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CTET July 2019 Paper-1 (Set-Q) Full Mock Test (Language-II: Hindi)
प्रश्न 1: निम्नलिखित संरचनाओं में से शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 किसकी वकालत करता है?
- समावेशी शिक्षा
- पृथक्करण
- मुख्यधारा शिक्षण
- एकीकृत शिक्षा
उत्तर: समावेशी शिक्षा
व्याख्या: शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE 2009) सभी बच्चों को बिना किसी भेदभाव के नियमित विद्यालय में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने हेतु समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) की वकालत करता है।
प्रश्न 2: यह विचारधारा है कि सभी बच्चों को एक नियमित विद्यालय व्यवस्था में समान शिक्षा प्राप्त करने का अधिकार हो:
- मुख्यधारा शिक्षा
- विशेष शिक्षा
- बहुल-सांस्कृतिक शिक्षा
- समावेशी शिक्षा
उत्तर: समावेशी शिक्षा
व्याख्या: समावेशी शिक्षा का मूल दर्शन है कि सभी प्रकार के बच्चों (दिव्यांग, सामान्य, वंचित वर्ग) को एक ही नियमित विद्यालय व्यवस्था में समान शैक्षिक अवसर प्रदान किए जाएँ।
प्रश्न 3: एक शिक्षक को कक्षाकक्ष में सांस्कृतिक विविधता के संदर्भ में क्या करना चाहिए?
- वह विशेष संस्कृतियों या समुदाय के बच्चों को बढ़ावा दे
- वह विद्यार्थियों के बीच सांस्कृतिक विभिन्नताओं तथा विविधता की अनदेखी करे
- यह संप्रेषित करे कि वह कक्षाकक्ष में सभी संस्कृतियों का सम्मान करती है एवं महत्व देती है
- वह विद्यार्थियों के बीच तुलना को अधिकतम करे
उत्तर: यह संप्रेषित करे कि वह कक्षाकक्ष में सभी संस्कृतियों का सम्मान करती है एवं महत्व देती है
व्याख्या: प्रभावी शिक्षक कक्षा की सामाजिक-सांस्कृतिक विविधता को स्वीकार करता है और सभी संस्कृतियों व पृष्ठभूमियों को शिक्षण संसाधन के रूप में सम्मान देता है।
प्रश्न 4: बच्चे सबसे अधिक प्रभावी रूप से तब सीखते हैं जब वे:
- पाठ्यपुस्तक में दिए गए तथ्यों को याद करते हैं
- श्यामपट्ट पर अध्यापक द्वारा लिखे गए उत्तरों की नकल करते हैं
- विभिन्न गतिविधियों एवं कार्यों में सक्रिय रूप से भाग लेते हैं
- शिक्षक कक्षा में होने वाली सभी घटनाओं व बच्चों को पूर्ण रूप से नियंत्रित करता है
उत्तर: विभिन्न गतिविधियों एवं कार्यों में सक्रिय रूप से भाग लेते हैं
व्याख्या: रचनावादी उपागम के अनुसार अधिगम तब सबसे प्रभावी होता है जब विद्यार्थी प्रत्यक्ष गतिविधियों और खोजबीन में सक्रिय रूप से संलग्न होते हैं।
प्रश्न 5: विद्यार्थियों को कक्षा में प्रश्न पूछने के लिए:
- हतोत्साहित करना चाहिए
- अनुमति नहीं देनी चाहिए
- रोकना चाहिए
- प्रेरित करना चाहिए
उत्तर: प्रेरित करना चाहिए
व्याख्या: कक्षा में प्रश्न पूछना बच्चों की जिज्ञासा, सक्रिय सोच और अवधारणात्मक समझ का परिचायक है, अतः शिक्षक को हमेशा प्रश्न पूछने हेतु प्रोत्साहित करना चाहिए।
प्रश्न 6: निम्नलिखित में से कौन-सी एक मुख्य प्रक्रिया नहीं है जिसके द्वारा सार्थक अधिगम घटित होता है?
- पुनरावृत्ति एवं अभ्यास
- निर्देश एवं संचालन
- अन्वेषण एवं पारस्परिक क्रिया
- कंठस्थीकरण एवं स्मरण
उत्तर: कंठस्थीकरण एवं स्मरण
व्याख्या: रटकर याद करना (कंठस्थीकरण) यांत्रिक प्रक्रिया है, जबकि सार्थक अधिगम अवधारणाओं की समझ, खोजबीन और सामाजिक अन्तःक्रिया द्वारा घटित होता है।
प्रश्न 7: स्तम्भ-क के बच्चों को स्तम्भ-ख में उनकी प्राथमिक विशेषताओं के साथ सही मिलान कीजिए (i.प्रतिभाशाली ii.अधिगम अशक्तता iii.सृजनात्मक iv.ADHD):
- i-d, ii-a, iii-b, iv-c
- i-d, ii-c, iii-a, iv-b
- i-a, ii-b, iii-d, iv-c
- i-d, ii-c, iii-b, iv-a
उत्तर: i-d, ii-a, iii-b, iv-c
व्याख्या: प्रतिभाशाली (शीघ्र सीखने की क्षमता - d), अधिगम अशक्तता (धाराप्रवाह पढ़ने में कमी - a), सृजनात्मक (मूल समाधान खोजना - b) और ADHD (आसानी से विचलित होना - c)।
प्रश्न 8: अधिगम प्रक्रिया में बच्चों की गलतियाँ (Errors):
- बार-बार अभ्यास करने के लिए कह कर तुरंत सुधार देनी चाहिए
- अधिगम का एक स्वाभाविक भाग हैं तथा उनके विचारों में एक अंतर्दृष्टि देती हैं
- शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया में पूरी तरह महत्वहीन हैं
- प्रदर्शित करती हैं कि बच्चे कितने लापरवाह हैं
उत्तर: अधिगम का एक स्वाभाविक भाग हैं तथा उनके विचारों में एक अंतर्दृष्टि देती हैं
व्याख्या: त्रुटियां अधिगम प्रक्रिया का अभिन्न अंग हैं जो दर्शाती हैं कि बच्चे कैसे सोचते हैं और उनकी संज्ञानात्मक समझ का स्तर क्या है।
प्रश्न 9: विद्यार्थियों के मूल्यांकन (Assessment) को:
- शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया का एक भाग होना चाहिए
- केवल अंकों के संदर्भ में करना चाहिए
- वस्तुनिष्ठ प्रकार के लिखित कार्यों पर आधारित होना चाहिए
- एक अलग गतिविधि के रूप में लेना चाहिए
उत्तर: शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया का एक भाग होना चाहिए
व्याख्या: सतत एवं समग्र मूल्यांकन (CCE) के अनुसार मूल्यांकन केवल परीक्षा लेना नहीं बल्कि शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया के साथ निरंतर चलने वाली सुधारात्मक प्रक्रिया है।
प्रश्न 10: संरचनात्मक (रचनावादी) दृष्टिकोण के अनुसार अधिगम क्या है?
- एक निष्क्रिय एवं व्यक्तिपरक प्रक्रिया
- जानकारी के अर्जन की प्रक्रिया
- अनुभव के परिणाम के रूप में व्यवहार में परिवर्तन
- एक सक्रिय एवं सामाजिक प्रक्रिया
उत्तर: एक सक्रिय एवं सामाजिक प्रक्रिया
व्याख्या: संरचनावाद (पियाजे व वायगोत्स्की) के अनुसार अधिगम ज्ञान का निष्क्रिय अवशोषण नहीं बल्कि शिक्षार्थी द्वारा सक्रिय रूप से ज्ञान निर्माण की सामाजिक प्रक्रिया है।
प्रश्न 11: जब शिक्षक को विद्यार्थियों एवं उनकी योग्यताओं के बारे में सकारात्मक विश्वास होता है, तब विद्यार्थी:
- निश्चिंत हो जाते हैं तथा सीखने का प्रयास बंद कर देते हैं
- का उत्साह भंग हो जाता है तथा वे दबाव में आ जाते हैं
- किसी भी रूप में प्रभावित नहीं होते हैं
- सीखने के लिए उत्सुक एवं प्रेरित रहते हैं
उत्तर: सीखने के लिए उत्सुक एवं प्रेरित रहते हैं
व्याख्या: शिक्षक की सकारात्मक अपेक्षाएं (Pygmalion Effect) विद्यार्थियों में आत्म-विश्वास जागृत करती हैं और उन्हें सीखने के प्रति आंतरिक रूप से प्रेरित करती हैं।
प्रश्न 12: एक शिक्षक बच्चों को प्रभावी समस्या समाधानकर्ता बनने के लिए किस प्रकार प्रोत्साहित कर सकता है?
- पाठ्यपुस्तक से एक ही प्रकार के प्रश्नों के अभ्यास के अवसर देकर
- पाठ्यपुस्तक में दी गई सूचनाओं के कंठस्थीकरण पर बल देकर
- बच्चों को समस्या के बारे में सहजानुभूत अनुमान लगाने एवं बहु-विकल्पों को देखने के लिए प्रोत्साहित करके
- पाठ्यपुस्तक के सभी प्रश्नों के व्यवस्थित समाधान लिखकर
उत्तर: बच्चों को समस्या के बारे में सहजानुभूत अनुमान लगाने एवं बहु-विकल्पों को देखने के लिए प्रोत्साहित करके
व्याख्या: बच्चों में अपसारी चिंतन और समाधान क्षमता विकसित करने हेतु उन्हें खुले प्रश्नों पर सहज अनुमान लगाने और विभिन्न विकल्प खोजने के अवसर देने चाहिए।
प्रश्न 13: वे विधियाँ जिनके प्रयोग में विद्यार्थियों की स्व-पहल व प्रयास शामिल होते हैं, किसका उदाहरण हैं?
- निगमनात्मक विधि
- अधिगमकर्ता केंद्रित विधि
- परंपरागत विधि
- अन्तर्वैयक्तिक बुद्धि
उत्तर: अधिगमकर्ता केंद्रित विधि
व्याख्या: शिक्षार्थी-केंद्रित (Learner-Centered) विधियों में छात्र की व्यक्तिगत जिज्ञासा, पहल और सक्रिय सहभागिता को शिक्षण का आधार बनाया जाता है।
प्रश्न 14: जो विद्यार्थी अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाते वे स्वयं को अयोग्य मानकर हतोत्साहित हो जाते हैं और प्रयास छोड़ देते हैं, यह स्थिति क्या दर्शाती है?
- संज्ञान एवं संवेग संबंधित नहीं हैं
- आनुवंशिकता एवं पर्यावरण अलग नहीं हैं
- आनुवंशिकता एवं पर्यावरण संबंधित नहीं हैं
- संज्ञान एवं संवेग आपस में जुड़े हुए हैं
उत्तर: संज्ञान एवं संवेग आपस में जुड़े हुए हैं
व्याख्या: संज्ञान (विचार/विश्वास) और संवेग (भावनाएं/हतोत्साह) एक-दूसरे से गहराई से जुड़े हैं; नकारात्मक संवेग व्यक्ति की संज्ञानात्मक कार्यक्षमता को बाधित करते हैं।
प्रश्न 15: निम्नलिखित में से कौन-सा बच्चे के सामाजिकरण का प्राथमिक माध्यम (Primary Agency) है?
- विद्यालय
- सरकार
- मीडिया
- परिवार
उत्तर: परिवार
व्याख्या: परिवार सामाजिकरण की प्राथमिक इकाई है जहाँ बच्चा सबसे पहले भाषा, आचरण, नैतिक मूल्य और सामाजिक संबंध सीखता है।
प्रश्न 16: जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास सिद्धांत का प्रमुख प्रस्ताव क्या है?
- बच्चों की सोच वयस्कों से बेहतर होती है
- बच्चों की सोच मात्रात्मक रूप में वयस्कों से भिन्न होती है
- बच्चों की सोच गुणात्मक रूप में वयस्कों से भिन्न होती है
- बच्चों की सोच वयस्कों से निम्न होती है
उत्तर: बच्चों की सोच गुणात्मक रूप में वयस्कों से भिन्न होती है
व्याख्या: पियाजे के अनुसार बच्चे वयस्कों से कम नहीं सोचते बल्कि उनका सोचने का प्रकार या नजरिया वयस्कों से गुणात्मक रूप से भिन्न (Qualitatively Different) होता है।
प्रश्न 17: जेंडर (Gender) निम्नलिखित में से क्या है?
- एक मनोवैज्ञानिक सत्ता
- एक सामाजिक संरचना
- एक आर्थिक अवधारणा
- एक जैविक निर्धारक
उत्तर: एक सामाजिक संरचना
व्याख्या: लिंग (Sex) एक जैविक पहचान है, जबकि जेंडर (Gender) समाज और संस्कृति द्वारा तय की गई स्त्री-पुरुष की भूमिकाओं की सामाजिक संरचना (Social Construct) है।
प्रश्न 18: निम्नलिखित में से कौन-सा विकास के व्यापक और मुख्य आयामों की सही पहचान करता है?
- संवेगात्मक, बौद्धिक, आध्यात्मिक एवं स्व
- शारीरिक, व्यक्तित्व, आध्यात्मिक एवं संवेगात्मक
- सामाजिक, शारीरिक, व्यक्तित्व, स्व
- शारीरिक, संज्ञानात्मक, सामाजिक और संवेगात्मक
उत्तर: शारीरिक, संज्ञानात्मक, सामाजिक और संवेगात्मक
व्याख्या: मानव विकास के चार परस्पर-निर्भर और व्यापक क्षेत्र होते हैं: शारीरिक (Physical), संज्ञानात्मक (Cognitive), सामाजिक (Social) और संवेगात्मक (Emotional)।
प्रश्न 19: बुद्धि (Intelligence) के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त है?
