सर्वनाम (Pronoun): सभी 6 भेद, 11 मूल सर्वनाम, कारक-रूपांतरण ट्रिक्स व मास्टर नोट्स
सर्वनाम: संज्ञा की पुनरुक्ति का निवारण
सर्वनाम की मानक परिभाषा: जो विकारी शब्द संज्ञा के स्थान पर प्रयुक्त होकर वाक्य में संज्ञा की पुनरावृत्ति (बार-बार आने) को रोकते हैं, उन्हें ‘सर्वनाम’ (Pronoun = सबका नाम) कहते हैं। सर्वनाम भाषा को संक्षिप्त, सुंदर, गतिशील और प्रभावोत्पादक बनाते हैं।
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विषय सूची [X]
- सर्वनाम (Pronoun): सभी 6 भेद, 11 मूल सर्वनाम, कारक-रूपांतरण ट्रिक्स व मास्टर नोट्स
- 📝सर्वनाम: संज्ञा की पुनरुक्ति का निवारण
- 1. हिन्दी के 11 मूल सर्वनाम एवं 6 मुख्य भेद
- ℹ️11 मूल सर्वनाम और उनके 6 मुख्य भेद
- 2. पुरुषवाचक सर्वनाम (Personal Pronoun) के 3 उपभेद
- ✅पुरुषवाचक सर्वनाम के 3 कोटि भेद
- 3. निश्चयवाचक एवं अनिश्चयवाचक सर्वनाम
- ℹ️निश्चयवाचक सर्वनाम (संकेतवाचक सर्वनाम)
- 💡अनिश्चयवाचक सर्वनाम (Indefinite Pronoun)
- 4. संबंधवाचक, प्रश्नवाचक एवं निजवाचक सर्वनाम
- ✅4. संबंधवाचक सर्वनाम (Relative Pronoun)
- ℹ️5. प्रश्नवाचक सर्वनाम (Interrogative Pronoun)
- 💡6. निजवाचक सर्वनाम (Reflexive Pronoun)
- 5. परीक्षा Trap Alert: सबसे बड़े 3 सर्वनाम कन्फ्यूजन का समाधान
- 🔥Trap 1: 'आप' शब्द के 3 अलग-अलग व्याकरणिक रूप
- 💡Trap 2: सर्वनाम बनाम सार्वनामिक विशेषण (Pronoun vs Adjective)
- ℹ️Trap 3: सर्वनाम में 'संबोधन कारक' का पूर्ण अभाव
- 6. सर्वनाम का कारक-रूपांतरण मास्टर तालिका (7 कारकों में रूप)
- ✅1. 'मैं' और 'तू / तुम' का कारक-रूपांतरण
- ℹ️2. 'यह', 'वह', 'जो' और 'कोई' का कारक-रूपांतरण
- उच्च-स्तरीय व्याकरण: ‘संयुक्त सर्वनाम’ (Compound Pronouns)
- ℹ️संयुक्त सर्वनाम के प्रमुख परीक्षा रूप
- मानक वर्तनी एवं लिंग नियम: सर्वनाम के 2 वैज्ञानिक सिद्धांत
- ✅1. सर्वनाम का लिंग-निर्धारण नियम (Gender Rules)
- 💡2. मानक वर्तनी नियम: संश्लिष्ट (सटाकर) लिखना
- भाषाई शिष्टाचार: ‘तू’, ‘तुम’ और ‘हम’ के विशिष्ट प्रयोग
- 🔥'तू' और 'हम' का विशेष संदर्भ प्रयोग
- परीक्षा Trap Alert: सर्वनाम संबंधी सामान्य अशुद्धियाँ एवं शुद्ध रूप
- 💡अशुद्ध वाक्य vs शुद्ध वाक्य तालिका
- सर्वनाम शब्दकोश: 60+ कारक-रूप एवं व्याकरणिक विश्लेषण
- ✅सर्वनाम कारक-रूप एवं मूल शब्द तालिका
- सर्वनाम शब्दकोश: 25+ संयुक्त सर्वनाम (Compound Pronouns)
- ℹ️संयुक्त सर्वनाम एवं उनके वाक्य-प्रयोग तालिका
- सर्वनाम शब्दकोश: सर्वनाम बनाम सार्वनामिक विशेषण (25 तुलनात्मक वाक्य)
- 💡सर्वनाम vs सार्वनामिक विशेषण प्रत्यक्ष तुलना
- सर्वनाम शब्दकोश: निजवाचक एवं आदरार्थक सर्वनाम (विशिष्ट रूप)
- ✅निजवाचक व आदरार्थक सर्वनाम तालिका
- ज्ञान की परीक्षा: सर्वनाम All-India PYQ महा-क्विज़
- 🔥🎯 अपना स्कोर आँकें: आपकी तैयारी का स्तर क्या है?
- अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
- विशेषज्ञ निष्कर्ष एवं अगला अध्याय
- ✅अंतिम मार्गदर्शन
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1. हिन्दी के 11 मूल सर्वनाम एवं 6 मुख्य भेद
हिन्दी व्याकरण (कामताप्रसाद गुरु) के अनुसार मूल सर्वनामों की कुल संख्या 11 होती है, जिनसे अन्य सभी सर्वनाम रूप बनते हैं:
11 मूल सर्वनाम और उनके 6 मुख्य भेद
| सर्वनाम का भेद | 11 मूल सर्वनाम | मुख्य कार्य / विशेषता |
|---|---|---|
| 1. पुरुषवाचक सर्वनाम | मैं, तू (तुम/आप), वह (यह/वे) | वक्ता, श्रोता और अन्य व्यक्ति का बोध। |
| 2. निश्चयवाचक सर्वनाम | यह, वह | निकट या दूर की निश्चित वस्तु/व्यक्ति का संकेत। |
| 3. अनिश्चयवाचक सर्वनाम | कोई, कुछ | अनिश्चित व्यक्ति (कोई) या वस्तु (कुछ) का बोध। |
| 4. संबंधवाचक सर्वनाम | जो, सो (वह) | दो उपवाक्यों या संज्ञाओं के बीच संबंध जोड़ना। |
| 5. प्रश्नवाचक सर्वनाम | कौन, क्या | प्रश्न पूछने के लिए (प्राणी = कौन, वस्तु = क्या)। |
| 6. निजवाचक सर्वनाम | आप (स्वयं/खुद) | कर्ता के स्वयं के लिए प्रयुक्त होने वाला सर्वनाम। |
2. पुरुषवाचक सर्वनाम (Personal Pronoun) के 3 उपभेद
स्त्री या पुरुष के नाम के स्थान पर प्रयुक्त होने वाले सर्वनाम को पुरुषवाचक सर्वनाम कहते हैं। बातचीत के 3 पक्षों के आधार पर इसके 3 भेद होते हैं:
पुरुषवाचक सर्वनाम के 3 कोटि भेद
- 1. उत्तम पुरुष (First Person – वक्ता / बोलने वाला):
- जिस सर्वनाम का प्रयोग बोलने वाला या लिखने वाला स्वयं के लिए करता है।
- मूल रूप: मैं (एकवचन), हम (बहुवचन)।
- कारक रूप: मुझे, मेरा, मेरी, मेरे, मुझको, मुझसे, हमें, हमारा, हमारी, हमारे।
- उदाहरण: “मैं प्रतिदिन अध्ययन करता हूँ।” | “हम सब भारतवासी हैं।”
- 2. मध्यम पुरुष (Second Person – श्रोता / सुनने वाला):
- जिस सर्वनाम का प्रयोग सुनने वाले (श्रोता) के लिए किया जाता है।
- मूल रूप: तू (अत्यंत निकट/अनादर), तुम (समान उम्र/मित्र), आप (आदरार्थक)।
- कारक रूप: तुझे, तेरा, तेरी, तेरे, तुम्हें, तुम्हारा, आपका, आपकी, आपके।
- उदाहरण: “तुम कहाँ जा रहे हो?” | “आप बैठिए।”
- 3. अन्य पुरुष (Third Person – जिसके बारे में बात की जाए):
- जिस सर्वनाम का प्रयोग वक्ता और श्रोता किसी तीसरे व्यक्ति या वस्तु के लिए करते हैं।
- मूल रूप: वह, यह (एकवचन), वे, ये (बहुवचन)।
- कारक रूप: उसने, उन्होंने, उसे, उन्हें, उसका, उनका, इससे, उनसे।
- उदाहरण: “वह कल दिल्ली जाएगा।” | “वे खेल रहे हैं।”
3. निश्चयवाचक एवं अनिश्चयवाचक सर्वनाम
निश्चयवाचक सर्वनाम (संकेतवाचक सर्वनाम)
परिभाषा: जो सर्वनाम पास या दूर की किसी निश्चित वस्तु या व्यक्ति की ओर निश्चयपूर्वक संकेत करते हैं, उन्हें निश्चयवाचक सर्वनाम (Demonstrative Pronoun) कहते हैं:
- निकटवर्ती निश्चयवाचक (यह, ये): “यह मेरी पुस्तक है।” | “ये मेरे खिलौने हैं।”
- दूरवर्ती निश्चयवाचक (वह, वे): “वह किसका मकान है?” | “वे चले गए।”
अनिश्चयवाचक सर्वनाम (Indefinite Pronoun)
परिभाषा: जिस सर्वनाम से किसी निश्चित व्यक्ति या वस्तु का बोध नहीं होता, उसे अनिश्चयवाचक सर्वनाम कहते हैं:
- प्राणीवाचक अनिश्चयवाचक (‘कोई’): सजीव प्राणियों के लिए प्रयुक्त।
“दरवाजे पर कोई खड़ा है।” | “रास्ते में कोई मिला था।” - अप्राणीवाचक / वस्तुवाचक (‘कुछ’): निर्जीव वस्तुओं या अल्प मात्रा के लिए प्रयुक्त।
“दूध में कुछ गिर गया है।” | “खाने के लिए कुछ दे दो।”
4. संबंधवाचक, प्रश्नवाचक एवं निजवाचक सर्वनाम
4. संबंधवाचक सर्वनाम (Relative Pronoun)
परिभाषा: जो सर्वनाम वाक्य में किसी दूसरी संज्ञा या सर्वनाम के साथ संबंध स्थापित करते हैं, उन्हें संबंधवाचक सर्वनाम कहते हैं:
- जो… सो / जो… वह: “जो परिश्रम करेगा, वह सफल होगा।” | “जो बोएगा, सो काटेगा।”
- जिसकी… उसकी: “जिसकी लाठी, उसकी भैंस।”
- जैसा… वैसा: “जैसा करोगे, वैसा भरोगे।”
- जहाँ… वहाँ: “जहाँ चाह, वहाँ राह।”
5. प्रश्नवाचक सर्वनाम (Interrogative Pronoun)
परिभाषा: जिस सर्वनाम का प्रयोग किसी व्यक्ति, वस्तु या घटना के विषय में प्रश्न पूछने / जानने के लिए किया जाता है:
- प्राणीवाचक (‘कौन’): सजीव व्यक्तियों के लिए।
“वहाँ कौन खड़ा है?” | “यह पत्र किसने लिखा?” - वस्तुवाचक (‘क्या’): निर्जीव वस्तुओं या बातों के लिए।
“तुम्हारे हाथ में क्या है?” | “तुम क्या सोच रहे हो?”
