विशेषण और प्रविशेषण (Adjective): 4 भेद, अवस्थाएँ, निर्माण नियम, ट्रिक्स व मास्टर नोट्स
विशेषण: संज्ञा और सर्वनाम की विशेषता का परिचायक
विशेषण की मानक परिभाषा: जो विकारी शब्द संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता (गुण, दोष, संख्या, परिमाण, रंग, आकार, दशा आदि) बताते हैं, उन्हें ‘विशेषण’ (Adjective) कहते हैं। विशेषण जिस संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता बताता है, उसे ‘विशेष्य’ (Noun/Pronoun) कहा जाता है।
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विषय सूची [X]
- विशेषण और प्रविशेषण (Adjective): 4 भेद, अवस्थाएँ, निर्माण नियम, ट्रिक्स व मास्टर नोट्स
- 📝विशेषण: संज्ञा और सर्वनाम की विशेषता का परिचायक
- 1. विशेषण, विशेष्य एवं प्रविशेषण में त्रिकोणीय अंतर
- ℹ️विशेषण vs विशेष्य vs प्रविशेषण
- 2. विशेषण के 4 मुख्य भेद
- ✅1. गुणवाचक विशेषण (Qualitative Adjective)
- ℹ️2. संख्यावाचक विशेषण (Numeral Adjective)
- 💡3. परिमाणवाचक विशेषण (Quantitative Adjective - नाप-तौल)
- 🔥4. सार्वनामिक विशेषण / संकेतवाचक विशेषण (Demonstrative Adjective)
- 3. स्थान के आधार पर विशेषण: उद्देश्य vs विधेय विशेषण
- ℹ️उद्देश्य विशेषण (विशेष्य विशेषण) vs विधेय विशेषण
- 4. विशेषण की 3 तुलनात्मक अवस्थाएँ (Degrees of Comparison)
- ✅विशेषण की 3 अवस्थाएँ: मूलावस्था, उत्तरावस्था व उत्तमावस्था
- 5. परीक्षा Trap Alert: सबसे बड़े 3 विशेषण कन्फ्यूजन का समाधान
- 💡Trap 1: संख्यावाचक बनाम परिमाणवाचक (गिना जाने वाला vs नापा-तौला जाने वाला)
- 🔥Trap 2: सर्वनाम बनाम सार्वनामिक विशेषण का अंतर
- ℹ️Trap 3: 'प्रविशेषण' की पहचान (Intensifier)
- 6. विशेषण निर्माण मास्टर तालिका (60+ अति-महत्वपूर्ण शब्द)
- ✅विशेषण निर्माण की 3-कॉलम मास्टर तालिका
- व्याकरणिक विश्लेषण: विकारी बनाम अविकारी विशेषण (लिंग-वचन विकार)
- ℹ️विकारी विशेषण vs अविकारी विशेषण
- शास्त्रीय वर्गीकरण: सार्वनामिक विशेषण के 4 आंतरिक उपभेद
- 💡सार्वनामिक विशेषण के 4 उपभेद तालिका
- परीक्षा Trap Alert: विशेषण का ‘संज्ञावत’ प्रयोग (जब विशेषण संज्ञा बन जाए)
- 🔥💡 विशेषण का जातिवाचक संज्ञा में बदलना
- परीक्षा हॉल विशेष: 20 अति-कठिन एवं शास्त्रीय विशेषण शब्द (PSC व RO/ARO स्पेशल)
- ✅20 अति-दुर्लभ शास्त्रीय विशेषण संग्रह
- विशेषण शब्दकोश: स्थान, देश व प्रदेश से बने 30 नए विशेषण
- ✅स्थानवाचक विशेषण तालिका (Proper Adjectives)
- विशेषण शब्दकोश: भाव, गुण व मनोविकारों से बने 50 नए विशेषण
- ℹ️भाव व गुण से बने विशेषण तालिका
- विशेषण शब्दकोश: धातु, पदार्थ, खनिज व प्रकृति से बने 40 विशेषण
- 💡धातु व प्रकृति से बने विशेषण तालिका
- विशेषण शब्दकोश: संबंध, शरीर एवं काल से बने 40 नए विशेषण
- ✅संबंध, शरीर व कालवाचक विशेषण तालिका
- विशेषण शब्दकोश: क्रिया एवं अव्यय से बने 40 नए विशेषण
- 🔥क्रिया व अव्यय से बने विशेषण तालिका
- ज्ञान की परीक्षा: विशेषण All-India PYQ महा-क्विज़
- 🔥🎯 अपना स्कोर आँकें: आपकी तैयारी का स्तर क्या है?
- अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
- विशेषज्ञ निष्कर्ष एवं अगला अध्याय
- ✅अंतिम मार्गदर्शन
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1. विशेषण, विशेष्य एवं प्रविशेषण में त्रिकोणीय अंतर
प्रतियोगी परीक्षाओं में वाक्य देकर इन तीनों घटकों की पहचान पर सीधे प्रश्न पूछे जाते हैं:
विशेषण vs विशेष्य vs प्रविशेषण
| घटक | व्याकरणिक परिभाषा | वाक्य उदाहरण एवं विश्लेषण |
|---|---|---|
| 1. विशेषण (Adjective) | विशेषता बताने वाला शब्द। | “राधा सुंदर लड़की है।” (सुंदर = विशेषण) |
| 2. विशेष्य (Subject Noun) | जिसकी विशेषता बताई जाए (संज्ञा/सर्वनाम)। | “राधा सुंदर लड़की है।” (लड़की = विशेष्य) |
| 3. प्रविशेषण (Intensifier) | जो विशेषण की भी विशेषता बताए (अतिशयता सूचक शब्द)। | “राधा बहुत सुंदर लड़की है।” (बहुत = प्रविशेषण) |
प्रविशेषण के अन्य उदाहरण: “कश्मीरी सेब सिंदूरी लाल होता है।” (सिंदूरी = प्रविशेषण, लाल = विशेषण) | “वह अत्यंत परिश्रमी छात्र है।” (अत्यंत = प्रविशेषण)
2. विशेषण के 4 मुख्य भेद
हिन्दी व्याकरण में अर्थ और कार्य के आधार पर विशेषण के 4 प्रमुख भेद होते हैं:
1. गुणवाचक विशेषण (Qualitative Adjective)
परिभाषा: जो शब्द संज्ञा या सर्वनाम के गुण, दोष, रंग, रूप, आकार, काल, स्थान, स्वाद, गंध या दशा का बोध कराते हैं:
- गुण-दोष बोधक: भला, बुरा, सच्चा, झूठा, ईमानदार, दुष्ट, दयालु, क्रूर, पापी, शांत
- रंग बोधक: लाल, पीला, नीला, हरा, काला, सफेद, चमकीला, धुंधला
- आकार बोधक: लंबा, छोटा, गोल, चौकोर, नुकीला, चपटा, मोटा, पतला, सुडौल
- काल बोधक: नया, पुराना, प्राचीन, नवीन, ताजा, बासी, मौसमी, आधुनिक
- स्थान बोधक: भारतीय, जापानी, रूसी, बनारसी, जयपुरी, ग्रामीण, शहरी, बाहरी, भीतरी
- स्वाद व गंध बोधक: मीठा, खट्टा, नमकीन, कड़वा, तीखा, सुगंधित, बदबूदार
- दशा व अवस्था बोधक: रोगी, स्वस्थ, गरीब, अमीर, दुर्बल, बलवान, सूखा, गीला, पिघला
2. संख्यावाचक विशेषण (Numeral Adjective)
परिभाषा: जो शब्द संज्ञा या सर्वनाम की गिनती (संख्या) का बोध कराते हैं। इसके 2 मुख्य भेद होते हैं:
- (क) निश्चित संख्यावाचक विशेषण (इसके 5 उपभेद होते हैं):
- 1. गणनावाचक (गिनती सूचक): एक, दो, तीन, सौ, हजार (पूर्णांक बोधक) तथा आधा, पाव, पौन, सवा, डेढ़, ढाई (अपूर्णांक बोधक)।
- 2. क्रमवाचक (स्थान/ऑर्डर सूचक): पहला, दूसरा, तीसरा, पाँचवाँ, दसवाँ।
- 3. आवृत्तिवाचक (गुना सूचक): दूना, तिगुना, चौगुना, दसगुना, दोहरा, इकहरा।
- 4. समुदायवाचक (समूह सूचक): दोनों, तीनों, चारों, सातों, दसों, युगल।
- 5. प्रत्येकबोधक / विभागवाचक: प्रति, प्रत्येक, हर-एक, एक-एक, दो-दो।
- (ख) अनिश्चित संख्यावाचक विशेषण: जहाँ निश्चित संख्या का बोध न हो (जैसे- कुछ लोग, कई छात्र, सब बच्चे, थोड़े सैनिक, सैकड़ों पुस्तकें, हजारों दर्शक)।
3. परिमाणवाचक विशेषण (Quantitative Adjective - नाप-तौल)
परिभाषा: जो शब्द किसी वस्तु की मात्रा (Quantity), नाप या तौल का बोध कराते हैं (जिन्हें गिना नहीं जाता, केवल नापा-तौला जाता है):
- (क) निश्चित परिमाणवाचक: दो मीटर कपड़ा, पाँच किलो चीनी, एक लीटर दूध, दस क्विंटल गेहूँ, चार बीघा जमीन।
- (ख) अनिश्चित परिमाणवाचक: थोड़ा पानी, बहुत अनाज, कुछ दूध, सारा घी, कम तेल, अधिक चाय, अत्यधिक वर्षा।
4. सार्वनामिक विशेषण / संकेतवाचक विशेषण (Demonstrative Adjective)
परिभाषा: जब कोई सर्वनाम शब्द संज्ञा के ठीक पहले आकर उस संज्ञा की विशेषता बताता है या उसकी ओर संकेत करता है, तो उसे सार्वनामिक विशेषण कहते हैं:
- निश्चयबोधक सार्वनामिक: “यह पुस्तक मेरी है।” | “वह घर सुंदर है।”
- अनिश्चयबोधक सार्वनामिक: “कोई व्यक्ति बाहर खड़ा है।” | “कुछ सामग्री दे दो।”
- प्रश्नबोधक सार्वनामिक: “कौन लड़का प्रथम आया?” | “क्या बात हो गई?”
- संबंधबोधक सार्वनामिक: “जो कलम तुमने दी थी, वह खो गई।”