- बुद्धि व्यवहार में एक अपेक्षाकृत स्थायी परिवर्तन है
- बुद्धि केवल आनुवंशिक विशेषक है जिसमें स्मरण व तर्क शामिल हैं
- बुद्धि बहु-आयामी है जिसमें परीक्षणों द्वारा पूर्णतः न मापी जाने वाली कई क्षमताएं शामिल हैं
- बुद्धि केवल अभिसारी रूप से सोचने की योग्यता है
उत्तर: बुद्धि बहु-आयामी है जिसमें परीक्षणों द्वारा पूर्णतः न मापी जाने वाली कई क्षमताएं शामिल हैं
व्याख्या: हावर्ड गार्डनर के अनुसार बुद्धि कोई एकल तत्व नहीं बल्कि बहु-आयामी (Multi-dimensional) होती है जिसमें विभिन्न प्रकार की स्वतंत्र मानसिक क्षमताएं समाहित होती हैं।
प्रश्न 20: प्रगतिशील शिक्षा (Progressive Education) में बच्चों को किस रूप में देखा जाता है?
- निष्क्रिय अनुकारकों के रूप में
- सक्रिय अन्वेषकों के रूप में
- खाली स्लेटों (Tabula Rasa) के रूप में
- छोटे वयस्कों के रूप में
उत्तर: सक्रिय अन्वेषकों के रूप में
व्याख्या: जॉन डीवी की प्रगतिशील शिक्षा में बच्चों को स्वयं करके सीखने (Learning by Doing) वाले सक्रिय खोजकर्ता और अन्वेषक के रूप में माना जाता है।
प्रश्न 21: लेव वायगोत्स्की के सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत के अनुसार अधिगम क्या है?
- एक व्यक्तिगत गतिविधि
- एक निष्क्रिय गतिविधि
- एक अनुबंधित गतिविधि
- एक सामाजिक गतिविधि
उत्तर: एक सामाजिक गतिविधि
व्याख्या: वायगोत्स्की के अनुसार बच्चों का संज्ञानात्मक विकास और अधिगम सामाजिक अंतःक्रिया, भाषा और संस्कृति के माध्यम से संचालित होने वाली सामाजिक गतिविधि है।
प्रश्न 22: पियाजे के अनुसार कौन-सा लक्षण पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था (2 से 7 वर्ष) के बच्चे को विशेषित करता है?
- लक्ष्य-निर्देशित व्यवहार
- विलंबित अनुकरण
- विचारों की अनुत्क्रमणीयता (पलटावी गुण का अभाव)
- वर्तुल प्रतिक्रिया
उत्तर: विचारों की अनुत्क्रमणीयता (पलटावी गुण का अभाव)
व्याख्या: पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था में बच्चे किसी प्रक्रिया या विचार को मानसिक रूप से उलट नहीं पाते, जिसे विचारों की अनुत्क्रमणीयता (Irreversibility of Thought) कहते हैं।
प्रश्न 23: बच्चों और उनके अधिगम के संदर्भ में कौन-सा कथन सत्य है?
- सीखने की सक्षमता केवल आनुवंशिकता द्वारा पूर्व-निर्धारित है
- सामाजिक-आर्थिक पृष्ठभूमि अधिगम सक्षमता को सीमित करती है
- बच्चों को प्रेरित करने के लिए केवल पुरस्कार व दंड आवश्यक है
- सभी बच्चे सीखने के लिए स्वाभाविक रूप से प्रेरित होते हैं तथा सक्षम हैं
उत्तर: सभी बच्चे सीखने के लिए स्वाभाविक रूप से प्रेरित होते हैं तथा सक्षम हैं
व्याख्या: बाल-केंद्रित शिक्षा का मुख्य सिद्धांत है कि प्रत्येक बच्चे में सीखने की जन्मजात और प्राकृतिक जिज्ञासा व क्षमता होती है।
प्रश्न 24: गामक/चालक विकास (Motor Development) की दर में विविधता होते हुए भी इसका क्रम कहाँ से कहाँ की ओर होता है?
- अधोगामी से शीर्षगामी
- अपरिष्कृत (स्थूल) से परिष्कृत (सूक्ष्म) चालक विकास
- परिष्कृत (सूक्ष्म) से अपरिष्कृत (स्थूल) चालक विकास
- शीर्षगामी से अधोगामी
उत्तर: अपरिष्कृत (स्थूल) से परिष्कृत (सूक्ष्म) चालक विकास
व्याख्या: गामक विकास हमेशा स्थूल गामक कौशलों (Gross Motor Skills जैसे भुजाओं का उपयोग) से सूक्ष्म गामक कौशलों (Fine Motor Skills जैसे उंगलियों से लिखना) की ओर अग्रसर होता है।
प्रश्न 25: वह अवधि जो बाल्यावस्था से वयस्कता के संक्रमण की पहल करती है, उसे क्या कहते हैं?
- मध्य बाल्यावस्था
- पूर्व-क्रियात्मक अवधि
- बाल्यावस्था की समाप्ति
- किशोरावस्था
उत्तर: किशोरावस्था
व्याख्या: किशोरावस्था (Adolescence - 12 से 18 वर्ष) जीवन का वह संक्रमणकालीन काल है जो बाल्यावस्था से परिपक्व वयस्कता की ओर ले जाता है।
प्रश्न 26: जीन पियाजे के अनुसार बच्चे ज्ञान का अर्जन किस प्रकार करते हैं?
- दूसरों के व्यवहार का अनुकरण और अवलोकन करके
- उद्दीपन-अनुक्रिया अनुबंध द्वारा
- पुरस्कार एवं दंड के बाह्य सिद्धांतों के माध्यम से
- ज्ञान को सक्रिय रूप से संरचित करते हैं जैसे-जैसे वे दुनिया में अन्वेषण करते हैं
उत्तर: ज्ञान को सक्रिय रूप से संरचित करते हैं जैसे-जैसे वे दुनिया में अन्वेषण करते हैं
व्याख्या: पियाजे बच्चों को 'नन्हे वैज्ञानिक' मानते हैं जो अपने भौतिक परिवेश के साथ सक्रिय क्रियाकलाप और अनुकूलन (Assimilation/Accommodation) द्वारा ज्ञान का निर्माण करते हैं।
प्रश्न 27: मौखिक संवाद जो बच्चे अपने कार्य को दिशा देने के लिए स्वयं से करते हैं, वायगोत्स्की उन्हें क्या कहते हैं?
- व्यक्तिगत वार्ता (Private Speech)
- भ्रांत वार्ता
- समस्यात्मक वार्ता
- अहंकेन्द्रित वार्ता (Egocentric Speech)
उत्तर: व्यक्तिगत वार्ता (Private Speech)
व्याख्या: वायगोत्स्की के अनुसार जब बच्चे अपने व्यवहार को स्वनियमित करने के लिए खुद से बोलकर बात करते हैं, तो इसे 'निजी वार्ता' (Private Speech) कहा जाता है।
प्रश्न 28: खिलौनों, पहनावे, घरेलू कार्यों और रंगों को विशेष लिंग (स्त्री/पुरुष) के साथ जोड़ना क्या प्रदर्शित करता है?
- जेंडर रूढ़िवादिता (Gender Stereotyping)
- जेंडर सिद्धांत
- जेंडर प्रासंगिकता
- विकसित जेंडर पहचान
उत्तर: जेंडर रूढ़िवादिता (Gender Stereotyping)
व्याख्या: समाज में पहले से चली आ रही पारंपरिक मान्यताओं के आधार पर लड़के और लड़कियों की भूमिकाएं तय करना जेंडर रूढ़िवादिता (Gender Stereotyping) कहलाता है।
प्रश्न 29: एक प्राथमिक कक्षाकक्ष में शिक्षिका को बच्चे द्वारा अपने साथ लाए गए व्यक्तिगत अनुभवों के साथ क्या करना चाहिए?
- उनकी उपेक्षा करनी चाहिए
- उन पर ध्यान नहीं देना चाहिए
- उन्हें कक्षा में शामिल कर उनका संचय/उपयोग करना चाहिए
- उन्हें पूरी तरह अस्वीकार करना चाहिए
उत्तर: उन्हें कक्षा में शामिल कर उनका संचय/उपयोग करना चाहिए
व्याख्या: बच्चे के पूर्व अनुभव और सांस्कृतिक पृष्ठभूमि उसके अधिगम का मजबूत आधार (Scaffolding Foundation) होते हैं, जिन्हें जोड़कर नया ज्ञान सिखाया जाना चाहिए।
प्रश्न 30: कोलबर्ग के अनुसार, यदि एक बच्चा सोचता है कि चोरी करने पर उसे पुलिस पकड़ लेगी और जेल भेज देगी, तो वह नैतिक विकास की किस अवस्था में है?
- सामाजिक-क्रम नियंत्रक अभिविन्यास
- दण्ड एवं आज्ञापालन अभिविन्यास
- सार्वभौम नैतिक सिद्धांत अभिविन्यास
- यंत्रीय उद्देश्य अभिविन्यास
उत्तर: दण्ड एवं आज्ञापालन अभिविन्यास
व्याख्या: कोलबर्ग के पूर्व-पारंपरिक स्तर की पहली अवस्था 'दण्ड एवं आज्ञापालन' में बच्चा किसी कार्य को केवल दण्ड से बचने और सत्ता के डर से गलत या सही मानता है।
प्रश्न 31: समावेशित विद्यालय में आप अपनी कक्षा के दृष्टि-बाधित छात्रों की गणितीय आवश्यकताओं को कैसे पूरा करेंगे?
- शिक्षण-अधिगम की वैकल्पिक प्रणालियों और साधनों का प्रयोग कर
- उन्हें विशेष शिक्षक के पास भेज कर
- उन्हें अभ्यास के लिए अतिरिक्त समय देकर
- उन्हें उच्च उपलब्धि वाले छात्रों के साथ बैठा कर
उत्तर: शिक्षण-अधिगम की वैकल्पिक प्रणालियों और साधनों का प्रयोग कर
व्याख्या: समावेशी कक्षा में दृष्टि-बाधित छात्रों के लिए टेलर का गिनतारा (Abacus), जियोबोर्ड, ब्रेल सामग्री और स्पर्शनीय (Tactile) वैकल्पिक शिक्षण-अधिगम साधनों का उपयोग करना सबसे उपयुक्त रणनीति है।
प्रश्न 32: कक्षा III के छात्र ने 16 × 25 का गुणन इस प्रकार किया: 16 × 25 = 8 × 2 × 5 × 5 = 8 × 5 × 2 × 5 = 40 × 10 = 400। इस प्रश्न को हल करने के लिए छात्र ने गुणन के किस नियम का प्रयोग किया?
- साहचर्य सिद्धांत
- पुनरावृत्त योग
- प्रतिलोम गुणन सिद्धांत
- वितरण सिद्धांत
उत्तर: वितरण सिद्धांत
व्याख्या: छात्र ने गुणन संक्रिया में संख्याओं के पुनर्गठन और वितरण के नियमों का उपयोग करके गणना को सरल बनाया है।
प्रश्न 33: निम्नलिखित में से क्या प्रारंभिक संख्या संकल्पना (Early Number Concept) से संबंधित नहीं है?
- वर्ग समावेश
- संरक्षण (Conservation)
- मापन
- वर्गीकरण
उत्तर: संरक्षण (Conservation)
व्याख्या: संरक्षण (Conservation) पियाजे का संज्ञानात्मक सिद्धांत है जो मूर्त संक्रियात्मक अवस्था में आता है, जबकि वर्गीकरण, वर्ग-समावेश और मापन प्रारंभिक संख्या संकल्पना के घटक हैं।
प्रश्न 34: संख्यांक (Numeral) और संख्या (Number) के विषय में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है? (A) संख्यांक एक प्रतीक है जिसे संख्या को प्रदर्शित करने के लिए प्रयोग किया जाता है। (B) एक संख्या को विभिन्न संख्यांकों द्वारा प्रदर्शित किया जा सकता है।
- (A) शुद्ध है और (B) अशुद्ध है
- (B) शुद्ध है और (A) अशुद्ध है
- (A) और (B) दोनों ही शुद्ध हैं
- (A) और (B) दोनों ही अशुद्ध हैं
उत्तर: (A) और (B) दोनों ही शुद्ध हैं
व्याख्या: संख्या एक अमूर्त विचार या मात्रा है जबकि संख्यांक (Numeral) उसे लिखने का प्रतीकात्मक रूप है। एक ही संख्या (जैसे सात) को विभिन्न लिपियों (7, VII, सात) में लिखा जा सकता है।
प्रश्न 35: निम्नलिखित में से कौन-सा एक गणितीय प्रक्रम (Mathematical Process) नहीं है?
- मानसदर्शन (Visualization)
- कंठस्थ करना (Memorisation)
- आकलन करना (Estimation)
- पक्षांतरण (Transposition)
उत्तर: कंठस्थ करना (Memorisation)
व्याख्या: गणित में रटकर याद करना (कंठस्थीकरण) कोई गणितीय प्रक्रिया नहीं है; गणितीय चिंतन में मानसदर्शन, अनुमान लगाना, पक्षांतरण और तर्क शामिल होते हैं।
प्रश्न 36: योग की शाब्दिक समस्याओं में (A) एक टोकरी में 15 संतरे और दूसरी में 17 संतरे हैं, कुल कितने हैं? तथा (B) 9950 रुपये वाले मोबाइल की कीमत में 375 रुपये की वृद्धि हो गई, नई कीमत क्या है? कौन-सा कथन सही है?
