पर्यायवाची शब्द (Paryayvachi Shabd – 500+ महा-संग्रह, 5 जादुई ट्रिक्स, सूक्ष्म अर्थ-भेद, वर्ग-वार मास्टर तालिका, PYQs व FAQs)

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पर्यायवाची शब्द (Paryayvachi Shabd): 500+ महा-संग्रह, 5 जादुई ट्रिक्स, वर्गीकरण एवं मास्टर नोट्स

📝पर्यायवाची शब्द: हिन्दी भाषा का समृद्ध वैभव

पर्यायवाची की मानक परिभाषा: जिन शब्दों के अर्थ में समानता होती है, उन्हें ‘पर्यायवाची’ या ‘समानार्थक शब्द’ (Synonyms) कहते हैं। ‘पर्याय’ का अर्थ है ‘विकल्प’ या ‘समान’ और ‘वाची’ का अर्थ है ‘बोले जाने वाला’।

हिन्दी व्याकरण में शब्दों के निर्माण और स्रोत को समझने के लिए हमारे पिछले अध्यायों वर्णमाला, वर्तनी शुद्धि, संधि और शब्द भेद (तत्सम-तद्भव) का अध्ययन अवश्य करें।

सम्पूर्ण व्याकरण हब: सभी 22 अध्यायों के क्रमबद्ध अध्ययन के लिए हमारे हिन्दी व्याकरण मास्टर नोट्स पर जाएं।

विषय सूची [X]

1. पर्यायवाची शब्दों के 3 भाषाई स्तर

भाषा वैज्ञानिक दृष्टि से कोई भी दो शब्द 100% एक-दूसरे का स्थान नहीं ले सकते। पं. कामताप्रसाद गुरु के अनुसार पर्यायवाची शब्दों के 3 स्तर होते हैं:

ℹ️पर्यायवाची के 3 स्तर: सूक्ष्म भाषाई वर्गीकरण

पर्याय का स्तरअर्थ एवं विशेषताउदाहरण
1. पूर्ण पर्यायजो वाक्य में एक-दूसरे का स्थान पूरी तरह ले सकें।जल -> पानी, वस्त्र -> कपड़ा
2. अपूर्ण पर्यायजो मूल भाव में समान हों पर प्रसंग बदलने पर अर्थ बदल जाए।‘गला घोंटना’ सही है, पर ‘गला काटना’ का अर्थ हत्या हो जाएगा।
3. पूर्णापूर्ण पर्यायजो एक प्रसंग में समान हों पर दूसरे में भिन्न हो जाएं।‘अंगूठी का नगीना’ (यहाँ नगीना = रत्न), पर ‘रत्न’ का अर्थ हर जगह नगीना नहीं होता।

2. पर्यायवाची याद करने की 5 जादुई ट्रिक्स (Suffix Formulas)

सैकड़ों पर्यायवाची शब्दों को रटने के बजाय केवल 5 मूल शब्दों के ‘प्रत्यय सूत्रों’ से 50+ शब्द याद करें:

ट्रिक 1: 'जल' के शब्दों से कमल, बादल और समुद्र बनाना

फार्मूला: जल के पर्यायवाची में ‘ज’ जोड़ने पर कमल, ‘द’ जोड़ने पर बादल और ‘धि’ जोड़ने पर समुद्र बनता है:

जल (मूल शब्द)+ ज (जन्म लेने वाला = कमल)+ द (देने वाला = बादल)+ धि (धारण करने वाला = समुद्र)
जलजल + ज = जलजजल + द = जलदजल + धि = जलधि
वारिवारि + ज = वारिजवारि + द = वारिदवारि + धि = वारिधि
तोयतोय + ज = तोयजतोय + द = तोयदतोय + धि = तोयधि
अंबुअंबु + ज = अंबुजअंबु + द = अंबुदअंबु + धि = अंबुधि
नीरनीर + ज = नीरजनीर + द = नीरदनीर + धि = नीरधि

ℹ️ट्रिक 2: 'सूर्य' के शब्दों से यमुना, दिन और यमराज बनाना

  • सूर्य + पुत्री/जा (जन्म लेने वाली) = यमुना: सूर्यजा, सूर्यसुता, अर्कजा, कालिंदी, तरणितनूजा, भानुजा, रविपुत्री।
  • सूर्य + पति/कर/मणि = दिन: दिनकर, दिवाकर, प्रभाकर, दिनमणि।
  • सूर्य + पुत्र/तनय = यमराज व कर्ण: सूर्यपुत्र, रवितनय, अर्कपुत्र (यमराज / कर्ण)।