3. स्थान के आधार पर विशेषण: उद्देश्य vs विधेय विशेषण
वाक्य में विशेषण कहाँ बैठता है, इसके आधार पर 2 स्थितियाँ होती हैं:
उद्देश्य विशेषण (विशेष्य विशेषण) vs विधेय विशेषण
| प्रकार | बैठने का स्थान / नियम | वाक्य उदाहरण एवं विश्लेषण | |
|---|---|---|---|
| 1. उद्देश्य विशेषण (विशेष्य विशेषण) | विशेषण विशेष्य (संज्ञा) से पहले आता है। | “लाल गुलाब सुंदर है।” (लाल पहले आया) | “चतुर बालक पढ़ रहा है।” |
| 2. विधेय विशेषण (Predicative) | विशेषण विशेष्य के बाद और क्रिया से पहले आता है। | “गुलाब लाल है।” (लाल बाद में आया) | “मेरा कुत्ता काला है।” |
4. विशेषण की 3 तुलनात्मक अवस्थाएँ (Degrees of Comparison)
तुलना की दृष्टि से गुणवाचक विशेषणों की 3 अवस्थाएँ होती हैं:
विशेषण की 3 अवस्थाएँ: मूलावस्था, उत्तरावस्था व उत्तमावस्था
| मूलावस्था (Positive Degree) | उत्तरावस्था (Comparative: -तर) | उत्तमावस्था (Superlative: -तम) |
|---|---|---|
| उच्च (सामान्य गुण) | उच्चतर (दो में तुलना / से अधिक उच्च) | उच्चतम (सबमें सर्वोच्च / सबसे अधिक उच्च) |
| लघु | लघुतर | लघुतम |
| श्रेष्ठ | श्रेष्ठतर | श्रेष्ठतम |
| तीव्र | तीव्रतर | तीव्रतम |
| महान | महत्तर | महत्तम |
| निकृष्ट | निकृष्टतर | निकृष्टतम |
| कठोर | कठोरतर | कठोरतम |
| प्रिय | प्रियतर | प्रियतम |
| सुंदर | सुंदरतर / अधिक सुंदर | सुंदरतम / सबसे सुंदर |
5. परीक्षा Trap Alert: सबसे बड़े 3 विशेषण कन्फ्यूजन का समाधान
प्रतियोगी परीक्षाओं में परीक्षक अक्सर इन 3 बिंदुओं पर अभ्यर्थियों को फँसाते हैं:
Trap 1: संख्यावाचक बनाम परिमाणवाचक (गिना जाने वाला vs नापा-तौला जाने वाला)
अचूक ट्रिक: जिस संज्ञा की विशेषता बताई जा रही है, यह देखें कि वह ‘काउंटेबल’ (गिनने योग्य) है या ‘अनकाउंटेबल’ (नाप-तौल योग्य):
| वाक्य उदाहरण | संज्ञा की प्रकृति | विशेषण का सही भेद |
|---|---|---|
| “मेज पर चार केले रखे हैं।” | केले = गिने जा सकते हैं (Countable) | निश्चित संख्यावाचक विशेषण |
| “दुकान से चार किलो दाल लाओ।” | दाल = तौली जाती है (Uncountable) | निश्चित परिमाणवाचक विशेषण |
| “सभा में कुछ लोग आए थे।” | लोग = गिने जा सकते हैं | अनिश्चित संख्यावाचक विशेषण |
| “गिलास में कुछ दूध है।” | दूध = नापा जाता है | अनिश्चित परिमाणवाचक विशेषण |
| “बाढ़ में सब कुछ बह गया।” | समग्रता | अनिश्चित परिमाणवाचक विशेषण |
| “मैदान में हजारों दर्शक थे।” | दर्शक = गिने जा सकते हैं | अनिश्चित संख्यावाचक विशेषण |
Trap 2: सर्वनाम बनाम सार्वनामिक विशेषण का अंतर
- जब शब्द अकेला आए (संज्ञा के स्थान पर): वह ‘सर्वनाम’ है (जैसे- “वह जा रहा है।” | “यह सुंदर है।”)।
- जब शब्द संज्ञा के ठीक पहले आकर उसकी ओर संकेत करे: वह ‘सार्वनामिक विशेषण’ है (जैसे- “वह लड़का जा रहा है।” | “यह दृश्य सुंदर है।”)।
Trap 3: 'प्रविशेषण' की पहचान (Intensifier)
अक्सर छात्र प्रविशेषण को क्रिया-विशेषण समझ लेते हैं:
- “राम बहुत तेज दौड़ता है।” -> यहाँ ‘दौड़ता है’ (क्रिया) की विशेषता ‘तेज’ (क्रिया-विशेषण) है, और ‘बहुत’ क्रिया-विशेषण का प्रविशेषण है।
- “यह आम बहुत मीठा है।” -> यहाँ ‘मीठा’ (विशेषण) की विशेषता ‘बहुत’ बता रहा है, अतः यह विशेषण का प्रविशेषण है।
6. विशेषण निर्माण मास्टर तालिका (60+ अति-महत्वपूर्ण शब्द)
संज्ञा, सर्वनाम, क्रिया और अव्यय में प्रत्यय जोड़कर विशेषण बनाने की वैज्ञानिक तालिका:
विशेषण निर्माण की 3-कॉलम मास्टर तालिका
| मूल शब्द | निर्मित विशेषण | निर्माण का आधार / प्रयुक्त प्रत्यय |
|---|---|---|
| भारत | भारतीय | संज्ञा + ‘ईय’ प्रत्यय |
| समाज | सामाजिक | संज्ञा + ‘इक’ प्रत्यय (आदि-स्वर वृद्धि) |
| इतिहास | ऐतिहासिक | संज्ञा + ‘इक’ प्रत्यय |
| भूगोल | भौगोलिक | संज्ञा + ‘इक’ प्रत्यय |
| दिन | दैनिक | संज्ञा + ‘इक’ प्रत्यय |
| वर्ष | वार्षिक | संज्ञा + ‘इक’ प्रत्यय |
