वचन (Number in Hindi) : एकवचन, बहुवचन नियम, नित्य बहुवचन शब्द व 500+ मास्टर तालिका

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वचन (Number in Hindi): एकवचन से बहुवचन बनाने के 10 नियम, अपवाद व मास्टर नोट्स

📝विलोम, लिंग के बाद वचन: संख्या का व्याकरणिक बोध

वचन की मानक परिभाषा: संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण या क्रिया के जिस रूप से किसी व्यक्ति, वस्तु या प्राणी के ‘एक’ या ‘एक से अधिक’ (अनेक) होने का संख्यात्मक बोध होता है, उसे व्याकरण में ‘वचन’ (Number) कहते हैं। वचन का शाब्दिक अर्थ ‘संख्या का कथन’ होता है।

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विषय सूची [X]

1. संस्कृत बनाम हिन्दी में वचन-व्यवस्था (2 मुख्य भेद)

प्रतियोगी परीक्षाओं में संस्कृत और हिन्दी की वचन व्यवस्था के अंतर पर सीधा प्रश्न पूछा जाता है:

ℹ️संस्कृत (3 वचन) vs हिन्दी (2 वचन) तुलनात्मक तालिका

भाषा का आधारवचनों की कुल संख्याभेद एवं विशेषताएं
संस्कृत व्याकरण3 वचन होते हैं।एकवचन, द्विवचन (दो के लिए) एवं बहुवचन (तीन या अधिक के लिए)।
हिन्दी व्याकरणकेवल 2 वचन होते हैं।1. एकवचन (Singular) एवं 2. बहुवचन (Plural)। (हिन्दी में द्विवचन नहीं होता; दो या दो से अधिक सभी संख्याएँ बहुवचन में आती हैं)।

2. सदैव ‘बहुवचन’ रहने वाले 10 प्रमुख शब्द (Always Plural Nouns)

हिन्दी में कुछ शब्द ऐसे होते हैं जिनका प्रयोग सदा बहुवचन में ही होता है (परीक्षाओं में सर्वाधिक पूछे जाने वाले शब्द):

सदैव बहुवचन रहने वाले शब्द एवं वाक्य-प्रयोग

सदा बहुवचन शब्दलाक्षणिक अर्थमानक वाक्य प्रयोग (बहुवचन क्रिया)
प्राणजीवन / श्वास“शेर को देखते ही उसके प्राण निकल गए।” (‘प्राण निकल गया’ अशुद्ध है)
आँसूअश्रु“खुशी के मारे उसकी आँखों से आँसू बहने लगे।”
हस्ताक्षरदस्तखत (Sign)“अधिकारी ने कागजात पर हस्ताक्षर कर दिए।” (‘हस्ताक्षर कर दिया’ अशुद्ध है)
दर्शनदीदार / साक्षात देखना“आज मुझे आपके दर्शन हो गए।”
होशचेतना / सुधबुध“दुर्घटना की खबर सुनकर उसके होश उड़ गए।”
लोगजनसमूह“वहाँ बहुत से लोग उपस्थित थे।”
बाल / केशसिर के बाल“धूप में उसके बाल सफेद हो गए।”
अक्षतपूजा का चावल“पंडितजी ने माथे पर अक्षत लगाए।”
दाम / मूल्यकीमत“आजकल सोने के दाम बढ़ गए हैं।”
तेवर / भाग्यभाव / किस्मत“उसके तेवर बदल गए।”“उसके भाग्य खुल गए।”

3. सदैव ‘एकवचन’ रहने वाले 10 प्रमुख शब्द (Always Singular Nouns)

द्रव्यवाचक, भाववाचक और समूहवाचक संज्ञाएँ प्रायः सदा एकवचन में प्रयुक्त होती हैं:

ℹ️सदैव एकवचन रहने वाले शब्द एवं वाक्य-प्रयोग

सदा एकवचन शब्दश्रेणी / प्रकारमानक वाक्य प्रयोग (एकवचन क्रिया)
जनतासमूहवाचक संज्ञा“जनता जागरूक हो गई है।” (‘जनता जागरूक हो गए हैं’ अशुद्ध है)
वर्षा / बारिशप्राकृतिक तत्व“कल रात से भारी वर्षा हो रही है।”
पानी / जलद्रव्यवाचक संज्ञा“गिलास में ठंडा पानी है।”
दूध / घी / तेलद्रव्यवाचक तरल“बाजार में शुद्ध घी मिलता है।”
सोना / चाँदी / लोहाधातु / खनिज“सोना महंगा हो गया है।”
भीड़ / सेना / पुलिससमूहवाचक संज्ञा“सड़क पर भारी भीड़ जमा हो गई।”
प्रत्येक / हर-एकअव्यय / विशेषण“कक्षा का प्रत्येक छात्र उपस्थित था।”
क्षमा / दया / क्रोधभाववाचक संज्ञा“ईश्वर से क्षमा मांगी गई।”
आकाश / पातालखगोलीय तत्व“आकाश नीला है।”
हवा / वायुप्राकृतिक तत्व“शीतल हवा चल रही है।”

4. आदरार्थक बहुवचन (Honorific Plural Rule)

💡💡 सम्मान / आदर प्रकट करने हेतु बहुवचन क्रिया का नियम

गोल्डन नियम: यद्यपि व्यक्ति एकवचन होता है, किंतु उसके प्रति आदर या सम्मान (Respect) प्रकट करने के लिए क्रिया सदैव बहुवचन में प्रयुक्त की जाती है:

  • गांधीजी अहिंसा के पुजारी थे।” (गांधीजी था अशुद्ध है)
  • पिताजी बाजार से आ रहे हैं।” (पिताजी आ रहा है अशुद्ध है)
  • गुरुजी कक्षा में पढ़ा रहे हैं।”
  • तुलसीदास जी रामचरितमानस के रचयिता थे।”

5. एकवचन से बहुवचन बनाने के 10 वैज्ञानिक नियम

शब्दों के अंतिम स्वर और लिंग के आधार पर बहुवचन बनाने के प्रामाणिक नियम:

नियम 1 से 3: पुल्लिंग 'ए' तथा स्त्रीलिंग 'एं' व 'एँ' के नियम

  • नियम 1 (आकारांत पुल्लिंग शब्दों में ‘आ’ का ‘ए’ होना):
    लड़का -> लड़के | घोड़ा -> घोड़े | पंखा -> पंखे | बेटा -> बेटे | कमरा -> कमरे | रास्ता -> रास्ते | तोता -> तोते
    (अपवाद: संबंध सूचक आकारांत शब्द जैसे- पिता, चाचा, मामा, दादा, नाना बहुवचन में नहीं बदलते)।
  • नियम 2 (अकारांत स्त्रीलिंग शब्दों में ‘अ’ का ‘एं’ [ऐं] होना):
    पुस्तक -> पुस्तकें | कलम -> कलमें | रात -> रातें | बात -> बातें | आँख -> आँखें | सड़क -> सड़कें | बहन -> बहनें
  • नियम 3 (आकारांत स्त्रीलिंग शब्दों में ‘एँ’ जोड़ना):
    कविता -> कविताएँ | शाखा -> शाखाएँ | माता -> माताएँ | लता -> लताएँ | कन्या -> कन्याएँ | सभा -> सभाएँ | महिला -> महिलाएँ

ℹ️नियम 4 से 6: इकारांत, उकारांत व या-अंत के नियम

  • नियम 4 (इकारांत / ईकारांत स्त्रीलिंग में बड़ी ‘ई’ को छोटी ‘इ’ कर ‘याँ’ जोड़ना – सबसे महत्वपूर्ण):
    नदी -> नदियाँ | लड़की -> लड़कियाँ | दवाई -> दवाइयाँ | मिठाई -> मिठाइयाँ | नारी -> नारियाँ | रीति -> रीतियाँ | रोटी -> रोटियाँ | साड़ी -> साड़ियाँ
  • नियम 5 (उकारांत / ऊकारांत स्त्रीलिंग में बड़े ‘ऊ’ को छोटा ‘उ’ कर ‘एँ’ जोड़ना):
    वधू -> वधुएँ | वस्तु -> वस्तुएँ | धेनु -> धेनुएँ | ऋतु -> ऋतुएँ | गौ -> गौएँ | बहू -> बहुएँ
  • नियम 6 (या-अंत स्त्रीलिंग शब्दों में केवल चन्द्रबिन्दु ‘याँ’ लगाना):
    चिड़िया -> चिड़ियाँ | डिबिया -> डिबियाँ | गुड़िया -> गुड़ियाँ | बिटिया -> बिटियाँ | लुटिया -> लुटियाँ | चूहिया -> चूहियाँ

💡नियम 7 से 10: गण/जन/वृंद जोड़ना, तिर्यक रूप व निर्विकार शब्द

  • नियम 7 (गण, जन, वृंद, वर्ग, दल, लोग जोड़कर बहुवचन बनाना):
    मुनि -> मुनिवृंद | छात्र -> छात्रगण | शिक्षक -> शिक्षकवृंद | गुरु -> गुरुजन | प्रजा -> प्रजाजन | नेता -> नेतागण | सैनिक -> सैनिकदल | आप -> आपलोग | मजदूर -> मजदूरवर्ग
  • नियम 8 (संबोधन में ‘ओ’ लगाना – अनुस्वार रहित):
    भाइयो! (भाइयों अशुद्ध), बहनो! (बहनों अशुद्ध), बच्चो! (बच्चों अशुद्ध), देवियो और सज्जनो!
  • नियम 9 (कारक चिन्हों के साथ ‘तिर्यक बहुवचन’ – ‘ओं’ लगाना):
    लड़का -> लड़कों ने | नदी -> नदियों में | पुस्तक -> पुस्तकों पर | घर -> घरों में
  • नियम 10 (निर्विकार शब्द – जिनका एकवचन और बहुवचन समान रहता है):
    बिना कारक चिन्ह के जल, पानी, प्रेम, क्रोध, घर, पेड़, फल, मुनि, साधु एकवचन व बहुवचन में एकसमान रहते हैं (जैसे- एक पेड़ -> दस पेड़)।

6. परीक्षा Trap Alert: 20 सर्वाधिक भ्रामक शब्द (जहाँ 90% छात्र गलती करते हैं)

प्रतियोगी परीक्षाओं में परीक्षक अक्सर इन भ्रामक शब्दों से प्रश्न पूछते हैं:

🔥💡 परीक्षा हॉल भ्रामक शब्द एवं सही वचन निर्णय

भ्रामक शब्द / वाक्यसही वचनपरीक्षा ट्रैप एवं सूक्ष्म कारण
दवाइयाँ (Medicines)बहुवचनशुद्ध वर्तनी ‘दवाइयाँ’ (छोटी ‘इ’) है (‘दवाईयाँ’ अशुद्ध है)।
मिठाइयाँ (Sweets)बहुवचनशुद्ध वर्तनी ‘मिठाइयाँ’ है (‘मिठाईयाँ’ अशुद्ध है)।
हस्ताक्षर (Sign)सदैव बहुवचन‘मैंने हस्ताक्षर कर दिए’ शुद्ध है (‘हस्ताक्षर कर दिया’ गलत है)।
प्राण (Life)सदैव बहुवचन‘उसके प्राण उड़ गए’ शुद्ध है (‘प्राण उड़ गया’ गलत है)।
जनता (Public)सदैव एकवचन‘जनता खड़ी है’ शुद्ध है (‘जनता खड़े हैं’ गलत है)।
वर्षा (Rain)सदैव एकवचन‘वर्षा हो रही है’।
अनेक vs अनेकों‘अनेक’ शुद्ध बहुवचन‘अनेक’ स्वयं बहुवचन है (‘अनेकों’ लिखना सर्वथा अशुद्ध है)।
दर्शन (Vision)सदैव बहुवचन‘आपके दर्शन हुए’।
होश (Conscious)सदैव बहुवचन‘उसके होश उड़ गए’।
प्रत्येक / हर-एकसदैव एकवचन‘प्रत्येक छात्र आया है’ (‘आए हैं’ गलत है)।
वधुएँ (Brides)बहुवचनबड़े ‘ऊ’ की मात्रा छोटी ‘उ’ में बदलती है (वधू -> वधुएँ)।
बहुएँ (Daughters-in-law)बहुवचनबड़े ‘ऊ’ की मात्रा छोटी ‘उ’ में बदलती है (बहू -> बहुएँ)।
साधु (Monk)एकवचन व बहुवचन समान‘एक साधु आया’ / ‘दस साधु आए’।
राजा / मामा / चाचाअपरिवर्तित आकारांतसंबंध सूचक आकारांत बहुवचन में नहीं बदलते।
पानी / दूध / घीसदैव एकवचनद्रव्यवाचक संज्ञाएँ सदा एकवचन में रहती हैं।
सोना / चाँदी / लोहासदैव एकवचनधातुएँ सदा एकवचन में प्रयुक्त होती हैं।
संबोधन में ‘भाइयो’अनुस्वार रहितसंबोधन में बिंदी नहीं लगती (‘भाइयों’ अशुद्ध है, ‘भाइयो’ शुद्ध है)।
संबोधन में ‘बहनो’अनुस्वार रहित‘बहनो और भाइयो’ शुद्ध है।
भीड़ / सेना / पुलिससदैव एकवचन‘पुलिस आ गई है’।
आँसू (Tears)सदैव बहुवचन‘आँसू बहने लगे’।

7. मास्टर तालिका: परीक्षाओं में बार-बार पूछे जाने वाले 60 वचन शब्द

विगत 15 वर्षों की परीक्षाओं (CTET, State PSC, SI, RO/ARO, REET) में सर्वाधिक पूछे गए 60 शब्द:

📌”एकवचन

एकवचन शब्द (मूल)बहुवचन रूप (शुद्ध व्याकरण)प्रयुक्त प्रत्यय / निर्माण का नियम
दवाईदवाइयाँ‘ई’ का ‘इ’ होकर ‘याँ’ जुड़ना
मिठाईमिठाइयाँ‘ई’ का ‘इ’ होकर ‘याँ’ जुड़ना
नदीनदियाँ‘ई’ का ‘इ’ होकर ‘याँ’ जुड़ना
लड़कीलड़कियाँ‘ई’ का ‘इ’ होकर ‘याँ’ जुड़ना
नारीनारियाँ‘ई’ का ‘इ’ होकर ‘याँ’ जुड़ना
साड़ीसाड़ियाँ‘ई’ का ‘इ’ होकर ‘याँ’ जुड़ना
रोटीरोटियाँ‘ई’ का ‘इ’ होकर ‘याँ’ जुड़ना
टोपीटोपियाँ‘ई’ का ‘इ’ होकर ‘याँ’ जुड़ना
गाड़ीगाड़ियाँ‘ई’ का ‘इ’ होकर ‘याँ’ जुड़ना
छुट्टीछुट्टियाँ‘ई’ का ‘इ’ होकर ‘याँ’ जुड़ना
सखीसखियाँ‘ई’ का ‘इ’ होकर ‘याँ’ जुड़ना
मक्खीमक्खियाँ‘ई’ का ‘इ’ होकर ‘याँ’ जुड़ना
तितलीतितलियाँ‘ई’ का ‘इ’ होकर ‘याँ’ जुड़ना
मछलीमछलियाँ‘ई’ का ‘इ’ होकर ‘याँ’ जुड़ना
कुर्सीकुर्सियाँ‘ई’ का ‘इ’ होकर ‘याँ’ जुड़ना
वधूवधुएँ‘ऊ’ का ‘उ’ होकर ‘एँ’ जुड़ना
बहूबहुएँ‘ऊ’ का ‘उ’ होकर ‘एँ’ जुड़ना
वस्तुवस्तुएँ‘उ’ के साथ ‘एँ’ जुड़ना
ऋतुऋतुएँ‘उ’ के साथ ‘एँ’ जुड़ना
धेनुधेनुएँ‘उ’ के साथ ‘एँ’ जुड़ना
गौगौएँ‘ओ’ के साथ ‘एँ’ जुड़ना
कविताकविताएँआकारांत स्त्रीलिंग + ‘एँ’
मातामाताएँआकारांत स्त्रीलिंग + ‘एँ’
लतालताएँआकारांत स्त्रीलिंग + ‘एँ’
शाखाशाखाएँआकारांत स्त्रीलिंग + ‘एँ’
कन्याकन्याएँआकारांत स्त्रीलिंग + ‘एँ’
महिलामहिलाएँआकारांत स्त्रीलिंग + ‘एँ’
पत्रिकापत्रिकाएँआकारांत स्त्रीलिंग + ‘एँ’
योजनायोजनाएँआकारांत स्त्रीलिंग + ‘एँ’
चिड़ियाचिड़ियाँया-अंत में चन्द्रबिन्दु (याँ)
डिबियाडिबियाँया-अंत में चन्द्रबिन्दु (याँ)
गुड़ियागुड़ियाँया-अंत में चन्द्रबिन्दु (याँ)
बिटियाबिटियाँया-अंत में चन्द्रबिन्दु (याँ)
लुटियालुटियाँया-अंत में चन्द्रबिन्दु (याँ)
चूहियाचूहियाँया-अंत में चन्द्रबिन्दु (याँ)
पुस्तकपुस्तकेंअकारांत स्त्रीलिंग + ‘एं’
कलमकलमेंअकारांत स्त्रीलिंग + ‘एं’
रातरातेंअकारांत स्त्रीलिंग + ‘एं’
बातबातेंअकारांत स्त्रीलिंग + ‘एं’
आँखआँखेंअकारांत स्त्रीलिंग + ‘एं’
सड़कसड़केंअकारांत स्त्रीलिंग + ‘एं’
बहनबहनेंअकारांत स्त्रीलिंग + ‘एं’
दीवारदीवारेंअकारांत स्त्रीलिंग + ‘एं’
लड़कालड़केआकारांत पुल्लिंग (‘आ’ का ‘ए’)
घोड़ाघोड़ेआकारांत पुल्लिंग (‘आ’ का ‘ए’)
कमराकमरेआकारांत पुल्लिंग (‘आ’ का ‘ए’)
पंखापंखेआकारांत पुल्लिंग (‘आ’ का ‘ए’)
रास्तारास्तेआकारांत पुल्लिंग (‘आ’ का ‘ए’)
बेटाबेटेआकारांत पुल्लिंग (‘आ’ का ‘ए’)
गमलागमलेआकारांत पुल्लिंग (‘आ’ का ‘ए’)
छात्रछात्रगण‘गण’ समूहवाचक पद जोड़ना
शिक्षकशिक्षकवृंद‘वृंद’ पद जोड़ना
मुनिमुनिवृंद‘वृंद’ पद जोड़ना
गुरुगुरुजन‘जन’ पद जोड़ना
प्रजाप्रजाजन‘जन’ पद जोड़ना
नेतानेतागण‘गण’ पद जोड़ना
सैनिकसैनिकदल‘दल’ पद जोड़ना
मजदूरमजदूरवर्ग‘वर्ग’ पद जोड़ना
आपआपलोग‘लोग’ पद जोड़ना
कविकविगण / कविवृंद‘गण/वृंद’ पद जोड़ना

