विशेषण और प्रविशेषण (Adjective & Intensifier: 4 भेद, उपभेद, 3 तुलनात्मक अवस्थाएँ, उद्देश्य vs विधेय विशेषण, विशेषण निर्माण के वैज्ञानिक नियम, मास्टर तालिका, PYQs व FAQs)

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विशेषण और प्रविशेषण (Adjective): 4 भेद, अवस्थाएँ, निर्माण नियम, ट्रिक्स व मास्टर नोट्स

📝विशेषण: संज्ञा और सर्वनाम की विशेषता का परिचायक

विशेषण की मानक परिभाषा: जो विकारी शब्द संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता (गुण, दोष, संख्या, परिमाण, रंग, आकार, दशा आदि) बताते हैं, उन्हें ‘विशेषण’ (Adjective) कहते हैं। विशेषण जिस संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता बताता है, उसे ‘विशेष्य’ (Noun/Pronoun) कहा जाता है।

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विषय सूची [X]

1. विशेषण, विशेष्य एवं प्रविशेषण में त्रिकोणीय अंतर

प्रतियोगी परीक्षाओं में वाक्य देकर इन तीनों घटकों की पहचान पर सीधे प्रश्न पूछे जाते हैं:

ℹ️विशेषण vs विशेष्य vs प्रविशेषण

घटकव्याकरणिक परिभाषावाक्य उदाहरण एवं विश्लेषण
1. विशेषण (Adjective)विशेषता बताने वाला शब्द।“राधा सुंदर लड़की है।” (सुंदर = विशेषण)
2. विशेष्य (Subject Noun)जिसकी विशेषता बताई जाए (संज्ञा/सर्वनाम)।“राधा सुंदर लड़की है।” (लड़की = विशेष्य)
3. प्रविशेषण (Intensifier)जो विशेषण की भी विशेषता बताए (अतिशयता सूचक शब्द)।“राधा बहुत सुंदर लड़की है।” (बहुत = प्रविशेषण)

प्रविशेषण के अन्य उदाहरण: “कश्मीरी सेब सिंदूरी लाल होता है।” (सिंदूरी = प्रविशेषण, लाल = विशेषण) | “वह अत्यंत परिश्रमी छात्र है।” (अत्यंत = प्रविशेषण)

2. विशेषण के 4 मुख्य भेद

हिन्दी व्याकरण में अर्थ और कार्य के आधार पर विशेषण के 4 प्रमुख भेद होते हैं:

1. गुणवाचक विशेषण (Qualitative Adjective)

परिभाषा: जो शब्द संज्ञा या सर्वनाम के गुण, दोष, रंग, रूप, आकार, काल, स्थान, स्वाद, गंध या दशा का बोध कराते हैं:

  • गुण-दोष बोधक: भला, बुरा, सच्चा, झूठा, ईमानदार, दुष्ट, दयालु, क्रूर, पापी, शांत
  • रंग बोधक: लाल, पीला, नीला, हरा, काला, सफेद, चमकीला, धुंधला
  • आकार बोधक: लंबा, छोटा, गोल, चौकोर, नुकीला, चपटा, मोटा, पतला, सुडौल
  • काल बोधक: नया, पुराना, प्राचीन, नवीन, ताजा, बासी, मौसमी, आधुनिक
  • स्थान बोधक: भारतीय, जापानी, रूसी, बनारसी, जयपुरी, ग्रामीण, शहरी, बाहरी, भीतरी
  • स्वाद व गंध बोधक: मीठा, खट्टा, नमकीन, कड़वा, तीखा, सुगंधित, बदबूदार
  • दशा व अवस्था बोधक: रोगी, स्वस्थ, गरीब, अमीर, दुर्बल, बलवान, सूखा, गीला, पिघला

ℹ️2. संख्यावाचक विशेषण (Numeral Adjective)

परिभाषा: जो शब्द संज्ञा या सर्वनाम की गिनती (संख्या) का बोध कराते हैं। इसके 2 मुख्य भेद होते हैं:

  • (क) निश्चित संख्यावाचक विशेषण (इसके 5 उपभेद होते हैं):
    • 1. गणनावाचक (गिनती सूचक): एक, दो, तीन, सौ, हजार (पूर्णांक बोधक) तथा आधा, पाव, पौन, सवा, डेढ़, ढाई (अपूर्णांक बोधक)।
    • 2. क्रमवाचक (स्थान/ऑर्डर सूचक): पहला, दूसरा, तीसरा, पाँचवाँ, दसवाँ।
    • 3. आवृत्तिवाचक (गुना सूचक): दूना, तिगुना, चौगुना, दसगुना, दोहरा, इकहरा।
    • 4. समुदायवाचक (समूह सूचक): दोनों, तीनों, चारों, सातों, दसों, युगल।
    • 5. प्रत्येकबोधक / विभागवाचक: प्रति, प्रत्येक, हर-एक, एक-एक, दो-दो।
  • (ख) अनिश्चित संख्यावाचक विशेषण: जहाँ निश्चित संख्या का बोध न हो (जैसे- कुछ लोग, कई छात्र, सब बच्चे, थोड़े सैनिक, सैकड़ों पुस्तकें, हजारों दर्शक)।

💡3. परिमाणवाचक विशेषण (Quantitative Adjective - नाप-तौल)

