बाल विकास की अवधारणा एवं अवस्थाएं: मास्टर अभ्यास टेस्ट
भावी शिक्षकों और प्रशासनिक अधिकारियों, आपका स्वागत है!
किसी भी प्रतियोगी परीक्षा में सफलता का आधार केवल जानकारी नहीं, बल्कि उस जानकारी की गहराई और निरंतर अभ्यास होता है। ‘बाल विकास और शिक्षाशास्त्र’ (CDP) एक ऐसा विषय है जो न केवल परीक्षा में अंक दिलाता है, बल्कि एक सफल शिक्षक के रूप में आपकी नींव भी रखता है। चाहे आप TET, CTET, या शिक्षक भर्ती परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हों, यह क्विज़ आपके कॉन्सेप्ट्स को नई धार देने के लिए तैयार किया गया है।
इस क्विज़ की महत्वपूर्ण जानकारी:
• कुल प्रश्न: इस डेटाबेस में कुल 50 अत्यंत महत्वपूर्ण प्रश्न हैं।
• स्मार्ट डिस्प्ले: हर बार टेस्ट शुरू करने पर आपको केवल 15 रैंडम प्रश्न ही दिखाई देंगे। जितनी बार आप पेज रिफ्रेश करेंगे, आपको नए प्रश्न मिलेंगे।
• नेगेटिव मार्किंग: परीक्षा के वास्तविक अनुभव के लिए इसमें 1/3 नेगेटिव मार्किंग रखी गई है।
• विशेषता: प्रत्येक प्रश्न के साथ हमने विस्तृत व्याख्या (Detailed Explanation) जोड़ी है, ताकि गलत उत्तर होने पर भी आपकी पूरी तैयारी हो सके।
लक्ष्य और उपयोगिता:
यह क्विज़ विशेष रूप से उन गंभीर उम्मीदवारों के लिए है जो शिक्षा मनोविज्ञान की सूक्ष्मताओं को समझना चाहते हैं। सफलता केवल चाहने से नहीं, बल्कि सही दिशा में किए गए निरंतर अभ्यास से मिलती है।
नियम:
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प्रश्न 1: बालक के विकास की दिशा कैसी होती है?
सही उत्तर: सिर से पैर की ओर
व्याख्या: इसे विकास का ‘मस्तकाधोमुखी’ (Cephalocaudal) सिद्धांत कहा जाता है। इसके अनुसार विकास की लहर सिर से शुरू होकर नीचे पैरों की ओर जाती है। यही कारण है कि बच्चा जन्म के बाद सबसे पहले अपने सिर पर नियंत्रण करना सीखता है, फिर धड़ और अंत में पैरों के नियंत्रण से चलना शुरू करता है।
प्रश्न 2: ‘खिलौनोंu की आयु’ (Toy Age) किस अवस्था को कहा जाता है?
सही उत्तर: पूर्व बाल्यावस्था को
व्याख्या: पूर्व बाल्यावस्था (2 से 6 वर्ष) को ‘खिलौनों की आयु’ कहा जाता है। इस उम्र में बच्चे खिलौनों के साथ खेलना सबसे अधिक पसंद करते हैं। इसके विपरीत, ‘खेल की आयु’ (Play Age) उत्तर बाल्यावस्था को कहा जाता है, जहाँ बच्चे सक्रिय रूप से बाहरी खेलों और साथियों के साथ खेलना शुरू करते हैं।
प्रश्न 3: किशोरावस्था को ‘तनाव और तूफान की अवस्था’ किसने कहा है?
