लिंग (Gender in Hindi): पुल्लिंग व स्त्रीलिंग की पहचान के 10 नियम, अपवाद व मास्टर नोट्स
लिंग: संज्ञा के स्त्री या पुरुष जाति का परिचायक
लिंग की मानक परिभाषा: संज्ञा के जिस रूप से किसी व्यक्ति, वस्तु, प्राणी या भाव के ‘पुरुष जाति’ (Male) या ‘स्त्री जाति’ (Female) होने का बोध होता है, उसे व्याकरण में ‘लिंग’ (Gender) कहते हैं। ‘लिंग’ संस्कृत भाषा का शब्द है जिसका शाब्दिक अर्थ ‘चिह्न’ या ‘निशान’ होता है।
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विषय सूची [X]
- लिंग (Gender in Hindi): पुल्लिंग व स्त्रीलिंग की पहचान के 10 नियम, अपवाद व मास्टर नोट्स
- 📝लिंग: संज्ञा के स्त्री या पुरुष जाति का परिचायक
- 1. संस्कृत बनाम हिन्दी में लिंग-व्यवस्था (2 मुख्य भेद)
- ℹ️संस्कृत (3 लिंग) vs हिन्दी (2 लिंग) तुलनात्मक तालिका
- 2. पुल्लिंग शब्दों की पहचान के 8 वैज्ञानिक नियम व अपवाद
- ✅पुल्लिंग संज्ञाओं की पहचान एवं अपवाद तालिका
- 3. स्त्रीलिंग शब्दों की पहचान के 8 वैज्ञानिक नियम व अपवाद
- ℹ️स्त्रीलिंग संज्ञाओं की पहचान एवं अपवाद तालिका
- 4. नित्य पुल्लिंग एवं नित्य स्त्रीलिंग शब्द (‘नर’ व ‘मादा’ का नियम)
- 💡नित्य पुल्लिंग vs नित्य स्त्रीलिंग तालिका
- 5. प्रत्यय जोड़कर लिंग-परिवर्तन के 10 वैज्ञानिक नियम
- ✅पुल्लिंग से स्त्रीलिंग बनाने के 10 नियम
- 6. परीक्षा Trap Alert: 20 सर्वाधिक भ्रामक शब्द (जहाँ 90% छात्र गलतियाँ करते हैं)
- 🔥💡 परीक्षा हॉल भ्रामक शब्द एवं सही लिंग निर्णय
- 7. मास्टर तालिका: परीक्षाओं में बार-बार पूछे जाने वाले 60 लिंग-परिवर्तन शब्द
- ℹ️लिंग परिवर्तन की 3-कॉलम मास्टर तालिका
- प्रशासनिक शब्दावली: ‘उभयलिंगी शब्द’ (Common Gender Words)
- ℹ️उभयलिंगी पद एवं वाक्य-प्रयोग नियम
- मास्टर ट्रिक: प्रत्ययों के आधार पर 2-सेकंड में लिंग पहचान
- ✅💡 प्रत्यय आधारित लिंग पहचान मास्टर चार्ट
- शास्त्रीय व्याकरण: आचार्या बनाम आचार्याणी (विदुषी vs पत्नी का नियम)
- 💡स्वयं कार्य करने वाली (विदुषी) vs पत्नी रूप तालिका
- परीक्षा हॉल विशेष: 20 अति-कठिन एवं शास्त्रीय लिंग-परिवर्तन शब्द (RO/ARO व PSC स्पेशल)
- 🔥20 अति-दुर्लभ शास्त्रीय लिंग-परिवर्तन संग्रह
- लिंग शब्दकोश: 60 सदा पुल्लिंग रहने वाले कठिन व भ्रामक शब्द
- ✅सदा पुल्लिंग शब्द तालिका (Always Masculine Nouns)
- लिंग शब्दकोश: 60 सदा स्त्रीलिंग रहने वाली कठिन व भ्रामक संज्ञाएँ
- ℹ️सदा स्त्रीलिंग शब्द तालिका (Always Feminine Nouns)
- लिंग शब्दकोश: 50 उच्च-स्तरीय संस्कृत तत्सम लिंग-परिवर्तन जोड़े
- 💡संस्कृत तत्सम लिंग-परिवर्तन तालिका
- लिंग शब्दकोश: 50 तद्भव, ग्रामीण व व्यावसायिक लिंग जोड़े
- ✅तद्भव एवं व्यावसायिक पद तालिका
- लिंग शब्दकोश: 50 पशु-पक्षी, कीट व उभयचरों के लिंग जोड़े
- 🔥पशु, पक्षी एवं कीट लिंग तालिका
- ज्ञान की परीक्षा: लिंग All-India PYQ महा-क्विज़
- 🔥🎯 अपना स्कोर आँकें: आपकी तैयारी का स्तर क्या है?
- अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
- विशेषज्ञ निष्कर्ष एवं अगला अध्याय
- ✅अंतिम मार्गदर्शन: लिंग निर्धारण की 2-सेकंड अचूक ट्रिक
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1. संस्कृत बनाम हिन्दी में लिंग-व्यवस्था (2 मुख्य भेद)
प्रतियोगी परीक्षाओं में अक्सर संस्कृत और हिन्दी की लिंग संख्या पर सीधा प्रश्न पूछा जाता है:
संस्कृत (3 लिंग) vs हिन्दी (2 लिंग) तुलनात्मक तालिका
| भाषा का आधार | लिंगों की कुल संख्या | भेद एवं विशेषताएं |
|---|---|---|
| संस्कृत व्याकरण | 3 लिंग होते हैं। | पुल्लिंग, स्त्रीलिंग एवं नपुंसकलिंग (Neuter Gender)। |
| हिन्दी व्याकरण | केवल 2 लिंग होते हैं। | 1. पुल्लिंग (Masculine) एवं 2. स्त्रीलिंग (Feminine)। (हिन्दी में कोई नपुंसकलिंग नहीं होता; सभी निर्जीव वस्तुएँ भी या तो पुल्लिंग होती हैं या स्त्रीलिंग)। |
2. पुल्लिंग शब्दों की पहचान के 8 वैज्ञानिक नियम व अपवाद
जिन शब्दों से पुरुष जाति का बोध होता है, उन्हें पुल्लिंग कहते हैं:
पुल्लिंग संज्ञाओं की पहचान एवं अपवाद तालिका
- 1. देशों, पर्वतों एवं समुद्रों के नाम: भारत, अमेरिका, चीन, रूस, हिमालय, विंध्याचल, अरावली, हिंद महासागर, प्रशांत महासागर (सदा पुल्लिंग)।