💡ट्रिक 3: 'रात' के शब्दों से राक्षस और चंद्रमा बनाना

  • रात + चर (भ्रमण करने वाला) = राक्षस: निशाचर, रजनीचर, तमचर, निशिचर, रात्रिचर।
  • रात + पति/ईश/कांत/कर = चंद्रमा: निशापति, रजनीश, निशाकांत, निशेश, राकापति, तमिस्राहर।

🔥ट्रिक 4 व 5: 'देवता/इंद्र' और 'सुर/असुर' के निर्माण सूत्र

  • देव + राज/पति/इंद्र = देवराज इंद्र: देवराज, सुरपति, अमरेश, देवेंद्र, विबुधेश, सुरेन्द्र।
  • सुर + अरि (शत्रु) = असुर / राक्षस: सुरारि, देवारि, दितिसुत, दानव, अमराति।
  • सुर + नदी/सरिता = गंगा: सुरसरि, सुरसरिता, देवनदी, विष्णुपदी, त्रिपथगा, मंदाकिनी।

3. परीक्षा Trap Alert: पर्यायवाची शब्दों में सूक्ष्म अर्थ-भेद

कई शब्द ऊपर से एक जैसे दिखते हैं, लेकिन उनके प्रयोग में गहरा अंतर होता है। यहाँ से प्रतियोगी परीक्षाओं में सीधे प्रश्न पूछे जाते हैं:

💡समानार्थक शब्दों में बारीक अंतर (Nuance Differences)

शब्द जोड़ासूक्ष्म अर्थ-भेदव्यावहारिक प्रयोग
अस्त्र vs शस्त्रअस्त्र: फेंककर चलाया जाने वाला हथियार (तीर, बम, भाला)।शस्त्र: हाथ में थामकर चलाया जाने वाला हथियार (तलवार, लाठी, गदा)।
स्त्री vs पत्नीस्त्री: कोई भी सामान्य महिला (नारी)।पत्नी: किसी पुरुष की केवल विवाहित धर्मपत्नी (अर्धांगिनी)।
लोभ vs लालचलोभ: किसी वस्तु को पाने की तीव्र स्थाई इच्छा (स्थाई भाव)।लालच: अनुचित लाभ उठाने की तात्कालिक बुरी इच्छा।
लज्जा vs ग्लानिलज्जा: दूसरों के सामने स्वाभाविक शर्म या संकोच।ग्लानि: अपने किसी बुरे कर्म पर मन के भीतर होने वाला पछतावा।
शोक vs खेदशोक: किसी प्रियजन की मृत्यु या भारी अनिष्ट का गहरा दुःख।खेद: अपनी किसी छोटी गलती या असुविधा पर दुःख जताना।
सेवा vs सुश्रूषासेवा: गुरुजनों व बड़ों का आदरपूर्वक सत्कार करना।सुश्रूषा: रोगियों, बीमारों व असहायों की तीमारदारी करना।
ईर्ष्या vs डाह vs स्पर्धाईर्ष्या: दूसरे की उन्नति देखकर मन ही मन जलना।स्पर्धा: दूसरे की उन्नति देखकर खुद आगे बढ़ने का स्वस्थ प्रयास।

4. वर्ग-वार 200+ अति-महत्वपूर्ण पर्यायवाची महा-संग्रह

प्रतियोगी परीक्षाओं में सबसे ज्यादा पूछे जाने वाले शब्दों को 4 प्रमुख वर्गों में बाँटा गया है:

वर्ग 1: प्राकृतिक एवं खगोलीय तत्व (Nature & Elements)