- A योग की समुच्चयन संरचना और B योग की संवर्धन संरचना को प्रदर्शित करता है
- दोनों ही योग की समुच्चयन संरचना को प्रदर्शित करते हैं
- दोनों ही योग की संवर्धन संरचना को प्रदर्शित करते हैं
- A योग की संवर्धन और B योग की समुच्चयन संरचना को प्रदर्शित करता है
उत्तर: A योग की समुच्चयन संरचना और B योग की संवर्धन संरचना को प्रदर्शित करता है
व्याख्या: दो स्वतंत्र मात्राओं का एक साथ मिलना समुच्चयन (Aggregation) कहलाता है, जबकि किसी एक पूर्व राशि के मान में वृद्धि होना संवर्धन (Augmentation) कहलाता है।
प्रश्न 37: पियाजे के प्रस्ताव के अनुसार माप में विभिन्न भौतिक राशियों के संरक्षण की योग्यता के विषय में सही कथन पहचानिए:
- आयतन के संरक्षण की समझ द्रव्यमान के संरक्षण से पहले आती है
- भार के संरक्षण की समझ संख्याओं के संरक्षण से पहले आती है
- लंबाई के संरक्षण की समझ संख्याओं के संरक्षण से पहले आती है
- भार के संरक्षण की समझ आयतन के संरक्षण से पहले आती है
उत्तर: आयतन के संरक्षण की समझ द्रव्यमान के संरक्षण से पहले आती है
व्याख्या: पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के अनुसार बच्चे मापन में विभिन्न राशियों के संरक्षण की संकल्पना क्रमिक रूप से सीखते हैं।
प्रश्न 38: एक अध्यापक कक्षा IV के छात्रों को 25 टाइलों को सभी संभव आयताकार व्यूहों में व्यवस्थित करने को कहता है। इस कार्य से किन गणितीय अवधारणाओं को संबोधित किया जा सकता है?
- क्षेत्रफल, गुणनखण्ड, परिमाप
- क्षेत्रफल, परिमाप, आयतन
- क्षेत्रफल, आयतन, लम्बाई
- आयतन, क्षेत्रफल, लम्बाई
उत्तर: क्षेत्रफल, गुणनखण्ड, परिमाप
व्याख्या: 2D टाइलों को आयताकार ग्रिड (1×25, 5×5) में लगाने से बच्चे क्षेत्रफल (क्षेत्र का विस्तार), गुणनखंड (Factors) और परिमाप (Perimeter) की संकल्पना को प्रत्यक्ष रूप से समझते हैं।
प्रश्न 39: निम्नलिखित समुच्चयों में से कौन-सा गणित में प्रश्न हल करने का सही कौशल है?
- चित्रांकन करना, पीछे से हल करना, रट लेना
- विवेचन करना (Reasoning), चर का प्रयोग करना, प्रतिरूप (Pattern) देखना
- कंठस्थ करना, अनुमान लगाकर परीक्षण करना, चित्रांकन करना
- प्रयत्न-त्रुटि विधि, चित्रांकन करना, कंठस्थ करना
उत्तर: विवेचन करना (Reasoning), चर का प्रयोग करना, प्रतिरूप (Pattern) देखना
व्याख्या: गणितीय समस्या-समाधान में तार्किक विवेचन (Reasoning), बीजगणितीय चरों का प्रयोग और पैटर्नों का विश्लेषण करना प्रामाणिक व वैज्ञानिक कौशल हैं।
प्रश्न 40: वॉन हीले (Van Hiele) के स्तर ज्यामिति में किस विकास की अवस्थाओं का संकेत करते हैं?
- स्थानीय मान
- ज्यामितीय चिंतन (Geometrical Thinking)
- भिन्न
- संख्या की संकल्पना
उत्तर: ज्यामितीय चिंतन (Geometrical Thinking)
व्याख्या: वॉन हीले का मॉडल ज्यामितीय चिंतन के 5 क्रमिक स्तरों (चाक्षुषीकरण, विश्लेषण, अनौपचारिक निगमन, औपचारिक निगमन और दृढ़ता) का वर्णन करता है।
प्रश्न 41: राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF 2005) की अनुशंसा के अनुसार प्राथमिक विद्यालयों का गणित पाठ्यक्रम कैसा होना चाहिए?
- कार्यविधिक ज्ञान पर केंद्रित होना चाहिए
- गणितीय संकल्पनाओं में कठोरता देने वाला होना चाहिए
- छात्रों को प्रगामी गणित के लिए तैयार करने वाला होना चाहिए
- छात्रों के प्रतिदिन के अनुभवों से संबंधित होना चाहिए
उत्तर: छात्रों के प्रतिदिन के अनुभवों से संबंधित होना चाहिए
व्याख्या: NCF 2005 के अनुसार प्राथमिक स्तर पर गणित को बच्चों के दैनिक जीवन के अनुभवों, परिवेशीय संदर्भों और व्यावहारिक गतिविधियों से जोड़ा जाना चाहिए।
प्रश्न 42: दो दशमलव वाली संख्याओं के गुणन जैसे 0.3 × 0.2 = 0.06 की संकल्पना को समझाने के लिए कौन-सा शिक्षण-अधिगम साधन (TLM) सबसे उचित है?
- टेलर का गिनतारा
- संख्या चार्ट
- ग्राफ पेपर (Grid Paper)
- डाइनिस ब्लॉक्स
उत्तर: ग्राफ पेपर (Grid Paper)
व्याख्या: दशमलव संख्याओं के गुणन को ग्रिड या ग्राफ पेपर (10×10 वर्ग) पर छायांकित (Shading) करके बच्चे दृश्य रूप से आसानी से समझ लेते हैं।
प्रश्न 43: प्राथमिक स्तर पर विद्यार्थियों के गणित अधिगम का मूल्यांकन करने के लिए निम्नलिखित में से कौन-सी प्रभावशाली योजना नहीं है?
- विद्यार्थियों की त्रुटियों को जानकर उनके तर्क का विश्लेषण किया जाए
- ऐसे कार्यों की अभिकल्पना की जाए जिनमें एक से अधिक स्तर के उत्तर प्राप्त हो सकें
- मुख्यतः समूह संचालित कार्यों का प्रयोग किया जाए
- ऐसे कार्यों की अभिकल्पना की जाए कि यंत्रवत् रटने और संकल्पना समझ में अंतर किया जा सके
उत्तर: मुख्यतः समूह संचालित कार्यों का प्रयोग किया जाए
व्याख्या: व्यक्तिगत गणितीय समझ और अवधारणात्मक स्पष्टता के सटीक मूल्यांकन के लिए केवल समूह संचालित कार्यों पर निर्भर रहना प्रभावशाली योजना नहीं है।
प्रश्न 44: गणितीय अध्यापन को प्रभावी बनाने के लिए निम्नलिखित में से कौन-सी विशेषता नहीं है?
- एक नई संकल्पना का परिचय देने के लिए समय के नियम का कठोरता से पालन करना
- छात्रों की त्रुटियों के प्रतिरूपों पर केंद्रित होना
- प्रतिदिन के अनुभवों के साथ संबंध स्थापित करना
- एक ही संकल्पना के लिए विभिन्न शिक्षण-अधिगमों का प्रयोग
उत्तर: एक नई संकल्पना का परिचय देने के लिए समय के नियम का कठोरता से पालन करना
व्याख्या: शिक्षण में समय नियमों का कठोरता से पालन करना बाल-सुलभ लचीलेपन को रोकता है, जबकि प्रभावी शिक्षण में छात्रों की गति के अनुसार लचीलापन होना चाहिए।
प्रश्न 45: हिंदू-अरबी संख्यांकन पद्धति की तुलना में रोमन अंकों का उपयोग आमतौर पर गणनाओं और संख्याओं को लिखने में क्यों नहीं किया जाता?
- बच्चे अंग्रेजी वर्णमाला और रोमन अंकों में भ्रमित हो जाते हैं
- रोमन अंक स्थानीय मान (Place Value) का नियोजन नहीं करते, इसलिए इन अंकों का उपयोग करके गणनाएं करना कठिन होता है
- रोमन अंकों को याद रखना कठिन होता है
- रोमन अंकों से संख्याएं बनाना जटिल कार्य है
उत्तर: रोमन अंक स्थानीय मान (Place Value) का नियोजन नहीं करते, इसलिए इन अंकों का उपयोग करके गणनाएं करना कठिन होता है
व्याख्या: रोमन संख्या पद्धति में स्थानीय मान (Place Value) और शून्य (Zero) की अवधारणा नहीं होती, जिसके कारण इनमें मूलभूत गणितीय संक्रियाएं (जोड़, गुणा आदि) करना अत्यंत कठिन होता है।
प्रश्न 46: एक शिक्षिका अपनी कक्षा के बच्चों को उनके परिवेश की वस्तुओं के भौतिक गुणों को अपने शब्दों में समझाने के लिए प्रोत्साहित करती है। इसका सबसे उपयुक्त उद्देश्य क्या है?
- यह बच्चों को अनौपचारिक रूप से 3D आकारों के गुणों का अन्वेषण करने का अवसर देता है
- यह एक रोचक गतिविधि है जिसे खाली समय में किया जा सकता है
- बच्चे आकारों को देखना पसंद करते हैं
- यह उपयोगी गतिविधि है जो बच्चे को औपचारिक ज्यामिति से परिचित कराती है
उत्तर: यह बच्चों को अनौपचारिक रूप से 3D आकारों के गुणों का अन्वेषण करने का अवसर देता है
व्याख्या: बच्चों द्वारा अपने शब्दों में आकारों के गुणों (जैसे गोल, नुकीला, चपटा) का वर्णन करना उनके अंदर अनौपचारिक ज्यामितीय समझ और चाक्षुषीकरण का विकास करता है।
प्रश्न 47: अंकों 2, 3, 4, 6, 7, 8 को रिक्त स्थानों `_ _ _ + _ _ _` में व्यवस्थित किया गया है। योग करने पर अधिकतम संभव संख्या क्या होगी?
- 1605
- 1560
- 1308
- 808
उत्तर: 1605
व्याख्या: अधिकतम योग प्राप्त करने के लिए सैकड़े के स्थान पर सबसे बड़े अंक 8 और 7, दहाई के स्थान पर 6 और 4, तथा इकाई के स्थान पर 3 और 2 रखने पर: 863 + 742 = 1605 प्राप्त होता है।
प्रश्न 48: दीपा डाकघर में दो पार्सल (250g और 300g) तथा दो पत्र (20g और 35g) भेजना चाहती है। डाक दरों के अनुसार उसे कुल कितना डाक शुल्क देना होगा?
- ₹ 48
- ₹ 39
- ₹ 49
- ₹ 41
उत्तर: ₹ 49
व्याख्या: पत्र शुल्क: 20g का ₹5 + 35g का (5+2) = ₹12। पार्सल शुल्क: 250g का (5+12) = ₹17 + 300g का (5+15) = ₹20। कुल शुल्क = 12 + 17 + 20 = ₹49।
प्रश्न 49: 50 में एक पूर्ण संख्या जोड़ी जाती है और फिर वही संख्या 50 में से घटा दी जाती है। प्राप्त हुई दोनों संख्याओं का जोड़ क्या होगा?
- 50
- 100
- 25
उत्तर: 25
व्याख्या: माना वह पूर्ण संख्या x है। पहली संख्या = 50 + x तथा दूसरी संख्या = 50 - x। दोनों का योग = (50 + x) + (50 - x) = 100।
प्रश्न 50: नई दिल्ली-चेन्नई राजधानी एक्सप्रेस की समय सारिणी के अनुसार कौन-सा कथन सही है (नागपुर प्रस्थान 05:35, चेन्नई आगमन 20:45)?
- नागपुर से चेन्नई की यात्रा का समय 15 घंटे 10 मिनट का है
- नई दिल्ली से नागपुर की यात्रा का समय 11 घंटे 30 मिनट का है
- भोपाल से चेन्नई की यात्रा का समय 21 घंटे 40 मिनट का है
- भोपाल से विजयवाड़ा की यात्रा का समय 13 घंटे 10 मिनट का है
उत्तर: नागपुर से चेन्नई की यात्रा का समय 15 घंटे 10 मिनट का है
व्याख्या: नागपुर से प्रस्थान समय 05:35 और चेन्नई आगमन 20:45 है। अतः कुल यात्रा समय = 20:45 - 05:35 = 15 घंटे 10 मिनट।
प्रश्न 51: संख्याओं 30.5, 3.50, 3.055, 3.05, 3.005, 0.355 को अवरोही क्रम (Descending Order) में कौन-सा विकल्प सही निरूपित करता है?
- 30.5, 3.50, 3.055, 3.05, 3.005, 0.355
- 30.5, 3.50, 3.05, 3.055, 3.005, 0.355
- 30.5, 3.05, 3.055, 3.50, 3.005, 0.355
- 3.05, 3.005, 3.50, 3.055, 30.5, 0.355
उत्तर: 30.5, 3.50, 3.055, 3.05, 3.005, 0.355
व्याख्या: अवरोही क्रम (घटते क्रम) में सबसे बड़ी संख्या 30.5 > 3.50 > 3.055 > 3.05 > 3.005 > 0.355 है।
प्रश्न 52: एक दुकानदार ने 5.3 kg बादाम, 2100 g किशमिश और 2.2 kg काजू को मिलाकर दो दर्जन पैकेट बनाए। प्रत्येक पैकेट का भार क्या होगा?
