वचन (Number in Hindi): एकवचन से बहुवचन बनाने के 10 नियम, अपवाद व मास्टर नोट्स
विलोम, लिंग के बाद वचन: संख्या का व्याकरणिक बोध
वचन की मानक परिभाषा: संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण या क्रिया के जिस रूप से किसी व्यक्ति, वस्तु या प्राणी के ‘एक’ या ‘एक से अधिक’ (अनेक) होने का संख्यात्मक बोध होता है, उसे व्याकरण में ‘वचन’ (Number) कहते हैं। वचन का शाब्दिक अर्थ ‘संख्या का कथन’ होता है।
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विषय सूची [X]
- वचन (Number in Hindi): एकवचन से बहुवचन बनाने के 10 नियम, अपवाद व मास्टर नोट्स
- 📝विलोम, लिंग के बाद वचन: संख्या का व्याकरणिक बोध
- 1. संस्कृत बनाम हिन्दी में वचन-व्यवस्था (2 मुख्य भेद)
- ℹ️संस्कृत (3 वचन) vs हिन्दी (2 वचन) तुलनात्मक तालिका
- 2. सदैव ‘बहुवचन’ रहने वाले 10 प्रमुख शब्द (Always Plural Nouns)
- ✅सदैव बहुवचन रहने वाले शब्द एवं वाक्य-प्रयोग
- 3. सदैव ‘एकवचन’ रहने वाले 10 प्रमुख शब्द (Always Singular Nouns)
- ℹ️सदैव एकवचन रहने वाले शब्द एवं वाक्य-प्रयोग
- 4. आदरार्थक बहुवचन (Honorific Plural Rule)
- 💡💡 सम्मान / आदर प्रकट करने हेतु बहुवचन क्रिया का नियम
- 5. एकवचन से बहुवचन बनाने के 10 वैज्ञानिक नियम
- ✅नियम 1 से 3: पुल्लिंग 'ए' तथा स्त्रीलिंग 'एं' व 'एँ' के नियम
- ℹ️नियम 4 से 6: इकारांत, उकारांत व या-अंत के नियम
- 💡नियम 7 से 10: गण/जन/वृंद जोड़ना, तिर्यक रूप व निर्विकार शब्द
- 6. परीक्षा Trap Alert: 20 सर्वाधिक भ्रामक शब्द (जहाँ 90% छात्र गलती करते हैं)
- 🔥💡 परीक्षा हॉल भ्रामक शब्द एवं सही वचन निर्णय
- 7. मास्टर तालिका: परीक्षाओं में बार-बार पूछे जाने वाले 60 वचन शब्द
- 📌”एकवचन
- भाषा-वैज्ञानिक वर्गीकरण: निर्विभक्तिक बनाम सविभक्तिक (तिर्यक) बहुवचन
- ℹ️निर्विभक्तिक बहुवचन vs सविभक्तिक (तिर्यक) बहुवचन तालिका
- व्याकरणिक रूपांतरण: भाववाचक संज्ञा का बहुवचन में ‘जातिवाचक’ बनना
- 📌”💡
- कामताप्रसाद गुरु सूत्र: विदेशी / आगत शब्दों का बहुवचन नियम
- 💡विदेशी शब्दों का हिन्दी व्याकरण सम्मत बहुवचन
- परीक्षा हॉल विशेष: 20 अति-कठिन एवं शास्त्रीय वचन-रूपांतरण शब्द (PSC व RO/ARO स्पेशल)
- 📌”20
- वचन शब्दकोश: शिक्षा, साहित्य व कार्यालयी 50 शब्द (वर्णमाला क्रम)
- ✅शिक्षा एवं प्रशासनिक वचन तालिका (वर्णमाला क्रम)
- वचन शब्दकोश: प्रकृति, भूगोल, कृषि व वनस्पति 50 शब्द (वर्णमाला क्रम)
- ℹ️भूगोल, कृषि व पर्यावरण वचन तालिका (वर्णमाला क्रम)
- वचन शब्दकोश: गृहस्थी, वस्त्र, आभूषण व भोजन 50 शब्द (वर्णमाला क्रम)
- 💡घरेलू सामग्री व वस्त्र वचन तालिका (वर्णमाला क्रम)
- वचन शब्दकोश: सामाजिक संबंध, शरीर के अंग व प्राणी 50 शब्द (वर्णमाला क्रम)
- 🔥संबंध, शरीर अंग व प्राणी तालिका (वर्णमाला क्रम)
- ज्ञान की परीक्षा: वचन All-India PYQ महा-क्विज़
- 🔥🎯 अपना स्कोर आँकें: आपकी वचन तैयारी का स्तर क्या है?
- अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
- विशेषज्ञ निष्कर्ष एवं अगला अध्याय
- ✅अंतिम मार्गदर्शन: वचन निर्धारण की अचूक ट्रिक
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1. संस्कृत बनाम हिन्दी में वचन-व्यवस्था (2 मुख्य भेद)
प्रतियोगी परीक्षाओं में संस्कृत और हिन्दी की वचन व्यवस्था के अंतर पर सीधा प्रश्न पूछा जाता है:
संस्कृत (3 वचन) vs हिन्दी (2 वचन) तुलनात्मक तालिका
| भाषा का आधार | वचनों की कुल संख्या | भेद एवं विशेषताएं |
|---|---|---|
| संस्कृत व्याकरण | 3 वचन होते हैं। | एकवचन, द्विवचन (दो के लिए) एवं बहुवचन (तीन या अधिक के लिए)। |
| हिन्दी व्याकरण | केवल 2 वचन होते हैं। | 1. एकवचन (Singular) एवं 2. बहुवचन (Plural)। (हिन्दी में द्विवचन नहीं होता; दो या दो से अधिक सभी संख्याएँ बहुवचन में आती हैं)। |
2. सदैव ‘बहुवचन’ रहने वाले 10 प्रमुख शब्द (Always Plural Nouns)
हिन्दी में कुछ शब्द ऐसे होते हैं जिनका प्रयोग सदा बहुवचन में ही होता है (परीक्षाओं में सर्वाधिक पूछे जाने वाले शब्द):
सदैव बहुवचन रहने वाले शब्द एवं वाक्य-प्रयोग
| सदा बहुवचन शब्द | लाक्षणिक अर्थ | मानक वाक्य प्रयोग (बहुवचन क्रिया) | |
|---|---|---|---|
| प्राण | जीवन / श्वास | “शेर को देखते ही उसके प्राण निकल गए।” (‘प्राण निकल गया’ अशुद्ध है) | |
| आँसू | अश्रु | “खुशी के मारे उसकी आँखों से आँसू बहने लगे।” | |
| हस्ताक्षर | दस्तखत (Sign) | “अधिकारी ने कागजात पर हस्ताक्षर कर दिए।” (‘हस्ताक्षर कर दिया’ अशुद्ध है) | |
| दर्शन | दीदार / साक्षात देखना | “आज मुझे आपके दर्शन हो गए।” | |
| होश | चेतना / सुधबुध | “दुर्घटना की खबर सुनकर उसके होश उड़ गए।” | |
| लोग | जनसमूह | “वहाँ बहुत से लोग उपस्थित थे।” | |
| बाल / केश | सिर के बाल | “धूप में उसके बाल सफेद हो गए।” | |
| अक्षत | पूजा का चावल | “पंडितजी ने माथे पर अक्षत लगाए।” | |
| दाम / मूल्य | कीमत | “आजकल सोने के दाम बढ़ गए हैं।” | |
| तेवर / भाग्य | भाव / किस्मत | “उसके तेवर बदल गए।” | “उसके भाग्य खुल गए।” |
3. सदैव ‘एकवचन’ रहने वाले 10 प्रमुख शब्द (Always Singular Nouns)
द्रव्यवाचक, भाववाचक और समूहवाचक संज्ञाएँ प्रायः सदा एकवचन में प्रयुक्त होती हैं:
सदैव एकवचन रहने वाले शब्द एवं वाक्य-प्रयोग
| सदा एकवचन शब्द | श्रेणी / प्रकार | मानक वाक्य प्रयोग (एकवचन क्रिया) |
|---|---|---|
| जनता | समूहवाचक संज्ञा | “जनता जागरूक हो गई है।” (‘जनता जागरूक हो गए हैं’ अशुद्ध है) |
| वर्षा / बारिश | प्राकृतिक तत्व | “कल रात से भारी वर्षा हो रही है।” |
| पानी / जल | द्रव्यवाचक संज्ञा | “गिलास में ठंडा पानी है।” |
| दूध / घी / तेल | द्रव्यवाचक तरल | “बाजार में शुद्ध घी मिलता है।” |
| सोना / चाँदी / लोहा | धातु / खनिज | “सोना महंगा हो गया है।” |
| भीड़ / सेना / पुलिस | समूहवाचक संज्ञा | “सड़क पर भारी भीड़ जमा हो गई।” |
| प्रत्येक / हर-एक | अव्यय / विशेषण | “कक्षा का प्रत्येक छात्र उपस्थित था।” |
| क्षमा / दया / क्रोध | भाववाचक संज्ञा | “ईश्वर से क्षमा मांगी गई।” |
| आकाश / पाताल | खगोलीय तत्व | “आकाश नीला है।” |
| हवा / वायु | प्राकृतिक तत्व | “शीतल हवा चल रही है।” |
4. आदरार्थक बहुवचन (Honorific Plural Rule)
💡 सम्मान / आदर प्रकट करने हेतु बहुवचन क्रिया का नियम
गोल्डन नियम: यद्यपि व्यक्ति एकवचन होता है, किंतु उसके प्रति आदर या सम्मान (Respect) प्रकट करने के लिए क्रिया सदैव बहुवचन में प्रयुक्त की जाती है:
- “गांधीजी अहिंसा के पुजारी थे।” (गांधीजी था अशुद्ध है)
- “पिताजी बाजार से आ रहे हैं।” (पिताजी आ रहा है अशुद्ध है)
- “गुरुजी कक्षा में पढ़ा रहे हैं।”
- “तुलसीदास जी रामचरितमानस के रचयिता थे।”
5. एकवचन से बहुवचन बनाने के 10 वैज्ञानिक नियम
शब्दों के अंतिम स्वर और लिंग के आधार पर बहुवचन बनाने के प्रामाणिक नियम:
नियम 1 से 3: पुल्लिंग 'ए' तथा स्त्रीलिंग 'एं' व 'एँ' के नियम
- नियम 1 (आकारांत पुल्लिंग शब्दों में ‘आ’ का ‘ए’ होना):