मूल शब्दसम्पूर्ण पर्यायवाची शब्द संग्रहपरीक्षा संकेत
सूर्यदिनकर, दिवाकर, भानु, भास्कर, आदित्य, रवि, मार्तण्ड, सविता, पतंग, प्रभाकर, अंशुमाली, अर्क, दिनेश, तरणि‘मार्तण्ड’ व ‘सविता’ कई बार पूछा गया है
चंद्रमाशशि, मयंक, सुधांशु, राकेश, इंदु, निशाकर, सोम, शशांक, विधु, कलाधर, द्विजराज, राकापति, हिमांशु‘विधु’ व ‘शशांक’ महत्वपूर्ण हैं
अग्निआग, अनल, पावक, वह्नि, हुताशन, कृशानु, वैश्वानर, दहन, जातवेद, शिखी‘कृशानु’ व ‘हुताशन’ PSC स्पेशल
आकाशनभ, गगन, अंबर, व्योम, शून्य, अनंत, द्यौ, अंतरिक्ष, फलक, पुष्कर‘व्योम’ व ‘पुष्कर’ परीक्षा प्रिय
पृथ्वीभू, भूमि, धरा, अचला, वसुंधरा, वसुधा, मेदिनी, इला, मही, धरणी, क्षिति, रत्नगर्भा‘इला’ व ‘मेदिनी’ सर्वाधिक महत्वपूर्ण
वायु / हवापवन, समीर, अनिल, मारुत, वात, प्रभंजन, बयार, समीरण, पवमान‘अनिल’ (हवा) vs ‘अनल’ (आग)
पर्वतपहाड़, गिरि, अचल, शैल, भूधर, महीधर, नग, अद्रि, तुंग, शिखर‘अद्रि’ व ‘नग’ कठिन परीक्षाओं में आता है
नदीसरिता, तटिनी, तरंगिणी, निम्नगा, आपगा, निर्झरिणी, कूलंकषा, शैलजा‘कूलंकषा’ व ‘निम्नगा’ उच्च-स्तरीय शब्द
समुद्रसागर, पयोधि, जलधि, वारिधि, सिंधु, रत्नाकर, नीरनिधि, अर्णव, पारावार, अब्धि‘अर्णव’ व ‘पारावार’ महत्वपूर्ण
बिजलीविद्युत, चपला, चंचला, तड़ित, दामिनी, सौदामिनी, क्षणप्रभा, काँचन्वल्ली‘क्षणप्रभा’ व ‘सौदामिनी’
बादलमेघ, जलद, वारिद, नीरद, पयोधर, घन, अंबुद, जीमूत, बलाहक‘जीमूत’ व ‘बलाहक’ दुर्लभ शब्द
जंगलवन, कानन, अरण्य, विपिन, अटवी, कांतार, गहन‘अटवी’ व ‘कांतार’ PSC स्पेशल
रातरात्रि, रजनी, निशा, विभावरी, तमिस्रा, यामिनी, रैन, त्रियामा, क्षणदा‘विभावरी’ व ‘क्षणदा’

ℹ️वर्ग 2: प्रमुख देवी-देवता (Deities)

मूल शब्दसम्पूर्ण पर्यायवाची शब्द संग्रहपरीक्षा संकेत
गणेशलंबोदर, एकदंत, विनायक, गजानन, गणपति, हेरंब, वक्रतुंड, द्वैमातुर, मोदकप्रिय‘हेरंब’ व ‘द्वैमातुर’ अत्यंत दुर्लभ
शिवमहादेव, नीलकंठ, शंभु, शंकर, त्रिलोचन, पशुपति, चंद्रशेखर, त्रिपुरारी, आशुतोष, रुद्र, गिरीश‘आशुतोष’ (शीघ्र प्रसन्न होने वाले)
विष्णुनारायण, जनार्दन, केशव, माधव, अच्युत, गोविंद, दामोदर, चक्रपाणि, लक्ष्मीपति, रमेश, उपेंद्र‘अच्युत’ व ‘जनार्दन’
ब्रह्माचतुरानन, विधाता, अज, स्वयंभू, प्रजापति, चतुरमुख, कमलासन, हिरण्यगर्भ, विरंचि‘विरंचि’ व ‘हिरण्यगर्भ’
कृष्णवासुदेव, कान्हा, बनवारी, गिरिधर, मुरलीधर, श्याम, नंदनंदन, मुकुंद, ऋषिकेश, यदुनंदन‘मुकुंद’ व ‘ऋषिकेश’
रामरघुपति, राघव, अवधेश, जानकीनाथ, रामचंद्र, रघुनंदन, सियाराम, रघुकुलतिलकभक्ति व व्याकरण संदर्भ
इंद्रदेवराज, पुरंदर, शक्र, वासव, सुरपति, मघवा, शचीपति, अमरपति, सहस्राक्ष‘पुरंदर’, ‘मघवा’ व ‘शक्र’
दुर्गाचंडिका, सिंहवाहिनी, कालिका, भवानी, महागौरी, कल्याणी, चामुंडा, कामाक्षीशक्ति स्वरूपा
लक्ष्मीकमला, पद्मा, रमा, हरिप्रिया, श्री, इंदिरा, सिंधुसुता, लोकमाता, चंचला‘इंदिरा’ व ‘सिंधुसुता’
सरस्वतीभारती, शारदा, वीणावादिनी, वाग्देवी, महाश्वेता, गिरा, ब्राह्मी, वागीश्वरी‘गिरा’ व ‘महाश्वेता’
कामदेवमन्मथ, मनोज, मदन, कंदर्प, मार, रतिपति, अनंग, पंचशर, पुष्पधन्वा, मीनकेतु‘अनंग’, ‘मार’ व ‘कंदर्प’
कुबेरयक्षराज, धनाधिप, धनेश, किन्नरेश, धनद, अलकेश‘अलकेश’ व ‘किन्नरेश’

