श्रुतिसम भिन्नार्थक शब्द / युग्म शब्द (Homophones): 300+ महा-संग्रह, सूक्ष्म अर्थ-भेद व ट्रिक्स
श्रुतिसम भिन्नार्थक: सुनने में समान, अर्थ में सर्वथा भिन्न
मानक परिभाषा: वे शब्द जो सुनने और पढ़ने में लगभग एक जैसे (समान) प्रतीत होते हैं, किंतु उनकी वर्तनी (मात्रा/वर्ण) और अर्थ में गहरा अंतर होता है, उन्हें ‘श्रुतिसम भिन्नार्थक शब्द’ (श्रुति = सुनना, सम = समान, भिन्न = अलग, अर्थक = अर्थ देने वाले / Homophones) या ‘युग्म शब्द’ कहते हैं।
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विषय सूची [X]
- श्रुतिसम भिन्नार्थक शब्द / युग्म शब्द (Homophones): 300+ महा-संग्रह, सूक्ष्म अर्थ-भेद व ट्रिक्स
- 📝श्रुतिसम भिन्नार्थक: सुनने में समान, अर्थ में सर्वथा भिन्न
- 1. सामान्य ‘युग्म शब्द’ और ‘श्रुतिसम भिन्नार्थक’ में अंतर
- ℹ️युग्म शब्द vs श्रुतिसम भिन्नार्थक शब्द
- 2. परीक्षा Trap Alert: अर्थ-भेद उत्पन्न करने वाले 4 मुख्य कारण
- ✅कारण 1: ह्रस्व (छोटी) बनाम दीर्घ (बड़ी) मात्रा का अंतर
- ℹ️कारण 2: श, ष और स (ऊष्म वर्णों) का सूक्ष्म अंतर
- 💡कारण 3: 'ब' बनाम 'व' और 'न' बनाम 'ण' का अंतर
- 🔥कारण 4: नुक्ता (़) और विदेशी ध्वनियों का अंतर
- 3. परीक्षा हॉल विशेष: 20 सर्वाधिक पूछे जाने वाले महा-भ्रामक युग्म
- ✅20 सर्वाधिक महत्वपूर्ण श्रुतिसम भिन्नार्थक युग्म
- 4. श्रुतिसम भिन्नार्थक महा-संग्रह: भाग 1 (‘अ’ से ‘ध’ वर्ग)
- ℹ️मास्टर तालिका: वर्ण 'अ' से 'ध' तक
- 5. श्रुतिसम भिन्नार्थक महा-संग्रह: भाग 2 (‘न’ से ‘ह’ वर्ग)
- 💡मास्टर तालिका: वर्ण 'न' से 'ह' तक
- उच्च-स्तरीय व्याकरण: 3 शब्दों वाले ‘त्रिक-युग्म’ (Triplet Homophones)
- ℹ️3 शब्दों वाले 'त्रिक-युग्म' एवं उनके सूक्ष्म अर्थ
- विशेषज्ञ कॉर्नर: ‘आधि’, ‘व्याधि’ और ‘उपाधि’ का सूक्ष्म अंतर
- 💡💡 आधि vs व्याधि vs उपाधि: मनोवैज्ञानिक व शास्त्रीय अंतर
- परीक्षा हॉल विशेष: 35 अति-कठिन एवं दुर्लभ श्रुतिसम भिन्नार्थक शब्द
- ✅35 अति-दुर्लभ श्रुतिसम भिन्नार्थक शब्द संग्रह
- परीक्षा हॉल क्लासिक: 10 सबसे अधिक पूछे जाने वाले ‘सुपर-ट्रैप’ युग्म
- ✅10 क्लासिक सुपर-ट्रैप शब्द-युग्म
- अंतिम शब्द-कोश: 25 अतिरिक्त उच्च-स्तरीय श्रुतिसम भिन्नार्थक शब्द
- ℹ️25 अतिरिक्त दुर्लभ शब्द-युग्म तालिका
- ज्ञान की परीक्षा: श्रुतिसम भिन्नार्थक All-India PYQ महा-क्विज़
- 🔥🎯 अपना स्कोर आँकें: आपकी तैयारी का स्तर क्या है?
- अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
- विशेषज्ञ निष्कर्ष एवं अगला अध्याय
- ✅अंतिम मार्गदर्शन
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1. सामान्य ‘युग्म शब्द’ और ‘श्रुतिसम भिन्नार्थक’ में अंतर
प्रतियोगी परीक्षाओं में अक्सर अभ्यर्थी इन दोनों संकल्पनाओं में भ्रमित हो जाते हैं:
युग्म शब्द vs श्रुतिसम भिन्नार्थक शब्द
- 1. सामान्य युग्म शब्द (Word Pairs / पुनरुक्त शब्द): बोलचाल में एक साथ आने वाले शब्द जोड़े (जैसे- चाय-वाय, दाल-रोटी, धीरे-धीरे, सुख-दुःख)। इनमें अर्थ भिन्नता का भ्रम नहीं होता।
- 2. श्रुतिसम भिन्नार्थक शब्द (Homophones): वे शब्द जो उच्चारण में लगभग एक जैसे लगते हैं, परंतु एक छोटी मात्रा या वर्ण के अंतर से उनका पूरा अर्थ बदल जाता है (जैसे- अनल = आग vs अनिल = हवा, कुल = वंश vs कूल = किनारा)।
2. परीक्षा Trap Alert: अर्थ-भेद उत्पन्न करने वाले 4 मुख्य कारण
श्रुतिसम भिन्नार्थक शब्दों में गलती होने के 4 प्रमुख ध्वन्यात्मक कारण होते हैं:
कारण 1: ह्रस्व (छोटी) बनाम दीर्घ (बड़ी) मात्रा का अंतर
नियम: केवल इ/ई या उ/ऊ की मात्रा बदलने से शब्द का अर्थ 180 डिग्री बदल जाता है:
| शब्द जोड़ा (मात्रा भेद) | प्रथम शब्द का अर्थ | द्वितीय शब्द का अर्थ |
|---|---|---|
| अलि vs अली | अलि (छोटी ‘इ’) = भौंरा / भ्रमर | अली (बड़ी ‘ई’) = सखी / सहेली |
| कुल vs कूल | कुल (छोटा ‘उ’) = वंश / सब / परिवार | कूल (बड़ा ‘ऊ’) = किनारा / तट |
| दिन vs दीन | दिन (छोटी ‘इ’) = दिवस / वार | दीन (बड़ी ‘ई’) = गरीब / असहाय |
| बलि vs बली | बलि (छोटी ‘इ’) = उपहार / बलिदान | बली (बड़ी ‘ई’) = बलवान / शक्तिशाली |
| कृति vs क्रीत vs कृती | कृति = रचना | क्रीत = खरीदा हुआ (कृती = विद्वान/पुण्यकर्मी) |
कारण 2: श, ष और स (ऊष्म वर्णों) का सूक्ष्म अंतर
नियम: तालव्य ‘श’, मूर्धन्य ‘ष’ और दंत्य ‘स’ के हेरफेर से होने वाला अर्थ-परिवर्तन:
| शब्द जोड़ा (श/ष/स भेद) | प्रथम शब्द का अर्थ | द्वितीय शब्द का अर्थ |
|---|---|---|
| अंस vs अंश | अंस (दंत्य ‘स’) = कंधा | अंश (तालव्य ‘श’) = हिस्सा / भाग |
| सकल vs शकल | सकल (दंत्य ‘स’) = सम्पूर्ण / समस्त | शकल (तालव्य ‘श’) = टुकड़ा / खंड (या चेहरा) |
| सम vs शम | सम (दंत्य ‘स’) = समान / बराबर | शम (तालव्य ‘श’) = शांत / मोक्ष / मन का संयम |
| सूत vs सूत vs शूत | सूत = सारथी / धागा | सुत = बेटा / पुत्र |
| स्वजन vs श्वजन | स्वजन (दंत्य ‘स’) = अपने लोग / परिजन | श्वजन (तालव्य ‘श’) = कुत्ता (श्व + जन) |
कारण 3: 'ब' बनाम 'व' और 'न' बनाम 'ण' का अंतर
नियम: उच्चारण में असावधानी से ब/व और न/ण के कारण भारी अर्थ-अनर्थ होना:
| शब्द जोड़ा (वर्ण भेद) | प्रथम शब्द का अर्थ | द्वितीय शब्द का अर्थ |
|---|---|---|
| बात vs वात | बात (ब) = वार्ता / वचन | वात (व) = हवा / वायु (वात रोग) |
| बाण vs वान | बाण (ब) = तीर / शर | वान (व) = आदत / स्वभाव (जैसे- रूपवान) |
| गणना vs गढ़ना | गणना = गिनती करना | गढ़ना = बनाना / रचना / रचना-शिल्प |
| प्रणाम vs प्रमाण | प्रणाम = नमस्कार / अभिवादन | प्रमाण = सबूत / साक्ष्य / नाप |
| निधन vs निर्धन | निधन = मृत्यु / देहावसान | निर्धन = गरीब / दरिद्र |
कारण 4: नुक्ता (़) और विदेशी ध्वनियों का अंतर
नियम: अरबी-फारसी के प्रभाव से नीचे लगने वाली बिंदी (नुक्ता) से अर्थ बदलना:
| शब्द जोड़ा (नुक्ता भेद) | बिना नुक्ता का अर्थ | नुक्ता युक्त शब्द का अर्थ |
|---|---|---|
| जरा vs ज़रा | जरा = बुढ़ापा / वृद्धावस्था | ज़रा (नुक्ता) = थोड़ा / अल्प मात्रा |
| राज vs राज़ | राज = शासन / राज्य | राज़ (नुक्ता) = रहस्य / भेद (Secret) |
| फन vs फ़न | फन = साँप का हुड (फण) | फ़न (नुक्ता) = हुनर / कला / विद्या |