6. निजवाचक सर्वनाम (Reflexive Pronoun)
परिभाषा: जिस सर्वनाम का प्रयोग कर्ता (बोलने वाला) स्वयं अपने लिए (Self) करता है, उसे निजवाचक सर्वनाम कहते हैं। इसके अंतर्गत ‘आप’, ‘स्वयं’, ‘खुद’, ‘स्वतः’, ‘अपने आप’ आते हैं:
- “मैं यह कार्य अपने आप कर लूँगा।”
- “वह स्वयं चलकर यहाँ आया था।”
- “तुम्हें खुद जाकर देखना चाहिए।”
- “गाड़ी स्वतः रुक गई।”
- “मैं आप ही चला जाऊँगा।” (यहाँ ‘आप’ का अर्थ ‘स्वयं’ है)
5. परीक्षा Trap Alert: सबसे बड़े 3 सर्वनाम कन्फ्यूजन का समाधान
प्रतियोगी परीक्षाओं में सबसे अधिक गलतियाँ इन 3 सूक्ष्म नियमों में होती हैं:
Trap 1: 'आप' शब्द के 3 अलग-अलग व्याकरणिक रूप
हिन्दी में ‘आप’ शब्द का प्रयोग संदर्भ के अनुसार 3 अलग-अलग सर्वनामों में होता है:
| ‘आप’ का प्रयोग संदर्भ | सर्वनाम का प्रकार | वाक्य उदाहरण एवं पहचान |
|---|---|---|
| 1. आदरणीय श्रोता के लिए | मध्यम पुरुषवाचक सर्वनाम | “आप कल हमारे घर पधारिए।” (यहाँ ‘आप’ = तुम का आदरार्थक रूप) |
| 2. स्वयं / खुद के अर्थ में | निजवाचक सर्वनाम | “मैं यह निबंध आप ही लिख लूँगा।” (यहाँ ‘आप’ = स्वयं/खुद) |
| 3. इतिहास / परिचय में तीसरे व्यक्ति हेतु | अन्य पुरुषवाचक (आदरार्थक) | “गांधीजी राष्ट्रपिता हैं। आपने देश को अहिंसा का मार्ग दिखाया।” (यहाँ ‘आपने’ = गांधीजी) |
Trap 2: सर्वनाम बनाम सार्वनामिक विशेषण (Pronoun vs Adjective)
परीक्षक अक्सर ‘यह’ और ‘वह’ देकर पूछते हैं कि यह सर्वनाम है या विशेषण:
| तुलना का आधार | सर्वनाम (Pronoun) | सार्वनामिक विशेषण (Pronominal Adjective) |
|---|---|---|
| संरचना नियम | संज्ञा के स्थान पर अकेला आता है (इसके बाद संज्ञा नहीं होती)। | संज्ञा के ठीक पहले आकर उस संज्ञा की विशेषता बताता है। |
| उदाहरण 1 | “वह जा रहा है।” (सर्वनाम – अकेला प्रयुक्त) | “वह लड़का जा रहा है।” (सार्वनामिक विशेषण – संज्ञा ‘लड़का’ से पहले) |
| उदाहरण 2 | “यह बहुत सुंदर है।” (निश्चयवाचक सर्वनाम) | “यह पुस्तक बहुत सुंदर है।” (सार्वनामिक विशेषण) |
| उदाहरण 3 | “कोई आया है।” (अनिश्चयवाचक सर्वनाम) | “कोई व्यक्ति आया है।” (सार्वनामिक विशेषण) |
Trap 3: सर्वनाम में 'संबोधन कारक' का पूर्ण अभाव
गोल्डन नियम: संज्ञा के 8 कारक होते हैं, लेकिन सर्वनाम में केवल 7 कारक होते हैं। सर्वनाम में ‘संबोधन कारक’ (हे, अरे, अजी) नहीं होता, क्योंकि किसी सर्वनाम को पुकारा या संबोधित नहीं किया जा सकता (जैसे- ‘हे वह!’, ‘अरे मैं!’ नहीं बोला जाता)।
6. सर्वनाम का कारक-रूपांतरण मास्टर तालिका (7 कारकों में रूप)
सर्वनामों में लिंग के कारण रूप नहीं बदलता (जैसे- वह पढ़ता है / वह पढ़ती है), किंतु कारक और वचन के कारण रूप बदलते हैं:
1. 'मैं' और 'तू / तुम' का कारक-रूपांतरण
| कारक | ‘मैं’ (एकवचन) | ‘हम’ (बहुवचन) | ‘तू’ (एकवचन) | ‘तुम / आप’ (बहुवचन) |
|---|---|---|---|---|
| 1. कर्ता | मैं / मैंने | हम / हमने | तू / तूने | तुम / तुमने / आपने |
| 2. कर्म | मुझे / मुझको | हमें / हमको | तुझे / तुझको | तुम्हें / तुमको / आपको |
| 3. करण | मुझसे / मेरे द्वारा | हमसे / हमारे द्वारा | तुझसे / तेरे द्वारा | तुमसे / आपके द्वारा |
| 4. संप्रदान | मुझे / मेरे लिए | हमें / हमारे लिए | तुझे / तेरे लिए | तुम्हें / आपके लिए |
| 5. अपादान | मुझसे (अलग) | हमसे (अलग) | तुझसे (अलग) | तुमसे / आपसे (अलग) |