💡वर्ग 3: जीव-जंतु, पक्षी व वनस्पति (Flora & Fauna)

मूल शब्दसम्पूर्ण पर्यायवाची शब्द संग्रहपरीक्षा संकेत
कमलजलज, पंकज, नीरज, अरविंद, राजीव, शतदल, पद्म, पुंडरीक, इंदीवर, उत्पल, तामरस, नलिन‘पुंडरीक’ (सफेद), ‘इंदीवर’ (नीला)
वृक्षपेड़, तरु, पादप, विटप, द्रुम, गाछ, शाखी, दरख्त‘विटप’ व ‘द्रुम’
पुष्प / फूलकुसुम, प्रसून, सुमन, गुल, पुहुप, मंजरी‘प्रसून’ व ‘पुहुप’
सिंह / शेरकेहरि, केसरी, शार्दूल, वनराज, मृगेंद्र, नाहर, पंचानन, महावीर, व्याघ्र‘शार्दूल’ व ‘मृगेंद्र’
हाथीगज, हस्ती, द्विप, मातंग, करी, कुंजर, दंती, वारण, गयंद‘द्विप’, ‘करी’ व ‘वारण’
घोड़ाअश्व, हय, तुरंग, वाजि, सैंधव, घोटक, रविपुत्र‘वाजि’ व ‘सैंधव’
सर्प / साँपभुजंग, अहि, विषधर, व्याल, पन्नग, उरग, नाग, फणी‘उरग’, ‘अहि’ व ‘पन्नग’
मोरमयूर, केकी, शिखी, नीलकंठ, ध्वजी, कलापी, भुजंगारि‘कलापी’ व ‘केकी’
कोयलकोकिल, पिक, वसंतदूत, काकपाली, परभृत, श्यामा‘परभृत’ (दूसरों द्वारा पली)
भौंराभ्रमर, अलि, मधुप, षट्पद, मधुकर, द्विरेफ, चंचरीक, शिलीमुख‘द्विरेफ’ व ‘चंचरीक’
तोताशुक, सुआ, कीर, रक्ततुंड, दाड़िमप्रिय‘दाड़िमप्रिय’ व ‘कीर’
मछलीमत्स्य, मीन, झष, जलजीवन, शफरी‘झष’ व ‘शफरी’

🔥वर्ग 4: मानवीय संबंध, शरीर व अमूर्त भाव

मूल शब्दसम्पूर्ण पर्यायवाची शब्द संग्रहपरीक्षा संकेत
अमृतसुधा, पीयूष, अमिय, सोम, सुरभोग, जीवनोदक‘पीयूष’ व ‘अमिय’
विष / जहरगरल, माहुर, हलाहल, कालकूट‘कालकूट’ व ‘गरल’
राजानृप, भूप, नरेश, महीपाल, भूपति, नरपति, सम्राट्, अवनीश‘महीपाल’ व ‘अवनीश’
शत्रुरिपु, वैरी, अराति, दुश्मन, अमित्र, प्रतिपक्षी, विपक्षी‘अराति’ व ‘रिपु’
मित्रसखा, सहचर, मीत, दोस्त, संगी, सुहृद‘सुहृद’
पुत्रबेटा, सुत, तनय, आत्मज, नंदन, पूत, लाल‘आत्मज’ व ‘तनय’
पुत्रीबेटी, सुता, तनया, आत्मजा, नंदिनी, दुहिता, तनुजा‘दुहिता’ (दूध दुहने वाली)
आँखनेत्र, नयन, चक्षु, लोचन, अक्षि, दृग, विलोचन, दृष्टि‘दृग’ व ‘चक्षु’
हाथहस्त, कर, पाणि, बाहु, भुजा‘पाणि’ (चक्रपाणि)
मोक्षमुक्ति, कैवल्य, निर्वाण, परमपद, सद्गति, अपवर्ग‘कैवल्य’ व ‘अपवर्ग’

विशेष तुलना: पर्यायवाची बनाम अनेकार्थी शब्द

प्रतियोगी परीक्षाओं में अक्सर अभ्यर्थी पर्यायवाची (Synonyms) और अनेकार्थी (Polysemy) शब्दों में गफलत कर बैठते हैं:

ℹ️पर्यायवाची vs अनेकार्थी: तुलनात्मक तालिका

तुलना का आधारपर्यायवाची शब्द (Synonyms)अनेकार्थी शब्द (Polysemy)
मूल अवधारणाअनेक शब्द मिलकर एक ही अर्थ प्रकट करते हैं।एक ही शब्द के प्रसंगानुसार अनेक भिन्न अर्थ होते हैं।
संरचनाशब्द अनेक -> अर्थ केवल एक (Many-to-One)शब्द एक -> अर्थ अनेक (One-to-Many)
उदाहरण‘हाथ’ के पर्याय = हस्त, कर, पाणि, बाहु (सबका अर्थ केवल ‘हाथ’ है)।‘कर’ के अनेकार्थ = हाथ, टैक्स (शुल्क), किरण, सूंड (सब अलग-अलग अर्थ हैं)।

विशेषज्ञ व्याकरण: रंग, अवस्था एवं समय-विशेष के पर्यायवाची

उच्च-स्तरीय परीक्षाओं (UPSC, UPPSC, RO/ARO) में पूछे जाने वाले सूक्ष्म वर्गीकरण:

💡रंग व अवस्था-विशिष्ट विशेष पर्यायवाची (Exam Special)

  • कमल के रंग-विशेष नाम:
    • सफेद कमल: पुण्डरीक, श्वेतपद्म
    • नीला कमल: इन्दीवर, नीलोत्पल
    • लाल कमल: कोकनद, रक्तोत्पल
    • आधा खिला हुआ कमल: मुकुल
  • समय / पहर-विशिष्ट नाम:
    • सूर्य निकलने से ठीक पहले का समय (भोर): उषाकाल, ब्रह्ममुहूर्त, अरुणोदय
    • शाम और रात के बीच का समय: गोधूलि वेला, प्रदोष काल, संधिकाल
    • आधी रात का समय: निशीथ (सर्वाधिक पूछा गया शब्द)
    • तारों भरी रात: विभावरी
  • पशुओं की अवस्था-विशिष्ट नाम:
    • हाथी का बच्चा: कलभ
    • मस्त / जवान हाथी: मतंग, कुंजर
    • मृग (हिरण) का बच्चा: छौना

परीक्षा हॉल विशेष: 20 अति-कठिन पर्यायवाची (PSC व RO/ARO स्पेशल)

वे कठिन शब्द जो राज्य प्रशासनिक परीक्षाओं के कट-ऑफ को तय करते हैं:

20 अति-दुर्लभ पर्यायवाची शब्द संग्रह

मूल शब्दसम्पूर्ण दुर्लभ पर्यायवाची संग्रहमुख्य परीक्षा संकेत
गधाखर, गर्दभ, वैशाखनंदन, रासभ, धूसर, बेसर, चक्रीवान‘वैशाखनंदन’ व ‘चक्रीवान’ कई बार पूछा गया है
बंदरकपि, मर्कट, वानर, कीश, शाखामृग, हरी‘शाखामृग’ (पेड़ की शाखाओं का हिरण)
तलवारअसि, कृपाण, खड्ग, चंद्रहास, करवाल, शमशीर‘चंद्रहास’ (रावण की तलवार) व ‘करवाल’
कौआकाक, पिशुन, वायस, करठ, काग, एकाक्ष‘पिशुन’ व ‘वायस’
मेंढकदादुर, भेक, शालूर, वर्षाभू, मंडूक, प्लवंग‘शालूर’ व ‘वर्षाभू’ अत्यंत दुर्लभ
चाँदनीकौमुदी, ज्योत्स्ना, चंद्रिका, चंद्रकला, अमृततरंगिणी, उज्यारी‘कौमुदी’ व ‘ज्योत्स्ना’
किरणअंशु, रश्मि, मयूख, मरीचि, कर, अर्चि, प्रभा‘मयूख’ व ‘मरीचि’
कबूतरकपोत, पारावत, रक्तलोचन, हारीत, परेवा‘पारावत’ व ‘हारीत’
तोताशुक, सुआ, कीर, रक्ततुंड, दाड़िमप्रिय, सुग्गा‘दाड़िमप्रिय’ (अनार का प्रेमी)
कुत्ताश्वान, कुक्कुर, सारमेय, शूनक, गंडक, भषक‘सारमेय’ व ‘शूनक’
बाण / तीरशर, तीर, सायक, इषु, विशिख, शिलीमुख, नाराच‘विशिख’, ‘नाराच’ व ‘शिलीमुख’
तरकश / तूणीरतूणीर, तूणी, निषंग, इषुधी, त्रोण‘निषंग’ व ‘इषुधी’
पंडित / विद्वानसुधी, मनीषी, प्राज्ञ, कोविद, धीमान, बुध, विज्ञ‘कोविद’ व ‘मनीषी’
ब्राह्मणद्विज, विप्र, भूसुर, महीदेव, अग्रजन्मा‘द्विज’ (दो बार जन्म लेने वाला)
सुंदररुचिर, चारु, रम्य, मंजुल, ललित, कमनीय, कांत‘कमनीय’ व ‘रुचिर’
सोना (स्वर्ण)कनक, कंचन, हेम, हाटक, कुंदन, हिरण्य, जातरूप‘हाटक’ व ‘जातरूप’
चांदीरजत, रूपा, रौप्य, रूपक, कलधौत, गातरूप‘कलधौत’
वस्त्र / कपड़ावसन, चीर, पट, अंबर, परिधान, पोशाक‘वसन’ व ‘पट’
अहंकार / घमंडदर्प, दंभ, मद, मान, गर्व, ऐंठ‘दर्प’ व ‘दंभ’
इच्छाअभिलाषा, आकांक्षा, कामना, लालसा, स्पृहा, ईहा, वांछा‘स्पृहा’ व ‘ईहा’

