क्रिया, काल और वाच्य (Kriya, Kaal & Vachya): भेद, 14 काल उपभेद, वाच्य परिवर्तन ट्रिक्स व नोट्स
क्रिया, काल और वाच्य: वाक्य का गतिशील आधार
मानक परिभाषा: जिस विकारी शब्द से किसी कार्य के करने या होने का बोध होता है, उसे ‘क्रिया’ (Verb) कहते हैं। क्रिया के जिस रूप से उसके संपन्न होने के समय का ज्ञान हो, उसे ‘काल’ (Tense) कहते हैं, तथा क्रिया के उस रूपांतर को ‘वाच्य’ (Voice) कहते हैं जिससे यह पता चले कि वाक्य में क्रिया का मुख्य बिंदु कर्ता, कर्म या भाव में से कौन है।
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विषय सूची [X]
- क्रिया, काल और वाच्य (Kriya, Kaal & Vachya): भेद, 14 काल उपभेद, वाच्य परिवर्तन ट्रिक्स व नोट्स
- 📝क्रिया, काल और वाच्य: वाक्य का गतिशील आधार
- 1. धातु (मूल रूप) एवं कर्म के आधार पर क्रिया के भेद
- ℹ️कर्म के आधार पर क्रिया के 2 मुख्य भेद: अकर्मक vs सकर्मक
- 💡💡 सकर्मक vs अकर्मक पहचानने की 2 सेकंड ट्रिक ('क्या / किसको' टेस्ट)
- 2. संरचना एवं प्रयोग के आधार पर क्रिया के 6 भेद
- ✅1. प्रेरणार्थक क्रिया (Causative Verb)
- ℹ️2. नामधातु क्रिया (Noun/Adjective based Verb)
- 💡3. पूर्वकालिक एवं तात्कालिक क्रिया
- 🔥4. संयुक्त क्रिया, सहायक क्रिया एवं कृदंत क्रिया
- 3. काल (Tense) के 3 मुख्य भेद एवं 14 उपभेद
- ✅1. वर्तमान काल के 5 उपभेद (Present Tense)
- ℹ️2. भूतकाल के 6 उपभेद (Past Tense)
- 💡3. भविष्यत् काल के 3 उपभेद (Future Tense)
- 4. वाच्य (Voice): कर्तृवाच्य, कर्मवाच्य एवं भाववाच्य
- ✅वाच्य के 3 भेद एवं पहचान सूत्र
- 5. परीक्षा हैक्स: वाच्य-परिवर्तन के अचूक नियम (Transformation Rules)
- 🔥💡 वाच्य परिवर्तन के 3 नियम
- 6. मास्टर तालिका: परीक्षाओं में बार-बार पूछे जाने वाले क्रिया, काल व वाच्य पद
- ℹ️क्रिया, काल एवं वाच्य की 3-कॉलम मास्टर तालिका
- शास्त्रीय व्याकरण: संयुक्त क्रिया के 11 अर्थ-भेद (Master Matrix)
- ℹ️संयुक्त क्रिया के 11 अर्थ-भेद तालिका
- वैज्ञानिक नियम: अकर्मक धातु से सकर्मक व प्रेरणार्थक निर्माण तालिका
- 📌”अकर्मक
- परीक्षा Trap Alert: काल का सबसे बड़ा ‘संदेह निवारण’ चार्ट
- 💡💡 संदिग्ध वर्तमान vs संदिग्ध भूत vs संभाव्य वर्तमान
- प्रशासनिक शब्दावली: कार्यालयी आदेशों में कर्मवाच्य के 3 अनिवार्य प्रयोग
- 🔥शासकीय एवं विधिक कर्मवाच्य उदाहरण
- क्रिया शब्दकोश: 40 प्रमुख अकर्मक एवं सकर्मक धातुएँ
- ✅अकर्मक धातुएँ vs सकर्मक धातुएँ तालिका
- क्रिया शब्दकोश: 40 मूल धातुओं से प्रथम व द्वितीय प्रेरणार्थक रूप
- 📌”मूल
- क्रिया शब्दकोश: 25 नामधातु एवं अनुकरणात्मक क्रियाएँ
- 💡नामधातु एवं अनुकरणात्मक क्रिया तालिका
- वाच्य शब्दकोश: कर्तृवाच्य से कर्मवाच्य व भाववाच्य (25 रूपांतरण वाक्य)
- ✅वाच्य रूपांतरण मास्टर तालिका
- काल शब्दकोश: एक क्रिया (‘लिखना’) के सभी 14 कालों में प्रामाणिक रूप
- 🔥14 काल उपभेदों की त्वरित रूपांतरण तालिका
- ज्ञान की परीक्षा: क्रिया, काल और वाच्य All-India PYQ महा-क्विज़
- 🔥🎯 अपना स्कोर आँकें: आपकी तैयारी का स्तर क्या है?
- अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
- विशेषज्ञ निष्कर्ष एवं अगला अध्याय
- ✅अंतिम मार्गदर्शन
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1. धातु (मूल रूप) एवं कर्म के आधार पर क्रिया के भेद
क्रिया के मूल रूप को ‘धातु’ कहते हैं (जैसे- पढ़्, लिख्, खा, जा, हँस्)। जब धातु में ‘ना’ प्रत्यय जुड़ता है, तो क्रिया का सामान्य रूप बनता है (जैसे- पढ़ना, लिखना, खाना)।
कर्म के आधार पर क्रिया के 2 मुख्य भेद: अकर्मक vs सकर्मक
1. अकर्मक क्रिया (Intransitive Verb): जिस क्रिया का फल सीधे ‘कर्ता’ पर पड़ता है और वाक्य में कर्म नहीं होता:
- सदा अकर्मक रहने वाली क्रियाएँ: रोना, हँसना, सोना, जागना, उड़ना, तैरना, दौड़ना, बैठना, चलना, मरना, चमकना।
- उदाहरण: “पक्षी आकाश में उड़ते हैं।” | “बच्चा रात भर रोता रहा।” | “राम सो रहा है।”
2. सकर्मक क्रिया (Transitive Verb): जिस क्रिया का फल कर्ता पर न पड़कर ‘कर्म’ (Object) पर पड़ता है:
- (क) एककर्मक क्रिया (एक कर्म): “राम पुस्तक पढ़ता है।” | “मोहन आम खाता है।”
- (ख) द्विकर्मक क्रिया (दो कर्म): इसमें एक मुख्य कर्म (निर्जीव/अप्राणीवाचक) और एक गौण कर्म (सजीव/प्राणीवाचक) होता है:
“अध्यापक ने छात्रों को (गौण कर्म) भूगोल (मुख्य कर्म) पढ़ाया।” | “माँ ने बच्चे को दूध पिलाया।”
💡 सकर्मक vs अकर्मक पहचानने की 2 सेकंड ट्रिक ('क्या / किसको' टेस्ट)
अचूक नियम: क्रिया से पहले ‘क्या’ या ‘किसको / किसे’ लगाकर प्रश्न पूछें:
- यदि कोई सार्थक उत्तर मिले -> क्रिया ‘सकर्मक’ होगी (जैसे- “राम फल खाता है” -> क्या खाता है? -> उत्तर: फल [सकर्मक])।
- यदि कोई उत्तर न मिले या उत्तर में कर्ता ही आ जाए -> क्रिया ‘अकर्मक’ होगी (जैसे- “पक्षी उड़ते हैं” -> क्या उड़ते हैं? -> कोई उत्तर नहीं [अकर्मक])।
2. संरचना एवं प्रयोग के आधार पर क्रिया के 6 भेद
वाक्य में क्रिया की बनावट और गठन के आधार पर 6 प्रमुख भेद होते हैं:
1. प्रेरणार्थक क्रिया (Causative Verb)
परिभाषा: जब कर्ता स्वयं कार्य न करके किसी अन्य को कार्य करने की प्रेरणा देता है या करवाता है:
- प्रथम प्रेरणार्थक (कर्ता स्वयं प्रेरक बनता है – ‘आना’ प्रत्यय): पढ़ाना, लिखाना, जगाना, पिलाना, दौड़ाना।
“माँ बच्चे को पाठ पढ़ाती है।” - द्वितीय प्रेरणार्थक (किसी तीसरे से काम करवाना – ‘वाना’ प्रत्यय): पढ़वाना, लिखवाना, जगवाना, पिलवाना, कटवाना।
“मालिक नौकर से कमरा साफ करवाता है।”
2. नामधातु क्रिया (Noun/Adjective based Verb)
परिभाषा: जो क्रियाएँ संज्ञा, सर्वनाम या विशेषण में प्रत्यय जोड़कर बनाई जाती हैं:
- संज्ञा से: हाथ -> हथियाना | बात -> बतियाना | लाठी -> लठियाना | शर्म -> शर्माना | फिल्म -> फिल्माना | रंग -> रंगाना
- विशेषण से: गरम -> गरमाना | नरम -> नरमाना | चिकना -> चिकनाना | लंगड़ा -> लंगड़ाना | दोहरा -> दोहराना
- सर्वनाम से: अपना -> अपनाना
3. पूर्वकालिक एवं तात्कालिक क्रिया
- पूर्वकालिक क्रिया (कर / करके प्रत्यय): जब कर्ता एक क्रिया समाप्त करके तुरंत दूसरी क्रिया शुरू करता है, तो पहली समाप्त क्रिया ‘पूर्वकालिक’ कहलाती है:
“वह पढ़कर सो गया।” (पढ़कर = पूर्वकालिक) | “राम नहाकर भोजन करता है।” - तात्कालिक क्रिया (‘ते ही’ प्रत्यय): जब पहली क्रिया समाप्त होते ही बिना समय गँवाए दूसरी क्रिया हो:
“वह आते ही सो गया।” | “शेर को देखते ही शिकारी भाग खड़ा हुआ।”
4. संयुक्त क्रिया, सहायक क्रिया एवं कृदंत क्रिया
- संयुक्त क्रिया (Compound Verb): जब दो या दो से अधिक भिन्न क्रियाएँ मिलकर एक पूर्ण क्रिया बनाती हैं (मुख्य क्रिया + रंजक क्रिया):
“वह खाना खा चुका।” | “पक्षी उड़ गया।” | “वह रोने लगा।” - सहायक क्रिया (Auxiliary Verb): जो मुख्य क्रिया के साथ जुड़कर काल और अर्थ को पूरा करती है (है, था, होगा, रहे हैं आदि):
“राधा पत्र लिखती है।” (है = सहायक क्रिया) | “वे जा रहे थे।” - कृदंत क्रिया: क्रिया/धातु में कृत प्रत्यय जुड़ने से बनी क्रिया (जैसे- चलता, दौड़ता, पढ़कर, लिखा)।
3. काल (Tense) के 3 मुख्य भेद एवं 14 उपभेद