- 2. दिनों एवं महीनों के नाम: सोमवार, मंगलवार, रविवार, जनवरी, मार्च, चैत्र, वैशाख, फाल्गुन (सदा पुल्लिंग)। (अपवाद: जनवरी, मई, जुलाई स्त्रीलिंग मानी जाती हैं)
- 3. ग्रहों के नाम: सूर्य, चंद्रमा, मंगल, बुध, बृहस्पति, शुक्र, शनि, राहु, केतु (पुल्लिंग)। (अपवाद: ‘पृथ्वी’ स्त्रीलिंग है)
- 4. धातुओं एवं खनिजों के नाम: सोना, लोहा, तांबा, पीतल, कांसा, कोयला, पेट्रोल, सीसा (पुल्लिंग)। (अपवाद: ‘चाँदी’ स्त्रीलिंग है)
- 5. अनाजों के नाम: गेहूँ, चावल, चना, बाजरा, जौ, तिल, मटर (पुल्लिंग)। (अपवाद: मकई, ज्वार, अरहर, मूँग स्त्रीलिंग हैं)
- 6. वृक्षों एवं फलों के नाम: आम, नीम, बरगद, पीपल, शीशम, अमरूद, सेब, जामुन (पुल्लिंग)। (अपवाद: इमली, लीची, नारंगी स्त्रीलिंग हैं)
- 7. रत्नों के नाम: हीरा, पन्ना, माणिक्य, पुखराज, नीलम, मोती (पुल्लिंग)।
- 8. भारी, विशाल एवं भद्दे आकार वाले शब्द: लोटा, रस्सा, हथौड़ा, जूता, संदूक, पहाड़ (पुल्लिंग)।
3. स्त्रीलिंग शब्दों की पहचान के 8 वैज्ञानिक नियम व अपवाद
जिन शब्दों से स्त्री जाति का बोध होता है, उन्हें स्त्रीलिंग कहते हैं:
स्त्रीलिंग संज्ञाओं की पहचान एवं अपवाद तालिका
- 1. नदियों के नाम: गंगा, यमुना, गोदावरी, कावेरी, सरस्वती, नर्मदा, ताप्ती (स्त्रीलिंग)। (अपवाद: ब्रह्मपुत्र, सोन, सिंधु नद पुल्लिंग माने जाते हैं)
- 2. तिथियों एवं नक्षत्रों के नाम: प्रथमा, द्वितीया, एकादशी, पूर्णिमा, अमावस्या, रोहिणी, अश्विनी, भरणी (स्त्रीलिंग)।
- 3. भाषाओं, बोलियों एवं लिपियों के नाम: हिन्दी, अंग्रेजी, संस्कृत, उर्दू, अवधी, ब्रज, भोजपुरी, देवनागरी, गुरुमुखी, रोमन (सदा स्त्रीलिंग)।
- 4. बेलों एवं लताओं के नाम: मालती, अमरबेल, चमेली, जूही, मणिप्लांट (स्त्रीलिंग)।
- 5. शरीर के कोमल व छोटे अंग: आँख, नाक, जीभ, उंगली, ठोड़ी, कमर, पलक, नाड़ी (स्त्रीलिंग)। (नोट: हाथ, पैर, सिर, गला, दाँत, कान पुल्लिंग हैं)
- 6. आभूषणों एवं पहनावे के नाम: साड़ी, धोती, चुनरी, अंगूठी, माला, चूड़ी, पायल, नथुनी, बिंदी (स्त्रीलिंग)। (अपवाद: कंगन, हार, कुंडल पुल्लिंग हैं)
- 7. खाने-पीने की तरल व पकी वस्तुएँ: रोटी, पूड़ी, खीर, दाल, सब्जी, कचौड़ी, चाय, कॉफी, शिकंजी (स्त्रीलिंग)। (अपवाद: भात, हलवा, रायता, परांठा पुल्लिंग हैं)
- 8. विशिष्ट प्रत्ययांत शब्द: जिन शब्दों के अंत में -आहट, -आवट, -ता, -ई, -इमा, -आई आए (जैसे- घबराहट, सजावट, सुंदरता, लिखाई, कालिमा, गर्मी)।
4. नित्य पुल्लिंग एवं नित्य स्त्रीलिंग शब्द (‘नर’ व ‘मादा’ का नियम)
कुछ प्राणीवाचक शब्द ऐसे होते हैं जिनका लिंग प्राकृतिक रूप से निश्चित रहता है। उनका विपरीत लिंग बनाने के लिए ‘नर’ या ‘मादा’ शब्द जोड़ा जाता है:
नित्य पुल्लिंग vs नित्य स्त्रीलिंग तालिका
| नित्य पुल्लिंग शब्द (सदा पुरुष) | स्त्रीलिंग बनाने का नियम (‘मादा’) | नित्य स्त्रीलिंग शब्द (सदा स्त्री) | पुल्लिंग बनाने का नियम (‘नर’) |
|---|---|---|---|
| मच्छर | मादा मच्छर | कोयल | नर कोयल |
| चीता | मादा चीता | मक्खी | नर मक्खी |
| भालू | मादा भालू | छिपकली | नर छिपकली |
| तोता | मादा तोता | तितली | नर तितली |
| खरगोश | मादा खरगोश | चील | नर चील |
| भेड़िया | मादा भेड़िया | गिलहरी | नर गिलहरी |
| गरुड़ | मादा गरुड़ | मछली | नर मछली |
| खटमल | मादा खटमल | मैना | नर मैना |
5. प्रत्यय जोड़कर लिंग-परिवर्तन के 10 वैज्ञानिक नियम
पुल्लिंग से स्त्रीलिंग बनाने के 10 नियम
| नियम एवं प्रयुक्त प्रत्यय | पुल्लिंग शब्द (मूल) | निर्मित स्त्रीलिंग शब्द |
|---|---|---|
| 1. ‘आ’ को ‘ई’ में बदलना | बेटा, लड़का, दास, दादा, घोड़ा, देव | बेटी, लड़की, दासी, दादी, घोड़ी, देवी |
| 2. ‘अ/आ’ के अंत में ‘इन’ जोड़ना | धोबी, तेली, माली, पापी, साँप, लुहार | धोबिन, तेलिन, मालिन, पापिन, सापिन, लुहारिन |
| 3. व्यवसाय सूचक में ‘आनी’ जोड़ना | सेठ, देवर, जेठ, नौकर, मेहतर, इंद्र | सेठानी, देवरानी, जेठानी, नौकरानी, मेहतरानी, इंद्राणी |
| 4. उपनाम / जाति में ‘आइन’ जोड़ना | पंडित, ठाकुर, चौधरी, लाला, मिश्र | पंडिताइन, ठकुराइन, चौधराइन, ललाइन, मिश्राइन |
| 5. अंत में ‘नी’ जोड़ना | मोर, शेर, ऊँट, भील, हंस, सिंह | मोरनी, शेरनी, ऊँटनी, भीलनी, हंसनी, सिंहनी |
| 6. ‘अक’ को ‘इका’ में बदलना | लेखक, नायक, गायक, पाठक, बालक | लेखिका, नायिका, गायिका, पाठिका, बालिका |