पर्यायवाची शब्दकोश: फल, वनस्पति एवं प्राकृतिक उपज

विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में पूछे जाने वाले फल, वृक्ष और वनस्पतियों के महत्वपूर्ण समानार्थक शब्द:

फल एवं वृक्ष संबंधी पर्यायवाची शब्द

मूल शब्दसम्पूर्ण पर्यायवाची शब्द संग्रहपरीक्षा संकेत / विशेष अर्थ
आमरसाल, आम्र, सौरभ, मादक, सहकार, पिकबंधु, अतिसौरभ‘सहकार’ व ‘पिकबंधु’ (कोयल का मित्र)
केलाकदली, रंभा, भानुफल, मोचा, गजवशा, कुंजरासरा‘कदली’ व ‘रंभा’ सर्वाधिक पूछा गया
अनारदाड़िम, रामबीज, शुकप्रिय, लोहितबीज‘दाड़िम’ (तोते का प्रिय फल)
जामुनजंबुल, जंबू, फलेंद्र, महाफलासंस्कृत मूल ‘जंबुल’
घास / दूबदूर्वा, तृण, कुश, शाद, दूब, हरित‘दूर्वा’ व ‘तृण’
पत्तापर्ण, पत्र, दल, पात, किसलय, पल्लव‘किसलय’ (नया कोमल पत्ता)
लता / बेलवल्लरी, बेली, लतिका, विटपिका, प्रतान‘वल्लरी’ व ‘प्रतान’
उपवन / बगीचावाटिका, बाग, उद्यान, कुंज, गुलशन, आरामगाह‘कुंज’ व ‘वाटिका’
ईख / गन्नाइक्षु, ऊख, पोंडा, रसदंड, रसाल‘इक्षु’ (तत्सम रूप)
चंदनमलयज, गंधराज, श्रीखंड, मंगल्प, मलयोद्भव‘मलयज’ (मलय पर्वत पर उत्पन्न)

पर्यायवाची शब्दकोश: पशु, पक्षी एवं कीट-पतंगे

जीव-जंतुओं और पक्षियों के विगत परीक्षाओं में पूछे गए दुर्लभ पर्यायवाची:

ℹ️पशु एवं पक्षी संबंधी पर्यायवाची शब्द

मूल शब्दसम्पूर्ण पर्यायवाची शब्द संग्रहपरीक्षा संकेत / विशेष अर्थ
गायगौ, धेनु, सुरभि, भद्रा, दोग्धी, पयस्विनी, रोहिणी‘सुरभि’ व ‘पयस्विनी’ (दूध देने वाली)
बैलवृषभ, बलीवर्द, अनडुवाह, वृष, सौरभेय‘अनडुवाह’ व ‘बलीवर्द’ PSC स्पेशल
भैंसमहिषी, कासरी, सैरिभी, लुलापा‘महिषी’ व ‘सैरिभी’
बकरीअजा, छागी, मेषी, वर्करी, छेरी‘अजा’ (न जन्म लेने वाली)
बिल्लीमार्जार, बिडाल, मार्जारी, ओतु‘मार्जार’ व ‘बिडाल’
चूहामूषक, आखु, खनक, मूसा, इंदुर‘आखु’ (गणेश वाहन) व ‘खनक’
ऊँटउष्ट्र, करभ, महाग्रीव, लंबोष्ठ, सांडिया‘महाग्रीव’ (लंबी गर्दन वाला)
हिरण / मृगसारंग, हरिण, कुरंग, कृष्णसार, चमरी‘कुरंग’ व ‘सारंग’
बाघव्याघ्र, शार्दूल, चित्रक, द्विपिन‘द्विपिन’ व ‘चित्रक’
भालूभल्लुक, ऋक्ष, रीछ, जांबवंत‘ऋक्ष’ व ‘भल्लुक’
हंसमराल, कलकंठ, मानसौक, सितपक्ष, चक्रांग‘मराल’ व ‘मानसौक’
बगुलावक, बलाका, दांतेली, श्वेतपक्षी‘बलाका’ (बगुलों की पंक्ति)
उल्लूउलूक, चुगद, कौशिक, लक्ष्मीवाहन‘कौशिक’ व ‘उलूक’
चींटीपिपीलिका, दीम, वामरी‘पिपीलिका’ (तत्सम रूप)