- 400 ग्राम
- 450 ग्राम
- 500 ग्राम
- 300 ग्राम
उत्तर: 400 ग्राम
व्याख्या: कुल भार = 5300g + 2100g + 2200g = 9600 ग्राम। दो दर्जन पैकेट = 24 पैकेट। प्रत्येक पैकेट का भार = 9600 / 24 = 400 ग्राम।
प्रश्न 53: एक बीकर के 3/7 भाग में पानी है। बीकर को ऊपर तक पानी से भरने के लिए 16 लीटर पानी की आवश्यकता है। बीकर की कुल धारिता क्या है?
- 50 L
- 100 L
- 28 L
- 14 L
उत्तर: 28 L
व्याख्या: खाली भाग = 1 - 3/7 = 4/7 भाग। यदि 4/7 भाग = 16 लीटर है, तो बीकर की कुल धारिता = 16 × (7/4) = 28 लीटर।
प्रश्न 54: आशा प्रत्येक सप्ताह सोमवार को ₹50, बुधवार को ₹100 और शुक्रवार को ₹80 बचाती है तथा रविवार को ₹60 खर्च कर देती है। ₹5,950 का मोबाइल खरीदने के लिए उसे कितने सप्ताह बचत करनी होगी?
- 35 सप्ताह
- 30 सप्ताह
- 40 सप्ताह
- 25 सप्ताह
उत्तर: 35 सप्ताह
व्याख्या: प्रति सप्ताह कुल बचत = (50 + 100 + 80) - 60 = ₹170। कुल आवश्यक सप्ताह = 5950 / 170 = 35 सप्ताह।
प्रश्न 55: मैं दो अंकों की सम संख्या हूँ, 3, 4, 6 का सार्वगुणज हूँ और मेरे कुल 9 गुणनखण्ड हैं।' मैं कौन-सी संख्या हूँ?
- 56
- 24
- 36
- 48
उत्तर: 36
व्याख्या: 36 एक सम संख्या है जो 3, 4, 6 का सार्वगुणज (LCM = 12) है। 36 के कुल 9 गुणनखंड (1, 2, 3, 4, 6, 9, 12, 18, 36) होते हैं।
प्रश्न 56: एक वर्ग की भुजा 10 cm है। यदि वर्ग की भुजा दुगुनी कर दी जाए, तो नया परिमाप पहले परिमाप का कितने गुना हो जाएगा?
- 4 गुणा
- 3 गुणा
- 2 गुणा
- समान रहेगा
उत्तर: 2 गुणा
व्याख्या: वर्ग का परिमाप = 4 × भुजा। यदि भुजा दुगुनी (2a) होगी, तो नया परिमाप = 4 × (2a) = 2 × (4a), अर्थात परिमाप 2 गुना हो जाएगा।
प्रश्न 57: निम्नलिखित में से किस अक्षर में क्षैतिज (Horizontal) और ऊर्ध्वाधर (Vertical) दोनों सममिति रेखाएं (Lines of Symmetry) होती हैं?
- X
- C
- Y
- A
उत्तर: X
व्याख्या: अक्षर 'X' को क्षैतिज और ऊर्ध्वाधर दोनों अक्षों से मोड़ने पर समान दो भाग प्राप्त होते हैं, अतः इसमें दोनों सममिति रेखाएं होती हैं।
प्रश्न 58: यदि द्वि-आधारी संख्या (11011)₂ को दाशमिक प्रणाली में बदला जाए, तो रिक्त स्थान `(_____ )₁₀` में कौन-सी संख्या आएगी?
- 27
- 30
- 33
- 22
उत्तर: 27
व्याख्या: (11011)₂ = (1 × 2⁴) + (1 × 2³) + (0 × 2²) + (1 × 2¹) + (1 × 2⁰) = 16 + 8 + 0 + 2 + 1 = 27।
प्रश्न 59: कक्षा-III में चतुर्थांश (1/4) की संकल्पना समझाने के लिए अध्यापक को किस उचित अनुक्रम का पालन करना चाहिए? (A) प्रतीक 1/4 लिखना, (B) ठोस पदार्थ को चतुर्थांश में बांटना, (C) चतुर्थांश प्रदर्शित करने वाले चित्र दिखाना।
- (A), (C), (B)
- (B), (C), (A)
- (C), (A), (B)
- (A), (B), (C)
उत्तर: (B), (C), (A)
व्याख्या: ELPS सिद्धांत के अनुसार सबसे पहले ठोस वस्तुओं का अनुभव (B), फिर चित्रों का प्रदर्शन (C), और अंत में प्रतीकात्मक लेखन (A) कराना सर्वोत्तम अनुक्रम है।
प्रश्न 60: समीकरण 72 × 28 = 36 × 4 × _____ में रिक्त स्थान की संख्या के संदर्भ में कौन-से कथन सही हैं? (A) 7 का गुणज है, (B) अभाज्य संख्या है, (C) 10 से कम है, (D) सम संख्या है, (E) 56 का गुणनखंड है।
- (A), (D), (B)
- (C), (D), (E)
- (A), (D), (E)
- (A), (B), (C)
उत्तर: (A), (D), (E)
व्याख्या: 72 × 28 = 2016। 36 × 4 = 144। रिक्त स्थान की संख्या = 2016 / 144 = 14। संख्या 14 एक सम संख्या है (D), 7 का गुणज है (A), और 56 का गुणनखंड है (E)।
प्रश्न 61: पुराने कुओं के सूखने के मुख्य संभावित कारण क्या हैं? (A) वर्षा जल संग्रह वाली झीलें नष्ट हो गईं, (B) पेड़ों व कुओं के आसपास की जमीन सीमेंट/तारकोल से ढक गई, (C) घरों में टोंटियां लग गईं, (D) भूमिगत जल खींचने के लिए मोटर चालित पंप लग गए।
- B, C और D
- C, D और A
- A, B और D
- A, B और C
उत्तर: A, B और D
व्याख्या: झीलों का लुप्त होना, जमीन का कंक्रीटीकरण और अत्यधिक मोटर पंपों द्वारा भूजल दोहन कुओं के सूखने के प्रमुख कारण हैं।
प्रश्न 62: पर्यावरण अध्ययन में विज्ञान और सामाजिक विज्ञान को अलग-अलग विषयों के बजाय समग्र रूप में क्यों पढ़ाया जाता है?
- इस आयु वर्ग के बच्चे अपने परिवेश को समग्र (Holistic) रूप में देखते हैं
- यह शिक्षण-अधिगम की एक अच्छी युक्ति है
- यह पाठ्यक्रम के भार को कम करने के लिए है
- सीबीएसई द्वारा पाठ्यक्रम इसी प्रकार निर्धारित है
उत्तर: इस आयु वर्ग के बच्चे अपने परिवेश को समग्र (Holistic) रूप में देखते हैं
व्याख्या: प्राथमिक स्तर (कक्षा 3 से 5) के बच्चे अपने आस-पास के प्राकृतिक और सामाजिक परिवेश को अलग-अलग खंडों में नहीं बल्कि एक समग्र इकाई के रूप में अनुभव करते हैं।
प्रश्न 63: नीचे दिए गए किस रेगिस्तानी शहर में रेत के टीले (Sand Dunes) पाए जाते हैं?
- अबू धाबी
- बर्लिन
- थिम्पू
- काबुल
उत्तर: अबू धाबी
व्याख्या: संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की राजधानी अबू धाबी में चारों ओर रेत के विशाल टीले और पहाड़ पाए जाते हैं, जहाँ की मुद्रा 'दिरहम' है।
प्रश्न 64: पर्यावरण अध्ययन के पाठ्यक्रम में पारंपरिक पाठों (उपविषयों) के स्थान पर छह मुख्य थीमों को क्यों प्रस्तावित किया गया है?
- बच्चों के परिवेशीय बोध में वृद्धि करने के लिए
- बच्चों के स्थानीय परिवेश के मुद्दों से जुड़े और अंतःसंबंधित समझ के विकास के लिए
- थीम आधारित शिक्षण आसान होता है
- पाठों की संख्या कम करने के लिए
उत्तर: बच्चों के स्थानीय परिवेश के मुद्दों से जुड़े और अंतःसंबंधित समझ के विकास के लिए
व्याख्या: थीम आधारित उपागम बच्चों के दैनिक जीवन, समाज और पर्यावरण के बीच परस्पर अंतःसंबंधों को जोड़कर समग्र समझ विकसित करने में सहायक होता है।
प्रश्न 65: निम्नलिखित में से कौन-सा वर्तमान पर्यावरण अध्ययन पाठ्यक्रम के 6 मुख्य थीमों में से एक नहीं है?
- आवास
- हम चीजें कैसे बनाते हैं
- काम और खेल
- भोजन
उत्तर: काम और खेल
व्याख्या: EVS के 6 मुख्य थीम: परिवार एवं मित्र, भोजन, पानी, आवास, यात्रा, और चीजें जो हम बनाते व करते हैं। 'काम और खेल' परिवार एवं मित्र का एक उप-थीम है।
प्रश्न 66: कक्षा I और II के स्तर पर पर्यावरण अध्ययन (EVS) के शिक्षण के संबंध में कौन-सा कथन सत्य है?
- EVS से संबंधित मुद्दों और संबंधों का संपादन भाषा और गणित के माध्यम से होता है
- कक्षा I और II में EVS को अलग नए विषय के रूप में पढ़ाया जाता है
- कक्षा I और II के बच्चे EVS समझने में सक्षम नहीं हैं
- EVS केवल भाषा के माध्यम से पढ़ाया जाता है
उत्तर: EVS से संबंधित मुद्दों और संबंधों का संपादन भाषा और गणित के माध्यम से होता है
व्याख्या: NCF 2005 के अनुसार कक्षा 1 और 2 में EVS की कोई अलग पाठ्यपुस्तक नहीं होती; इसके मूल प्रत्यय भाषा और गणित की गतिविधियों में समाहित किए जाते हैं।
प्रश्न 67: पर्यावरण अध्ययन में ज्ञान की रचना में निम्नलिखित में से क्या सर्वाधिक महत्वपूर्ण है? (A) बच्चों की सक्रिय भागीदारी, (B) बच्चों के ज्ञान को शिक्षक के ज्ञान से जोड़ना, (C) कक्षा की चारदीवारी से बाहर सीखना, (D) स्थानीय ज्ञान को विद्यालयी ज्ञान से जोड़ना।
- केवल D
- केवल A
- केवल A और D
- A, C और D
उत्तर: A, C और D
व्याख्या: रचनावादी दृष्टिकोण के अनुसार बच्चों की सक्रिय खोजबीन, वास्तविक परिवेश से जुड़ाव और स्थानीय अनुभवों को कक्षा शिक्षण से जोड़ना ज्ञान निर्माण का आधार है।
प्रश्न 68: पर्यावरण अध्ययन में बच्चों को सीखने से जोड़ने की सबसे प्रभावशाली और रुचिकर युक्ति कौन-सी है?
- पाठ्यपुस्तक का पठन
- शिक्षक द्वारा औपचारिक व्याख्याएं
- कक्षा निदर्शन
- किस्से एवं कहानियां (Narratives)
उत्तर: किस्से एवं कहानियां (Narratives)
व्याख्या: कहानियां और किस्से प्राथमिक स्तर के बच्चों को भावनात्मक रूप से जोड़ते हैं, उनकी कल्पनाशीलता बढ़ाते हैं और अमूर्त अवधारणाओं को संदर्भ प्रदान करते हैं।
प्रश्न 69: पर्यावरण अध्ययन की प्रकृति के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन असत्य है?
- पर्यावरण अध्ययन बालकेन्द्रित अध्ययन है
- पर्यावरण अध्ययन बच्चों को परिवेश खोजने का अवसर देता है
- पर्यावरण अध्ययन परिभाषाओं और अमूर्त वर्णनों पर बल देता है
- पर्यावरण अध्ययन की प्रकृति एकीकृत है
उत्तर: पर्यावरण अध्ययन परिभाषाओं और अमूर्त वर्णनों पर बल देता है
व्याख्या: EVS में रटने, जटिल शब्दावलियों और अमूर्त परिभाषाओं को हतोत्साहित किया जाता है तथा प्रत्यक्ष अनुभवों पर बल दिया जाता है।
प्रश्न 70: शिक्षक द्वारा क्रियाकलाप कराने के पश्चात प्रश्न पूछने और कक्षा चर्चा आयोजित करने का मुख्य उद्देश्य क्या है? (A) प्रक्रिया कौशलों का आकलन, (B) खोजने का अवसर देना, (C) अभिव्यक्ति का अवसर देना, (D) सीखने की गति के आधार पर बच्चों में भेद करना।
- केवल C
- B, C और D
- A, B और C
- केवल D
उत्तर: A, B और C
व्याख्या: चर्चाओं और क्रियाकलापों का उद्देश्य बच्चों की अवलोकन, वर्गीकरण व अभिव्यक्ति क्षमता का विकास करना है, न कि बच्चों के बीच नकारात्मक भेदभाव करना।
प्रश्न 71: पर्यावरण अध्ययन में बच्चों को पाठ्यपुस्तक के अलावा समुदाय, माता-पिता और समाचार पत्रों जैसे अन्य स्रोतों से सीखने हेतु क्यों प्रेरित करना चाहिए? (A) पाठ्यपुस्तक ही एकमात्र स्रोत नहीं है, (B) समुदाय की भागीदारी बढ़ेगी, (C) बच्चों की पृष्ठभूमि जानने का अवसर मिलेगा, (D) मनो-क्रियात्मक कौशल विकसित होंगे।
- A, B और C
- B, C और D
- केवल C और D
- केवल B और C
उत्तर: A, B और C
व्याख्या: सीखने के विविध स्रोतों का उपयोग करने से बच्चे वास्तविक दुनिया से जुड़ते हैं और समुदाय तथा माता-पिता की शैक्षिक सहभागिता बढ़ती है।
प्रश्न 72: निम्नलिखित में से कौन-सा पर्यावरण अध्ययन में बच्चों के आकलन का उपयुक्त संकेतक (Indicator) नहीं होना चाहिए?