| 7. ‘ई’ के स्थान पर ‘इनी / ईणी’ | हाथी, हंस, स्वामी, तपस्वी, कमल | हथिनी, हंसिनी, स्वामिनी, तपस्विनी, कमलिनी |
| 8. ‘वान’ का ‘वती’ / ‘मान’ का ‘मती’ | गुणवान, बलवान, श्रीमान, बुद्धिमान | गुणवती, बलवती, श्रीमती, बुद्धिमती |
| 9. ‘ता’ को ‘त्री’ में बदलना | नेता, धाता, दाता, अभिनेता, रचयिता | नेत्री, धात्री, दात्री, अभिनेत्री, रचयित्री |
| 10. भिन्न रूप वाले स्वतंत्र शब्द | नर, वर, भाई, राजा, पिता, कवि, विद्वान | नारी, वधू, भाभी/बहन, रानी, माता, कवयित्री, विदुषी |
6. परीक्षा Trap Alert: 20 सर्वाधिक भ्रामक शब्द (जहाँ 90% छात्र गलतियाँ करते हैं)
प्रतियोगी परीक्षाओं में परीक्षक अक्सर इन विवादित व भ्रामक शब्दों से प्रश्न बनाते हैं:
💡 परीक्षा हॉल भ्रामक शब्द एवं सही लिंग निर्णय
| भ्रामक शब्द | सही लिंग | परीक्षा ट्रैप एवं सूक्ष्म कारण |
|---|---|---|
| दही (Curd) | पुल्लिंग | ‘दही खट्टा है’ शुद्ध है (‘दही खट्टी है’ गलत है)। |
| घी (Ghee) | पुल्लिंग | द्रव्यवाचक व चिकने पदार्थ पुल्लिंग होते हैं। |
| पानी (Water) | पुल्लिंग | ‘पानी बहता है’ (पानी गिरती है गलत है)। |
| मोती (Pearl) | पुल्लिंग | इकारांत होते हुए भी रत्न होने के कारण पुल्लिंग है। |
| जीरा / हींग | पुल्लिंग / स्त्रीलिंग | जीरा पुल्लिंग है, जबकि ‘हींग’ स्त्रीलिंग है। |
| कवि का स्त्रीलिंग | कवयित्री | शुद्ध वर्तनी ‘क-व-यि-त्री’ है (‘कवियत्री’ अशुद्ध है)। |
| विद्वान का स्त्रीलिंग | विदुषी | विद्वान का विदूषी या विद्वानी नहीं होता। |
| नेता का स्त्रीलिंग | नेत्री | ‘ता’ का ‘त्री’ नियम (नेतानिन गलत है)। |
| सम्राट का स्त्रीलिंग | सम्राज्ञी | संस्कृत मूल का विशेष रूप। |
| साधु का स्त्रीलिंग | साध्वी | साधु का साधुइन नहीं, ‘साध्वी’ होता है। |
| महान का स्त्रीलिंग | महती | ‘महती कृपा’ (महानता विशेषण नहीं)। |
| आयुष्मान का स्त्रीलिंग | आयुष्मती | मान का मती नियम। |
| भवदीय का स्त्रीलिंग | भवदीया | पत्र लेखन में प्रयुक्त। |
| दरोगा / वकील / डॉक्टर | उभयलिंगी पद (पुल्लिंग प्रधान) | वाक्य संदर्भ अनुसार (महिला डॉक्टर / डॉक्टर आई हैं)। |
| आत्मा | स्त्रीलिंग | ‘आत्मा अमर होती है’ (आत्मा मरता नहीं)। |
| वायु / हवा | स्त्रीलिंग | ‘हवा चल रही है’। |
| शपथ | स्त्रीलिंग | ‘शपथ ली जाती है’। |
| विजय / पराजय | स्त्रीलिंग | ‘विजय हुई’। |
| वजन / भार | पुल्लिंग | ‘वजन बढ़ गया’। |
| सुहाग | पुल्लिंग | ‘सुहाग की रक्षा’। |
7. मास्टर तालिका: परीक्षाओं में बार-बार पूछे जाने वाले 60 लिंग-परिवर्तन शब्द
विगत 15 वर्षों की परीक्षाओं (CTET, State PSC, SI, RO/ARO) में सर्वाधिक पूछे गए 60 शब्द:
लिंग परिवर्तन की 3-कॉलम मास्टर तालिका
| पुल्लिंग शब्द (मूल) | स्त्रीलिंग शब्द (परिवर्तित) | प्रयुक्त प्रत्यय / निर्माण का नियम |
|---|---|---|
| कवि | कवयित्री | विशेष रूप (कवयित्री) |
| विद्वान | विदुषी | विशेष रूप (विदुषी) |
| नेता | नेत्री | ‘ता’ का ‘त्री’ में परिवर्तन |
| अभिनेता | अभिनेत्री | ‘ता’ का ‘त्री’ नियम |
| धाता | धात्री | ‘ता’ का ‘त्री’ नियम |
| विधाता | विधात्री | ‘ता’ का ‘त्री’ नियम |
| रचयिता | रचयित्री | ‘ता’ का ‘त्री’ नियम |
| श्रोता | श्रोत्री | ‘ता’ का ‘त्री’ नियम |
| वक्ता | वक्त्री | ‘ता’ का ‘त्री’ नियम |
| सम्राट | सम्राज्ञी | विशेष तत्सम रूप |
| राजा | रानी / राज्ञी | स्वतंत्र शब्द |
| साधु | साध्वी | ‘उ’ का ‘वी’ नियम |
| युवक | युवती | ‘क’ का ‘ती’ नियम |
| वर | वधू | स्वतंत्र शब्द |
| बैल | गाय | स्वतंत्र शब्द |
| पुरुष | स्त्री / नारी | स्वतंत्र शब्द |
| पिता | माता | स्वतंत्र शब्द |
| भाई | भाभी / बहन | स्वतंत्र शब्द |
| ससुर | सास | स्वतंत्र शब्द |
| दामाद / जमाई | बहू / बेटी | स्वतंत्र शब्द |
| ननदोई | ननद | संबंध सूचक |
| जीजा / बहनोई | दीदी / बहन | संबंध सूचक |
| मौसा | मौसी | ‘आ’ का ‘ई’ |
| चाचा | चाची | ‘आ’ का ‘ई’ |
| बिलाव | बिल्ली | स्वतंत्र रूप |
| बकरा | बकरी | ‘आ’ का ‘ई’ |
| मेंढक | मेंढकी | ‘आ’ का ‘ई’ |
| हिरण | हिरणी / मृगी | ‘णी’ प्रत्यय |
| ऊँट | ऊँटनी | ‘नी’ प्रत्यय |
| हाथी | हथिनी | ‘इनी’ प्रत्यय (हाथिन अशुद्ध) |
| सिंह | सिंहनी | ‘नी’ प्रत्यय |
| बाघ | बाघिन | ‘इन’ प्रत्यय |