सही उत्तर: जी. स्टेनली हॉल
व्याख्या: जी. स्टेनली हॉल ने अपनी पुस्तक ‘Adolescence’ में किशोरावस्था को अत्यधिक दबाव, तनाव, तूफान और संघर्ष की अवस्था बताया है। उनके अनुसार इस काल में किशोरों में क्रांतिकारी शारीरिक और मानसिक परिवर्तन होते हैं, जिससे उनके व्यवहार में अस्थिरता और द्वंद्व पैदा होता है।
प्रश्न 4: वृद्धि (Growth) और विकास (Development) के संबंध में सही कथन चुनें।
सही उत्तर: वृद्धि विकास का ही एक हिस्सा है।
व्याख्या: वृद्धि (Growth) विकास की प्रक्रिया का ही एक चरण या हिस्सा है। वृद्धि का अर्थ केवल शारीरिक और संरचनात्मक परिवर्तनों (जैसे लंबाई, वजन) से है जिसे मापा जा सकता है। जबकि विकास एक व्यापक शब्द है जिसमें शारीरिक वृद्धि के साथ-साथ कार्यकुशलता और व्यवहारिक बदलाव भी शामिल होते हैं।
प्रश्न 5: किस अवस्था में बालक में ‘अनुकरण’ (Imitation) द्वारा सीखने की प्रवृत्ति तीव्र होती है?
सही उत्तर: शैशवावस्था
व्याख्या: शैशवावस्था (जन्म से 5-6 वर्ष) में बालक सबसे अधिक अपने माता-पिता और आसपास के लोगों के व्यवहार का अनुकरण (नकल) करके सीखता है। भाषा विकास की शुरुआत भी इसी अनुकरण प्रक्रिया से होती है। इस अवस्था को सीखने का ‘आदर्श काल’ भी कहा जाता है।
प्रश्न 6: विकास का ‘समीप-दूराभिमुख’ (Proximodistal) सिद्धांत क्या स्पष्ट करता है?
सही उत्तर: विकास केंद्र से बाहर की ओर होता है।
व्याख्या: समीप-दूराभिमुख (Proximodistal) सिद्धांत के अनुसार, विकास शरीर के मध्य भाग (केंद्र/रीढ़ की हड्डी) से शुरू होकर परिधि या बाहरी अंगों की ओर होता है। उदाहरण के लिए, बालक पहले अपने कंधों और बाहों पर नियंत्रण सीखता है, उसके बाद उंगलियों के सूक्ष्म कौशल विकसित करता है।
प्रश्न 7: बालक के सामाजिकरण की प्रथम इकाई कौन सी है?
सही उत्तर: परिवार
व्याख्या: परिवार को बालक के सामाजिकरण की प्राथमिक और सबसे महत्वपूर्ण इकाई माना जाता है। बच्चा सबसे पहले अपने परिवार के सदस्यों के संपर्क में आता है और वहीं से नैतिक मूल्य, संस्कार और व्यवहार करने के तरीके सीखता है। विद्यालय सामाजिकरण की द्वितीयक (Secondary) इकाई है।
प्रश्न 8: ‘अजीबोगरीब अवस्था’ (Unique Stage) किसे कहा जाता है?
सही उत्तर: बाल्यावस्था
व्याख्या: कोलि एवं ब्रूस ने बाल्यावस्था (विशेषकर 6-12 वर्ष) को ‘संवेगात्मक विकास का अनोखा काल’ कहा है। इस अवस्था में बालक के व्यवहार और संवेगों में ऐसे परिवर्तन आते हैं जिन्हें समझना माता-पिता के लिए भी कठिन होता है, इसलिए इसे जीवन का अनोखा काल माना जाता है।
प्रश्न 9: शैशवावस्था में बालक का व्यवहार मुख्य रूप से किस पर आधारित होता है?
सही उत्तर: मूल प्रवृत्तियों पर
व्याख्या: शैशवावस्था में बालक का व्यवहार उसकी ‘मूल प्रवृत्तियों’ (Instincts) पर आधारित होता है। जैसे भूख लगने पर रोना या हाथ-पैर मारना। इस अवस्था में बालक में नैतिकता या तर्क शक्ति का अभाव होता है और वह केवल अपनी शारीरिक आवश्यकताओं की पूर्ति की ओर ध्यान देता है।
प्रश्न 10: विकास के किस काल को ‘अत्यधिक दबाव और तनाव का काल’ कहा गया है?