क्रिया के जिस रूप से कार्य के होने के समय और उसकी पूर्णता/अपूर्णता का बोध होता है, उसे ‘काल’ कहते हैं:
1. वर्तमान काल के 5 उपभेद (Present Tense)
| वर्तमान काल का उपभेद | पहचान एवं संरचना | वाक्य उदाहरण | |
|---|---|---|---|
| (क) सामान्य वर्तमान | क्रिया के अंत में ‘ता है, ती है, ते हैं’ | “राम पुस्तक पढ़ता है।” | “सूर्य पूर्व में उगता है।” |
| (ख) अपूर्ण / तात्कालिक वर्तमान | क्रिया जारी है (‘रहा है, रही है, रहे हैं’) | “अध्यापक पाठ पढ़ा रहे हैं।” | “वर्षा हो रही है।” |
| (ग) पूर्ण वर्तमान | कार्य अभी-अभी पूर्ण हुआ है (‘आ है, ई है, चुका है’) | “उसने खाना खा लिया है।” | “गाड़ी आ चुकी है।” |
| (घ) संदिग्ध वर्तमान | कार्य होने में संदेह (‘ता होगा, ती होगी, रहा होगा’) | “माँ खाना बनाती होगी।” | “बच्चा सो रहा होगा।” |
| (ङ) संभाव्य वर्तमान | वर्तमान में कार्य होने की संभावना (‘ता हो, रहा हो’) | “शायद वह घर जाता हो।” | “संभव है वह पढ़ रहा हो।” |
2. भूतकाल के 6 उपभेद (Past Tense)
| भूतकाल का उपभेद | पहचान एवं संरचना | वाक्य उदाहरण | |
|---|---|---|---|
| (क) सामान्य भूत | बीते समय में सामान्य क्रिया (‘आ, ई, ए, पढ़ा, गया’) | “राम ने पुस्तक पढ़ी।” | “मोहन विद्यालय गया।” |
| (ख) आसन्न भूत | कार्य अभी-अभी कुछ समय पूर्व समाप्त हुआ (‘आ है, ई है’) | “मैंने अभी-अभी चाय पी है।” | “गाड़ी आई है।” |
| (ग) अपूर्ण भूत | भूतकाल में कार्य जारी था (‘रहा था, रही थी, रहे थे’) | “छात्र परीक्षा दे रहे थे।” | “सीता गीत गा रही थी।” |
| (घ) पूर्ण भूत | कार्य बहुत पहले समाप्त हो चुका था (‘था, थी, थे, चुका था’) | “भारत 1947 में स्वतंत्र हुआ था।” | “वह सो चुका था।” |
| (ङ) संदिग्ध भूत | भूतकाल के कार्य में संदेह (‘आ होगा, ई होगी, पढ़ा होगा’) | “गाड़ी स्टेशन पर आ गई होगी।” | “उसने पत्र लिखा होगा।” |
| (च) हेतुहेतुमद् भूत | एक कार्य दूसरे कार्य पर निर्भर था (शर्त) | “यदि वर्षा होती, तो फसल अच्छी होती।” | “परिश्रम करते तो पास हो जाते।” |
3. भविष्यत् काल के 3 उपभेद (Future Tense)
| भविष्यत् काल का उपभेद | पहचान एवं संरचना | वाक्य उदाहरण | |
|---|---|---|---|
| (क) सामान्य भविष्यत् | आने वाले समय में सामान्य क्रिया (‘एगा, एगी, एंगे’) | “हम कल दिल्ली जाएंगे।” | “राधा परीक्षा देगी।” |
| (ख) संभाव्य भविष्यत् | भविष्य में कार्य होने की संभावना / इच्छा | “शायद कल वर्षा हो।” | “संभव है वह कल आए।” |
| (ग) हेतुहेतुमद् भविष्यत् | भविष्य की एक क्रिया दूसरी पर निर्भर हो | “वह कमाएगा तो खाएगा।” | “तुम पढ़ोगे तो उत्तीर्ण हो जाओगे।” |
4. वाच्य (Voice): कर्तृवाच्य, कर्मवाच्य एवं भाववाच्य
क्रिया के जिस रूप से यह जाना जाए कि वाक्य में क्रिया का मुख्य विषय कर्ता (Subject), कर्म (Object) या भाव (State) है, उसे ‘वाच्य’ कहते हैं:
वाच्य के 3 भेद एवं पहचान सूत्र
| वाच्य का भेद | क्रिया की निर्भरता एवं नियम | वाक्य उदाहरण एवं विश्लेषण |
|---|---|---|
| 1. कर्तृवाच्य (Active Voice) | क्रिया का लिंग और वचन कर्ता के अनुसार बदलता है (सकर्मक व अकर्मक दोनों क्रियाएँ)। | “राम पुस्तक पढ़ता है।” (राम -> पढ़ता है)“सीता पुस्तक पढ़ती है।” (सीता -> पढ़ती है) |
| 2. कर्मवाच्य (Passive Voice) | क्रिया का लिंग और वचन कर्म के अनुसार बदलता है (केवल सकर्मक क्रिया में, ‘के द्वारा / से’ का प्रयोग)। | “राम के द्वारा पुस्तक पढ़ी जाती है।” (पुस्तक [स्त्रीलिंग] -> पढ़ी जाती है)“मुझसे पत्र लिखा गया।” |
| 3. भाववाच्य (Impersonal Voice) | क्रिया कर्ता या कर्म के अनुसार न होकर सदा अन्य पुरुष, पुल्लिंग और एकवचन में रहती है (केवल अकर्मक क्रिया, असमर्थता सूचक)। | “रोगी से चला नहीं जाता।”“गर्मियों में खूब नहाया जाता है।”“अब सोया जाए।” |
5. परीक्षा हैक्स: वाच्य-परिवर्तन के अचूक नियम (Transformation Rules)
💡 वाच्य परिवर्तन के 3 नियम
- कर्तृवाच्य से कर्मवाच्य बनाना:
- कर्ता के साथ ‘के द्वारा’ या ‘से’ जोड़ें।