| नाग | नागिन | ‘इन’ प्रत्यय |
| साँप | सापिन | ‘इन’ प्रत्यय |
| तेली | तेलिन | ‘इन’ प्रत्यय |
| धोबी | धोबिन | ‘इन’ प्रत्यय |
| माली | मालिन | ‘इन’ प्रत्यय |
| पंडित | पंडिताइन | ‘आइन’ प्रत्यय |
| ठाकुर | ठकुराइन | ‘आइन’ प्रत्यय |
| चौधरी | चौधराइन | ‘आइन’ प्रत्यय |
| लाला | ललाइन | ‘आइन’ प्रत्यय |
| बाबू | बबुआइन | ‘आइन’ प्रत्यय |
| देवर | देवरानी | ‘आनी’ प्रत्यय |
| सेठ | सेठानी | ‘आनी’ प्रत्यय |
| जेठ | जेठानी | ‘आनी’ प्रत्यय |
| नौकर | नौकरानी | ‘आनी’ प्रत्यय |
| इंद्र | इंद्राणी | ‘आणी’ प्रत्यय |
| रुद्र | रुद्राणी | ‘आणी’ प्रत्यय |
| भव | भवानी | ‘आनी’ प्रत्यय |
| शर्व | शर्वाणी | ‘आणी’ प्रत्यय |
| श्रीमान | श्रीमती | ‘मान’ का ‘मती’ |
| बुद्धिमान | बुद्धिमती | ‘मान’ का ‘मती’ |
| शक्तिमान | शक्तिमती | ‘मान’ का ‘मती’ |
| भगवान | भगवती | ‘वान’ का ‘वती’ |
| भाग्यवान | भाग्यवती | ‘वान’ का ‘वती’ |
| पुत्रवान | पुत्रवती | ‘वान’ का ‘वती’ |
| तपस्वी | तपस्विनी | ‘इनी’ प्रत्यय |
| स्वामी | स्वामिनी | ‘इनी’ प्रत्यय |
| यशस्वी | यशस्विनी | ‘इनी’ प्रत्यय |
| अध्यापक | अध्यापिका | ‘अक’ का ‘इका’ |
| गायक | गायिका | ‘अक’ का ‘इका’ |
प्रशासनिक शब्दावली: ‘उभयलिंगी शब्द’ (Common Gender Words)
हिन्दी में कुछ पद, व्यवसाय और पदवियाँ ऐसी होती हैं जिनका प्रयोग स्त्री और पुरुष दोनों के लिए समान रूप से होता है। इन्हें ‘उभयलिंगी शब्द’ कहा जाता है:
उभयलिंगी पद एवं वाक्य-प्रयोग नियम
| उभयलिंगी पद / शब्द | पुल्लिंग प्रयोग उदाहरण | स्त्रीलिंग प्रयोग उदाहरण |
|---|---|---|
| राष्ट्रपति | “राष्ट्रपति जी पधारे हैं।” | “श्रीमती द्रौपदी मुर्मू भारत की राष्ट्रपति हैं।” |
| प्रधानमंत्री | “प्रधानमंत्री ने भाषण दिया।” | “इंदिरा गांधी देश की प्रथम महिला प्रधानमंत्री थीं।” |
| राज्यपाल / मुख्यमंत्री | “राज्यपाल ने आदेश जारी किया।” | “आनंदीबेन पटेल उत्तर प्रदेश की राज्यपाल हैं।” |
| डॉक्टर / सर्जन | “डॉक्टर साहब आए हैं।” | “महिला डॉक्टर ने इलाज किया।” |
| वकील / जज / मैजिस्ट्रेट | “वकील ने दलील पेश की।” | “वह एक प्रसिद्ध महिला वकील हैं।” |
| प्रोफेसर / लेक्चरर | “प्रोफेसर पढ़ा रहे हैं।” | “प्रोफेसर साहिबा पढ़ा रही हैं।” |
| अध्यक्ष / सचिव / मंत्री | “समिति के अध्यक्ष पधारे।” | “वे सभा की महिला अध्यक्ष बनीं।” |
| कलेक्टर / कमिश्नर | “कलेक्टर ने निरीक्षण किया।” | “सुश्री टीना डाबी जिले की कलेक्टर हैं।” |
नियम: उभयलिंगी शब्दों का लिंग-निर्धारण वाक्य की ‘क्रिया’ या ‘विशेषण’ से होता है। आवश्यकता पड़ने पर इनके आगे ‘महिला’ (जैसे- महिला डॉक्टर, महिला सिपाही) जोड़ दिया जाता है।
मास्टर ट्रिक: प्रत्ययों के आधार पर 2-सेकंड में लिंग पहचान
शब्द के अंत में लगे प्रत्यय को देखकर तुरंत पुल्लिंग या स्त्रीलिंग पहचानने के अचूक वैज्ञानिक नियम:
💡 प्रत्यय आधारित लिंग पहचान मास्टर चार्ट
- सदा पुल्लिंग बनाने वाले 7 प्रमुख प्रत्यय:
- -त्व: मनुष्यत्व, देवत्व, अपनत्व, गुरुत्व, सतीत्व, पशुत्व
- -व / -य: गौरव, लाघव, शैशव, पौरुष, सौंदर्य, माधुर्य
- -पन: बचपन, लड़कपन, अपनापन, पागलपन, बड़प्पन
- -पा: बुढ़ापा, पुजापा, मोटापा
- -आव: बहाव, फैलाव, घुमाव, खिंचाव, तनाव, जमाव
- -आना: घराना, जुर्माना, नजराना, दस्ताना, रोजाना
- -दान: पानदान, कलमदान, खानदान, रोशनदान
- सदा स्त्रीलिंग बनाने वाले 8 प्रमुख प्रत्यय:
- -आहट: घबराहट, चिकनाहट, चिल्लाहट, कड़वाहट, मुस्कुराहट
- -आवट: सजावट, लिखावट, थकावट, बनावट, मिलावट
- -ता: मानवता, सुंदरता, सज्जनता, प्रभुता, योग्यता, कटुता
- -ई: गर्मी, सर्दी, गरीबी, अमीरी, चोरी, खेती, बोली
- -इमा: लालिमा, नीलिमा, कालिमा, श्वेतिमा, महिमा, गरिमा
- -आई: लिखाई, पढ़ाई, चढ़ाई, सिलाई, भलाई, बुराई
- -आस: खटास, मिठास, भड़ास
- -त: बचत, खपत, रंगत, चाहत, लागत
शास्त्रीय व्याकरण: आचार्या बनाम आचार्याणी (विदुषी vs पत्नी का नियम)
संस्कृत और मानक हिन्दी व्याकरण में स्त्री जाति के दो अलग-अलग रूपों का सूक्ष्म नियम:
स्वयं कार्य करने वाली (विदुषी) vs पत्नी रूप तालिका
| पुल्लिंग पद (पुरुष) | स्वयं कार्य करने वाली (विदुषी महिला) | केवल पत्नी रूप (धर्मपत्नी) |
|---|---|---|
| आचार्य | आचार्या (स्वयं वेद/शास्त्र पढ़ाने वाली विदुषी) | आचार्याणी (आचार्य की पत्नी) |