| खाना vs ख़ाना | खाना = भोजन करना | ख़ाना (नुक्ता) = दराज / घर (जैसे- डाकख़ाना) |
3. परीक्षा हॉल विशेष: 20 सर्वाधिक पूछे जाने वाले महा-भ्रामक युग्म
विगत 20 वर्षों की परीक्षाओं (CTET, State PSC, SI, RO/ARO, REET) में सर्वाधिक बार दोहराए गए 20 शब्द जोड़े:
20 सर्वाधिक महत्वपूर्ण श्रुतिसम भिन्नार्थक युग्म
| युग्म शब्द (जोड़ा) | प्रथम शब्द का अर्थ | द्वितीय शब्द का अर्थ (एवं तृतीय) | |
|---|---|---|---|
| तरणि vs तरणी vs तरुणी | तरणि (छोटी ‘इ’) = सूर्य | तरणी (बड़ी ‘ई’) = नाव | तरुणी = युवती |
| अनल vs अनिल | अनल = आग / अग्नि | अनिल = हवा / वायु | |
| प्रसाद vs प्रासाद | प्रसाद = कृपा / भगवान का भोग | प्रासाद = राजमहल / भव्य भवन | |
| कृपण vs कृपाण | कृपण = कंजूस | कृपाण = तलवार / कटार | |
| आकर vs आकार | आकर = खान / खजाना / स्रोत | आकार = रूप / बनावट / आकृति | |
| चिर vs चीर | चिर = दीर्घकाल / सदा / पुराना | चीर = वस्त्र (कपड़ा) / चीड़ का वृक्ष | |
| इतर vs इत्र | इतर = दूसरा / भिन्न | इत्र = सुगंधित द्रव्य / परफ्यूम | |
| उपकार vs अपकार | उपकार = भलाई / नेकी | अपकार = बुराई / अहित | |
| कलि vs कली | कलि = कलियुग / दुःख | कली = अधखिला फूल / मुकुल | |
| छत्र vs क्षत्र | छत्र = छाता / राजमुकुट छत्र | क्षत्र = क्षत्रिय धर्म / क्षत्रिय जाति | |
| द्विप vs द्वीप | द्विप = हाथी (दो बार पीने वाला) | द्वीप = टापू / चारों ओर जल से घिरा भूभाग | |
| नीर vs नीड़ | नीर = जल / पानी | नीड़ = घोंसला / पक्षी का घर | |
| परुष vs पुरुष | परुष = कठोर / रुक्ष / कड़ा | पुरुष = नर / आदमी / मनुष्य | |
| वसन vs व्यसन | वसन = वस्त्र / कपड़ा | व्यसन = बुरी आदत / लत | |
| अंब vs अंबू | अंब = माता / माँ | अंबू = जल / पानी | |
| अविहित vs अविहित / अभिहित | अभिहित = कहा गया / कथित | अविहित = अनुचित / गैर-कानूनी | |
| उद्धत vs उद्यत | उद्धत = उद्दंड / अशिष्ट / घमंडी | उद्यत = तैयार / तत्पर | |
| लक्ष vs लक्ष्य | लक्ष = लाख (1,00,000 संख्या) | लक्ष्य = निशाना / उद्देश्य / ध्येय | |
| शव vs शव / शव vs शव | शव = मृत शरीर / लाश | शव = शिव (शाव = बच्चा) | |
| हंस vs हँस | हंस = एक श्वेत पक्षी (मराल) | हँस = हँसने की क्रिया (मुस्कान) |
4. श्रुतिसम भिन्नार्थक महा-संग्रह: भाग 1 (‘अ’ से ‘ध’ वर्ग)
प्रतियोगी परीक्षाओं में बार-बार पूछे जाने वाले प्रमुख शब्द-युग्मों की विस्तृत तालिका:
मास्टर तालिका: वर्ण 'अ' से 'ध' तक
| युग्म शब्द (जोड़ा) | प्रथम शब्द का अर्थ | द्वितीय शब्द का अर्थ |
|---|---|---|
| अंगना vs अँगना | अंगना = सुंदर स्त्री | अँगना = घर का आंगन |
| अन्न vs अन्य | अन्न = अनाज | अन्य = दूसरा |
| अपेक्षा vs उपेक्षा | अपेक्षा = तुलना में / आशा / चाह | उपेक्षा = तिरस्कार / लापरवाही / उदासीनता |
| अभय vs उभय | अभय = निडर / भय-रहित | उभय = दोनों (जैसे- उभयलिंगी) |
| अर्गला vs अर्गला / अर्घ्य | अर्घ्य = पूजन सामग्री / जल अर्पण | अर्घ = मूल्य / भाव |
| अवधि vs अवधी | अवधि (छोटी ‘इ’) = समय / काल सीमा | अवधी (बड़ी ‘ई’) = अवध प्रान्त की भाषा |
| अवलंब vs अविलंब | अवलंब = सहारा / आश्रय | अविलंब = शीघ्र / तुरंत / बिना देर किए |
| अश्व vs अश्म | अश्व = घोड़ा / हय | अश्म = पत्थर / पाषाण |
| असित vs अशित | असित = काला / श्याम | अशित = खाया हुआ (भोजन किया) |
| आदि vs आदी | आदि = प्रारंभ / इत्यादि | आदी = अभ्यस्त / लत पड़ना (आदत) |
| आयत vs आयात | आयत = चतुर्भुज (आकृति) / लंबा | आयात = विदेश से माल मंगाना |
| आर्द्र vs आर्त्त | आर्द्र = गीला / नम | आर्त्त = दुःखी / पीड़ित (आर्त्तनाद) |
| इति vs ईति | इति = समाप्ति / अंत | ईति = दैवी आपदा / फसल की बाधा (टिड्डी आदि) |