- सहभागिता
- याद करना (कंठस्थीकरण)
- प्रश्न पूछना
- न्याय और समानता के प्रति सरोकार
उत्तर: याद करना (कंठस्थीकरण)
व्याख्या: रटकर याद करना (Memorisation) आकलन का संकेतक नहीं होना चाहिए; आकलन अवलोकन, सहयोग, जिज्ञासा और चिंतन पर आधारित होना चाहिए।
प्रश्न 73: पर्यावरण अध्ययन में जब शिक्षक बच्चों को स्वयं अपने सीखने का आकलन करने का अवसर देता है, तो इसे क्या कहा जाता है?
- सीखने के समान आकलन (Assessment as Learning)
- सीखने का आकलन (Assessment of Learning)
- सीखने के लिए आकलन (Assessment for Learning)
- सतत एवं समग्र मूल्यांकन (CCE)
उत्तर: सीखने के समान आकलन (Assessment as Learning)
व्याख्या: स्व-आकलन (Self-Assessment) और सहपाठी आकलन 'सीखने के रूप में/समान आकलन' (Assessment as Learning) के अंतर्गत आते हैं।
प्रश्न 74: खाना किस प्रकार खराब होता है, इस पर समूह प्रयोग कराते समय शिक्षक द्वारा बच्चों के समूह बनाने का प्राथमिक शैक्षणिक कारण क्या है? (A) सहपाठी अधिगम को बढ़ावा देना, (B) सामाजिक अंतःक्रिया में सुधार करना, (C) बिना बोझ के EVS सिखाना, (D) कक्षा में अनुशासन बनाए रखना।
- केवल C और D
- केवल A और C
- केवल B और D
- केवल A और B
उत्तर: केवल A और B
व्याख्या: समूह कार्य से बच्चे परस्पर सहयोग (Peer Learning) सीखते हैं और उनके बीच सामाजिक संवाद तथा संप्रेषण कौशल का विकास होता है।
प्रश्न 75: निम्नलिखित में से कौन-सा प्राथमिक स्तर पर पर्यावरण अध्ययन शिक्षण का वांछित उद्देश्य नहीं है?
- परिवेशीय मुद्दों पर संवेदनशीलता और जागरूकता का विकास करना
- बच्चों को क्रियाकलापों और अन्वेषण से जोड़ना
- बच्चों को पाठ्यपुस्तक की सटीक परिभाषाएं याद करने के लिए प्रोत्साहित करना
- जिज्ञासा और सृजनात्मकता का पोषण करना
उत्तर: बच्चों को पाठ्यपुस्तक की सटीक परिभाषाएं याद करने के लिए प्रोत्साहित करना
व्याख्या: NCF 2005 के अनुसार प्राथमिक स्तर पर बच्चों को औपचारिक परिभाषाएं रटाना EVS का उद्देश्य नहीं है।
प्रश्न 76: पर्यावरण अध्ययन में 'चित्र पढ़ना' (Picture Reading) एक महत्वपूर्ण गतिविधि है। इसके माध्यम से बच्चों के किन कौशलों का आकलन किया जा सकता है? (A) अवलोकन और अभिलेखन, (B) अभिव्यक्ति, (C) विश्लेषण, (D) प्रयोग करना।
- A, B और C
- केवल A और C
- केवल A और B
- केवल D
उत्तर: A, B और C
व्याख्या: चित्रों को देखकर बच्चे वस्तुओं का अवलोकन करते हैं, अपने विचार व्यक्त करते हैं और उनमें छुपे संबंधों का विश्लेषण करते हैं।
प्रश्न 77: मूल्यांकन के उपकरण के रूप में 'रेटिंग स्केल' (Rating Scale) में किस तकनीक का प्रयोग किया जाता है?
- अवलोकन (Observation)
- जाँच सूची (Checklist)
- दत्तकार्य (Assignments)
- लिखित परीक्षा
उत्तर: अवलोकन (Observation)
व्याख्या: रेटिंग स्केल में शिक्षक बच्चे के व्यवहार, कौशल या कार्य के गुणात्मक स्तर का 'प्रत्यक्ष अवलोकन' (Observation) करके रेटिंग प्रदान करता है।
प्रश्न 78: पूर्वोत्तर भारत में प्रचलित 'झूम खेती' (शिफ्टिंग कल्टीवेशन) की मुख्य विशेषता क्या है?
- एक फसल काटने के बाद जमीन को कुछ वर्षों के लिए खाली छोड़ दिया जाता है
- बांस और खरपतवार को उखाड़कर दूसरी जगह फेंकते हैं
- जमीन की गहरी जुताई की जाती है
- रासायनिक खादों का भारी उपयोग होता है
उत्तर: एक फसल काटने के बाद जमीन को कुछ वर्षों के लिए खाली छोड़ दिया जाता है
व्याख्या: झूम खेती में फसल काटने के बाद खेत को कई वर्षों तक परती छोड़ दिया जाता है और वहां उगे बांस-खरपतवार को काटकर वहीं जलाकर राख को उर्वरक बनाया जाता है।
प्रश्न 79: पत्थर, मिट्टी, लकड़ी और चूने से बने दो मंजिला घर, जहाँ निचली मंजिल पर जानवरों और सामान को रखा जाता है तथा छतें समतल होती हैं, किस क्षेत्र की पहचान हैं?
- मेघालय
- हिमाचल प्रदेश
- लेह-लद्दाख (जम्मू और कश्मीर)
- अरुणाचल प्रदेश
उत्तर: लेह-लद्दाख (जम्मू और कश्मीर)
व्याख्या: लेह और लद्दाख के शीत मरुस्थल में अत्यधिक ठंड और बर्फबारी से बचने के लिए पत्थरों को काटकर दो मंजिला मकान बनाए जाते हैं जिनकी छतें समतल होती हैं।
प्रश्न 80: आमतौर पर यह देखा गया है कि रात्रिचर जीव (रात में जागने वाले जानवर जैसे उल्लू) वस्तुओं को केवल किन रंगों में देख पाते हैं?
- हरा और पीला
- नारंगी और लाल
- काला और सफेद (Black and White)
- बैंगनी और नीला
उत्तर: काला और सफेद (Black and White)
व्याख्या: रात में सक्रिय रहने वाले जीवों की आंखों की रेटिना में रॉड कोशिकाएं अधिक होती हैं, जिससे वे केवल काले और सफेद रंगों में ही भेद कर पाते हैं।
प्रश्न 81: केंचुओं को किसानों का सच्चा मित्र क्यों माना जाता है? (A) वे मृत पत्तियों को खाकर मल से भूमि उपजाऊ बनाते हैं, (B) वे फसल की रक्षा करते हैं, (C) वे जमीन में सुरंग बनाते हैं जिससे मिट्टी पोली होती है, (D) सुरंगों से हवा और पानी आसानी से जड़ों तक पहुँचता है।
- B, C और D
- C, D और A
- केवल A और C
- A, B और C
उत्तर: C, D और A
व्याख्या: केंचुए मिट्टी को खाकर उसे भुरभुरी और हवादार बनाते हैं तथा उनकी विष्ठा (वर्मीकम्पोस्ट) मिट्टी की उर्वरा शक्ति को कई गुना बढ़ा देती है।
प्रश्न 82: प्राचीन काल से उपयोग किए जाने वाले 'कांसा' (Bronze) धातु मिश्रधातु के मुख्य घटक क्या हैं?
- पीतल और तांबा
- तांबा, जस्ता और एल्युमिनियम
- तांबा (Copper) और टिन (Tin)
- एल्युमिनियम और लोहा
उत्तर: तांबा (Copper) और टिन (Tin)
व्याख्या: कांसा (Bronze) तांबे (Cu - लगभग 88-90%) और टिन (Sn - लगभग 10-12%) की एक अत्यंत मजबूत मिश्रधातु है।
प्रश्न 83: नारियल की तरी वाली करी के साथ उबला हुआ 'टैपियोका' (कप्पा / साबूदाना का मूल कंद) किस भारतीय राज्य के लोगों का प्रिय भोजन है?
- पश्चिम बंगाल
- बिहार
- तमिलनाडु
- केरल
उत्तर: केरल
व्याख्या: टैपियोका (कसावा कंद) और नारियल केरल के तटीय क्षेत्रों में बहुतायत में उगाए जाते हैं और वहां के पारंपरिक मुख्य आहार का हिस्सा हैं।
प्रश्न 84: निम्नलिखित में से कौन-सा त्योहारों का समूह केवल 'पूर्णिमा' (Full Moon Day) के दिन ही मनाया जाता है?
- होली, महाशिवरात्रि, बुद्ध जयंती
- होली, रक्षाबंधन, गुरुनानक जन्म दिवस
- दिवाली, महाशिवरात्रि, गुरुनानक जयंती
- दिवाली, रक्षाबंधन, होली
उत्तर: होली, रक्षाबंधन, गुरुनानक जन्म दिवस
व्याख्या: होली (फाल्गुन पूर्णिमा), रक्षाबंधन (श्रावण पूर्णिमा) और गुरुनानक जयंती (कार्तिक पूर्णिमा) को मनाई जाती है, जबकि दिवाली कार्तिक अमावस्या को होती है।
प्रश्न 85: भारत के पश्चिमी समुद्र तट (अरब सागर) पर स्थित राज्यों का सही समूह कौन-सा है?
- आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, ओडिशा
- केरल, कर्नाटक, पश्चिम बंगाल
- तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक
- कर्नाटक, केरल, गुजरात
उत्तर: कर्नाटक, केरल, गुजरात
व्याख्या: गुजरात, महाराष्ट्र, गोवा, कर्नाटक और केरल राज्य भारत के पश्चिमी तट पर स्थित हैं जिनकी सीमा अरब सागर को स्पर्श करती है।
प्रश्न 86: भारत के राजनीतिक मानचित्र पर 'झारखंड' राज्य की भौगोलिक स्थिति ओडिशा के सापेक्ष कहाँ है?
- पश्चिम बंगाल के पूर्व में
- ओडिशा के ठीक उत्तर में
- छत्तीसगढ़ के दक्षिण-पूर्व में
- उत्तर प्रदेश के पश्चिम में
उत्तर: ओडिशा के ठीक उत्तर में
व्याख्या: भौगोलिक दृष्टि से झारखंड राज्य ओडिशा के उत्तर में, बिहार के दक्षिण में, पश्चिम बंगाल के पश्चिम में और छत्तीसगढ़ के उत्तर-पूर्व में स्थित है।
प्रश्न 87: निम्नलिखित ईंधनों एवं पदार्थों में से क्या पेट्रोलियम (कच्चे तेल) के प्रभाजी आसवन से प्राप्त नहीं होता है?
- मोम (Paraffin Wax)
- ग्रीस एवं स्नेहक तेल
- कोयला (Coal)
- डीजल एवं पेट्रोल
उत्तर: कोयला (Coal)
व्याख्या: कोयला एक ठोस जीवाश्म ईंधन है जो भूमिगत वनस्पति अवशेषों के दबने से बनता है, जबकि मोम, ग्रीस, डीजल, पेट्रोल और केरोसिन पेट्रोलियम के शोधन से मिलते हैं।
प्रश्न 88: एक रेलगाड़ी 30 जून 2019 को 09:45 बजे मडगाँव से चलकर 1 जुलाई को 07:15 बजे नागरकोइल (दूरी 1140 km) पहुँची। गाड़ी की औसत चाल क्या थी?
- 53 km/h
- 54.5 km/h
- 57 km/h
- 51.5 km/h
उत्तर: 53 km/h
व्याख्या: कुल समय = 14 घंटे 15 मिनट (30 जून) + 7 घंटे 15 मिनट (1 जुलाई) = 21.5 घंटे। औसत चाल = दूरी / समय = 1140 / 21.5 = 53 km/h।
प्रश्न 89: पूर्वोत्तर राज्यों (जैसे मिजोरम) में ग्राम सभा द्वारा भूमि आवंटन के संदर्भ में 'एक टिन भूमि' का वास्तविक अर्थ क्या है?