| 6. संबंध | मेरा, मेरी, मेरे | हमारा, हमारी, हमारे | तेरा, तेरी, तेरे | तुम्हारा, तुम्हारी, आपका |
| 7. अधिकरण | मुझमें / मुझपर | हममें / हमपर | तुझमें / तुझपर | तुममें / आपमें / आपपर |
2. 'यह', 'वह', 'जो' और 'कोई' का कारक-रूपांतरण
| मूल सर्वनाम | कारक | एकवचन रूप | बहुवचन रूप |
|---|---|---|---|
| वह (अन्य पुरुष) | कर्ता / कर्म / संबंध | उसने / उसे (उसको) / उसका, उसकी, उसके | उन्होंने / उन्हें (उनको) / उनका, उनकी, उनके |
| यह (निश्चयवाचक) | कर्ता / कर्म / संबंध | इसने / इसे (इसको) / इसका, इसकी, इसके | इन्होंने / इन्हें (इनको) / इनका, इनकी, इनके |
| जो (संबंधवाचक) | कर्ता / कर्म / संबंध | जिसने / जिसे (जिसको) / जिसका, जिसकी | जिन्होंने / जिन्हें (जिनको) / जिनका, जिनकी |
| कोई (अनिश्चयवाचक) | कर्ता / कर्म / करण | किसी ने / किसी को / किसी से | किन्हीं ने / किन्हीं को / किन्हीं से |
| कौन (प्रश्नवाचक) | कर्ता / कर्म / संप्रदान | किसने / किसे (किसको) / किसके लिए | किन्होंने / किन्हें (किनको) / किनके लिए |
उच्च-स्तरीय व्याकरण: ‘संयुक्त सर्वनाम’ (Compound Pronouns)
रूसी भाषा वैज्ञानिक डॉ. दीमशित्स और आधुनिक हिन्दी व्याकरण के अनुसार, जब दो सर्वनाम या एक सर्वनाम और एक अन्य शब्द मिलकर एक इकाई के रूप में प्रयुक्त होते हैं, तो उन्हें ‘संयुक्त सर्वनाम’ कहते हैं:
संयुक्त सर्वनाम के प्रमुख परीक्षा रूप
| संयुक्त सर्वनाम | वाक्य प्रयोग | अर्थ एवं स्वरूप |
|---|---|---|
| जो कोई | “जो कोई यहाँ आएगा, वह लाभ पाएगा।” | किसी भी व्यक्ति के लिए |
| कोई न कोई | “वहाँ कोई न कोई अवश्य उपस्थित होगा।” | अनिश्चितता का भाव |
| कुछ न कुछ | “तुम्हें खाने के लिए कुछ न कुछ लेना चाहिए।” | अल्प वस्तु की निश्चितता |
| जो कुछ | “जो कुछ तुम्हारे पास है, सब दे दो।” | समग्रता का भाव |
| सब कोई / हर कोई | “सब कोई अपनी भलाई चाहता है।” | प्रत्येक व्यक्ति |
| और कोई / कोई एक | “वहाँ और कोई नहीं था।” | अतिरिक्त व्यक्ति |
मानक वर्तनी एवं लिंग नियम: सर्वनाम के 2 वैज्ञानिक सिद्धांत
1. सर्वनाम का लिंग-निर्धारण नियम (Gender Rules)
गोल्डन नियम: सर्वनाम शब्दों का अपना कोई स्वतंत्र लिंग नहीं होता। सर्वनाम पुल्लिंग है या स्त्रीलिंग, इसका निर्धारण वाक्य की ‘क्रिया’ (Verb) से होता है:
- “वह मैदान में दौड़ रहा है।” -> क्रिया ‘रहा है’ से स्पष्ट है कि ‘वह’ पुल्लिंग है।
- “वह मधुर गीत गा रही है।” -> क्रिया ‘रही है’ से स्पष्ट है कि ‘वह’ स्त्रीलिंग है।
- “मैं कल दिल्ली जाऊँगा (पुल्लिंग) / जाऊँगी (स्त्रीलिंग)।”
2. मानक वर्तनी नियम: संश्लिष्ट (सटाकर) लिखना
केन्द्रीय हिन्दी निदेशालय और मानक वर्तनी के अनुसार:
- संज्ञा के साथ विभक्ति अलग (विश्लिष्ट) लिखी जाती है: जैसे- राम ने, श्याम को, वृक्ष से, विद्यालय में।
- सर्वनाम के साथ विभक्ति सटाकर (संश्लिष्ट) लिखी जाती है: जैसे- उसने, मुझको, तुमसे, जिन्होंने, किसपर, उनसे।
- अपवाद (जब दो कारक चिन्ह एक साथ आएँ): पहला सटाकर और दूसरा अलग लिखा जाता है, जैसे- “उनमें से“, “उसके लिए“।
भाषाई शिष्टाचार: ‘तू’, ‘तुम’ और ‘हम’ के विशिष्ट प्रयोग
'तू' और 'हम' का विशेष संदर्भ प्रयोग
- ‘तू’ सर्वनाम के 3 विशेष प्रयोग:
- 1. अगाध प्रेम और आत्मीयता में (ईश्वर व माँ के लिए): “हे प्रभु! तू ही सबका सहारा है।” | “माँ! तू कब आएगी?”