परिभाषा: जो शब्द किसी वस्तु की मात्रा (Quantity), नाप या तौल का बोध कराते हैं (जिन्हें गिना नहीं जाता, केवल नापा-तौला जाता है):

  • (क) निश्चित परिमाणवाचक: दो मीटर कपड़ा, पाँच किलो चीनी, एक लीटर दूध, दस क्विंटल गेहूँ, चार बीघा जमीन
  • (ख) अनिश्चित परिमाणवाचक: थोड़ा पानी, बहुत अनाज, कुछ दूध, सारा घी, कम तेल, अधिक चाय, अत्यधिक वर्षा

🔥4. सार्वनामिक विशेषण / संकेतवाचक विशेषण (Demonstrative Adjective)

परिभाषा: जब कोई सर्वनाम शब्द संज्ञा के ठीक पहले आकर उस संज्ञा की विशेषता बताता है या उसकी ओर संकेत करता है, तो उसे सार्वनामिक विशेषण कहते हैं:

  • निश्चयबोधक सार्वनामिक: यह पुस्तक मेरी है।” | वह घर सुंदर है।”
  • अनिश्चयबोधक सार्वनामिक: कोई व्यक्ति बाहर खड़ा है।” | कुछ सामग्री दे दो।”
  • प्रश्नबोधक सार्वनामिक: कौन लड़का प्रथम आया?” | क्या बात हो गई?”
  • संबंधबोधक सार्वनामिक: जो कलम तुमने दी थी, वह खो गई।”

3. स्थान के आधार पर विशेषण: उद्देश्य vs विधेय विशेषण

वाक्य में विशेषण कहाँ बैठता है, इसके आधार पर 2 स्थितियाँ होती हैं:

ℹ️उद्देश्य विशेषण (विशेष्य विशेषण) vs विधेय विशेषण

प्रकारबैठने का स्थान / नियमवाक्य उदाहरण एवं विश्लेषण
1. उद्देश्य विशेषण (विशेष्य विशेषण)विशेषण विशेष्य (संज्ञा) से पहले आता है।“लाल गुलाब सुंदर है।” (लाल पहले आया)“चतुर बालक पढ़ रहा है।”
2. विधेय विशेषण (Predicative)विशेषण विशेष्य के बाद और क्रिया से पहले आता है।“गुलाब लाल है।” (लाल बाद में आया)“मेरा कुत्ता काला है।”

4. विशेषण की 3 तुलनात्मक अवस्थाएँ (Degrees of Comparison)

तुलना की दृष्टि से गुणवाचक विशेषणों की 3 अवस्थाएँ होती हैं:

विशेषण की 3 अवस्थाएँ: मूलावस्था, उत्तरावस्था व उत्तमावस्था

मूलावस्था (Positive Degree)उत्तरावस्था (Comparative: -तर)उत्तमावस्था (Superlative: -तम)
उच्च (सामान्य गुण)उच्चतर (दो में तुलना / से अधिक उच्च)उच्चतम (सबमें सर्वोच्च / सबसे अधिक उच्च)
लघुलघुतरलघुतम
श्रेष्ठश्रेष्ठतरश्रेष्ठतम
तीव्रतीव्रतरतीव्रतम
महानमहत्तरमहत्तम
निकृष्टनिकृष्टतरनिकृष्टतम
कठोरकठोरतरकठोरतम
प्रियप्रियतरप्रियतम
सुंदरसुंदरतर / अधिक सुंदरसुंदरतम / सबसे सुंदर

5. परीक्षा Trap Alert: सबसे बड़े 3 विशेषण कन्फ्यूजन का समाधान

प्रतियोगी परीक्षाओं में परीक्षक अक्सर इन 3 बिंदुओं पर अभ्यर्थियों को फँसाते हैं:

💡Trap 1: संख्यावाचक बनाम परिमाणवाचक (गिना जाने वाला vs नापा-तौला जाने वाला)

अचूक ट्रिक: जिस संज्ञा की विशेषता बताई जा रही है, यह देखें कि वह ‘काउंटेबल’ (गिनने योग्य) है या ‘अनकाउंटेबल’ (नाप-तौल योग्य):

वाक्य उदाहरणसंज्ञा की प्रकृतिविशेषण का सही भेद
“मेज पर चार केले रखे हैं।”केले = गिने जा सकते हैं (Countable)निश्चित संख्यावाचक विशेषण
“दुकान से चार किलो दाल लाओ।”दाल = तौली जाती है (Uncountable)निश्चित परिमाणवाचक विशेषण
“सभा में कुछ लोग आए थे।”लोग = गिने जा सकते हैंअनिश्चित संख्यावाचक विशेषण
“गिलास में कुछ दूध है।”दूध = नापा जाता हैअनिश्चित परिमाणवाचक विशेषण
“बाढ़ में सब कुछ बह गया।”समग्रताअनिश्चित परिमाणवाचक विशेषण
“मैदान में हजारों दर्शक थे।”दर्शक = गिने जा सकते हैंअनिश्चित संख्यावाचक विशेषण

🔥Trap 2: सर्वनाम बनाम सार्वनामिक विशेषण का अंतर

  • जब शब्द अकेला आए (संज्ञा के स्थान पर): वह ‘सर्वनाम’ है (जैसे- वह जा रहा है।” | यह सुंदर है।”)।
  • जब शब्द संज्ञा के ठीक पहले आकर उसकी ओर संकेत करे: वह ‘सार्वनामिक विशेषण’ है (जैसे- वह लड़का जा रहा है।” | यह दृश्य सुंदर है।”)।