भाषा-वैज्ञानिक वर्गीकरण: निर्विभक्तिक बनाम सविभक्तिक (तिर्यक) बहुवचन

हिन्दी व्याकरण में वाक्य में कारक चिन्ह (परसर्ग) की उपस्थिति के आधार पर बहुवचन के 2 रूप होते हैं:

ℹ️निर्विभक्तिक बहुवचन vs सविभक्तिक (तिर्यक) बहुवचन तालिका

मूल एकवचन शब्दनिर्विभक्तिक बहुवचन (बिना कारक चिन्ह)सविभक्तिक / तिर्यक बहुवचन (कारक चिन्ह सहित: ‘ओं’)
लड़कालड़के (लड़के खेलते हैं)लड़कों ने / लड़कों को
नदीनदियाँ (नदियाँ बहती हैं)नदियों में / नदियों का
घरघर (कई घर बने हैं – अपरिवर्तित)घरों में / घरों पर
साधुसाधु (दस साधु आए – अपरिवर्तित)साधुओं को / साधुओं ने
राजाराजा (सब राजा पधारे – अपरिवर्तित)राजाओं ने / राजाओं का
मातामाताएँ (माताएँ बैठी हैं)माताओं को / माताओं ने
पेड़पेड़ (चार पेड़ लगे हैं)पेड़ों पर / पेड़ों से

गोल्डन नियम: जिन अकारांत, इकारांत या उकारांत पुल्लिंग शब्दों का बहुवचन बिना विभक्ति के नहीं बदलता (जैसे- घर, साधु, राजा, पेड़), कारक चिन्ह जुड़ते ही उनका तिर्यक बहुवचन ‘ओं’ लगकर बदल जाता है।

व्याकरणिक रूपांतरण: भाववाचक संज्ञा का बहुवचन में ‘जातिवाचक’ बनना

प्रतियोगी परीक्षाओं में सबसे अधिक पूछा जाने वाला वचन-रूपांतरण नियम:

📌”💡

नियम: भाववाचक संज्ञाएँ सदैव एकवचन में प्रयुक्त होती हैं। जब किसी भाववाचक संज्ञा को बहुवचन में बदला जाता है, तो वह भाववाचक न रहकर ‘जातिवाचक संज्ञा’ बन जाती है:

  • “आपसी दूरी (भाववाचक) मिटाओ।” -> “आजकल दोनों परिवारों में दूरियाँ (जातिवाचक संज्ञा) बढ़ गई हैं।”
  • “उसकी बुराई (भाववाचक) मत करो।” -> “दूसरों की बुराइयों (जातिवाचक संज्ञा) से सीखो।”
  • “यह मेरी मजबूरी (भाववाचक) है।” -> “उसकी अनेक मजबूरियाँ (जातिवाचक संज्ञा) थीं।”
  • “ईश्वर से प्रार्थना (भाववाचक) करो।” -> “हमारी सभी प्रार्थनाएँ (जातिवाचक संज्ञा) पूरी हुईं।”

कामताप्रसाद गुरु सूत्र: विदेशी / आगत शब्दों का बहुवचन नियम

💡विदेशी शब्दों का हिन्दी व्याकरण सम्मत बहुवचन

पं. कामताप्रसाद गुरु के अनुसार, हिन्दी में प्रयुक्त होने वाले अंग्रेजी, अरबी और फारसी शब्दों का बहुवचन उनकी मूल भाषा के अनुसार नहीं, बल्कि हिन्दी के ‘ओं’ प्रत्यय नियम के अनुसार बनाना ही सर्वथा शुद्ध माना जाता है:

विदेशी शब्द (मूल)अमानक बहुवचन (मूल विदेशी रूप)हिन्दी मानक शुद्ध बहुवचन रूप
कागज़ (अरबी)कागजात (उर्दू रूप)कागज़ों (हिन्दी मानक)
वकील (अरबी)वकलावकीलों
नियम / कायदाकवानीननियमों / कायदों
स्कूल (अंग्रेजी)स्कूल्स (Schools)स्कूलों
अस्पताल (Hospital)हॉस्पिटल्सअस्पतालों
ऑफिस (Office)ऑफिसेसऑफिसों
डॉक्टर (Doctor)डॉक्टर्सडॉक्टरों

परीक्षा हॉल विशेष: 20 अति-कठिन एवं शास्त्रीय वचन-रूपांतरण शब्द (PSC व RO/ARO स्पेशल)