सही उत्तर: किशोरावस्था
व्याख्या: किशोरावस्था (12 से 18 वर्ष) को अत्यधिक दबाव और तनाव का काल माना जाता है। इसका कारण तीव्र हार्मोनल बदलाव, करियर की चिंता और पहचान का संकट (Identity Crisis) है। इस अवस्था में किशोर अक्सर स्वयं को परिवार और समाज के साथ सामंजस्य बिठाने में संघर्षरत पाते हैं।
प्रश्न 11: मानव विकास किन दोनों के योगदान का परिणाम है?
सही उत्तर: वंशानुक्रम एवं वातावरण का
व्याख्या: मानव विकास वंशानुक्रम (Heredity) और वातावरण (Environment) की अंत:क्रिया का परिणाम है। वुडवर्थ के अनुसार, “विकास = वंशानुक्रम × वातावरण”। जहाँ वंशानुक्रम व्यक्ति की क्षमताओं की सीमा तय करता है, वहीं वातावरण उन क्षमताओं को विकसित होने का अवसर प्रदान करता है।
प्रश्न 12: निम्नलिखित में से कौन सा विकास का सिद्धांत नहीं है?
सही उत्तर: विशिष्ट से सामान्य क्रियाओं का सिद्धांत
व्याख्या: विकास का सिद्धांत ‘सामान्य से विशिष्ट’ क्रियाओं का होता है, न कि ‘विशिष्ट से सामान्य’ का। बालक पहले सामान्य क्रियाएँ करता है (जैसे पूरे हाथ से वस्तु पकड़ना) और बाद में विशिष्ट क्रियाएँ सीखता है (जैसे उंगलियों से पेन पकड़ना)। बाकी तीनों विकल्प विकास के सही सिद्धांत हैं।
प्रश्न 13: ‘गंदी अवस्था’ (Dirty Age) किस काल को कहा जाता है?
सही उत्तर: बाल्यावस्था
व्याख्या: बाल्यावस्था (विशेषकर उत्तर बाल्यावस्था) को ‘गंदी अवस्था’ कहा जाता है क्योंकि इस आयु में बच्चे खेल-कूद और धूल-मिट्टी में अधिक समय बिताते हैं, जिससे उनके कपड़े और शरीर गंदे रहते हैं। वे अपनी स्वच्छता के प्रति बहुत कम जागरूक होते हैं और साथियों के साथ समूहों में रहना पसंद करते हैं।
प्रश्न 14: बालक में ‘तार्किक चिंतन’ (Logical Thinking) की शुरुआत किस अवस्था में होती है?
सही उत्तर: मूर्त-संक्रियात्मक अवस्था (7-12 वर्ष)
व्याख्या: जीन पियाजे के अनुसार, मूर्त-संक्रियात्मक अवस्था (7 से 12 वर्ष) में बालक में तार्किक चिंतन की शुरुआत हो जाती है, लेकिन यह चिंतन केवल ‘मूर्त’ (जो सामने दिखाई दे) वस्तुओं तक सीमित होता है। अमूर्त या काल्पनिक चिंतन किशोरावस्था (12 वर्ष के बाद) में विकसित होता है।
प्रश्न 15: विकास की कौन सी अवस्था ‘सुनहरी अवस्था’ (Golden Age) कहलाती है?
सही उत्तर: बाल्यावस्था
व्याख्या: बाल्यावस्था को जीवन की ‘सुनहरी अवस्था’ माना जाता है। इस काल में बालक तनावमुक्त होता है, उसमें नई चीजों को सीखने की तीव्र जिज्ञासा होती है और वह खेल-कूद व कल्पनाओं की दुनिया में खुश रहता है। इस काल की यादें व्यक्ति के जीवन भर के लिए सबसे सुखद होती हैं।
प्रश्न 16: विकास के किस चरण में ‘आत्म-सम्मान’ (Self-Esteem) की भावना सबसे तीव्र होती है?