- वह भूमि जिस पर किसान एक टिन बीज बोता है
- वह भूमि जिससे एक टिन अनाज पैदा होता है
- 100 वर्ग मीटर क्षेत्रफल वाली भूमि
- सरकारी कृषि फार्म की मानक इकाई
उत्तर: वह भूमि जिस पर किसान एक टिन बीज बोता है
व्याख्या: एक टिन जमीन' उस भूमि क्षेत्र को कहा जाता है जितने क्षेत्र में एक टिन डिब्बे में भरे हुए बीजों को बोया जा सकता है।
प्रश्न 90: यदि आपका विद्यालय Y आपके घर X के सापेक्ष उत्तर-पश्चिम में है, तो विद्यालय Y के सापेक्ष आपके घर X की सही दिशा क्या होगी?
- ठीक दक्षिण
- ठीक पूर्व
- दक्षिण-पूर्व (South-East)
- उत्तर-पश्चिम
उत्तर: दक्षिण-पूर्व (South-East)
व्याख्या: दिशा परीक्षण के अनुसार X से Y की दिशा उत्तर-पश्चिम (North-West) होने पर, Y से X की विपरीत दिशा ठीक दक्षिण-पूर्व (South-East) होगी।
प्रश्न 91: वाक्य 'ऐसे विचार (क) सज्जन मनुष्यों के (ख) अंतर्मन में (ग) सदा उठते रहे हैं (घ)' में अशुद्धि वाला भाग कौन-सा है?
- (ख)
- (ग)
- (घ)
- (क)
उत्तर: (ख)
व्याख्या: सज्जन' का अर्थ ही 'सत् जन' (सज्जन व्यक्ति) होता है, अतः 'सज्जन' के साथ 'मनुष्यों' शब्द का प्रयोग पुनरुक्ति दोष (अनावश्यक शब्द प्रयोग) है।
प्रश्न 92: निम्नलिखित में से रचना व व्याकरण की दृष्टि से शेष तीन शब्दों से भिन्न शब्द पहचानिए:
- सद्गति
- सत्कर्म
- सत्यवादी
- सद्गुण
उत्तर: सत्यवादी
व्याख्या: सद्गति, सत्कर्म और सद्गुण संज्ञा शब्द हैं, जबकि 'सत्यवादी' गुणवाचक विशेषण पद है जो किसी व्यक्ति की विशेषता प्रकट करता है।
प्रश्न 93: गद्यांश के आधार पर 'निःस्वार्थ' शब्द का सर्वाधिक उपयुक्त विपरीतार्थक (विलोम) शब्द क्या होगा?
- स्वार्थी
- परार्थी
- परोपकारी
- निःस्वार्थी
उत्तर: स्वार्थी
व्याख्या: निःस्वार्थ' (बिना स्वार्थ के कार्य करने वाला) का सही विलोम शब्द 'स्वार्थी' (अपने स्वार्थ में लगा रहने वाला) होता है।
प्रश्न 94: आध्यात्मिकता' शब्द की सही संरचना किन उपसर्ग और प्रत्ययों के मेल से हुई है?
- आधि, इक्, ता
- आध्य्, क, ता
- आ, इ्, कता
- अधि, इक्, ता
उत्तर: अधि, इक्, ता
व्याख्या: आध्यात्मिकता = अधि (उपसर्ग) + आत्म (मूल शब्द) + इक (तद्धित प्रत्यय) + ता (भाववाचक प्रत्यय)।
प्रश्न 95: गद्यांश के अनुसार समाज में किस प्रकार के परोपकारी लोग सदैव पूजनीय और अमर रहते हैं?
- सेवक वृत्ति अपनाकर परहित करने वाले
- धरती पर दीर्घायु रहने वाले
- आनंदमय विलासी जीवन जीने वाले
- अमूल्य भौतिक संपदा जुटाने वाले
उत्तर: सेवक वृत्ति अपनाकर परहित करने वाले
व्याख्या: निःस्वार्थ भाव से समाज सेवा और परोपकार करने वाले लोग मृत्यु के उपरांत भी अपने सत्कर्मों के कारण युगों-युगों तक पूजे जाते हैं।
प्रश्न 96: गद्यांश में मानव जीवन के संदर्भ में 'कठोर सत्य' किसे कहा गया है?
- भौतिक संसार की तुच्छता को
- भौतिक शरीर की नश्वरता को
- भावनाओं पर नियंत्रण न कर पाने को
- सगे-संबंधियों के अस्थायी प्रेम को
उत्तर: भौतिक शरीर की नश्वरता को
व्याख्या: मानव का भौतिक शरीर नश्वर (क्षणभंगुर) है और सांसारिक जीवन की एक निश्चित सीमित अवधि है, यही प्रकृति का कठोर सत्य है।
प्रश्न 97: मन की दुर्बल और संकीर्ण भावनाओं पर विजय प्राप्त करने के लिए लेखक ने क्या उपाय बताया है?
- सत्कर्मों द्वारा अपना नाम अमर कर लेना
- सदा जीवित रहने की योजना बनाना
- दुनिया के कार्यों से विरक्त हो जाना
- भावनाओं को पूरी तरह दबा देना
उत्तर: सत्कर्मों द्वारा अपना नाम अमर कर लेना
व्याख्या: परोपकार, त्याग और सद्गुणों का प्रकाश फैलाकर अमरत्व प्राप्त करना ही आंतरिक दुर्बल भावनाओं पर विजय पाने का श्रेष्ठ मार्ग है।
प्रश्न 98: हमारा सांसारिक जीवन दूसरों के लिए प्रेरणादायक बन सकता है, यदि हम:
- निःस्वार्थ भाव से परोपकार व परसेवा करें
- केवल सेवक प्रवृत्ति का उपदेश दें
- दूसरों से सेवा प्राप्त करें
- भौतिक सुख-सुविधाओं का संचय करें
उत्तर: निःस्वार्थ भाव से परोपकार व परसेवा करें
व्याख्या: निःस्वार्थ भाव से किया गया परहित और लोक-कल्याण ही मानव जीवन को समाज के लिए चिरस्थायी प्रेरणास्रोत बनाता है।
प्रश्न 99: गद्यांश के अनुसार वास्तविक धर्म के आचरण का मूल उद्देश्य क्या है?
- अपने धर्म का प्रचार-प्रसार करना
- औपचारिक पूजा-पाठ करना
- सत्कर्मों और सद्गुणों की ज्योति फैलाना
- केवल कर्मकांडों में आस्था रखना
उत्तर: सत्कर्मों और सद्गुणों की ज्योति फैलाना
व्याख्या: सच्चे धर्म और अध्यात्म का मूल उद्देश्य समाज में परोपकार, सत्य, करुणा और सद्गुणों का विस्तार करना है।
प्रश्न 100: काव्यांश के अनुसार 'सदियों से कुचले लाखों तूफ़ान हमने पद तल से' पंक्ति में 'तूफ़ान' शब्द किसका प्रतीक है?
- विभिन्न कठिनाइयों एवं आपदाओं का
- विदेशी आक्रमणों का
- आपसी लड़ाइयों का
- प्राकृतिक आंधियों का
उत्तर: विभिन्न कठिनाइयों एवं आपदाओं का
व्याख्या: काव्य संदर्भ में 'तूफान' शब्द देशवासियों द्वारा झेली गई ऐतिहासिक विपत्तियों, संघर्षों और राष्ट्रीय कठिनाइयों का द्योतक है।
प्रश्न 101: कविता की पंक्ति 'अंडमन से कश्मीर भले ही दूर दिखाई दे कितना' में भारत के इन क्षेत्रों को क्या माना गया है?
- भौगोलिक रूप से दूरस्थ छोर
- बलिदानी राज्य
- क्रांतिकारी राज्य
- निकटवर्ती प्रदेश
उत्तर: भौगोलिक रूप से दूरस्थ छोर
व्याख्या: अंडमान और कश्मीर भारत के सुदूर भौगोलिक छोर हैं, जो दूरी के बावजूद सांस्कृतिक रूप से अखंड भारत के अभिन्न अंग हैं।
प्रश्न 102: जिस ओर बढ़ाए पग हमने, हो गई उधर भू नव मंगल' पंक्ति का सही भावार्थ क्या है?
- भारतीयों के कदम बढ़ाने से सर्वत्र शुभ और कल्याण होता है
- वहाँ शांति स्थापित हो जाती है
- देश पूरी तरह स्वतंत्र हो जाता है
- वहाँ क्रांति का सूत्रपात होता है
उत्तर: देश पूरी तरह स्वतंत्र हो जाता है
व्याख्या: नव मंगल' का तात्पर्य सर्वत्र नवीन शुभता, मंगलमय वातावरण और कल्याणकारी विकास से है।
प्रश्न 103: निम्नलिखित शब्दों में से कौन-सा शब्द 'पैर' (पांव) का पर्यायवाची या समानार्थी नहीं है?
- पग
- पद
- चरण
- नव
उत्तर: नव
व्याख्या: पग, पद और चरण पैर के पर्यायवाची हैं, जबकि 'नव' का अर्थ नया (नवीन) या आकाश होता है।
प्रश्न 104: कवि के अनुसार समस्त विविधताओं (खान-पान, वेशभूषा, भाषा) के बावजूद हम सब एक हैं, क्योंकि सर्वप्रथम हम:
- हिन्दुस्तानी (भारतीय) हैं
- वीर-बहादुर नागरिक हैं
- स्वतंत्र प्राणी हैं
- स्वाभिमानी हैं
उत्तर: हिन्दुस्तानी (भारतीय) हैं
व्याख्या: भारतीय संस्कृति में क्षेत्रीय विविधताओं से ऊपर उठकर साझा राष्ट्रीय पहचान (हिन्दुस्तानी होना) सर्वोपरि एकता का आधार है।
प्रश्न 105: समास और शब्द-युग्म की संरचना की दृष्टि से निम्नलिखित में से भिन्न पद कौन-सा है?
- रहन-सहन
- खान-पान
- मिलना-जुलना
- अपनी-अपनी
उत्तर: अपनी-अपनी
व्याख्या: रहन-सहन, खान-पान और मिलना-जुलना द्वंद्व समास के उदाहरण हैं, जबकि 'अपनी-अपनी' पुनरुक्त शब्द युग्म है।
प्रश्न 106: प्राथमिक स्तर पर विद्यार्थियों की भाषाई क्षमता और विकास के सतत आकलन में आप सर्वाधिक महत्व किसे देंगे?
- जाँच सूची (Checklist)
- प्रश्नावली
- पोर्टफोलियो (Portfolio)
- सत्रांत लिखित परीक्षा
उत्तर: पोर्टफोलियो (Portfolio)
व्याख्या: पोर्टफोलियो में बच्चे के भाषाई विकास, कार्यपत्रकों, मौलिक रचनाओं और प्रगति का क्रमिक व प्रामाणिक रिकॉर्ड सुरक्षित रहता है।
प्रश्न 107: भाषा में 'पढ़ने' (Reading) की प्रक्रिया में निम्नलिखित में से सर्वाधिक महत्वपूर्ण घटक क्या है?
- लिखित सामग्री का अर्थ ग्रहण करना
- तीव्र गति से पढ़ना
- धाराप्रवाह उच्चारण
- अक्षरों की सटीक पहचान
उत्तर: लिखित सामग्री का अर्थ ग्रहण करना
व्याख्या: पठन का वास्तविक उद्देश्य केवल वर्णों का वाचन करना नहीं बल्कि पाठ्य सामग्री के अंतर्निहित 'भाव और अर्थ' को समझना है।
प्रश्न 108: प्राथमिक कक्षा के बच्चों में लेखन कौशल का विकास करते समय सबसे महत्वपूर्ण पक्ष क्या होना चाहिए?
- सुंदर एवं सुडौल लिखावट
- वर्तनी की पूर्ण शुद्धता
- काव्यात्मक भाषा शैली
- विचारों की सहज व मौलिक अभिव्यक्ति
उत्तर: विचारों की सहज व मौलिक अभिव्यक्ति
व्याख्या: लेखन कौशल में सबसे महत्वपूर्ण यह है कि बच्चा अपने विचारों, अनुभवों और कल्पनाओं को बिना किसी भय के सहजता से व्यक्त कर सके।
प्रश्न 109: प्राथमिक स्तर की भाषा पाठ्यपुस्तक के निर्माण में सर्वाधिक महत्वपूर्ण बिंदु क्या होना चाहिए?
- प्रसिद्ध लेखकों की रचनाएं
- भाषा की विविध रंगतें और विधाएं
- गद्य साहित्य की प्रचुरता
- केवल नैतिक उपदेश
उत्तर: भाषा की विविध रंगतें और विधाएं
व्याख्या: प्राथमिक पाठ्यपुस्तकों में कविता, कहानी, नाटक और लोककथा जैसी विविध भाषाई रंगतें होनी चाहिए जो समृद्ध परिवेश प्रदान करें।
प्रश्न 110: बहुभाषिक कक्षा (Multilingual Classroom) में बच्चों द्वारा अपनी मातृभाषा के प्रयोग को:
- सहर्ष स्वीकार किया जाना चाहिए
- अनदेखा किया जाना चाहिए
- कक्षा में हतोत्साहित करना चाहिए
- पूरी तरह प्रतिबंधित करना चाहिए
उत्तर: सहर्ष स्वीकार किया जाना चाहिए
व्याख्या: NCF 2005 के अनुसार बच्चे की मातृभाषा उसके संज्ञानात्मक विकास का आधार और कक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण शिक्षण संसाधन है।
प्रश्न 111: बच्चों में भाषा सीखने-सिखाने की प्रक्रिया में सबसे निर्णायक और प्रभावशाली कारक क्या होता है?