वे कठिन शब्द जो राज्य प्रशासनिक परीक्षाओं के कट-ऑफ को निर्धारित करते हैं:

📌”20

कठिन एकवचन शब्दसही बहुवचन रूप (शुद्ध व्याकरण)प्रयुक्त प्रत्यय एवं ध्वनि नियम
कुआँकुएँचन्द्रबिन्दु युक्त ‘एँ’ नियम
धुआँधुएँचन्द्रबिन्दु युक्त ‘एँ’ नियम
रुपयारुपये (या रुपयों)‘या’ का ‘ये’ में परिवर्तन
गौगौएँ‘ओ’ के साथ ‘एँ’
पंक्तिपंक्तियाँ‘इ’ के साथ ‘याँ’
जातिजातियाँ‘इ’ के साथ ‘याँ’
पत्तीपत्तियाँ‘ई’ का ‘इ’ होकर ‘याँ’
श्रृंखलाश्रृंखलाएँआकारांत + ‘एँ’
सौदासौदेआकारांत पुल्लिंग -> ‘ए’
चश्माचश्मेआकारांत पुल्लिंग -> ‘ए’
पैजामापैजामेआकारांत पुल्लिंग -> ‘ए’
कौआकौए‘आ’ का ‘ए’
छायाछायाएँआकारांत + ‘एँ’
दिशादिशाएँआकारांत + ‘एँ’
गाथागाथाएँआकारांत + ‘एँ’
प्रतिप्रतियाँ‘इ’ के साथ ‘याँ’
नीतिनीतियाँ‘इ’ के साथ ‘याँ’
कृतिकृतियाँ‘इ’ के साथ ‘याँ’
झाड़ीझाड़ियाँ‘ई’ का ‘इ’ होकर ‘याँ’
सीढ़ीसीढ़ियाँ‘ई’ का ‘इ’ होकर ‘याँ’

वचन शब्दकोश: शिक्षा, साहित्य व कार्यालयी 50 शब्द (वर्णमाला क्रम)

शैक्षणिक, साहित्यिक एवं प्रशासनिक कार्यों में प्रयुक्त होने वाले शब्दों के एकवचन व बहुवचन रूप:

शिक्षा एवं प्रशासनिक वचन तालिका (वर्णमाला क्रम)

एकवचन शब्द (मूल)बहुवचन रूप (शुद्ध व्याकरण)प्रयुक्त प्रत्यय / निर्माण का नियम
अध्यापकअध्यापकगण / अध्यापकों‘गण’ पद जोड़ना / तिर्यक रूप
अधिकारीअधिकारीगण / अधिकारियों‘गण’ पद / ‘यों’ प्रत्यय
अनुच्छेदअनुच्छेदों (तिर्यक)अकारांत पुल्लिंग तिर्यक रूप
अभिलेखअभिलेखोंतिर्यक बहुवचन
अभ्यर्थीअभ्यर्थीगण / अभ्यर्थियोंसमूहवाचक पद / तिर्यक रूप
आख्यानआख्यानोंतिर्यक रूप
आलेखआलेखोंतिर्यक रूप
इकाईइकाइयाँ‘ई’ का ‘इ’ होकर ‘याँ’
उपन्यासउपन्यासोंतिर्यक रूप
उपाधिउपाधियाँ‘इ’ के साथ ‘याँ’
कहानीकहानियाँ‘ई’ का ‘इ’ होकर ‘याँ’
कक्षाकक्षाएँआकारांत स्त्रीलिंग + ‘एँ’
कार्यालयकार्यालयोंतिर्यक रूप
किताबकिताबेंअकारांत स्त्रीलिंग + ‘एं’
गोष्ठीगोष्ठियाँ‘ई’ का ‘इ’ होकर ‘याँ’
ग्रंथग्रंथोंतिर्यक रूप
छात्रछात्रवृंद / छात्रों‘वृंद’ पद / तिर्यक रूप
जीवनीजीवनियाँ‘ई’ का ‘इ’ होकर ‘याँ’
टिप्पणीटिप्पणियाँ‘ई’ का ‘इ’ होकर ‘याँ’
डिग्रीडिग्रियाँआगत शब्द + ‘याँ’
दस्तावेजदस्तावेजोंतिर्यक रूप
दास्ताँदास्तानेंअकारांत स्त्रीलिंग + ‘एं’
निबंधनिबंधोंतिर्यक रूप
निर्देशिकानिर्देशिकाएँआकारांत स्त्रीलिंग + ‘एँ’
परीक्षापरीक्षाएँआकारांत स्त्रीलिंग + ‘एँ’
पुस्तिकापुस्तिकाएँआकारांत स्त्रीलिंग + ‘एँ’
प्रश्नावलीप्रश्नावलियाँ‘ई’ का ‘इ’ होकर ‘याँ’
प्रतिवेदनप्रतिवेदनोंतिर्यक रूप
प्रमाणपत्रप्रमाणपत्रोंतिर्यक रूप
फाइलफाइलेंआगत स्त्रीलिंग + ‘एं’
बैठकबैठकेंअकारांत स्त्रीलिंग + ‘एं’
मंचमंचोंतिर्यक रूप
मंत्रालयमंत्रालयोंतिर्यक रूप
मुहावरामुहावरेआकारांत पुल्लिंग -> ‘ए’
याचिकायाचिकाएँआकारांत स्त्रीलिंग + ‘एँ’
रचनारचनाएँआकारांत स्त्रीलिंग + ‘एँ’
रिपोर्टरिपोर्टेंआगत स्त्रीलिंग + ‘एं’
लेखलेखोंतिर्यक रूप
वर्णनवर्णनोंतिर्यक रूप
विधाविधाएँआकारांत स्त्रीलिंग + ‘एँ’
विश्वविद्यालयविश्वविद्यालयोंतिर्यक रूप
व्याख्यानव्याख्यानोंतिर्यक रूप
शालाशालाएँआकारांत स्त्रीलिंग + ‘एँ’
शोधशोधोंतिर्यक रूप
संस्मरणसंस्मरणोंतिर्यक रूप
सूचीसूचियाँ‘ई’ का ‘इ’ होकर ‘याँ’
संपादकीयसंपादकीयोंतिर्यक रूप
समीक्षासमीक्षाएँआकारांत स्त्रीलिंग + ‘एँ’
सारणीसारणियाँ‘ई’ का ‘इ’ होकर ‘याँ’
हेडिंगहेडिंगेंआगत स्त्रीलिंग रूप