| चमक | चमकीला | संज्ञा + ‘ईला’ प्रत्यय |
| जहर | जहरीला | संज्ञा + ‘ईला’ प्रत्यय |
| रस | रसीला | संज्ञा + ‘ईला’ प्रत्यय |
| दया | दयालु | संज्ञा + ‘आलु’ प्रत्यय |
| कृपा | कृपालु | संज्ञा + ‘आलु’ प्रत्यय |
| श्रद्धा | श्रद्धालु | संज्ञा + ‘आलु’ प्रत्यय |
| धन | धनवान / धनी | संज्ञा + ‘वान’ / ‘ई’ प्रत्यय |
| गुण | गुणवान / गुणी | संज्ञा + ‘वान’ प्रत्यय |
| बल | बलवान / बली | संज्ञा + ‘वान’ प्रत्यय |
| बुद्धि | बुद्धिमान | संज्ञा + ‘मान’ प्रत्यय |
| श्री | श्रीमान | संज्ञा + ‘मान’ प्रत्यय |
| नगर | नागरिक | संज्ञा + ‘इक’ प्रत्यय |
| ग्राम | ग्रामीण | संज्ञा + ‘ईण’ प्रत्यय |
| जंगल | जंगली | संज्ञा + ‘ई’ प्रत्यय |
| पहाड़ | पहाड़ी | संज्ञा + ‘ई’ प्रत्यय |
| बनारस | बनारसी | संज्ञा + ‘ई’ प्रत्यय |
| जयपुर | जयपुरी | संज्ञा + ‘ई’ प्रत्यय |
| रंग | रंगीन | संज्ञा + ‘ईन’ प्रत्यय |
| शौक | शौकीन | संज्ञा + ‘ईन’ प्रत्यय |
| नमक | नमकीन | संज्ञा + ‘ईन’ प्रत्यय |
| कुल | कुलीन | संज्ञा + ‘ईन’ प्रत्यय |
| धर्म | धार्मिक | संज्ञा + ‘इक’ प्रत्यय |
| नीति | नैतिक | संज्ञा + ‘इक’ प्रत्यय |
| अर्थ | आर्थिक | संज्ञा + ‘इक’ प्रत्यय |
| वायु | वायव्य | संज्ञा + ‘य’ प्रत्यय |
| यह | ऐसा | सर्वनाम से विशेषण |
| वह | वैसा | सर्वनाम से विशेषण |
| कौन | कैसा | सर्वनाम से विशेषण |
| जो | जैसा | सर्वनाम से विशेषण |
| मैं | मुझ-सा | सर्वनाम से विशेषण |
| आप | आप-सा | सर्वनाम से विशेषण |
| पढ़ना | पढ़ाकू | क्रिया + ‘आकू’ प्रत्यय |
| लड़ना | लड़ाकू | क्रिया + ‘आकू’ प्रत्यय |
| भूलना | भुलक्कड़ | क्रिया + ‘अक्कड़’ प्रत्यय |
| घूमना | घुमक्कड़ | क्रिया + ‘अक्कड़’ प्रत्यय |
| पीना | पियक्कड़ | क्रिया + ‘अक्कड़’ प्रत्यय |
| बिकना | बिकाऊ | क्रिया + ‘आऊ’ प्रत्यय |
| टिकना | टिकाऊ | क्रिया + ‘आऊ’ प्रत्यय |
| तैरना | तैराक | क्रिया + ‘आक’ प्रत्यय |
| सड़ना | सड़ा | क्रिया + ‘आ’ प्रत्यय |
| मरना | मरियल | क्रिया + ‘इयल’ प्रत्यय |
| अड़ना | अड़ियल | क्रिया + ‘इयल’ प्रत्यय |
| हँसना | हँसोड़ / हँसमुख | क्रिया + ‘ओड़’ / ‘मुख’ |
| आगे | अगला | अव्यय + ‘ला’ प्रत्यय |
| पीछे | पिछला | अव्यय + ‘ला’ प्रत्यय |
| ऊपर | ऊपरी | अव्यय + ‘ई’ प्रत्यय |
| नीचे | निचला | अव्यय + ‘ला’ प्रत्यय |
| बाहर | बाहरी | अव्यय + ‘ई’ प्रत्यय |
| भीतर | भीतरी | अव्यय + ‘ई’ प्रत्यय |
| सामने | सामने वाला | अव्यय + ‘वाला’ |
| सदा | सनातन | अव्यय रूप |
व्याकरणिक विश्लेषण: विकारी बनाम अविकारी विशेषण (लिंग-वचन विकार)
विशेष्य (संज्ञा) के लिंग और वचन का विशेषण पर क्या प्रभाव पड़ता है, इसके आधार पर विशेषण दो प्रकार के होते हैं:
विकारी विशेषण vs अविकारी विशेषण
| विशेषण का प्रकार | विकार का स्वरूप | उदाहरण एवं विश्लेषण |
|---|---|---|
| 1. विकारी विशेषण (बदलने वाले) | जो विशेष्य के लिंग और वचन के अनुसार अपना रूप बदलते हैं (प्रायः आकारांत विशेषण)। | अच्छा लड़का -> अच्छी लड़की -> अच्छे लड़केबड़ा कमरा -> बड़ी मेज -> बड़े कमरे |
| 2. अविकारी विशेषण (स्थिर रहने वाले) | जो विशेष्य के लिंग और वचन बदलने पर भी सदा एकसमान (अपरिवर्तित) रहते हैं। | सुंदर लड़का -> सुंदर लड़की -> सुंदर बच्चेचतुर बालक -> चतुर बालिका (चतुर अपरिवर्तित रहा) |
शास्त्रीय वर्गीकरण: सार्वनामिक विशेषण के 4 आंतरिक उपभेद
संज्ञा से पूर्व आने वाले सार्वनामिक विशेषण 4 प्रकार से कार्य करते हैं:
सार्वनामिक विशेषण के 4 उपभेद तालिका
| सार्वनामिक उपभेद | कार्य एवं पहचान | वाक्य उदाहरण | |
|---|---|---|---|
| 1. निश्चयबोधक सार्वनामिक | निश्चित संज्ञा की ओर संकेत करना। | “यह कलम मेरी है।” | “वह घर सुंदर है।” |
| 2. अनिश्चयबोधक सार्वनामिक | अनिश्चित संज्ञा की ओर संकेत करना। | “कोई सज्जन आपसे मिलने आए हैं।” | “कुछ सामग्री दे दो।” |