ℹ️Trap 3: 'प्रविशेषण' की पहचान (Intensifier)

अक्सर छात्र प्रविशेषण को क्रिया-विशेषण समझ लेते हैं:

  • “राम बहुत तेज दौड़ता है।” -> यहाँ ‘दौड़ता है’ (क्रिया) की विशेषता ‘तेज’ (क्रिया-विशेषण) है, और ‘बहुत’ क्रिया-विशेषण का प्रविशेषण है।
  • “यह आम बहुत मीठा है।” -> यहाँ ‘मीठा’ (विशेषण) की विशेषता ‘बहुत’ बता रहा है, अतः यह विशेषण का प्रविशेषण है।

6. विशेषण निर्माण मास्टर तालिका (60+ अति-महत्वपूर्ण शब्द)

संज्ञा, सर्वनाम, क्रिया और अव्यय में प्रत्यय जोड़कर विशेषण बनाने की वैज्ञानिक तालिका:

विशेषण निर्माण की 3-कॉलम मास्टर तालिका

मूल शब्दनिर्मित विशेषणनिर्माण का आधार / प्रयुक्त प्रत्यय
भारतभारतीयसंज्ञा + ‘ईय’ प्रत्यय
समाजसामाजिकसंज्ञा + ‘इक’ प्रत्यय (आदि-स्वर वृद्धि)
इतिहासऐतिहासिकसंज्ञा + ‘इक’ प्रत्यय
भूगोलभौगोलिकसंज्ञा + ‘इक’ प्रत्यय
दिनदैनिकसंज्ञा + ‘इक’ प्रत्यय
वर्षवार्षिकसंज्ञा + ‘इक’ प्रत्यय
चमकचमकीलासंज्ञा + ‘ईला’ प्रत्यय
जहरजहरीलासंज्ञा + ‘ईला’ प्रत्यय
रसरसीलासंज्ञा + ‘ईला’ प्रत्यय
दयादयालुसंज्ञा + ‘आलु’ प्रत्यय
कृपाकृपालुसंज्ञा + ‘आलु’ प्रत्यय
श्रद्धाश्रद्धालुसंज्ञा + ‘आलु’ प्रत्यय
धनधनवान / धनीसंज्ञा + ‘वान’ / ‘ई’ प्रत्यय
गुणगुणवान / गुणीसंज्ञा + ‘वान’ प्रत्यय
बलबलवान / बलीसंज्ञा + ‘वान’ प्रत्यय
बुद्धिबुद्धिमानसंज्ञा + ‘मान’ प्रत्यय
श्रीश्रीमानसंज्ञा + ‘मान’ प्रत्यय
नगरनागरिकसंज्ञा + ‘इक’ प्रत्यय
ग्रामग्रामीणसंज्ञा + ‘ईण’ प्रत्यय
जंगलजंगलीसंज्ञा + ‘ई’ प्रत्यय
पहाड़पहाड़ीसंज्ञा + ‘ई’ प्रत्यय
बनारसबनारसीसंज्ञा + ‘ई’ प्रत्यय
जयपुरजयपुरीसंज्ञा + ‘ई’ प्रत्यय
रंगरंगीनसंज्ञा + ‘ईन’ प्रत्यय
शौकशौकीनसंज्ञा + ‘ईन’ प्रत्यय
नमकनमकीनसंज्ञा + ‘ईन’ प्रत्यय
कुलकुलीनसंज्ञा + ‘ईन’ प्रत्यय
धर्मधार्मिकसंज्ञा + ‘इक’ प्रत्यय
नीतिनैतिकसंज्ञा + ‘इक’ प्रत्यय
अर्थआर्थिकसंज्ञा + ‘इक’ प्रत्यय
वायुवायव्यसंज्ञा + ‘य’ प्रत्यय
यहऐसासर्वनाम से विशेषण
वहवैसासर्वनाम से विशेषण
कौनकैसासर्वनाम से विशेषण
जोजैसासर्वनाम से विशेषण
मैंमुझ-सासर्वनाम से विशेषण
आपआप-सासर्वनाम से विशेषण
पढ़नापढ़ाकूक्रिया + ‘आकू’ प्रत्यय
लड़नालड़ाकूक्रिया + ‘आकू’ प्रत्यय
भूलनाभुलक्कड़क्रिया + ‘अक्कड़’ प्रत्यय
घूमनाघुमक्कड़क्रिया + ‘अक्कड़’ प्रत्यय
पीनापियक्कड़क्रिया + ‘अक्कड़’ प्रत्यय
बिकनाबिकाऊक्रिया + ‘आऊ’ प्रत्यय
टिकनाटिकाऊक्रिया + ‘आऊ’ प्रत्यय
तैरनातैराकक्रिया + ‘आक’ प्रत्यय
सड़नासड़ाक्रिया + ‘आ’ प्रत्यय
मरनामरियलक्रिया + ‘इयल’ प्रत्यय
अड़नाअड़ियलक्रिया + ‘इयल’ प्रत्यय
हँसनाहँसोड़ / हँसमुखक्रिया + ‘ओड़’ / ‘मुख’
आगेअगलाअव्यय + ‘ला’ प्रत्यय
पीछेपिछलाअव्यय + ‘ला’ प्रत्यय
ऊपरऊपरीअव्यय + ‘ई’ प्रत्यय
नीचेनिचलाअव्यय + ‘ला’ प्रत्यय
बाहरबाहरीअव्यय + ‘ई’ प्रत्यय
भीतरभीतरीअव्यय + ‘ई’ प्रत्यय
सामनेसामने वालाअव्यय + ‘वाला’
सदासनातनअव्यय रूप