- क्रिया में ‘जाना’ धातु का काल-अनुसार रूप जोड़ें (जैसे- पढ़ता है -> पढ़ा जाता है)।
- कर्तृवाच्य: “किसान खेत जोतता है।” -> कर्मवाच्य: “किसान के द्वारा खेत जोता जाता है।”
- कर्तृवाच्य से भाववाच्य बनाना:
- कर्ता के साथ ‘से’ जोड़ें और क्रिया को अकर्मक एकवचन पुल्लिंग में रखें।
- कर्तृवाच्य: “बूढ़ा चल नहीं सकता।” -> भाववाच्य: “बूढ़े से चला नहीं जाता।”
- कर्तृवाच्य: “बच्चे नहीं हँसते।” -> भाववाच्य: “बच्चों से हँसा नहीं जाता।”
- कर्मवाच्य vs भाववाच्य की त्वरित पहचान ट्रिक:
- यदि वाक्य में ‘के द्वारा / से’ लगा हो और कर्म उपस्थित हो -> कर्मवाच्य।
- यदि वाक्य में ‘से’ लगा हो और कर्म न हो (अकर्मक क्रिया) -> भाववाच्य।
6. मास्टर तालिका: परीक्षाओं में बार-बार पूछे जाने वाले क्रिया, काल व वाच्य पद
विगत 15 वर्षों की परीक्षाओं (CTET, State PSC, SI, RO/ARO) में सर्वाधिक पूछे गए 50 उदाहरण:
क्रिया, काल एवं वाच्य की 3-कॉलम मास्टर तालिका
| वाक्य / सामासिक पद | व्याकरणिक भेद (क्रिया / काल / वाच्य) | नियम एवं विश्लेषण |
|---|---|---|
| “अनुराग ने फल खाए।” | सकर्मक क्रिया (सामान्य भूतकाल) | क्या खाए? -> फल (सकर्मक) |
| “चिड़िया आकाश में उड़ती है।” | अकर्मक क्रिया (सामान्य वर्तमान) | उड़ना सदा अकर्मक क्रिया है |
| “माँ ने नौकर से खाना बनवाया।” | द्वितीय प्रेरणार्थक क्रिया | ‘वाया’ प्रत्यय (प्रेरणा देना) |
| “उसने जमीन हथिया ली।” | नामधातु क्रिया | ‘हाथ’ संज्ञा से ‘हथियाना’ |
| “वह दूध पीकर सो गया।” | पूर्वकालिक क्रिया | ‘पीकर’ (कर प्रत्यय) |
| “पुलिस को देखते ही चोर भागा।” | तात्कालिक क्रिया | ‘देखते ही’ (ते ही प्रत्यय) |
| “रमा पत्र लिख रही है।” | अपूर्ण / तात्कालिक वर्तमान काल | कार्य वर्तमान में जारी है |
| “शायद पिताजी आ गए हों।” | संभाव्य वर्तमान काल | वर्तमान में संभावना |
| “उसने पाठ पढ़ा होगा।” | संदिग्ध भूतकाल | भूतकाल में संदेह |
| “यदि तुम आते तो मैं जाता।” | हेतुहेतुमद् भूतकाल | शर्त आधारित भूतकाल |
| “हम कल शिमला जाएंगे।” | सामान्य भविष्यत् काल | आने वाले समय का बोध |
| “शायद कल छुट्टी हो।” | संभाव्य भविष्यत् काल | भविष्य में संभावना |
| “मजदूर सड़क बना रहे हैं।” | कर्तृवाच्य (सकर्मक) | कर्ता (मजदूर) प्रधान |
| “मजदूरों द्वारा सड़क बनाई जा रही है।” | कर्मवाच्य | ‘द्वारा’ + कर्म ‘सड़क’ के अनुसार क्रिया |
| “मुझसे अब बैठा नहीं जाता।” | भाववाच्य | अकर्मक क्रिया + असमर्थता |
| “चलो, अब सोया जाए।” | भाववाच्य | अकर्मक + अन्य पुरुष एकवचन |
| “अध्यापक ने छात्रों को भूगोल पढ़ाया।” | द्विकर्मक क्रिया | छात्रों को (गौण), भूगोल (मुख्य) |
| “दीवार पर छाया पड़ रही है।” | अकर्मक क्रिया | स्वाभाविक क्रिया |
| “बालक खिलौना पाकर हँसता है।” | अकर्मक क्रिया | हँसना अकर्मक है |
| “कवि सम्मेलन में कविता पढ़ी गई।” | कर्मवाच्य | कर्म ‘कविता’ प्रधान है |
| “सीता से गाया नहीं गया।” | भाववाच्य | अकर्मक भूतकाल |
| “वह पढ़कर खेलने गया।” | पूर्वकालिक क्रिया | पढ़कर |
| “गाड़ी स्टेशन से छूट चुकी थी।” | पूर्ण भूतकाल | कार्य बहुत पहले समाप्त हुआ |
| “मोहन अभी-अभी आया है।” | आसन्न भूतकाल | अभी-अभी समाप्त क्रिया |
| “सूर्य पश्चिम में डूबता है।” | सामान्य वर्तमान काल | सार्वभौमिक सत्य |
शास्त्रीय व्याकरण: संयुक्त क्रिया के 11 अर्थ-भेद (Master Matrix)
जब दो या दो से अधिक धातुएँ मिलकर एक क्रिया बनाती हैं, तो अर्थ के आधार पर उसके 11 उपभेद होते हैं:
संयुक्त क्रिया के 11 अर्थ-भेद तालिका
| संयुक्त क्रिया का उपभेद | अर्थ एवं पहचान | वाक्य उदाहरण | |
|---|---|---|---|
| 1. आरंभबोधक | क्रिया के शुरू होने का बोध (‘लगा, लगे, लगी’) | “बच्चा रोने लगा।” | “वह पढ़ने लगा।” |
| 2. समाप्तिबोधक | क्रिया के पूर्ण समाप्त होने का बोध (‘चुका, चुके’) | “राम खाना खा चुका।” | “ट्रेन जा चुकी।” |
| 3. अवकाशबोधक | कार्य करने के लिए समय/अवकाश मिलना (‘पाना’) | “वह मुश्किल से सोने पाया।” | “मैं जाने न पाया।” |