लड़का -> लड़के | घोड़ा -> घोड़े | पंखा -> पंखे | बेटा -> बेटे | कमरा -> कमरे | रास्ता -> रास्ते | तोता -> तोते
(अपवाद: संबंध सूचक आकारांत शब्द जैसे- पिता, चाचा, मामा, दादा, नाना बहुवचन में नहीं बदलते)। - नियम 2 (अकारांत स्त्रीलिंग शब्दों में ‘अ’ का ‘एं’ [ऐं] होना):
पुस्तक -> पुस्तकें | कलम -> कलमें | रात -> रातें | बात -> बातें | आँख -> आँखें | सड़क -> सड़कें | बहन -> बहनें - नियम 3 (आकारांत स्त्रीलिंग शब्दों में ‘एँ’ जोड़ना):
कविता -> कविताएँ | शाखा -> शाखाएँ | माता -> माताएँ | लता -> लताएँ | कन्या -> कन्याएँ | सभा -> सभाएँ | महिला -> महिलाएँ
नियम 4 से 6: इकारांत, उकारांत व या-अंत के नियम
- नियम 4 (इकारांत / ईकारांत स्त्रीलिंग में बड़ी ‘ई’ को छोटी ‘इ’ कर ‘याँ’ जोड़ना – सबसे महत्वपूर्ण):
नदी -> नदियाँ | लड़की -> लड़कियाँ | दवाई -> दवाइयाँ | मिठाई -> मिठाइयाँ | नारी -> नारियाँ | रीति -> रीतियाँ | रोटी -> रोटियाँ | साड़ी -> साड़ियाँ - नियम 5 (उकारांत / ऊकारांत स्त्रीलिंग में बड़े ‘ऊ’ को छोटा ‘उ’ कर ‘एँ’ जोड़ना):
वधू -> वधुएँ | वस्तु -> वस्तुएँ | धेनु -> धेनुएँ | ऋतु -> ऋतुएँ | गौ -> गौएँ | बहू -> बहुएँ - नियम 6 (या-अंत स्त्रीलिंग शब्दों में केवल चन्द्रबिन्दु ‘याँ’ लगाना):
चिड़िया -> चिड़ियाँ | डिबिया -> डिबियाँ | गुड़िया -> गुड़ियाँ | बिटिया -> बिटियाँ | लुटिया -> लुटियाँ | चूहिया -> चूहियाँ
नियम 7 से 10: गण/जन/वृंद जोड़ना, तिर्यक रूप व निर्विकार शब्द
- नियम 7 (गण, जन, वृंद, वर्ग, दल, लोग जोड़कर बहुवचन बनाना):
मुनि -> मुनिवृंद | छात्र -> छात्रगण | शिक्षक -> शिक्षकवृंद | गुरु -> गुरुजन | प्रजा -> प्रजाजन | नेता -> नेतागण | सैनिक -> सैनिकदल | आप -> आपलोग | मजदूर -> मजदूरवर्ग - नियम 8 (संबोधन में ‘ओ’ लगाना – अनुस्वार रहित):
भाइयो! (भाइयों अशुद्ध), बहनो! (बहनों अशुद्ध), बच्चो! (बच्चों अशुद्ध), देवियो और सज्जनो! - नियम 9 (कारक चिन्हों के साथ ‘तिर्यक बहुवचन’ – ‘ओं’ लगाना):
लड़का -> लड़कों ने | नदी -> नदियों में | पुस्तक -> पुस्तकों पर | घर -> घरों में - नियम 10 (निर्विकार शब्द – जिनका एकवचन और बहुवचन समान रहता है):
बिना कारक चिन्ह के जल, पानी, प्रेम, क्रोध, घर, पेड़, फल, मुनि, साधु एकवचन व बहुवचन में एकसमान रहते हैं (जैसे- एक पेड़ -> दस पेड़)।
6. परीक्षा Trap Alert: 20 सर्वाधिक भ्रामक शब्द (जहाँ 90% छात्र गलती करते हैं)
प्रतियोगी परीक्षाओं में परीक्षक अक्सर इन भ्रामक शब्दों से प्रश्न पूछते हैं:
💡 परीक्षा हॉल भ्रामक शब्द एवं सही वचन निर्णय
| भ्रामक शब्द / वाक्य | सही वचन | परीक्षा ट्रैप एवं सूक्ष्म कारण |
|---|---|---|
| दवाइयाँ (Medicines) | बहुवचन | शुद्ध वर्तनी ‘दवाइयाँ’ (छोटी ‘इ’) है (‘दवाईयाँ’ अशुद्ध है)। |
| मिठाइयाँ (Sweets) | बहुवचन | शुद्ध वर्तनी ‘मिठाइयाँ’ है (‘मिठाईयाँ’ अशुद्ध है)। |
| हस्ताक्षर (Sign) | सदैव बहुवचन | ‘मैंने हस्ताक्षर कर दिए’ शुद्ध है (‘हस्ताक्षर कर दिया’ गलत है)। |
| प्राण (Life) | सदैव बहुवचन | ‘उसके प्राण उड़ गए’ शुद्ध है (‘प्राण उड़ गया’ गलत है)। |
| जनता (Public) | सदैव एकवचन | ‘जनता खड़ी है’ शुद्ध है (‘जनता खड़े हैं’ गलत है)। |
| वर्षा (Rain) | सदैव एकवचन | ‘वर्षा हो रही है’। |
| अनेक vs अनेकों | ‘अनेक’ शुद्ध बहुवचन | ‘अनेक’ स्वयं बहुवचन है (‘अनेकों’ लिखना सर्वथा अशुद्ध है)। |
| दर्शन (Vision) | सदैव बहुवचन | ‘आपके दर्शन हुए’। |
| होश (Conscious) | सदैव बहुवचन | ‘उसके होश उड़ गए’। |
| प्रत्येक / हर-एक | सदैव एकवचन | ‘प्रत्येक छात्र आया है’ (‘आए हैं’ गलत है)। |
| वधुएँ (Brides) | बहुवचन | बड़े ‘ऊ’ की मात्रा छोटी ‘उ’ में बदलती है (वधू -> वधुएँ)। |
| बहुएँ (Daughters-in-law) | बहुवचन | बड़े ‘ऊ’ की मात्रा छोटी ‘उ’ में बदलती है (बहू -> बहुएँ)। |
| साधु (Monk) | एकवचन व बहुवचन समान | ‘एक साधु आया’ / ‘दस साधु आए’। |
| राजा / मामा / चाचा | अपरिवर्तित आकारांत | संबंध सूचक आकारांत बहुवचन में नहीं बदलते। |