- 2. छोटे बच्चों व अत्यंत घनिष्ठ मित्र के लिए: “तू इधर आ।”
- 3. अत्यधिक क्रोध, अनादर या हीनता दर्शाने में: “तू यहाँ से दफा हो जा।”
- ‘हम’ का एकवचन में प्रयोग:
- यद्यपि ‘हम’ बहुवचन है, किंतु राजसी ठाठ, संपादकीय लेखन या बड़े अधिकारियों द्वारा अपने बड़प्पन के लिए एकवचन में ‘हम’ बोला जाता है (जैसे- “हम इस निर्णय की समीक्षा करेंगे।”)।
परीक्षा Trap Alert: सर्वनाम संबंधी सामान्य अशुद्धियाँ एवं शुद्ध रूप
वाक्य शुद्धि (Sentence Correction) खंड में सर्वनाम की अशुद्धियों से बार-बार प्रश्न आते हैं:
अशुद्ध वाक्य vs शुद्ध वाक्य तालिका
| अशुद्ध वाक्य (बोलचाल का दोष) | शुद्ध वाक्य (मानक व्याकरण) | अशुद्धि का मुख्य कारण |
|---|---|---|
| “मेरे को घर जाना है।” | “मुझे घर जाना है।” | ‘मेरे को’ अमानक है, ‘मुझे’ शुद्ध है |
| “तेरे को क्या चाहिए?” | “तुम्हें क्या चाहिए?” | ‘तेरे को’ अमानक है |
| “हमारा विचार यह है।” | “मेरा विचार यह है।” (या हमारे विचार) | एकवचन के स्थान पर अनुचित बहुवचन |
| “आप आपका काम कीजिए।” | “आप अपना काम कीजिए।” | निजवाचक ‘अपना’ का प्रयोग होना चाहिए |
| “यह वही लड़का है जिसका कल एक्सीडेंट हुआ था।” | “यह वही लड़का है, जो कल दुर्घटनाग्रस्त हुआ था।” | संबंधवाचक का सही प्रयोग |
| “दरवाजे पर क्या खड़ा है?” | “दरवाजे पर कौन खड़ा है?” | सजीव प्राणी के लिए ‘कौन’ का प्रयोग |
सर्वनाम शब्दकोश: 60+ कारक-रूप एवं व्याकरणिक विश्लेषण
गूगल पर सीधे खोजे जाने वाले सर्वनामों के विभिन्न कारक और वचन रूप:
सर्वनाम कारक-रूप एवं मूल शब्द तालिका
| सर्वनाम रूप (खोज पद) | मूल सर्वनाम एवं कारक | वचन एवं व्याकरणिक विश्लेषण |
|---|---|---|
| मुझको / मुझे | ‘मैं’ का कर्म / संप्रदान कारक | एकवचन (उत्तम पुरुष) |
| मुझसे | ‘मैं’ का करण / अपादान कारक | एकवचन (करण = द्वारा, अपादान = अलग) |
| मेरा / मेरी / मेरे | ‘मैं’ का संबंध कारक | एकवचन (लिंग अनुसार मेरा/मेरी/मेरे) |
| मुझमें / मुझपर | ‘मैं’ का अधिकरण कारक | एकवचन (अधिकरण आधार) |
| हमें / हमको | ‘मैं / हम’ का कर्म / संप्रदान कारक | बहुवचन (उत्तम पुरुष) |
| हमसे / हमारे द्वारा | ‘हम’ का करण / अपादान कारक | बहुवचन |
| हमारा / हमारी / हमारे | ‘हम’ का संबंध कारक | बहुवचन |
| हममें / हमपर | ‘हम’ का अधिकरण कारक | बहुवचन |
| तुझको / तुझे | ‘तू’ का कर्म / संप्रदान कारक | एकवचन (मध्यम पुरुष) |
| तुझसे / तेरे द्वारा | ‘तू’ का करण / अपादान कारक | एकवचन |
| तेरा / तेरी / तेरे | ‘तू’ का संबंध कारक | एकवचन |
| तुझमें / तुझपर | ‘तू’ का अधिकरण कारक | एकवचन |
| तुम्हें / तुमको | ‘तुम’ का कर्म / संप्रदान कारक | बहुवचन (मध्यम पुरुष) |
| तुम्हारा / तुम्हारी / तुम्हारे | ‘तुम’ का संबंध कारक | बहुवचन |
| आपको / आपसे | ‘आप’ का कर्म / करण / अपादान कारक | आदरार्थक एकवचन / बहुवचन |
| आपका / आपकी / आपके | ‘आप’ का संबंध कारक | आदरार्थक रूप |
| आपमें / आपपर | ‘आप’ का अधिकरण कारक | आदरार्थक रूप |
| इसे / इसको | ‘यह’ का कर्म कारक | एकवचन (निकटवर्ती निश्चय) |
| इससे | ‘यह’ का करण / अपादान कारक | एकवचन |
| इसका / इसकी / इसके | ‘यह’ का संबंध कारक | एकवचन |
| इसमें / इसपर | ‘यह’ का अधिकरण कारक | एकवचन |