| उपाध्याय | उपाध्याया (स्वयं अध्यापन कराने वाली शिक्षिका) | उपाध्यायानी (उपाध्याय की पत्नी) |
| शूद्र | शूद्रा (शूद्र जाति की स्त्री) | शूद्री (शूद्र की विवाहिता पत्नी) |
| क्षत्रिय | क्षात्री / क्षत्रिया (शूरवीर क्षत्राणी) | क्षत्रियाणी (क्षत्रिय की पत्नी) |
| मातुल | – | मातुलानी (मामा की पत्नी = मामी) |
| इंद्र | – | इंद्राणी (इंद्र की पत्नी / शची) |
परीक्षा हॉल विशेष: 20 अति-कठिन एवं शास्त्रीय लिंग-परिवर्तन शब्द (RO/ARO व PSC स्पेशल)
वे कठिन शब्द जो राज्य प्रशासनिक परीक्षाओं के कट-ऑफ को निर्धारित करते हैं:
20 अति-दुर्लभ शास्त्रीय लिंग-परिवर्तन संग्रह
| कठिन पुल्लिंग शब्द | सही स्त्रीलिंग रूप | व्याकरणिक नियम / प्रत्यय |
|---|---|---|
| महान | महती | विशेष रूप (जैसे- महती कृपा) |
| भवदीय | भवदीया | पत्र लेखन में प्रयुक्त (‘आ’ प्रत्यय) |
| साधु | साध्वी | ‘उ’ का ‘वी’ नियम |
| तात | ताता (या माता) | संबोधन / संबंध सूचक |
| अग्रज | अग्रजा | ‘अ’ का ‘आ’ (बड़ी बहन) |
| अनुज | अनुजा | ‘अ’ का ‘आ’ (छोटी बहन) |
| आत्मज | आत्मजा | ‘अ’ का ‘आ’ (पुत्री/बेटी) |
| तनय | तनया | ‘अ’ का ‘आ’ (पुत्री) |
| सुत | सुता | ‘अ’ का ‘आ’ (बेटी) |
| तातुल | तातुली | चाचा -> चाची |
| श्यामल | श्यामला | ‘अ’ का ‘आ’ |
| कोकिल | कोकिला | तत्सम रूप (स्त्रीलिंग) |
| हंस | हंसिनी | ‘इनी’ प्रत्यय |
| सारंग | सारंगी | संगीत वाद्य / मृगी |
| आर्य | आर्या | ‘अ’ का ‘आ’ |
| मित्र | मित्रा | तत्सम सखी रूप |
| ब्राह्मण | ब्राह्मणी | ‘ई’ प्रत्यय |
| वैद्य | वैद्या (या वैद्यानी) | चिकित्सा करने वाली |
| गायक | गायिका | ‘अक’ का ‘इका’ |
| सेवक | सेविका | ‘अक’ का ‘इका’ |
लिंग शब्दकोश: 60 सदा पुल्लिंग रहने वाले कठिन व भ्रामक शब्द
वे संज्ञा शब्द जो देखने में स्त्रीलिंग लग सकते हैं किंतु व्याकरणिक रूप से सदा पुल्लिंग होते हैं:
सदा पुल्लिंग शब्द तालिका (Always Masculine Nouns)
| संज्ञा शब्द (खोज पद) | सही लिंग | वाक्य प्रयोग एवं व्याकरणिक पहचान |
|---|---|---|
| नेत्र / नयन / लोचन | पुल्लिंग | “उसके नेत्र सुंदर हैं।” (आँख स्त्रीलिंग है, पर नेत्र पुल्लिंग है) |
| मस्तक / ललाट / भाल | पुल्लिंग | “मस्तक पर तिलक लगा है।” |
| कंठ / गला | पुल्लिंग | “उसका कंठ सुरीला है।” |
| हृदय / उर / वक्ष | पुल्लिंग | “उसका हृदय विशाल है।” (छाती स्त्रीलिंग, पर वक्ष पुल्लिंग) |
| उदर / पेट | पुल्लिंग | “उसका पेट भर गया।” |
| यकृत (Liver) / फेफड़ा | पुल्लिंग | “फेफड़ा खराब हो गया।” |
| नाखून / नख | पुल्लिंग | “नाखून बढ़ गया है।” |
| रोम / रोंगटा | पुल्लिंग | “रोंगटे खड़े हो गए।” |
| अंगूठा | पुल्लिंग | “अंगूठा दिखाया।” (उंगली स्त्रीलिंग, अंगूठा पुल्लिंग) |
| कपोल / गाल | पुल्लिंग | “गाल लाल हो गया।” |
| सागर / अर्णव / सिंधु | पुल्लिंग | “सागर उफन रहा है।” |
| द्वीप / महाद्वीप | पुल्लिंग | “एशिया सबसे बड़ा महाद्वीप है।” |
| पाताल / आकाश / नभ | पुल्लिंग | “आकाश में तारे चमक रहे हैं।” |
| अंतरिक्ष / गगन | पुल्लिंग | “अंतरिक्ष अनंत है।” |
| बादल / मेघ / जलद | पुल्लिंग | “काला बादल घिर आया।” |
| अग्नि / पावक / अनल | पुल्लिंग | “अनल भड़क उठा।” (आग स्त्रीलिंग, पावक पुल्लिंग) |
| उत्साह / उल्लास / आनंद | पुल्लिंग | “मन में उत्साह जाग उठा।” |
| क्रोध / कोप / रोष | पुल्लिंग | “उसका क्रोध बढ़ गया।” |
| भय / आतंक / त्रास | पुल्लिंग | “शत्रु में भय समा गया।” |
| शोक / संताप / विलाप | पुल्लिंग | “चारों ओर शोक छा गया।” |
| लोभ / मोह / अहंकार | पुल्लिंग | “उसका अहंकार टूट गया।” |
| धैर्य / गांभीर्य / शौर्य | पुल्लिंग | “सैनिकों ने शौर्य दिखाया।” |
| दूध (दुग्ध) | पुल्लिंग | “दूध उबल गया।” |
| तेल / सिरका / इत्र | पुल्लिंग | “इत्र महक रहा है।” |
| काढ़ा / शर्बत / आसव | पुल्लिंग | “काढ़ा कड़वा है।” |
| गंधक / कपूर / सिंदूर | पुल्लिंग | “कपूर उड़ गया।” |
| अभ्रक / पारा / कांसा | पुल्लिंग | “पारा चढ़ गया।” |
| काष्ठ / कोयला | पुल्लिंग | “कोयला काला होता है।” |
| पंख / डैना | पुल्लिंग | “पक्षी का पंख टूट गया।” |
| घोंसला / नीड़ | पुल्लिंग | “पक्षी ने नीड़ बनाया।” |
लिंग शब्दकोश: 60 सदा स्त्रीलिंग रहने वाली कठिन व भ्रामक संज्ञाएँ