| पानी / दूध / घी | सदैव एकवचन | द्रव्यवाचक संज्ञाएँ सदा एकवचन में रहती हैं। |
| सोना / चाँदी / लोहा | सदैव एकवचन | धातुएँ सदा एकवचन में प्रयुक्त होती हैं। |
| संबोधन में ‘भाइयो’ | अनुस्वार रहित | संबोधन में बिंदी नहीं लगती (‘भाइयों’ अशुद्ध है, ‘भाइयो’ शुद्ध है)। |
| संबोधन में ‘बहनो’ | अनुस्वार रहित | ‘बहनो और भाइयो’ शुद्ध है। |
| भीड़ / सेना / पुलिस | सदैव एकवचन | ‘पुलिस आ गई है’। |
| आँसू (Tears) | सदैव बहुवचन | ‘आँसू बहने लगे’। |
7. मास्टर तालिका: परीक्षाओं में बार-बार पूछे जाने वाले 60 वचन शब्द
विगत 15 वर्षों की परीक्षाओं (CTET, State PSC, SI, RO/ARO, REET) में सर्वाधिक पूछे गए 60 शब्द:
”एकवचन
| एकवचन शब्द (मूल) | बहुवचन रूप (शुद्ध व्याकरण) | प्रयुक्त प्रत्यय / निर्माण का नियम |
|---|---|---|
| दवाई | दवाइयाँ | ‘ई’ का ‘इ’ होकर ‘याँ’ जुड़ना |
| मिठाई | मिठाइयाँ | ‘ई’ का ‘इ’ होकर ‘याँ’ जुड़ना |
| नदी | नदियाँ | ‘ई’ का ‘इ’ होकर ‘याँ’ जुड़ना |
| लड़की | लड़कियाँ | ‘ई’ का ‘इ’ होकर ‘याँ’ जुड़ना |
| नारी | नारियाँ | ‘ई’ का ‘इ’ होकर ‘याँ’ जुड़ना |
| साड़ी | साड़ियाँ | ‘ई’ का ‘इ’ होकर ‘याँ’ जुड़ना |
| रोटी | रोटियाँ | ‘ई’ का ‘इ’ होकर ‘याँ’ जुड़ना |
| टोपी | टोपियाँ | ‘ई’ का ‘इ’ होकर ‘याँ’ जुड़ना |
| गाड़ी | गाड़ियाँ | ‘ई’ का ‘इ’ होकर ‘याँ’ जुड़ना |
| छुट्टी | छुट्टियाँ | ‘ई’ का ‘इ’ होकर ‘याँ’ जुड़ना |
| सखी | सखियाँ | ‘ई’ का ‘इ’ होकर ‘याँ’ जुड़ना |
| मक्खी | मक्खियाँ | ‘ई’ का ‘इ’ होकर ‘याँ’ जुड़ना |
| तितली | तितलियाँ | ‘ई’ का ‘इ’ होकर ‘याँ’ जुड़ना |
| मछली | मछलियाँ | ‘ई’ का ‘इ’ होकर ‘याँ’ जुड़ना |
| कुर्सी | कुर्सियाँ | ‘ई’ का ‘इ’ होकर ‘याँ’ जुड़ना |
| वधू | वधुएँ | ‘ऊ’ का ‘उ’ होकर ‘एँ’ जुड़ना |
| बहू | बहुएँ | ‘ऊ’ का ‘उ’ होकर ‘एँ’ जुड़ना |
| वस्तु | वस्तुएँ | ‘उ’ के साथ ‘एँ’ जुड़ना |
| ऋतु | ऋतुएँ | ‘उ’ के साथ ‘एँ’ जुड़ना |
| धेनु | धेनुएँ | ‘उ’ के साथ ‘एँ’ जुड़ना |
| गौ | गौएँ | ‘ओ’ के साथ ‘एँ’ जुड़ना |
| कविता | कविताएँ | आकारांत स्त्रीलिंग + ‘एँ’ |
| माता | माताएँ | आकारांत स्त्रीलिंग + ‘एँ’ |
| लता | लताएँ | आकारांत स्त्रीलिंग + ‘एँ’ |
| शाखा | शाखाएँ | आकारांत स्त्रीलिंग + ‘एँ’ |
| कन्या | कन्याएँ | आकारांत स्त्रीलिंग + ‘एँ’ |
| महिला | महिलाएँ | आकारांत स्त्रीलिंग + ‘एँ’ |
| पत्रिका | पत्रिकाएँ | आकारांत स्त्रीलिंग + ‘एँ’ |
| योजना | योजनाएँ | आकारांत स्त्रीलिंग + ‘एँ’ |
| चिड़िया | चिड़ियाँ | या-अंत में चन्द्रबिन्दु (याँ) |
| डिबिया | डिबियाँ | या-अंत में चन्द्रबिन्दु (याँ) |
| गुड़िया | गुड़ियाँ | या-अंत में चन्द्रबिन्दु (याँ) |
| बिटिया | बिटियाँ | या-अंत में चन्द्रबिन्दु (याँ) |
| लुटिया | लुटियाँ | या-अंत में चन्द्रबिन्दु (याँ) |
| चूहिया | चूहियाँ | या-अंत में चन्द्रबिन्दु (याँ) |
| पुस्तक | पुस्तकें | अकारांत स्त्रीलिंग + ‘एं’ |
| कलम | कलमें | अकारांत स्त्रीलिंग + ‘एं’ |
| रात | रातें | अकारांत स्त्रीलिंग + ‘एं’ |
| बात | बातें | अकारांत स्त्रीलिंग + ‘एं’ |
| आँख | आँखें | अकारांत स्त्रीलिंग + ‘एं’ |
| सड़क | सड़कें | अकारांत स्त्रीलिंग + ‘एं’ |
| बहन | बहनें | अकारांत स्त्रीलिंग + ‘एं’ |
| दीवार | दीवारें | अकारांत स्त्रीलिंग + ‘एं’ |
| लड़का | लड़के | आकारांत पुल्लिंग (‘आ’ का ‘ए’) |
| घोड़ा | घोड़े | आकारांत पुल्लिंग (‘आ’ का ‘ए’) |
| कमरा | कमरे | आकारांत पुल्लिंग (‘आ’ का ‘ए’) |
| पंखा | पंखे | आकारांत पुल्लिंग (‘आ’ का ‘ए’) |
| रास्ता | रास्ते | आकारांत पुल्लिंग (‘आ’ का ‘ए’) |
| बेटा | बेटे | आकारांत पुल्लिंग (‘आ’ का ‘ए’) |
| गमला | गमले | आकारांत पुल्लिंग (‘आ’ का ‘ए’) |
| छात्र | छात्रगण | ‘गण’ समूहवाचक पद जोड़ना |
| शिक्षक | शिक्षकवृंद | ‘वृंद’ पद जोड़ना |
| मुनि | मुनिवृंद | ‘वृंद’ पद जोड़ना |
| गुरु | गुरुजन | ‘जन’ पद जोड़ना |
| प्रजा | प्रजाजन | ‘जन’ पद जोड़ना |
| नेता | नेतागण | ‘गण’ पद जोड़ना |
| सैनिक | सैनिकदल | ‘दल’ पद जोड़ना |