| उपल vs उत्पल | उपल = पत्थर / ओला | उत्पल = कमल का फूल |
| उभार vs उबार | उभार = ऊँचाई / उठाव | उबार = उद्धार / बचाना / मुक्ति |
| ऋत vs ऋतु | ऋत = सत्य (वैदिक सत्य) | ऋतु = मौसम / काल |
| कंगाल vs कंकाल | कंगाल = अत्यंत गरीब / निर्धन | कंकाल = हड्डियों का ढाँचा |
| कटाक्ष vs कशाघात | कटाक्ष = तिरछी नजर / व्यंग्य | कशाघात = चाबुक से मारना |
| कटीली vs कँटीली | कटीली = धारदार / तीखी | कँटीली = काँटों वाली |
| कदापि vs कदाचित | कदापि = कभी भी | कदाचित = शायद / संभवतः |
| करण vs कर्ण | करण = साधन / व्याकरणिक कारक | कर्ण = कान / कुंती पुत्र कर्ण |
| कर्म vs क्रम | कर्म = कार्य / काम | क्रम = सिलसिला / व्यवस्था |
| कलि vs कली | कलि = कलियुग / दुःख | कली = अधखिला फूल |
| कांति vs क्रांति vs भ्रांति | कांति = चमक / आभा | क्रांति = उलट-फेर / विद्रोह (भ्रांति = भ्रम) |
| कास vs काश | कास = खांसी (रोग) | काश = एक प्रकार की घास / काश! |
| कुंतल vs कुंतल / कुंडल | कुंतल = सिर के बाल (केश) | कुंडल = कान का आभूषण |
| कुच vs कूच | कुच (छोटा ‘उ’) = स्तन | कूच (बड़ा ‘ऊ’) = प्रस्थान करना / आगे बढ़ना |
| कृति vs कृती | कृति = रचना / पुस्तक | कृती = पुण्यवान / निपुण व्यक्ति |
| केतु vs केतु / केत | केतु = ध्वजा / झंडा / एक ग्रह | केत = घर / आमंत्रण |
| कोश vs कोष vs कोस | कोश = शब्द-भंडार (डिक्शनरी) | कोष = खजाना / तिजोरी (कोस = 2 मील दूरी) |
| गण vs गण्य | गण = समूह / सेवक | गण्य = गिनने योग्य |
| गद vs गद्य | गद = रोग / बीमारी | गद्य = छंद-रहित रचना (गद्य साहित्य) |
| गृह vs ग्रह | गृह = घर / मकान | ग्रह = आकाशीय पिंड (सूर्य, मंगल आदि) |
| चतुष्पथ vs चतुष्पद | चतुष्पथ = चौराहा (चार रास्तों का मिलन) | चतुष्पद = चौपाया / पशु |
| चपल vs चपला | चपल = चंचल / तेज | चपला = बिजली / लक्ष्मी |
| चरित्र vs चरित | चरित्र = आचरण / चाल-चलन | चरित = जीवनी (जैसे- रामचरित) |
| जगत vs जगत् | जगत (हलंत बिना) = कुएँ का चबूतरा | जगत् (हलंत युक्त) = संसार / विश्व |
| जलद vs जलज vs जलधि | जलद = बादल | जलज = कमल (जलधि = समुद्र) |
| जाया vs जाया / जाया | जाया = पत्नी / भार्या | जाया = व्यर्थ / नष्ट होना |
| तड़ाग vs तड़ाक | तड़ाग = तालाब / सरोवर | तड़ाक = जल्दी से / आवाज के साथ |
| तप vs ताप | तप = तपस्या / साधना | ताप = गर्मी / बुखार / दुःख |
| तर्क vs तक्र | तर्क = दलील / विचार-विमर्श | तक्र = मट्ठा / छाछ |
| दार vs द्वारा | दार = स्त्री / पत्नी | द्वारा = माध्यम / रास्ता |
| दारु vs दारू | दारु (छोटा ‘रु’) = लकड़ी | दारू (बड़ा ‘रू’) = मदिरा / शराब |
| दिवस vs दीवस | दिवस = दिन | दीवस = दीपक / दीया |
| दूत vs द्यूत | दूत = संदेशवाहक / राजदूत | द्यूत = जुआ / पासा खेल |
| द्रव vs द्रव्य | द्रव = तरल पदार्थ (पानी, तेल) | द्रव्य = धन / पदार्थ / संपत्ति |
| धनु vs धेनु | धनु = धनुष / कमान | धेनु = गाय |
| धरा vs धारा | धरा = पृथ्वी / धरती | धारा = प्रवाह / कानूनी धारा |
5. श्रुतिसम भिन्नार्थक महा-संग्रह: भाग 2 (‘न’ से ‘ह’ वर्ग)
दैनिक जीवन, साहित्य व प्रशासनिक परीक्षाओं में पूछे जाने वाले 50+ शब्द जोड़े:
मास्टर तालिका: वर्ण 'न' से 'ह' तक
| युग्म शब्द (जोड़ा) | प्रथम शब्द का अर्थ | द्वितीय शब्द का अर्थ |
|---|---|---|
| नदी vs नंदी | नदी = सरिता / जलधारा | नंदी = शिवजी का बैल |
| नशा vs निशा | नशा = मादकता / मद | निशा = रात / रात्रि |
| नाहर vs नहर | नाहर = सिंह / शेर | नहर = कृत्रिम जलधारा |
| नियत vs नीयत vs नियति | नियत = निश्चित / तय | नीयत = इरादा / मंशा (नियति = भाग्य) |
| निशान vs नीशान | निशान = चिन्ह / धब्बा | नीशान = झंडा / ध्वज |