सही उत्तर: किशोरावस्था
व्याख्या: किशोरावस्था में बालक-बालिकाओं में आत्म-सम्मान और स्वाभिमान की भावना अत्यंत प्रबल हो जाती है। वे समाज में अपनी एक अलग पहचान बनाना चाहते हैं। यदि इस समय उन्हें कमतर आँका जाए या उनका अपमान हो, तो वे अत्यधिक विद्रोही या कुंठित महसूस करने लगते हैं।
प्रश्न 17: ‘शैशवावस्था सीखने का आदर्श काल है’ – यह कथन किसका है?
सही उत्तर: वैलेंटाइन
व्याख्या: वैलेंटाइन ने शैशवावस्था को ‘सीखने का आदर्श काल’ (Ideal Period of Learning) कहा है। उनके अनुसार इस अवस्था में बालक का मस्तिष्क अत्यंत कोमल और ग्रहणशील होता है, जिससे वह बहुत ही तीव्र गति से सूचनाओं और व्यवहारों को आत्मसात कर सकता है।
प्रश्न 18: जन्म के समय बालक में कौन सा संवेग विद्यमान होता है?
सही उत्तर: उत्तेजना (Excitement)
व्याख्या: ब्रिजेश (Bridges) के अनुसार, जन्म के समय शिशु में कोई निश्चित संवेग नहीं होता, बल्कि केवल ‘उत्तेजना’ (General Excitement) पाई जाती है। जैसे-जैसे बालक बड़ा होता है (लगभग 2 वर्ष की आयु तक), उसमें भय, क्रोध, प्रेम और घृणा जैसे अन्य संवेग विकसित होने लगते हैं।
प्रश्न 19: विकास की गति ‘तीव्र’ किस अवस्था में होती है?
सही उत्तर: शैशवावस्था और किशोरावस्था
व्याख्या: मानव जीवन चक्र में विकास की गति सबसे तीव्र शैशवावस्था (Infancy) में होती है और उसके बाद किशोरावस्था के आगमन पर पुनः तीव्र हो जाती है। बाल्यावस्था में विकास की गति थोड़ी धीमी और स्थिर (Consolidation period) हो जाती है ताकि शरीर और मस्तिष्क को मजबूती मिल सके।
प्रश्न 20: बालक के सिर और मस्तिष्क का सर्वाधिक विकास किस अवस्था में हो जाता है?
सही उत्तर: शैशवावस्था
व्याख्या: शैशवावस्था के अंत तक (5-6 वर्ष तक) बालक के मस्तिष्क का लगभग 90% विकास हो चुका होता है। शारीरिक दृष्टि से भी सिर का आकार वयस्क की तुलना में इस समय सबसे अधिक विकसित होता है। यही कारण है कि मनोवैज्ञानिक इस काल को मानसिक विकास की नींव मानते हैं।
प्रश्न 21: ‘मिथ्या परिपक्वता’ (Pseudo-Maturity) का काल किसे कहा जाता है?
सही उत्तर: बाल्यावस्था
व्याख्या: रॉस (Ross) ने बाल्यावस्था को ‘मिथ्या परिपक्वता’ का काल कहा है। इस अवस्था में बच्चा बड़ों की तरह व्यवहार करने की कोशिश करता है और उसे लगता है कि वह पूरी तरह समझदार और स्वतंत्र हो गया है, जबकि वास्तविकता में वह अपरिपक्व होता है।
प्रश्न 22: संज्ञानात्मक विकास का अर्थ क्या है?
सही उत्तर: बुद्धि और ज्ञान का विकास
व्याख्या: संज्ञानात्मक विकास (Cognitive Development) का संबंध मस्तिष्क की उन प्रक्रियाओं से है जिनके माध्यम से हम ज्ञान प्राप्त करते हैं, सोचते हैं, तर्क करते हैं और समस्याओं का समाधान निकालते हैं। इसमें स्मृति, ध्यान, कल्पना और भाषा का विकास शामिल होता है।
प्रश्न 23: किशोरावस्था में संवेगों की तीव्रता किस कारण बढ़ जाती है?