| मजदूर | मजदूरवर्ग | ‘वर्ग’ पद जोड़ना |
| आप | आपलोग | ‘लोग’ पद जोड़ना |
| कवि | कविगण / कविवृंद | ‘गण/वृंद’ पद जोड़ना |
भाषा-वैज्ञानिक वर्गीकरण: निर्विभक्तिक बनाम सविभक्तिक (तिर्यक) बहुवचन
हिन्दी व्याकरण में वाक्य में कारक चिन्ह (परसर्ग) की उपस्थिति के आधार पर बहुवचन के 2 रूप होते हैं:
निर्विभक्तिक बहुवचन vs सविभक्तिक (तिर्यक) बहुवचन तालिका
| मूल एकवचन शब्द | निर्विभक्तिक बहुवचन (बिना कारक चिन्ह) | सविभक्तिक / तिर्यक बहुवचन (कारक चिन्ह सहित: ‘ओं’) |
|---|---|---|
| लड़का | लड़के (लड़के खेलते हैं) | लड़कों ने / लड़कों को |
| नदी | नदियाँ (नदियाँ बहती हैं) | नदियों में / नदियों का |
| घर | घर (कई घर बने हैं – अपरिवर्तित) | घरों में / घरों पर |
| साधु | साधु (दस साधु आए – अपरिवर्तित) | साधुओं को / साधुओं ने |
| राजा | राजा (सब राजा पधारे – अपरिवर्तित) | राजाओं ने / राजाओं का |
| माता | माताएँ (माताएँ बैठी हैं) | माताओं को / माताओं ने |
| पेड़ | पेड़ (चार पेड़ लगे हैं) | पेड़ों पर / पेड़ों से |
गोल्डन नियम: जिन अकारांत, इकारांत या उकारांत पुल्लिंग शब्दों का बहुवचन बिना विभक्ति के नहीं बदलता (जैसे- घर, साधु, राजा, पेड़), कारक चिन्ह जुड़ते ही उनका तिर्यक बहुवचन ‘ओं’ लगकर बदल जाता है।
व्याकरणिक रूपांतरण: भाववाचक संज्ञा का बहुवचन में ‘जातिवाचक’ बनना
प्रतियोगी परीक्षाओं में सबसे अधिक पूछा जाने वाला वचन-रूपांतरण नियम:
”💡
नियम: भाववाचक संज्ञाएँ सदैव एकवचन में प्रयुक्त होती हैं। जब किसी भाववाचक संज्ञा को बहुवचन में बदला जाता है, तो वह भाववाचक न रहकर ‘जातिवाचक संज्ञा’ बन जाती है:
- “आपसी दूरी (भाववाचक) मिटाओ।” -> “आजकल दोनों परिवारों में दूरियाँ (जातिवाचक संज्ञा) बढ़ गई हैं।”
- “उसकी बुराई (भाववाचक) मत करो।” -> “दूसरों की बुराइयों (जातिवाचक संज्ञा) से सीखो।”
- “यह मेरी मजबूरी (भाववाचक) है।” -> “उसकी अनेक मजबूरियाँ (जातिवाचक संज्ञा) थीं।”
- “ईश्वर से प्रार्थना (भाववाचक) करो।” -> “हमारी सभी प्रार्थनाएँ (जातिवाचक संज्ञा) पूरी हुईं।”
कामताप्रसाद गुरु सूत्र: विदेशी / आगत शब्दों का बहुवचन नियम
विदेशी शब्दों का हिन्दी व्याकरण सम्मत बहुवचन
पं. कामताप्रसाद गुरु के अनुसार, हिन्दी में प्रयुक्त होने वाले अंग्रेजी, अरबी और फारसी शब्दों का बहुवचन उनकी मूल भाषा के अनुसार नहीं, बल्कि हिन्दी के ‘ओं’ प्रत्यय नियम के अनुसार बनाना ही सर्वथा शुद्ध माना जाता है:
| विदेशी शब्द (मूल) | अमानक बहुवचन (मूल विदेशी रूप) | हिन्दी मानक शुद्ध बहुवचन रूप |
|---|---|---|
| कागज़ (अरबी) | कागजात (उर्दू रूप) | कागज़ों (हिन्दी मानक) |
| वकील (अरबी) | वकला | वकीलों |
| नियम / कायदा | कवानीन | नियमों / कायदों |
| स्कूल (अंग्रेजी) | स्कूल्स (Schools) | स्कूलों |
| अस्पताल (Hospital) | हॉस्पिटल्स | अस्पतालों |
| ऑफिस (Office) | ऑफिसेस | ऑफिसों |
| डॉक्टर (Doctor) | डॉक्टर्स | डॉक्टरों |
परीक्षा हॉल विशेष: 20 अति-कठिन एवं शास्त्रीय वचन-रूपांतरण शब्द (PSC व RO/ARO स्पेशल)
वे कठिन शब्द जो राज्य प्रशासनिक परीक्षाओं के कट-ऑफ को निर्धारित करते हैं:
”20
| कठिन एकवचन शब्द | सही बहुवचन रूप (शुद्ध व्याकरण) | प्रयुक्त प्रत्यय एवं ध्वनि नियम |
|---|---|---|
| कुआँ | कुएँ | चन्द्रबिन्दु युक्त ‘एँ’ नियम |
| धुआँ | धुएँ | चन्द्रबिन्दु युक्त ‘एँ’ नियम |
| रुपया | रुपये (या रुपयों) | ‘या’ का ‘ये’ में परिवर्तन |
| गौ | गौएँ | ‘ओ’ के साथ ‘एँ’ |
| पंक्ति | पंक्तियाँ | ‘इ’ के साथ ‘याँ’ |
| जाति | जातियाँ | ‘इ’ के साथ ‘याँ’ |
| पत्ती | पत्तियाँ | ‘ई’ का ‘इ’ होकर ‘याँ’ |
| श्रृंखला | श्रृंखलाएँ | आकारांत + ‘एँ’ |
| सौदा | सौदे | आकारांत पुल्लिंग -> ‘ए’ |
| चश्मा | चश्मे | आकारांत पुल्लिंग -> ‘ए’ |
| पैजामा | पैजामे | आकारांत पुल्लिंग -> ‘ए’ |
| कौआ | कौए | ‘आ’ का ‘ए’ |
| छाया | छायाएँ | आकारांत + ‘एँ’ |
| दिशा | दिशाएँ | आकारांत + ‘एँ’ |
| गाथा | गाथाएँ | आकारांत + ‘एँ’ |