| 3. प्रश्नबोधक सार्वनामिक | संज्ञा के विषय में प्रश्न पूछना। | “कौन छात्र कक्षा में प्रथम आया?” | “किस पुस्तक को पढ़ रहे हो?” |
| 4. संबंधबोधक सार्वनामिक | संज्ञा का संबंध दूसरे उपवाक्य से जोड़ना। | “जो कलम तुमने दी थी, वह खो गई।” | “जिस मकान में वे रहते हैं, वह पुराना है।” |
परीक्षा Trap Alert: विशेषण का ‘संज्ञावत’ प्रयोग (जब विशेषण संज्ञा बन जाए)
प्रतियोगी परीक्षाओं में सबसे अधिक पूछे जाने वाले वाक्य-रूपांतरण नियमों में से एक:
💡 विशेषण का जातिवाचक संज्ञा में बदलना
गोल्डन नियम: जब किसी गुणवाचक विशेषण का प्रयोग बहुवचन में किया जाता है, तो उसके साथ विशेष्य (संज्ञा) नहीं आती और वह स्वयं ‘जातिवाचक संज्ञा’ बन जाता है:
- “गरीब (विशेषण) व्यक्ति की मदद करो।” -> “गरीबों (जातिवाचक संज्ञा) की मदद करो।”
- “बड़ा (विशेषण) आदमी आ रहा है।” -> “बड़ों (जातिवाचक संज्ञा) का आदर करो।”
- “अमीर (विशेषण) लोग आराम करते हैं।” -> “अमीरों (जातिवाचक संज्ञा) को दान देना चाहिए।”
- “अंधा (विशेषण) बालक पढ़ रहा है।” -> “अंधों (जातिवाचक संज्ञा) को रास्ता दिखाओ।”
परीक्षा हॉल विशेष: 20 अति-कठिन एवं शास्त्रीय विशेषण शब्द (PSC व RO/ARO स्पेशल)
वे दुर्लभ विशेषण शब्द जो राज्य प्रशासनिक परीक्षाओं के कट-ऑफ को निर्धारित करते हैं:
20 अति-दुर्लभ शास्त्रीय विशेषण संग्रह
| मूल संज्ञा / आधार | निर्मित शास्त्रीय विशेषण | प्रयुक्त प्रत्यय एवं ध्वनि नियम |
|---|---|---|
| ऋषि | आर्ष | ‘अ’ प्रत्यय (आदि-स्वर वृद्धि नियम) / आर्ष ग्रंथ |
| शिव | शैव | ‘अ’ प्रत्यय (इ का ऐ हुआ) / शैव संप्रदाय |
| विष्णु | वैष्णव | ‘अ’ प्रत्यय (उ का औ हुआ) / वैष्णव धर्म |
| शक्ति | शाक्त | ‘अ’ प्रत्यय / शाक्त मत |
| पिशाच | पैशाचिक | ‘इक’ प्रत्यय / पैशाचिक वृत्ति |
| हृदय | हार्दिक | ‘इक’ प्रत्यय / हार्दिक बधाई |
| देह | दैहिक | ‘इक’ प्रत्यय / दैहिक ताप |
| भूगोल | भौगोलिक | ‘इक’ प्रत्यय / भौगोलिक सीमा |
| परलोक | पारलौकिक | ‘इक’ प्रत्यय / पारलौकिक सुख |
| अध्यात्म | आध्यात्मिक | ‘इक’ प्रत्यय / आध्यात्मिक ज्ञान |
| स्वभाव | स्वाभाविक | ‘इक’ प्रत्यय / स्वाभाविक प्रक्रिया |
| प्रकृति | प्राकृतिक | ‘इक’ प्रत्यय / प्राकृतिक सौंदर्य |
| मृत्यु | मर्त्य | ‘य’ प्रत्यय / मर्त्य लोक |
| स्वर्ण | स्वर्णिम / सौवर्ण | ‘इम’ प्रत्यय / स्वर्णिम युग |
| अनुराग | अनुरक्त | कृदंत रूप / अनुरक्त हृदय |
| स्मृति | स्मार्त | ‘अ’ प्रत्यय / स्मार्त नियम |
| शरद | शारदीय | ‘ईय’ प्रत्यय / शारदीय नवरात्र |
| वसंत | वासंतिक | ‘इक’ प्रत्यय / वासंतिक बयार |
| वायु | वायव्य | ‘य’ प्रत्यय / वायव्य कोण |
| जल | जलीय | ‘ईय’ प्रत्यय / जलीय जीव |
विशेषण शब्दकोश: स्थान, देश व प्रदेश से बने 30 नए विशेषण
विभिन्न भौगोलिक स्थानों और प्रांतों के नामों से बनने वाले महत्वपूर्ण स्थानवाचक विशेषण:
स्थानवाचक विशेषण तालिका (Proper Adjectives)
| मूल स्थान / संज्ञा | निर्मित विशेषण | प्रयुक्त प्रत्यय / नियम |
|---|---|---|
| मिथिला | मैथिल / मैथिली | आदि-स्वर वृद्धि + ‘इल’ प्रत्यय |
| मगध | मागधी / मागध | आदि-स्वर वृद्धि (‘अ’ का ‘आ’) |
| कश्मीर | कश्मीरी | ‘ई’ प्रत्यय |
| पंजाब | पंजाबी | ‘ई’ प्रत्यय |
| बंगाल | बंगाली | ‘ई’ प्रत्यय |
| गुजरात | गुजराती | ‘ई’ प्रत्यय |
| राजस्थान | राजस्थानी | ‘ई’ प्रत्यय |
| असम | असमिया | ‘इया’ प्रत्यय |
| उड़ीसा (ओडिशा) | उड़िया / ओड़िआ | प्रत्यय रूप |
| केरल | केरलीय | ‘ईय’ प्रत्यय |
| जापान | जापानी | ‘ई’ प्रत्यय |
| चीन | चीनी | ‘ई’ प्रत्यय |
| रूस | रूसी | ‘ई’ प्रत्यय |
| अमेरिका | अमेरिकी | ‘ई’ प्रत्यय |
| यूरोप | यूरोपीय | ‘ईय’ प्रत्यय |
| एशिया | एशियाई | ‘आई’ प्रत्यय |
| इलाहाबाद (प्रयागराज) | इलाहाबादी | ‘ई’ प्रत्यय |
| लखनऊ | लखनवी | ‘ई’ प्रत्यय |
| नागपुर | नागपुरी | ‘ई’ प्रत्यय |