वे संज्ञा शब्द जो देखने में पुल्लिंग लग सकते हैं किंतु व्याकरणिक रूप से सदा स्त्रीलिंग होते हैं:
सदा स्त्रीलिंग शब्द तालिका (Always Feminine Nouns)
| संज्ञा शब्द (खोज पद) | सही लिंग | वाक्य प्रयोग एवं व्याकरणिक पहचान |
|---|---|---|
| काया / देह | स्त्रीलिंग | “सुंदर काया ढल गई।” (शरीर पुल्लिंग, काया स्त्रीलिंग) |
| कलाई / हथेली | स्त्रीलिंग | “उसकी कलाई मुड़ गई।” |
| छाती | स्त्रीलिंग | “छाती चौड़ी हो गई।” (सीना पुल्लिंग, छाती स्त्रीलिंग) |
| ग्रीवा / गर्दन | स्त्रीलिंग | “सुंदर ग्रीवा झुक गई।” (गला पुल्लिंग, गर्दन स्त्रीलिंग) |
| नस / धमनी | स्त्रीलिंग | “नस फूल गई है।” |
| मूँछ / दाढ़ी | स्त्रीलिंग | “उसकी मूँछें बड़ी हैं।” |
| भौंह / पलक | स्त्रीलिंग | “पलक झपक गई।” |
| ठोड़ी | स्त्रीलिंग | “उसकी ठोड़ी पर तिल है।” |
| पुस्तक / पोथी / पत्रिका | स्त्रीलिंग | “नई पत्रिका छप गई।” (ग्रंथ पुल्लिंग, पुस्तक स्त्रीलिंग) |
| चिट्ठी / पाती | स्त्रीलिंग | “डाकिए ने चिट्ठी दी।” (पत्र पुल्लिंग, चिट्ठी स्त्रीलिंग) |
| कलम / दवात / स्याही | स्त्रीलिंग | “दवात उलट गई।” |
| कैंची / सुई / कील | स्त्रीलिंग | “जंग लगी कील चुभ गई।” |
| मेज / कुर्सी / खटिया | स्त्रीलिंग | “पुरानी कुर्सी टूट गई।” |
| रस्सी / डोरी | स्त्रीलिंग | “मोटी रस्सी टूट गई।” (रस्सा पुल्लिंग, रस्सी स्त्रीलिंग) |
| कटोरी / थाली / चम्मच | स्त्रीलिंग | “थाली गिर पड़ी।” (थाल पुल्लिंग, थाली स्त्रीलिंग) |
| कड़ाही / देगची | स्त्रीलिंग | “कड़ाही गर्म हो गई।” (कड़ाह पुल्लिंग, कड़ाही स्त्रीलिंग) |
| झाड़ू | स्त्रीलिंग | “उसने झाड़ू लगाई।” |
| दया / करुणा / ममता | स्त्रीलिंग | “माँ की ममता उमड़ पड़ी।” |
| लज्जा / शर्म / ग्लानि | स्त्रीलिंग | “उसे मन में ग्लानि हुई।” |
| घृणा / ईर्ष्या / स्पर्धा | स्त्रीलिंग | “उसके मन में ईर्ष्या भर गई।” |
| आशा / निराशा / कामना | स्त्रीलिंग | “मनोकामना पूरी हुई।” |
| तृष्णा / वासना / लालसा | स्त्रीलिंग | “उसकी तृष्णा शांत न हुई।” |
| शांति / कांति / दीप्ति | स्त्रीलिंग | “मुख पर कांति चमक रही थी।” |
| प्रभा / द्युति / आभा | स्त्रीलिंग | “कमरे में आभा फैल गई।” |
| छवि / शोभा | स्त्रीलिंग | “प्रकृति की शोभा अनुपम है।” |
| चाल / ढाल / बात | स्त्रीलिंग | “उसकी चाल धीमी है।” |
| खोज / परख / जांच | स्त्रीलिंग | “वैज्ञानिकों ने खोज की।” |
| भूख / प्यास / नींद | स्त्रीलिंग | “गहरी नींद आ गई।” |
| चीख / पुकार / गूँज | स्त्रीलिंग | “दूर से चीख सुनाई दी।” |
| चमक / महक / सुगंध | स्त्रीलिंग | “फूलों की सुगंध फैल गई।” |
लिंग शब्दकोश: 50 उच्च-स्तरीय संस्कृत तत्सम लिंग-परिवर्तन जोड़े
विभिन्न राज्य प्रशासनिक व शिक्षक परीक्षाओं में पूछे जाने वाले शुद्ध तत्सम शब्द:
संस्कृत तत्सम लिंग-परिवर्तन तालिका
| पुल्लिंग शब्द (मूल तत्सम) | स्त्रीलिंग रूप (शुद्ध व्याकरण) | प्रयुक्त प्रत्यय / निर्माण नियम |
|---|---|---|
| प्रणेता | प्रणेत्री | ‘ता’ का ‘त्री’ नियम |
| क्रेता | क्रेत्री | ‘ता’ का ‘त्री’ नियम (खरीदार) |
| विक्रेता | विक्रेत्री | ‘ता’ का ‘त्री’ नियम (बेचने वाला) |
| त्राता | त्रात्री | ‘ता’ का ‘त्री’ नियम (रक्षक) |
| भर्ता | भर्त्री | ‘ता’ का ‘त्री’ नियम (पालनकर्ता) |
| कर्ता | कर्त्री | ‘ता’ का ‘त्री’ नियम |
| नियंता | नियंत्री | ‘ता’ का ‘त्री’ नियम |
| व्यवस्थापक | व्यवस्थापिका | ‘अक’ का ‘इका’ |
| संपादक | संपादिका | ‘अक’ का ‘इका’ |
| संचालक | संचालिका | ‘अक’ का ‘इका’ |
| नर्तक | नर्तकी | ‘ई’ प्रत्यय |
| नट | नटी | ‘ई’ प्रत्यय |
| गोप | गोपी / गोपिका | ‘ई’ / ‘इका’ प्रत्यय |
| मयूर | मयूरी | ‘ई’ प्रत्यय |
| चातक | चातकी | ‘ई’ प्रत्यय |
| कपोत | कपोती | ‘ई’ प्रत्यय |
| शुक | शुकी | ‘ई’ प्रत्यय (तोता) |
| काक | काकी | ‘ई’ प्रत्यय (कौआ) |
| मूषक | मूषिका | ‘अक’ का ‘इका’ |
| अश्व | अश्वा | ‘आ’ प्रत्यय (घोड़ी) |
| वृद्ध | वृद्धा | ‘आ’ प्रत्यय |
| शूद्र | शूद्रा | ‘आ’ प्रत्यय |
| वैश्य | वैश्या | ‘आ’ प्रत्यय |
| शिष्य | शिष्या | ‘आ’ प्रत्यय |
| छात्र | छात्रा | ‘आ’ प्रत्यय |
| बाल | बाला | ‘आ’ प्रत्यय |
| पूज्य | पूज्या | ‘आ’ प्रत्यय |
| मान्य | मान्या | ‘आ’ प्रत्यय |