वचन शब्दकोश: प्रकृति, भूगोल, कृषि व वनस्पति 50 शब्द (वर्णमाला क्रम)

भूगोल, पर्यावरण, मौसम और पेड़-पौधों से संबंधित शब्दों के एकवचन व बहुवचन रूप:

ℹ️भूगोल, कृषि व पर्यावरण वचन तालिका (वर्णमाला क्रम)

एकवचन शब्द (मूल)बहुवचन रूप (शुद्ध व्याकरण)प्रयुक्त प्रत्यय / निर्माण का नियम
अंकुरअंकुरोंतिर्यक रूप
अंगूरअंगूरोंतिर्यक रूप
अनाजअनाजों (प्रकार अर्थ में)द्रव्यवाचक का बहुवचन रूप
इमलीइमलियाँ‘ई’ का ‘इ’ होकर ‘याँ’
इलायचीइलाइचियाँ‘ई’ का ‘इ’ होकर ‘याँ’
उद्यानउद्यानोंतिर्यक रूप
उर्वरकउर्वरकोंतिर्यक रूप
कलम (पौधे की)कलमेंअकारांत स्त्रीलिंग + ‘एं’
कलीकलियाँ‘ई’ का ‘इ’ होकर ‘याँ’
घाटीघाटियाँ‘ई’ का ‘इ’ होकर ‘याँ’
चट्टानचट्टानेंअकारांत स्त्रीलिंग + ‘एं’
झरनाझरनेआकारांत पुल्लिंग -> ‘ए’
झीलझीलेंअकारांत स्त्रीलिंग + ‘एं’
टहनीटहनियाँ‘ई’ का ‘इ’ होकर ‘याँ’
तटतटोंतिर्यक रूप
तरंगतरंगेंअकारांत स्त्रीलिंग + ‘एं’
तिलहनतिलहनोंतिर्यक रूप
दूबदूबोंतिर्यक रूप
द्वीपद्वीपोंतिर्यक रूप
धाराधाराएँआकारांत स्त्रीलिंग + ‘एँ’
नहरनहरेंअकारांत स्त्रीलिंग + ‘एं’
पहाड़ीपहाड़ियाँ‘ई’ का ‘इ’ होकर ‘याँ’
पत्तापत्तेआकारांत पुल्लिंग -> ‘ए’
पौधापौधेआकारांत पुल्लिंग -> ‘ए’
फसलफसलेंअकारांत स्त्रीलिंग + ‘एं’
बगीचाबगीचेआकारांत पुल्लिंग -> ‘ए’
बाढ़बाढ़ेंअकारांत स्त्रीलिंग + ‘एं’
बीजबीजोंतिर्यक रूप
बूंदबूंदेंअकारांत स्त्रीलिंग + ‘एं’
बेलीबेलियाँ‘ई’ का ‘इ’ होकर ‘याँ’
मंजरीमंजरियाँ‘ई’ का ‘इ’ होकर ‘याँ’
मरुस्थलमरुस्थलोंतिर्यक रूप
मिट्टीमिट्टियाँ (प्रकार)‘ई’ का ‘इ’ होकर ‘याँ’
मौसममौसमोंतिर्यक रूप
लतिकालतिकाएँआकारांत स्त्रीलिंग + ‘एँ’
लहरलहरेंअकारांत स्त्रीलिंग + ‘एं’
वृक्षवृक्षोंतिर्यक रूप
शिखाशिखाएँआकारांत स्त्रीलिंग + ‘एँ’
शिखरशिखरोंतिर्यक रूप
सागरसागरोंतिर्यक रूप
सीमासीमाएँआकारांत स्त्रीलिंग + ‘एँ’
सरोवरसरोवरोंतिर्यक रूप
सौरमंडलसौरमंडलोंतिर्यक रूप
हरीतिमाहरीतिमाएँआकारांत स्त्रीलिंग + ‘एँ’
हिमखंडहिमखंडोंतिर्यक रूप
हवाहवाएँआकारांत स्त्रीलिंग + ‘एँ’
हावड़ाहावड़ेआकारांत पुल्लिंग -> ‘ए’
हेमंतहेमंतोंतिर्यक रूप
हौदहौदोंतिर्यक रूप
ज्वालामुखीज्वालामुखियों‘ई’ का ‘इ’ होकर ‘यों’

वचन शब्दकोश: गृहस्थी, वस्त्र, आभूषण व भोजन 50 शब्द (वर्णमाला क्रम)

दैनिक जीवन की वस्तुओं, आभूषणों और रसोई से जुड़े शब्दों के एकवचन व बहुवचन रूप:

💡घरेलू सामग्री व वस्त्र वचन तालिका (वर्णमाला क्रम)