| पतन vs पतन / पत्तन | पतन = गिरावट / ह्रास | पत्तन = बंदरगाह (Port) |
| पथ vs पथ्य | पथ = मार्ग / रास्ता | पथ्य = रोगी का उचित आहार (दवा-भोजन) |
| परदा vs परदा / परदार | परदा = आवरण / ओट | परदार = पराया / दूसरे का |
| परिणाम vs परिमाण | परिणाम = नतीजा / फल | परिमाण = माप-तोल / मात्रा (Quantity) |
| परितोष vs परितोष / परितोषिक | परितोष = संतोष / तृप्ति | पारितोषिक = पुरस्कार / इनाम |
| पवन vs पावन | पवन = हवा / वायु | पावन = पवित्र / शुद्ध |
| प्रकार vs प्राकार | प्रकार = तरह / भेद | प्राकार = चारदीवारी / परकोटा / किला प्राचीर |
| प्रणय vs परिणय | प्रणय = प्रेम / अनुराग | परिणय = विवाह / शादी |
| प्रमत्त vs प्रमित | प्रमत्त = मस्त / पागल / मतवाला | प्रमित = मापा हुआ / सीमित |
| प्रस्तर vs प्रस्तार | प्रस्तर = पत्थर | प्रस्तार = विस्तार / फैलाव |
| प्रहार vs परिहार | प्रहार = चोट / हमला | परिहार = त्याग / समाधान / टालना |
| बाघ vs बाग | बाघ = व्याघ्र (पशु) | बाग = बगीचा / उपवन (वाग = लगाम) |
| बास vs वास | बास = गंध / महक | वास = रहने का स्थान / निवास |
| भवन vs भुवन | भवन = मकान / महल | भुवन = संसार / चौदह भुवन (लोक) |
| भंग vs भांग | भंग = टूटना / नष्ट होना | भांग = एक नशीला पौधा |
| भीति vs भित्ति | भीति = डर / भय | भित्ति = दीवार (जैसे- भित्तिचित्र) |
| मद vs मद्य | मद = अहंकार / नशा / गर्व | मद्य = शराब / मदिरा |
| मन vs मण | मन = अंतःकरण / चित्त | मण = 40 सेर वजन का माप (मन) |
| मरीचि vs मरीची | मरीचि (छोटी ‘इ’) = किरण | मरीची (बड़ी ‘ई’) = सूर्य / चंद्रमा |
| मात vs माता | मात = पराजय / हार | माता = माँ / जननी |
| मूल vs मूल्य | मूल = जड़ / असली / प्रारंभ | मूल्य = कीमत / दाम |
| मेघ vs मेध | मेघ = बादल | मेध = यज्ञ (जैसे- अश्वमेध) |
| योग vs याग | योग = जोड़ / मिलन / साधना | याग = यज्ञ |
| रंक vs रंग | रंक = गरीब / दरिद्र | रंग = वर्ण / रंगत |
| रक्त vs रिक्त | रक्त = खून / लाल रंग | रिक्त = खाली |
| रचना vs रंचना | रचना = बनावट / कृति | रंचना = मेंहदी लगाना / रंगना |
| रज vs रजनी | रज = धूल / पराग / रजोगुण | रजनी = रात |
| लक्ष vs लक्ष्य | लक्ष = एक लाख संख्या | लक्ष्य = निशाना / उद्देश्य |
| लवण vs लवन | लवण = नमक (खार) | लवन = फसल की कटाई (कटनी) |
| वर्ण vs वरण | वर्ण = रंग / अक्षर / जाति | वरण = चयन करना / चुनना |
| वर्ष vs वर्ष / वर्षि | वर्ष = साल (संवत) | वर्ष = बारिश (वर्षा) |
| विस्मृत vs विस्मित | विस्मृत = भूला हुआ | विस्मित = आश्चर्यचकित / हैरान |
| वृंद vs वृंत | वृंद = समूह (जैसे- मुनिवृंद) | वृंत = फूल या फल की डंडी |
| व्यंग्य vs व्यंग | व्यंग्य = ताना / कटाक्ष | व्यंग = विकलांग / अंगहीन |
| शम vs सम | शम = शांति / संयम | सम = बराबर / समान |
| शाल vs साल | शाल = ओढ़ने का ऊनी वस्त्र | साल = वर्ष / एक वृक्ष |
| शुक vs शूक | शुक = तोता | शूक = जौ की बाल का कांटा |
| शुक्ल vs शुल्क | शुक्ल = सफेद / उज्ज्वल | शुल्क = फीस / टैक्स |
| शूर vs सूर | शूर = वीर / पराक्रमी | सूर = सूर्य / अंधा (सूरदास) |
| सूची vs शची | सूची = तालिका / लिस्ट (सुई) | शची = इंद्र की पत्नी (इंद्राणी) |
| सप्त vs सप्त / सुप्त | सप्त = सात (7 संख्या) | सुप्त = सोया हुआ (सुषुप्त) |
| सर्वदा vs सर्वथा | सर्वदा = हमेशा / सदा | सर्वथा = पूरी तरह / सब प्रकार से |
| हति vs क्षति | हति = हत्या / विनाश | क्षति = हानि / नुकसान |
| हय vs हय / हिय | हय = घोड़ा | हिय = हृदय / छाती |
| हार vs हास | हार = पराजय / गले की माला | हास = हँसी / उपहास |
उच्च-स्तरीय व्याकरण: 3 शब्दों वाले ‘त्रिक-युग्म’ (Triplet Homophones)