| जोधपुर | जोधपुरी | ‘ई’ प्रत्यय |
| कोल्हापुर | कोल्हापुरी | ‘ई’ प्रत्यय |
| मुम्बई | मुम्बइया | ‘इया’ प्रत्यय |
| दिल्ली | दहलवी / दिल्लीवाला | प्रत्यय रूप |
| देहात | देहाती | ‘ई’ प्रत्यय |
| विदेश | विदेशी | ‘ई’ प्रत्यय |
| परदेस | परदेसी | ‘ई’ प्रत्यय |
| प्रांत | प्रांतीय | ‘ईय’ प्रत्यय |
| क्षेत्र | क्षेत्रीय | ‘ईय’ प्रत्यय |
| स्थान | स्थानीय | ‘ईय’ प्रत्यय |
| स्वर्ग | स्वर्गीय | ‘ईय’ प्रत्यय |
विशेषण शब्दकोश: भाव, गुण व मनोविकारों से बने 50 नए विशेषण
मनोभावों, आंतरिक गुणों और दोषों से बनने वाले 50 प्रमुख विशेषण शब्द:
भाव व गुण से बने विशेषण तालिका
| मूल भाव / संज्ञा | निर्मित विशेषण | प्रयुक्त प्रत्यय एवं नियम |
|---|---|---|
| क्रोध | क्रोधी / क्रुद्ध | ‘ई’ प्रत्यय / कृदंत रूप |
| ईर्ष्या | ईर्ष्यालु | ‘आलु’ प्रत्यय |
| मोह | मोहित / मोही | ‘इत’ / ‘ई’ प्रत्यय |
| लज्जा | लजीला / लज्जित | ‘ईला’ / ‘इत’ प्रत्यय |
| तृष्णा | तृषित | ‘इत’ प्रत्यय (प्यास से युक्त) |
| लोभ | लोभी / लुब्ध | ‘ई’ प्रत्यय / तत्सम रूप |
| गर्व | गर्वीला | ‘ईला’ प्रत्यय |
| घमंड | घमंडी | ‘ई’ प्रत्यय |
| कपट | कपटी | ‘ई’ प्रत्यय |
| छल | छली / छलिया | ‘ई’ / ‘इया’ प्रत्यय |
| दंभ | दंभी | ‘ई’ प्रत्यय |
| दर्प | दर्पित | ‘इत’ प्रत्यय |
| भ्रम | भ्रमित / भ्रामक | ‘इत’ / ‘अक’ प्रत्यय |
| संदेह | संदिग्ध | कृदंत रूप |
| आश्चर्य | आश्चर्यचकित | यौगिक रूप |
| आनंद | आनंदित / आनंदमयी | ‘इत’ प्रत्यय |
| उल्लास | उल्लसित | ‘इत’ प्रत्यय |
| शोक | शोकाकुल / शोकाग्रस्त | यौगिक विशेषण |
| भय | भयानक / भीत | ‘आनक’ / ‘त’ प्रत्यय |
| आतंक | आतंकित | ‘इत’ प्रत्यय |
| उत्साह | उत्साही / उत्साहित | ‘ई’ / ‘इत’ प्रत्यय |
| साहस | साहसी | ‘ई’ प्रत्यय |
| धीरज | धीर | मूल विशेषण |
| पीड़ा | पीड़ित | ‘इत’ प्रत्यय |
| क्लेश | क्लिष्ट / क्लेशित | तत्सम रूप |
| करुणा | कारुणिक | ‘इक’ प्रत्यय (आदि-स्वर वृद्धि) |
| घृणा | घृणित / घृणास्पद | ‘इत’ प्रत्यय |
| पाप | पापी | ‘ई’ प्रत्यय |
| पुण्य | पुण्यात्मा / पवित्र | यौगिक रूप |
| कर्म | कर्मठ / कर्मशील | ‘ठ’ / ‘शील’ प्रत्यय |
| भाग्य | भाग्यवान / भाग्यशाली | ‘वान’ / ‘शाली’ प्रत्यय |
| दुर्भाग्य | दुर्भाग्यपूर्ण | यौगिक रूप |
| कलंक | कलंकित | ‘इत’ प्रत्यय |
| अपराध | अपराधी | ‘ई’ प्रत्यय |
| अभिमान | अभिमानी | ‘ई’ प्रत्यय |
| अपमान | अपमानित | ‘इत’ प्रत्यय |
| सम्मान | सम्मानित | ‘इत’ प्रत्यय |
| उपेक्षा | उपेक्षित | ‘इत’ प्रत्यय |
| अपेक्षा | अपेक्षित | ‘इत’ प्रत्यय |
| निंदा | निंदनीय / निंद्य | ‘अनीय’ / ‘य’ प्रत्यय |
| प्रशंसा | प्रशंसनीय | ‘अनीय’ प्रत्यय |
| स्तुति | स्तुत्य | ‘य’ प्रत्यय |
| निष्ठा | निष्ठावान / निष्ठुर | ‘वान’ प्रत्यय |
| भक्ति | भक्त / भक्तिमय | विशेषण रूप |
| शांति | शांत | मूल विशेषण |
| तृप्ति | तृप्त | तत्सम रूप |
| मुक्ति | मुक्त | तत्सम रूप |
| संतुष्टि | संतुष्ट | तत्सम रूप |
| विरक्ति | विरक्त | तत्सम रूप |
| आसक्ति | आसक्त | तत्सम रूप |
विशेषण शब्दकोश: धातु, पदार्थ, खनिज व प्रकृति से बने 40 विशेषण
पदार्थों, तत्वों और प्राकृतिक उपादानों से बनने वाले 40 महत्वपूर्ण विशेषण:
धातु व प्रकृति से बने विशेषण तालिका
| मूल पदार्थ / संज्ञा | निर्मित विशेषण | प्रयुक्त प्रत्यय एवं नियम |
|---|---|---|
| लोहा | लौह / लोहेदार | आदि-स्वर वृद्धि (‘ओ’ का ‘औ’) |
| तांबा | ताम्र / तांबई | तत्सम रूप |
| सोना | सुनहरा / स्वर्णिम | ‘हरा’ / ‘इम’ प्रत्यय |
| चांदी | रूपहला / रजत | ‘हला’ प्रत्यय |
| पत्थर | पथरीला | ‘ईला’ प्रत्यय |
| रेत | रेतीला | ‘ईला’ प्रत्यय |
| बर्फ | बर्फीला | ‘ईला’ प्रत्यय |
| मिट्टी | मटमैला | ‘मैला’ प्रत्यय |
| काष्ठ (लकड़ी) | काष्ठीय | ‘ईय’ प्रत्यय |
| काँच | काँचिया | ‘इया’ प्रत्यय |