व्याकरणिक विश्लेषण: विकारी बनाम अविकारी विशेषण (लिंग-वचन विकार)

विशेष्य (संज्ञा) के लिंग और वचन का विशेषण पर क्या प्रभाव पड़ता है, इसके आधार पर विशेषण दो प्रकार के होते हैं:

ℹ️विकारी विशेषण vs अविकारी विशेषण

विशेषण का प्रकारविकार का स्वरूपउदाहरण एवं विश्लेषण
1. विकारी विशेषण (बदलने वाले)जो विशेष्य के लिंग और वचन के अनुसार अपना रूप बदलते हैं (प्रायः आकारांत विशेषण)।अच्छा लड़का -> अच्छी लड़की -> अच्छे लड़केबड़ा कमरा -> बड़ी मेज -> बड़े कमरे
2. अविकारी विशेषण (स्थिर रहने वाले)जो विशेष्य के लिंग और वचन बदलने पर भी सदा एकसमान (अपरिवर्तित) रहते हैं।सुंदर लड़का -> सुंदर लड़की -> सुंदर बच्चेचतुर बालक -> चतुर बालिका (चतुर अपरिवर्तित रहा)

शास्त्रीय वर्गीकरण: सार्वनामिक विशेषण के 4 आंतरिक उपभेद

संज्ञा से पूर्व आने वाले सार्वनामिक विशेषण 4 प्रकार से कार्य करते हैं:

💡सार्वनामिक विशेषण के 4 उपभेद तालिका

सार्वनामिक उपभेदकार्य एवं पहचानवाक्य उदाहरण
1. निश्चयबोधक सार्वनामिकनिश्चित संज्ञा की ओर संकेत करना।“यह कलम मेरी है।”“वह घर सुंदर है।”
2. अनिश्चयबोधक सार्वनामिकअनिश्चित संज्ञा की ओर संकेत करना।“कोई सज्जन आपसे मिलने आए हैं।”“कुछ सामग्री दे दो।”
3. प्रश्नबोधक सार्वनामिकसंज्ञा के विषय में प्रश्न पूछना।“कौन छात्र कक्षा में प्रथम आया?”“किस पुस्तक को पढ़ रहे हो?”
4. संबंधबोधक सार्वनामिकसंज्ञा का संबंध दूसरे उपवाक्य से जोड़ना।“जो कलम तुमने दी थी, वह खो गई।”“जिस मकान में वे रहते हैं, वह पुराना है।”

परीक्षा Trap Alert: विशेषण का ‘संज्ञावत’ प्रयोग (जब विशेषण संज्ञा बन जाए)

प्रतियोगी परीक्षाओं में सबसे अधिक पूछे जाने वाले वाक्य-रूपांतरण नियमों में से एक:

🔥💡 विशेषण का जातिवाचक संज्ञा में बदलना

गोल्डन नियम: जब किसी गुणवाचक विशेषण का प्रयोग बहुवचन में किया जाता है, तो उसके साथ विशेष्य (संज्ञा) नहीं आती और वह स्वयं ‘जातिवाचक संज्ञा’ बन जाता है:

  • गरीब (विशेषण) व्यक्ति की मदद करो।” -> गरीबों (जातिवाचक संज्ञा) की मदद करो।”
  • बड़ा (विशेषण) आदमी आ रहा है।” -> बड़ों (जातिवाचक संज्ञा) का आदर करो।”
  • अमीर (विशेषण) लोग आराम करते हैं।” -> अमीरों (जातिवाचक संज्ञा) को दान देना चाहिए।”
  • अंधा (विशेषण) बालक पढ़ रहा है।” -> अंधों (जातिवाचक संज्ञा) को रास्ता दिखाओ।”

परीक्षा हॉल विशेष: 20 अति-कठिन एवं शास्त्रीय विशेषण शब्द (PSC व RO/ARO स्पेशल)

वे दुर्लभ विशेषण शब्द जो राज्य प्रशासनिक परीक्षाओं के कट-ऑफ को निर्धारित करते हैं:

20 अति-दुर्लभ शास्त्रीय विशेषण संग्रह

मूल संज्ञा / आधारनिर्मित शास्त्रीय विशेषणप्रयुक्त प्रत्यय एवं ध्वनि नियम
ऋषिआर्ष‘अ’ प्रत्यय (आदि-स्वर वृद्धि नियम) / आर्ष ग्रंथ
शिवशैव‘अ’ प्रत्यय (इ का ऐ हुआ) / शैव संप्रदाय
विष्णुवैष्णव‘अ’ प्रत्यय (उ का औ हुआ) / वैष्णव धर्म
शक्तिशाक्त‘अ’ प्रत्यय / शाक्त मत
पिशाचपैशाचिक‘इक’ प्रत्यय / पैशाचिक वृत्ति
हृदयहार्दिक‘इक’ प्रत्यय / हार्दिक बधाई
देहदैहिक‘इक’ प्रत्यय / दैहिक ताप
भूगोलभौगोलिक‘इक’ प्रत्यय / भौगोलिक सीमा
परलोकपारलौकिक‘इक’ प्रत्यय / पारलौकिक सुख
अध्यात्मआध्यात्मिक‘इक’ प्रत्यय / आध्यात्मिक ज्ञान
स्वभावस्वाभाविक‘इक’ प्रत्यय / स्वाभाविक प्रक्रिया
प्रकृतिप्राकृतिक‘इक’ प्रत्यय / प्राकृतिक सौंदर्य
मृत्युमर्त्य‘य’ प्रत्यय / मर्त्य लोक
स्वर्णस्वर्णिम / सौवर्ण‘इम’ प्रत्यय / स्वर्णिम युग
अनुरागअनुरक्तकृदंत रूप / अनुरक्त हृदय
स्मृतिस्मार्त‘अ’ प्रत्यय / स्मार्त नियम
शरदशारदीय‘ईय’ प्रत्यय / शारदीय नवरात्र
वसंतवासंतिक‘इक’ प्रत्यय / वासंतिक बयार
वायुवायव्य‘य’ प्रत्यय / वायव्य कोण
जलजलीय‘ईय’ प्रत्यय / जलीय जीव

विशेषण शब्दकोश: स्थान, देश व प्रदेश से बने 30 नए विशेषण

विभिन्न भौगोलिक स्थानों और प्रांतों के नामों से बनने वाले महत्वपूर्ण स्थानवाचक विशेषण:

स्थानवाचक विशेषण तालिका (Proper Adjectives)

मूल स्थान / संज्ञानिर्मित विशेषणप्रयुक्त प्रत्यय / नियम
मिथिलामैथिल / मैथिलीआदि-स्वर वृद्धि + ‘इल’ प्रत्यय
मगधमागधी / मागधआदि-स्वर वृद्धि (‘अ’ का ‘आ’)
कश्मीरकश्मीरी‘ई’ प्रत्यय
पंजाबपंजाबी‘ई’ प्रत्यय
बंगालबंगाली‘ई’ प्रत्यय
गुजरातगुजराती‘ई’ प्रत्यय
राजस्थानराजस्थानी‘ई’ प्रत्यय
असमअसमिया‘इया’ प्रत्यय
उड़ीसा (ओडिशा)उड़िया / ओड़िआप्रत्यय रूप
केरलकेरलीय‘ईय’ प्रत्यय
जापानजापानी‘ई’ प्रत्यय
चीनचीनी‘ई’ प्रत्यय
रूसरूसी‘ई’ प्रत्यय
अमेरिकाअमेरिकी‘ई’ प्रत्यय
यूरोपयूरोपीय‘ईय’ प्रत्यय
एशियाएशियाई‘आई’ प्रत्यय
इलाहाबाद (प्रयागराज)इलाहाबादी‘ई’ प्रत्यय
लखनऊलखनवी‘ई’ प्रत्यय
नागपुरनागपुरी‘ई’ प्रत्यय
जोधपुरजोधपुरी‘ई’ प्रत्यय
कोल्हापुरकोल्हापुरी‘ई’ प्रत्यय
मुम्बईमुम्बइया‘इया’ प्रत्यय
दिल्लीदहलवी / दिल्लीवालाप्रत्यय रूप
देहातदेहाती‘ई’ प्रत्यय
विदेशविदेशी‘ई’ प्रत्यय
परदेसपरदेसी‘ई’ प्रत्यय
प्रांतप्रांतीय‘ईय’ प्रत्यय
क्षेत्रक्षेत्रीय‘ईय’ प्रत्यय
स्थानस्थानीय‘ईय’ प्रत्यय
स्वर्गस्वर्गीय‘ईय’ प्रत्यय

विशेषण शब्दकोश: भाव, गुण व मनोविकारों से बने 50 नए विशेषण

मनोभावों, आंतरिक गुणों और दोषों से बनने वाले 50 प्रमुख विशेषण शब्द:

ℹ️भाव व गुण से बने विशेषण तालिका

मूल भाव / संज्ञानिर्मित विशेषणप्रयुक्त प्रत्यय एवं नियम
क्रोधक्रोधी / क्रुद्ध‘ई’ प्रत्यय / कृदंत रूप
ईर्ष्याईर्ष्यालु‘आलु’ प्रत्यय
मोहमोहित / मोही‘इत’ / ‘ई’ प्रत्यय
लज्जालजीला / लज्जित‘ईला’ / ‘इत’ प्रत्यय
तृष्णातृषित‘इत’ प्रत्यय (प्यास से युक्त)
लोभलोभी / लुब्ध‘ई’ प्रत्यय / तत्सम रूप
गर्वगर्वीला‘ईला’ प्रत्यय
घमंडघमंडी‘ई’ प्रत्यय
कपटकपटी‘ई’ प्रत्यय
छलछली / छलिया‘ई’ / ‘इया’ प्रत्यय
दंभदंभी‘ई’ प्रत्यय
दर्पदर्पित‘इत’ प्रत्यय
भ्रमभ्रमित / भ्रामक‘इत’ / ‘अक’ प्रत्यय
संदेहसंदिग्धकृदंत रूप
आश्चर्यआश्चर्यचकितयौगिक रूप
आनंदआनंदित / आनंदमयी‘इत’ प्रत्यय
उल्लासउल्लसित‘इत’ प्रत्यय
शोकशोकाकुल / शोकाग्रस्तयौगिक विशेषण
भयभयानक / भीत‘आनक’ / ‘त’ प्रत्यय
आतंकआतंकित‘इत’ प्रत्यय
उत्साहउत्साही / उत्साहित‘ई’ / ‘इत’ प्रत्यय
साहससाहसी‘ई’ प्रत्यय
धीरजधीरमूल विशेषण
पीड़ापीड़ित‘इत’ प्रत्यय
क्लेशक्लिष्ट / क्लेशिततत्सम रूप
करुणाकारुणिक‘इक’ प्रत्यय (आदि-स्वर वृद्धि)
घृणाघृणित / घृणास्पद‘इत’ प्रत्यय
पापपापी‘ई’ प्रत्यय
पुण्यपुण्यात्मा / पवित्रयौगिक रूप
कर्मकर्मठ / कर्मशील‘ठ’ / ‘शील’ प्रत्यय
भाग्यभाग्यवान / भाग्यशाली‘वान’ / ‘शाली’ प्रत्यय
दुर्भाग्यदुर्भाग्यपूर्णयौगिक रूप
कलंककलंकित‘इत’ प्रत्यय
अपराधअपराधी‘ई’ प्रत्यय
अभिमानअभिमानी‘ई’ प्रत्यय
अपमानअपमानित‘इत’ प्रत्यय
सम्मानसम्मानित‘इत’ प्रत्यय
उपेक्षाउपेक्षित‘इत’ प्रत्यय
अपेक्षाअपेक्षित‘इत’ प्रत्यय
निंदानिंदनीय / निंद्य‘अनीय’ / ‘य’ प्रत्यय
प्रशंसाप्रशंसनीय‘अनीय’ प्रत्यय
स्तुतिस्तुत्य‘य’ प्रत्यय
निष्ठानिष्ठावान / निष्ठुर‘वान’ प्रत्यय
भक्तिभक्त / भक्तिमयविशेषण रूप
शांतिशांतमूल विशेषण
तृप्तितृप्ततत्सम रूप
मुक्तिमुक्ततत्सम रूप
संतुष्टिसंतुष्टतत्सम रूप
विरक्तिविरक्ततत्सम रूप
आसक्तिआसक्ततत्सम रूप

विशेषण शब्दकोश: धातु, पदार्थ, खनिज व प्रकृति से बने 40 विशेषण

पदार्थों, तत्वों और प्राकृतिक उपादानों से बनने वाले 40 महत्वपूर्ण विशेषण:

💡धातु व प्रकृति से बने विशेषण तालिका

मूल पदार्थ / संज्ञानिर्मित विशेषणप्रयुक्त प्रत्यय एवं नियम
लोहालौह / लोहेदारआदि-स्वर वृद्धि (‘ओ’ का ‘औ’)
तांबाताम्र / तांबईतत्सम रूप
सोनासुनहरा / स्वर्णिम‘हरा’ / ‘इम’ प्रत्यय
चांदीरूपहला / रजत‘हला’ प्रत्यय
पत्थरपथरीला‘ईला’ प्रत्यय
रेतरेतीला‘ईला’ प्रत्यय
बर्फबर्फीला‘ईला’ प्रत्यय
मिट्टीमटमैला‘मैला’ प्रत्यय
काष्ठ (लकड़ी)काष्ठीय‘ईय’ प्रत्यय
काँचकाँचिया‘इया’ प्रत्यय
धूपधूपिया / धूपदार‘दार’ प्रत्यय
छायाछायादार‘दार’ प्रत्यय
गंधगंधीला / सुगंधित‘ईला’ / ‘इत’ प्रत्यय
धूलधूसर / धूलिया‘इया’ प्रत्यय
वायुवातुल / वायव्य‘य’ प्रत्यय
अग्निआग्नेय‘एय’ प्रत्यय (आदि-स्वर वृद्धि)
जलजलीय / जलीय‘ईय’ प्रत्यय
थलस्थलीय‘ईय’ प्रत्यय
नभनभचर / आकाशीय‘ईय’ प्रत्यय
समुद्रसामुद्रिक‘इक’ प्रत्यय (आदि-स्वर वृद्धि)
पर्वतपर्वतीय‘ईय’ प्रत्यय
वनवन्य‘य’ प्रत्यय
अरण्यआरण्यक‘अक’ प्रत्यय (आदि-स्वर वृद्धि)
पातालपातालीय‘ईय’ प्रत्यय
ग्रहग्रहीय‘ईय’ प्रत्यय
सूर्यसौर्य / सौर‘अ’ प्रत्यय (आदि-स्वर वृद्धि)
चंद्रमाचांद्र‘अ’ प्रत्यय (आदि-स्वर वृद्धि)
पृथ्वीपार्थिव‘अ’ प्रत्यय (आदि-स्वर वृद्धि)
घासघसियारा‘आरा’ प्रत्यय
कांटाकँटीला‘ईला’ प्रत्यय
फूलफूला / फुल्ल‘आ’ प्रत्यय
फलफलदार / फलित‘दार’ / ‘इत’ प्रत्यय
विषविषैला‘ऐला’ प्रत्यय
रसरसीला‘ईला’ प्रत्यय
तेजतेजस्वी‘स्वी’ प्रत्यय
ओजओजस्वी‘स्वी’ प्रत्यय
मेघमेघमय‘मय’ प्रत्यय
पंक (कीचड़)पंकिल‘इल’ प्रत्यय
फेन (झाग)फेनिल‘इल’ प्रत्यय
रोमरोमिल‘इल’ प्रत्यय