| आदरणीय | आदरणीया | ‘आ’ प्रत्यय |
| श्रद्धेय | श्रद्धेया | ‘आ’ प्रत्यय |
| पूजनीय | पूजनीया | ‘आ’ प्रत्यय |
| प्रिय | प्रिया | ‘आ’ प्रत्यय |
| चतुर | चतुरा | ‘आ’ प्रत्यय |
| नंदन | नंदिनी | ‘इनी’ प्रत्यय (पुत्री) |
| पुत्र | पुत्री | ‘ई’ प्रत्यय |
| पौत्र | पौत्री | ‘ई’ प्रत्यय (पोती) |
| प्रपौत्र | प्रपौत्री | ‘ई’ प्रत्यय |
| दौहित्र | दौहित्री | ‘ई’ प्रत्यय (नाती -> नातिन) |
| जनक | जननी | ‘ई’ प्रत्यय (माता) |
| पितामह | पितामही | ‘ई’ प्रत्यय (दादी) |
| मातामह | मातामही | ‘ई’ प्रत्यय (नानी) |
| अध्यक्ष | अध्यक्षा | ‘आ’ प्रत्यय |
| उपाध्यक्ष | उपाध्यक्षा | ‘आ’ प्रत्यय |
| प्रधान | प्रधाना | ‘आ’ प्रत्यय |
| सदस्य | सदस्या | ‘आ’ प्रत्यय |
| कार्यकारी | कार्यकारिणी | ‘इनी’ प्रत्यय |
| सहमति | सहमति (उभयलिंगी) | भाव रूप |
| उपभोक्ता | उपभोक्त्री | ‘ता’ का ‘त्री’ नियम |
| विजेता | विजेत्री | ‘ता’ का ‘त्री’ नियम |
| नेताजी | नेत्री जी | आदरार्थक रूप |
लिंग शब्दकोश: 50 तद्भव, ग्रामीण व व्यावसायिक लिंग जोड़े
पारम्परिक व्यवसायों, जातियों और बोलचाल के शब्दों के सही स्त्रीलिंग रूप:
तद्भव एवं व्यावसायिक पद तालिका
| पुल्लिंग शब्द (मूल) | स्त्रीलिंग रूप | प्रयुक्त प्रत्यय / नियम |
|---|---|---|
| डोम | डोमिन | ‘इन’ प्रत्यय |
| कहार | कहारिन | ‘इन’ प्रत्यय |
| कुम्हार | कुम्हारिन | ‘इन’ प्रत्यय |
| सुनार | सुनारिन | ‘इन’ प्रत्यय |
| तमोली | तमोलिन | ‘इन’ प्रत्यय (पान बेचने वाला) |
| चमार | चमारिन | ‘इन’ प्रत्यय |
| पासी | पासिन | ‘इन’ प्रत्यय |
| जुलाहा | जुलाहिन | ‘इन’ प्रत्यय |
| ग्वाला | ग्वालिन | ‘इन’ प्रत्यय |
| पंसारी | पंसारिन | ‘इन’ प्रत्यय |
| बहेलिया | बहेलिन | ‘इन’ प्रत्यय (शिकारी) |
| हलवाई | हलवाइन | ‘आइन’ प्रत्यय |
| ओझा | ओझाइन | ‘आइन’ प्रत्यय |
| दुबे | दुबाइन | ‘आइन’ प्रत्यय |
| चौबे | चौबाइन | ‘आइन’ प्रत्यय |
| पांडे | पंडाइन | ‘आइन’ प्रत्यय |
| मिश्र | मिश्राइन | ‘आइन’ प्रत्यय |
| हलवाहा | हलवाहिन | ‘इन’ प्रत्यय |
| चरवाहा | चरवाहिन | ‘इन’ प्रत्यय |
| दरजी | दरजिन | ‘इन’ प्रत्यय |
| कसाई | कसाइलन / कसाइल | प्रत्यय रूप |
| मुंशी | मुंशियाइन | ‘आइन’ प्रत्यय |
| पटवारी | पटवारिन | ‘इन’ प्रत्यय |
| कोटवार | कोटवारिन | ‘इन’ प्रत्यय |
| सूबेदार | सूबेदारनी | ‘नी’ प्रत्यय |
| थानेदार | थानेदारनी | ‘नी’ प्रत्यय |
| जमादार | जमादारनी | ‘नी’ प्रत्यय |
| सरदार | सरदारनी | ‘नी’ प्रत्यय |
| मास्टर | मास्टरनी / मास्टरआइन | ‘नी’ प्रत्यय |
| पहलवान | महिला पहलवान | ‘महिला’ पद जोड़ना |
| खलीफा | खलीफाइन | ‘आइन’ प्रत्यय |
| नवाब | बेगम | अरबी-फारसी स्वतंत्र शब्द |
| बादशाह | बेगम / मलिका | स्वतंत्र शब्द |
| सुल्तान | सुल्ताना | ‘आ’ प्रत्यय |
| साहिब | साहिबा / मेम | स्वतंत्र शब्द |
| मिस्टर | मिसेज | आंग्ल शब्द |
| मर्द | औरत | स्वतंत्र शब्द |
| किशोर | किशोरी | ‘ई’ प्रत्यय |
| प्रौढ़ | प्रौढ़ा | ‘आ’ प्रत्यय |
| अंधा | अंधी | ‘ई’ प्रत्यय |
| लंगड़ा | लंगड़ी | ‘ई’ प्रत्यय |
| बहरा | बहरी | ‘ई’ प्रत्यय |
| गूँगा | गूँगी | ‘ई’ प्रत्यय |
| काणा | काणी | ‘ई’ प्रत्यय |
| मोटा | मोटी | ‘ई’ प्रत्यय |
| पतला | पतली | ‘ई’ प्रत्यय |
| छोटा | छोटी | ‘ई’ प्रत्यय |
| बड़ा | बड़ी | ‘ई’ प्रत्यय |
| काका | काकी | ‘ई’ प्रत्यय |
| नाना | नानी | ‘ई’ प्रत्यय |
लिंग शब्दकोश: 50 पशु-पक्षी, कीट व उभयचरों के लिंग जोड़े
प्राणी जगत के विभिन्न जीवों के नित्य एवं परिवर्तनशील लिंग रूप:
पशु, पक्षी एवं कीट लिंग तालिका
| पुल्लिंग शब्द (जीव) | स्त्रीलिंग रूप | लिंग-निर्धारण का नियम |
|---|---|---|
| नर बगुला | मादा बगुला | नित्य पुल्लिंग (‘मादा’ जोड़कर) |
| नर सारस | मादा सारस | नित्य पुल्लिंग (‘मादा’ जोड़कर) |
| नर गिद्ध | मादा गिद्ध | नित्य पुल्लिंग (‘मादा’ जोड़कर) |
| नर कौआ | मादा कौआ | नित्य पुल्लिंग (‘मादा’ जोड़कर) |
| नर उल्लू | मादा उल्लू | नित्य पुल्लिंग (‘मादा’ जोड़कर) |
| नर पपीहा | मादा पपीहा | नित्य पुल्लिंग (‘मादा’ जोड़कर) |
| नर चातक | मादा चातक | नित्य पुल्लिंग (‘मादा’ जोड़कर) |
| कबूतर | कबूतरी / मादा कबूतर | ‘ई’ प्रत्यय |
| नर तीतर | मादा तीतर | नित्य पुल्लिंग |