एकवचन शब्द (मूल)बहुवचन रूप (शुद्ध व्याकरण)प्रयुक्त प्रत्यय / निर्माण का नियम
अंगूठीअंगूठियाँ‘ई’ का ‘इ’ होकर ‘याँ’
अंगोछाअंगोछेआकारांत पुल्लिंग -> ‘ए’
अलमारीअलमारियाँ‘ई’ का ‘इ’ होकर ‘याँ’
आभूषणआभूषणोंतिर्यक रूप
आईनाआईनेआकारांत पुल्लिंग -> ‘ए’
इस्तरीस्तरियाँ / इस्तरियोंआगत स्त्रीलिंग रूप
कटोरीकटोरियाँ‘ई’ का ‘इ’ होकर ‘याँ’
कड़ाहीकड़ाहियाँ‘ई’ का ‘इ’ होकर ‘याँ’
कंबलकंबलोंतिर्यक रूप
कमीजकमीजेंअकारांत स्त्रीलिंग + ‘एं’
काजलकाजलोंतिर्यक रूप
किवाड़किवाड़ोंतिर्यक रूप
कुर्ताकुर्तेआकारांत पुल्लिंग -> ‘ए’
खटियाखटियाँया-अंत में चन्द्रबिन्दु (याँ)
खिड़कीखिड़कियाँ‘ई’ का ‘इ’ होकर ‘याँ’
गमछागमछेआकारांत पुल्लिंग -> ‘ए’
गिलासगिलासोंतिर्यक रूप
गेंदगेंदेंअकारांत स्त्रीलिंग + ‘एं’
चटाईचटाइयाँ‘ई’ का ‘इ’ होकर ‘याँ’
चम्मचचम्मचेंअकारांत स्त्रीलिंग + ‘एं’
चादरचादरेंअकारांत स्त्रीलिंग + ‘एं’
चाबीचाबियाँ‘ई’ का ‘इ’ होकर ‘याँ’
चूड़ीचूड़ियाँ‘ई’ का ‘इ’ होकर ‘याँ’
छतरीछतरियाँ‘ई’ का ‘इ’ होकर ‘याँ’
झांझझांझेंअकारांत स्त्रीलिंग + ‘एं’
टोकरीटोकरियाँ‘ई’ का ‘इ’ होकर ‘याँ’
थालीथालियाँ‘ई’ का ‘इ’ होकर ‘याँ’
दवातदवातेंअकारांत स्त्रीलिंग + ‘एं’
दुपट्टादुपट्टेआकारांत पुल्लिंग -> ‘ए’
धोतीधोतियाँ‘ई’ का ‘इ’ होकर ‘याँ’
नथुनीनथुनियाँ‘ई’ का ‘इ’ होकर ‘याँ’
पगड़ीपगड़ियाँ‘ई’ का ‘इ’ होकर ‘याँ’
परातपरातेंअकारांत स्त्रीलिंग + ‘एं’
पायलपायलेंअकारांत स्त्रीलिंग + ‘एं’
प्यालीप्यालियाँ‘ई’ का ‘इ’ होकर ‘याँ’
बरतनबरतनें / बरतनोंअकारांत रूप / तिर्यक
बाल्टीबाल्टियाँ‘ई’ का ‘इ’ होकर ‘याँ’
बोतलबोतलेंअकारांत स्त्रीलिंग + ‘एं’
मालामालाएँआकारांत स्त्रीलिंग + ‘एँ’
मेजमेजेंअकारांत स्त्रीलिंग + ‘एं’
मोमबत्तीमोमबत्तियाँ‘ई’ का ‘इ’ होकर ‘याँ’
रजाईरजाइयाँ‘ई’ का ‘इ’ होकर ‘याँ’
रस्सीरस्सियाँ‘ई’ का ‘इ’ होकर ‘याँ’
लोरीलोरियाँ‘ई’ का ‘इ’ होकर ‘याँ’
साइकिलसाइकिलेंअकारांत स्त्रीलिंग + ‘एं’
सुराहीसुराहियाँ‘ई’ का ‘इ’ होकर ‘याँ’
सूटकेससूटकेसोंतिर्यक रूप
हंडियाहंडियाँया-अंत में चन्द्रबिन्दु (याँ)
हथौड़ीहथौड़ियों‘ई’ का ‘इ’ होकर ‘याँ’
हुक्काहुक्केआकारांत पुल्लिंग -> ‘ए’

वचन शब्दकोश: सामाजिक संबंध, शरीर के अंग व प्राणी 50 शब्द (वर्णमाला क्रम)

रिश्ते-नातों, शारीरिक अंगों, विभिन्न जातियों और व्यवसायों के एकवचन व बहुवचन रूप:

🔥संबंध, शरीर अंग व प्राणी तालिका (वर्णमाला क्रम)

एकवचन शब्द (मूल)बहुवचन रूप (शुद्ध व्याकरण)प्रयुक्त प्रत्यय / निर्माण का नियम
अंगअंगोंतिर्यक रूप
अंगुलीअंगुलियाँ‘ई’ का ‘इ’ होकर ‘याँ’
अतिथिअतिथियोंतिर्यक रूप
अम्माअम्माएँआकारांत स्त्रीलिंग + ‘एँ’
उस्तराउस्तरेआकारांत पुल्लिंग -> ‘ए’
कलाईकलाइयाँ‘ई’ का ‘इ’ होकर ‘याँ’
कारीगरकारीगरोंतिर्यक रूप
किसानकिसानगण / किसानों‘गण’ पद / तिर्यक रूप
कुम्हारकुम्हारोंतिर्यक रूप
खिलाड़ीखिलाड़ी / खिलाड़ियोंनिर्विकार / तिर्यक रूप
ग्वालाग्वालेआकारांत पुल्लिंग -> ‘ए’
चरवाहाचरवाहेआकारांत पुल्लिंग -> ‘ए’
चाचाचाचागण / चाचाओंआदरार्थक ‘गण’ / तिर्यक रूप
छिपकलीछिपकलियाँ‘ई’ का ‘इ’ होकर ‘याँ’
जासूसजासूसोंतिर्यक रूप
जुलाहाजुलाहेआकारांत पुल्लिंग -> ‘ए’
झींगुरझींगुरोंतिर्यक रूप
डाकियाडाकिएआकारांत पुल्लिंग -> ‘ए’
डॉक्टरडॉक्टरोंहिन्दी मानक बहुवचन (‘ओं’)
तैराकतैराकोंतिर्यक रूप
दादीदादियाँ‘ई’ का ‘इ’ होकर ‘याँ’
धोबीधोबियोंतिर्यक रूप
नानीनानियाँ‘ई’ का ‘इ’ होकर ‘याँ’
नाईनाइयोंतिर्यक रूप
नर्तकीनर्तकियाँ‘ई’ का ‘इ’ होकर ‘याँ’
परीपरियाँ‘ई’ का ‘इ’ होकर ‘याँ’
पहलवानपहलवानोंतिर्यक रूप
पाँवपाँवोंतिर्यक रूप
पुजारीपुजारियोंतिर्यक रूप
पोतापोतेआकारांत पुल्लिंग -> ‘ए’
बछड़ाबछड़ेआकारांत पुल्लिंग -> ‘ए’
बकराबकरेआकारांत पुल्लिंग -> ‘ए’
बदमाशबदमाशोंतिर्यक रूप
बिल्लीबिल्लियाँ‘ई’ का ‘इ’ होकर ‘याँ’
बुनकरबुनकरोंतिर्यक रूप
भालूभालुओंतिर्यक रूप
भेड़ियाभेड़िए‘आ’ का ‘ए’
मजदूरमजदूरोंतिर्यक रूप
मरीजमरीजोंतिर्यक रूप
मालिकमालिकोंतिर्यक रूप
मेंढकमेंढक (मेंढकों)निर्विकार / तिर्यक रूप
मोचीमोचियोंतिर्यक रूप
यात्रीयात्रीगण / यात्रियों‘गण’ पद / तिर्यक रूप
युवतीयुवतियाँ‘ई’ का ‘इ’ होकर ‘याँ’
लोहारलोहारोंतिर्यक रूप
वरवरोंतिर्यक रूप
वैज्ञानिकवैज्ञानिकोंतिर्यक रूप
श्रोताश्रोतागण / श्रोताओं‘गण’ पद / तिर्यक रूप
सिपाहीसिपाहियोंतिर्यक रूप
हड्डीहड्डियाँ‘ई’ का ‘इ’ होकर ‘याँ’
हथेलीहथेलियाँ‘ई’ का ‘इ’ होकर ‘याँ’