- शिक्षक का व्याकरण ज्ञान
- समृद्ध भाषाई परिवेश
- दृश्य-श्रव्य सामग्री
- माता-पिता की साक्षरता
उत्तर: समृद्ध भाषाई परिवेश
व्याख्या: भाषा सहज अंतःक्रिया और अभ्यास से सीखी जाती है, अतः समृद्ध, मुद्रित और जीवंत भाषाई परिवेश सबसे अधिक सहायक होता है।
प्रश्न 112: भाषा-कौशलों (LSRW) के विकास के संदर्भ में कौन-सा कथन त्रुटिपूर्ण है?
- भाषा-कौशल परस्पर अंतःसंबंधित होते हैं
- भाषा-कौशल एक-दूसरे को प्रभावित करते हैं
- भाषा-कौशल केवल एक निश्चित कठोर क्रम में ही सीखे जाते हैं
- कौशलों का विकास एकीकृत रूप में होता है
उत्तर: भाषा-कौशल केवल एक निश्चित कठोर क्रम में ही सीखे जाते हैं
व्याख्या: भाषा के चारों कौशल (सुनना, बोलना, पढ़ना, लिखना) एकाकी या पृथक क्रम में नहीं बल्कि एक-दूसरे से जुड़कर एकीकृत रूप में विकसित होते हैं।
प्रश्न 113: बच्चों द्वारा भाषा प्रयोग के दौरान की जाने वाली स्वाभाविक त्रुटियों के बारे में कौन-सा कथन अनुचित है?
- त्रुटियों का अर्थ भाषा की पूर्ण अज्ञानता है
- त्रुटियाँ सीखने की प्रक्रिया का स्वाभाविक पड़ाव हैं
- त्रुटियाँ बच्चों के सीखने के मार्ग को स्पष्ट करती हैं
- त्रुटियाँ बच्चों की संज्ञानात्मक सोच दर्शाती हैं
उत्तर: त्रुटियों का अर्थ भाषा की पूर्ण अज्ञानता है
व्याख्या: त्रुटियां अज्ञानता का सूचक नहीं हैं, बल्कि यह दर्शाती हैं कि बच्चा भाषा के नियमों का परीक्षण और सामान्यीकरण कर रहा है।
प्रश्न 114: प्राथमिक स्तर पर बच्चों की भाषा प्रयोग क्षमता का आकलन करने के लिए कौन-सा प्रश्न सबसे प्रभावी और खुला (Open-ended) होगा?
- ईदगाह' कहानी को अपने शब्दों में सुनाइए
- ईदगाह' कहानी में हामिद ने क्या खरीदा?
- ईदगाह' कहानी के मुख्य पात्र कौन थे?
- हामिद की दादी का नाम क्या था?
उत्तर: ईदगाह' कहानी को अपने शब्दों में सुनाइए
व्याख्या: कहानी को अपने शब्दों में सुनाने से बच्चे की मौलिक कल्पना, भाषा संरचना, शब्द चयन और समझ का व्यापक आकलन होता है।
प्रश्न 115: नोआम चॉम्स्की के भाषाई सिद्धांत के अनुसार बच्चों में भाषा सीखने की क्षमता कैसी होती है?
- वातावरण से अनुकरणीय
- पूर्णतः अनुपस्थित
- जन्मजात एवं सार्वभौमिक
- केवल औपचारिक प्रशिक्षण से अर्जित
उत्तर: जन्मजात एवं सार्वभौमिक
व्याख्या: चॉम्स्की का मानना है कि मानव शिशुओं में भाषा अर्जन तंत्र (LAD) जन्मजात रूप से विद्यमान होता है जिससे वे व्याकरण नियम स्वतः समझ लेते हैं।
प्रश्न 116: प्राथमिक स्तर पर बच्चों द्वारा स्वाभाविक रूप से भाषा सीखने में निम्नलिखित में से सर्वाधिक महत्वपूर्ण क्या है?
- शुद्ध मानक उच्चारण
- परस्पर बातचीत एवं संप्रेषण
- सुलेख लिखना
- कठिन व्याकरण कंठस्थ करना
उत्तर: परस्पर बातचीत एवं संप्रेषण
व्याख्या: दैनिक जीवन में अर्थपूर्ण संवाद और बातचीत करने से बच्चों की अभिव्यक्ति क्षमता और शब्दावली का सबसे तेज विकास होता है।
प्रश्न 117: प्राथमिक स्तर पर भाषा शिक्षण का सर्वोपरि और मूल उद्देश्य क्या है?
- विभिन्न संदर्भों में भाषा का प्रभावी एवं सार्थक प्रयोग करना
- साहित्यकार बनाना
- क्लिष्ट आलंकारिक भाषा सिखाना
- केवल वर्णमाला याद कराना
उत्तर: विभिन्न संदर्भों में भाषा का प्रभावी एवं सार्थक प्रयोग करना
व्याख्या: प्राथमिक भाषा शिक्षण का उद्देश्य बालक को अपने दैनिक जीवन की विभिन्न परिस्थितियों में अपनी बात प्रभावी ढंग से कहने और समझने योग्य बनाना है।
प्रश्न 118: बच्चे वयस्कों एवं समाज के साथ सामाजिक अंतःक्रिया द्वारा भाषा सीखते हैं' यह प्रसिद्ध विचार किसका है?
- जीन पियाजे
- बी.एफ. स्किनर
- इवान पावलॉव
- लेव वाइगोत्स्की
उत्तर: लेव वाइगोत्स्की
व्याख्या: वाइगोत्स्की ने प्रतिपादित किया कि बालक भाषा का विकास सामाजिक संवाद, विचार-विमर्श और वयस्कों की मदद (Scaffolding) से करता है।
प्रश्न 119: प्राथमिक स्तर के शिक्षार्थियों के भाषा-विकास में सर्वाधिक उपयोगी और प्रेरक सामग्री कौन-सी मानी जाती है?
- दैनिक समाचार-पत्र
- सचित्र एवं बाल-रुचिकर बाल साहित्य
- साहित्यिक पत्रिकाएं
- कठिन अभ्यास पुस्तिकाएं
उत्तर: सचित्र एवं बाल-रुचिकर बाल साहित्य
व्याख्या: रंगीन चित्रों, रोचक प्रसंगों और सरल भाषा से युक्त बाल साहित्य बच्चों में पठन के प्रति स्वाभाविक रुचि और भाषाई कल्पनाशीलता जगाता है।
प्रश्न 120: भाषा अर्जन (Language Acquisition) और भाषा अधिगम (Language Learning) के बीच मुख्य अंतर का आधार क्या है?
- सहज एवं प्राकृतिक भाषाई परिवेश
- परीक्षा प्रणाली
- साक्षरता का स्तर
- पाठ्यपुस्तक की उपलब्धता
उत्तर: सहज एवं प्राकृतिक भाषाई परिवेश
व्याख्या: भाषा अर्जन अनौपचारिक परिवेश में स्वाभाविक रूप से होता है, जबकि भाषा अधिगम औपचारिक कक्षा और नियमों के माध्यम से सप्रयास होता है।
प्रश्न 121: गद्यांश के अनुसार जीवन के साथ सितार की तुलना किस कारण की गई है?
- सितार बजाने की भाँति जीने का भी एक सलीका और अनुशासन होता है
- जीवन स्वतः सुरीला होता है
- यह तुलना सर्वथा असंगत है
- जीवन को सदैव संगीतमय होना चाहिए
उत्तर: सितार बजाने की भाँति जीने का भी एक सलीका और अनुशासन होता है
व्याख्या: जिस प्रकार सितार पर सही नियम व आघात से मधुर राग निकलता है, उसी प्रकार अनुशासन और सद्गुणों से मानव जीवन सार्थक बनता है।
प्रश्न 122: हम जैसा करते हैं वैसा ही फल पाते हैं' इस शाश्वत नियम को समझाने के लिए लेखक ने किसका दृष्टांत दिया है?
- तीव्र आघात का
- घाटी में गूंजती प्रतिध्वनि का
- संगीतमय अनुशासन का
- सितार के तारों का
उत्तर: घाटी में गूंजती प्रतिध्वनि का
व्याख्या: लेखक ने वादी में बोले गए शब्दों की प्रतिध्वनि का उदाहरण दिया है कि हम जैसा बोलते हैं, वही गूंज लौटकर हमारे पास आती है।
प्रश्न 123: प्रत्यय की संरचना की दृष्टि से निम्नलिखित में से भिन्न शब्द कौन-सा है?
- निकलता
- सार्थकता
- कठोरता
- कोमलता
उत्तर: निकलता
व्याख्या: सार्थकता, कठोरता और कोमलता में भाववाचक तद्धित प्रत्यय 'ता' है, जबकि 'निकलता' क्रिया पद के साथ वर्तमानकालिक कृदंत प्रत्यय है।
प्रश्न 124: वाक्य 'यदि कोई अच्छा शब्द या वाक्य बोलते हैं तो...' की सही कर्मवाच्य (Passive Voice) रचना क्या होगी?
- यदि कोई अच्छा शब्द या वाक्य बोला जाए तो
- यदि कोई अच्छा शब्द या वाक्य बोलेंगे तो
- यदि कोई अच्छा शब्द या वाक्य बोलते रहेंगे तो
- यदि कोई अच्छा शब्द या वाक्य बोलें तो
उत्तर: यदि कोई अच्छा शब्द या वाक्य बोला जाए तो
व्याख्या: कर्मवाच्य में कर्ता गौण होता है और क्रिया कर्म के लिंग व वचन के अनुसार 'बोला जाए' रूप ग्रहण करती है।
प्रश्न 125: घृणास्पद' शब्द का सही और शुद्ध संधि-विच्छेद निम्नलिखित में से क्या होगा?
- घृणा + स्पद
- घृणा + आस्पद
- घृणा + पद
- घृणाः + पद
उत्तर: घृणा + आस्पद
व्याख्या: घृणा + आस्पद = घृणास्पद (दीर्घ स्वर संधि: आ + आ = आ)।
प्रश्न 126: प्रसिद्ध साहित्यकार गोपालदास 'नीरज' के व्यक्तित्व के लिए कौन-सा विशेषण उपयुक्त नहीं है?
- रचनाकार
- कवि
- गीतकार
- संगीतकार (Music Director)
उत्तर: संगीतकार (Music Director)
व्याख्या: गोपालदास 'नीरज' प्रख्यात कवि, गीतकार और साहित्यकार थे, वे संगीतकार (धुन बनाने वाले) नहीं थे।
प्रश्न 127: गद्यांश के अनुसार एक ही वाद्ययंत्र से कोमल अथवा कठोर ध्वनि का निकलना किस कारक पर निर्भर करता है?
- श्रोता की मानसिक रुचि पर
- किए गए हलके या तेज आघात पर
- वाद्ययंत्र के निर्माण पर
- बजाने वाले की कला पर
उत्तर: किए गए हलके या तेज आघात पर
व्याख्या: गद्यांश में स्पष्ट है कि वाद्ययंत्र पर जैसा आघात (कोमल या कठोर) किया जाता है, वैसी ही ध्वनि उत्पन्न होती है।
प्रश्न 128: कर्णप्रिय' सामासिक पद का सही विग्रह और अर्थ क्या है?
- कानों को प्रिय लगने वाली ध्वनि
- कानों से प्रिय
- कानों पर प्रिय
- कानों में प्रिय
उत्तर: कानों को प्रिय लगने वाली ध्वनि
व्याख्या: कर्णप्रिय' का अर्थ 'कानों को प्रिय' (सुहावनी/मधुर) ध्वनि होता है, जो कर्म तत्पुरुष समास का उदाहरण है।
प्रश्न 129: गद्यांश के अनुसार वास्तविक त्याग के योग्य उच्च व्यक्तित्व प्राप्त करने के लिए क्या अनिवार्य है?
- साधारण धार्मिक पात्रता
- पारंपरिक औपचारिकताएं
- केवल सद्गुणों की मौखिक चर्चा
- असाधारण वैचारिक व साधनापरक रचनात्मकता
उत्तर: असाधारण वैचारिक व साधनापरक रचनात्मकता
व्याख्या: समस्त जीवों के कल्याण हेतु त्याग का भाव विकसित करने के लिए असाधारण वैचारिक रचनात्मकता, योग और साधना आवश्यक है।
प्रश्न 130: आध्यात्मिक अनुभवों से लैस होना होगा' वाक्य में रेखांकित शब्द 'लैस' का सटीक पर्यायवाची क्या है?
- परिपूर्ण
- रिक्त
- सतर्क
- सुसज्जित (युक्त)
उत्तर: सुसज्जित (युक्त)
व्याख्या: लैस होना' एक मुहावरेदार प्रयोग है जिसका अर्थ किसी गुण, साधन या अनुभव से 'सुसज्जित' या युक्त होना होता है।
प्रश्न 131: आध्यात्मिक' शब्द की रचना किस मूल उपसर्ग की सहायता से संपन्न हुई है?
- अधि
- आधि
- आध्य
- अ
उत्तर: अधि
व्याख्या: अधि (उपसर्ग) + आत्म (मूल शब्द) + इक (प्रत्यय) के योग से 'आध्यात्मिक' शब्द निष्पन्न होता है।
प्रश्न 132: शब्द-रचना की दृष्टि से निम्नलिखित चार विकल्पों में से भिन्न शब्द को पृथक कीजिए:
- वैचारिक
- बौद्धिक
- वास्तविक
- मालिक
उत्तर: मालिक
व्याख्या: वैचारिक, बौद्धिक और वास्तविक में 'इक' विशेषण प्रत्यय जुड़ा है, जबकि 'मालिक' मूल अरबी संज्ञा पद है।
प्रश्न 133: मानव शरीर को दार्शनिक दृष्टि से 'नश्वर' क्यों कहा गया है?