सही उत्तर: हार्मोनल परिवर्तनों के कारण
व्याख्या: किशोरावस्था में अंत:स्रावी ग्रंथियों (Endocrine Glands) में सक्रियता बढ़ने और नए हार्मोन्स के निकलने के कारण संवेगात्मक अस्थिरता आती है। इसी कारण किशोरों का मूड बहुत जल्दी बदलता है और वे संवेगात्मक रूप से अति-संवेदनशील हो जाते हैं।
प्रश्न 24: ‘टोली की आयु’ (Gang Age) का संबंध किस विकास से है?
सही उत्तर: सामाजिक विकास
व्याख्या: ‘टोली की आयु’ सामाजिक विकास का एक महत्वपूर्ण चरण है। बाल्यावस्था में बच्चा परिवार के दायरे से बाहर निकलकर अपने हमउम्र साथियों के साथ समूह (Gang) बनाता है। इससे उसमें टीम भावना, सहयोग और सामाजिक समायोजन के गुण विकसित होते हैं।
प्रश्न 25: विकास एक ‘मात्रात्मक’ प्रक्रिया है या ‘गुणात्मक’?
सही उत्तर: मात्रात्मक और गुणात्मक दोनों
व्याख्या: विकास में मात्रात्मक (Quantitative) परिवर्तन जैसे लंबाई और वजन बढ़ना भी शामिल है, और गुणात्मक (Qualitative) परिवर्तन जैसे कार्यक्षमता और व्यवहार में सुधार भी शामिल है। सामान्यतः वृद्धि को मात्रात्मक और विकास को गुणात्मक कहा जाता है, लेकिन विकास व्यापक रूप से दोनों को समाहित करता है।
प्रश्न 26: गर्भावस्था (Prenatal Period) की सामान्य अवधि कितनी मानी जाती है?
सही उत्तर: 280 दिन
व्याख्या: मानव गर्भावस्था की औसत अवधि निषेचन से जन्म तक लगभग 280 दिन या 40 सप्ताह (9 महीने 10 दिन) मानी जाती है। इस अवधि को तीन चरणों में बांटा गया है: डिंबावस्था (Germinal), भ्रूणावस्था (Embryonic) और गर्भावस्था (Fetal stage)।
प्रश्न 27: बाल विकास में ‘वातावरण’ का क्या महत्व है?
सही उत्तर: यह बालक की जन्मजात शक्तियों को दिशा देता है।
व्याख्या: वातावरण बालक की उन जन्मजात क्षमताओं और शक्तियों को विकसित होने का अवसर और दिशा प्रदान करता है जो उसे वंशानुक्रम से प्राप्त हुई हैं। अच्छे वातावरण के बिना एक प्रतिभाशाली बालक भी अपनी पूरी क्षमता का उपयोग नहीं कर पाता है।
प्रश्न 28: ‘कामशक्ति’ (Libido) की प्रसुप्तावस्था किस काल को कहा गया है?
सही उत्तर: बाल्यावस्था
व्याख्या: सिगमंड फ्रायड के मनो-लैंगिक विकास सिद्धांत के अनुसार, बाल्यावस्था (6-12 वर्ष) ‘प्रसुप्तावस्था’ (Latency Stage) कहलाती है। इस दौरान कामशक्ति शांत रहती है और बालक की ऊर्जा खेल-कूद, स्कूल के कार्यों और सामाजिक गतिविधियों में लग जाती है।
प्रश्न 29: विकास की किस अवस्था को ‘समस्यात्मक आयु’ (Age of Problems) कहा जाता है?
सही उत्तर: किशोरावस्था
व्याख्या: किशोरावस्था को मनोवैज्ञानिकों ने ‘समस्यात्मक आयु’ कहा है क्योंकि इस दौरान किशोर स्वयं के साथ, परिवार के साथ और समाज के साथ तालमेल बिठाने में सबसे अधिक चुनौतियों का सामना करता है। पहचान का संकट और भविष्य की चिंता इसे और जटिल बना देती है।
प्रश्न 30: ‘स्व-प्रेम’ (Narcissism) की भावना किस अवस्था में सबसे अधिक देखी जाती है?