राज्य प्रशासनिक सेवा (PSC) और उच्च-स्तरीय परीक्षाओं में दो के स्थान पर 3 मिलते-जुलते शब्दों का समूह पूछा जाता है:
3 शब्दों वाले 'त्रिक-युग्म' एवं उनके सूक्ष्म अर्थ
| त्रिक-युग्म (3 शब्द) | तीनों शब्दों के भिन्न अर्थ | मुख्य परीक्षा संदर्भ |
|---|---|---|
| तरणि vs तरणी vs तरुणी | 1. तरणि = सूर्य2. तरणी = नाव3. तरुणी = युवती | सर्वाधिक पूछा गया त्रिक-युग्म |
| सूत vs सुत vs सूति | 1. सूत = धागा / सारथी2. सुत = बेटा / पुत्र3. सूति = प्रसव / जन्म | संबंध व वस्त्र |
| शूर vs सूर vs सुर | 1. शूर = वीर / पराक्रमी2. सूर = सूर्य / अंधा कवि (सूरदास)3. सुर = देवता / संगीत का स्वर | वर्ण-भेद ‘श/स’ |
| आदि vs आदी vs आधि | 1. आदि = प्रारंभ / वगैरह2. आदी = अभ्यस्त / लती3. आधि = मानसिक कष्ट / चिंता | मानसिक व काल सूचक |
| सूची vs शुचि vs शची | 1. सूची = तालिका / लिस्ट / सुई2. शुचि = पवित्र / शुद्ध3. शची = इंद्र की पत्नी (इंद्राणी) | शुद्धता व पौराणिक |
| दार vs द्वार vs दारु | 1. दार = स्त्री / पत्नी2. द्वार = दरवाजा / कपाट3. दारु = लकड़ी (दारू = मदिरा) | काष्ठ व भवन |
| कुच vs कूच vs कच | 1. कुच = स्तन2. कूच = प्रस्थान / आगे बढ़ना3. कच = सिर के बाल (केश) | शारीरिक व सैन्य |
| अंब vs अंबू vs अंबुज | 1. अंब = माता / माँ2. अंबू = जल / पानी3. अंबुज = कमल का फूल | जल व उत्पत्ति |
विशेषज्ञ कॉर्नर: ‘आधि’, ‘व्याधि’ और ‘उपाधि’ का सूक्ष्म अंतर
दार्शनिक और प्रशासनिक शब्दावली में इन तीनों शब्दों का अर्थ-भेद बार-बार पूछा जाता है:
💡 आधि vs व्याधि vs उपाधि: मनोवैज्ञानिक व शास्त्रीय अंतर
- आधि (Mental Anguish): मन के भीतर होने वाला मानसिक कष्ट, तनाव या चिंता (जैसे- डिप्रेशन, भय, मानसिक संताप)।
- व्याधि (Physical Disease): शरीर में होने वाला कोई भी शारीरिक रोग, बीमारी या विकार (जैसे- बुखार, दर्द, संक्रमण)।
- उपाधि (Title / Deception): किसी व्यक्ति को दिया जाने वाला सम्मानजनक पद/खिताब (Degree/Title) अथवा दर्शन में छल, कपट या बाह्य आवरण।
शास्त्रीय कहावत: ‘दैहिक दैविक भौतिक तापा, राम राज नहिं काहुहि ब्यापा’ — यहाँ ‘तापा’ में आधि और व्याधि दोनों सम्मिलित हैं।
परीक्षा हॉल विशेष: 35 अति-कठिन एवं दुर्लभ श्रुतिसम भिन्नार्थक शब्द
वे कठिन शब्द-युग्म जो सामान्य किताबों में नहीं मिलते और प्रतियोगी परीक्षाओं की मेरिट तय करते हैं:
35 अति-दुर्लभ श्रुतिसम भिन्नार्थक शब्द संग्रह
| कठिन शब्द-युग्म | प्रथम शब्द का अर्थ | द्वितीय शब्द का अर्थ |
|---|---|---|
| पायस vs पावस | पायस = खीर (दुग्ध-अन्न) | पावस = वर्षा ऋतु / बरसात |
| कांता vs कांतार | कांता = सुंदर स्त्री / प्रियतमा | कांतार = घना और दुर्गम जंगल |
| आसन vs आसन्न | आसन = बैठने की वस्तु / चटाई | आसन्न = निकट / बहुत समीप (आसन्न भूतकाल) |
| अपांग vs अपंग | अपांग = नेत्र की कोर / कटाक्ष | अपंग = विकलांग / अंगहीन |
| वल्कल vs वल्गा | वल्कल = पेड़ की छाल (वस्त्र रूप) | वल्गा = घोड़े की लगाम की रस्सी |
| जठर vs जरठ | जठर = पेट / आमाशय (जठराग्नि) | जरठ = बूढ़ा / वृद्ध / कठोर |
| चषक vs चसक | चषक = मदिरा पीने का प्याला | चसक = दर्द / टीस / मन की कसक |
| प्रवाल vs प्रवार | प्रवाल = मूंगा (रत्न) / नया पत्ता | प्रवार = ओढ़ने का वस्त्र / दुपट्टा |
| अवि vs आवी | अवि = सूर्य / मेष (भेड़) / पर्वत | आवी = कुम्हार का बर्तन पकाने का आवा |
| उपाधि vs उपधि | उपाधि = पदवी / खिताब | उपधि = छल / कपट / धोखा |
| कदली vs कंदली | कदली = केला (फल) | कंदली = एक झाड़ीदार पौधा / कलह |
| कलहंस vs कलकंठ | कलहंस = श्रेष्ठ राजहंस | कलकंठ = कोयल / मधुर कंठ वाला |
| कूची vs कुची | कूची = पेंट करने का ब्रश | कुची = छोटा स्तन |
| चिर vs चीर | चिर = दीर्घकाल / हमेशा | चीर = वस्त्र (कपड़ा) |