| नर बटेर | मादा बटेर | नित्य पुल्लिंग |
| नर बाज | मादा बाज | नित्य पुल्लिंग |
| नर गौरैया | मादा गौरैया | नित्य स्त्रीलिंग (‘नर’ जोड़कर) |
| नर फाख्ता | मादा फाख्ता | नित्य स्त्रीलिंग (‘नर’ जोड़कर) |
| नर बुलबुल | मादा बुलबुल | नित्य स्त्रीलिंग (‘नर’ जोड़कर) |
| नर शुतुरमुर्ग | मादा शुतुरमुर्ग | नित्य पुल्लिंग |
| नर कीड़ा | मादा कीड़ा | नित्य पुल्लिंग |
| नर जूँ | मादा जूँ | नित्य स्त्रीलिंग (‘नर’ जोड़कर) |
| नर जोंक | मादा जोंक | नित्य स्त्रीलिंग (‘नर’ जोड़कर) |
| नर बिच्छू | मादा बिच्छू | नित्य पुल्लिंग |
| नर मकड़ी | मादा मकड़ी | नित्य स्त्रीलिंग (‘नर’ जोड़कर) |
| नर केंचुआ | मादा केंचुआ | नित्य पुल्लिंग |
| नर घोंघा | मादा घोंघा | नित्य पुल्लिंग |
| नर झींगा | मादा झींगा | नित्य पुल्लिंग |
| नर केकड़ा | मादा केकड़ा | नित्य पुल्लिंग |
| नर मगरमच्छ | मादा मगरमच्छ | नित्य पुल्लिंग |
| नर कछुआ | मादा कछुआ | नित्य पुल्लिंग |
| नर गेंडा | मादा गेंडा | नित्य पुल्लिंग |
| नर दरियाई घोड़ा | मादा दरियाई घोड़ा | नित्य पुल्लिंग |
| नर तेंदुआ | मादा तेंदुआ | नित्य पुल्लिंग |
| नर लकड़बग्घा | मादा लकड़बग्घा | नित्य पुल्लिंग |
| सियार | सियारिन | ‘इन’ प्रत्यय |
| नर लोमड़ी | मादा लोमड़ी | नित्य स्त्रीलिंग (‘नर’ जोड़कर) |
| नर नेवला | मादा नेवला | नित्य पुल्लिंग |
| नर साही | मादा साही | नित्य स्त्रीलिंग |
| सांड़ / सांड | गाय | स्वतंत्र शब्द |
| बछड़ा | बछिया | स्वतंत्र तद्भव रूप |
| पाड़ा | पाड़ी | ‘आ’ का ‘ई’ (भैंस का बच्चा) |
| भैंसा | भैंस | ‘आ’ का लोप |
| कटड़ा | कटड़ी | ‘आ’ का ‘ई’ |
| गधा | गधी | ‘आ’ का ‘ई’ |
| खच्चर | खच्चरी | ‘ई’ प्रत्यय |
| कुत्ता | कुतिया | ‘इया’ प्रत्यय |
| बंदर | बंदरिया | ‘इया’ प्रत्यय |
| लंगूर | लंगूरिन | ‘इन’ प्रत्यय |
| रीछ | रीछनी | ‘नी’ प्रत्यय |
| शूकर / सूअर | सूअरी / शूकरी | ‘ई’ प्रत्यय |
| बकरा | बकरी | ‘आ’ का ‘ई’ |
| मेढ़ा | भेड़ | स्वतंत्र रूप |
| नर चींटी | मादा चींटी | नित्य स्त्रीलिंग |
| नर मक्खी | मादा मक्खी | नित्य स्त्रीलिंग |
ज्ञान की परीक्षा: लिंग All-India PYQ महा-क्विज़
‘कवि’ शब्द का शुद्ध स्त्रीलिंग रूप निम्नलिखित में से क्या होगा? (UPPSC / CTET)
निम्नलिखित में से कौन सा शब्द सदैव ‘पुल्लिंग’ के रूप में प्रयुक्त होता है? (CGPSC / REET)
‘विद्वान’ शब्द का सही स्त्रीलिंग रूप क्या होगा? (UP RO/ARO / KVS)
‘नेता’ शब्द का सही स्त्रीलिंग रूप निम्नलिखित में से क्या है? (MP SI / DSSSB)
निम्नलिखित में से ‘स्त्रीलिंग’ शब्द का चयन कीजिए: (UKPSC / State SI)
‘चील’ शब्द का पुल्लिंग रूप व्याकरण के अनुसार कैसे बनाया जाता है? (BPSC / CG Vyapam)
🎯 अपना स्कोर आँकें: आपकी तैयारी का स्तर क्या है?
कुल प्रश्न: 6 | सही उत्तरों के आधार पर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी तैयारी का विश्लेषण करें:
- 🏆 6 में से 6 सही (टॉपर स्तर): अद्भुत! पुल्लिंग-स्त्रीलिंग के नियमों, अपवादों और नित्य लिंग शब्दों पर आपकी पकड़ शत-प्रतिशत है।
- 🥈 6 में से 5 सही (उत्कृष्ट स्तर): बहुत बढ़िया तैयारी! केवल दही/मोती जैसे द्रव्यवाचक अपवादों का एक बार पुनः अभ्यास करें।
- 🥉 6 में से 4 सही (औसत स्तर): आपकी नींव अच्छी है, लेकिन ’10 लिंग परिवर्तन नियमों’ और ‘मास्टर तालिका’ का रिवीजन आवश्यक है।
- ⚠️ 4 से कम सही (रिवीजन आवश्यक): निराश न हों! ऊपर दिए गए “20 परीक्षा Trap Alert (भ्रामक शब्द)” को दोबारा ध्यान से पढ़ें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
विशेषज्ञ निष्कर्ष एवं अगला अध्याय
अंतिम मार्गदर्शन: लिंग निर्धारण की 2-सेकंड अचूक ट्रिक
लिंग पहचानने का व्यावहारिक फॉर्मूला: जब भी किसी शब्द का लिंग पहचानना हो, तो उसके साथ ‘अच्छा / अच्छी’ विशेषण या ‘होता है / होती है’ क्रिया लगाकर वाक्य बनाकर देखें:
- “अच्छा दही” (पुल्लिंग) | “अच्छी चाय” (स्त्रीलिंग) | “मेरा रुमाल” (पुल्लिंग) | “मेरी पुस्तक” (स्त्रीलिंग)
रोडमैप के अनुसार अगले अध्याय (पोस्ट 24) में हम अध्ययन करेंगे — “वचन (Number in Hindi): एकवचन से बहुवचन बनाने के 10 नियम, सदैव बहुवचन रहने वाले शब्द (प्राण, आँसू, हस्ताक्षर) व 500+ मास्टर तालिका”।
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