| 4. अनुमतिबोधक | कार्य करने की अनुमति/आज्ञा देना (‘देना’) | “उसे घर जाने दो।” | “मुझे पढ़ने दो।” |
| 5. नित्यता / निरंतरताबोधक | क्रिया के लगातार जारी रहने का बोध (‘रहना / जाना’) | “नदी बहती रही।” | “पेड़ बढ़ता गया।” |
| 6. अभ्यासबोधक | क्रिया के आदत या स्वभाव का बोध (‘करना’) | “वह प्रतिदिन पढ़ा करता है।” | “मोहन तैरा करता है।” |
| 7. शक्तिबोधक | कार्य करने की क्षमता/ताकत का बोध (‘सकना’) | “मैं यह भारी वजन उठा सकता हूँ।” | “वह दौड़ सकता है।” |
| 8. इच्छाबोधक | कार्य करने की इच्छा/चाह का बोध (‘चाहना’) | “मैं अब घर जाना चाहता हूँ।” | “वह पढ़ना चाहता है।” |
| 9. आवश्यकताबोधक | कार्य की अनिवार्यता/कर्तव्य का बोध (‘पड़ना / चाहिए’) | “तुम्हें दवा लेनी चाहिए।” | “मुझे वहाँ जाना पड़ा।” |
| 10. निश्चयबोधक | कार्य के अचानक या दृढ़ता से होने का बोध (‘बैठना / पड़ना’) | “वह छत से गिर पड़ा।” | “वह बात कह बैठा।” |
| 11. पुनरुक्त संयुक्त क्रिया | दो समान ध्वनि वाली क्रियाओं का जोड़ | “वह प्रायः यहाँ आया-जाया करता है।” | “लिखना-पढ़ना सीखो।” |
वैज्ञानिक नियम: अकर्मक धातु से सकर्मक व प्रेरणार्थक निर्माण तालिका
मूल अकर्मक धातु के स्वर में परिवर्तन करके सकर्मक और प्रेरणार्थक क्रियाएँ बनाई जाती हैं:
”अकर्मक
| मूल अकर्मक धातु | सकर्मक धातु (स्वर वृद्धि) | प्रथम प्रेरणार्थक (‘आना’) | द्वितीय प्रेरणार्थक (‘वाना’) |
|---|---|---|---|
| कटना | काटना (अ -> आ) | कटाना | कटवाना |
| टूटना | तोड़ना (ऊ -> ओ) | तुड़ाना | तुड़वाना |
| दिखना | देखना (इ -> ए) | दिखाना | दिखवाना |
| बँधना | बाँधना (अ -> आ) | बंधाना | बंधवाना |
| पिसना | पीसना (इ -> ई) | पिसाना | पिसवाना |
| धुलना | धोना (उ -> ओ) | धुलाना | धुलवाना |
| छूटना | छोड़ना (ऊ -> ओ) | छुड़ाना | छुड़वाना |
| गिरना | गिराना | गिराना | गिरवाना |
| जलना | जलाना | जलाना | जलवाना |
| लुटना | लूटना (उ -> ऊ) | लुटाना | लुटवाना |
परीक्षा Trap Alert: काल का सबसे बड़ा ‘संदेह निवारण’ चार्ट
परीक्षक अक्सर ‘संदिग्ध वर्तमान’, ‘संदिग्ध भूत’ और ‘संभाव्य वर्तमान’ में भ्रम पैदा करते हैं:
💡 संदिग्ध वर्तमान vs संदिग्ध भूत vs संभाव्य वर्तमान
| काल का उपभेद | वाक्य संरचना सूत्र | वाक्य उदाहरण एवं विश्लेषण |
|---|---|---|
| 1. संदिग्ध वर्तमान काल | सामान्य वर्तमान क्रिया + होगा/होगी/होंगे | “राम इस समय पढ़ता होगा।”“बच्चा रो रहा होगा।” (वर्तमान समय में क्रिया होने में संदेह) |
| 2. संदिग्ध भूतकाल | भूतकालिक क्रिया (आ/ई/ए) + होगा/होगी/होंगे | “राम ने पाठ पढ़ा होगा।”“गाड़ी चली गई होगी।” (बीते समय में क्रिया पूरी होने में संदेह) |
| 3. संभाव्य वर्तमान काल | शायद / संभवतः + वर्तमान क्रिया + हो | “शायद पिताजी आते हों।”“संभव है वह पढ़ रहा हो।” (वर्तमान में संभावना) |
| 4. संभाव्य भविष्यत् काल | शायद / संभवतः + भविष्यत् क्रिया + ए/ओ/एँ | “शायद कल वर्षा हो।”“संभव है वह कल आए।” (आने वाले समय में संभावना) |
प्रशासनिक शब्दावली: कार्यालयी आदेशों में कर्मवाच्य के 3 अनिवार्य प्रयोग
विधिक और शासकीय पत्राचार में जब कर्ता अज्ञात हो या कर्ता को छिपाना आवश्यक हो, तो केवल कर्मवाच्य प्रयुक्त होता है:
शासकीय एवं विधिक कर्मवाच्य उदाहरण
- 1. जब कर्ता अज्ञात हो (Unknown Subject): “चोरी की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।” (किसने दर्ज की, यह उल्लेख आवश्यक नहीं)।
- 2. जब आदेश या नियम सार्वजनिक हो (Official Notification): “सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि कल कार्यालय बंद रहेगा।” | “बिना टिकट यात्रा करना दंडनीय माना जाएगा।”
- 3. जब अधिकार या शक्ति का प्रदर्शन करना हो (Legal Order): “दोषी को तुरंत गिरफ्तार किया जाए।” | “अधिसूचना जारी की जाती है।”
क्रिया शब्दकोश: 40 प्रमुख अकर्मक एवं सकर्मक धातुएँ
परीक्षाओं में सीधे पूछे जाने वाले अकर्मक और सकर्मक क्रिया पदों का वर्गीकरण:
अकर्मक धातुएँ vs सकर्मक धातुएँ तालिका