विशेषण शब्दकोश: संबंध, शरीर एवं काल से बने 40 नए विशेषण

पारिवारिक संबंधों, शारीरिक अंगों और समय से बनने वाले 40 प्रमुख शब्द:

संबंध, शरीर व कालवाचक विशेषण तालिका

मूल संज्ञा शब्दनिर्मित विशेषणप्रयुक्त प्रत्यय / नियम
चाचाचचेरा‘एरा’ प्रत्यय
मामाममेरा‘एरा’ प्रत्यय
फूफाफुफेरा‘एरा’ प्रत्यय
मौसामौसेरा‘एरा’ प्रत्यय
ससुरससुराली‘ई’ प्रत्यय
पितापैतृक / पितृवतआदि-स्वर वृद्धि + ‘इक’
मातामातृक / मातृवत‘इक’ प्रत्यय
भाईभ्रातृवत / भाईचारा‘वत’ प्रत्यय
पुत्रपौत्रिक / पुत्रवतआदि-स्वर वृद्धि + ‘इक’
देहदैहिक‘इक’ प्रत्यय (ए का ऐ)
शरीरशारीरिक‘इक’ प्रत्यय (अ का आ)
मनमानसिक‘इक’ प्रत्यय
बुद्धिबौद्धिक‘इक’ प्रत्यय (उ का औ)
आत्माआत्मिक‘इक’ प्रत्यय
रक्तरक्तिम‘इम’ प्रत्यय
मुखमौखिक‘इक’ प्रत्यय (उ का औ)
कर्णकर्णप्रिय / कार्ण्य‘प्रिय’ / ‘य’ प्रत्यय
कंठकंठस्थ / कंठ्य‘स्थ’ / ‘य’ प्रत्यय
दंतदंत्य‘य’ प्रत्यय
तालुतालव्य‘य’ प्रत्यय
ओष्ठओष्ठ्य‘य’ प्रत्यय
मूर्धामूर्धन्य‘य’ प्रत्यय
नासिकानासिक्य‘य’ प्रत्यय
हस्तहस्तलिखित / हस्तगतयौगिक रूप
चरणचरणाश्रित‘आश्रित’ प्रत्यय
समयसामयिक‘इक’ प्रत्यय (अ का आ)
मासमासिक‘इक’ प्रत्यय
पक्षपाक्षिक‘इक’ प्रत्यय (अ का आ)
सप्ताहसाप्ताहिक‘इक’ प्रत्यय (अ का आ)
वर्षवार्षिक‘इक’ प्रत्यय (अ का आ)
युगयुगीन‘ईन’ प्रत्यय
क्षणक्षणिक‘इक’ प्रत्यय
कालकालिक‘इक’ प्रत्यय
संध्यासांध्यआदि-स्वर वृद्धि + ‘य’
प्रातःप्रातःकालीन‘कालीन’ प्रत्यय
दिनदैनिक‘इक’ प्रत्यय (इ का ऐ)
रातरतिचर्या / निशाचरयौगिक रूप
मध्यममाध्यमिक‘इक’ प्रत्यय (अ का आ)
अंचलआंचलिक‘इक’ प्रत्यय (अ का आ)
अंतअंतिम‘इम’ प्रत्यय

विशेषण शब्दकोश: क्रिया एवं अव्यय से बने 40 नए विशेषण

क्रिया-धातुओं और अविकारी पदों (अव्यय) से निर्मित 40 महत्वपूर्ण विशेषण:

🔥क्रिया व अव्यय से बने विशेषण तालिका

क्रिया / अव्यय (मूल शब्द)निर्मित विशेषणव्याकरणिक आधार
देखनादर्शनीय / दृष्टव्य‘अनीय’ / ‘तव्य’ प्रत्यय
पूजनापूजनीय / पूज्य‘अनीय’ / ‘य’ प्रत्यय
वंदनावंदनीय / वंद्य‘अनीय’ प्रत्यय
सुननाश्रव्य / श्रवणीय‘य’ / ‘अनीय’ प्रत्यय
पढ़नापठनीय / पाठ्य‘अनीय’ / ‘य’ प्रत्यय
लिखनालिखित / लेख्य‘इत’ / ‘य’ प्रत्यय
गानागेय‘य’ प्रत्यय (गाने योग्य)
कहनाकथित / कथ्य‘इत’ / ‘य’ प्रत्यय
पीनापेय‘य’ प्रत्यय (पीने योग्य)
खानाखाद्य / खाऊ‘य’ / ‘ऊ’ प्रत्यय
सूंघनाघ्रातव्य / घ्राण‘तव्य’ प्रत्यय
छोड़नात्याज्य‘य’ प्रत्यय (त्यागने योग्य)
लेनाग्राह्य‘य’ प्रत्यय (ग्रहण करने योग्य)
समझनासमझदार‘दार’ प्रत्यय
चमकनाचमकीला‘ईला’ प्रत्यय
भड़कनाभड़कीला‘ईला’ प्रत्यय
बहकनाबहकाऊ‘आऊ’ प्रत्यय
मरनामरणशील / नश्वर‘शील’ प्रत्यय
जीनाजीवनक्षम‘क्षम’ प्रत्यय
चलनाचालू / चलाऊ‘ऊ’ / ‘आऊ’ प्रत्यय
रुकनारुकाऊ‘आऊ’ प्रत्यय
काटनाकाटू‘ऊ’ प्रत्यय
भागनाभगोड़ा‘ओड़ा’ प्रत्यय
हंसनाहँसमुख‘मुख’ प्रत्यय
रोनारोतलू / रोनी‘अलू’ प्रत्यय
डरनाडरपोक‘पोक’ प्रत्यय
अड़नाअड़ियल‘इयल’ प्रत्यय
मरनामरियल‘इयल’ प्रत्यय
सड़नासड़ियल / सड़ा‘इयल’ प्रत्यय
उड़नाउड़ाऊ‘आऊ’ प्रत्यय
आगेअगुआ / अगलाअव्यय + ‘आ’ / ‘ला’
पीछेपिछलग्गू / पिछलाअव्यय + ‘ला’
नीचेनिचलाअव्यय + ‘ला’
ऊपरउपरि / ऊपरीअव्यय + ‘ई’
बाहरबाहरीअव्यय + ‘ई’
भीतरभीतरीअव्यय + ‘ई’
सामनेसाम्हने वालाअव्यय + ‘वाला’
यहाँऐसाअव्यय से विशेषण
वहाँवैसाअव्यय से विशेषण
कहाँकैसाअव्यय से विशेषण