| तुंद vs तुंग | तुंद = मोटा पेट / तोंद | तुंग = ऊँचा पर्वत शिखर |
| दंश vs दशन | दंश = डंक मारना / काटना | दशन = दाँत / मुखखुर |
| दीवा vs दीवस | दीवा = दीपक / दीया | दीवस = दिन |
| धूत vs धूर्त | धूत = धोया हुआ / कँपाया हुआ | धूर्त = चालाक / कपटी |
| पंक vs पंख | पंक = कीचड़ (पंकज) | पंख = पक्षी का डैना |
| पट्ट vs पट | पट्ट = रेशमी वस्त्र / तख्ता | पट = कपड़ा / दरवाजा (कपाट) |
| बहिर् vs बर्हि | बहिर् = बाहर की ओर | बर्हि = मोर (मयूर) / शिखी |
| भंग vs भंगी | भंग = टूटना / भांग का पौधा | भंगी = अंदाज / मुद्रा (जैसे- त्रिभंगी) |
| मातृ vs मात्र | मातृ = माता / जननी | मात्र = केवल / सिर्फ |
| रमण vs रमणी | रमण = विहार करना / पति | रमणी = सुंदर युवती / स्त्री |
| लवण vs लवन | लवण = नमक / खारापन | लवन = फसल की कटाई (कटनी) |
| वृंत vs वृंद | वृंत = फूल या फल की डंडी | वृंद = समूह (जैसे- मुनिवृंद) |
| शस्त्र vs शास्त्र | शस्त्र = हाथ में थामकर लड़ने का हथियार | शास्त्र = धार्मिक / ज्ञान ग्रंथ |
| हलाहल vs हलायुध | हलाहल = भीषण विष / कालकूट | हलायुध = बलराम (हल जिनका आयुध है) |
| कृत vs क्रीत | कृत = किया हुआ कार्य | क्रीत = खरीदा हुआ |
| अश्म vs अस्मद् | अश्म = पत्थर / पाषाण | अस्मद् = हमारा / सर्वनाम |
| अनिष्ट vs अनिष्ठ | अनिष्ट = बुरा / अमंगल / अहित | अनिष्ठ = निष्ठाहीन / श्रद्धा रहित |
| अभिराम vs अविराम | अभिराम = सुंदर / मनोहर | अविराम = लगातार / बिना रुके |
| इतवार vs इतर | इतवार = रविवार / छुट्टी | इतर = दूसरा / भिन्न |
| उद्धृत vs उद्धत | उद्धृत = पुस्तक से लिया गया अंश | उद्धत = उद्दंड / अक्खड़ / घमंडी |
| कंगाल vs कंकाल | कंगाल = अत्यंत निर्धन व्यक्ति | कंकाल = अस्थि पंजर (हड्डियों का ढाँचा) |
परीक्षा हॉल क्लासिक: 10 सबसे अधिक पूछे जाने वाले ‘सुपर-ट्रैप’ युग्म
विभिन्न राज्य लोक सेवा आयोगों (PSC व RO/ARO) के सबसे प्रिय 10 शब्द-जोड़े:
10 क्लासिक सुपर-ट्रैप शब्द-युग्म
| शब्द-युग्म (जोड़ा) | प्रथम शब्द का अर्थ | द्वितीय शब्द का अर्थ |
|---|---|---|
| निर्झर vs निर्जर | निर्झर = झरना / प्रपात | निर्जर = देवता (जो कभी बूढ़ा न हो / जर-रहित) |
| पृथा vs प्रथा | पृथा = कुंती (पांडवों की माता) | प्रथा = रीति-रिवाज / परम्परा |
| कटिबंध vs कटिबद्ध | कटिबंध = कमरबंद / पेटी / कटिमेखला | कटिबद्ध = तैयार / कमर कसे हुए |
| कुजन vs कूजन | कुजन = दुर्जन / बुरा व्यक्ति | कूजन = पक्षियों का चहकना / कलरव |
| तरंग vs तुरंग | तरंग = लहर / मौज | तुरंग = घोड़ा / अश्व |
| तनु vs तनू | तनु (छोटा ‘उ’) = पतला / दुबला / कम | तनू (बड़ा ‘ऊ’) = शरीर / काया (तनूजा = पुत्री) |
| मंदिर vs मंदिरा | मंदिर = देवालय / पूजा स्थल | मंदिरा = अश्वशाला / घुड़साल / शराब |
| पिशुन vs पिशित | पिशुन = चुगलखोर / कौआ | पिशित = मांस / गोश्त |
| क्षिति vs क्षति | क्षिति = पृथ्वी / धरती | क्षति = हानि / नुकसान |
| पथ vs पथ्य vs पाथेय | पथ = रास्ता / मार्ग | पथ्य = रोगी का भोजन (पाथेय = यात्रा का भोजन) |
अंतिम शब्द-कोश: 25 अतिरिक्त उच्च-स्तरीय श्रुतिसम भिन्नार्थक शब्द
वे सूक्ष्म शब्द जो भाषा की सर्वोच्च शुद्धता को दर्शाते हैं:
25 अतिरिक्त दुर्लभ शब्द-युग्म तालिका
| शब्द-युग्म (जोड़ा) | प्रथम शब्द का अर्थ | द्वितीय शब्द का अर्थ |
|---|---|---|
| उर vs ऊरु | उर = हृदय / छाती | ऊरु = जाँघ / जंघा |
| नगर vs नागर | नगर = शहर / पुर | नागर = चतुर व्यक्ति / सभ्य |
| मल vs मल्ल | मल = मैल / गंदगी | मल्ल = पहलवान / कुश्तीबाज |
| शकट vs शाक्त | शकट = बैलगाड़ी / छकड़ा | शाक्त = शक्ति (दुर्गा) का उपासक |
