‘इमा’ प्रत्यय |
| स्वच्छ | स्वच्छता | ‘ता’ प्रत्यय |
| मलिन | मलिनता / मालिन्य | ‘ता’ / ‘य’ प्रत्यय |
| तीखा | तीखापन | ‘पन’ प्रत्यय |
| खट्टा | खटास / खट्टापन | ‘आस’ प्रत्यय |
| नमकीन | नमकीनियत | ‘इयत’ प्रत्यय |
| निडर | निडरता | ‘ता’ प्रत्यय |
| कायर | कायरता | ‘ता’ प्रत्यय |
| चंचल | चंचलता | ‘ता’ प्रत्यय |
| स्थिर | स्थिरता / स्थैर्य | ‘ता’ / ‘य’ प्रत्यय |
| क्रूर | क्रूरता | ‘ता’ प्रत्यय |
| दयालु | दयालुता | ‘ता’ प्रत्यय |
| हिंसक | हिंसा | मूल भाव रूप |
| शांत | शांति | ‘ति’ प्रत्यय |
| उत्सुक | औत्सुक्य / उत्सुकता | आदि-स्वर वृद्धि + ‘य’ / ‘ता’ |
| चालाक | चालाकी | ‘ई’ प्रत्यय |
| भोला | भोलापन | ‘पन’ प्रत्यय |
| पापी | पाप | मूल भाव रूप |
| पुण्यात्मा | पुण्य | मूल भाव रूप |
| कृतज्ञ | कृतज्ञता | ‘ता’ प्रत्यय |
| कृतघ्न | कृतघ्नता | ‘ता’ प्रत्यय |
| अधम | अधमता | ‘ता’ प्रत्यय |
| उत्तम | उत्तमता | ‘ता’ प्रत्यय |
| श्रेष्ठ | श्रेष्ठता | ‘ता’ प्रत्यय |
| तीक्ष्ण | तीक्ष्णता | ‘ता’ प्रत्यय |
| मंद | मंदता | ‘ता’ प्रत्यय |
| समर्थ | सामर्थ्य | आदि-स्वर वृद्धि + ‘य’ प्रत्यय |
| योग्य | योग्यता | ‘ता’ प्रत्यय |
| अयोग्य | अयोग्यता | ‘ता’ प्रत्यय |
| कृत्रिम | कृत्रिमता | ‘ता’ प्रत्यय |
| नैसर्गिक | नैसर्गिकता | ‘ता’ प्रत्यय |
| शाश्वत | शाश्वतता | ‘ता’ प्रत्यय |
| नश्वर | नश्वरता | ‘ता’ प्रत्यय |
| एक | एकता / ऐक्य | ‘ता’ / ‘य’ प्रत्यय |
| अनेक | अनेकता / अनैक्य | ‘ता’ / ‘य’ प्रत्यय |
| भिन्न | भिन्नता | ‘ता’ प्रत्यय |
| पृथक | पृथकता / पार्थक्य | ‘ता’ / ‘य’ प्रत्यय |
| शुष्क | शुष्कता | ‘ता’ प्रत्यय |
| आर्द्र | आर्द्रता | ‘ता’ प्रत्यय |
| सघन | सघनता | ‘ता’ प्रत्यय |
| विरल | विरलता | ‘ता’ प्रत्यय |
| घनिष्ठ | घनिष्ठता | ‘ता’ प्रत्यय |
| सत्यवादी | सत्यवादिता | ‘ता’ प्रत्यय |
| सहिष्णु | सहिष्णुता | ‘ता’ प्रत्यय |
| सभ्य | सभ्यता | ‘ता’ प्रत्यय |
| गंदा | गंदगी | ‘गी’ प्रत्यय |
संज्ञा शब्दकोश: क्रिया (धातु) से भाववाचक संज्ञा (50 नए शब्द)
क्रिया-व्यापार और धातुओं से निर्मित 50 महत्वपूर्ण भाववाचक संज्ञाएँ:
”क्रिया
| क्रिया (धातु रूप) | निर्मित भाववाचक संज्ञा | प्रयुक्त प्रत्यय / नियम |
|---|---|---|
| चुनना | चुनाव | ‘आव’ प्रत्यय |
| बहकाना | बहकावा | ‘आवा’ प्रत्यय |
| भुलाना | भुलावा | ‘आवा’ प्रत्यय |
| पछताना | पछतावा | ‘आवा’ प्रत्यय |
| पहनना | पहनावा | ‘आवा’ प्रत्यय |