| धूप | धूपिया / धूपदार | ‘दार’ प्रत्यय |
| छाया | छायादार | ‘दार’ प्रत्यय |
| गंध | गंधीला / सुगंधित | ‘ईला’ / ‘इत’ प्रत्यय |
| धूल | धूसर / धूलिया | ‘इया’ प्रत्यय |
| वायु | वातुल / वायव्य | ‘य’ प्रत्यय |
| अग्नि | आग्नेय | ‘एय’ प्रत्यय (आदि-स्वर वृद्धि) |
| जल | जलीय / जलीय | ‘ईय’ प्रत्यय |
| थल | स्थलीय | ‘ईय’ प्रत्यय |
| नभ | नभचर / आकाशीय | ‘ईय’ प्रत्यय |
| समुद्र | सामुद्रिक | ‘इक’ प्रत्यय (आदि-स्वर वृद्धि) |
| पर्वत | पर्वतीय | ‘ईय’ प्रत्यय |
| वन | वन्य | ‘य’ प्रत्यय |
| अरण्य | आरण्यक | ‘अक’ प्रत्यय (आदि-स्वर वृद्धि) |
| पाताल | पातालीय | ‘ईय’ प्रत्यय |
| ग्रह | ग्रहीय | ‘ईय’ प्रत्यय |
| सूर्य | सौर्य / सौर | ‘अ’ प्रत्यय (आदि-स्वर वृद्धि) |
| चंद्रमा | चांद्र | ‘अ’ प्रत्यय (आदि-स्वर वृद्धि) |
| पृथ्वी | पार्थिव | ‘अ’ प्रत्यय (आदि-स्वर वृद्धि) |
| घास | घसियारा | ‘आरा’ प्रत्यय |
| कांटा | कँटीला | ‘ईला’ प्रत्यय |
| फूल | फूला / फुल्ल | ‘आ’ प्रत्यय |
| फल | फलदार / फलित | ‘दार’ / ‘इत’ प्रत्यय |
| विष | विषैला | ‘ऐला’ प्रत्यय |
| रस | रसीला | ‘ईला’ प्रत्यय |
| तेज | तेजस्वी | ‘स्वी’ प्रत्यय |
| ओज | ओजस्वी | ‘स्वी’ प्रत्यय |
| मेघ | मेघमय | ‘मय’ प्रत्यय |
| पंक (कीचड़) | पंकिल | ‘इल’ प्रत्यय |
| फेन (झाग) | फेनिल | ‘इल’ प्रत्यय |
| रोम | रोमिल | ‘इल’ प्रत्यय |
विशेषण शब्दकोश: संबंध, शरीर एवं काल से बने 40 नए विशेषण
पारिवारिक संबंधों, शारीरिक अंगों और समय से बनने वाले 40 प्रमुख शब्द:
संबंध, शरीर व कालवाचक विशेषण तालिका
| मूल संज्ञा शब्द | निर्मित विशेषण | प्रयुक्त प्रत्यय / नियम |
|---|---|---|
| चाचा | चचेरा | ‘एरा’ प्रत्यय |
| मामा | ममेरा | ‘एरा’ प्रत्यय |
| फूफा | फुफेरा | ‘एरा’ प्रत्यय |
| मौसा | मौसेरा | ‘एरा’ प्रत्यय |
| ससुर | ससुराली | ‘ई’ प्रत्यय |
| पिता | पैतृक / पितृवत | आदि-स्वर वृद्धि + ‘इक’ |
| माता | मातृक / मातृवत | ‘इक’ प्रत्यय |
| भाई | भ्रातृवत / भाईचारा | ‘वत’ प्रत्यय |
| पुत्र | पौत्रिक / पुत्रवत | आदि-स्वर वृद्धि + ‘इक’ |
| देह | दैहिक | ‘इक’ प्रत्यय (ए का ऐ) |
| शरीर | शारीरिक | ‘इक’ प्रत्यय (अ का आ) |
| मन | मानसिक | ‘इक’ प्रत्यय |
| बुद्धि | बौद्धिक | ‘इक’ प्रत्यय (उ का औ) |
| आत्मा | आत्मिक | ‘इक’ प्रत्यय |
| रक्त | रक्तिम | ‘इम’ प्रत्यय |
| मुख | मौखिक | ‘इक’ प्रत्यय (उ का औ) |
| कर्ण | कर्णप्रिय / कार्ण्य | ‘प्रिय’ / ‘य’ प्रत्यय |
| कंठ | कंठस्थ / कंठ्य | ‘स्थ’ / ‘य’ प्रत्यय |
| दंत | दंत्य | ‘य’ प्रत्यय |
| तालु | तालव्य | ‘य’ प्रत्यय |
| ओष्ठ | ओष्ठ्य | ‘य’ प्रत्यय |
| मूर्धा | मूर्धन्य | ‘य’ प्रत्यय |
| नासिका | नासिक्य | ‘य’ प्रत्यय |
| हस्त | हस्तलिखित / हस्तगत | यौगिक रूप |
| चरण | चरणाश्रित | ‘आश्रित’ प्रत्यय |
| समय | सामयिक | ‘इक’ प्रत्यय (अ का आ) |
| मास | मासिक | ‘इक’ प्रत्यय |
| पक्ष | पाक्षिक | ‘इक’ प्रत्यय (अ का आ) |
| सप्ताह | साप्ताहिक | ‘इक’ प्रत्यय (अ का आ) |
| वर्ष | वार्षिक | ‘इक’ प्रत्यय (अ का आ) |
| युग | युगीन | ‘ईन’ प्रत्यय |
| क्षण | क्षणिक | ‘इक’ प्रत्यय |
| काल | कालिक | ‘इक’ प्रत्यय |
| संध्या | सांध्य | आदि-स्वर वृद्धि + ‘य’ |
| प्रातः | प्रातःकालीन | ‘कालीन’ प्रत्यय |
| दिन | दैनिक | ‘इक’ प्रत्यय (इ का ऐ) |
| रात | रतिचर्या / निशाचर | यौगिक रूप |
| मध्यम | माध्यमिक | ‘इक’ प्रत्यय (अ का आ) |
| अंचल | आंचलिक | ‘इक’ प्रत्यय (अ का आ) |
| अंत | अंतिम | ‘इम’ प्रत्यय |
विशेषण शब्दकोश: क्रिया एवं अव्यय से बने 40 नए विशेषण
क्रिया-धातुओं और अविकारी पदों (अव्यय) से निर्मित 40 महत्वपूर्ण विशेषण:
क्रिया व अव्यय से बने विशेषण तालिका
| क्रिया / अव्यय (मूल शब्द) | निर्मित विशेषण | व्याकरणिक आधार |
|---|---|---|
| देखना | दर्शनीय / दृष्टव्य | ‘अनीय’ / ‘तव्य’ प्रत्यय |