| धातु / क्रिया पद | क्रिया का भेद | ‘क्या / किसको’ परीक्षण एवं पहचान |
|---|---|---|
| हँसना / रोना | अकर्मक क्रिया | क्या हँसता है? -> कोई कर्म नहीं (स्वाभाविक क्रिया) |
| सोना / जागना | अकर्मक क्रिया | क्या सोता है? -> कोई कर्म नहीं (अवस्था सूचक) |
| उड़ना / तैरना | अकर्मक क्रिया | पक्षी उड़ते हैं -> फल कर्ता पर पड़ता है |
| दौड़ना / भागना | अकर्मक क्रिया | गति सूचक अकर्मक क्रिया |
| बैठना / लेटना | अकर्मक क्रिया | स्थिति सूचक अकर्मक क्रिया |
| डरना / शर्माना | अकर्मक क्रिया | मानसिक भाव सूचक |
| चमकना / टिमटिमाना | अकर्मक क्रिया | प्रकाश की स्वाभाविक क्रिया |
| उछलना / कूदना | अकर्मक क्रिया | शारीरिक क्रिया (अकर्मक) |
| मरना / जीना | अकर्मक क्रिया | जीवन की स्वाभाविक अवस्था |
| बढ़ना / घटना | अकर्मक क्रिया | स्वतः होने वाला परिवर्तन |
| पढ़ना / लिखना | सकर्मक क्रिया | क्या पढ़ता है? -> पुस्तक / पत्र (कर्म अनिवार्य) |
| खाना / पीना | सकर्मक क्रिया | क्या खाता है? -> फल / भोजन (कर्म युक्त) |
| देखना / सुनना | सकर्मक क्रिया | क्या देखता है? -> दृश्य / नाटक (कर्म) |
| काटना / सिलना | सकर्मक क्रिया | क्या काटता है? -> कपड़ा / फल |
| बनाना / सजाना | सकर्मक क्रिया | क्या बनाता है? -> मकान / चित्र |
| धोना / पकाना | सकर्मक क्रिया | क्या पकाता है? -> भोजन / चावल |
| देना / लेना | सकर्मक क्रिया | क्या देता है? -> दान / पुस्तक |
| खरीदना / बेचना | सकर्मक क्रिया | क्या खरीदता है? -> गाड़ी / सामान |
| पकड़ना / छोड़ना | सकर्मक क्रिया | किसको पकड़ता है? -> चोर को |
| पूछना / बताना | सकर्मक क्रिया | क्या पूछता है? -> प्रश्न / रास्ता |
क्रिया शब्दकोश: 40 मूल धातुओं से प्रथम व द्वितीय प्रेरणार्थक रूप
मूल धातु से प्रथम प्रेरणार्थक (‘आना’) और द्वितीय प्रेरणार्थक (‘वाना’) बनाने की संपूर्ण तालिका:
”मूल
| मूल धातु (अकर्मक/सकर्मक) | प्रथम प्रेरणार्थक (‘आना’ प्रत्यय) | द्वितीय प्रेरणार्थक (‘वाना’ प्रत्यय) |
|---|---|---|
| उठना | उठाना | उठवाना |
| दौड़ना | दौड़ाना | दौड़वाना |
| हँसना | हँसाना | हँसवाना |
| रोना | रुलाना (ओ -> उ) | रुलवाना |
| सोना | सुलाना (ओ -> उ) | सुलवाना |
| जागना | जगाना (आ -> अ) | जगवाना |
| पीना | पिलाना (ई -> इ) | पिलवाना |
| खाना | खिलाना (आ -> इ) | खिलवाना |
| धोना | धुलाना (ओ -> उ) | धुलवाना |
| सीना | सिलाना (ई -> इ) | सिलवाना |
| देना | दिलाना (ए -> इ) | दिलवाना |
| सीखना | सिखाना (ई -> इ) | सिखवाना |
| देखना | दिखाना (ए -> इ) | दिखवाना |
| बैठना | बिठाना (ऐ -> इ) | बिठवाना |
| जीना | जिलाना (ई -> इ) | जिलवाना |
| सुनना | सुनाना | सुनवाना |
| कूदना | कुदाना (ऊ -> उ) | कुदवाना |
| घूमना | घुमाना (ऊ -> उ) | घुमवाना |
| झूलना | झुलाना (ऊ -> उ) | झुलवाना |
| लूटना | लुटाना (ऊ -> उ) | लुटवाना |
| जीतना | जिताना (ई -> इ) | जितवाना |
| हारना | हराना | हरवाना |
| मांगना | मंगाना | मंगवाना |
| पहुंचना | पहुंचाना | पहुंचवाना |
| समझना | समझाना | समझवाना |
| चलना | चलाना | चलवाना |
| रुकना | रोकना / रुकाना | रुकवाना |
| छिपना | छिपाना | छिपवाना |
| उछलना | उछालना | उछलवाना |
| उतरना | उतारना | उतरवाना |
| चढ़ना | चढ़ाना | चढ़वाना |
| डरना | डराना | डरवाना |
| तरना (तैरना) | तिराना | तिरवाना |
| पकना | पकाना | पकवाना |
| बचना | बचाना | बचवाना |
| बहना | बहाना | बहवाना |
| मरना | मारना | मरवाना |
| लगना | लगाना | लगवाना |
| लिखना | लिखाना | लिखवाना |
| पढ़ना | पढ़ाना | पढ़वाना |
क्रिया शब्दकोश: 25 नामधातु एवं अनुकरणात्मक क्रियाएँ
संज्ञा, विशेषण और ध्वनियों (अनुकरण) से बनने वाली 25 प्रमुख क्रियाएँ:
नामधातु एवं अनुकरणात्मक क्रिया तालिका
| मूल शब्द (संज्ञा / विशेषण / ध्वनि) | निर्मित क्रिया | श्रेणी एवं निर्माण आधार |
|---|---|---|
| लात (संज्ञा) | लतियाना | संज्ञा से नामधातु क्रिया |
| जूता (संज्ञा) | जुतियाना | संज्ञा से नामधातु क्रिया |
| गाली (संज्ञा) | गरियाना | संज्ञा से नामधातु क्रिया |