| बचाना | बचाव | ‘आव’ प्रत्यय |
| छिपाना | छिपाव | ‘आव’ प्रत्यय |
| जमाना | जमाव | ‘आव’ प्रत्यय |
| गिरना | गिरावट | ‘आवट’ प्रत्यय |
| घिसना | घिसावट | ‘आवट’ प्रत्यय |
| बनाना | बनावट | ‘आवट’ प्रत्यय |
| छांटना | छंटाई | ‘आई’ प्रत्यय |
| बोना | बुआई | ‘आई’ प्रत्यय |
| जोतना | जुताई | ‘आई’ प्रत्यय |
| धुलना | धुलाई | ‘आई’ प्रत्यय |
| रंगना | रंगाई | ‘आई’ प्रत्यय |
| पिसाना | पिसाई | ‘आई’ प्रत्यय |
| सिलना | सिलाई | ‘आई’ प्रत्यय |
| नापना | नपाई | ‘आई’ प्रत्यय |
| लूटना | लूट | शून्य प्रत्यय (धातु रूप) |
| मारना | मार | शून्य प्रत्यय |
| पूजना | पूजा | ‘आ’ प्रत्यय |
| बोलना | बोल / बोली | ‘ई’ प्रत्यय |
| कांपना | कंपन | ‘अन’ प्रत्यय |
| तड़पना | तड़प | शून्य प्रत्यय |
| चमकना | चमक | शून्य प्रत्यय |
| दमकना | दमक | शून्य प्रत्यय |
| झिझकना | झिझक | शून्य प्रत्यय |
| खटकना | खटक | शून्य प्रत्यय |
| चहकना | चहक | शून्य प्रत्यय |
| बहकना | बहक | शून्य प्रत्यय |
| गूंजना | गूंज | शून्य प्रत्यय |
| सोचना | सोच | शून्य प्रत्यय |
| समझना | समझ | शून्य प्रत्यय |
| परखना | परख | शून्य प्रत्यय |
| खेलना | खेल | शून्य प्रत्यय |
| कूदना | कूद | शून्य प्रत्यय |
| जागना | जागरण | ‘अन’ प्रत्यय |
| सोना | शयन | ‘अन’ प्रत्यय |
| तैरना | तैराकी / तैर | ‘आकी’ प्रत्यय |
| झुकना | झुकाव | ‘आव’ प्रत्यय |
| फैलना | फैलाव | ‘आव’ प्रत्यय |
| उतारना | उतार | शून्य प्रत्यय |
| खरीदना | खरीद | शून्य प्रत्यय |
| बेचना | बिक्री | ‘री’ प्रत्यय |
| मांगना | मांग | शून्य प्रत्यय |
| दबाना | दबाव | ‘आव’ प्रत्यय |
| खीझना | खीझ | शून्य प्रत्यय |
| कराहना | कराह | शून्य प्रत्यय |
| गुर्राना | गुर्राहट | ‘आहट’ प्रत्यय |
संज्ञा शब्दकोश: सर्वनाम एवं अव्यय से भाववाचक संज्ञा (30 नए शब्द)
सर्वनामों और अविकारी पदों (अव्यय) से बनने वाली 30 भाववाचक संज्ञाएँ:
”सर्वनाम
| मूल शब्द | निर्मित भाववाचक संज्ञा | मूल शब्द की व्याकरणिक कोटि |
|---|---|---|
| स्व | स्वत्व | सर्वनाम (‘त्व’ प्रत्यय) |
| बहु | बहुतायत | अव्यय (‘आयत’ प्रत्यय) |
| भीतर | भीतरी | अव्यय (‘ई’ प्रत्यय) |
| बाहर | बाहरी | अव्यय (‘ई’ प्रत्यय) |
| आगे | अगवाई | अव्यय (‘आई’ प्रत्यय) |
| पीछे | पिछड़ापन | अव्यय (‘पन’ प्रत्यय) |
| सामने | सामना | अव्यय |
| धत | धतकार | अव्यय (‘कार’ प्रत्यय) |
| हाय | हाय-हाय | अव्यय |
| वाह | वाहवाही | अव्यय (‘ई’ प्रत्यय) |