| इन्हें / इनको | ‘यह / ये’ का कर्म कारक | बहुवचन (निश्चयवाचक) |
| इन्होंने | ‘ये’ का कर्ता कारक (ने विभक्ति) | बहुवचन (संश्लिष्ट रूप) |
| इनका / इनकी / इनके | ‘ये’ का संबंध कारक | बहुवचन |
| इनमें / इनपर | ‘ये’ का अधिकरण कारक | बहुवचन |
| उसे / उसको | ‘वह’ का कर्म कारक | एकवचन (अन्य पुरुष / दूरवर्ती निश्चय) |
| उससे | ‘वह’ का करण / अपादान कारक | एकवचन |
| उसका / उसकी / उसके | ‘वह’ का संबंध कारक | एकवचन |
| उसमें / उसपर | ‘वह’ का अधिकरण कारक | एकवचन |
| उन्हें / उनको | ‘वह / वे’ का कर्म कारक | बहुवचन (अन्य पुरुष) |
| उन्होंने | ‘वे’ का कर्ता कारक (ने विभक्ति) | बहुवचन |
| उनका / उनकी / उनके | ‘वे’ का संबंध कारक | बहुवचन |
| उनमें / उनपर | ‘वे’ का अधिकरण कारक | बहुवचन |
| जिसे / जिसको | ‘जो’ का कर्म / संप्रदान कारक | एकवचन (संबंधवाचक) |
| जिससे | ‘जो’ का करण / अपादान कारक | एकवचन |
| जिसका / जिसकी / जिसके | ‘जो’ का संबंध कारक | एकवचन |
| जिसमें / जिसपर | ‘जो’ का अधिकरण कारक | एकवचन |
| जिन्हें / जिनको | ‘जो’ का कर्म कारक | बहुवचन (संबंधवाचक) |
| जिन्होंने | ‘जो’ का कर्ता कारक | बहुवचन |
| जिनका / जिनकी / जिनके | ‘जो’ का संबंध कारक | बहुवचन |
| जिनमें / जिनपर | ‘जो’ का अधिकरण कारक | बहुवचन |
| किसे / किसको | ‘कौन’ का कर्म / संप्रदान कारक | एकवचन (प्रश्नवाचक) |
| किससे | ‘कौन’ का करण / अपादान कारक | एकवचन |
| किसका / किसकी / किसके | ‘कौन’ का संबंध कारक | एकवचन |
| किसमें / किसपर | ‘कौन’ का अधिकरण कारक | एकवचन |
| किन्हें / किनको | ‘कौन’ का कर्म कारक | बहुवचन (प्रश्नवाचक) |
| किन्होंने | ‘कौन’ का कर्ता कारक | बहुवचन |
| किनका / किनकी / किनके | ‘कौन’ का संबंध कारक | बहुवचन |
| किसी को / किसी से | ‘कोई’ का कर्म / करण कारक | एकवचन (अनिश्चयवाचक) |
| किसी का / किसी के / किसी की | ‘कोई’ का संबंध कारक | एकवचन |
| किसी में / किसी पर | ‘कोई’ का अधिकरण कारक | एकवचन |
| किन्हीं को / किन्हीं से | ‘कोई’ का कर्म / करण कारक | बहुवचन (अनिश्चयवाचक) |
| किन्हीं का / किन्हीं के | ‘कोई’ का संबंध कारक | बहुवचन |
सर्वनाम शब्दकोश: 25+ संयुक्त सर्वनाम (Compound Pronouns)
दो सर्वनामों या सर्वनाम + अन्य पदों के योग से बने 25 प्रमुख संयुक्त सर्वनाम:
संयुक्त सर्वनाम एवं उनके वाक्य-प्रयोग तालिका
| संयुक्त सर्वनाम | वाक्य प्रयोग | अर्थ एवं भाव |
|---|---|---|
| जो कोई | “जो कोई मेहनत करेगा, वह पास होगा।” | कोई भी व्यक्ति (संबंध + अनिश्चय) |
| जो कुछ | “जो कुछ मिला है, उसमें संतोष करो।” | समग्र वस्तु/सामग्री |
| कोई न कोई | “मेरी मदद के लिए कोई न कोई आ ही जाएगा।” | अनिश्चित व्यक्ति की संभावना |
| कुछ न कुछ | “खाली बैठने से अच्छा है कुछ न कुछ करते रहो।” | थोड़ा बहुत कार्य |
| सब कोई | “इस बात को सब कोई जानता है।” | प्रत्येक व्यक्ति / हर कोई |
| हर कोई | “हर कोई अपनी प्रशंसा सुनना चाहता है।” | सभी मनुष्य |
| और कोई | “वहाँ मेरे सिवा और कोई नहीं था।” | दूसरा कोई व्यक्ति |
| और कुछ | “क्या आपको और कुछ चाहिए?” | अतिरिक्त वस्तु |
| कोई एक | “इन दोनों में से कोई एक चुन लो।” | एक निश्चित विकल्प |
| कोई-कोई | “कोई-कोई बात दिल को छू जाती है।” | विरल / कभी-कभार |