| दुःख (संज्ञा) | दुखाना | संज्ञा से नामधातु क्रिया |
| स्वीकार (संज्ञा) | स्वीकारना | संज्ञा से नामधातु क्रिया |
| धिक्कार (संज्ञा) | धिक्कारना | संज्ञा से नामधातु क्रिया |
| झूठ (संज्ञा) | झुठलाना | संज्ञा से नामधातु क्रिया |
| साठ (विशेषण/संख्या) | सठियाना | 60 वर्ष की आयु होना |
| दुगुना (विशेषण) | दुगुनाना | विशेषण से नामधातु क्रिया |
| तोतला (विशेषण) | तुतलाना | विशेषण से नामधातु क्रिया |
| अंधा (विशेषण) | अंधियाना | विशेषण से नामधातु क्रिया |
| मोटा (विशेषण) | मुटाना | विशेषण से नामधातु क्रिया |
| खट-खट (ध्वनि) | खटखटाना | अनुकरणात्मक क्रिया (दरवाजा) |
| भिन-भिन (ध्वनि) | भिनभिनाना | अनुकरणात्मक क्रिया (मक्खी) |
| थर-थर (ध्वनि) | थरथराना | अनुकरणात्मक क्रिया (कांपना) |
| टिम-टिम (ध्वनि) | टिमटिमाना | अनुकरणात्मक क्रिया (तारे) |
| झिल-मिल (ध्वनि) | झिलमिलाना | अनुकरणात्मक क्रिया (रोशनी) |
| चम-चम (ध्वनि) | चमचमाना | अनुकरणात्मक क्रिया (चमक) |
| हिन-हिन (ध्वनि) | हिनहिनाना | अनुकरणात्मक क्रिया (घोड़ा) |
| फुस-फुस (ध्वनि) | फुसफुसाना | अनुकरणात्मक क्रिया (कान में कहना) |
| गड़-गड़ (ध्वनि) | गड़गड़ाना | अनुकरणात्मक क्रिया (बादल) |
| फड़-फड़ (ध्वनि) | फड़फड़ाना | अनुकरणात्मक क्रिया (पंख) |
| तड़-तड़ (ध्वनि) | तड़तड़ाना | अनुकरणात्मक क्रिया (गोली/थप्पड़) |
| बिल-बिल (ध्वनि) | बिलबिलाना | अनुकरणात्मक क्रिया (कीड़े) |
| कुकड़ूँ-कूँ (ध्वनि) | कुकड़ूँकूँ करना | अनुकरणात्मक क्रिया (मुर्गा) |
वाच्य शब्दकोश: कर्तृवाच्य से कर्मवाच्य व भाववाच्य (25 रूपांतरण वाक्य)
परीक्षा में बार-बार पूछे जाने वाले प्रत्यक्ष वाच्य-परिवर्तन उदाहरण:
वाच्य रूपांतरण मास्टर तालिका
| कर्तृवाच्य (मूल वाक्य) | कर्मवाच्य / भाववाच्य रूप | रूपांतरित वाच्य का भेद |
|---|---|---|
| “बालक खेल खेलता है।” | “बालक द्वारा खेल खेला जाता है।” | कर्मवाच्य (सकर्मक) |
| “अमित चित्र बनाता है।” | “अमित द्वारा चित्र बनाया जाता है।” | कर्मवाच्य |
| “लता मधुर गीत गाएगी।” | “लता द्वारा मधुर गीत गाया जाएगा।” | कर्मवाच्य (भविष्यत् काल) |
| “दादी कहानी सुनाती हैं।” | “दादी द्वारा कहानी सुनाई जाती है।” | कर्मवाच्य |
| “माली पौधे सींचता है।” | “माली द्वारा पौधे सींचे जाते हैं।” | कर्मवाच्य |
| “दर्जी कपड़े सिलता है।” | “दर्जी द्वारा कपड़े सिले जाते हैं।” | कर्मवाच्य |
| “न्यायाधीश ने न्याय किया।” | “न्यायाधीश द्वारा न्याय किया गया।” | कर्मवाच्य (भूतकाल) |
| “शिकारी ने शेर मारा।” | “शिकारी द्वारा शेर मारा गया।” | कर्मवाच्य |
| “कवि कविता लिखता है।” | “कवि द्वारा कविता लिखी जाती है।” | कर्मवाच्य |
| “बच्चे क्रिकेट खेलेंगे।” | “बच्चों द्वारा क्रिकेट खेला जाएगा।” | कर्मवाच्य |
| “पक्षी उड़ नहीं सकते।” | “पक्षियों से उड़ा नहीं जाता।” | भाववाच्य (अकर्मक) |
| “घायल व्यक्ति उठ नहीं सका।” | “घायल व्यक्ति से उठा नहीं गया।” | भाववाच्य (असमर्थता) |
| “हम रात भर नहीं सोए।” | “हमसे रात भर सोया नहीं गया।” | भाववाच्य |
| “बच्चा शांत नहीं बैठता।” | “बच्चे से शांत बैठा नहीं जाता।” | भाववाच्य |
| “रोगी तेज नहीं चल सकता।” | “रोगी से तेज चला नहीं जाता।” | भाववाच्य |
| “चलो, अब घूमने चलें।” | “चलो, अब घूमने चला जाए।” | भाववाच्य (आज्ञा/प्रस्ताव) |
| “आओ, अब हँसें।” | “आओ, अब हँसा जाए।” | भाववाच्य |
| “गर्मियों में लोग खूब नहाते हैं।” | “गर्मियों में खूब नहाया जाता है।” | भाववाच्य |
| “बूढ़ी माँ देख नहीं सकती।” | “बूढ़ी माँ से देखा नहीं जाता।” | भाववाच्य |
| “पहलवान दौड़ नहीं पाया।” | “पहलवान से दौड़ा नहीं गया।” | भाववाच्य |
| “सरकार ने सड़कें बनवाईं।” | “सरकार द्वारा सड़कें बनवाई गईं।” | कर्मवाच्य |
| “अध्यापक छात्रों को पढ़ाते हैं।” | “अध्यापक द्वारा छात्रों को पढ़ाया जाता है।” | कर्मवाच्य |
| “मोहन पत्र पढ़ रहा है।” | “मोहन द्वारा पत्र पढ़ा जा रहा है।” | कर्मवाच्य (अपूर्ण वर्तमान) |