- क्योंकि यह अल्पायु होता है
- क्योंकि यह नाशवान और क्षणभंगुर है
- क्योंकि यह आकार में छोटा है
- क्योंकि यह कमजोर है
उत्तर: क्योंकि यह नाशवान और क्षणभंगुर है
व्याख्या: नश्वर' का वास्तविक अर्थ है जिसका विनाश निश्चित हो अर्थात भौतिक देह नाशवान है।
प्रश्न 134: गद्यांश के अनुसार भावी पीढ़ियाँ और समाज हमें मृत्यु के उपरांत भी कब याद रखेगा?
- जब हम केवल सांसारिक ज्ञान अर्जित करेंगे
- जब हम निःस्वार्थ भाव से जीव सेवा और परोपकार करेंगे
- जब हम आर्थिक उन्नति करेंगे
- जब हम भौतिक संपदा छोड़ेंगे
उत्तर: जब हम निःस्वार्थ भाव से जीव सेवा और परोपकार करेंगे
व्याख्या: निःस्वार्थ भाव से की गई मानव सेवा और परोपकार ही व्यक्ति के यश को संसार में अमर बनाते हैं।
प्रश्न 135: प्रस्तुत गद्यांश में मानव जीवन का सर्वश्रेष्ठ और सर्वोच्च उद्देश्य किसे प्रतिपादित किया गया है?
- कठिन शारीरिक तप को
- निःस्वार्थ त्याग और लोक-कल्याण को
- भौतिक रचनात्मकता को
- औपचारिक शिक्षा को
उत्तर: निःस्वार्थ त्याग और लोक-कल्याण को
व्याख्या: गद्यांश का केंद्रीय संदेश है कि जीवन का सर्वोच्च लक्ष्य और सार्थकता दूसरों के हित में किए गए 'त्याग' में है।
प्रश्न 136: भाषा शिक्षण में 'आकलन' (Language Assessment) का प्राथमिक और वास्तविक उद्देश्य क्या है?
- विद्यार्थियों की भाषा-प्रयोग की व्यावहारिक क्षमता का आकलन
- आलंकारिक भाषा ज्ञान की जांच
- साहित्यिक विधाओं के कंठस्थीकरण का आकलन
- जटिल व्याकरण नियमों की परीक्षा
उत्तर: विद्यार्थियों की भाषा-प्रयोग की व्यावहारिक क्षमता का आकलन
व्याख्या: भाषा आकलन का मुख्य प्रयोजन यह जानना है कि बच्चा विभिन्न वास्तविक संदर्भों में भाषा का कितना प्रभावी प्रयोग कर पाता है।
प्रश्न 137: प्राथमिक स्तर पर बच्चों की लेखन क्षमता का मूल्यांकन करते समय सर्वाधिक अधिभार किसे दिया जाना चाहिए?
- सुलेख व सुंदर लिखावट को
- मौलिक विचार तत्व एवं भावों की अभिव्यक्ति को
- कठिन वर्तनी की शुद्धता को
- औपचारिक व्याकरणिक नियमों को
उत्तर: मौलिक विचार तत्व एवं भावों की अभिव्यक्ति को
व्याख्या: लेखन में सबसे मूल्यवान पक्ष यह है कि बालक अपने अनुभवों, विचारों और कल्पनाओं को अर्थपूर्ण ढंग से व्यक्त कर पा रहा है या नहीं।
प्रश्न 138: बच्चे अपनी जन्मजात भाषा अर्जन क्षमता के सहारे परिवेश से भाषा अर्जित करते हैं' यह विचार किस पक्ष को महत्व नहीं देता?
- समृद्ध भाषाई परिवेश को
- भाषा-नियमों के सृजन को
- भाषा-नियमों के विस्तार को
- भाषा के यांत्रिक अनुकरण को
उत्तर: भाषा के यांत्रिक अनुकरण को
व्याख्या: नोआम चॉम्स्की का सिद्धांत मानता है कि भाषा अर्जन जन्मजात नियमों से होता है, न कि केवल बड़ों के अंधानुकरण (Imitation) से।
प्रश्न 139: प्राथमिक स्तर पर आधारभूत भाषाई कौशलों (LSRW) का समग्र विकास करना अपने आप में क्या है?
- साध्य (Ultimate Goal)
- असंभव कार्य
- एक कठिन प्रक्रिया
- केवल अन्य विषयों का साधन
उत्तर: साध्य (Ultimate Goal)
व्याख्या: प्राथमिक शिक्षा में बच्चों को सुनना, बोलना, पढ़ना और लिखना सिखाना ही शिक्षण का प्रमुख 'साध्य' (लक्ष्य) होता है।
प्रश्न 140: प्राथमिक स्तर पर शिक्षार्थियों में सहज मौखिक अभिव्यक्ति का विकास करने हेतु सर्वोत्तम गतिविधि कौन-सी है?
- सुनी हुई कहानी को शब्दशः रटकर दोहराना
- कहानी का चित्र बनाना
- कहानी को चुपचाप लिखना
- सुनी हुई कहानी को अपनी भाषा व शब्दों में बयां करना
उत्तर: सुनी हुई कहानी को अपनी भाषा व शब्दों में बयां करना
व्याख्या: कहानी को अपने शब्दों में सुनाने से बच्चे की मौलिक सोच, शब्दावली और मौखिक संप्रेषण का स्वाभाविक विकास होता है।
प्रश्न 141: कक्षा एक की छात्रा लिखते समय मातृभाषा के स्थानीय शब्दों का प्रयोग करती है। एक संवेदनशील भाषा शिक्षक के रूप में आप क्या करेंगे?
- मातृभाषा के शब्दों पर लाल निशान लगाएंगे
- उन्हें तुरंत मिटाकर मानक शब्द लिखवाएंगे
- मातृभाषा के स्वाभाविक प्रयोग को सहर्ष स्वीकार करेंगे
- बच्ची को डांटकर मना करेंगे
उत्तर: मातृभाषा के स्वाभाविक प्रयोग को सहर्ष स्वीकार करेंगे
व्याख्या: प्राथमिक स्तर पर बहुभाषिकता और मातृभाषा अभिव्यक्ति का स्वाभाविक माध्यम है, जिसे कक्षा में सम्मान मिलना चाहिए।
प्रश्न 142: प्राथमिक स्तर पर बच्चों की स्वाभाविक मौखिक अभिव्यक्ति के संदर्भ में सबसे कम महत्वपूर्ण बिंदु कौन-सा है?
- मानक शुद्ध उच्चारण का कठोर दबाव
- बोलने में आंतरिक आत्मविश्वास
- विचारों की मौलिकता
- अभिव्यक्ति में सहज स्पष्टता
उत्तर: मानक शुद्ध उच्चारण का कठोर दबाव
व्याख्या: प्रारंभिक चरण में आत्मविश्वास और मौलिक विचारों की सहज अभिव्यक्ति प्रमुख है; मानक उच्चारण की कठोरता सबसे कम महत्वपूर्ण है।
प्रश्न 143: प्राथमिक स्तर पर बालक का भाषा-विकास सर्वाधिक रूप से किस प्रमुख कारक पर निर्भर करता है?
- कठोर एवं जटिल परीक्षा प्रणाली पर
- रंगीन पाठ्य-पुस्तकों पर
- समृद्ध और जीवंत भाषिक परिवेश पर
- व्याकरण के नियमों की जानकारी पर
उत्तर: समृद्ध और जीवंत भाषिक परिवेश पर
व्याख्या: प्रिंट-समृद्ध वातावरण, संवाद के भरपूर अवसर और भाषाई परिवेश ही बच्चों के तीव्र भाषा विकास की कुंजी हैं।
प्रश्न 144: किस अधिगम विकार (Learning Disability) से ग्रसित बच्चों को मुख्यतः लिखने में गंभीर कठिनाई का सामना करना पड़ता है?
- डिस्ग्राफिया (Dysgraphia)
- डिस्कैलकुलिया (Dyscalculia)
- अफेजिया (Aphasia)
- डिस्लेक्सिया (Dyslexia)
उत्तर: डिस्ग्राफिया (Dysgraphia)
व्याख्या: डिस्ग्राफिया (Dysgraphia) एक स्नायुतंत्र संबंधी विकार है जो लेखन कौशल, वर्तनी और हाथ-आंख के समन्वय को बाधित करता है।
प्रश्न 145: प्राथमिक स्तर पर भाषा शिक्षण का सबसे व्यापक और सार्थक उद्देश्य क्या है?
- केवल कठिन शब्दों के अर्थ रटाना
- दूसरों के वाक्यों की नकल मात्र करना
- पठन के माध्यम से अर्थ ग्रहण करना, ज्ञानार्जन व आनंद प्राप्त करना
- रचनाकारों के नाम याद कराना
उत्तर: पठन के माध्यम से अर्थ ग्रहण करना, ज्ञानार्जन व आनंद प्राप्त करना
व्याख्या: भाषा शिक्षण का ध्येय बालक को समझ के साथ पढ़ने, ज्ञान का विस्तार करने और साहित्य का आनंद लेने में सक्षम बनाना है।
प्रश्न 146: प्राथमिक स्तर की पाठ्य-पुस्तकों में विषय-वस्तु का फलक ______ होना चाहिए जिसमें ______ के सरोकार झलकते हों।
- विस्तृत, समाज
- सीमित, विद्यालय
- उच्च, परिवार
- कठिन, शिक्षकों
उत्तर: विस्तृत, समाज
व्याख्या: पाठ्यपुस्तकें विस्तृत फलक वाली होनी चाहिए जो समाज की विविधता, संस्कृति, पर्यावरण और मानवीय सरोकारों से जुड़ी हों।
प्रश्न 147: भाषा-वैज्ञानिक (Linguistic) दृष्टिकोण के अनुसार 'भाषा' और 'बोली' में क्या संबंध होता है?
- दोनों में गहरा संरचनात्मक अंतर होता है
- दोनों में केवल आंशिक संबंध होता है
- दोनों में कोई संबंध नहीं होता
- भाषावैज्ञानिक दृष्टि से दोनों में कोई मौलिक अंतर नहीं होता
उत्तर: भाषावैज्ञानिक दृष्टि से दोनों में कोई मौलिक अंतर नहीं होता
व्याख्या: भाषाविज्ञान के अनुसार प्रत्येक बोली की अपनी पूर्ण व्याकरणिक व्यवस्था होती है, अतः सैद्धांतिक रूप से भाषा और बोली में कोई भेद नहीं है।
प्रश्न 148: बहुभाषिकता (Multilingualism) हमारी राष्ट्रीय ______ भी है और हमारी साझी संस्कृति का अभिन्न अंग भी।
- चुनौती
- अस्मिता व पहचान
- समस्या
- विडम्बना
उत्तर: अस्मिता व पहचान
व्याख्या: NCF 2005 रेखांकित करता है कि बहुभाषिकता भारत की अनूठी पहचान (अस्मिता) और समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर का आधार है।
प्रश्न 149: एक 3 वर्षीय बालक से किसी भी ऐसे विषय पर अर्थपूर्ण संवाद स्थापित किया जा सकता है जो उसके ______ दायरे के अंतर्गत आता हो।
- संज्ञानात्मक (Cognitive)
- भौगोलिक
- विद्यालयी
- व्याकरणिक
उत्तर: संज्ञानात्मक (Cognitive)
व्याख्या: बच्चा अपनी मानसिक समझ, पूर्व ज्ञान और संज्ञानात्मक दायरे (Cognitive Domain) में आने वाली बातों पर सहजता से संवाद करता है।
प्रश्न 150: विश्व की सभी भाषाएं थोड़े से फेरबदल से एक ही लिपि में लिखी जा सकती हैं' यह भाषा-वैज्ञानिक कथन:
- आंशिक रूप से सत्य है
- पूर्णतः असत्य है
- पूर्णतः सत्य एवं वैज्ञानिक है
- भ्रामक विचार है
उत्तर: पूर्णतः सत्य एवं वैज्ञानिक है
व्याख्या: ध्वन्यात्मक चिह्नों के समायोजन से किसी भी भाषा (जैसे हिन्दी) को रोमन लिपि में अथवा अंग्रेजी को देवनागरी लिपि में सफलतापूर्वक लिखा जा सकता है।
CTET July 2019 Paper-1 (Set-Q) Full Mock Test (Language-II: Hindi)
📚 इस टेस्ट सीरीज़ में शामिल सभी महत्वपूर्ण अध्याय एवं विषय (Syllabus Roadmap):
- ✓ भाग 1: बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र
- ✓ भाग 2: गणित
- ✓ भाग 3: पर्यावरण अध्ययन
- ✓ भाग 4: भाषा-I हिन्दी
- ✓ भाग 5: भाषा-II हिन्दी
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Er. M. S. (Mentor M. S. Sir)
मैकेनिकल इंजीनियरिंग पृष्ठभूमि, PGDCA और 7+ वर्षों के सघन प्रतियोगी परीक्षा विश्लेषण का अनुभव। वर्तमान में केंद्र सरकार के प्रतिष्ठित उपक्रम में कार्यरत। जटिल सिद्धांतों को वैज्ञानिक तालिकाओं में ढालकर छात्रों तक पहुँचाना ही हमारा लक्ष्य है।
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