ज्ञान की परीक्षा: विशेषण All-India PYQ महा-क्विज़

“कश्मीरी सेब सिंदूरी लाल होता है।” — इस वाक्य में ‘सिंदूरी’ शब्द क्या है? (UPPSC / CTET)

  • विशेषण
  • विशेष्य
  • प्रविशेषण
  • क्रिया-विशेषण

“अर्चना अत्यंत सुंदर है।” — इस वाक्य में ‘सुंदर’ शब्द व्याकरणिक दृष्टि से क्या है? (CGPSC / REET)

  • प्रविशेषण
  • विधेय विशेषण
  • उद्देश्य विशेषण
  • सार्वनामिक विशेषण

‘ऋषि’ संज्ञा शब्द से बनने वाला सही विशेषण शब्द कौन सा है? (UP RO/ARO / KVS)

  • आर्ष
  • ऋषिकल्प
  • ऋषितुल्य
  • ऋषिवत

“गिलास में थोड़ा दूध है।” — इस वाक्य में ‘थोड़ा’ किस प्रकार का विशेषण है? (MP SI / DSSSB)

  • अनिश्चित संख्यावाचक
  • अनिश्चित परिमाणवाचक
  • निश्चित परिमाणवाचक
  • गुणवाचक विशेषण

‘उत्कर्ष’ का विशेषण रूप क्या होगा? (UKPSC / State SI)

  • अपकर्ष
  • उत्कृष्ट
  • उत्कीर्ण
  • उत्कृष्टता

“यह लड़का बहुत चालाक है।” — इस वाक्य में रेखांकित शब्द ‘यह’ क्या है? (BPSC / CG Vyapam)

  • निश्चयवाचक सर्वनाम
  • सार्वनामिक विशेषण
  • पुरुषवाचक सर्वनाम
  • गुणवाचक विशेषण

🔥🎯 अपना स्कोर आँकें: आपकी तैयारी का स्तर क्या है?

कुल प्रश्न: 6 | सही उत्तरों के आधार पर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी तैयारी का विश्लेषण करें:

  • 🏆 6 में से 6 सही (टॉपर स्तर): अद्भुत! विशेषण के सभी 4 भेदों, प्रविशेषण, विधेय विशेषण और विशेषण निर्माण पर आपकी पकड़ उत्कृष्ट है।
  • 🥈 6 में से 5 सही (उत्कृष्ट स्तर): बहुत बढ़िया तैयारी! केवल संख्यावाचक vs परिमाणवाचक के सूक्ष्म अंतर का एक बार पुनः अभ्यास करें।
  • 🥉 6 में से 4 सही (औसत स्तर): आपकी नींव अच्छी है, लेकिन ‘उद्देश्य vs विधेय विशेषण’ और मास्टर तालिका का रिवीजन आवश्यक है।
  • ⚠️ 4 से कम सही (रिवीजन आवश्यक): निराश न हों! ऊपर दिए गए “3 विशेषण Trap Alert” को दोबारा ध्यान से पढ़ें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

विशेषज्ञ निष्कर्ष एवं अगला अध्याय

अंतिम मार्गदर्शन

विशेषण और प्रविशेषण भाषा में सटीकता, अभिव्यक्ति का विस्तार और सौंदर्य भरने वाले अनिवार्य व्याकरणिक घटक हैं। इस पोस्ट में दिए गए विशेषण निर्माण नियमों और प्रविशेषण की पहचान का नियमित अभ्यास आपको परीक्षा में 100% अंक दिलाएगा।

रोडमैप के अनुसार अगले अध्याय (पोस्ट 15) में हम अध्ययन करेंगे — “क्रिया, काल और वाच्य (Verb, Tense & Voice): सकर्मक vs अकर्मक, 3 काल के 14 उपभेद, वाच्य परिवर्तन ट्रिक्स व PYQs”

अपनी तैयारी को नई ऊँचाइयों पर ले जाने के लिए हमारे साथ निरंतर जुड़े रहें!

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