| “सिपाही ने चोर को पकड़ा।” | “सिपाही द्वारा चोर पकड़ा गया।” | कर्मवाच्य |
| “मैं इतना वजन नहीं उठा सकता।” | “मुझसे इतना वजन उठाया नहीं जाता।” | कर्मवाच्य (सकर्मक असमर्थता) |
काल शब्दकोश: एक क्रिया (‘लिखना’) के सभी 14 कालों में प्रामाणिक रूप
परीक्षा में काल की त्वरित पहचान के लिए एक ही मूल क्रिया के सभी 14 उपभेदों का तुलनात्मक मास्टर चार्ट:
14 काल उपभेदों की त्वरित रूपांतरण तालिका
| काल का उपभेद (14 भेद) | ‘लिखना’ क्रिया का वाक्य रूप | पहचान का सूत्र |
|---|---|---|
| 1. सामान्य वर्तमान काल | “राम पत्र लिखता है।” | ता है, ती है, ते हैं |
| 2. अपूर्ण / तात्कालिक वर्तमान | “राम पत्र लिख रहा है।” | रहा है, रही है, रहे हैं |
| 3. पूर्ण वर्तमान काल | “राम ने पत्र लिख लिया है।” | आ है, ई है, चुका है |
| 4. संदिग्ध वर्तमान काल | “राम पत्र लिखता होगा / लिख रहा होगा।” | ता होगा, रहा होगा |
| 5. संभाव्य वर्तमान काल | “शायद राम पत्र लिखता हो / लिख रहा हो।” | शायद + ता हो / रहा हो |
| 6. सामान्य भूतकाल | “राम ने पत्र लिखा।” | आ, ई, ए, पढ़ा, लिखा |
| 7. आसन्न भूतकाल | “राम ने अभी-अभी पत्र लिखा है।” | क्रिया अभी-अभी पूर्ण |
| 8. अपूर्ण भूतकाल | “राम पत्र लिख रहा था।” | रहा था, रही थी, रहे थे |
| 9. पूर्ण भूतकाल | “राम ने पत्र लिखा था।” | था, थी, थे, चुका था |
| 10. संदिग्ध भूतकाल | “राम ने पत्र लिखा होगा।” | लिखा + होगा (भूत में संदेह) |
| 11. हेतुहेतुमद् भूतकाल | “यदि कागज मिलता, तो राम पत्र लिखता।” | भूतकाल की शर्त |
| 12. सामान्य भविष्यत् काल | “राम पत्र लिखेगा।” | एगा, एगी, एंगे |
| 13. संभाव्य भविष्यत् काल | “शायद कल राम पत्र लिखे।” | शायद + लिखे / आए |
| 14. हेतुहेतुमद् भविष्यत् काल | “कल समय मिलेगा, तो राम पत्र लिखेगा।” | भविष्य की शर्त |
ज्ञान की परीक्षा: क्रिया, काल और वाच्य All-India PYQ महा-क्विज़
“पक्षी आकाश में उड़ रहे हैं।” — इस वाक्य में ‘उड़ रहे हैं’ किस प्रकार की क्रिया है? (UPPSC / CTET)
“यदि वर्षा होती तो फसल अच्छी होती।” — यह वाक्य किस काल का उदाहरण है? (CGPSC / REET)
“मुझसे अब चला नहीं जाता।” — इस वाक्य में कौन सा वाच्य है? (UP RO/ARO / KVS)
“माँ ने बच्चे को दूध पिलाया।” — इस वाक्य में ‘पिलाया’ कैसी क्रिया है? (MP SI / DSSSB)
“राम के द्वारा पत्र लिखा जाता है।” — यह किस वाच्य का उदाहरण है? (UKPSC / State SI)
‘हथियाना’ और ‘गरमाना’ किस प्रकार की क्रिया के उदाहरण हैं? (BPSC / CG Vyapam)
🎯 अपना स्कोर आँकें: आपकी तैयारी का स्तर क्या है?
कुल प्रश्न: 6 | सही उत्तरों के आधार पर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी तैयारी का विश्लेषण करें:
- 🏆 6 में से 6 सही (टॉपर स्तर): अद्भुत! सकर्मक/अकर्मक, 14 काल उपभेदों और वाच्य परिवर्तन पर आपकी पकड़ शत-प्रतिशत है।
- 🥈 6 में से 5 सही (उत्कृष्ट स्तर): बहुत बढ़िया तैयारी! केवल हेतुहेतुमद् भूत व भाववाच्य के 1-2 उदाहरणों का पुनः अभ्यास करें।
- 🥉 6 में से 4 सही (औसत स्तर): आपकी नींव अच्छी है, लेकिन ‘नामधातु क्रिया’ और ‘काल के 14 उपभेदों’ का रिवीजन आवश्यक है।
- ⚠️ 4 से कम सही (रिवीजन आवश्यक): निराश न हों! ऊपर दिए गए “सकर्मक vs अकर्मक 2 सेकंड ट्रिक” को दोबारा ध्यान से पढ़ें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
विशेषज्ञ निष्कर्ष एवं अगला अध्याय
अंतिम मार्गदर्शन
क्रिया, काल और वाच्य हिन्दी वाक्य-रचना के प्राण हैं जिनके सही प्रयोग से भाषा में सटीकता और गतिशीलता आती है। इस पोस्ट में दिए गए ‘क्या/किसको’ टेस्ट, 14 काल उपभेदों और वाच्य-परिवर्तन नियमों का नियमित अभ्यास आपको परीक्षा में 100% अंक दिलाएगा।
रोडमैप के अनुसार अगले अध्याय (पोस्ट 16) में हम अध्ययन करेंगे — “कारक और विभक्ति चिन्ह (Case): सभी 8 कारक, कारक पहचान ट्रिक्स, विभक्तियों का विशिष्ट प्रयोग व PYQs”।
अपनी तैयारी को नई ऊँचाइयों पर ले जाने के लिए हमारे साथ निरंतर जुड़े रहें!
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