| हाल vs हाला | हाल = दशा / स्थिति / हालचाल | हाला = मदिरा / शराब (हरिवंश राय बच्चन) |
| शिर vs सीर | शिर = सिर / मस्तक | सीर = हल / हल की नोक (सीता = हल रेखा) |
| शुल्क vs शुक्ल | शुल्क = फीस / चुंगी / टैक्स | शुक्ल = सफेद / उज्ज्वल / एक पक्ष |
| सप्त vs सत्त | सप्त = सात (7 संख्या) | सत्त = सार / सत्व / ताकत |
| सर vs शर | सर = तालाब / सरोवर | शर = बाण / तीर |
| हय vs हिय | हय = घोड़ा / अश्व | हिय = हृदय / हिया |
| अरी vs अरि | अरी = स्त्री के लिए संबोधन | अरि = शत्रु / दुश्मन |
| आलोक vs अलोक | आलोक = प्रकाश / उजाला | अलोक = अदृश्य / जो लोक में न हो |
| कीट vs कटी | कीट = कीड़ा / पतंगा | कटी = कमर / कटि |
| खाद्य vs खाद | खाद्य = खाने योग्य पदार्थ | खाद = खेतों की उर्वरक सामग्री |
| खग vs खगेश | खग = साधारण पक्षी / चिड़िया | खगेश = गरुड़ (पक्षियों का राजा) |
| गण vs गणक | गण = समूह / सेवक | गणक = ज्योतिषी / हिसाब लगाने वाला |
| छात्र vs क्षात्र | छात्र = विद्यार्थी / शिष्य | क्षात्र = क्षत्रिय धर्म / शौर्य भाव |
| तप्त vs तृप्त | तप्त = गर्म / तपा हुआ | तृप्त = संतुष्ट / तृप्त |
| दारिद्र्य vs दरिद्र | दारिद्र्य = गरीबी / निर्धनता (भाव) | दरिद्र = गरीब व्यक्ति (विशेषण) |
| दीर्घ vs दीर्घिका | दीर्घ = लंबा / बड़ा | दीर्घिका = बड़ी बावड़ी / बड़ा तालाब |
| द्युत vs द्यूत | द्युत = चमक / प्रकाश / दीप्ति | द्यूत = जुआ / पासा खेल |
| नारी vs नाड़ी | नारी = स्त्री / महिला | नाड़ी = नब्ज / धमनी |
| निशाकर vs निशाचर | निशाकर = चंद्रमा (रात करने वाला) | निशाचर = राक्षस / उल्लू |
| परवा vs परवाह | परवा = प्रतिपदा तिथि (पड़वा) | परवाह = चिंता / फिक्र |
| भेंट vs भांट | भेंट = मुलाकात / उपहार | भांट = चारण कवि / भाट |
ज्ञान की परीक्षा: श्रुतिसम भिन्नार्थक All-India PYQ महा-क्विज़
‘अनल’ और ‘अनिल’ शब्द-युग्म का सही अर्थ क्या है? (UPPSC / CTET)
‘अलि’ और ‘अली’ शब्द-युग्म का सही अर्थ-भेद क्या होगा? (CGPSC / REET)
‘प्रसाद’ और ‘प्रासाद’ शब्द-युग्म का सही अर्थ क्या है? (UP RO/ARO / KVS)
‘तरणि’, ‘तरणी’ और ‘तरुणी’ का क्रमशः सही अर्थ समूह कौन सा है? (MP SI / DSSSB)
‘अंस’ और ‘अंश’ शब्द-युग्म का सही अर्थ क्या होगा? (UKPSC / State SI)
‘कुल’ और ‘कूल’ शब्द-युग्म का क्रमशः सही अर्थ क्या है? (BPSC / CG Vyapam)
🎯 अपना स्कोर आँकें: आपकी तैयारी का स्तर क्या है?
कुल प्रश्न: 6 | सही उत्तरों के आधार पर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी तैयारी का विश्लेषण करें:
- 🏆 6 में से 6 सही (टॉपर स्तर): अद्भुत! श्रुतिसम भिन्नार्थक शब्दों और उनके सूक्ष्म मात्रा-भेदों पर आपकी पकड़ उत्कृष्ट है।
- 🥈 6 में से 5 सही (उत्कृष्ट स्तर): बहुत बढ़िया तैयारी! केवल अलि/अली व तरणि/तरणी जैसे 1-2 सूक्ष्म जोड़ों का पुनः अभ्यास करें।
- 🥉 6 में से 4 सही (औसत स्तर): आपकी नींव अच्छी है, लेकिन ‘4 ध्वन्यात्मक भेदों’ और मास्टर तालिका का रिवीजन आवश्यक है।
- ⚠️ 4 से कम सही (रिवीजन आवश्यक): निराश न हों! ऊपर दिए गए “टॉप 20 महा-भ्रामक युग्म” को दोबारा ध्यान से पढ़ें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
विशेषज्ञ निष्कर्ष एवं अगला अध्याय
अंतिम मार्गदर्शन
श्रुतिसम भिन्नार्थक शब्द हिन्दी व्याकरण की वह सूक्ष्म कसौटी हैं जो आपकी वर्तनी और भाषाई समझ को अत्यंत परिपक्व बनाते हैं। इस पोस्ट में दी गई मास्टर तालिकाओं और 20 महा-भ्रामक युग्मों का निरंतर अभ्यास आपको परीक्षा में पूरे अंक दिलाएगा।
रोडमैप के अनुसार अगले अध्याय (पोस्ट 10) में हम अध्ययन करेंगे — “उपसर्ग और प्रत्यय (Prefix & Suffix): शब्द निर्माण की वैज्ञानिक विधियाँ, 100% सटीक ट्रिक्स व PYQs”।
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