सही उत्तर: शैशवावस्था
व्याख्या: शैशवावस्था में शिशु स्वयं के प्रति बहुत आकर्षित होता है, जिसे फ्रायड ने ‘नार्सिसिज्म’ या स्व-प्रेम कहा है। वह चाहता है कि सबका ध्यान केवल उसी पर रहे। किशोरावस्था में भी यह भावना दोबारा (अपने रूप-रंग को लेकर) प्रबल हो जाती है, जिसे ‘सेकेंडरी नार्सिसिज्म’ कहते हैं।
प्रश्न 31: विकास के सिद्धांतों के अनुसार, विकास हमेशा कैसा होता है?
सही उत्तर: वर्तुलाकार (Spiral)
व्याख्या: विकास का सिद्धांत कहता है कि विकास कभी भी एक सीधी रेखा (रैखिक) में नहीं होता। यह वर्तुलाकार या स्पाइरल (Spiral) होता है। इसका अर्थ है कि बालक एक क्षेत्र में प्रगति करता है, फिर उस प्रगति को सुदृढ़ करने के लिए थोड़ा ठहरता या पीछे मुड़ता है और फिर आगे बढ़ता है।
प्रश्न 32: ‘एकीकरण का सिद्धांत’ (Principle of Integration) क्या है?
सही उत्तर: बालक पहले पूरे अंग को, फिर उसके भागों को चलाना सीखता है।
व्याख्या: एकीकरण के सिद्धांत के अनुसार, बालक पहले पूरे अंग का उपयोग करता है (जैसे पूरे हाथ को हिलाना) और फिर उसके विशिष्ट भागों (उंगलियों) का। अंत में वह पूरे हाथ और उंगलियों का एक साथ (एकीकृत) उपयोग करना सीख जाता है, जैसे लिखने के दौरान।
प्रश्न 33: उत्तर बाल्यावस्था की प्रमुख मनोवैज्ञानिक विशेषता क्या है?
सही उत्तर: सामूहिकता की भावना
व्याख्या: उत्तर बाल्यावस्था (6-12 वर्ष) की सबसे प्रमुख विशेषता सामूहिकता (Sociality/Group Spirit) की भावना है। इस समय बालक अपने साथियों के साथ रहना, समूह में खेलना और समूह के नियमों का पालन करना सबसे अधिक पसंद करता है। वह परिवार से अधिक महत्व अपने मित्रों को देने लगता है।
प्रश्न 34: किशोरावस्था में ‘पहचान का संकट’ (Identity Crisis) शब्द किसने दिया?
सही उत्तर: एरिक एरिक्सन
व्याख्या: एरिक एरिक्सन ने अपने मनो-सामाजिक विकास के सिद्धांत में किशोरावस्था के लिए ‘Identity vs Role Confusion’ की अवधारणा दी। उन्होंने बताया कि इस उम्र में किशोर “मैं कौन हूँ?” और “समाज में मेरी क्या जगह है?” जैसे सवालों के साथ अपनी पहचान खोजने का संघर्ष करता है।
प्रश्न 35: विकास की किस अवस्था को ‘प्राथमिक विद्यालय की आयु’ कहा जाता है?
सही उत्तर: बाल्यावस्था
व्याख्या: बाल्यावस्था (विशेषकर 6 वर्ष के बाद) को प्राथमिक विद्यालय की आयु माना जाता है क्योंकि यही वह समय है जब बालक का औपचारिक शिक्षण शुरू होता है। इस अवस्था में वह सामाजिक नियमों और बुनियादी साक्षरता कौशल को सीखना शुरू करता है।
प्रश्न 36: अभिवृद्धि (Growth) शब्द का प्रयोग मुख्य रूप से किन परिवर्तनों के लिए किया जाता है?
सही उत्तर: शारीरिक परिवर्तनों के लिए
व्याख्या: अभिवृद्धि (Growth) का उपयोग मुख्य रूप से शरीर के भौतिक और संरचनात्मक परिवर्तनों के लिए किया जाता है, जैसे कि लंबाई का बढ़ना, वजन का बढ़ना और हड्डियों का मजबूत होना। ये परिवर्तन परिमाणात्मक होते हैं और इन्हें आसानी से मापा जा सकता है।
प्रश्न 37: किस मनोवैज्ञानिक ने विकास की अवस्थाओं में ‘शैशवावस्था’ को 0 से 2 सप्ताह तक माना है?