| प्रति | प्रतियाँ | ‘इ’ के साथ ‘याँ’ |
| नीति | नीतियाँ | ‘इ’ के साथ ‘याँ’ |
| कृति | कृतियाँ | ‘इ’ के साथ ‘याँ’ |
| झाड़ी | झाड़ियाँ | ‘ई’ का ‘इ’ होकर ‘याँ’ |
| सीढ़ी | सीढ़ियाँ | ‘ई’ का ‘इ’ होकर ‘याँ’ |
वचन शब्दकोश: शिक्षा, साहित्य व कार्यालयी 50 शब्द (वर्णमाला क्रम)
शैक्षणिक, साहित्यिक एवं प्रशासनिक कार्यों में प्रयुक्त होने वाले शब्दों के एकवचन व बहुवचन रूप:
शिक्षा एवं प्रशासनिक वचन तालिका (वर्णमाला क्रम)
| एकवचन शब्द (मूल) | बहुवचन रूप (शुद्ध व्याकरण) | प्रयुक्त प्रत्यय / निर्माण का नियम |
|---|---|---|
| अध्यापक | अध्यापकगण / अध्यापकों | ‘गण’ पद जोड़ना / तिर्यक रूप |
| अधिकारी | अधिकारीगण / अधिकारियों | ‘गण’ पद / ‘यों’ प्रत्यय |
| अनुच्छेद | अनुच्छेदों (तिर्यक) | अकारांत पुल्लिंग तिर्यक रूप |
| अभिलेख | अभिलेखों | तिर्यक बहुवचन |
| अभ्यर्थी | अभ्यर्थीगण / अभ्यर्थियों | समूहवाचक पद / तिर्यक रूप |
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| विश्वविद्यालय | विश्वविद्यालयों | तिर्यक रूप |
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| संपादकीय | संपादकीयों | तिर्यक रूप |
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| हेडिंग | हेडिंगें | आगत स्त्रीलिंग रूप |
वचन शब्दकोश: प्रकृति, भूगोल, कृषि व वनस्पति 50 शब्द (वर्णमाला क्रम)
भूगोल, पर्यावरण, मौसम और पेड़-पौधों से संबंधित शब्दों के एकवचन व बहुवचन रूप:
भूगोल, कृषि व पर्यावरण वचन तालिका (वर्णमाला क्रम)
| एकवचन शब्द (मूल) | बहुवचन रूप (शुद्ध व्याकरण) | प्रयुक्त प्रत्यय / निर्माण का नियम |
|---|---|---|
| अंकुर | अंकुरों | तिर्यक रूप |
| अंगूर | अंगूरों | तिर्यक रूप |
| अनाज | अनाजों (प्रकार अर्थ में) | द्रव्यवाचक का बहुवचन रूप |
| इमली | इमलियाँ | ‘ई’ का ‘इ’ होकर ‘याँ’ |
| इलायची | इलाइचियाँ | ‘ई’ का ‘इ’ होकर ‘याँ’ |
| उद्यान | उद्यानों | तिर्यक रूप |
| उर्वरक | उर्वरकों | तिर्यक रूप |
| कलम (पौधे की) | कलमें | अकारांत स्त्रीलिंग + ‘एं’ |
| कली | कलियाँ | ‘ई’ का ‘इ’ होकर ‘याँ’ |
| घाटी | घाटियाँ | ‘ई’ का ‘इ’ होकर ‘याँ’ |
| चट्टान | चट्टानें | अकारांत स्त्रीलिंग + ‘एं’ |
| झरना | झरने | आकारांत पुल्लिंग -> ‘ए’ |
| झील | झीलें | अकारांत स्त्रीलिंग + ‘एं’ |
| टहनी | टहनियाँ | ‘ई’ का ‘इ’ होकर ‘याँ’ |
| तट | तटों | तिर्यक रूप |
| तरंग | तरंगें | अकारांत स्त्रीलिंग + ‘एं’ |
| तिलहन | तिलहनों | तिर्यक रूप |
| दूब | दूबों | तिर्यक रूप |
| द्वीप | द्वीपों | तिर्यक रूप |
| धारा | धाराएँ | आकारांत स्त्रीलिंग + ‘एँ’ |
| नहर | नहरें | अकारांत स्त्रीलिंग + ‘एं’ |
| पहाड़ी | पहाड़ियाँ | ‘ई’ का ‘इ’ होकर ‘याँ’ |
| पत्ता | पत्ते | आकारांत पुल्लिंग -> ‘ए’ |
| पौधा | पौधे | आकारांत पुल्लिंग -> ‘ए’ |
| फसल | फसलें | अकारांत स्त्रीलिंग + ‘एं’ |
| बगीचा | बगीचे | आकारांत पुल्लिंग -> ‘ए’ |
| बाढ़ | बाढ़ें | अकारांत स्त्रीलिंग + ‘एं’ |
| बीज | बीजों | तिर्यक रूप |
| बूंद | बूंदें | अकारांत स्त्रीलिंग + ‘एं’ |
| बेली | बेलियाँ | ‘ई’ का ‘इ’ होकर ‘याँ’ |
| मंजरी | मंजरियाँ | ‘ई’ का ‘इ’ होकर ‘याँ’ |
| मरुस्थल | मरुस्थलों | तिर्यक रूप |
| मिट्टी | मिट्टियाँ (प्रकार) | ‘ई’ का ‘इ’ होकर ‘याँ’ |
| मौसम | मौसमों | तिर्यक रूप |
| लतिका | लतिकाएँ | आकारांत स्त्रीलिंग + ‘एँ’ |
| लहर | लहरें | अकारांत स्त्रीलिंग + ‘एं’ |
| वृक्ष | वृक्षों | तिर्यक रूप |
| शिखा | शिखाएँ | आकारांत स्त्रीलिंग + ‘एँ’ |
| शिखर | शिखरों | तिर्यक रूप |
| सागर | सागरों | तिर्यक रूप |
| सीमा | सीमाएँ | आकारांत स्त्रीलिंग + ‘एँ’ |
| सरोवर | सरोवरों | तिर्यक रूप |
| सौरमंडल | सौरमंडलों | तिर्यक रूप |
| हरीतिमा | हरीतिमाएँ | आकारांत स्त्रीलिंग + ‘एँ’ |
| हिमखंड | हिमखंडों | तिर्यक रूप |
| हवा | हवाएँ | आकारांत स्त्रीलिंग + ‘एँ’ |
| हावड़ा | हावड़े | आकारांत पुल्लिंग -> ‘ए’ |
| हेमंत | हेमंतों | तिर्यक रूप |
| हौद | हौदों | तिर्यक रूप |