| अधः | अधोगति | अव्यय |
| ऊर्ध्व | ऊर्ध्वगति | अव्यय |
| प्राक् | प्राक्तनता | अव्यय (‘ता’ प्रत्यय) |
| पश्चात् | पश्चाताप | अव्यय |
| इह | इहलोकता | अव्यय |
| सम | समता | अव्यय (‘ता’ प्रत्यय) |
| अंतर् | आंतरिकता | अव्यय (‘इक’ + ‘ता’) |
| ऊपर | उपरि / ऊपरी | अव्यय |
| नीचे | निचलापन / नीचाई | अव्यय |
| शीघ्र | शीघ्रता | अव्यय (‘ता’ प्रत्यय) |
| मंद | मंदता | अव्यय (‘ता’ प्रत्यय) |
| वारंवार | बारंबारता | अव्यय (‘ता’ प्रत्यय) |
| पुनः | पुनरावृत्ति | अव्यय |
| सदा | सनातनता | अव्यय |
| प्रातः | प्रातःकालीनता | अव्यय |
| सांध्य | सांध्यता | अव्यय |
| नित्य | नित्यता | अव्यय (‘ता’ प्रत्यय) |
| अनित्य | अनित्यता | अव्यय (‘ता’ प्रत्यय) |
| सदा | सदैवता | अव्यय |
| परस्पर | पारस्परिकता | अव्यय (‘इक’ + ‘ता’) |
संज्ञा शब्दकोश: द्रव्यवाचक एवं समूहवाचक संज्ञाएँ (30 उदाहरण)
सीधे परीक्षा में पूछे जाने वाले 30 महत्वपूर्ण द्रव्यवाचक और समूहवाचक संज्ञा शब्द:
द्रव्यवाचक एवं समूहवाचक संज्ञा तालिका
| संज्ञा शब्द | संज्ञा का प्रकार | श्रेणी / पहचान का आधार |
|---|---|---|
| सोना (स्वर्ण) | द्रव्यवाचक संज्ञा | धातु (नाप-तौल योग्य) |
| चाँदी (रजत) | द्रव्यवाचक संज्ञा | धातु |
| ताँबा (ताम्र) | द्रव्यवाचक संज्ञा | धातु |
| पीतल | द्रव्यवाचक संज्ञा | मिश्र धातु |
| लोहा (लौह) | द्रव्यवाचक संज्ञा | धातु |
| कोयला | द्रव्यवाचक संज्ञा | ठोस खनिज |
| पेट्रोल | द्रव्यवाचक संज्ञा | तरल ईंधन |
| डीजल | द्रव्यवाचक संज्ञा | तरल ईंधन |
| दूध (दुग्ध) | द्रव्यवाचक संज्ञा | तरल खाद्य |
| दही (दधि) | द्रव्यवाचक संज्ञा | खाद्य पदार्थ |
| घी (घृत) | द्रव्यवाचक संज्ञा | वसा / खाद्य |
| तेल (तैल) | द्रव्यवाचक संज्ञा | तरल पदार्थ |
| पानी (जल) | द्रव्यवाचक संज्ञा | तरल पदार्थ |
| ऊँन | द्रव्यवाचक संज्ञा | प्राकृतिक रेशा |
| रुई (कपास) | द्रव्यवाचक संज्ञा | प्राकृतिक रेशा |
| लकड़ी (काष्ठ) | द्रव्यवाचक संज्ञा | ठोस पदार्थ |
| गेहूँ (गोधूम) | द्रव्यवाचक संज्ञा | अनाज |
| चावल (तंदुल) | द्रव्यवाचक संज्ञा | अनाज |
| सेना | समूहवाचक संज्ञा | सैनिकों का समूह |
| पुलिस | समूहवाचक संज्ञा | सुरक्षाकर्मियों का दल |
| कक्षा | समूहवाचक संज्ञा | विद्यार्थियों का समूह |
| सभा | समूहवाचक संज्ञा | लोगों का सम्मेलन |
| भीड़ | समूहवाचक संज्ञा | जनसमूह |
| गुच्छा | समूहवाचक संज्ञा | चाबियों/अंगूरों का समूह |