ज्ञान की परीक्षा: वचन All-India PYQ महा-क्विज़

निम्नलिखित में से कौन सा शब्द सदैव ‘बहुवचन’ के रूप में प्रयुक्त होता है? (UPPSC / CTET)

  • जनता
  • वर्षा
  • हस्ताक्षर
  • पानी

‘मिठाई’ शब्द का शुद्ध बहुवचन रूप निम्नलिखित में से क्या होगा? (CGPSC / REET)

  • मिठाईयाँ
  • मिठाइयाँ
  • मीठाइयाँ
  • मिठाईयों

“वहाँ अनेकों लोग उपस्थित थे।” — इस वाक्य का शुद्ध रूप क्या होगा? (UP RO/ARO / KVS)

  • वहाँ अनेकों लोगों उपस्थित थे
  • वहाँ अनेक लोग उपस्थित थे
  • वहाँ कईयों लोग उपस्थित थे
  • वहाँ अनेकों लोग उपस्थित था

‘चिड़िया’ शब्द का सही बहुवचन रूप क्या है? (MP SI / DSSSB)

  • चिड़ियें
  • चिड़ियों
  • चिड़ियाँ
  • चिड़ियाएँ

“पिताजी आ रहे हैं।” — इस वाक्य में ‘पिताजी’ एकवचन होते हुए भी बहुवचन क्रिया का प्रयोग क्यों हुआ है? (UKPSC / State SI)

  • लिंग परिवर्तन के कारण
  • आदरार्थ / सम्मान प्रकट करने हेतु
  • अपादान कारक के कारण
  • तिर्यक रूप के कारण

‘वधू’ शब्द का सही बहुवचन रूप क्या होगा? (BPSC / CG Vyapam)

  • वधुओं
  • वधुएँ
  • वधूएँ
  • वधुएं

🔥🎯 अपना स्कोर आँकें: आपकी वचन तैयारी का स्तर क्या है?

कुल प्रश्न: 6 | सही उत्तरों के आधार पर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी तैयारी का विश्लेषण करें:

  • 🏆 6 में से 6 सही (टॉपर स्तर): अद्भुत! एकवचन-बहुवचन नियमों, नित्य बहुवचन शब्दों और वर्तनी बदलाव (मिठाइयाँ/दवाइयाँ) पर आपकी पकड़ शत-प्रतिशत है।
  • 🥈 6 में से 5 सही (उत्कृष्ट स्तर): बहुत बढ़िया तैयारी! केवल ‘अनेक vs अनेकों’ और ‘वधुएँ’ के मात्रा नियमों का पुनः अभ्यास करें।
  • 🥉 6 में से 4 सही (औसत स्तर): आपकी नींव अच्छी है, लेकिन ’10 वचन परिवर्तन नियमों’ और ‘मास्टर तालिका’ का रिवीजन आवश्यक है।
  • ⚠️ 4 से कम सही (रिवीजन आवश्यक): निराश न हों! ऊपर दिए गए “20 परीक्षा Trap Alert (भ्रामक शब्द)” को दोबारा ध्यान से पढ़ें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

विशेषज्ञ निष्कर्ष एवं अगला अध्याय

अंतिम मार्गदर्शन: वचन निर्धारण की अचूक ट्रिक

वचन पहचानने का व्यावहारिक सूत्र: जब भी किसी शब्द का वचन पहचानना हो, तो उसके साथ ‘है / हैं’ या ‘गया / गए’ क्रिया लगाकर वाक्य बनाकर देखें:

  • “हस्ताक्षर कर दिए (बहुवचन)” | “जनता खड़ी है (एकवचन)” | “प्राण निकल गए (बहुवचन)” | “पानी गिर रहा है (एकवचन)”

रोडमैप के अनुसार अगले अध्याय (पोस्ट 25) में हम अध्ययन करेंगे — “विराम चिन्ह (Punctuation Marks in Hindi): कामताप्रसाद गुरु के 20 विराम चिन्ह, प्रयोग के नियम, वाक्य शुद्धि व PYQs”

अपनी तैयारी को नई ऊँचाइयों पर ले जाने के लिए हमारे साथ निरंतर जुड़े रहें!

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