| ज्वालामुखी | ज्वालामुखियों | ‘ई’ का ‘इ’ होकर ‘यों’ |
वचन शब्दकोश: गृहस्थी, वस्त्र, आभूषण व भोजन 50 शब्द (वर्णमाला क्रम)
दैनिक जीवन की वस्तुओं, आभूषणों और रसोई से जुड़े शब्दों के एकवचन व बहुवचन रूप:
घरेलू सामग्री व वस्त्र वचन तालिका (वर्णमाला क्रम)
| एकवचन शब्द (मूल) | बहुवचन रूप (शुद्ध व्याकरण) | प्रयुक्त प्रत्यय / निर्माण का नियम |
|---|---|---|
| अंगूठी | अंगूठियाँ | ‘ई’ का ‘इ’ होकर ‘याँ’ |
| अंगोछा | अंगोछे | आकारांत पुल्लिंग -> ‘ए’ |
| अलमारी | अलमारियाँ | ‘ई’ का ‘इ’ होकर ‘याँ’ |
| आभूषण | आभूषणों | तिर्यक रूप |
| आईना | आईने | आकारांत पुल्लिंग -> ‘ए’ |
| इस्तरी | स्तरियाँ / इस्तरियों | आगत स्त्रीलिंग रूप |
| कटोरी | कटोरियाँ | ‘ई’ का ‘इ’ होकर ‘याँ’ |
| कड़ाही | कड़ाहियाँ | ‘ई’ का ‘इ’ होकर ‘याँ’ |
| कंबल | कंबलों | तिर्यक रूप |
| कमीज | कमीजें | अकारांत स्त्रीलिंग + ‘एं’ |
| काजल | काजलों | तिर्यक रूप |
| किवाड़ | किवाड़ों | तिर्यक रूप |
| कुर्ता | कुर्ते | आकारांत पुल्लिंग -> ‘ए’ |
| खटिया | खटियाँ | या-अंत में चन्द्रबिन्दु (याँ) |
| खिड़की | खिड़कियाँ | ‘ई’ का ‘इ’ होकर ‘याँ’ |
| गमछा | गमछे | आकारांत पुल्लिंग -> ‘ए’ |
| गिलास | गिलासों | तिर्यक रूप |
| गेंद | गेंदें | अकारांत स्त्रीलिंग + ‘एं’ |
| चटाई | चटाइयाँ | ‘ई’ का ‘इ’ होकर ‘याँ’ |
| चम्मच | चम्मचें | अकारांत स्त्रीलिंग + ‘एं’ |
| चादर | चादरें | अकारांत स्त्रीलिंग + ‘एं’ |
| चाबी | चाबियाँ | ‘ई’ का ‘इ’ होकर ‘याँ’ |
| चूड़ी | चूड़ियाँ | ‘ई’ का ‘इ’ होकर ‘याँ’ |
| छतरी | छतरियाँ | ‘ई’ का ‘इ’ होकर ‘याँ’ |
| झांझ | झांझें | अकारांत स्त्रीलिंग + ‘एं’ |
| टोकरी | टोकरियाँ | ‘ई’ का ‘इ’ होकर ‘याँ’ |
| थाली | थालियाँ | ‘ई’ का ‘इ’ होकर ‘याँ’ |
| दवात | दवातें | अकारांत स्त्रीलिंग + ‘एं’ |
| दुपट्टा | दुपट्टे | आकारांत पुल्लिंग -> ‘ए’ |
| धोती | धोतियाँ | ‘ई’ का ‘इ’ होकर ‘याँ’ |
| नथुनी | नथुनियाँ | ‘ई’ का ‘इ’ होकर ‘याँ’ |
| पगड़ी | पगड़ियाँ | ‘ई’ का ‘इ’ होकर ‘याँ’ |
| परात | परातें | अकारांत स्त्रीलिंग + ‘एं’ |
| पायल | पायलें | अकारांत स्त्रीलिंग + ‘एं’ |
| प्याली | प्यालियाँ | ‘ई’ का ‘इ’ होकर ‘याँ’ |
| बरतन | बरतनें / बरतनों | अकारांत रूप / तिर्यक |
| बाल्टी | बाल्टियाँ | ‘ई’ का ‘इ’ होकर ‘याँ’ |
| बोतल | बोतलें | अकारांत स्त्रीलिंग + ‘एं’ |
| माला | मालाएँ | आकारांत स्त्रीलिंग + ‘एँ’ |
| मेज | मेजें | अकारांत स्त्रीलिंग + ‘एं’ |
| मोमबत्ती | मोमबत्तियाँ | ‘ई’ का ‘इ’ होकर ‘याँ’ |
| रजाई | रजाइयाँ | ‘ई’ का ‘इ’ होकर ‘याँ’ |
| रस्सी | रस्सियाँ | ‘ई’ का ‘इ’ होकर ‘याँ’ |
| लोरी | लोरियाँ | ‘ई’ का ‘इ’ होकर ‘याँ’ |
| साइकिल | साइकिलें | अकारांत स्त्रीलिंग + ‘एं’ |
| सुराही | सुराहियाँ | ‘ई’ का ‘इ’ होकर ‘याँ’ |
| सूटकेस | सूटकेसों | तिर्यक रूप |
| हंडिया | हंडियाँ | या-अंत में चन्द्रबिन्दु (याँ) |
| हथौड़ी | हथौड़ियों | ‘ई’ का ‘इ’ होकर ‘याँ’ |
| हुक्का | हुक्के | आकारांत पुल्लिंग -> ‘ए’ |
वचन शब्दकोश: सामाजिक संबंध, शरीर के अंग व प्राणी 50 शब्द (वर्णमाला क्रम)
रिश्ते-नातों, शारीरिक अंगों, विभिन्न जातियों और व्यवसायों के एकवचन व बहुवचन रूप:
संबंध, शरीर अंग व प्राणी तालिका (वर्णमाला क्रम)
| एकवचन शब्द (मूल) | बहुवचन रूप (शुद्ध व्याकरण) | प्रयुक्त प्रत्यय / निर्माण का नियम |
|---|---|---|
| अंग | अंगों | तिर्यक रूप |
| अंगुली | अंगुलियाँ | ‘ई’ का ‘इ’ होकर ‘याँ’ |
| अतिथि | अतिथियों | तिर्यक रूप |
| अम्मा | अम्माएँ | आकारांत स्त्रीलिंग + ‘एँ’ |
| उस्तरा | उस्तरे | आकारांत पुल्लिंग -> ‘ए’ |
| कलाई | कलाइयाँ | ‘ई’ का ‘इ’ होकर ‘याँ’ |
| कारीगर | कारीगरों | तिर्यक रूप |
| किसान | किसानगण / किसानों | ‘गण’ पद / तिर्यक रूप |
| कुम्हार | कुम्हारों | तिर्यक रूप |
| खिलाड़ी | खिलाड़ी / खिलाड़ियों | निर्विकार / तिर्यक रूप |
| ग्वाला | ग्वाले | आकारांत पुल्लिंग -> ‘ए’ |
| चरवाहा | चरवाहे | आकारांत पुल्लिंग -> ‘ए’ |