| दल | समूहवाचक संज्ञा | खिलाड़ियों/नेताओं का गुट |
| समिति (कमेटी) | समूहवाचक संज्ञा | सदस्यों का समूह |
| संघ (यूनियन) | समूहवाचक संज्ञा | संगठनों का समूह |
| जत्था | समूहवाचक संज्ञा | यात्रियों/प्रदर्शनकारियों का समूह |
| काफिला | समूहवाचक संज्ञा | गाड़ियों/ऊँटों का समूह |
| मंडली | समूहवाचक संज्ञा | गायकों/कलाकारों की टोली |
ज्ञान की परीक्षा: संज्ञा All-India PYQ महा-क्विज़
“देश में आज भी जयचंदों की कमी नहीं है।” — इस वाक्य में ‘जयचंदों’ संज्ञा का कौन सा भेद है? (UPPSC / CTET)
‘मिठास’ शब्द निम्नलिखित में से किस संज्ञा का उदाहरण है? (CGPSC / REET)
‘सेना’, ‘पुलिस’ और ‘कक्षा’ किस प्रकार की संज्ञा के अंतर्गत आते हैं? (UP RO/ARO / KVS)
‘सुंदर’ विशेषण से बनने वाली शुद्ध भाववाचक संज्ञा कौन सी है? (MP SI / DSSSB)
“नेताजी ने देश को आजाद कराने के लिए सर्वस्व न्योछावर कर दिया।” — यहाँ ‘नेताजी’ किस संज्ञा का बोध कराता है? (UKPSC / State SI)
‘बुढ़ापा’ शब्द में कौन सा प्रत्यय जुड़कर भाववाचक संज्ञा बनी है? (BPSC / CG Vyapam)
🎯 अपना स्कोर आँकें: आपकी तैयारी का स्तर क्या है?
कुल प्रश्न: 6 | सही उत्तरों के आधार पर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी तैयारी का विश्लेषण करें:
- 🏆 6 में से 6 सही (टॉपर स्तर): अद्भुत! संज्ञा के सभी 5 भेदों, रूपांतरण नियमों और भाववाचक निर्माण पर आपकी पकड़ शत-प्रतिशत है।
- 🥈 6 में से 5 सही (उत्कृष्ट स्तर): बहुत बढ़िया तैयारी! केवल व्यक्तिवाचक vs जातिवाचक रूपांतरण के 1-2 उदाहरणों का पुनः अभ्यास करें।
- 🥉 6 में से 4 सही (औसत स्तर): आपकी नींव अच्छी है, लेकिन ‘भाववाचक संज्ञा के 5 निर्माण नियमों’ का रिवीजन आवश्यक है।
- ⚠️ 4 से कम सही (रिवीजन आवश्यक): निराश न हों! ऊपर दिए गए “3 संज्ञा रूपांतरण नियम (Trap Alert)” को दोबारा ध्यान से पढ़ें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
विशेषज्ञ निष्कर्ष एवं अगला अध्याय
अंतिम मार्गदर्शन
संज्ञा हिन्दी वाक्य-संरचना का केंद्र बिंदु है जिसके चारों ओर सर्वनाम, विशेषण और क्रिया घूमते हैं। इस पोस्ट में दिए गए संज्ञा रूपांतरण नियमों और भाववाचक संज्ञा निर्माण विधियों का नियमित अभ्यास आपको परीक्षा में 100% अंक दिलाएगा।
रोडमैप के अनुसार अगले अध्याय (पोस्ट 13) में हम अध्ययन करेंगे — “सर्वनाम (Pronoun): सभी 6 भेदों की गहराई, सर्वनाम रूपांतरण, कारक रूप व PYQs”।
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