सही उत्तर: ई. बी. हरलॉक
व्याख्या: श्रीमती हरलॉक ने विकास का बहुत ही सूक्ष्म वर्गीकरण किया है। उनके अनुसार जन्म से लेकर 2 सप्ताह तक की अवधि ‘शैशवावस्था’ (Infancy) है, और 2 सप्ताह से 2 वर्ष तक की अवधि ‘बचपन’ (Babyhood) कहलाती है। यह वर्गीकरण सामान्य वर्गीकरण से थोड़ा अलग है।
प्रश्न 38: ‘जीवन का सबसे कठिन काल’ किस अवस्था को माना जाता है?
सही उत्तर: किशोरावस्था
व्याख्या: किशोरावस्था को ‘जीवन का सबसे कठिन काल’ माना जाता है। किल्पैट्रिक के अनुसार, इस काल में बालक न तो बच्चों में गिना जाता है और न ही बड़ों में। शारीरिक बदलावों और मानसिक द्वंद्व के कारण यह समय समायोजन की दृष्टि से सबसे चुनौतीपूर्ण होता है।
प्रश्न 39: विकास के संदर्भ में ‘स्थिरता’ (Stability) का अर्थ क्या है?
सही उत्तर: विकास की गति का धीमा और व्यवस्थित होना।
व्याख्या: बाल्यावस्था के दौरान विकास में एक प्रकार की ‘स्थिरता’ (Stability or Consolidation) आती है। इसका अर्थ यह नहीं कि विकास रुक गया है, बल्कि इसका अर्थ है कि जो विकास पहले तीव्र गति से हुआ था, वह अब सुदृढ़ और व्यवस्थित हो रहा है ताकि भविष्य के तीव्र विकास (किशोरावस्था) के लिए नींव तैयार हो सके।
प्रश्न 40: बालक में ‘नैतिकता’ (Morality) का अभाव किस अवस्था में पाया जाता है?
सही उत्तर: शैशवावस्था
व्याख्या: शैशवावस्था (जन्म से 5 वर्ष) में बालक में सही और गलत की समझ नहीं होती है। उसका व्यवहार केवल दंड के डर या पुरस्कार के लालच से नियंत्रित होता है। उसमें स्वयं की नैतिकता का अभाव होता है और वह पूरी तरह बड़ों के निर्देशों पर निर्भर रहता है।
प्रश्न 41: ‘विपरीत लिंगी आकर्षण’ किस अवस्था की प्रमुख विशेषता है?
सही उत्तर: किशोरावस्था
व्याख्या: किशोरावस्था में लैंगिक परिपक्वता आने के कारण किशोरों में विपरीत लिंग (Opposite Sex) के प्रति आकर्षण बहुत तेजी से बढ़ता है। यह संवेगात्मक और शारीरिक विकास का एक सामान्य और स्वाभाविक हिस्सा है।
प्रश्न 42: विकास के ‘वैयक्तिक भिन्नता’ (Individual Differences) के सिद्धांत का क्या अर्थ है?
सही उत्तर: प्रत्येक बच्चे के विकास की गति और ढंग अलग-अलग होता है।
व्याख्या: वैयक्तिक भिन्नता के सिद्धांत के अनुसार, प्रत्येक बालक की वृद्धि और विकास की दर भिन्न होती है। कोई बच्चा जल्दी चलना सीखता है तो कोई देर से। यह अंतर उनके वंशानुक्रम और उन्हें मिलने वाले वातावरण के कारण होता है।
प्रश्न 43: बाल्यावस्था में शिक्षा का स्वरूप कैसा होना चाहिए?