| चाचा | चाचागण / चाचाओं | आदरार्थक ‘गण’ / तिर्यक रूप |
| छिपकली | छिपकलियाँ | ‘ई’ का ‘इ’ होकर ‘याँ’ |
| जासूस | जासूसों | तिर्यक रूप |
| जुलाहा | जुलाहे | आकारांत पुल्लिंग -> ‘ए’ |
| झींगुर | झींगुरों | तिर्यक रूप |
| डाकिया | डाकिए | आकारांत पुल्लिंग -> ‘ए’ |
| डॉक्टर | डॉक्टरों | हिन्दी मानक बहुवचन (‘ओं’) |
| तैराक | तैराकों | तिर्यक रूप |
| दादी | दादियाँ | ‘ई’ का ‘इ’ होकर ‘याँ’ |
| धोबी | धोबियों | तिर्यक रूप |
| नानी | नानियाँ | ‘ई’ का ‘इ’ होकर ‘याँ’ |
| नाई | नाइयों | तिर्यक रूप |
| नर्तकी | नर्तकियाँ | ‘ई’ का ‘इ’ होकर ‘याँ’ |
| परी | परियाँ | ‘ई’ का ‘इ’ होकर ‘याँ’ |
| पहलवान | पहलवानों | तिर्यक रूप |
| पाँव | पाँवों | तिर्यक रूप |
| पुजारी | पुजारियों | तिर्यक रूप |
| पोता | पोते | आकारांत पुल्लिंग -> ‘ए’ |
| बछड़ा | बछड़े | आकारांत पुल्लिंग -> ‘ए’ |
| बकरा | बकरे | आकारांत पुल्लिंग -> ‘ए’ |
| बदमाश | बदमाशों | तिर्यक रूप |
| बिल्ली | बिल्लियाँ | ‘ई’ का ‘इ’ होकर ‘याँ’ |
| बुनकर | बुनकरों | तिर्यक रूप |
| भालू | भालुओं | तिर्यक रूप |
| भेड़िया | भेड़िए | ‘आ’ का ‘ए’ |
| मजदूर | मजदूरों | तिर्यक रूप |
| मरीज | मरीजों | तिर्यक रूप |
| मालिक | मालिकों | तिर्यक रूप |
| मेंढक | मेंढक (मेंढकों) | निर्विकार / तिर्यक रूप |
| मोची | मोचियों | तिर्यक रूप |
| यात्री | यात्रीगण / यात्रियों | ‘गण’ पद / तिर्यक रूप |
| युवती | युवतियाँ | ‘ई’ का ‘इ’ होकर ‘याँ’ |
| लोहार | लोहारों | तिर्यक रूप |
| वर | वरों | तिर्यक रूप |
| वैज्ञानिक | वैज्ञानिकों | तिर्यक रूप |
| श्रोता | श्रोतागण / श्रोताओं | ‘गण’ पद / तिर्यक रूप |
| सिपाही | सिपाहियों | तिर्यक रूप |
| हड्डी | हड्डियाँ | ‘ई’ का ‘इ’ होकर ‘याँ’ |
| हथेली | हथेलियाँ | ‘ई’ का ‘इ’ होकर ‘याँ’ |
ज्ञान की परीक्षा: वचन All-India PYQ महा-क्विज़
निम्नलिखित में से कौन सा शब्द सदैव ‘बहुवचन’ के रूप में प्रयुक्त होता है? (UPPSC / CTET)
‘मिठाई’ शब्द का शुद्ध बहुवचन रूप निम्नलिखित में से क्या होगा? (CGPSC / REET)
“वहाँ अनेकों लोग उपस्थित थे।” — इस वाक्य का शुद्ध रूप क्या होगा? (UP RO/ARO / KVS)
‘चिड़िया’ शब्द का सही बहुवचन रूप क्या है? (MP SI / DSSSB)
“पिताजी आ रहे हैं।” — इस वाक्य में ‘पिताजी’ एकवचन होते हुए भी बहुवचन क्रिया का प्रयोग क्यों हुआ है? (UKPSC / State SI)
‘वधू’ शब्द का सही बहुवचन रूप क्या होगा? (BPSC / CG Vyapam)
🎯 अपना स्कोर आँकें: आपकी वचन तैयारी का स्तर क्या है?
कुल प्रश्न: 6 | सही उत्तरों के आधार पर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी तैयारी का विश्लेषण करें:
- 🏆 6 में से 6 सही (टॉपर स्तर): अद्भुत! एकवचन-बहुवचन नियमों, नित्य बहुवचन शब्दों और वर्तनी बदलाव (मिठाइयाँ/दवाइयाँ) पर आपकी पकड़ शत-प्रतिशत है।
- 🥈 6 में से 5 सही (उत्कृष्ट स्तर): बहुत बढ़िया तैयारी! केवल ‘अनेक vs अनेकों’ और ‘वधुएँ’ के मात्रा नियमों का पुनः अभ्यास करें।
- 🥉 6 में से 4 सही (औसत स्तर): आपकी नींव अच्छी है, लेकिन ’10 वचन परिवर्तन नियमों’ और ‘मास्टर तालिका’ का रिवीजन आवश्यक है।
- ⚠️ 4 से कम सही (रिवीजन आवश्यक): निराश न हों! ऊपर दिए गए “20 परीक्षा Trap Alert (भ्रामक शब्द)” को दोबारा ध्यान से पढ़ें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
विशेषज्ञ निष्कर्ष एवं अगला अध्याय
अंतिम मार्गदर्शन: वचन निर्धारण की अचूक ट्रिक
वचन पहचानने का व्यावहारिक सूत्र: जब भी किसी शब्द का वचन पहचानना हो, तो उसके साथ ‘है / हैं’ या ‘गया / गए’ क्रिया लगाकर वाक्य बनाकर देखें:
- “हस्ताक्षर कर दिए (बहुवचन)” | “जनता खड़ी है (एकवचन)” | “प्राण निकल गए (बहुवचन)” | “पानी गिर रहा है (एकवचन)”
रोडमैप के अनुसार अगले अध्याय (पोस्ट 25) में हम अध्ययन करेंगे — “विराम चिन्ह (Punctuation Marks in Hindi): कामताप्रसाद गुरु के 20 विराम चिन्ह, प्रयोग के नियम, वाक्य शुद्धि व PYQs”।
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