| कुछ-कुछ | “मुझे तुम्हारी बात कुछ-कुछ समझ आ रही है।” | थोड़ी-थोड़ी मात्रा |
| बहुत कुछ | “उसने जीवन में बहुत कुछ सहा है।” | अत्यधिक अनुभव/वस्तु |
| सब कुछ | “उसने अपना सब कुछ देश पर न्योछावर कर दिया।” | सर्वस्व |
| ऐसा कुछ | “मैंने ऐसा कुछ नहीं कहा।” | इस प्रकार की कोई बात |
| वैसा कुछ | “वहाँ वैसा कुछ नहीं था जैसा सोचा गया था।” | उस प्रकार का दृश्य |
| आप ही आप | “वह कमरे में आप ही आप बड़बड़ा रहा था।” | अपने आप / अकेले |
| खुद-ब-खुद | “दरवाजा खुद-ब-खुद खुल गया।” | स्वतः / बिना प्रयास |
| अपने-अपने | “सब लोग अपने-अपने घर जाओ।” | व्यक्तिगत रूप से |
| जो-जो | “जो-जो आगे बढ़ेगा, इनाम पाएगा।” | क्रमवार व्यक्ति |
| किस-किस | “मैं किस-किस का नाम लूँ?” | अनेक व्यक्ति/प्रश्न |
| कौन-कौन | “आज सभा में कौन-कौन आया है?” | व्यक्तियों की सूची |
| क्या-क्या | “तुमने बाज़ार से क्या-क्या खरीदा?” | वस्तुओं की सूची |
| कोई दूसरा | “यह काम कोई दूसरा नहीं कर सकता।” | अन्य व्यक्ति |
| कुछ एक | “वहाँ केवल कुछ एक लोग ही उपस्थित थे।” | बहुत कम संख्या |
| स्वयंमेव | “यह समस्या स्वयंमेव हल हो जाएगी।” | अपने आप (संस्कृत तत्सम) |
सर्वनाम शब्दकोश: सर्वनाम बनाम सार्वनामिक विशेषण (25 तुलनात्मक वाक्य)
गूगल पर सबसे ज्यादा खोजे जाने वाले सर्वनाम और सार्वनामिक विशेषण के प्रत्यक्ष तुलनात्मक वाक्य:
सर्वनाम vs सार्वनामिक विशेषण प्रत्यक्ष तुलना
| वाक्य (सर्वनाम रूप) | वाक्य (सार्वनामिक विशेषण रूप) | मुख्य अंतर एवं पहचान |
|---|---|---|
| “यह बहुत कीमती है।” (निश्चयवाचक सर्वनाम) | “यह घड़ी बहुत कीमती है।” (सार्वनामिक विशेषण) | संज्ञा ‘घड़ी’ के ठीक पहले ‘यह’ आया |
| “वह खेल रहा है।” (अन्य पुरुषवाचक सर्वनाम) | “वह बालक खेल रहा है।” (सार्वनामिक विशेषण) | संज्ञा ‘बालक’ की विशेषता बताई |
| “ये हमारे हैं।” (निश्चयवाचक सर्वनाम) | “ये मकान हमारे हैं।” (सार्वनामिक विशेषण) | संज्ञा ‘मकान’ के पहले ‘ये’ |
| “वे जा रहे हैं।” (अन्य पुरुषवाचक सर्वनाम) | “वे सैनिक जा रहे हैं।” (सार्वनामिक विशेषण) | संज्ञा ‘सैनिक’ के पहले ‘वे’ |
| “दरवाजे पर कोई है।” (अनिश्चयवाचक सर्वनाम) | “दरवाजे पर कोई अतिथि है।” (सार्वनामिक विशेषण) | संज्ञा ‘अतिथि’ से पहले ‘कोई’ |
| “खाने में कुछ दो।” (अनिश्चयवाचक सर्वनाम) | “खाने में कुछ फल दो।” (सार्वनामिक विशेषण) | संज्ञा ‘फल’ से पहले ‘कुछ’ |
| “कौन आया है?” (प्रश्नवाचक सर्वनाम) | “कौन व्यक्ति आया है?” (सार्वनामिक विशेषण) | संज्ञा ‘व्यक्ति’ से पहले ‘कौन’ |
| “तुमने क्या देखा?” (प्रश्नवाचक सर्वनाम) | “तुमने क्या दृश्य देखा?” (सार्वनामिक विशेषण) | संज्ञा ‘दृश्य’ से पहले ‘क्या’ |
| “जो पढ़ेगा वह पास होगा।” (संबंधवाचक सर्वनाम) | “जो विद्यार्थी पढ़ेगा वह पास होगा।” (सार्वनामिक विशेषण) | संज्ञा ‘विद्यार्थी’ से पहले ‘जो’ |
| “जिसने मदद की वह महान है।” (सर्वनाम) | “जिस पुरुष ने मदद की वह महान है।” (विशेषण) | संज्ञा ‘पुरुष’ से पहले ‘जिस’ |
| “किसे बुला रहे हो?” (प्रश्नवाचक सर्वनाम) | “किस छात्र को बुला रहे हो?” (सार्वनामिक विशेषण) | संज्ञा ‘छात्र’ से पहले ‘किस’ |
| “उसने गाना गाया।” (पुरुषवाचक सर्वनाम) | “उस गायिका ने गाना गाया।” (सार्वनामिक विशेषण) | संज्ञा ‘गायिका’ से पहले ‘उस’ |