| पूजना | पूजनीय / पूज्य | ‘अनीय’ / ‘य’ प्रत्यय |
| वंदना | वंदनीय / वंद्य | ‘अनीय’ प्रत्यय |
| सुनना | श्रव्य / श्रवणीय | ‘य’ / ‘अनीय’ प्रत्यय |
| पढ़ना | पठनीय / पाठ्य | ‘अनीय’ / ‘य’ प्रत्यय |
| लिखना | लिखित / लेख्य | ‘इत’ / ‘य’ प्रत्यय |
| गाना | गेय | ‘य’ प्रत्यय (गाने योग्य) |
| कहना | कथित / कथ्य | ‘इत’ / ‘य’ प्रत्यय |
| पीना | पेय | ‘य’ प्रत्यय (पीने योग्य) |
| खाना | खाद्य / खाऊ | ‘य’ / ‘ऊ’ प्रत्यय |
| सूंघना | घ्रातव्य / घ्राण | ‘तव्य’ प्रत्यय |
| छोड़ना | त्याज्य | ‘य’ प्रत्यय (त्यागने योग्य) |
| लेना | ग्राह्य | ‘य’ प्रत्यय (ग्रहण करने योग्य) |
| समझना | समझदार | ‘दार’ प्रत्यय |
| चमकना | चमकीला | ‘ईला’ प्रत्यय |
| भड़कना | भड़कीला | ‘ईला’ प्रत्यय |
| बहकना | बहकाऊ | ‘आऊ’ प्रत्यय |
| मरना | मरणशील / नश्वर | ‘शील’ प्रत्यय |
| जीना | जीवनक्षम | ‘क्षम’ प्रत्यय |
| चलना | चालू / चलाऊ | ‘ऊ’ / ‘आऊ’ प्रत्यय |
| रुकना | रुकाऊ | ‘आऊ’ प्रत्यय |
| काटना | काटू | ‘ऊ’ प्रत्यय |
| भागना | भगोड़ा | ‘ओड़ा’ प्रत्यय |
| हंसना | हँसमुख | ‘मुख’ प्रत्यय |
| रोना | रोतलू / रोनी | ‘अलू’ प्रत्यय |
| डरना | डरपोक | ‘पोक’ प्रत्यय |
| अड़ना | अड़ियल | ‘इयल’ प्रत्यय |
| मरना | मरियल | ‘इयल’ प्रत्यय |
| सड़ना | सड़ियल / सड़ा | ‘इयल’ प्रत्यय |
| उड़ना | उड़ाऊ | ‘आऊ’ प्रत्यय |
| आगे | अगुआ / अगला | अव्यय + ‘आ’ / ‘ला’ |
| पीछे | पिछलग्गू / पिछला | अव्यय + ‘ला’ |
| नीचे | निचला | अव्यय + ‘ला’ |
| ऊपर | उपरि / ऊपरी | अव्यय + ‘ई’ |
| बाहर | बाहरी | अव्यय + ‘ई’ |
| भीतर | भीतरी | अव्यय + ‘ई’ |
| सामने | साम्हने वाला | अव्यय + ‘वाला’ |
| यहाँ | ऐसा | अव्यय से विशेषण |
| वहाँ | वैसा | अव्यय से विशेषण |
| कहाँ | कैसा | अव्यय से विशेषण |
ज्ञान की परीक्षा: विशेषण All-India PYQ महा-क्विज़
“कश्मीरी सेब सिंदूरी लाल होता है।” — इस वाक्य में ‘सिंदूरी’ शब्द क्या है? (UPPSC / CTET)
“अर्चना अत्यंत सुंदर है।” — इस वाक्य में ‘सुंदर’ शब्द व्याकरणिक दृष्टि से क्या है? (CGPSC / REET)
‘ऋषि’ संज्ञा शब्द से बनने वाला सही विशेषण शब्द कौन सा है? (UP RO/ARO / KVS)
“गिलास में थोड़ा दूध है।” — इस वाक्य में ‘थोड़ा’ किस प्रकार का विशेषण है? (MP SI / DSSSB)
‘उत्कर्ष’ का विशेषण रूप क्या होगा? (UKPSC / State SI)
“यह लड़का बहुत चालाक है।” — इस वाक्य में रेखांकित शब्द ‘यह’ क्या है? (BPSC / CG Vyapam)
🎯 अपना स्कोर आँकें: आपकी तैयारी का स्तर क्या है?
कुल प्रश्न: 6 | सही उत्तरों के आधार पर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी तैयारी का विश्लेषण करें:
- 🏆 6 में से 6 सही (टॉपर स्तर): अद्भुत! विशेषण के सभी 4 भेदों, प्रविशेषण, विधेय विशेषण और विशेषण निर्माण पर आपकी पकड़ उत्कृष्ट है।
- 🥈 6 में से 5 सही (उत्कृष्ट स्तर): बहुत बढ़िया तैयारी! केवल संख्यावाचक vs परिमाणवाचक के सूक्ष्म अंतर का एक बार पुनः अभ्यास करें।
- 🥉 6 में से 4 सही (औसत स्तर): आपकी नींव अच्छी है, लेकिन ‘उद्देश्य vs विधेय विशेषण’ और मास्टर तालिका का रिवीजन आवश्यक है।
- ⚠️ 4 से कम सही (रिवीजन आवश्यक): निराश न हों! ऊपर दिए गए “3 विशेषण Trap Alert” को दोबारा ध्यान से पढ़ें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
विशेषज्ञ निष्कर्ष एवं अगला अध्याय
अंतिम मार्गदर्शन
विशेषण और प्रविशेषण भाषा में सटीकता, अभिव्यक्ति का विस्तार और सौंदर्य भरने वाले अनिवार्य व्याकरणिक घटक हैं। इस पोस्ट में दिए गए विशेषण निर्माण नियमों और प्रविशेषण की पहचान का नियमित अभ्यास आपको परीक्षा में 100% अंक दिलाएगा।
रोडमैप के अनुसार अगले अध्याय (पोस्ट 15) में हम अध्ययन करेंगे — “क्रिया, काल और वाच्य (Verb, Tense & Voice): सकर्मक vs अकर्मक, 3 काल के 14 उपभेद, वाच्य परिवर्तन ट्रिक्स व PYQs”।
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