सही उत्तर: खेल-कूद और रचनात्मक कार्यों पर आधारित
व्याख्या: बाल्यावस्था में बालक की रुचि खेल-कूद और क्रियाशीलता में अधिक होती है। इसलिए शिक्षा का स्वरूप ‘लर्निंग बाय डूइंग’ (करके सीखना) और खेल पद्धति पर आधारित होना चाहिए। इससे बालक का सर्वांगीण विकास (शारीरिक, मानसिक और सामाजिक) बेहतर होता है।
प्रश्न 44: ‘शैशवावस्था’ को ‘खतरनाक काल’ (Dangerous Period) किसने कहा है?
सही उत्तर: हरलॉक
व्याख्या: ई. बी. हरलॉक ने शैशवावस्था (विशेषकर जन्म के शुरुआती दिनों) को ‘खतरनाक काल’ कहा है क्योंकि इस दौरान शिशु को बाहरी वातावरण के साथ तालमेल बिठाना पड़ता है और मृत्यु दर (Infant Mortality) की संभावना इस समय सबसे अधिक होती है।
प्रश्न 45: बालक के विकास में ‘परिपक्वता’ (Maturation) का क्या अर्थ है?
सही उत्तर: वंशानुक्रम द्वारा निर्धारित शारीरिक और मानसिक क्षमताओं का प्रकट होना
व्याख्या: परिपक्वता (Maturation) एक जैविक प्रक्रिया है जो समय के साथ स्वतः होती है। इसमें वे क्षमताएं विकसित होती हैं जो बालक के जीन में पहले से मौजूद होती हैं, जैसे कि एक निश्चित उम्र में पैरों की मांसपेशियों का इतना मजबूत होना कि वह चल सके। बिना परिपक्वता के अधिगम (Learning) संभव नहीं है।
प्रश्न 46: ‘वीर पूजा’ (Hero Worship) की प्रवृत्ति किस अवस्था में पाई जाती है?
सही उत्तर: किशोरावस्था
व्याख्या: किशोरावस्था में बालक-बालिकाएं किसी आदर्श व्यक्ति (जैसे कोई खिलाड़ी, नेता या फिल्मी सितारा) को अपना आदर्श मान लेते हैं और उनके जैसा बनने की कोशिश करते हैं। इसी को ‘वीर पूजा’ की प्रवृत्ति कहा जाता है।
प्रश्न 47: बाल्यावस्था में बालक का दृष्टिकोण कैसा होने लगता है?
सही उत्तर: यथार्थवादी (Realistic)
व्याख्या: शैशवावस्था में बालक काल्पनिक दुनिया में रहता है, लेकिन बाल्यावस्था (6-12 वर्ष) में प्रवेश करते ही उसका दृष्टिकोण ‘यथार्थवादी’ या वास्तविक होने लगता है। वह दुनिया की वस्तुओं को उनके वास्तविक रूप में समझना और तर्क करना शुरू कर देता है।
प्रश्न 48: ‘सीखने का स्वर्ण काल’ किस अवस्था को कहा जाता है?
सही उत्तर: शैशवावस्था
व्याख्या: शैशवावस्था को सीखने का स्वर्ण काल या आधारशिला माना जाता है क्योंकि इस दौरान मस्तिष्क के न्यूरॉन्स का विकास बहुत तीव्र होता है। प्रसिद्ध मनोवैज्ञानिक सिगमंड फ्रायड का मानना था कि मनुष्य को जो कुछ भी बनना होता है, वह शुरुआती 4-5 वर्षों में ही बन जाता है।
प्रश्न 49: विकास कभी न रुकने वाली प्रक्रिया है, यह किस सिद्धांत से जुड़ा है?
सही उत्तर: निरंतरता का सिद्धांत
व्याख्या: निरंतरता का सिद्धांत (Principle of Continuity) स्पष्ट करता है कि विकास की प्रक्रिया कभी नहीं रुकती। यह गर्भ से शुरू होकर कब्र (मृत्यु) तक चलती रहती है। हालाँकि विकास की गति कभी तेज तो कभी धीमी हो सकती है, लेकिन यह पूर्णतः कभी समाप्त नहीं होती।
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