सर्वनाम शब्दकोश: निजवाचक एवं आदरार्थक सर्वनाम (विशिष्ट रूप)
स्वयं, खुद, स्वतः, आप, परस्पर आदि के विशिष्ट वाक्य प्रयोग:
निजवाचक व आदरार्थक सर्वनाम तालिका
| सर्वनाम शब्द | व्याकरणिक श्रेणी | मानक वाक्य प्रयोग |
|---|---|---|
| स्वयं | निजवाचक सर्वनाम | “मैं स्वयं जाकर स्थिति का जायजा लूँगा।” |
| खुद | निजवाचक (उर्दू मूल) | “उसे यह फैसला खुद करने दो।” |
| स्वतः | निजवाचक (संस्कृत अव्यय) | “धूल बैठ जाने पर रास्ता स्वतः साफ हो गया।” |
| आप (निजवाचक) | निजवाचक सर्वनाम | “आप भले तो जग भला (आप = खुद/स्वयं)।” |
| अपने आप | संयुक्त निजवाचक | “मशीन अपने आप बंद हो जाएगी।” |
| अपनी / अपना / अपने | निजवाचक संबंध रूप | “हमें अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए।” |
| परस्पर | पारस्परिक सर्वनाम (संस्कृत) | “वे दोनों परस्पर बातचीत कर रहे हैं।” |
| आपस में | पारस्परिक संबंध | “भाइयों को आपस में नहीं लड़ना चाहिए।” |
| आप (आदरार्थक) | मध्यम पुरुष (बहुवचन रूप) | “आप चाय लेंगे या कॉफी?” |
| आपने (आदरार्थक) | अन्य पुरुष (परिचय संदर्भ) | “नेहरू जी महान नेता थे। आपने ‘डिस्कवरी ऑफ इंडिया’ लिखी।” |
ज्ञान की परीक्षा: सर्वनाम All-India PYQ महा-क्विज़
“मैं अपने आप वस्त्र साफ कर लेता हूँ।” — इस वाक्य में ‘अपने आप’ कौन सा सर्वनाम है? (UPPSC / CTET)
‘कोई आ रहा है’ — इस वाक्य में ‘कोई’ किस प्रकार का सर्वनाम है? (CGPSC / REET)
“यह पुस्तक मेरी है।” — इस वाक्य में रेखांकित शब्द ‘यह’ क्या है? (UP RO/ARO / KVS)
हिन्दी में मूल सर्वनामों की कुल संख्या कितनी मानी जाती है? (MP SI / DSSSB)
सर्वनाम में निम्नलिखित में से किस कारक का प्रयोग नहीं होता है? (UKPSC / State SI)
“जो करेगा सो भरेगा” — इस वाक्य में प्रयुक्त ‘जो… सो’ कौन सा सर्वनाम है? (BPSC / CG Vyapam)
🎯 अपना स्कोर आँकें: आपकी तैयारी का स्तर क्या है?
कुल प्रश्न: 6 | सही उत्तरों के आधार पर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी तैयारी का विश्लेषण करें:
- 🏆 6 में से 6 सही (टॉपर स्तर): अद्भुत! सर्वनाम के सभी 6 भेदों, निजवाचक ‘आप’ और सार्वनामिक विशेषण के सूक्ष्म अंतर पर आपकी पकड़ शत-प्रतिशत है।
- 🥈 6 में से 5 सही (उत्कृष्ट स्तर): बहुत बढ़िया तैयारी! केवल सर्वनाम vs सार्वनामिक विशेषण के 1-2 उदाहरणों का पुनः अभ्यास करें।
- 🥉 6 में से 4 सही (औसत स्तर): आपकी नींव अच्छी है, लेकिन ‘कारक-रूपांतरण’ और ’11 मूल सर्वनामों’ का रिवीजन आवश्यक है।
- ⚠️ 4 से कम सही (रिवीजन आवश्यक): निराश न हों! ऊपर दिए गए “3 सर्वनाम Trap Alert” को दोबारा ध्यान से पढ़ें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
विशेषज्ञ निष्कर्ष एवं अगला अध्याय
अंतिम मार्गदर्शन
सर्वनाम भाषा को सजीव, संक्षिप्त और व्याकरणिक दृष्टि से दोषरहित बनाते हैं। इस पोस्ट में दिए गए 11 मूल सर्वनामों के कारक-रूपांतरण और ‘आप’ के 3 रूपों का नियमित अभ्यास आपको परीक्षा में 100% अंक दिलाएगा।
रोडमैप के अनुसार अगले अध्याय (पोस्ट 14) में हम अध्ययन करेंगे — “विशेषण और प्रविशेषण (Adjective): 4 भेद, अवस्थाएँ, विशेषण निर्माण के 100% सटीक नियम व PYQs”।
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