पर्यायवाची शब्दकोश: मानव शरीर के अंग

मानव शरीर के अंगों से संबंधित समानार्थक शब्दों की सूची:

💡शारीरिक अंग संबंधी पर्यायवाची शब्द

मूल शब्दसम्पूर्ण पर्यायवाची शब्द संग्रहपरीक्षा संकेत / विशेष अर्थ
कानकर्ण, श्रोत, श्रुतिपटल, श्रवण, श्रवणेंद्रिय‘श्रुतिपटल’ व ‘श्रोत’
नाकनासिका, घ्राण, नासा, घ्राणेंद्रिय, नथुने‘घ्राण’ (सूंघने की इंद्री)
दाँतदशन, रदन, द्विज, मुखखुर, दंत‘द्विज’ व ‘रदन’
जीभरसना, रसज्ञा, जिह्वा, रसिका, गिरा‘रसज्ञा’ व ‘रसना’
बाल / केशकच, कुंतल, चिकुर, अलक, शिरोरूह, रोम‘चिकुर’, ‘अलक’ व ‘कुंतल’
माथा / ललाटभाल, मस्तक, लिलाट, पेशानी‘भाल’ (माथा)
गर्दनग्रीवा, गला, शिरोधरा, कंठ, मणिका‘शिरोधरा’ (सिर को धारण करने वाली)
छातीउर, वक्षस्थल, हिया, सीना, छाती‘उर’ (उरगारि/उरग)
पैर / पाँवपद, चरण, पाद, पग, कदम, पैर‘पाद’ व ‘चरण’
खून / रक्तरुधिर, शोणित, लहू, लोहू, असृक्‘शोणित’ व ‘रुधिर’
हड्डीअस्थि, कंकाल, हाड़, कीकस‘कीकस’ व ‘अस्थि’

पर्यायवाची शब्दकोश: दैनिक वस्तुएँ, आभूषण एवं गृह

दैनिक जीवन, आभूषण और भवन से संबंधित पर्यायवाची शब्द:

ℹ️वस्तु, आभूषण व गृह संबंधी पर्यायवाची शब्द

मूल शब्दसम्पूर्ण पर्यायवाची शब्द संग्रहपरीक्षा संकेत / विशेष अर्थ
दर्पण / शीशाआईना, मुकुर, आरसी, आदर्श, शीशा‘मुकुर’ व ‘आरसी’
दीपक / दीयादीप, प्रदीप, ज्योति, चिराग, दिया‘प्रदीप’
आभूषण / गहनाअलंकार, भूषण, जेवर, मंडन, आभरण, गहना‘आभरण’ व ‘मंडन’
हार (गले का)माला, कंठहार, उरहार, मुक्तावली, प्रालंब‘मुक्तावली’ (मोतियों का हार)
मुकुटकिरीट, ताज, मौर, शीशताज‘किरीट’ व ‘मौर’
धनुषचाप, कोदंड, कमान, पिनाक, शरासन‘कोदंड’ व ‘पिनाक’ (शिव धनुष)
नाव / नौकातरी, नैया, डोंगी, जलयान, बेड़ा, पतंग‘तरी’ व ‘डोंगी’
घर / गृहआलय, निकेतन, सदन, गेह, भवन, धाम, शाला, अयन, निलय‘गेह’, ‘निलय’ व ‘अयन’
दरवाजाकपाट, द्वार, पल्ला, किवाड़, दर‘कपाट’
रास्ता / मार्गपथ, डगर, राह, बाट, पंथ, सड़क‘बाट’ व ‘पंथ’

पर्यायवाची शब्दकोश: अमूर्त भाव, गुण एवं अवस्थाएँ

मनोभावों, दार्शनिक शब्दों और मानवीय अवस्थाओं के महत्वपूर्ण समानार्थक शब्द:

अमूर्त भाव एवं मानवीय अवस्थाएँ

मूल शब्दसम्पूर्ण पर्यायवाची शब्द संग्रहपरीक्षा संकेत / विशेष अर्थ
सत्य / सचयथार्थ, तथ्य, ऋत, वास्तविक, प्रकृत‘ऋत’ (वैदिक सत्य)
झूठ / असत्यमिथ्या, अनृत, असत, कपोलकल्पित‘अनृत’ (ऋत का विलोम/झूठ)
सुखआनंद, हर्ष, उल्लास, मोद, प्रमोद, आह्लाद‘आह्लाद’ व ‘प्रमोद’
दुःखव्यथा, पीड़ा, क्लेश, कष्ट, यातना, संताप, वेदना‘संताप’ व ‘यातना’
अंधकारतम, तिमिर, अँधेरा, ध्वांत, कालिमा‘ध्वांत’ व ‘तिमिर’
प्रकाश / उजालाज्योति, प्रभा, दीप्ति, आलोक, द्युति, उजाला‘द्युति’ व ‘आलोक’
लज्जा / शर्मसंकोच, हया, व्रीड़ा, त्रपा, लाज‘व्रीड़ा’ व ‘त्रपा’
क्रोध / गुस्साअमर्ष, रोष, कोप, तैश, प्रतिघात‘अमर्ष’ व ‘कोप’
भय / डरत्रास, भीति, खौफ, आतंक, संत्रास‘भीति’ व ‘त्रास’
दया / करुणाअनुकंपा, कृपा, संवेदना, रहम, दयालुता‘अनुकंपा’

ज्ञान की परीक्षा: पर्यायवाची शब्द All-India PYQ महा-क्विज़

निम्नलिखित में से कौन सा शब्द ‘कमल’ का पर्यायवाची नहीं है? (UPTET / CTET)

  • अरविंद
  • पुंडरीक
  • वारिद
  • इंदीवर

‘मार’ और ‘मन्मथ’ निम्नलिखित में से किस देवता के पर्यायवाची शब्द हैं? (CGPSC / REET)

  • शिव
  • इंद्र
  • कामदेव
  • कुबेर

‘अनल’ और ‘अनिल’ शब्द-युग्म का सही अर्थ-भेद क्या है? (UP RO/ARO / KVS)

  • हवा और आग
  • आग और हवा
  • जल और जंगल
  • दिन और रात

‘शफरी’ और ‘झष’ निम्नलिखित में से किसके पर्यायवाची शब्द हैं? (MP SI / DSSSB)

  • मछली
  • मेंढक
  • मगरमच्छ
  • साँप

‘विभावरी’ किस शब्द का पर्यायवाची है? (UKPSC / State SI)

  • दिन
  • रात
  • संध्या
  • प्रातःकाल

‘द्विरेफ’ और ‘चंचरीक’ निम्नलिखित में से किस कीट के पर्यायवाची हैं? (BPSC / CG Vyapam)

  • तितली
  • भौंरा
  • मच्छर
  • मकड़ी

🔥🎯 अपना स्कोर आँकें: आपकी तैयारी का स्तर क्या है?

कुल प्रश्न: 6 | सही उत्तरों के आधार पर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी तैयारी का विश्लेषण करें:

  • 🏆 6 में से 6 सही (टॉपर स्तर): अद्भुत! पर्यायवाची शब्दों और उनके सूक्ष्म अर्थ-भेदों पर आपकी पकड़ उत्कृष्ट है।
  • 🥈 6 में से 5 सही (उत्कृष्ट स्तर): बहुत बढ़िया प्रदर्शन! केवल 1-2 दुर्लभ शब्दों (जैसे द्विरेफ, मार) का एक बार पुनः अभ्यास करें।
  • 🥉 6 में से 4 सही (औसत स्तर): आपकी तैयारी अच्छी है, लेकिन ‘5 जादुई ट्रिक्स’ और वर्ग-वार तालिकाओं का रिवीजन आवश्यक है।
  • ⚠️ 4 से कम सही (रिवीजन आवश्यक): निराश न हों! ऊपर दिए गए “प्रत्यय सूत्र (Suffix Tricks)” को दोबारा ध्यान से पढ़ें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

विशेषज्ञ निष्कर्ष एवं अगला अध्याय

अंतिम मार्गदर्शन

पर्यायवाची शब्द केवल रटने का विषय नहीं हैं, बल्कि यह भाषा के सौंदर्य और शब्द-भंडार को समृद्ध करने की कला हैं। इस पोस्ट में दी गई 5 जादुई ट्रिक्स और वर्ग-वार तालिकाओं का अभ्यास आपको परीक्षा में शत-प्रतिशत अंक दिलाएगा।

रोडमैप के अनुसार अगले अध्याय (पोस्ट 6) में हम अध्ययन करेंगे — विलोम शब्द: 500+ महा-संग्रह (उपसर्ग विधि, विलोम बनाने के 7 नियम, ट्रिक्स व PYQs)”

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